सेहत / फिटनेस

गिलोय का रस पिएंगे तो नहीं होगा डेंगू

Posted Date : 10-Nov-2017



डेंगू बुखार की वजह से हर साल बहुत से लोग अस्पताल पहुंच जाते हैं। इनमें से कईयों की जान तक चली जाती है। मादा एडीज मच्छर जब किसी को काटता है तब डेंगू को फैलाने वाला वायरस उसकी लार के साथ शरीर में प्रवेश कर जाता है। जिसके बाद से व्यक्ति डेंगू रोग की चपेट में आ जाता है। इसमें रोगी के प्लेटलेट्स की मात्रा बड़ी तेजी से कम होती है। योग गुरु बाबा रामदेव आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की मदद से डेंगू के खतरनाक स्तर पर पहुंच जाने के बाद भी उसे ठीक करने का दावा करते हैं। इससे पहले कि हम आपको यह बताएं कि बाबा रामदेव के सुझाए ऐसे कौन-कौन से उपाय हैं जिनसे डेंगू को पूरी तरह से और बिना अस्पताल गए ठीक किया जा सकता है, आपको डेंगू के लक्षणों के बारे में बता दें।
डेंगू के लक्षण – इसके लक्षण तीन से 14 दिन बाद दिखते हैं। अगर आपमें भी ये लक्षण दिखाई देते हैं तो सतर्क हो जाएं – 1. तेज ठंड के साथ बुखार का आना।
2. सिर और आंखों में दर्द
3. शरीर और जोड़ों में दर्द होना
4. भूख कम लगना, जी मिचलाना, उल्टी और दस्त आना
5. गंभीर स्थिति में नाक और आंख से खून आना
गिलोय डेंगू का रामबाण इलाज है। गिलोय आसानी से कहीं भी मिल सकती है। पान के पत्तों की तरह दिखने वाली गिलोय की डंडी को तोड़कर उसका रस निकाल लें और सेवन करें। इससे प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ेंगे। गिलोय को कूटकर पीने से इम्यून सिस्टम काफी मजबूत होता है। इससे डेंगू का मच्छर काटने के बाद भी डेंगू की बीमारी नहीं होती।गिलोय की लता का रस पीने से किसी भी तरह का बुखार हो वह तुरंत ठीक हो जाता है।
डेंगू के दौरान उल्टी आदि की समस्या को दूर करने के लिए अनार का सेवन किया जा सकता है। डेंगू हो जाने पर खूब अनार का जूस पीना चाहिए। इसके अलावा एलोवेरा का जूस भी उल्टी और जी मिचलाने की समस्या से राहत दिलाता है।
डेंगू से बचने के लिए खूब पानी पीना चाहिए। इसके अलावा एलोवेरा, पपीता और बकरी के दूध का सेवन इस बीमारी से निपटने में काफी मदद करता है।
पपीते के पत्ते प्लेटलेट्स को तेजी से बढ़ाने में मदद करते हैं। इनके रस का सेवन करने से लीवर भी सही रहता है।
बाहर के खाने से दूरी बनाकर रखना चाहिए। साथ ही साथ हर रोज कम से कम 15-20 मिनट तक योगा करना चाहिए। (जनसत्ता)




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