खेल

Posted Date : 25-Dec-2017
  • नई दिल्ली, 25 दिसंबर। श्रीलंका के खिलाफ रविवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में टीम इंडिया ने श्रीलंका को आखिरी टी-20 मैच में पांच विकेट से पटखनी देकर सीरीज में उसका 3-0 से सूपड़ा साफ कर दिया। मैच के बाद टीम इंडिया के खिलाडिय़ों ने जमकर जश्न मनाया, लेकिन जीत के बाद आंखों में सपना पाले लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल को बड़ा जोर का झटका लगा! और यह झटका किसी और ने नहीं बल्कि मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज चुने गए साथी खिलाड़ी जयदेव उनादकत ने दिया। 
     अब यह तो आप जानते ही हैं कि सीरीज में अगर भारतीय बल्लेबाजों में किसी ने सबसे ज्यादा श्रीलंका की नाक में दम किया, तो वह रोहित शर्मा ने किया। ठीक यही बात गेंदबाजी में युजवेंद्र सिंह चहल के बारे में कही जा जा सकती है। टी-20 में युजवेंद्र ने अश्विन के बाद दो बार चार विकेट लेने का कारनामा भी किया। इतना ही नहीं युजवेंद्र साल 2017 में टी-20 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। 
    बहरहाल सीरीज की बात करें, तो युजवेंद्र चहल टी-20 सीरीज में दोनों टीमों में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाज रहे। यही वजह थी कि उनका सपना देखना पूरी तरह बनता था। लेकिन तीसरे मैच के बाद मैच एजुकेटर ने  चहल के सपने पर पानी फेर दिया। और बीच में आ गए बाएं हत्था के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकत।
    दरअसल यह सपना था मैन ऑफ द द सीरीज का। जहां युजवेंद्र ने दो मैचों में 8 विकेट लिए, वहीं  उनादकत ने 3 मैचों में सिर्फ 4 ही विकेट चटकाए। लेकिन इस प्रदर्शन के बावजूद जयदेव उनादत को मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार दिया, तो करोड़ों भारतीय क्रिकेटप्रेमी भौंचक्के रह गए।
    शायद मैन ऑफ द मैच के पीछे जयदेव का इकॉनी रन रेट रहा। जहां चहल ने  8 ओवरों में 9.37 की दर से रन खर्च किए, तो जयदेव ने 11 ओवरों मे 4.88 का इकॉमी रेट निकाला। ऐसा बमुश्किल ही देखने में आया जब इकॉनमी रेट के लिए विकेटों की संख्या की अनदेखी कर दी गई हो। कोई बात नहीं युजवेंद्र। क्रिकेट में ऐसा भी होता है। कीप इट आप।  (एनडीटीवी)

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Posted Date : 25-Dec-2017
  • नई दिल्ली, 25 दिसंबर।  टेस्ट और वनडे के बाद टीम इंडिया ने श्रीलंका को टी-20 में भी हरा दिया है। 3-0 से सीरीज अपने नाम करके टीम इंडिया अब साउथ अफ्रीका जाने की तैयारी करेगी। सीरीज जीतने के बाद टीम इंडिया ने खूब एन्जॉय किया। ग्राउंड पर ही टीम इंडिया ने क्रिसमस पार्टी एन्जॉय की। सही खिलाडिय़ों ने क्रिसमस कैप पहनी। लेकिन लोगों को धोनी काफी पसंद आए। धोनी का सैंटा लुक लोगों को काफी पसंद आया। धोनी कैप पहनकर ग्राउंड पर खूब मस्ती कर रहे थे। हमेशा कूल रहने वाले धोनी इस बार लोगों को क्यूट लगे। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनकी फोटो को वायरल कर दिया। 
    धोनी ने मुंबई में फिर आखिरी शॉट खेलकर टीम इंडिया को जीत दिलाई। धोनी ने 2011 वल्र्ड कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ छक्का लगाकर टीम इंडिया को चैम्पियन बनाया था। इस बार भी उन्होंने कुछ ऐसा ही किया। चौका लगाकर उन्होंने टीम इंडिया को जीत दिलाई।
    श्रींलका के लिए ये सीरीज काफी खराब रही। वो किसी भी फॉर्मेट में जीत हासिल नहीं कर पाई। पहला वनडे जीतने के बाद वो सभी मैच हारती नजर आई और टी-20 में तो उन्होंने सभी मैच हारे। टेस्ट में वो टीम इंडिया को हरा नहीं पाए। वहीं टीम इंडिया को श्रेयस अईय्यर, मनीष पांडे और वॉशिंटन सुंदर जैसे युवा क्रिकेटर्स शामिल हुए। जिन्होंने शानदार परफॉर्म किया।   (एनडीटीवी)

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Posted Date : 25-Dec-2017
  • प्रत्युष राज
    चंडीगढ़, 25 दिसंबर। भारतीय खेल जगत के लिए इससे बुरी बात क्या हो सकती है कि एक ओलिंपियन दो समय के भोजन के लिए संघर्ष कर रहा है। लक्खा सिंह भारत के युवा बॉक्सर्स को ट्रेनिंग देकर देश को कुछ और पदक दिला सकते थे, लेकिन वह जीवनयापन के लिए टैक्सी चलाने को मजबूर हैं। साथी खिलाड़ी से मिले धोखे और खेल संघों, सरकारों द्वारा नजरअंदाज किए जाने की वजह से उनकी जिंदगी बेहद खराब दौर से गुजर रही है। 
    लक्खा ने 1994 के हिरोशिमा एशियाड में 81 किलो कैटिगरी में देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता था। पांच बार के नेशनल चैंपियन रहे लक्खा ने 1994 में तेहरान में आयोजित एशियन बॉक्सिंग चैंपिनशिप में भी सिल्वर मेडल हासिल किया था और अगले ही साल इसी चैंपियनशिप में दूसरा सिल्वर मेडल जीतकर अपना लोहा मनवाया। 
    दो साल में तीन अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने वाले लक्खा सिंह 1996 के अटलांटा ओलिंपिक में भारत के सबसे चमकदार सितारे थे। उनसे यहां भी मेडल की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन एशियन लेवल के अपने खेल को वह ओलिंपिक मेडल में नहीं बदल सके और 91 किलो कैटिगरी में 17वें नंबर पर रहे। 1990 के मध्य तक अंतरराष्ट्रीय स्तर की बॉक्सिंग प्रतियोगिताओं में मेडल के लिए सबसे ज्यादा उम्मीद उनसे ही की जाती थी। शानदार खेल और देश के लिए उनका समर्पण एक धोखे की वजह से धूमिल हो गया। अब राज्य सरकार ओर बॉक्सिंग फेडरेशन से उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही है। 
    52 वर्षीय पूर्व बॉक्सर ने कहा, मैंने अपनी स्थिति को लेकर भारतीय अमेचर बॉक्सिंग फेडरेशन (आईएबीएफ) के साथ पंजाब सरकार को कई खत लिखे, लेकिन किसी ने कभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। कांपती आवाज में उन्होंने आगे कहा, मैं जो टैक्सी चला रहा हूं वह भी मेरी नहीं है। कोई मेरी बात सुनने को तैयार नहीं है। 
    सिंह ने 19 साल की उम्र में 1984 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। 1996 ओलिंपिक के दो साल बाद उनकी जिंदगी ने खराब मोड़ लिया। 
    साल 1998 में उन्हें एक अन्य बॉक्सर दीबेंद्र थापा के साथ वल्र्ड मिलिटरी बॉक्सिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लेना था। हालांकि जोड़ी टेक्सास एयरपोर्ट से बाहर निकल गई और गायब हो गई। उन्हें सेना ने भगोड़ा घोषित कर दिया। 
    यहां यह समझा गया कि दोनों अमरीका में प्रफेशनल बॉक्सिंग में करियर बनाना चाहते थे। थापा अमरीका के प्रफेशनल सर्किट में खेले भी लेकिन लक्खा ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने उस समय को याद करते हुए बताया, यह सच है कि हम दोनों एयरपोर्ट से बाहर गए। थापा ने मुझे बताया था कि यहां कुछ दोस्तों से मिलना है। हमने कार में बैठकर ड्रिंक लिया और मेरा विश्वास करें उसके बाद हम कभी नहीं मिले। मेरी आंख खुली तो मैं एक बंद कमरे में था। मैं वहां करीब एक महीने तक कैद रहा और इसके बाद मुझे अपार्टमेंट से बाहर फेंक दिया गया। वह मेरी जिंदगी का सबसे मुश्किल वक्त था। मेरे पास पैसे नहीं थे, वीजा एक्सपायर कर चुका था। मैं यह भी नहीं जानता था कि यह जगह कौन सी है।
    आगे उन्होंने बताया, मैं कुछ एशियन लोगों से मिला जिन्होंने कैलिफोर्निया जाने में मेरी मदद की। मैंने वहां गैस स्टेशन, रेस्त्रां और कंस्ट्रक्शन साइट पर काम किया। मुझे भारत आने के लिए पैसे जुटाने में 8 साल लग गए। बाद में भारतीय दूतावास की मदद से मैं वापस भारत आया। तब तक वीजा नहीं होने की वजह से मैं पुलिस से छिपता रहता था।
    दीबेंद्र थापा के बारे में पूछने पर पूर्व भारतीय चैंपियन ने कहा, मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वह प्रफेशनल बॉक्सिंग में जाना चाहता है। मैं उस घटना के बाद उससे कभी नहीं मिला। साल 2006 में लक्खा लुधियाना में अपने गांव हलवाड़ा लौटे। उन्होंने कहा, मैं वापस लौटकर बहुत खुश था, लेकिन पता चला कि सेना ने मुझे भगोड़ा घोषित कर दिया है, बिना किसी जांच के मेरे बारे में यह फैसला ले लिया गया। (टाईम्स ऑफ इंडिया)

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Posted Date : 24-Dec-2017
  • मुंबई, 24 दिसंबर : भारत दौरे में श्रीलंका के बल्‍लेबाजों का निराशाजनक प्रदर्शन आज यहां तीसरे टी20 मैच में भी जारी रहा. मुंबई के वानखेड़े स्‍टेडियम में श्रीलंका की बल्‍लेबाजी शुरुआत से ही संघर्ष करती रही और लड़खड़ाते हुए टीम किसी तरह 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 135 रन ही बना सकी. भारतीय टीम के कप्‍तान रोहित शर्मा के आमंत्रण पर पहले बैटिंग के लिए उतरी मेहमान टीम के विकेट गिरने का सिलसिला दूसरे ही ओवर से शुरू हो गया. वह तो भला हो असेला गुणरत्‍ने के 36 और दासुन शनाका के नाबाद 29 रन का, जिसकी बदौलत टीम तिहरी संख्‍या तक पहुंचने में सफल हो गई. भारत के लिए जयदेव उनादकट और हार्दिक पंड्या ने दो-दो विकेट लिए.  टीम इंडिया के सामने जीत के लिए 136 रन बनाने का आसान सा लक्ष्‍य है.

    भारत के लिए टी20 में डेब्‍यू करने वाले स्पिनर वाशिंगटन सुंदर ने पहला ओवर फेंका. इसमें उपुल थरंगा की ओर से लगाए गए चौके सहित छह रन बने. पारी के दूसरे ओवर में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट गेंदबाजी के लिए आए. उन्‍होंने इस ओवर में पांचवीं गेंद पर निरोशन डिकवेला (1) को सिराज के हाथों कैच करा दिया. अगले ओवर में कुसल परेरा (4) स्पिन गेंदबाज वाशिंगटन सुंदर के पहले शिकार बन गए. परेरा को सुंदर ने अपनी ही गेंद पर लपका. चौथे ओवर में उपुल थरंगा (11)  के आउट होने से श्रीलंका गहरे संकट में फंस गई. थरंगा को उनादकट ने हार्दिक पंड्या से कैच कराया. पांच ओवर के पहले ही टीम के तीन विकेट गिर चुके थे. पांच ओवर के बाद श्रीलंका का स्‍कोर तीन विकेट पर 26 रन था. पारी के छठे ओवर में तेज गेंदबाज मो. सिराज को आक्रमण पर लाया गया.उनके ओवर में दो चौके सहित 11 रन बने.  पारी के सातवें ओवर में हार्दिक पंड्या और आठवें ओवर में चाइनामैन कुलदीप यादव गेंदबाजी के लिए आए. पारी के 9वें ओवर में श्रीलंका का चौथा विकेट सदीरा समरविक्रमा (21 रन, 17 गेंद, तीन चौके) के रूप में गिरा. उन्‍हें हार्दिक पंड्या ने कार्तिक से कैच कराया.10 ओवर के बाद श्रीलंका का स्‍कोर चार विकेट खोकर 67  रन था.

    श्रीलंका का पांचवां विकेट दनुष्‍का गुणतिलका (3) के रूप में गिरा, जिन्‍हें चाइनामैन कुलदीप यादव ने हार्दिक पंड्या से कैच कराया. अगले ही ओवर में श्रीलंका को कप्‍तान थिसारा परेरा (11)का विकेट भी गंवाना पड़ा जिन्‍हें मोहम्‍मद सिराज ने कप्‍तान रोहित शर्मा से कैच कराया.15  ओवर के बाद श्रीलंका का स्‍कोर (छह विकेट पर 96 रन) 100 तक भी नहीं पहुंच पाया था. इसके बाद गुणरत्‍ने ने दासुन शनाका के साथ मिलकर टीम का स्‍कोर 100 रन के पार पहुंचाया. सातवां विकेट असेला गुणरत्‍ने (36रन, 37 गेंद, तीन चौके) के रूप में गिरा जिन्‍हें हार्दिक ने कुलदीप यादव से कैच कराया.शनाका और धनंजय ने 20 ओवर्स में श्रीलंका का स्‍कोर 135 रन तक पहुंचाया. शनाका 24 गेंदों पर दो छक्‍कों की मदद से 29 और धनंजय सात गेंदों पर दो चौकों की मदद से 11 रन बनाकर नाबाद रहे. भारत के लिए जयदेव उनादकट और हार्दिक पंड्या ने दो-दो विकेट लिए. सिराज, वाशिंगटन और कुलदीप का एक-एक विकेट मिला.

    विकेट पतन: 8-1 (डिकेवला, 1.5), 14-2 (कुसल, 2.6), 18-3 (थरंगा, 3.3), 56-4 (समरविक्रमा, 8.3), 72-5 (गुणतिलका, , 11.4), 85-6 (थिसारा परेरा, 12.6)

    पहले ही सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर चुकी टीम इंडिया ने जसप्रीत बुमराह और युजवेंद्र चहल को प्‍लेइंग इलेवन में स्‍थान नहीं दिया है. इन दोनों के स्‍थान पर मोहम्‍मद सिराज और वाशिंगटन सुंदर को टीम में स्‍थान दिया गया है. सुंदर इस मैच के जरिये अपने टी20 करियर का आगाज कर रहे हैं.बल्‍लेबाजी में रोहित और राहुल को टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, हार्दिक पंड्या, मनीष पांडे, दिनेश कार्तिक और श्रेयस अय्यर से अच्छा समर्थन मिल सकता है.पूर्व कप्‍तान धोनी ने भी दोनों मैचों में बल्ले से अहम योगदान दिया था.

    दूसरी ओर, श्रीलंका के सामने चुनौतियां ही चुनौतियां हैं. तीसरे मैच से पहले उसे झटका लगा है. टीम के अनुभवी हरफनमौला खिलाड़ी एंजेलो मैथ्यूज चोटिल होकर बाहर हो गए हैं. दूसरे मैच में वह बल्लेबाजी करने नहीं उतरे थे. बल्लेबाजी में मेहमान टीम की पूरी उम्मीदें उपुल थरंगा, निरोशन डिकवेला और कुशल परेरा पर होंगी. गेंदबाजी श्रीलंका की सबसे कमजोर कड़ी रही है जो अभी तक बिल्कुल भी प्रभाव नहीं छोड़ पाई है. कप्तान होने के साथ-साथ थिसारा परेरा पर गेंदबाजी आक्रमण को भी सुधारने की जिम्मेदारी है.

    दोनों टीमें इस प्रकार हैं...
    श्रीलंका: थिसारा परेरा (कप्‍तान), निरोशन डिकवेला, उपुल थरंगा, कुसल परेरा, दनुष्‍का गुणतिलका, सदीरा समरविक्रमा, असेला गुणरत्‍ने, दासुन शनाका, अकिला धनंजय, दुष्‍मंथा चमीरा और नुवान प्रदीप.

    भारत: रोहित शर्मा (कप्‍तान), लोकेश राहुल, एमएस धोनी, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, दिनेश कार्तिक, हार्दिक पंड्या, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, जयदेव उनादकट और मोहम्‍मद सिराज (ndtv)

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Posted Date : 24-Dec-2017
  • मुंबई : भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने रविवार को वानखेड़े स्टेडियम में खेले जा रहे तीसरे और आखिरी टी-20 मैच में श्रीलंका के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। इस मैच से हरफनमौला खिलाड़ी वॉशिंगटन सुंदर टी-20 में पदार्पण किया। सुंदर को युजवेंद्र चहल के स्थान पर टीम में जगह मिली, वहीं जसप्रीत बुमराह को आराम दिया है और मोहम्मद सिराज को अंतिम एकादश में जगह मिली है। 
    वॉशिंगटन इस तरह भारत के लिए टी-20 खेलने वाले सबसे यंगेस्ट खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने 18 साल और 80 दिन की उम्र में डेब्यू किया। वॉशिंगटन ने ऋषभ पंत का रेकॉर्ड तोड़ा। उल्लेखनीय है कि पंत ने 19 वर्ष और 120 दिन थी की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ बेंगलुरु में टी20 मैच में पदार्पण किया था। 

    दुनिया के 11वें खिलाड़ी 
    वॉशिंगटन टी-20 खेलने वाले भारत के 72वें खिलाड़ी हैं। ओवरऑल वह दुनिया के 11वें सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं। हॉन्गकॉन्ग के लिए खेलने वाले वकास खान के नाम वर्ल्ड रेकॉर्ड है। उन्होंने 15 साल 259 दिन में डेब्यू किया था। 

    इस मैच में श्री लंका के अनुभवी खिलाड़ी एंजिलो मैथ्यूज चोट के कारण इस मैच में नहीं खेल रहे हैं। उनके अलावा चातुरंगा डिसिल्वा को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली है। मैथ्यूज और चातुरंगा के स्थान पर दानुष्का गुणाथिलका और दसुन शनाका को टीम में शामिल किया गया है। 
    टीमें : 
    भारत : रोहित शर्मा (कप्तान), लोकेश राहुल, श्रेयस अय्यर, महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर), दिनेश कार्तिक, मनीष पांडे, हार्दिक पंड्या, जयदेव उनादकट, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, वॉशिंगटन सुंदर। 
    श्री लंका : थिसारा परेरा (कप्तान), उपुल थरंगा, निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), कुशल परेरा, दानुशका गुणाथिलका, सदीरा समाराविक्रम, असेला गुणारत्ने, दासुन शनाका, दुशमंथा चामिरा, अकिला धनंजय और नुवान प्रदीप।  (नवभारतटाइम्स)

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Posted Date : 23-Dec-2017
  • नई दिल्ली, 23 दिसंबर। भारतीय टीम के चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने कहा कि श्रीलंका के खिलाफ शुक्रवार को खेले गए दूसरे टी-20 मैच में जब रन जा रहे थे उस समय भी वह विकेट लेने के बारे में सोच रहे थे। कुलदीप ने श्रीलंका के तीन विकेट लिए। इस मैच को भारत ने 88 रनों से अपने नाम किया। कुलदीप ने कहा कि कप्तान रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धौनी ने उनकी विकेट लेने में मदद की। 
    मैच के बाद कुलदीप ने कहा कि पहले तीन ओवर में 45 रन दिए, लेकिन मैं तब भी विकेट लेने के बारे में सोच रहा था। मैं जानता था कि अगर मैं एक विकेट ले लेता हूं तो मुझे दूसरा विकेट मिल जाएगा। पहला ओवर जो मैंने डाला था, उसमें हवा में धीमी गेंद डाली थी, लेकिन विकेट बल्लेबाजी के लिए अच्छी थी और गेंद बल्ले पर बड़ी आसानी से आ रही थी। इसके बाद मैं फिर बाहर गेंदें डाल रहा था। उन्होंने कहा कि फिर मुझे महसूस हुआ कि मुझे विकेट पर गेंदबाजी करने की जरूरत है। वो (धौनी और रोहित) मेरा समर्थन कर रहे थे और कह रहे थे कि विकेट के लिए जा। यह छोटा मैदान है जिसकी बाउंड्री छोटी हैं। धौनी और रोहित मुझसे बाहर गेंद डालने और ऑफ स्टम्प के बाहर वैरिएशन का इस्तेमाल करने को बोल रहे थे। तीन ओवरों में सात विकेट ने वाकई मैच का रूख बदल दिया।
    भारत ने मैन ऑफ द मैच रोहित शर्मा की 43 गेंदों में 12 चौके और 10 छक्कों की मदद से खेली गई 118 रन और उनके सलामी जोड़ीदार लोकेश राहुल की 49 गेंदों में पांच चौके और आठ छक्कों की मदद से खेली 89 रनों की पारी के दम पर 20 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 260 रन बनाए थे। विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने हालांकि भारत की तरह ही तेज शुरुआत की और चौकों-छक्कों की बरसात की। उसने 10 ओवरों में ही 100 का आंकड़ा पार कर लिया था। उसने यहां तक निरोशन डिकवेला (25) के रूप में एक मात्र विकेट खोया था। डिकवेला को जयदेव उनादकट ने 39 के कुल स्कोर पर आउट किया था।
    लेकिन इसके उपुल थरंगा (47) और कुशल परेरा (77) की जोड़ी ने चौके, छक्के जडऩे जारी रखे और श्रीलंकाई प्रशंसकों की उम्मीद को जिंदा रखा। कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की जोड़ी ने एक बार फिर श्रीलंका के सपनों पर पानी फेर दिया। थरंगा और कुशल की जोड़ी को 145 के कुल स्कोर पर चहल ने तोड़ा। चहल ने थरंगा को अपनी ही गेंद पर कैच किया। इस जोड़ी ने दूसरे विकेट के लिए 109 रनों की साझेदारी की।
    यहां से कुलदीप और चहल हावी हो गए और लगातार विकेट लेकर श्रीलंका को एक और हार के लिए मजबूर किया। चहल ने इस मैच में चार और कुलदीप ने तीन विकेट लिए। जयदेव और हार्दिक पंड्या को एक-एक विकेट मिला। (आईएएनएस)

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Posted Date : 23-Dec-2017
  • नई दिल्ली, 23 दिसंबर । राज्यसभा में शोरशराबे के चलते कल अपना पहला भाषण देने से वंचित रह गए पूर्व क्रिकेटर और सांसद सचिन तेंदुलकर ने शुक्रवार को फेसबुक पर अपनी बात रखी। अपने 14 मिनट लंबे संबोधन की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा, कुछ ऐसी बातें हैं जो मैं कल आप तक पहुंचाना चाहता था, आज वही कर रहा हूं... उसके बाद सचिन ने कहा कि असल में वे भारत को 'खेल प्रशंसक देशÓ से 'खेलने वाले देशÓ के रूप में बदलना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने नीतियों को बदलने और खेल के बुनियादी ढांचे में निवेश करने पर जोर दिया है। सचिन ने युवाओं से खेल को अपना करियर बनाने की भी अपील की है।
    चार साल पहले भारत रत्न से सम्मानित किए गए सचिन तेंदुलकर ने कहा कि खेल, स्वास्थ्य और फिटनेस का अर्थव्यवस्था पर काफी प्रभाव पड़ता है। देश के मौजूदा हाल पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इस समय हमारे फिटनेस के सेशन हल्के और खाने-पीने के सेशन भारी होते जा रहे हैं। इसके साथ हैरानी जताते हुए उन्होंने कहा कि हमारा देश सबसे युवा है लेकिन यहीं पर सबसे ज्यादा डायबिटीज के मरीज भी हैं, जबकि मोटापे में यह दुनिया में तीसरे स्थान पर है।
    सचिन तेंदुलकर ने आगे कहा कि ये बीमारियां अर्थव्यवस्था पर काफी बोझ डालती है और इससे देश की तरक्की रुकती है। उन्होंने इन हालात को बदलने के लिए देश में खेलों की संस्कृति विकसित करने की अपील की है। इसके लिए उन्होंने कहा कि ऐसा तभी होगा जब युवा खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे और इन्हें अपना करियर बनाएंगे। उन्होंने देश के हर नागरिक से किसी एक खेल को चुनने और उसमें सक्रिय होने की अपील की है। सचिन ने यह भी कहा कि खेलने की कोई उम्र नहीं होती।
    देश के उत्तर-पूर्व राज्यों में 'खेलों की जीवंत संस्कृतिÓ की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि देश के बाकी हिस्सों को भी इन राज्यों से सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्व के राज्यों की आबादी भले ही कम है लेकिन खेलों में इनकी भागीदारी काफी अच्छी है। दुनिया के सबसे बेहतरीन क्रिकेटरों में शुमार सचिन तेंदुलकर ने खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए आमूल-चूल बदलाव लाने की भी वकालत की है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे किसी खेल में अपने स्कूल, जिले और राज्य का प्रतिनिधित्व करते हों उन्हें उसके बदले में अतिरिक्त अंक? मिलने चाहिए। सचिन ने कहा कि हमें 'स्मार्ट सिटीÓ की नहीं 'स्मार्ट स्पोर्ट्स सिटीÓ की जरूरत है। उन्होंने देश में खुली जगहों और खेल मैदानों को बनाए रखने की भी वकालत की है। उन्होंने सरकार से अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने वाले सभी खिलाडिय़ों को केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) का लाभ देने का आग्रह भी किया।
    भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने अभिभावकों से अपील की है कि वे लड़के-लड़कियों में भेद करने के बजाय उन्हें समान प्रोत्साहन दें। उन्होंने कहा कि घर में जब बेटी पैदा होती है तो कहते हैं लक्ष्मी आई है। लेकिन इन्हें लक्ष्मी की तरह रखेंगे तभी ये पीवी सिंधु, मिताली राज, सानिया मिर्जा, साइना नेहवाल जैसी बन सकती हैं। उन्होंने प्रतिभाओं की कम उम्र में ही पहचान करके उसे तराशने की गुजारिश करते हुए कहा कि ऐसा करने पर ही भारत के पदक जीतने की उम्मीद की जा सकती है। इस वीडियो में सचिन ने यह भी कहा है कि हमारे देश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है लेकिन सफलता पाने के लिए हमें व्यवस्थित कार्ययोजना बनानी होगी।(सत्याग्रह)

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Posted Date : 22-Dec-2017
  • भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने असफलता को अपने जीवन का हिस्सा बताते हुए एक दिलचस्प बात कही है। कभी भारतीय बल्लेबाजी की 'दीवारÓ रहे राहुल द्रविड़ का कहना है कि उन्हें जीवन में सफलता से ज्यादा असफलताएं मिली हैं। बेंगलुरु में आयोजित गो स्पोर्ट्स एथलीट्स कॉन्क्लेव में इस दिग्गज ने कहा, मेरे समय में अर्धशतक लगाना एक अच्छा स्कोर माना जाता था। मैंने क्रिकेट के सभी फॉर्मेटों में भारत के लिए 604 बार बल्लेबाजी की। इनमें से 410 बार मैं 50 का स्कोर नहीं बना पाया। मैं सफल होने से कहीं ज्यादा बार असफल हुआ। इसलिए मैं असफलता पर बात कर सकता हूं।
    राहुल द्रविड़ ने अपने समय के एक और महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, उन्होंने (सचिन तेंदुलकर) शतकों का शतक लगाया। लेकिन वे अपनी 781 पारियों में से 517 बार 50 का स्कोर नहीं बना पाए। यानी वे भी सफल से ज्यादा असफल रहे। राहुल ने कहा कि उन्होंने अपने समय के खिलाडिय़ों से यह सीखा कि वे असफलता को किस तरह लेते थे। उन्होंने कहा, वे जानते थे कि कितनी अच्छी तरह असफल होना है।
    राहुल द्रविड़ ने 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ईडन गार्डन में खेली 180 रनों की ऐतिहासिक पारी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस पारी से पहले वे सीरीज में अच्छा स्कोर नहीं कर पाए थे, लिहाजा उन पर काफी दबाव था। उन्होंने कहा, उस मैच के पहले तीन दिनों में हम पूरी तरह हार चुके थे। मेरी फॉर्म भी ठीक नहीं थी। मुझे बल्लेबाजी के लिए छठे नंबर भेजा गया था। जब दूसरी पारी में मैं बल्लेबाजी करने आया तो स्टीव वॉ ने कहा, राहुल, इस पारी में छठे नंबर पर आए हो, अगली पारी में क्या 12वें नंबर पर आओगे। द्रविड़ ने इसे एक मजाकिया पल बताते हुए कहा कि उस समय वे खुद पर काफी दबाव महसूस कर रहे थे। उन्होंने कहा, मैं इस स्थिति में नहीं था कि बीते समय और भविष्य के बारे में सोचता। क्रिकेट में बस गेंद पर ध्यान देना होता है। मैंने बस यह सोचा कि मैं उस समय कितनी गेंद खेल सकता हूं। (सत्याग्रह)

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Posted Date : 21-Dec-2017
  • कटक, 21 दिसंबर । श्रीलंका के खिलाफ पहले टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार जीत दर्ज की। ये भारतीय टीम की टी-20 में सबसे बड़ी जीत रही। पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एक बार फिर अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया है। धोनी ने अंतिम ओवरों में फिर वही अपने पुराने रंग में आकर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की। धोनी ने 39 रनों की अपनी पारी में 4 चौके और एक शानदार छक्का जड़ा।
    मैच के बाद कप्तान रोहित शर्मा ने भी धोनी की तारीफों के पुल बना दिए। रोहित ने कहा कि पिछले कुछ समय से धोनी मैच फिनिशर की भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन अब समय है कि उन्हें नंबर 4 पर खेलने दिए जाना चाहिए।
    रोहित ने मैच के बाद कहा कि उन्हें वनडे में ज्यादा बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था, लेकिन उन्होंने बताया है कि क्लास स्थिर होती है। हमें उनसे काफी उम्मीदें हैं और नंबर-4 उनके लिए सही स्थान है। उन्होंने कई मैच खेले और जिताएं हैं। इसलिए इस प्रारूप में आगे जाने के लिए हमें लगता है कि उनके लिए यह स्थान सही है। उन्होंने कहा कि काफी लंबे समय से धोनी पारी को समाप्त करने की जिम्मेदारी उठा रहे थे। अब हमें लगता है कि किसी और को यह जिम्मेदारी निभानी होगी। धोनी मध्यक्रम में स्वतंत्र होकर खेल सकते हैं।
    बुधवार को खेले गए इस मैच में एक जबरदस्त वाकया हुआ। दरअसल, भारतीय टीम की टी-20 इतिहास में सबसे बड़ी जीत रही, इस मैच में कप्तान रोहित शर्मा ने पूर्व कप्तान धोनी को बल्लेबाजी में ऊपर (नंबर 4) प्रमोट किया। और उन्होंने शानदार पारी खेली।
    इससे पहले भारतीय टीम की बड़ी जीत 90 रनों की थी, तब धोनी कप्तान थे। और 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ उस मैच धोनी ने रोहित को प्रमोट किया था, और उन्होंने नंबर 4 पर आकर नाबाद 55 रन बनाए थे।
    पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने श्रीलंका को जीत के लिए 181 रनों का टारगेट दिया था। जवाब में श्रीलंका की टीम 16 ओवर में महज 87 रन पर ऑलआउट हो गई। टीम इंडिया की ओर से यजुवेंद्र चहल ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 23 रन देकर 4 विकेट चटकाए। वहीं हार्दिक पंड्या ने 3 तो कुलदीप यादव ने 2 विकेट झटके हैं। यजुवेंद्र चहल को मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड दिया गया। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 21-Dec-2017
  • नई दिल्ली, 21 दिसंबर । टीम इंडिया से बाहर चल रहे सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने कप्तान विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा के इटली में शादी करने के फैसले का बचाव किया है। गंभीर ने कहा है कि नेताओं को किसी के निजी मामलों में दखल नहीं देना चाहिए। मध्यप्रदेश के बीजेपी के एक विधायक ने इटली में शादी करने को लेकर विराट और अनुष्का की आलोचना की थी। गंभीर ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा, यह पूरी तरह उनका (विराट-अनुष्का का ) निजी मामला है और किसी को उस पर प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए।
    गौतम ने कहा कि नेताओं को ऐसे मामले में बोलने को लेकर ज्यादा संवेदनशील होना चाहिए। मध्यप्रदेश से बीजेपी विधायक पन्नालाल शाक्य ने विदेश में शादी करने पर विराट कोहली और अनुष्का की देशभक्ति पर सवाल उठाया था। कौशल प्रशिक्षण केंद्र के एक कार्यक्रम में पन्नालाल शाक्य ने कहा था, विराट ने पैसा भारत में कमाया, लेकिन विवाह संस्कार करवाने के लिए उन्हें हिन्दुस्तान में कहीं जगह नहीं मिली। हिन्दुस्तान इतना अछूत है। उन्होंने कहा, भगवान राम, भगवान कृष्ण, विक्रमादित्य, युधिष्ठिर का विवाह इसी भूमि पर हुआ है। आप सबके भी हुए होंगे या होने वाले होंगे। मगर हममें से विवाह करने के लिए कोई विदेश नहीं जाता। (कोहली) उन्होंने पैसा यहां कमाया और विवाह में अरबों रुपये वहां (इटली) खर्च किए। अपने विधायक के इस बयान से बीजेपी ने किनारा कर लिया है।
    भाजपा के एक अन्य नेता अनंतनाग के रफीक वानी ने उनके हनीमून स्थल के चयन को लेकर सवाल उठाया था। वानी ने कहा, हमारे देश में 125 करोड़ लोग रहते हैं। अगर वे चाहते तो यहां शादी कर सकते थे। यह कोई मसला नहीं है कि उन्होंने विदेश में शादी की, ये उनका मामला है। लेकिन हनीमून के लिये सबसे अच्छी जगह जिसे 'धरती पर स्वर्गÓ कहा जाता है वो कश्मीर है। इसलिए उन्हें हनीमून के लिये यहां आना चाहिए था। इससे हमारे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता। इसके बाद कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी भाजपा पर कटाक्ष करते हुये कहा कि अब युवाओं को शादी के स्थल का चयन बीजेपी से पूछकर करना चाहिए।  (भाषा)

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Posted Date : 20-Dec-2017
  • ऑस्ट्रेलिया, 20 दिसंबर। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के पहले मुस्लिम खिलाड़ी उस्मान ख्वाजा का जन्म 18 दिसंबर 1986 को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुआ था। इस लेफ्ट हैंडेड बल्लेबाज को सन् 2010 में तब कंगारू टीम में शामिल किया गया था, जब रिकी पोंटिंग अंगुली में चोट लगने के चलते एशेज से बाहर हो गए थे। उस्मान को उस वक्त 17 सदस्यीय टीम में जगह मिली थी।
    जब उस्मान महज 5 साल के थे, तो परिवार ऑस्ट्रेलिया आकर बस गया। पढ़ाई में होनहार उस्मान ने ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी से एविएशन में बेचलर की डिग्री ली। आपको जानकर बेहद हैरानी होगी कि ये क्रिकेटर क्वालिफाइड कमर्शियल पायलट भी है। आलम ये रहा कि उस्मान का ड्राइविंग लाइसेंस बाद में बना, जबकि कमर्शियल पायलट का लाइसेंस पहले ही बन चुका था।
    हालांकि उस्मान की प्लेन उड़ाने से अधिक क्रिकेट में रुचि थी। इसके चलते उन्होंने अपने इस हाई प्रोफाइल करियर को छोड़ क्रिकेट को चुना। उस्मान एक शर्मनाक हरकत के चलते साल 2016 में सुर्खियों में आ गए थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंग्टन वनडे मैच में राष्ट्रगान के दौरान जब साथी खिलाड़ी एक-दूसरे के कंधों पर हाथ रखकर खड़े थे तो उस्मान एडम जैंपा के कमर के निचले हिस्से को दबाते दिखे। ये वीडियो वायरल हुआ तो उस्मान ख्वाजा की काफी फजीहत हुई। हालांकि उस्मान ने उस दौरान कहा कि उन्होंने महज मजाक किया था।
    उस्मान ख्वाज ने सन् 2016 में ब्रिस्बेन की रहने वाली रशेल मैक्लॉन से सगाई की थी। दोनों काफी वक्त से रिलेशनशिप में थे। रशेल मार्केटिंग और इवेंट मैनेजमेंट में ग्रेजुएट हैं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द दोनों परिणय सूत्र में भी बंध जाएंगे। उस्मान 27 टेस्ट की 46 पारियों में 1862 रन बना चुके हैं, जबकि बात अगर 18 वनडे की करें तो इस खिलाड़ी ने 4 अर्धशत की मदद से 469 रन बनाए हैं। उस्मान ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से 9 टी20 भी खेले हैं, जिसमें उन्होंने 241 रन बनाए हैं। (जनसत्ता)

     

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Posted Date : 19-Dec-2017
  • मुंबई , 19 दिसंबर : वर्ल्ड क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में शुमार पूर्व भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन उनका बेटा अर्जुन तेंदुलकर भी तेजी से एक बेहतरीन क्रिकेटर के रूप में उभर रहा है. अर्जुन ने अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी इंटर स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट में धारदार गेंदबाजी करते हुए रेलवे के खिलाफ दूसरी पारी में पांच विकेट लिए.

    मुंबई के कांदिवली के जिमखाना मैदान पर खेले गए इस मैच में मुंबई ने अपनी पहली पारी में यशस्वी जायसवाल के 218 रन की मदद से 389 रन बनाए थे, जिसके बाद मुंबई के 389 रनों के जवाब में रेलवे की पूरी टीम पहली पारी में सिर्फ 150 रन पर ही सिमट गई.

    मुंबई की ओर से पहली पारी में अभिमन्यु वशिष्ठ ने सबसे ज्यादा 8 विकेट लिए थे, इसके बाद मुंबई ने रेलवे की टीम को फॉलोऑन दिया. फिर क्या था दूसरी पारी में अर्जुन तेंदुलकर ने रेलवे के बैटिंग ऑर्डर को तहस-नहस कर दिया.

    अर्जुन ने 11 ओवर में 44 रन देकर पांच विकेट लिए. अर्जुन की गेंदबाजी की बदौलत मुंबई रेलवे को पारी और 103 रनों से हराने में कामयाब रही है. बता दें कि अर्जुन तेंदुलकर अपने पिता सचिन से हाइट में लंबे हैं और ऐसा लगता है कि भविष्य में टीम इंडिया के लिए बेहतरीन फास्ट बॉलर बन सकते हैं. (aajtak)

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Posted Date : 18-Dec-2017
  • भारतीय टीम के नियमित कप्तान विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की शादी के कई दिन गुजर चुके हैं। हाल ही में विराट कोहली के कोच राजकुमार शर्मा ने ‘मिड डे’ से बात करते हुए कहा कि विराट जल्द ही नेट पर प्रेक्टिस करते नजर आएंगे। राजकुमार शर्मा विराट को बचपन से ही क्रिकेट के गुण सिखाने का काम कर रहे हैं। बता दें राजकुमार शर्मा का नाम उन चुनिंदा लोगों में शामिल था जिन्हें विराट और अनुष्का ने इटली अपनी शादी में बुलाया था। वह हाल ही में इटली के टस्कनी से वापस लौटे हैं। राजकुमार शर्मा इस समय दिल्ली की अंडर 23 टीम के साथ कोच के रूप में जुड़े हुए हैं। राजकुमार शर्मा ने ‘मिड डे’ से बात करते हुए कहा कि विराट के पास साउथ अफ्रीका दौरे के लिए अब समय काफी कम है। विराट के वापस आते ही हमें उनकी बल्लेबाजी पर और काम करना होगा। विराट के लिए 2013-14 का साउथ अफ्रीका दौरा काफी अच्छा रहा था। जोहानसबर्ग में खेले गए पहले ही मैच में विराट कोहली ने पहली पारी में शतक लगाया था। हालांकि वह दूसरी पारी में शतक लगाने से चूक गए थे और 96 रन पर आउट हो गए थे। इस मैच के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच भी चुना गया था।
    लेकिन 2014 का इंग्लैंड दौरा विराट के लिए बेहद निराशाजनक रहा था। टेस्ट सीरीज के पांच मैचों में विराट ने केवल 134 रन ही बनाए थे। राजकुमार शर्मा ने कहा कि विराट पुल शॉट खेलने के माहिर हैं, लेकिन उन्हें अपने कट शॉट पर और काम करने की जरूरत है। विराट कोहली आज जिस मुकाम पर हैं, वह अपनी मेहनत की बदौलत हैं। वह शुरू से ही काफी मेहनतकश रहे हैं। अगर कोई कमजोरी उन्हें परेशान कर रही है तो वह जब तक उसे दूर नहीं कर लेते चैन से नहीं बैठते।
    विराट-अनुष्का को कभी तो मीडिया का सामना करना होगा: सानिया मिर्जा
     
    साउथ अफ्रीका की विकेट तेज गेंदबाजों के लिए हमेशा से मददगार रही है। ऐसे में कोहली को नेट्स पर ज्यादा से ज्यादा समय तेज गेंदबाजों के खिलाफ अभ्यास करना चाहिए। बता दें कि दिल्ली के अंडर 19 टीम के कोच राजकुमार शर्मा रविवार सुबह इटली से वापस मुंबई आए हैं। (जनसत्ता)

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Posted Date : 18-Dec-2017
  • दुबई, 18 Dec : आईसीसी की ताजा वनडे रैंकिंग में टीम इंडिया के ओपनर बल्लेबाज रोहित शर्मा दो पायदान के सुधार के साथ पांचवें स्थान पर पहुंच गये हैं. रोहित हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ खत्म हुई तीन मैचों की वनडे सीरीज में करियर के तीसरे दोहरे शतक भी लगाया था.

    यह पहली बार है जब इस बल्लेबाज ने रैंकिंग में 800 अंकों का आंकड़ा पार किया है. रोहित की कप्तानी में भारत ने सीरीज 2-1 से अपने नाम की. सीरीज के बाद रोहित के 816 अंक हैं.
    रोहित इससे पहले फरवरी 2016 में रैकिंग में तीसरे स्थान पर पहुंचे थे. मोहाली में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे वनडे में 208 रन की नाबाद पारी के बाद उनके 825 अंक हो गये थे जो उनके सर्वोच्च रेटिंग अंक हैं.
    रोहित के साथ भारतीय पारी का आगाज करने वाले मैन ऑफ द सीरीज रहे शिखर धवन भी एक स्थान के सुधार के साथ रैंकिंग में 14वें स्थान पर पहुंच गये. उन्होंने विशाखापत्तनम में आखिरी वनडे में नाबाद 100 रन के साथ सीरीज में कुल 168 रन बनाये. उन्होंने दूसरे मैच में 68 रन की पारी खेलने के साथ रोहित के साथ 115 रनों की साझेदारी भी की थी.
    सीरीज में नहीं खेलने वाले भारतीय टीम के नियमित कप्तान विराट कोहली रैंकिंग में 876 अंकों के साथ पहले स्थान पर बने हुये हैं. साउथ अफ्रीका के एबी डिविलियर्स 872 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं.
    सीरीज में छह विकेट झटकने वाले भारत के लेग स्पिनर युजवेन्द्र चहल 23 स्थान के सुधार के साथ गेंदबाजी रैंकिंग में 28वें स्थान पर पहुंच गये है. चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव 16 स्थान के सुधार के साथ करियर की सर्वश्रेष्ठ 56वीं रैंकिंग पर काबिज हैं. ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या भी 10 स्थान की छलांग लगाकर करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग 45वें स्थान पर आ गये.
    श्रीलंका के ओपनर बल्लेबाज उपुल थरंगा रैंकिंग में 15 स्थान ऊपर चढ़ते हुये 36वें नंबर पर आ गये. उनके 571 रेटिंग अंक हैं. निरोशन डिकवेला भी सात स्थान के सुधार के साथ 37वें स्थान पर है.
    टीमों की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है. भारतीय टीम 119 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर बनी हुई है. भारत अगर श्रीलंका से यह सीरीज 3-0 से जीतता तो साउथ आफ्रीका (121 रेटिंग अंक) की जगह पहले स्थान पर आ जाता. (ABP News)

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Posted Date : 17-Dec-2017
  • विशाखापत्तनम, 17 दिसंबर। टीम इंडिया ने विशाखापत्तनम में श्री लंका को 8 विकेट से हराते हुए टेस्ट के बाद वनडे सीरीज भी अपने नाम कर ली। सीरीज के पहले मुकाबले में श्री लंका को जीत मिली थी, जबकि दूसरे मुकाबले में कप्तान रोहित शर्मा के दोहरे शतक की बदौलत भारत ने जोरदार वापसी की। अब तीसरा मुकाबला जीतते हुए वनडे सीरीज अपने नाम कर लिया। मेहमान ने पहले बैटिंग करते हुए 215 रन बनाए। जवाब में भारत ने &2.1 ओवर में सिर्फ दो विकेट खोकर 219 रन बनाते हुए लक्ष्य पा लिया। 
    छोटे टारगेट का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। कप्तान रोहित शर्मा जोरदार छक्का लगाने के बाद धनंजया की बॉल पर बोल्ड हो गए। वह सिर्फ 7 रन बनाकर आउट हुए। इस समय भारत का स्कोर 3.4 ओवर में 14 रन थे। पहला विकेट जल्दी गिरने के बाद लगा श्री लंकाई गेंदबाज वापसी कर पाएंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। 
    शिखर धवन और श्रेयस अय्यर ने शतकीय साझेदारी करते हुए भारतीय पारी को संभाल लिया। श्रेयस का विकेट 149 रन के टीम स्कोर पर गिरा। उन्हें थिसारा परेरा ने लकमल के हाथों कैच कराया। लगातार दूसरे मुकाबले में अर्धशतक लगाने वाले अय्यर ने 63 बॉल में 65 रन के दौरान 8 चौके और 1 छक्का लगाया। इसके बाद शिखर धवन और दिनेश कार्तिक ने टीम को कोई भी झटका नहीं लगने दिया। उन्होंने 85 गेंदों में 12वां वनडे शतक पूरा किया। अपनी शतकीय पारी के दौरान 4000 वनडे रन भी पूरे किए। 
    कुलदीप यादव (42/3), युजवेंद्र चहल (46/3) और हार्दिक पंड्या (49/2) की घातक बोलिंग की बदौलत भारत ने श्री लंका को वनडे सीरीज के अंतिम मुकाबले में 44.5 ओवर में सिर्फ 215 रन पर ही रोक लिया। भारत को मैच और सीरीज जीत के लिए सिर्फ 216 रन बनाने होंगे। मेहमान टीम के लिए सबसे अधिक ओपनर बल्लेबाज उपुल थरंगा ने 82 गेंदों में 95 रनों की पारी खेली, जबकि सदीरा समरविक्रमा ने 57 गेंदों में 42 रन बनाए। इन दोनों के अलावा कोई भी श्री लंकाई बल्लेबाज टिककर भारतीय गेंदबाजों का सामना नहीं कर सका। 
    इससे पहले मेजबान ने रोहित की कप्तानी में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने ओपनर दनुष्का गुणाथिलाका को 13 रन के निजी स्कोर पर आउट करते हुए कप्तान रोहित फैसले को सही साबित किया। हालांकि इसके बाद सदीरा और थरंगा ने दूसरे विकेट के लिए 121 रन जोड़ते हुए श्री लंका को मजबूती देने की कोशिश की। 
    थरंगा और समरविक्रमा जब खेल रहे थे तब लग रहा था कि श्रीलंका बड़ा स्कोर करेगी, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने इस जोड़ी को तोड़कर वापसी की और लगातार विकेट लेकर श्रीलंका को 44.5 ओवरों में 215 रनों पर ही सीमित कर दिया। भारत की तरफ से युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव ने 3-3 विकेट लिए। हार्दिक पंड्या ने 2 विकेट हासिल किए। जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार ने 1-1 विकेट लिया।  (नवभारत टाईम्स)

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Posted Date : 17-Dec-2017
  • विशाखापट्टनम, 17 दिसंबर : स्पिन जोड़ी युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत भारतीय टीम आज यहां तीसरे वनडे मैच में श्रीलंका टीम को 44.5 ओवर में 215 रन पर आउट करने में कामयाब हो गई. मैच में श्रीलंका का स्‍कोर एक समय 22 ओवर में 130 रन के पार पहुंच गया था और लग रहा था कि मेहमान टीम 300 के ऊपर रन बनाकर भारत को बड़ी चुनौती देने में सफल होगी लेकिन बीच के ओवरों में चहल-यादव ने लगातार विकेट लेकर रन गति पर ब्रेक लगा दिया. श्रीलंका के लिए उपुल थरंगा ने 82 गेंदों पर 95 रन की तूफानी पारी खेली. उन्‍होंने दूसरे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी की. इस समय श्रीलंका की रन गति छह रन प्रति ओवर के आसपास थी. इन दोनों के आउट होने के बाद श्रीलंका लगातार विकेट गंवाती रही और 215  रन पर सिमट गई. भारत के लिए चहल और कुलदीप यादव ने तीन-तीन विकेट हासिल किए.

    पारी का पहला ओवर भुवनेश्‍वर कुमार ने फेंका, जिसमें पांच रन बने. जसप्रीत बुमराह की ओर से फेंके गए दूसरे ओवर में चार और भुवनेश्‍वर कुमार की ओर से फेंके गए पारी के तीसरे ओवर में 5 रन बने. पारी के चौथे ओवर की चौथी गेंद पर बुमराह ने गुणतिलका (13 रन, 12 गेंद, दो चौके) को रोहित शर्मा से कैच करा दिया. पहला विकेट 15 के स्‍कोर पर गिरा.5 ओवर के बाद श्रीलंका टीम का स्‍कोर एक विकेट खोकर 30  रन था.छठे ओवर में बुमराह को थरंगा ने दो चौके लगाए. इस ओवर में 11 रन बने. पारी का नौवां ओवर श्रीलंका के लिए बेहतरीन रहा जिसमें थरंगा ने हार्दिक पंड्या की पहली 5 गेंदों पर लगातार चौके लगाए. ओवर में 20 रन बने. श्रीलंका के 50 रन 8.2 ओवर में पूरे हुए.10 ओवर के बाद श्रीलंका टीम का स्‍कोर एक विकेट खोकर 68 रन था.

    एक विकेट गिरने के बावजूद थरंगा और समरविक्रमा श्रीलंका की रनगति छह रन प्रति ओवर के आसपास रखे हुए थे. 12वें ओवर में थरंगा ने वनडे का अपना 36वां अर्धशतक पूरा किया. उन्‍होंने 36 गेदों पर 10 चौके लगाकर यह आंकड़ा छुआ.अगले पांच ओवर में श्रीलंकाई बल्‍लेबाजों ने 21 रन जोड़े. 15 ओवर के बाद स्‍कोर एक विकेट पर 89 रन था. 20वें ओवर में समरविक्रमा को जीवनदान मिला जब कुलदीप की गेंद पर दिनेश कार्तिक उनका कैच नहीं लपक पाए.20 ओवर के बाद स्‍कोर एक विकेट पर 122 रन था.श्रीलंका का दूसरा विकेट युजवेंद्र चहल के खाते में गया, उन्‍होंने सदीरा समरविक्रमा (42रन, 57 गेंद, पांच चौके) को धवन  के हाथों कैच कराया पारी के 25वें ओवर में थरंगा ने चहल को छक्‍का जमाया. 25 ओवर के बाद स्‍कोर दो विकेट खोकर 145 रन था. पारी के 28वें ओवर में कुलदीप यादव ने खतरनाक उपुल थरंगा (95 रन, 82 गेंद, 12चौके, तीन छक्‍के) और फिर निरोशन डिकवेला (8 रन, चार गेंद, दो चौके) को आउट कर श्रीलंका का डबल झटका दिया. जहां थरंगा को विकेटकीपर धोनी ने स्‍टंप किया, वहीं डिकेवला का कैच श्रेयस अय्यर ने स्लिप में लिया.30 ओवर के बाद श्रीलंका का स्‍कोर चार विकेट खोकर 175 रन था.जोरदार बल्‍लेबाजी कर रहे थरंगा सहित एक ओवर में दो विकेट गिरने से श्रीलंका की रनगति धीमी पड़ गई.श्रीलंका का पांचवां विकेट एंजेलो मैथ्‍यूज (17)के रूप में गिरा जिन्‍हें युजवेंद्र चहल ने बोल्‍ड किया.छठे विकेट के रूप में कप्‍तान थिसारा परेरा  (6) पेवेलियन लौटे, उन्‍हें चहल ने एलबीडब्‍ल्‍यू किया.37वें ओवर में भारत के पास गुनरत्‍ने को रन आउट करने का मौका था लेकिन कार्तिक को थ्रो को बॉलिंग एंड पर भुवनेश्‍वर पकड़ नही पाए.श्रीलंका का 7वां विकेट सचिथ पथिराना (7) के रूप में गिरा, उन्‍हें पंड्या ने चहल से कैच कराया. टीम इंडिया के अगले तीन विकेट भी कुछ खास नहीं कर पाए और पूरी टीम 215 रन पर ढेर हो गई. श्रीलंका टीम को इस छोटे स्‍कोर पर समेटने में कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की अहम भूमिका रही, जिन्‍होंने 3-3 विकेट लिए.

    विकेट पतन: 15-1 (गुणतिलके, 3.4), 136-2 समरविक्रमा, (22.3), 160-3 (थरंगा, 27.1), 168-4 (डिकवेला, 27.5), 189-5 (मैथ्‍यूज, 33.5), 197-6 (परेरा, 35.1), 208-7 (पथिराना, 38.4) ,210-8 (धनंजय, 39.5), 211-9 (लकमल, 40.1), 215-10 (गुणरत्‍ने, 44.5)

    इस मैदान पर टीम इंडिया का रिकॉर्ड भी अच्छा रहा है. भारत ने यहां सात मैच खेले हैं तो एक में जीत हासिल की है. श्रीलंका को उसे हराने के लिए अपनी शीर्ष फॉर्म का प्रदर्शन करना होगा. वनडे रैंकिंग में पहले स्थान पर काबिज भारत रोहित की अगुआई में उतरेगी. उसकी बल्लेबाजी का दारोमदार भी रोहित के कंधों पर होगा. पहले मैच में नाजुक स्थिति में अर्धशतक जड़ने वाले महेंद्र सिंह धौनी पर भी बड़ी जिम्मेदारी होगी. इस मैदान का धौनी के साथ खासा नाता है. धौनी ने अपने वनडे करियर का पहला शतक इसी मैदान पर 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ लगाया था. धौनी ने उस मैच में 148 रनों की पारी खेली थी.

    पिछले मैच में शिखर धवन ने भी बल्ले से बेहतरीन योगदान दिया था. वहीं अपने करियर का दूसरा मैज खेलने वाले युवा बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ने भी 88 रनों की पारी खेल अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था.दिनेश कार्तिक, मनीष पांडे को पहले मैच में ही बल्लेबाजी का मौका मिला था. यह दोनों भी अपने बल्ले की जंग को दूर करना चाहेंगे. गेंदबाजी में भारत भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह के ऊपर निर्भर रहेगी.  वहीं, स्पिन में युजवेंद्र चहल के ऊपर जिम्मेदारी होगी. रोहित, कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर में से किसे टीम में जगह देते हैं यह देखना होगा. 

    दोनों टीमें इस प्रकार हैं...

    श्रीलंका: थिसारा परेरा (कप्‍तान), दनुष्‍का गुणतिलका, उपुल थरंगा, एंजेलो मैथ्‍यूज, सदीरा समरविक्रमा, निरोशन डिकवेला, असेला गुणरत्‍ने, सचिन पथिराना, अकिला धनंजय, सुरंगा लकमल, नुवान प्रदीप.
    भारत: रोहित शर्मा (कप्‍तान), शिखर धवन, श्रेयस अय्यर, एमएस धोनी, हार्दिक पंड्या, मनीष पांडे, दिनेश कार्तिक, भुवनेश्‍वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव. (एनडीटीवी)

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Posted Date : 17-Dec-2017
  • कोलकाता, 17 दिसंबर। टेनिस खिलाड़ी सनिया मिर्जा ने हाल ही में शादी करने वाले विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की जोड़ी को अद्भुत बताते हुए उन्हें मीडिया का सामना सही तरीके से करने की सलाह दी है। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान कोहली और बॉलिवुड अभिनेत्री अनुष्का ने मीडिया से बचते हुए इटली में शादी की। शादी के 4 दिन बाद भी सोशल मीडिया पर विरुष्का (विराट और अनुष्का के नामों से बना) ट्रेंड कर रहा है। 
    सानिया ने यहां कहा, बड़े लोगों की शादियों में थोड़ी जटिलता होती है क्योंकि उन्हें बाहरी दुनिया से भी निपटना होता है, यह सिर्फ खुद तक सीमित नहीं होता। पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक से शादी करने वाली सानिया ने कहा, उन्हें (विराट-अनुष्का) मीडिया के बारे में पता था इसलिए वे इटली गए, हालांकि किसी समय उन्हें मीडिया का सामना करना होगा।
    शादी को तनावपूर्ण बताते हुए सानिया ने कहा, मुझे ऐसे समय में मीडिया का प्रचार बिल्कुल पसंद नहीं। शादी को लेकर पहले ही इतना तनाव होता है। मेरी बहन की शादी हुई, यह हाई प्रोफाइल नहीं थी लेकिन फिर भी काफी तनावपूर्ण था। सानिया ट्विटर के जरिए 12 दिसंबर को विराट और अनुष्का को सबसे पहले बधाई देने वालो में थी। 
    उन्होंने कहा, यह कमाल की बात है कि विराट और अनुष्का दोनों एक दूसरे के साथ लंबे समय से है और इससे अच्छा क्या हो सकता कि एक दूसरे से प्यार करने वाले शादी करें। इस भारतीय टेनिस स्टार ने कहा, मैं दोनों की निजी तौर पर जानती हूं। एक साथ वे दोनों कमाल के हैं। अलग-अलग भी वे कमाल के हैं। मैं उन्हें शुभकामनाएं देती हूं। सानिया से जब 21 दिसंबर को दिल्ली और 26 दिसंबर को मुंबई में होने वाले रिसेप्शन में शामिल होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता, मैं उस समय देश में नहीं रहूंगी। मैं 21 दिसंबर को जा रहीं हूं। उस दौरान मैं दुबई में रहूंगी।  (भाषा)

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Posted Date : 16-Dec-2017
  • रविवार को तीसरा और फाइनल वनडे मैच खेला जाएगा.
    विशाखापट्टनम,16 दिसम्बर: रविवार को भारत और श्रीलंका के बीच तीसरा और फाइनल वनडे मैच खेला जाएगा. भारत और श्रीलंका की टीमें एक-एक मुकाबला जीत चुकी हैं. श्रीलंका के खिलाफ तीसरे और आखिरी एक दिवसीय क्रिकेट मैच में कल भारतीय टीम उतरेगी तो बल्लेबाजों के उम्दा फार्म और इस शहर में दमदार रिकॉर्ड के बूते उसका पलड़ा भारी होगा. भारत ने अभी तक इस मैदान पर अक्तूबर 2015 में दक्षिण अफ्रीका से श्रृंखला गंवाने के बाद कोई श्रृंखला नहीं हारी है. दूसरी ओर श्रीलंका की नजरें भारत में पहली द्विपक्षीय श्रृंखला जीतने पर होगी जिसने आठ में पराजय का सामना किया और एक ड्रॉ खेली.

    मोहाली में कप्तान रोहित शर्मा ने शानदार दोहरे शतक के साथ मोर्चे से अगुवाई की जबकि धर्मशाला में पहले वनडे में भारत को शर्मनाक पराजय झेलनी पड़ी थी. रोहित एंड कंपनी की नजरें यहां लगातार दूसरा मैच जीतकर श्रृंखला अपने नाम करने पर लगी होंगी. भारत ने इस मैदान पर सात मैच खेले हैं और सिर्फ एक में उसे पराजय झेलनी पड़ी. मेजबान को उम्मीद होगी कि उसका शानदार फार्म यहां बरकरार रहेगा.

    धर्मशाला में मिली हार के बाद भारत आईसीसी वनडे रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका को पछाड़ नहीं सकेगा. लेकिन यहां श्रृंखला में जीत दाव पर है और भारतीय टीम टेस्ट श्रृंखला के बाद वनडे में भी अपना दबदबा बरकरार रखना चाहेगी. भारतीय कप्तान श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर अपना खौफ कायम रखने के इरादे से उतरेंगे जबकि बाकी बल्लेबाजों से भी अच्छे प्रदर्शन की अपेक्षा होगी. धर्मशाला में 112 रन पर आउट होने के बाद मेजबान टीम ने दूसरे वनडे में लय हासिल की. (ndtv)

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Posted Date : 16-Dec-2017
  • मुंबई, 16 दिसंबर : राष्ट्रीय स्तर के टेबल टेनिस खिलाड़ी को मुंबई हवाई अड्डे पर पकड़े जाने के बाद मिजोरम टेबल टेनिस असोसिएशन ने उन्हें तस्करी रैकिट का शिकार बताया है। एयरपोर्ट पर 19 साल के ललरिनपुआ को 60 लाख की कीमत के ड्रग्स के साथ पकड़ा गया था। नार्कोटिक कंट्रोल ब्यूरो के मुताबिक ये ड्रग्स दिल्ली में नाइजीरिया के एक गैंग को पहुंचाए जाने थे। 

    मिजोरम टेबल टेनिस असोसिएशन के उपाध्यक्ष ने ललरिनपुआ को टेबल टेनिस खिलाड़ियों के लिए रोल मॉडल बताया और कहा कि वह बेहद अनुशासित खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि उनकी गिरफ्तारी के पीछे किसी बड़े रैकिट का हाथ है। उन्होंने असोसिएशन की ओर से भरोसा जताया कि युवा खिलाड़ी निर्दोष हैं। 

    सूत्रों के मुताबिक ललरिनपुआ और एक अन्य खिलाड़ी मोजांबीक से मुंबई आ रहे थे। तभी किसी अफ्रीकन साथी ने उनसे दो पार्सल ले जाने के लिए कहा। दोनों जब बुधवार सुबह मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे तो ललरिनपुआ के पार्सल में मेथाकुलोन नाम के, जो दिल्ली में प्रतिबंधित हैं। ड्रग्स मिले। 

    अधिकारियों ने अंशुल गर्ग अकैडमी, जहां ललरिनपुआ पढ़ते हैं, की भी तलाशी ली लेकिन वहां उन्हें कुछ नहीं मिला। मणिपुर के रहने वाले 19 वर्षीय ललरिनपुआ 1995 में जूनियर और यूथ नैशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप का खिताब जीत चुके हैं। 

    जांचकर्ताओं को नाइजीरिया के कुछ लोगों के नंबर भी मिले हैं लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका है। अधिकारियों को लगता है कि खिलाड़ी को वाहक बनाकर इस्तेमाल किया गया है।  (टाइम्स न्यूज)

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Posted Date : 16-Dec-2017
  • राजकोट, 16 दिसंबर : सीमित ओवर क्रिकेट में टीम इंडिया से बाहर चल रहे रवींद्र जडेजा ने घरेलू मैच में कमाल किया है. जडेजा ने सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन के इंटर-डिस्ट्रिक्ट टूर्नांमेंट में 1 ओवर में लगातार 6 छक्के जड़ने का कारनामा कर दिया है.

    जडेजा ने शुक्रवार को टी-20 टूर्नामेंट के पहले दिन जामनगर की ओर से खेलते हुए अमरेली के खिलाफ एक ओवर में 6 छक्के उड़ाए. 29 साल के जडेजा ने ऑफ स्पिन गेंदबाज नीलम वामजा के ओवर में यह करिश्मा कर दिखाया. जडेजा द्वारा बनाए गए 69 गेंदों में 154 रनों के दम पर जामनगर ने अमरेली पर 121 रनों से जीत दर्ज की.

    19वें ओवर में रन आउट होने से पहले जडेजा ने 15 चौके और 10 छक्के लगाए. उनकी शतकीय पारी के दम पर जामनगर ने छह विकेट के नुकसान पर 239 रन बनाए थे. इस जीत से जामनगर के हिस्से में चार अंक आ गए हैं. इस टूर्नामेंट में 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं जिन्हें चार ग्रुप में बांटा गया है. जामनगर का अगला मैच शनिवार को बोटाड से होगा.
    इससे पहले कब-कब लग एक ओवर में 6 छक्के

    1.गैरी सोबर्स
    क्रिकेट में छक्के का रोमांच हमेशा सिर चढ़कर बोलता है. और यदि कोई बल्लेबाज छह गेंदों पर छह छक्के उड़ा दे, तो फिर क्या कहने. 49 साल पहले सर गैरी सोबर्स ने पहली बार यह कारनामा किया था.सर गैरी सोबर्स के नाम 31 अगस्त 1968 में अद्भुत कारनामा जुड़ा. उन्होंने इंग्लिश काउंटी में नॉटिंघमशायर से खेलते हुए ग्लेमॉरगन के मैलकम नैश के ओवर की सभी 6 गेंदों पर 6 छक्के जड़े थे.

    2. रवि शास्त्री
    17 साल बाद 10 अगस्त 1985 में रवि शास्त्री ने सर गैरी की बराबरी की. जब उन्होंने बड़ौदा के खिलाफ रणजी मुकाबले में तिलक राज की गेंद पर ओवर की सभी गेंदों पर छक्के लगाए.

    3. हर्शल गिब्स
    दक्षिण अफ्रीकी धुरंधर हर्शल गिब्स वनडे इंटरनेशनल में एक ओवर में 6 छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने. उन्होंने यह कारनामा 16 मार्च को 2007 के वर्ल्ड कप मैच में किया था. सेंट किट्स में तब उन्होंने नीदरलैंड्स के डैन वैन बंज के ओवर की सभी छह गेंदों को मैदान से बाहर भेजा था.

    4. युवराज सिंह
    क्रिकेट जगत के खतरनाक बल्लेबाजों में शुमार युवराज सिंह ऐसा करने वाले चौथे बल्लेबाज बने. जबकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दूसरे बल्लेबाज बने. 19 सितंबर 2007 को इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 वर्ल्ड कप के मैच में युवराज ने स्टुअर्ट ब्रॉड को अपना निशाना बनाया. मैच में उससे ठीक पहले एंड्रू फ्लिंटॉफ ने युवराज की तरफ भद्दे इशारे किए थे, जिसका जवाब उन्होंने ताबड़तोड़ छक्के जड़कर दिया .

    5. जॉर्डन क्लार्क
    लंकाशायर के ऑलराउंडर जॉर्डन क्लार्क यह कारनामा करने वाले पांचवें प्रोफेशनल क्रिकेटर बने. 24 अप्रैल 2013 को उन्होंने सेकंड इलेवन मैच में यॉर्कशायर खिलाफ गुरमान रंधावा की गेंदों के अपना शिकार बनाया.

    6. एलेक्स हेल्स
    नॉटिंघमशायर की तरफ से खेलते हुए एलेक्स हेल्स ने 15 मई 2015 को कुछ अलग ही अंदाज में लगातार छह छक्के मारे. नेटवेस्ट टी-20 ब्लास्ट टूर्नामेंट में बॉयड रेंकिन के 11वें ओवर की चौथी गेंद पर हेल्स ने एक छक्का लगाने के बाद आखिरी दो गेंदों पर भी छक्के उड़ाए. अगले ओवर की दूसरी गेंद पर दोबारा स्ट्राइक मिलने पर उन्होंने फिर लगातार 3 छक्के जड़े. इसके साथ ही उन्हें छह लगातार छक्के लगाने में दो ओवर लगे.

    7. रॉस ह्विटले
    रॉस ह्विटले ने कुछ ही दिन पहले (जुलाई 2017) नेटवेस्ट टी-20 ब्लास्ट टूर्नामेंट में ओवर की लगातार गेंदों पर में 6 छक्के ठोंके. उन्होंने वारविकशायर की ओर से खेलते हुए ऐसा किया.

    8. मिस्बाह उल हक
    मिस्बाह उल हक ने हांग कांग में टी-20 लीग में इसी साल (मार्च 2017) उन्होंने छह लगातार गेंदों पर छक्के लगाए. लेकिन उनके ये छक्के पारी के 19वें और 20 ओवर में आए.

    9. कीरोन पोलार्ड
    कैरेबियाई बल्लेबाज कीरोन पोलार्ड ने भी 2014 में एडिलेड स्ट्राइकर की ओर से खेलते हुए लगातार छह छक्के लगाए थे. लेकिन वह बिगबैश लीग का वॉर्म-अप मैच था. (aajtak)

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