सेहत / फिटनेस

प्यार करने वाली पत्नी हो तो पुरुषों का हृदय रहता है स्वस्थ- अध्ययन




पैरिस, 11 अक्टूबर । हाल ही में हुई एक स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है कि जिन पुरुषों का शादीशुदा जीवन समय के साथ बढ़ता और मजबूत होता जाता है उनके शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर भी नियमित रहता है और वे हेल्दी रहते हैं उन हमउम्र पुरुषों की तुलना में जिनकी शादी टूट जाती है। इस स्टडी में इस बात की ओर भी इशारा किया गया है कि रिलेशनशिप काउंसलिंग के सेहत से जुड़े कई फायदे भी होते हैं।
यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल और ग्लैसगो के अनुसंधानकर्ताओं ने ब्रिटेन के 600 से ज्यादा पुरुषों को अपनी रिसर्च में शामिल किया और उनसे अपनी शादी की गुणवत्ता का 2 स्तरों पर मूल्यांकन करने के लिए कहा गया। पहला तब जब उनका बच्चा 3 साल का था और दूसरा तब जब उनका बच्चा 9 साल का था। इसके तहत पुरुषों ने अपनी शादी का 4 तरह से मूल्यांकन किया- लगातार अच्छी हो रही, लगातार बुरी, हर रोज बेहतरी की ओर बढ़ती हुई और बिगड़ती हुई। 
12 साल बाद रिसर्च टीम ने फिर से इस रिसर्च में शामिल होने वाले पुरुषों के स्वास्थ्य की जांच की। इसके तहत प्रतिभागियों के ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट, वजन, कलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर की जांच की गई। ये वे फैक्टर्स हैं जिनसे हृदय रोग होने की संभावना रहती है। जर्नल ऑफ एपिडीमिऑलजी ऐंड कम्यूनिटी हेल्थ में छपी इस रिपोर्ट के मुताबिक रिसर्च टीम ने बताया कि जिन पुरुषों ने अपनी शादीशुदा जिंदगी को इम्प्रूविंग यानी बेहतरी की ओर बढ़ती हुई बताया था उनका वजन और कलेस्ट्रॉल रीडिंग दोनों वर्षों बाद भी हेल्दी था। तो वहीं जिन लोगों ने अपनी शादी और रिश्ते को बिगड़ता हुआ बताया था उनका ब्लड प्रेशर बेहद खराब था। इन बातों के आधार पर स्टडी के ऑथर इस नतीजे पर पहुंचे कि किसी व्यक्ति के शादीशुदा जिंदगी में होने वाले बदलाव के जरिए हृदय रोग के खतरे की भविष्यवाणी की जा सकती है।
हालांकि अनुसंधाकर्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी यह स्टडी सिर्फ अवलोकन के आधार पर की गई है और स्टडी के माध्यम से इस अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंचा जा सकता कि बेहतर शादी का नतीजा बेहतर स्वास्थ्य ही होता है। अगर मान भी लिया जाए कि ऐसा होता ही है तो इस तरह के केस में जहां बिगड़ते रिश्तो से गुजर रहे कपल्स काउंसलिंग के लिए जाते हैं उसका उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर अच्छा असर पडऩा चाहिए। 
इससे पहले हुई स्टडी में भी यह बात सामने आ चुकी है कि औसतन शादीशुदा पुरुषों में हृदय से जुड़ी बीमारियां जैसे हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा कम रहता है। आगे होने वाली रिसर्च में इस बात का पता लगाने की जरूरत है कि किस तरह प्रभावशाली मैरेज काउंसलिंग का या फिर योग्य शादी, रिश्ते का परित्याग या बिगड़ते रिश्ते का लंबे समय में शरीर पर क्या असर पड़ता है। (एजेंसियां)




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