सोशल मीडिया

विकास बराला की दोबारा गिरफ्तारी से साफ है कि पहली बार दबाव के चलते ही उसे छोड़ा गया था!




हरियाणा भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला द्वारा एक आईएएस अधिकारी की बेटी से छेडख़ानी का मामला आज भी सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। दरअसल बुधवार को पुलिस ने अपहरण की कोशिश के आरोप में विकास बराला और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है। सोशल मीडिया पर ज्यादातर लोगों ने इस खबर को उत्साह के साथ शेयर किया है और उम्मीद जताई है कि इस मामले में पीडि़ता के साथ इंसाफ होगा। इस बीच कुछ न्यूज चैनलों ने विकास की गिरफ्तारी का श्रेय लेने की कोशिश की है और इस पर सोशल मीडिया में इनको निशाने पर लिया गया है। ट्विटर हैंडल खबरबाजी पर टिप्पणी है, कुछ चैनल विकास बराला की गिरफ्तारी का क्रेडिट ले रहे हैं। वो दिन दूर नहीं जब वो 'हमने तो पहले ही कहा थाÓ बोलकर सूरज निकलने का भी क्रेडिट ले लेंगे।

गुजरात की तीन राज्य सभा सीटों के लिए हुआ चुनाव कल से ही सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में है। कहा जा रहा है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इस चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अहमद पटेल को हराने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। हालांकि वे इसमें सफल नहीं हो पाए और कुछ मेहनत तो कुछ किस्मत से पटेल अपनी राज्य सभा सीट बचा पाने में कामयाब रहे। सोशल मीडिया में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कई दिलचस्प टिप्पणियां आई हैं। ट्विटर हैंडल एबी-वेंचर पर चुटकी ली गई है, मोदी लहर और अमित शाह का कहर होते हुए भी अहमद पटेल जीत कैसे गये? दया कुछ तो गड़बड़ है! व्यंग्यकार और आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ आलोक पुराणिक ने फेसबुक पर लिखा है, मीडिया कवरेज के हिसाब से अहमद पटेल अब कांग्रेस के सबसे बड़े नेता बन गए हैं। राहुलजी, महात्मा गांधी और नेहरू उनके बाद आते हैं।
इन दोनों मामलों पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं
अभिजीत कुमार- अगर अहमद पटेल और विकास बराला से टाइम मिल जाए तो मेरी धमकी पर भी गंभीरता से गौर कर लो... यह कोई मजाक नहीं चल रहा है- चीन
समर- माने यह सच में यौन हिंसा आरोपित विकास बराला के पिता और भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला के घर का साइनबोर्ड है! आह विडंबना!
कविता कोचर- विकास बराला की दोबारा गिरफ्तारी से सिद्ध हो गया कि पुलिस ने दबाव के चलते उसे जमानत पर छोड़ा था और अब जनता के दबाव में गैर-जमानती धाराएं लगाई हैं।
रोफल खेर- विकास बराला भी एक नंबर का बेवकूफ है। अगर वह कह देता कि लड़की बीफ खाकर निकली थी तो.... हरियाणा क्या पूरे भारत के लोग उसके समर्थन में आ जाते।
परेश रावल फैन- अहमद पटेल और अमित शाह दोनों राज्य सभा में पहुंच गए हैं... मामला अब और दिलचस्प हो गया है!! हालांकि अहमद साहब के पास इससे बचने का एक मौका था।
रैबीज- कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र की जीत हुई है। अगर अहमद पटेल चुनाव हार गए होते तो लोकतंत्र भी हार जाता। इससे सिद्ध होता है कि लोकतंत्र का मतलब कांग्रेस है और कांग्रेस का मतलब लोकतंत्र। (सत्याग्रह)
 




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