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एफटीआईआई को दूसरा गजेंद्र चौहान मिला जो पहले वाले से बेहतर नेता-अभिनेता है!




बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर को भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) का नया चेयरमैन बनाया गया है। वे गजेंद्र चौहान की जगह लेंगे, जिनका इस साल तीन मार्च को कार्यकाल पूरा हो चुका है। गजेंद्र चौहान को जून 2015 में एफटीआईआई का चेयरमैन बनाया गया था। हालांकि, उनकी योग्यता पर सवाल उठाते हुए एफटीआईआई छात्रों ने इस नियुक्ति के बाद कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया था। आज इस खबर के चलते सोशल मीडिया पर अनुपम खेर और गजेंद्र चौहान दोनों ही ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल रहे।
सोशल मीडिया में कई लोगों ने इस पद पर नियुक्ति के लिए अनुपम खेर को बधाई दी है। अभिनेता अनिल कपूर ने ट्विटर पर लिखा है कि फिल्मों और शिक्षा में वर्षों का अनुभव रखने वाले अनुपम खेर एफटीआईआई के चेयरमैन पद के लिए सबसे योग्य व्यक्ति थे। इस फैसले के लिए यहां केंद्र सरकार की तारीफ भी की जा रही है। फिल्मकार और स्तंभकार प्रीतीश नंदी का ट्वीट है, बेहतरीन बदलाव। आखिरकार अनुपम खेर ने गजेंद्र चौहान का स्थान ले लिया है...आखिरकार सरकार हमारी बात सुन रही है!
केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद से अनुपम खेर गाहे-बगाहे सरकार और खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जोरशोर से समर्थन करके चर्चा में आते रहे हैं। वहीं उनकी पत्नी किरण खेर भाजपा सांसद भी हैं। इन तमाम वजहों का जिक्र करते हुए सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि अनुपम खेर को उनकी राजनीतिक वफादारी का ईनाम दिया गया है। ट्विटर पर जस ओबेरॉय की चुटकी है, अनुपम खेर के एफटीआईआई का प्रमुख बनने पर सवाल न उठाया जाए। बल्कि हमें तो इस बात के लिए मोदी जी का आभारी होना चाहिए कि उन्होंने खेर को आरबीआई का गवर्नर नहीं बनाया।
इस खबर पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं -
सायंतन घोष- इस बात का पूरा श्रेय सरकार को जाता है, नया गजेंद्र चौहान ऑफ स्क्रीन और ऑन स्क्रीन दोनों हिसाब से कहीं ज्यादा बेहतर अभिनेता है।
परेश रावल फैन- सर अनुपम खेर एफटीआईआई के नए चेयरमैन हैं... अब अवॉर्ड वापसी के बाद 'एक्टर/डायरेक्टर/इंटेलेक्चुअल लोग डिग्री वापसी चलाएंगे।
घोष स्पॉट- अनुपम खेर और प्रसून जोशी (सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष) का चुनाव पहले ही किया जाना चाहिए था। हैरानी की बात है कि इनके पहले वाले लोगों को किसने चुना था। खैर, देर आयद दुरुस्त आयद।
आर खुरिया- सबसे बेहतर अभिनेता को एफटीआईआई का प्रमुख नियुक्त किया जाना चाहिए। जब हमारे पास नरेंद्र मोदी हैं तो अनुपम खेर क्यों?
मंजुल- अनुपम खेर साब के लिए गजेंद्र चौहान की जगह भर पाना बड़ा मुश्किल होगा।
मंजीत कौर संधू- गजेंद्र चौहान को जब बनाया तब की हड़ताल का असर आज हुआ, इसका मतलब सारे छात्र सही थे। (सत्याग्रह)




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