सोशल मीडिया

2जी वाले भी बरी, सीडब्लूजी वाले भी बरी, तो फिर इत्ती हाय-तौबा काहे करी?

Posted Date : 22-Dec-2017



पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और राज्यसभा सांसद कनिमोझी सहित 2जी घोटाला मामले के सभी 17 आरोपितों को अदालत ने बरी कर दिया है। इस मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। मामले में 14 व्यक्ति और तीन कंपनियों - रिलायंस टेलिकॉम, स्वान टेलिकॉम और यूनिटेक - को आरोपित बनाया गया था। सोशल मीडिया पर दोपहर से यह खबर छाई हुई है।
विशेष अदालत के जज ओपी सैनी ने आरोपितों को बरी करते हुए टिप्पणी की है कि अभियोजन पक्ष मामले को साबित करने को लेकर गंभीर नहीं था। इस आधार पर सोशल मीडिया में एक बड़े तबके ने जांच एजेंसी सीबीआई पर निशाना साधा है। आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास की तंजभरी फेसबुक पोस्ट है, तोते ने उल्लू बना दिया! टीवी पत्रकार राहुल कंवल का ट्वीट है, चौंकाने वाले 2जी मामले के फैसले से मेरा यह भरोसा मजबूत हुआ है कि सीबीआई तीसरे दर्जे की जांच एजेंसी है। राजनीति से प्रेरित मामलों में यह काबिलेतारीफ काम करती है। वित्तीय मामलों की जांच में इसका काम घटिया दर्जे का है...
उधर, अदालत का फैसला आने के बाद कांग्रेस पार्टी ने इसे अपनी नैतिक जीत बताया है और इस खबर को कांग्रेस समर्थकों ने सोशल मीडिया पर पूरे उत्साह के साथ शेयर किया है। पार्टी और समर्थकों की ऐसी प्रतिक्रियाओं पर कार्टूनिस्ट मंजुल का ट्वीट है, लोग बजाय न्यायिक व्यवस्था में खामियों पर ध्यान देने/दिलाने के, घोटालेबाजों के छूट जाने का जश्न मना रहे हैं। इस देश का भगवान ही मालिक है।
भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव के पहले इस मामले को जमकर उठाया था और माना जाता है कि उसे इसका भारी राजनीतिक फायदा भी मिला। सोशल मीडिया पर आज कई लोगों ने इस फैसले के बहाने केंद्र सरकार और भाजपा को भी कटघरे में खड़ा किया है। अनुरंजन झा ने चुटकी ली है, सबसे भ्रष्ट सरकार में जो जेल गए वो सबसे ईमानदार सरकार में बरी हो गए। वहीं वरिष्ठ पत्रकार एमके वेणु ने एक ट्वीट के जरिए सवाल उठाया है, सीबीआई की विशेष अदालत ने कहा है कि 2जी मामले के सभी आरोपित सबूतों के अभाव में बरी किए जा रहे हैं। क्या 2जी मामले का मकसद सिर्फ भाजपा को सत्ता में लाना और फिर सभी संबंधित पूंजीपतियों इससे बचाना था?
इस मामले पर सोशल मीडिया में आई और प्रतिक्रियाएं -
द लाइंग लामा- भारत में समस्या यह है कि यहां अपराधियों का जनता से ज्यादा न्यायपालिका पर भरोसा है।
आलोक पुराणिक- 2जी घोटाले का फैसला आने पर आदरणीय अशोक चक्रधर जी की पंक्तियां- ये भी बरी वो भी बरी, तो इत्ती हाय तौबा क्यों करी!
ध्यानेंद्र सिंह चौहान- जब ये 2जी स्पीड वाला घोटाला तक न पकड़ पाए तो देश में बाकी स्पीड से होने वाले घोटालों को क्या पकड़ेंगे।
घोष स्पॉट- कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्लूजी) घोटाले में भी किसी को सजा नहीं हुई। अब 2जी घोटाले में भी सभी आरोपित बरी हो गए। अगली बार जीजा-जी वाड्रा को भी क्लीन चिट दे दी जाएगी। 2019 में फिर अच्छे दिन आएंगे। (सत्याग्रह)




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