सोशल मीडिया

रामराज में राजा पर कोई आरोप नहीं हो सकता और इस हिसाब से मुकदमे वापस लेने का फैसला दुरुस्त है!

Posted Date : 28-Dec-2017



उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ला और सहजनवा से भाजपा विधायक शीतल पांडेय समेत दस अन्य के खिलाफ एक मामले को वापस लेने का फैसला किया है। यह मामला गोरखपुर की एक अदालत में चल रहा है। प्रदेश सरकार ने गोरखपुर के जिला अधिकारी को इसके लिए चि_ी भी लिखी है। अपने खिलाफ चल रहे मामले को खुद ही वापस लेने के फैसले को लेकर सोशल मीडिया में आदित्यनाथ विरोधियों और आम लोगों के निशाने पर बने हुए हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह खबर शेयर करते हुए ट्वीट किया है, जब खुद ही हुए कोतवाल तो डर काहे का! ट्विटर पर विक्रमजीत सिंह का कहना है, भारत का कानून नेताओं के हाथ में है... जैसी मर्जी हो वैसा चलाएं, आम जनता तो बस कठपुतली है।
इस खबर को मीडिया में तवज्जो न मिलने की बात कहते हुए सैयद हसन काजिम ने सवाल उठाया है, सोचिए अगर योगी की जगह इस खबर में लालू का नाम होता तो टीवी न्यूज स्टूडियो में किस तरह का बवाल मच रहा होता? ... वहीं उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले पर किशोरीलाल शर्मा का सवाल है, यह सत्ता का दुरुपयोग है... अगर केस फर्जी थे तो जांच होने दी जाती और कोर्ट को इस पर फैसला करने दिया जाता। इस घटनाक्रम के हवाले से यहां भाजपा की भी खूब आलोचना की गई है। जयराज ने तंज किया है, योगी सरकार ने योगी आदित्यनाथ के खिलाफ केस खत्म करने का आदेश दिया है... भाजपा इसी तरह नफरत और अपराध के खिलाफ लड़ती है...।
इस खबर पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं- 
रोफल मारवाड़ी- रामराज में राजा पर आरोप पाप है। इसलिए योगी आदित्यनाथ के 'गुनाहोंÓ की फाइल बन्द हुई है।
राना सफवी- यह गालिब (आज जन्मदिन है) की अकेली ज्ञात तस्वीर है। इस पर श्रीमती संतोष माथुर का मालिकाना हक है, जो बाबू शिवनारायण की पड़पोती हैं। बाबू शिवनारायण गालिब के दोस्त थे। यह तस्वीर अब इलाहाबाद के एक निजी संकलन का हिस्सा है।
प्रियंका चतुर्वेदी- योगी आदित्यनाथ जैसा कोई नहीं है। इसलिए हैरानी की बात नहीं कि वे दूसरे राज्यों में भाजपा के स्टार प्रचारक हैं। कोई और उनके शासन-प्रशासन के मॉडल की बराबरी नहीं कर सकता।
किश शर्मा- योगी आदित्यनाथ सरकार ने नेताओं और अपराधियों के खिलाफ दर्ज 20 हजार मामले वापस लेते हुए योगी आदित्यनाथ के खिलाफ दर्ज मामला भी वापस ले लिया है। इससे योगी न सिर्फ पाक-साफ हुए हैं बल्कि यह भी सुनिश्चित हुआ है कि दूसरी पार्टियों के तमाम भ्रष्ट और अपराधी भाजपा में शामिल हो जाएं। यह उत्तर प्रदेश और न्यू इंडिया के लिए एक बड़ा कदम है।
मुकेश शर्मा- उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के पूर्व सांसद योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चल रहे मुकदमों को वापस लेने के आदेश दिए। पूर्व सांसद योगी आदित्यनाथ ने सीएम और गृहमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया है। इस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के पूर्व सांसद को जननेता बताया।(सत्याग्रह)




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