सोशल मीडिया

पद्मावती का नाम पद्मावत हो चुका है, अब बस कश्मीर का नाम यूपी कर दिया जाए तो सारा विवाद खत्म!

Posted Date : 09-Jan-2018



संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' की रिलीज पर चल रही अटकलों का दौर आज खत्म हो गया। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक यह फिल्म 'पद्मावत' नाम से 25 जनवरी को रिलीज होगी। सोशल मीडिया में आम लोगों ने इस खबर पर खुशी जताई है। साथ ही इसके चलते आज ट्विटर पर पद्मावत ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल रहा। फिल्म के नाम में किए गए बदलाव पर तंज करते हुए यहां कई मजेदार टिप्पणियां आई हैं। प्रियेश वाघ की चुटकी है, पद्मावती और पद्मावत में उतना ही अंतर है जितना राज और सुरिंदर साहनी में है।
इस फिल्म के सेंसर बोर्ड से पास होने का रास्ता भले ही साफ हो गया है, लेकिन यह राजस्थान में रिलीज नहीं होगी। प्रदेश के गृहमंत्री गुलाबचंद्र कटारिया ने आज एक बयान के जरिए इसकी घोषणा की है। इस पर वरिष्ठ पत्रकार हरिंदर बावेजा ने सवाल उठाया है, राजस्थान जैसे राज्यों में अब भी फिल्म पर राजनीति हो रही है और इस पर पाबंदी की मांग की जा रही है... ऐसे में सेंसर बोर्ड का क्या ही मतलब रह जाता है?
25 जनवरी को ही एक और चर्चित फिल्म 'पैडमैन' रिलीज हो रही है। अक्षय कुमार की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म और 'पद्मावतÓ के बीच बॉक्स ऑफिस टक्कर पर सोशल मीडिया में खूब मजेदार टिप्पणियां आई हैं। ट्विटर हैंड मैडी स्लोवी पर चुटकी है, पैडमैन की स्पेलिंग में से भी अगर अंतिम लैटर हटा दिया जाए तो यह टक्कर पद्मा बनाम पद्मावत हो जाएगी। अतुल खत्री का ट्वीट है, मेरी यह बात याद रखी जाए कि कुछ मूर्ख ऐसे भी होंगे जो 27 जनवरी के दिन पैडमैन को पद्मावत समझकर कर उसकी स्क्रीनिंग में हंगामा करेंगे।
पद्मावती की रिलीज से जुड़ी खबर पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं-
राज पूनिया- पद्मावती फिल्म को पद्मावत के नाम से रिलीज करने की मंजूरी मिल गई है...इनके हिसाब से शराब को शरबत बोल दो एल्कोहल मक्खन में बदल जाता है।
क्यूट तान्या- अगर पद्मावती फिल्म का नाम बदलकर पद्मावत करने से विवाद खत्म हो जाता है तो फिर जम्मू-कश्मीर का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश क्यों नहीं कर देते?
सुमन- पद्मावती अब पद्मावत हो गई है। सो अब पद्मावत का पोस्टर कुछ इस तरह होना चाहिए....।
सुमित कडेल- जैसे ही पद्मावत के रिलीज की तारीख तय हुई मीडिया ने विरोध प्रदर्शन करने वाले समूहों के लोगों से इंटरव्यू करने शुरू कर दिए... अब हमारा मीडिया इसे राष्ट्रीय मुद्दा बना देगा।
अर्णब गोस्वामी- अगर पद्मावती का नाम बदलकर पद्मावत हो सकता है तो करणी सेना को भी अपना नाम बदलकर कर्ण सेना कर लेना चाहिए!
अन्वेष पांडा- गणतंत्र दिवस के समय सप्ताहांत पर पद्मावत को रिलीज करना बहुत अच्छी रणनीति है। तब पूरे देश में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था होगी इसलिए हिंसा की संभावना कम से कम हो जाएगी। (सत्याग्रह)




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