कारोबार

Posted Date : 13-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 13 जनवरी । इन्फोसिस के गैर-कार्यकारी चेयरमैन नंदन निलेकणि ने कंपनी में स्थिरता लाने की दिशा में हो रही प्रगति पर संतोष जताते हुए आज कहा कि वह तभी तक कंपनी के साथ हैं जब तक उनकी जरूरत है। निलेकणि को पिछले साल अगस्त में तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विशाल सिक्का और पूर्व चेयरमैन आर। शेषाशायी के इस्तीफे के बाद निदेशक मंडल में शामिल किया गया था।
    निलेकणि कंपनी के सह-संस्थापकों में से एक है। उन्हें कंपनी को वापस पटरी पर लाने तथा नया सीईओ खोजने का काम दिया गया था। इस महीने की शुरुआत में सलिल पारेख को सीईओ एवं प्रबंध निदेशक नियुक्त किया जा चुका है। निलेकणि ने कंपनी की तीसरी तिमाही का परिणाम घोषित होने के बाद मीडिया से कहा कि पारेख ने इन्फोसिस में स्थिरता ला दी है। 
    उन्होंने कहा, यह (इन्फोसिस) स्थिरता पा चुका है और मुझे लगता है कि यह काफी जल्दी हुआ है। कंपनी से जुड़े रहने की अवधि के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मैं यहां तब तक ही हूं जब तक कि मेरी यहां जरूरत है। उसके बाद मैं एक भी अतिरिक्त दिन नहीं रूकने वाला। (एनडीटीवी)

     

    ...
  •  


Posted Date : 12-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 12 जनवरी । क्या मुकेश अंबानी की टु-डु लिस्ट में अगली बारी क्रिप्टोकरंसी की है? एक रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस जियो इन्फोकॉम खुद की क्रिप्टोकरंसी जियो कॉइन लाने की योजना पर काम कर रहा है। बिजनस न्यूजपेपर मिंट की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 50 सदस्यों का एक दल ब्लॉकचेन टेक्नॉलजी पर काम कर रहा है। यह टीम मुकेश के बड़े बेटे आकाश अंबानी की देखरेख में काम कर रही है। 
    यह रिपोर्ट उस वक्त आई है जब साउथ कोरिया में क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंजों और इन्हें मान्यता देनेवाले बैंकों पर सरकार की कठोर कार्रवाई करने के बाद दुनियाभर में बिटकॉइन की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। दक्षिण कोरिया में क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंजों पर ताले जडऩे की तैयारी से क्रिप्टोकरंसी की दुनिया में मांग का सबसे बड़ा स्रोत सूख जाने का डर है। गौरतलब है कि दुनियाभर में क्रिप्टोकरंसी की खपत में अकेले 20 प्रतिशत हिस्सा दक्षिण कोरिया का है। 
    ब्लूमबर्ग के जुटाए आंकड़ों के मुताबिक, बिटकॉइन की कीमत 12 प्रतिशत गिरकर 12,801 डॉलर पर आ गई। बाद में 6 प्रतिशत तक सुधार आया। वहीं, रिपल 14 प्रतिशत जबकि इथेरियम 4 प्रतिशत टूट गई। दरअसल, दुनियाभर की सरकारें डिजिटल करंसीज के बढ़ते दाम से लोगों में इसके प्रति बढ़ती दीवानगी से चौकन्ना हो गई हैं। लोगों से लेकर वॉल स्ट्रीट बैंक्स तक को क्रिप्टोकरंसीज आकर्षित कर रही है। 
    भारत में भी वित्त मंत्री अरुण जेटली और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने भी चेतावनी दे दी है कि लोग बिटकॉइन का लेनदेन अपने रिस्क पर करें। सरकार का कहना है कि देश में बिटकॉइन समेत कोई भी क्रिप्टोकरंसी मान्य मुद्रा नहीं है। वहीं, रिजर्व बैंक ने कई बार कहा कि क्रिप्टोकरंसी बनाना, इसकी ट्रेडिंग करना या पेमेंट में इसका इस्तेमाल करना किसी केंद्रीय बैंक या मौद्रिक प्राधिकरण की ओर से अधिकृत नहीं है। वित्त मंत्रालय ने बिटकॉइन ट्रेडिंग को पोंजी स्कीम जैसा बता दिया। (इकॉनॉमिक टाईम्स)

    ...
  •  


Posted Date : 12-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 12 जनवरी। रियल एस्टेट कंपनी एमथ्रीएम इंडिया और ट्रिबेका डेवलपर्स के साथ उत्तर भारत में कदम रखने वाले ग्लोबल रियलटी ब्रांड ट्रंप टॉवर्स ने जबरदस्त शुरुआत की है। खबरों के मुताबिक एमथ्रीएम इंडिया ने गुडग़ांव में ट्रंप टॉवर्स प्रोजेक्ट की लांचिंग के 24 घंटे के भीतर 20 फ्लैट बेचने का दावा किया है। इसके डायरेक्टर पंकज बंसल ने कहा, हमने ट्रंप टॉवर की लॉन्चिंग के पहले ही दिन 150 करोड़ रुपये की बिक्री की है।
    एमथ्रीएम इंडिया जमीन को छोड़कर ट्रंप टॉवर्स के निर्माण में 1200 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। वहीं, ट्रिबेका डेवलपर्स को इसकी बिक्री का अधिकार मिला है, जबकि द ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन ने इसे अपना ट्रंप ब्रांड दिया है। द ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन का नेतृत्व इस समय अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे जूनियर ट्रंप के हाथ में है।
    गुडग़ांव में प्रस्तावित इस ट्रंप टॉवर्स प्रोजेक्ट में 250 महंगे आवासीय फ्लैट बनाने की योजना है। इनकी शुरुआती कीमत पांच करोड़ रुपये से 10 करोड़ रुपये के बीच रखी गई है। इसका निर्माण इसी साल मार्च में शुरू हो जाएगा। इसका काम अगले पांच साल में पूरा होने की उम्मीद है।  (सत्याग्रह)

    ...
  •  


Posted Date : 12-Jan-2018
  • पीयूष पांडेय
    नई दिल्ली, 12 जनवरी। धन स्थानांतरण के लिए अब आपको किसी को बैंक खाता संख्या और भारतीय वित्तीय तंत्र कोड (आईएफएससी) देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आधार नंबर देकर ही किसी के खाते में धन स्थानांतरित हो जाएगा। कई बैंकों ने यह सेवा शुरू भी कर दी है। यह सेवा लेने के लिए बैंक खाते में आधार लिंक होना जरूरी है।
    केंद्र सरकार ने डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के मद्देनजर आधार के जरिए धन स्थानांतरण सेवा को निशुल्क रखा है। आधार नंबर के जरिए धन स्थानांतरण की सुविधा बैंकों के यूपीआई ऐप के जरिए ली जा सकती है। इस व्यवस्था में सिर्फ आधार नंबर डालना है और कितना धन स्थानांतरित करना है यह जानकारी ऐप में डालनी है। इसके बाद स्वीकृति मिलते ही धन दूसरे खाते में चला जाएगा और कोई शुल्क भी नहीं लगेगा। साथ ही एक संदेश मोबाइल पर आ जाएगा कि अमुक राशि इस खाते में चली गई है। 
    केंद्र द्वारा शुरू किए गए डिजिटल माध्यम यूपीआई, भीम और यूएसएसडी सेवाएं निशुल्क हैं। इनमें धन स्थानांतरण और भुगतन की सीमा अधिकतम 50 हजार रुपये रखी गई है।
    बैंकिंग ऐप को मोबाइल में डाउनलोड करें। एप में यूपीआई के जरिए भुगतान मोड में जाएं। जिसको पैसा भेजना है उसके खाते के स्थान पर आधार नंबर डालें। राशि भरकर धन स्थनांतरण की अनुमति दें। इसके जरिए महज पांच से छह सेकेंड में आपका पैसा लेनदार के खाते में पहुंच जाएगा। 
    आधार नंबर के जरिए बैंक खाते में धन स्थानांतरण से लोगों को कई झंझटों से मुक्ति मिलेगी। इसमें बैंक खाता, आईएफएससी कोड देने के साथ डिजिटल तरीके से भुगतान में बैंक खाते के पंजीकरण में लगने वाला 24 घंटे का समय भी शामिल है।
    यह जानने के लिए कि किस खाते में आधार नंबर के जरिए धन गया है एक यूएसएसडी कोड जारी किया गया है। *99*99*1हैश डायल करने पर आधार नंबर पूछा जाएगा। आधार नंबर डालते ही यह जानकारी आ जाएगी कि किस बैंक में धन गया है। पर बैंक खाते की पूरी जानकारी नहीं मिलेगी। 
    अगर किसी व्यक्ति का कई बैंकों में खाता है और सभी में आधार लिंक है तो धन उसके प्राथमिक खाते में जाएगा। प्राथमिक खाता वह माना जाएगा जहां सबसे बाद में आधार नंबर लिंक कराया गया है।  (हिंदुस्तान टाईम्स)

     

    ...
  •  


Posted Date : 12-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 12 जनवरी। सरकार के आधार कार्यक्रम को चलाने वाली यूआडीएआई यानी भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने कहा था कि अब वह वर्चुअल आधार आईडी लाने वाली है, जिसमें 16 अंकों के टेंपररी नंबर होंगे, जिसे लोग जब चाहे अपने आधार के बदले शेयर कर सकते हैं। इस पर यूआडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडेय ने कहा है कि सुरक्षा के नजरिए से वर्चुअल आधार नंबर का फैसला किया गया है। 
    अजय भूषण पांडेय ने कहा है कि सुरक्षा के मुद्दे पर आपको संवेदनशील होना चाहिए और चुनौतियों के लिए तैयार रहना चाहिए। हालांकि उनका कहना है कि वर्चुअल आईडी अनिवार्य नहीं है। लोगों के पास विकल्प है कि या तो वो वर्चुअल आईडी का इस्तेमाल करें या फिर आधार नंबर का। 
    आधार के लीक होने पर उन्होंने कहा कि पुलिस जांच कर रही है क्योंकि सीमित जानकारी के लिए लॉग-इन की सुविधा राज्यों के अधिकारियों को दी गई थी। 
    नई प्रणाली का उद्देश्य आधार संख्या के लीक होने और दुरुपयोग के मामलों को कम करना है और 119 करोड़ लोगों की पहचान संख्या की गोपनीयता को बढ़ावा देना है। अब आधार डिटेल देने के समय या वेरिफिकेशन के समय इसी 16 अंकों से काम चल जाएगा। ध्यान देने वाली बात है कि यह 16 अंकों का वर्चुअल आईडी कुछ समय के लिए ही मान्य होगा। तय समय के बाद यूजर को अपना नया आईडी जारी करना होगा।
    यह वर्चुअल आईडी, जिसमें 16 रैंडम अंक होंगे। वर्चुअल आईडी से फोन कंपनियां या बैंकों को आधार धारक की सीमित जानकारी मसलन नाम, पता और फोटोग्राफ मिलेगा जो उस व्यक्ति की पहचान साबित करने के लिए पर्याप्त होगा। वर्चुअल आईडी से आधार नंबर की जानकारी नहीं मिल सकेगी। (एनडीटीवी)

    ...
  •  


Posted Date : 11-Jan-2018
  • सत्याग्रह ब्यूरो
    आधार से निजी जानकारियां लीक होने की बहस के बीच बुधवार को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने वर्चुअल आईडी लाने का ऐलान किया है। आधार कार्ड रखने वाला कोई भी शख्स इसे यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जाकर बना यानी जेनरेट कर सकता है और इसका इस्तेमाल सिम वेरिफिकेशन जैसे तमाम कामों के लिए कर सकता है। इस आईडी में नाम, पते और फोटो जैसी कुछ बुनियादी जानकारियां ही होंगी जो मोबाइल से लेकर रसोई गैस तक तमाम सेवाएं मुहैया कराने वाली कंपनियों को सत्यापन के लिए चाहिए होती हैं। यानी अब इन कामों के लिए 12 अंकों वाला आधार देने की बाध्यता नहीं रहेगी।
    यह वर्चुअल आईडी 16 डिजिट की एक संख्या होगी। अधिकारियों के मुताबिक कोई कितनी भी आईडी जेनरेट कर सकता है। नई वर्चुअल आईडी जेनरेट होने पर पुरानी वाली खत्म हो जाएगी। एक मार्च 2018 से इसे स्वीकार किया जाने लगेगा। अधिकारियों के मुताबिक एक जून 2018 से सभी कंपनियों और विभागों के लिए यह अनिवार्य हो जाएगा कि वे अपने यूजरों से यह वर्चुअल आईडी भी स्वीकार करें। जो इस नई व्यवस्था का पालन नहीं करेंगे उन्हें सरकार की तरफ से वित्तीय प्रोत्साहनों के मोर्चे पर नुकसान झेलना पड़ेगा।

     

    ...
  •  


Posted Date : 11-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 11 जनवरी। सोशल मीडिया पर 20 जनवरी 2018 से सभी बैंकों में प्रदान की जा रहीं मुफ्त सेवाओं के बंद करने की अफवाहों का इंडियन बैंक एसोसिएशन ने खंडन किया है। भाजपा दिल्ली की ओर से ट्वीट कर शेयर किए गए इंडियन बैंक एसोसिएशन के पत्र में बताया गया है कि बैंकों का ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है, ये सभी खबरें निराधार हैं। बीस जनवरी से ऐसा कोई बदलाव नहीं होने वाला है।
    इंडियन बैंक एसोसिएशन द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें चल रही हैं कि सार्वजनिक क्षेत्र की सभी बैंकों में मिलने वाली मुफ्त सेवाएं 20 जनवरी 2018 से बंद कर दी जाएंगी। 
    एकदम निराधार और झूठी हैं। सभी बैंक अपने व्यावसायिक और कार्यकारी कीमतों को ध्यान में रखते हुए सेवाओं की कीमतों पर विचार कर रही हैं। (न्यूज 18)

     

    ...
  •  


Posted Date : 10-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 10 जनवरी। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का अगला और आखिरी सम्पूर्ण वार्षिक बजट 1 फरवरी को पेश होने जा रहा है, और माना जा रहा है कि इस साल वित्तमंत्री अरुण जेटली आम आदमी, यानी मध्यम वर्ग को राहत दे सकते हैं...सूत्रों से मिली खबरों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय आम बजट 2018-19 में आयकर, यानी इनकम टैक्स में छूट देने के लिए न सिर्फ करमुक्त आय की सीमा को बढ़ा सकता है, बल्कि स्लैब, यानी दरों में भी परिवर्तन किया जा सकता है, जिनसे 20 लाख रुपये तक कमाने वालों को कुल 1,57,075 रुपये की टैक्स बचत हो सकती है...
    आज हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि अगर सूत्रों से मिली ये सूचनाएं सच साबित होती हैं, तो आम आदमी को टैक्स में कितनी राहत मिलेगी। मौजूदा टैक्स स्लैबों के हिसाब से 2.5 लाख, यानी ढाई लाख रुपये तक की टैक्सेबल इनकम, यानी करयोग्य आय वाले लोगों को कोई टैक्स नहीं देना होता है, और अब वित्तवर्ष 2018-19 के आम बजट में इस सीमा को बढ़ाकर 3 लाख रुपये किया जा सकता है। अब तक 2.5 लाख से 5 लाख रुपये तक की आय पर 5 फीसदी टैक्स देय होता है, जिसमें सीमा बढ़ाए जाने की स्थिति में सीधे-सीधे 2,500 रुपये का फायदा होगा, जो एजुकेशन सेस मिलाकर 2,575 रुपये होगा।
    5 लाख से 10 लाख रुपये तक की टैक्सेबल इनकम पर मौजूदा व्यवस्था में 20 फीसदी टैक्स देना पड़ता है, जिसे सूत्रों के अनुसार, 10 फीसदी करने पर विचार किया जा रहा है। यदि ऐसा होता है, तो करदाताओं को सिर्फ इसी स्लैब में 50,000 रुपये तक की टैक्स बचत होगी, जो एजुकेशन सेस मिलाकर कुल 51,500 रुपये की बचत बन जाएगी।
    मौजूदा समय में तीसरा स्लैब 10 लाख रुपये से ज्यादा आय वालों का होता है, जिन्हें फिलहाल 30 फीसदी टैक्स देना पड़ता है। यहां 10 लाख से 20 लाख रुपये के बीच 20 प्रतिशत का एक नया स्लैब बनाए जाने की अटकलें हैं, और यदि ऐसा हो जाता है, तो एजुकेशन सेस मिलाकर कुल 1,03,000 रुपये की बचत यहां भी होगी। सूत्रों के मुताबिक, अब 30 प्रतिशत टैक्स सिर्फ उन लोगों से वसूला जाएगा, जिनकी करयोग्य आय 20 लाख रुपये से अधिक होगी।
    अगर आपकी करयोग्य आय, यानी टैक्सेबल इनकम 20,00,000 रुपये है, तो नए नियमों के तहत आपको कुल मिलाकर 1,57,075 रुपये की बचत हो सकती है। (एनडीटीवी)

     

    ...
  •  


Posted Date : 10-Jan-2018
  • मुंबई, 10 जनवरी केंद्र की मोदी सरकार को सत्ता में चार साल पूरा होने वाले हैं। अभी तक अपने कार्यकाल में मोदी सरकार ने आर्थिक मोर्च पर बड़े रिफॉर्म वाले फैसले लिए हैं। नोटबंदी के बाद केंद्र सरकार एक और बड़ा फैसला लेने जा रही है। सरकार नोटबंदी के बाद अब सिक्का बंदी की तैयारी कर रही है। नोएडा, मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद के सरकारी टकसालों में सिक्कों का प्रोडक्शन बंद हो गया है। भारत सरकार की ओर से इन चारों जगह पर ही सिक्के बनाए जाते हैं। 
    आरबीआई के अधिकारियों ने जानकारी दी कि मंगलवार से ही सिक्के बनाने का काम बंद हो गया है।
    इसी के पीछे यह तर्क दिया जा रहा है कि नोटबंदी के बाद काफी संख्या में सिक्के बनाए गए थे। जो कि अभी तक आरबीआई के स्टोर में काफी संख्या में उपलब्ध हैं। एक नोटिस की मानें, तो आठ जनवरी तक 2500 एमपीसीएस सिक्कों का स्टोरेज है, इसी कारण आरबीआई के अगले आदेश तक सिक्कों का प्रोडक्शन रोक दिया गया है।
    मोदी सरकार ने 8 नवंबर, 2016 को देश में नोटबंदी का फैसला लागू किया था। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक देर शाम पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों को गैर-कानूनी करार दिया था। इस फैसले के पीछे केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार और काला धन को खत्म करने का तर्क दिया था। नोटबंदी लागू होने के बाद देश में काफी दिनों तक अफरातफरी जैसा माहौल रहा था।
    500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद करने के बाद मोदी सरकार की ओर से 2000 और 500 रुपये के नए नोट भी जारी किए गए थे। विपक्षी पार्टियों ने नोटबंदी को भारत सरकार का एक विफल फैसला बताया था। नोटबंदी के फैसले से देश में एक साथ करीब 85 फीसदी करेंसी रद्द कर दी गई थी। (आज तक)।

     

    ...
  •  


Posted Date : 10-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 10 जनवरी । मोदी सरकार ने कंपनियों को जरूरत के मुताबिक एक खास अवधि के लिए कर्मचारियों को नियुक्त करने संबंधी एक मसौदा अधिसूचना जारी कर दी है। इससे कंपनियों को जरूरत के मुताबिक कर्मचारियों को काम पर रखने और काम पूरा होने के बाद बिना नोटिस के निकालने की सुविधा मिल जाएगी। 
    एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने अभी तक केवल टेक्सटाइल क्षेत्र में इस तरह की अनुमति दी थी। इससे पहले केंद्रीय कैबिनेट ने फुटवियर, चमड़ा और एक्सेसरीज क्षेत्र में भी इसे लागू करने को मंजूरी दी थी। सरकार का कहना है कि इससे भारी विदेशी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।(बिजनेस स्टैंडर्ड )

     

    ...
  •  


Posted Date : 10-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 10 जनवरी । यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (वाईएआईडीए) ने कहा है कि खरीदारों और निवेशकों से प्राप्त करीब एक हजार करोड़ रुपये बिल्डरों ने दूसरी योजनाओं में लगा दिए, इसलिए वे तय वक्त पर मकानों की डिलिवरी नहीं दे सके। प्राधिकरण ने यह बात बिल्डरों के खातों की जांच करने के बाद तैयार एक रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को कही।
    पिछले साल 12 सितंबर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण से यह पता लगाने को कहा था कि आखिर क्यों बिल्डर तय वक्त पर मकान नहीं दे पा रहे। इसके बाद वाईएआईडीए के सहायक मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमरनाथ उपाध्याय की अध्यक्षता में पांच सदस्यों की एक समिति बनाई गई। इसने एक अंतरराष्ट्रीय एजेंसी 'करी ऐंड ब्राउनÓ के साथ मिलकर बिल्डरों के खातों की जांच की। समिति ने 23 बिल्डरों में से पांच के खातों में गड़बड़ी पाई जिन्होंने घर देने के नाम पर मिली रकम का इस्तेमाल निर्माण कार्य की बजाय दूसरे कामों पर कर दिया। ऐसे बिल्डरों ने जांच में सहयोग भी नहीं किया। 
    इस रिपोर्ट को अध्ययन के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण वीर सिंह को दिया गया है जिसे वे प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉक्टर प्रभात कुमार को सौंपेंगे। डॉक्टर कुमार ने दोषी बिल्डरों के खिलाफ कड़ी कारवाई का भरोसा दिलाया है।
    वाईएआईडीए ने विभिन्न बिल्डरों को साल 2009-10 में रिहाइशी प्रोजेक्टों के लिए जमीन दी थी जिन्हें साल 2013-14 तक पूरा किया जाना था। यहां मौजूद करीब 28 प्रोजेक्ट्स में लगभग 16 हजार खरीदारों ने निवेश कर रखा है।(सत्याग्रह)

     

    ...
  •  


Posted Date : 10-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 10 जनवरी। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को सिंगल ब्रांड रीटेल (एकल ब्रांड खुदरा कारोबार) सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिये प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति में राहत के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
    अब तक 49 फीसदी विदेशी निवेश को ही मंजूरी थी और सिंगल ब्रांड रीटेल में 100 फीसदी एफडीआई को मंजूरी थी। कैबिनेट ने सरकारी मंजूरी के जरिये एयर इंडिया में विदेशी एयरलाइंस को 49 प्रतिशत तक हिस्सेदारी खरीदने के प्रावधान वाले प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।
    सरकार का पॉलिसी में छूट देने का उद्देश्य अधिक विदेशी निवेशकों के अनुकूल वातावरण प्रदान करना है ताकि आर्थिक विकास को बढ़ावा मिले और नौकरियों का सृजन हो सके। इतना ही नहीं कैबिनेट ने विदेशी एयरलाइनों को एयर इंडिया में निवेश करने के लिए 49 फीसदी तक विदेशी निवेश को मंजूरी दे दी है। 
    अप्रैल-सितंबर के दौरान एफडीआई में 17 प्रतिशत बढ़कर 25.35 अरब डॉलर हो गया। साल 2016-17 में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 9 प्रतिशत बढ़कर 43.48 अरब डॉलर हो गया।  (एनडीटीवी)

    ...
  •  


Posted Date : 09-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 9 जनवरी। यूआईडीएआई (यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने करीब 5,000 अधिकारियों को आधार पोर्टल पर जाकर आम लोगों की जानकारियां देख लेने के अधिकार से वंचित कर दिया है। यह कदम चार जनवरी के बाद उठाया गया है। यानी उस दिन के बाद जब द ट्रिब्यून अखबार ने यह खुलासा किया था कि लोगों के 'आधारÓ से जुड़ी तमाम जानकारियां महज 500 रुपए देकर 10 मिनट में हासिल की जा सकती हैं।
    एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, सक्षम अधिकारियों को पोर्टल पर जाने के संबंध में दिए गए सभी विशेषाधिकार तुरंत प्रभाव से वापस ले लिए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत किसी के आधार से जुड़ी कोई भी जानकारी अब उसी सूरत में हासिल की जा सकेगी या बदली जाएगी जब संबंधित व्यक्ति की बायोमैट्रिक पहचान (अंगुलियों-आंख की पुतलियों के निशान आदि) की पुष्टि हो जाएगी।
    यूआईडीएआई को रोज करीब पांच लाख आवेदन मिलते हैं। इनमें संबंधित लोगों द्वारा उनके आधार की जानकारियों में कुछ न कुछ बदलाव की मांग होती है। इतनी बड़ी तादाद में आवेदनों को निपटाने के लिए केंद्र व राज्यों के चुनिंदा अधिकारियों को विशेषाधिकार दिए गए थे। ताकि वे आधार पोर्टल पर जाकर किसी का 12 अंक का आधार नंबर डालकर उसका नाम, पता, जन्म तिथि आदि बदल सकें। लेकिन अब ये अधिकार उनसे छीन लिए गए हैं।
    सूत्र मानते हैं कि आधार से जुड़ी जानकारियां लगातार सार्वजनिक होने की घटनाओं के पीछे इस बड़ी तादाद में अधिकारियों को मिले विशेषाधिकारों की भी भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता। इसीलिए नई व्यवस्था लागू की गई है। इससे लोगों को कुछ परेशानी तो होगी। क्योंकि अब आधार से जुड़ी उनकी जानकारियों में जल्द तब्दीली नहीं हो सकेगी। 
    लेकिन इससे आधार से जुड़ी जानकारियां सार्वजनिक होने की घटनाओं पर भी रोक लगेगी। (इकॉनॉमिक टाईम्स)

     

    ...
  •  


Posted Date : 08-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 8 जनवरी। नये साल की शुरुआत धीमी रफ्तार के साथ करने के बाद शेयर बाजार ने गति पकड़ ली है। इस कारोबारी हफ्ते के पहले दिन सोमवार को शेयर बाजार अपने एक नये रिकॉर्ड स्तर पर खुला। सोमवार को निफ्टी जहां पहली बार 10600 के पार पहुंचा है, वहीं सेंसेक्स ने भी ऑलटाइम हाई का आंकड़ा छुआ और 34,216 के स्तर पर खुला।
    सोमवार को सेंसेक्स 62 अंकों की तेजी के साथ 34,216 के रिकॉर्ड स्तर पर खुला। निफ्टी में भी 33 अंक की उछाल देखने को मिली और यह 10,592 के नये रिकॉर्ड स्तर पर खुला। फिलहाल निफ्टी 10607.85 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, वहीं सेसेक्स फिलहाल 168 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 34,321.81 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
    शुरुआती कारोबार में फार्मा और बैंकिंग शेयरों में तेजी दिख रही है। निफ्टी50 पर सनफार्मा, लुपिन, यसबैंक और गेल के शेयर हरे निशान के ऊपर बने हुए हैं। सेंसेक्स में भी फार्मा शेयरों में तेजी बनी हुई है।
    पिछले कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन शेयर बाजार रिकॉर्ड हाई स्तर पर खुले थे। वैश्विक बाजार से मिले मजबूत संकेतों के चलते सुबह भी शेयर बाजार ने रिकॉर्ड स्तर पर शुरुआत की। बंद होने तक मार्केट में तेजी बनी रही और इससे मार्केट रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचकर बंद हुआ।
    शुक्रवार को निफ्टी 54.05 अंक की बढ़त के साथ 10558.85 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, सेंसेक्स 184.21 अंक बढ़कर 34,153.85 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। (आज तक)

    ...
  •  


Posted Date : 08-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 8 जनवरी। देश में कृषि क्षेत्र की वृद्धि चालू वित्त वर्ष में केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के 2.1 प्रतिशत के पूर्ववर्ती अनुमान से अधिक रहने का अनुमान है। कृषि मंत्रालय ने आज कहा कि बेहतर रबी फसल की संभावना के मद्देनजर वृद्धि में सुधार की उम्मीद है। सीएसओ ने पिछले सप्ताह अनुमान जताया था कि कृषि एवं इससे जुड़े क्षेत्र वित्त वर्ष 2017-18 में 2.1 प्रतिशत की दर से वृद्धि करेंगे। हालांकि, यह वित्त वर्ष 2016-17 के 4.9 प्रतिशत से काफी कम है।
    मंत्रालय ने एक आधिकारिक जानकारी में कहा, मंत्रालय 2017 में अच्छी खरीफ फसल के साथ ही रबी फसल में काफी अच्छा प्रदर्शन होने के कारण उच्च वृद्धि दर के लिए आशावान है। बयान में कहा गया कि जब अंतिम आंकड़े जारी होंगे तब 2017-18 के दौरान कृषि क्षेत्र का सकल मूल्यवर्धन अनुमान से काफी अधिक रहेगा। (एनडीटीवी)

     

    ...
  •  


Posted Date : 07-Jan-2018
  • पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने आज कहा कि उसने उपभोक्ताओं का जमा 1 लाख रुपये के पार होते ही उसे फिक्स्ड डिपॉजिट में तब्दील करने के लिए इंडसइंड बैंक से करार किया है। कंपनी ने जारी बयान में कहा कि उपभोक्ता कभी भी बिना किसी शुल्क का भुगतान किए अपनी जमा राशि की निकासी कर सकते हैं। साथ ही इस राशि पर 6.85 प्रतिशत तक सालाना ब्याज का भी लाभ पा सकते हैं। इसके अलावा यदि कोई उपभोक्ता मच्योरिटी अवधि से पहले वरिष्ठ नागरिक हो जाता है तो उनका खाता स्वत: वरिष्ठ नागरिक योजना में बदल जाएगा। उन्हें अधिक ब्याज मिलेगा।
    पेटीएम पेमेंट्स बैंक की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रेनू सत्ती ने कहा, 'अधिकांश भारतीय सुरक्षित निवेश योजनाएं पसंद करते हैं जिनमें उन्हें अधिक कमाई की संभावना दिखती है। हमारी पेशकश में उन्हें कागजी काम से राहत मिलेगी तथा सबसे पसंदीदा निवेश का बिना शुल्क तत्काल निकासी का भी लाभ मिलेगा।' आपको बता दें कि पिछले साल मई में पेटीएम ने पेमेंट बैंक की सुविधा शुरू की थी। कुछ दिनों पहले ही कंपनी ने घोषणा की है कि उसके यहां अकाउंट खोलने के लिए मिनिमम बैलेंस की जरूरत नहीं है और लोग जीरो बैलेंस पर भी अपना खाता खुलवा सकते हैं। (एजेंसी)

    ...
  •  


Posted Date : 06-Jan-2018
  • नई दिल्लीः देश की सबसे तेजी से बढ़ रही कंपनियों में शुमार की जाने वाली पतंजलि ऑनलाइन मार्केट में एंट्री करने जा रही हैजिसके लिए पतंजलि आयुर्वेद ने 8 सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों से समझौता करने वाली है। फोर्ब्स मैगजीन की 2017 की सालाना लिस्ट में पतंजलि ने19वां स्थान हासिल किया था इससे पहले कंपनी 45वें स्थान पर रही थी।

    आपको बता दें कि इन ई-कॉमर्स कंपनियों में अमेजॉन और फ्लिपकार्ट भी शामिल हैं। कंपनी के प्रवक्ता एस.के. तिजारवाला ने कहा है कि पतंजलि आयुर्वेद ने अब ऑनलाइन मार्कीट में प्रवेश की तैयारियां कर ली हैं और जल्‍द ही दुनिया की दिग्‍गज ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ एग्रीमेंट होने वाला है।

    तिजारावाला ने कहा है कि पतंजलि के उत्पादों की ऑनलाइन शॉपिंग का नया अध्‍याय जल्द ही शुरू होने वाला है। पतंजलि आयुर्वेद के प्रोडक्‍ट्स कई ई-कॉमर्स पोर्टल्स पर उपलब्‍ध होंगे इससे पहले 26 दिसंबर को पतंजलि आयुर्वेद ने ऐलान किया था कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से मुकाबले के लिए उसकी निगाह डायपर सैनिटरी नैपकिन्स के मार्कीट पर भी है। (पंजाब केसरी)

    ...
  •  


Posted Date : 05-Jan-2018
  • मुंबई, 5 जनवरी। रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी ने कहा है कि वह न तो अमीर हैं और न ही लोकप्रिय, वह एक आम साधारण इंसान है। टूजी घोटाले के दाग से ऊबरकर निकले अंबानी का कहना है कि साल 2017 ने उन्हें एक सीख दी है और भविष्य में वह नहीं चाहेंगे कि इस तरह की चीजें फिर दोबारा उनके साथ हों। अंबानी ने खास बातचीत में अपने कारोबार, 2जी घोटाला और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से बातचीत की है।   
    मैं दोबारा ऐसी चीजों का सामना नहीं करना चाहूंगा
    अंबानी ने कहा कि 2017 ने उन्हें काफी सबक सिखाया है। उन्होंने कहा, 2जी घोटाले की पूछताछ में मुझे व्यक्तिगत रूप से सीबीआई के सामने पेश होना पड़ा। ट्रायल कोर्ट का सामना किया। मेरी पत्नी टीना को भी कोर्ट में आना पड़ा। मैं दोबारा इस तरह की चीजों का सामना करना नहीं चाहूंगा। इस दौरान हम काफी तनाव में रहे। मुश्किल वक्त में कुछ ही लोग मेरे साथ खड़े रहे। लोग मेरी फोन कॉल्स का जवाब नहीं देते थे। वे मुझसे रिश्ता नहीं रखना चाहते थे। ऐसे वक्त में उन्हें मेरे साथ दिखना गवारा नहीं था। इससे आपको पता चलता है कि कौन आपके साथ है और कौन झूठे बहाने बना रहा है।
    अंत में सच्चाई की ही जीत होती है
    अंबानी ने कहा, जहां तक 2जी केस की बात है, उसमें सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया। इनमें आरकॉम की यूनिट रिलायंस टेलीकॉम (आरटीएल) और उसके तीन एग्जिक्यूटिव्स भी शामिल थे। अंत में सच्चाई की ही जीत होती है। किसी भी शख्स या कंपनी को बिना बात के शर्मसार नहीं किया जाना चाहिए। न ही झूठे आरोप लगाकर उन्हें नुकसान पहुंचाया जाना चाहिए। अंबानी ने बताया, साख बनाने में आपको कई साल लगते हैं और यह पल भर में खत्म हो सकती है।
    न ही मैं अमीर हूं और न ही मशहूर
    जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें अमीर और मशहूर होने की कीमत चुकानी पड़ी? इसके जवाब में उन्होंने कहा, न ही मैं अमीर हूं और न ही मशहूर। मैं एक आम इंसान हूं। अनिल को वायरलेस बिजनेस बंद करने का अफसोस नहीं है। उन्होंने इस बिजनेस को भारती एयरटेल, वोडाफोन और एयरसेल के साथ मर्ज करने की भी संभावनाएं तलाशी, लेकिन सफल नहीं रहे।
    अनिल ने बताया कि अगर वह इस स्थिति के बारे में अपने पिता धीरुभाई अंबानी से बात करते, तो उनका जवाब हौसला देने वाला होता। वो मेरी तरफ देखते और बोलते, तुम हैरान क्यों हो। इसे कहते हैं स्टील का गढऩा। स्टील की एक रॉड बार-बार आग में जाती है और बाहर आती है। यही प्रक्रिया उसे मजबूत बनाती है। हम भी इन हालातों से मजबूत बनकर उभरे हैं।
    अनिल ने कहा कि उनकी नई रिलायंस कम्युनिकेशन एक मजबूत कंपनी होगी। इसका फोकस वैश्विक एवं इंटरप्राइज कारोबार पर होगा और इसके लिए हम आने वाले महीनों में दूसरी कंपनियों के साथ एक मजबूत रणनीतिक भागीदारी करेंगे। 
    साल 2017 अनिल अंबानी के लिए काफी ज्यादा मुश्किलों भरा रहा। टूजी केस में उन्हें कई बार सीबीआई के सामने पूछताछ के लिए जाना पड़ा। उन्होंने मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो के साथ एक डील की है। इसके तहत उन्होंने अपने वायरलेस बिजनेस को जियो को 24 हजार करोड़ रुपये में बेच दिया है। उन्होंने यह कदम 45 हजार करोड़ रुपये के बकाया कर्ज को चुकाने के लिए उठाया है।
    इसके अलावा उनका मोबाइल बिजनेस रिलायंस कम्युनिकेशन काफी ज्यादा बुरे दौर से गुजरा। अनिल कहते हैं कि अब उनका बुरा दौर खत्म हो रहा है और वह धीरे-धीरे मजबूत बनते जा रहे हैं।  उन्होंने कहा कि जीवन में अंधेरा में भी होगा और प्रकाश भी। अनिल अंबानी ने कहा कि वह रिलायंस ग्रुप को फिर से मजबूती से खड़ा करने की तैयारी कर रहे हैं। (इकॉनॉमिक टाईम्स)

     

    ...
  •  


Posted Date : 05-Jan-2018
  • भारतीय स्टेट बैंक ने नये साल की शुरुआत अपने ग्राहकों को ब्याज दरों में कटौती का तोहफा देकर की। लेकिन तोहफे मिलने का दौर यहीं खत्म नहीं हुआ है। एसबीआई अब आपको एक और बड़ा तोहफा दे सकता है। इसकी बदौलत आप न सिर्फ बैंक में कम पैसे रख पाएंगे, बल्कि चार्ज देने से भी बच जाएंगे।
    हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक एसबीआई ने पिछले साल मिनिमम बैलेंस चार्ज के तौर पर 1771 करोड़ रुपये वसूले। चार्जेज की ये रकम बैंक की एक तिमाही के नेट प्रोफिट से भी ज्यादा थी।
    मिनिमम बैलेंस चार्ज को लेकर एकबार फिर एसबीआई की आलोचना शुरू हो गई है। दूसरी तरफ, सरकार की तरफ से भी उस पर दबाव बढऩे लगा  है। ऐसे में एसबीआई आपको कम मिनिमम बैलेंस रखने का तोहफा तो दे ही सकता है, बल्कि एक और बड़ी राहत भी आपको देगा।
    एसबीआई मिनिमम बैलेंस की सीमा 3000 से घटाकर 1000 रुपये करने की तैयारी कर रहा है। जल्द ही वह इस पर कोई फैसला ले सकता है।
    अगर ऐसा होता है, तो आपको शहरी भाग में 3000 रुपये मिनिमम बैलेंस रखने की शर्त को पूरा करना नहीं पड़ेगा। इसके बाद कम से कम 1000 रुपये आपके खाते में होने जरूरी होंगे।
    इसके साथ ही एसबीआई एक और राहत अपने ग्राहकों को देने की तैयारी कर रहा है। इसमें बैंक मिनिमम बैलेंस को मासिक स्तर पर नहीं, बल्कि त्रैमासिक स्तर पर रखने का नियम तय कर सकता है।
    ये नियम आने के बाद आपके अकांउट में हर महीने 1000 रुपये होने जरूरी नहीं होंगे। दरअसल त्रैमासिक अथवा क्वार्टर्ली मिनिमम बैलेंस की शर्त होने का मतलब है कि आपको तीन महीने में कम से कम इतने पैसे खाते में रखने पड़ते हैं, जिनका औसत मिनिमम बैलेंस की सीमा को पूरा कर सके।
    फिलहाल मेट्रो शहरों की एसबीआई शाखाओं में आपको 3000 रुपये का मिनिमम बैलेंस बनाए रखना पड़ता है। अर्द्ध शहरी भागों में 2000 और ग्रामीण भागों में यह सीमा 1000 रुपये है।
    सरकारी बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक का मिनिमम बैलेंस रिक्वायरमेंट सबसे ज्यादा है। हालांकि निजी बैंकों में कई और बैंक हैं, जिनकी रिक्वॉयरमेंट इससे ज्यादा है।
    अगर एसबीआई ने शहरी भागों में मिनिमम बैलेंस की सीमा कम की, तो वह अर्द्ध शहरी और ग्रामीण भागों में भी इसे कम करने का फैसला ले सकता है। मिनिमम बैलेंस की सीमा कम होने से आप अपने अकाउंट में कम पैसे रख पाएंगे और आपको कम बैलेंस होने के लिए चार्ज नहीं देना पड़ेगा। (टाईम्स आफ इंडिया)

    ...
  •  


Posted Date : 04-Jan-2018
  • भारतीय स्टेट बैंक ने पिछले साल 10 महीनों के भीतर मिनिमम बैलेंस चार्ज  के तौर पर 1771 करोड़ रुपये वसूले। पिछले साल ही एसबीआई ने मिनिमम बैलेंस रखने के नियम को करीब 5 साल बाद लागू किया था।
    मिनिमम बैलेंस का नियम लागू होने के बाद से आपको अपने बचत खाते में एक न्यूनतम रकम हमेशा रखनी पड़ती है। वरना आपके खाते से चार्ज कट जाता है। लेकिन अगर आप चाहें, तो इससे आप बच सकते है।
    बहुत कम लोगों को पता है कि एसबीआई में कुछ ऐसे अकाउंट हैं, जहां आपको किसी भी तरह का मिनिमम बैलेंस नहीं रखना पड़ता। आप भी अपना मौजूदा सेविंग्स अकाउंट में इसमें कनवर्ट कर सकते हैं।
    बेसिक सेविंग्स डिपोजिट अकांउट- आप एसबीआई के बेसिक सेविंग्स डिपोजिट अकाउंट के साथ एक नॉर्मल सेविंग्स अकाउंट की तरह ही सारी सुविधाओं का फायदा उठा सकते हैं। इसके साथ आपको रूपे डेबिट कार्ड मिलता है, जिस पर आपको किसी भी तरह का एनुअल चार्ज नहीं भरना पड़ता है।
    इस अकाउंट को आप एसबीआई की किसी भी ब्रांच में जाकर खुलवा सकते हैं। इसके साथ आपको अन्य सेविंग्स अकांउट की तरह ही ब्याज मिलेगा।
    जनधन खाता- दूसरा है जनधन खाता। इसमें भी आपको मिनिमम बैलेंस रखना अनिवार्य नहीं है। एसबीआई की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक इसके साथ आपको 1 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर भी मिलता है।  जनधन खाते के साथ भी आपको रूपे डेबिट कार्ड मिलता है।
    स्मॉल अकाउंट- अगर आपके पास सेविंग्स अकांउट खुलवाने के लिए जरूरी केवाईसी नहीं है, तो एसबीआई का स्मॉल अकाउंट आपके लिए है। यहां आपको न्यूनतम डॉक्यूमेंट्स के साथ अकांउट खोलने का मौका मिलता है। इसमें भी आपको मिनिमम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि इसमें आप 50 हजार रुपये से ज्यादा बैलेंस नहीं रख सकते।
    एसबीआई सैलरी अकाउंट- एसबीआई सैलरी अकाउंट में भी मिनिमम बैलेंस रखने की शर्त नहीं होती। हालांकि ये अकाउंट्स ज्यादातर कंपनियों की तरफ से उनके इम्प्लॉई के लिए खुलवाए जाते हैं। लेकिन अगर आपके पास भी एसबीआई का सैलरी अकांउट है, तो आपको मिनिमम बैलेंस रखने की चिंता से जूझने की जरूरत नहीं है। (आज तक)

    ...
  •