खेल

Posted Date : 01-Dec-2017
  • जोहानिसबर्ग, 1 दिसंबर । मार्को मरैस प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सबसे तेज तिहरा शतक जड़ कर एक हफ्ते से ज्यादा वक्त के अंदर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले दक्षिण अफ्रीका के दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। चौबीस साल के मरैस ने दक्षिण अफ्रीका के तीन दिवसीय प्रांतीय प्रतियोगिता में पूर्वी लंदन में बॉर्डर की तरफ से खेलते हुए ईस्टर्न प्रोविंस के खिलाफ 191 गेंदों पर नाबाद 300 रनों की पारी खेली। इससे पहले, सबसे तेज तिहरे शतक का रिकॉर्ड चार्ली मैकार्टनी के नाम पर था जो उन्होंने  वर्ष 1921 में 221 गेंदों पर लगाया था।
    चार्ली ने नॉटिंघमशायर के खिलाफ यह तिहरा शतक जमाया था। डेनिस कॉम्पटन ने एमसीसी की ओर से खेलते हुए नॉर्थ ईस्टर्न ट्रांसवाल के खिलाफ 1948-49 में 181 मिनट में 300 रन बनाए थे लेकिन उनकी ओर से खेली गई गेंदों को उस समय गिना नहीं गया था। क्रिकेट में उस समय आठ गेंदों का ओवर होता था।
    अपनी रिकॉर्ड पारी के दौरान मरैस जब बल्लेबाजी के लिए पहुंचे तो उनकी टीम 82 रन पर चार विकेट गंवाकर मुश्किल में थी। मैच में उन्होंने 35 चौके और 13 छक्के जमाए। इस दौरान मरैस ने ब्रेडले विलियम्स (113नाबाद) के साथ नाबाद 428 रन की साझेदारी की। यह मैच बारिश से प्रभावित रहा और ड्रॉ समाप्त हुआ। यह जोरदार पारी खेलने के बाद मरैस ने कहा कि इस वर्ष में क्लब क्रिकेट खेलने के लिए देश से बाहर नहीं गया। मैंने अपनी खास चीजों में सुधार के लिए कड़ी मेहनत की। मुझे लगता है कि इसका अच्छा नतीजा मेरी बल्लेबाजी में देखने में मिला। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 30-Nov-2017
  • नई दिल्ली, 30 नवम्बर । सैखोम मीराबाई चानू ने वर्ल्ड  वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में रेकॉर्ड 194 किलोग्राम (85 किलो स्नैच और 109 किलो क्लीन एंड जर्क) का भार उठाते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह दूसरी भारतीय वेटलिफ्टर हैं। बाइस साल पहले कर्णम मल्लेश्वरी भारत की पहली वल्र्ड चैंपियन बनीं थीं। 
    अमरीका के अनाहिम में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप के 48 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लेते हुए 85 किलोग्राम से शुरुआत की और इसके बाद 109 किलोग्राम का भार उठाते हुए उन्होंने भारत की झोली में गोल्ड ला दिया। इससे पहले 1995 में कर्णम मल्लेश्वरी ने इस प्रतियोगिता में स्वर्ण जीता था।  
    रियो ओलिंपिक में जानू का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था। वह भारोत्तोलन प्रतियोगिता में महिलाओं के 48 किग्रा भार वर्ग के क्लीन एवं जर्क में अपने तीनों प्रयासों में नाकाम रहने के कारण ओवरऑल स्कोर में जगह बनाने में नाकाम रहीं थीं। लेकिन इस साल उन्होंने अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया है। सितंबर में ऑस्ट्रेलिया में हुए सीनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर उन्होंने अगले साल होने जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में जगह बना ली। (टाईम्स आफ इंडिया)

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Posted Date : 30-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि इस प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए सभी जिला मुख्यालयों में सिंथेटिक टेनिस कोर्ट का निर्माण किया जा रहा है. 
    रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि इस प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए सभी जिला मुख्यालयों में सिंथेटिक टेनिस कोर्ट का निर्माण किया जा रहा है. उन्होंने टेनिस अकादमी की स्थापना और टेनिस कोटरें के निर्माण के लिए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया. मुख्यमंत्री ने सोमवार को व्हीआईपी क्लब में गोंडवाना कप अखिल भारतीय टेनिस टूनार्मेंट का शुभारंभ किया. छत्तीसगढ़ राज्य टेनिस एसोसिएशन ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहयोग से 27 नवंबर से 2 दिसंबर तक इस टूनार्मेंट का आयोजन किया है.छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और देश प्रसिद्ध टेनिस खिलाड़ी यूकी भांबरी विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित थे. मुख्यमंत्री ने स्मृति चिन्ह और एक लाख रुपए का सम्मान भेंट कर यूकी भांबरी को सम्मानित किया.

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    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि, गोंडवाना कप अखिल भारतीय टेनिस टूनार्मेंट छत्तीसगढ़ का गौरवशाली टूनार्मेंट है. यदि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपना स्थान बनाने में सफल हो रहे हैं, तो इसमें 8 दशक पुराने इस टूनार्मेंट का भी महत्वपूर्ण योगदान है. उन्होंने इस टूनार्मेंट को पुन: प्रारंभ करने में छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त के योगदान का विशेष रुप से उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि, इस प्रतिष्ठित टूनार्मेंट में देश के लगभग सभी प्रमुख खिलाडियों ने हिस्सा लिया हैं. देश में टेनिस के प्रसिद्ध खिलाड़ी यूकी भांबरी उद्घाटन समारोह में उपस्थित हैं, उन्हें देखकर छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी के खिलाडियों को अच्छा प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी. 

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    उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी. पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त ने कहा कि, गोंडवाना अखिल भारतीय टेनिस टूनार्मेंट की गिनती देश के शीर्ष प्रतियोगिताओं में की जाती है. यह प्रदेश का सबसे पुराना टूर्नामेंट है, जो मुख्यमंत्री रमन सिंह के विशेष प्रयासों से वर्ष 2011 में पुन: प्रारंभ हुआ. उन्होंने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय खेलों के निकट भविष्य में आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि, इससे प्रदेश में अच्छी खेल अधोसंरचना और अच्छे खिलाड़ी तैयार होने में मदद मिलेगी. 

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Posted Date : 30-Nov-2017
  • रोहतक, 30 नवम्बर । वल्र्ड वूमन यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली हरियाणा की 6 मुक्केबाजों को बुधवार को रोहतक में सम्मानित किया गया। गुवाहाटी में हुई इस चैंपियनशिप में हरियाणा की 4 मुक्केबाजों ने गोल्ड व 2 मुक्केबाजों ने कांस्य पदक हासिल किया था। हरियाणा के कृषि एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने नैशनल बॉक्सिंग अकादमी में हुए एक समारोह में इन्हें सम्मानित किया और देसी गाय का खास इनाम देने की घोषणा की। 
    गुवाहाटी में विश्वभर के मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया था। इसमें भारत ने 7 पदक हासिल किए थे, जिसमें हरियाणा ने अकेले 6 पदक हासिल किए। नीतू ने 48 किलोग्राम, ज्योति गुलिया ने 51 किलोग्राम, साक्षी चौधरी ने 54 किलोग्राम व शशि चोपड़ा ने 57 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। अनुपमा ने 81 किलोग्राम व नेहा ने 81 किलोग्राम से अधिक में कांस्य पदक हासिल किया। 
    बुधवार को इन सभी 6 महिला मुक्केबाजों का स्वागत करने के लिए हरियाणा के कृषि एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ रोहतक पहुंचे। उन्होंने कहा कि महिला मुक्केबाजों ने भारत और हरियाणा का गौरव बढ़ाया है। समारोह के दौरान उन्होंने सभी पदक विजेता महिला मुक्केबाजों को एक-एक देसी गाय इनाम में देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गांवों में लगने वाले ग्राम गौरव पट्ट पर खिलाडिय़ों के नाम भी लिखे जाएंगे। इसके अलावा रोहतक में खेल पर आधारित फिल्मों का महोत्सव आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है। (नवभारत टाईम्स)

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Posted Date : 30-Nov-2017
  • नई दिल्ली, 30 नवम्बर। महान स्पिनर और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी ने कहा है कि विराट कोहली से उन्होंने बहुत कुछ सीखा है और आज के युवा उनसे काफी कुछ सीख सकते हैं। दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के पहले वार्षिक कॉनक्लेव में बेदी ने विराट का जिक्र करते हुए कहा, एक क्रिकेटर के तौर पर मैं अब भी सीख रहा हूं। पिछले तीन-चार वर्षों में मैंने जितनी बातें विराट कोहली से सीखीं हैं वह कल्पना से परे लगती हैं। मैदान पर किए गए उनके कुछ इशारों से मैं शायद सहमत नहीं हो सकता लेकिन जिस तरह की इंटेन्सिटी वह दिखाते हैं वह किसी भी अन्य जीवित भारतीय में नहीं दिखती। मैं उम्मीद करता हूं कि वह इसी तरह आगे बढ़ते जाएंगे।
    बेदी ने उन तमाम क्रिकेटर्स, जो कि इस खेल में आगे बढऩा चाहते हैं, से अपील करते हुए कहा, आज की पीढ़ी विराट से सीख सकती है। वह आपके बीच का ही एक लड़का है। उनके चार या छह हाथ नहीं हैं। वह साक्षात उदाहरण हैं आपके सामने। उन्होंने क्रिकेट को हमेशा अपने से आगे रखा है। आप इनसे सीखें। हम जब खेलते थे तो यह चीज हमने नवाब मंसूर अली खान पटौदी से सीखी थी। मैं गर्व महसूस करता हूं कि वह हमारे पहले कप्तान थे। आज ड्रेसिंग रूम की बात को अंदर ही रखने की परंपरा है। इस अच्छी परंपरा की नींव नवाब पटौदी ने रखी थी।
    अपने जमाने में फिरकी गेंदों से दुनिया भर के बल्लेबाजों के माथे पर बल लाने वाले बेदी ने कहा, आज पेशेवर होने को बैंक बैलेंस से जोड़ा जाता है। मैंने एक बार सर डॉन ब्रैडमैन से पूछा था कि आप पेशेवर क्रिकेटर क्यों नहीं बने। सर डॉन ने कहा कि मैं खेल से मिलने वाले मजे को खत्म नहीं करना चाहता। आप किसी भी फील्ड में जैसे ही पेशेवर बनते हैं तो आपके दिमाग में कुछ ना कुछ तुच्छ विचार आने लगते हैं। मैं वैसा नहीं करना चाहता। सर डॉन से एक बार पूछा गया कि आपको लोग किस तरह याद रखें, इसको एक शब्द में बयां करें। सर डॉन ने बगैर एक सेकंड गंवाए कहा कि लोग मुझे मेरी ईमानदारी के लिए याद रखें।
    इस वाकये को बयां करने के बाद बेदी ने विराट की ओर मुखातिब होकर कहा, आप भी अपने प्रति, अपनी टीम के प्रति और लाखों क्रिकेट प्रेमियों के प्रति सदा ईमानदारी बनाए रखिएगा। 
    बेदी ने मौजूदा दौर के स्टार क्रिकेटर्स की एक तरह से खिंचाई करते हुए कहा कि आज के बड़े क्रिकेटर्स घरेलू क्रिकेट नहीं खेलते। उन्होंने कहा कि रणजी ट्रोफी और दलीप ट्रोफी उस सीढ़ी की तरह हैं जिस पर चढ़कर सारे क्रिकेटर्स ऊपर तक पहुंचते हैं। मगर, बाद में वह उस सीढ़ी को भूल जाते हैं। उन्होंने अपील की कि तमाम क्रिकेटर्स, इंटरनैशनल क्रिकेट के साथ-साथ जब भी समय मिले घरेलू क्रिकेट भी खेलें। 
    बेदी ने भारत-पाकिस्तान रिश्तों में आई खटास और दोनों देशों के बीच थम गए क्रिकेट संबंधों का जिक्र किए बगैर कहा कि उनके दौर में क्रिकेट खेलने का मकसद अमन-प्रेम भी था। लोगों को खुशियां देना और दुश्मनों को दोस्त बनाना भी था। उन्होंने 70 के दशक के पाकिस्तान दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने वहां के एक अखबार में पढ़ा कि एक बच्चे को खून की सख्त जरूरत है। उस बच्चे से संपर्क करके उसे खून देने की अपनी मंशा बताई। ब्लड डोनेशन को उन दिनों अखबारों में खूब छापा गया। बेदी ने कहा, मैंने खून इसलिए नहीं दिया था कि मुझे खबर बनानी थी। मैं किसी की जरूरत को देखते हुए आगे बढ़ा था। जब काफी लोग वाहवाही करते हुए मेरे पास आने लगे तो मैंने कहा कि एक बोतल खून पर इतनी सुर्खियां बन रही हैं। मगर हम एक-दूसरे के खून के प्यासे क्यों हैं।
    इस मौके पर विराट कोहली को 50 इंटरनेशनल सेंचुरी बनाने पर डीडीसीए की ओर से एक विशेष ट्रोफी देकर सम्मानित किया गया। बिशन सिंह बेदी ने विराट को यह ट्रोफी दी। कार्यक्रम शुरू होने से काफी देर बाद पहुंचे विराट ने ट्रैफिक जाम को दोष देते हुए बेदी साहब के डिसिप्लिन का जिक्र किया और कहा, यह अवॉर्ड बेदी सर से पाकर मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं जब अंडर-15, अंडर-17 क्रिकेट खेलता था तब उनसे भागता रहता था, क्योंकि वह काफी कठिन ट्रेनिंग कराते थे। मगर आज मुझे फिटनेस का महत्व पता है और यह मेरे जीवन का अहम हिस्सा है। इसके लिए मैं बेदी सर को शुक्रिया कहना चाहूंगा।  (नवभारत टाईम्स)

     

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Posted Date : 29-Nov-2017
  • कोलोराडो, 29 नवम्बर । इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में 4 करोड़ से ज्यादा लोग मानव तस्करी से पीडि़त हैं।
    अमरीका की कोलोराडो की अदालत ने एक शख्स को 472 साल की जेल की सजा सुनाई है, 31 साल के ब्रॉक फ्रेंकलिन को बच्चों और महिलाओं को जिस्मफरोशी के लिए बेचने के अपराध सजा सुनाई है। अब वह अपनी पूरी जिंदगी जेल में ही बिताएगा। ब्रॉक फ्रेंकलिन का एक पूरा सर्कल था, जो इस काम को करता था उसने कई महिलाओं और लड़कियों को फेसबुक से भर्ती किया था। ब्रॉक फ्रेंकलिन पर चल रहे केस में उसे मानव तस्करी, यौन शोषण, बाल वेश्यावृति और अपहरण सहित 30 मामलों में दोषी पाया गया। 
    अभियोजन पक्ष ने कहा कि इतनी कड़ी सजा एक तरह से यह संदेश देने के लिए है कि अगर कोई भी ऐसा गुनाह करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोलोराडो अटॉर्नी जनरल के कार्यालय के एक प्रवक्ता जेनेट ड्रेक ने कहा कि यह सजा एक सख्त मैसेज देती है कि देश में इस तरह के किसी भी अपराध को सहन नहीं किया जाएगा। मानव तस्करी के लिए अमरीका के इतिहास में अब तक की यह सबसे लंबी सजा है।
    फ्रेंकलिन फेसबुक के जरिये महिलाओं व लड़कियों को भर्ती करता था। उन्हें ड्रग्स की लत लगाई जाती थी और फिर उनका सौदा कर दिया जाता था। एक पीडि़ता ने कहा कि वह बयां नहीं कर सकती कि उसके साथ क्या-क्या हुआ। वह चाहती है कि फ्रेंकलिन की जिंदगी का हर पल जेल की सलाखों के पीछे ही गुजरे।
    फ्रेंकलिन के इस गिरोह में सात लोग थे, जिनमें से चार को पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है। एंटी स्लैवरी ग्रुप पोलारिस ने कहा कि पिछले एक दशक में अमरीका में 22 हजार से ज्यादा सेक्स-ट्रेफिकिंग के मामले दर्ज हुए हैं। इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में 4 करोड़ से ज्यादा लोग मानव तस्करी से पीडि़त हैं। इनमें से करीब 40 लाख को जबरदस्ती देह व्यापार में धकेल दिया गया है।(जनसत्ता)

     

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Posted Date : 29-Nov-2017
  • नई दिल्ली, 29 नवम्बर । एक तरफ विराट एंड कंपनी ने श्रीलंका के खिलाफ धमाल मचा रखा है, तो दूसरी तरफ चल रहे रणजी ट्रॉफी सेशन में एक खिलाड़ी ने अपने बल्ले से तूफान मचाकर रख दिया है। महज 28 दिन के भीतर ही इस बल्लेबाज ने वह कर दिखाया है कि राष्ट्रीय चयन समिति की भी आंखें चौंधिया गईं। वास्तव में कर्नाटक के सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने ऐसा कारनामा किया है, जो हर दूसरे या तीसरे घरेलू सत्र में नहीं ही होता। बड़े से बड़े अंतरराष्ट्रीय दिग्गज क्रिकेटर भी वह नहीं कर सके, जो  मयंक ने इस जारी रणजी सेशन में कर दिखाया है। 
    मयंक अग्रवाल के एक इस तूफान की शुरुआत बहुत ही सामान्य हुई थी। गुजरे 14 अक्टूबर को असम के खिलाफ मयंक इस सेशन की अपनी पहली पारी में सिर्फ 31 रन ही बनाकर आउट हो गए थे। लेकिन इस पारी के करीब बीस दिन बाद ही मयंक ने महाराष्ट्र के खिलाफ बड़ा बम फोड़ डाला। मयंक पारी की शुरुआत करने उतरे और 304 रन बनाकर आखिर तक आउट नहीं हुए। तूफान अंगड़ाई ले चुका था। इस पारी के बाद मयंक के बल्ले से दे-दनादन रन बरसने शुरू हो गए। चाहे दिल्ली की टीम हो, या उत्तर प्रदेश, मयंक के बल्लेबाजों ने नामी-गिरामी टीमों के गेंदबाजों को भी अपने बल्ले की धमक अच्छी तरह सुनाई। 
    यह धमक थी एक नाबाद तिहरे शतक को मिलाकर पांच शतकों की। इनमें से तीन शतक पिछली तीन लगातार पारियों में आए हैं। इन शतकों की गूंज श्रीलंका के खिलाफ चल रही टेस्ट सीरीज के शोर के बीच राष्ट्रीय चयनकर्ताओं तक भी पहुंची। चयनकर्ताओं, भारतीय कप्तान विराट कोहली सहित पूरी टीम इंडिया तक मयंक अग्रवाल का बड़ा तूफान पहुंच गया। अब इस तूफान ने टीम इंडिया के बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे को भी टेंशन में डाल दिया है। अजिंक्य रहाणे रणजी ट्रॉफी के इतिहास में एक सेशन में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में सातवें नंबर पर हैं। रहाणे ने 2008-09 के सेशन में 1089 रन बनाए थे।
    वहीं, एक और पूर्व भारतीय क्रिकेटर एस श्रीराम ने साल  1999-2000 के सत्र में 1075 रन बनाए थे। लेकिन अब मयंक के बल्ले के तूफान इन दोनों के रिकॉर्डों पर पानी फेरने के लिए मंडरा रहा है। मयंक जारी सेशन में 6 मैचों में 133.00 के औसत से 1064 रन बना चुके हैं। अब जबकि कर्नाटक ने इस साल ग्रुप में शीर्ष पायदान के साथ क्वार्टरफाइनल में जगह पक्की कर ली है, तो मयंक के पास इन दोनों ही बल्लेबाजों का रिकॉर्ड तोडऩे का पूरा-पूरा मौका होगा। साथ ही एक और बड़ी पारी खेलकर सेलेक्टरों को यह भी बताने का अच्छा अवसर कि अगर खुदा न खास्ता कोई ओपनर चोटिल हो जाता है, तो वह टीम इंडिया के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
    अब देखने की बात यह होगी कि मयंक अग्रवाल क्वार्टरफाइनल मैच में श्रीराम और अजिंक्य रहाणे के रिकॉर्ड को तोड़ पाते हैं या नहीं। (एनडीटीवी)

     

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Posted Date : 29-Nov-2017
  • मुंबई, 29 नवम्बर । भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर वनडे मैचों में 10 नंबर की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरते थे। लेकिन अब टीम इंडिया का कोई भी खिलाड़ी इस नंबर की जर्सी में दिखाई नहीं देगा। बीसीसीआई ने खिलाडिय़ों की सहमति के बाद यह फैसला लिया है कि आगे से भारतीय क्रिकेट टीम के किसी खिलाड़ी को 10 नंबर की जर्सी नहीं दी जाएगी। हालांकि इसे अनौपचारिक फैसला बताया गया है।
    बीसीसीआई चाहता है कि 10 नंबर की जर्सी सिर्फ सचिन के नाम रहे और यह उनको खिलाडिय़ों और बोर्ड की ओर से दिए गए सम्मान का एक प्रतीक बना रहे। साल 2013 में सचिन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। उन्होंने आखिरी बार मार्च 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे मैच में 10 नंबर की जर्सी को पहना था। उसके बाद 5 साल तक किसी ने इस नंबर की जर्सी का इस्तेमाल नहीं किया।
    इसी साल अगस्त में जब श्रीलंका के खिलाफ तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर ने 10 नंबर की जर्सी पहनी तो खेलप्रेमियों ने उनका कड़ा विरोध किया गया। सोशल मीडिया पर ठाकुर को ट्रोल किया जाने लगा और उनपर सचिन बनने की कोशिश के आरोप भी लगाए गए।
    यही वजह है कि किसी तरह के विवाद से बचने बीसीसीआई की ओर से यह फैसला लिया गया है। क्योंकि विवाद से क्रिकेटर को भी आलोचना झेलने पड़ेगी और उसका प्रदर्शन भी प्रभावित हो सकता है। इसी के चलते अब 10 नंबर की जर्सी को रिटायर किया गया है। हालांकि इंडिया ए या फिर किसी घरेलू मैच में खिलाडिय़ों को 10 नंबर की जर्सी पहनने की छूट दी गई है लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कोई भी भारतीय अब 10 नंबर की जर्सी पहने  मैदान पर नहीं दिखेगा।
    सचिन की आईपीएल टीम मुंबई इंडियंस ने भी 2013 में सचिन के संन्यास के बाद 10 नंबर की जर्सी को अपनी टीम से रिटायर कर दिया था।(आज तक)

     

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Posted Date : 29-Nov-2017
  • भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना ने एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बारे में खुलासा किया. उन्होंने बताया कि धोनी कैमरे के सामने गुस्सा नहीं करते लेकिन कैमरा हटते ही वो डांटते हैं. रैना के इस खुलासे पर अब एम एस धोनी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा मैं मैदान पर ज्यादा मज़ाक नहीं करता, लेकिन ड्रेसिंग रूम में मैं काफी एन्जॉय करता हूं. मैं अपने आप को उस प्रकार से मैनेज कर लेता हूं, जिस प्रकार मैं सोचता हूं. धोनी बोले कि मैदान पर आप एक अगल ज़ोन में होते हैं.

    बता दें कि एक वेब सीरीज़ में सुरेश रैना ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की एक पुरानी बात का खुलासा करते हुए बताया है कि एक बार माही ने उनसे पाकिस्तान के बल्लेबाज उमर अकमल को स्लेजिंग करने के लिए कहा था.

    दरअसल, किस्सा यह था कि उस मैच में पाकिस्तानी टीम लक्ष्य का पीछा कर रही थी और अकमल क्रीज पर बल्लेबाजी कर रहे थे. तभी अकमल ने धोनी से शिकायत करते हुए कहा कि 'मैं उसे गालियां दे रहा हूं.

    रैना ने धोनी से कहा कि मैंने ऐसा कुछ नहीं किया है, तब धोनी ने मुझसे पूछा कि क्या हुआ. मैंने कहा कि मैं सिर्फ अकमल पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था. इसके बाद धोनी ने मुझसे कहा कि उसे और उकसाओ और दबाव डालो.

    धोनी के पास हमेशा तीन प्लान

    रैना ने बताया कि धोनी खेल को बहुत अच्छे से समझते हैं, उन्हें पता है कि आगे क्या होने वाला है और उसी हिसाब से वो अपनी रणनीति बनाते हैं. रैना ने कहा कि धोनी हमेशा मैदान पर तीन रणनीति के साथ जाते हैं, फिर चाहे वो फील्डिंग कर रहे हों, बैटिंग कर रहे हों, विकेटकीपिंग कर रहे हों या फिर कप्तानी कर रहे हों. (आजतक)

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Posted Date : 29-Nov-2017
  • गुवाहाटी में आयोजित AIBA विश्व महिला चैंपियन युवा बॉक्सिंग चैपिंयनशिप के आखिरी दिन अंकुशिता बोरो ने गोल्ड मेडल जीत हासिल किया. बोरो ने यह कीर्तिमान रच साबित कर दिया कि छोटे गांव से आने वाली लड़कियों को मौका मिले, तो वो कई मुकाम हासिल कर सकती हैं.

    मजदूरी कर परिवार पालता है ये खिलाड़ी, देता है युवाओं को ट्रेनिंग
    असम के शोणितपुर जिले के एक छोटे से गांव ठेलामारी की रहने वाली अंकुशिता ने उस खेल में अपना करियर बनाने के बारे में सोचा, जिसे आमतौर पर लड़कों का खेल माना जाता है. उन्होंने बचपन से ही बॉक्सिंग में करियर बनाने के बारे में सोचा. हालांकि शुरूआत में काफी मुश्किलें आईं, लेकिन उनकी जिद्द और बुलंद हौसले के आगे कठिनाईयों ने घुटने टेक दिए.

    पिता ने किया सपोर्ट...

    अंकुशिता ने एक इंटरव्यू में बताया कि किसी भी फील्ड में करियर बनाने के लिए परिवार का सपोर्ट होना सबसे ज्यादा जरूरी है. मैंने ऐसा खेल चुना, जिसे आमतौर पर समाज लड़कियों को खेलते हुए नहीं देखना चाहता. लेकिन मेरे पिताजी ने समाज की बातों को दरकिनार कर मुझे बॉक्सिंग में आगे आने में मदद की.

    जामिया के कुलपति को मिला लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

    बता दें कि उनके पिता प्राइवेट स्कूल में शिक्षक हैं और वेतन के नाम पर बहुत कम पैसे मिलते हैं और कई बार महीनों तक कुछ नहीं मिलता. ऐसी स्थिति में उनके लिए घर का खर्च चलाना ही मुश्किल था. ऐसी स्थिति में अंकुशिता को जब बॉक्सिंग से जुड़े सामान की जरूरत होती थी, तो वह कुछ मांगने की हिम्मत नहीं कर पाती थी.

    शुरुआती संघर्ष...

    अंकुशिता का बॉक्सिंग में शुरुआती सफर काफी मुश्किलों भरा रहा उन्होंने बताया कि आर्थिक स्थिति को सुधारने में हमारी मदद दादाजी ने की. बाद में मेरे एक भइया मुझे गोलाघाट स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) में ले गए और वहां मेरा सलेक्शन हो गया.

    2012 में शुरू की बॉक्सिंग

    अंकुशिता ने बॉक्सिंग की शुरुआत साल 2012 में की. उन्होंने बताया जब नया बॉक्सिंग फेडरेशन बना तो नई दिल्ली में खेले गए पहले युवा नेशनल चैम्पियनशिप में मैंने ब्रांज मेडल जीता था. यहीं से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा.

    मजदूरी कर परिवार पालता है ये खिलाड़ी, देता है युवाओं को ट्रेनिंग

    अंकुशिता ने 27 नवंबर, 2017 को गुवाहाटी में खेले गए  AIBA  विश्व महिला चैंपियन युवा बॉक्सिंग चैपिंयनशिप में (64 किलोग्राम) के फाइनल में रूस की डाइनिक एकाटेरिना को हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया है. इतना ही नही इस चैम्पियनशिप में अंकुशिता बोडो ने सर्वश्रेष्ठ बॉक्सर का खिताब भी अपने नाम किया.

    बता दें कि AIBA विश्व महिला चैंपियन युवा बॉक्सिंग चैपिंयनशिप के आखिरी दिन में 1 या 2 नहीं बल्कि 5 गोल्ड मेडल जीत कर इतिहास भारत की बेटियों ने इतिहास रच दिया. जिसमें अंकुशिता बोरो के अलावा नीतू, ज्योति गुलिया, साक्षी चौधरी और शशि चोपड़ा शामिल हैं.  (आजतक)

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Posted Date : 28-Nov-2017
  • नागपुर, 28 नबम्बर : श्री लंका के खिलाफ वनडे सीरीज से आराम दिए जाने के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली का टी20 सीरीज में खेलना भी तय नहीं है और वह टीम प्रबंधन और चयन समिति से इस हफ्ते सलाह मशविरा करने के बाद अपने प्रतिनिधित्व पर फैसला करेंगे। 
    चयन मामलों की जानकारी रखने वाले बीसीसीआई के एक अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, विराट ने चयनकर्ताओं से कहा है कि उन्हें यह फैसला करने के लिए कुछ समय चाहिए कि वह टी20 में खेलेंगे या नहीं। यही कारण है कि उन्होंने टी20 टीम की घोषणा नहीं की है। उन्होंने कहा, '12 दिसंबर तक विराट की कुछ निजी प्रतिबद्धताएं हैं। इसके बाद वह आराम करना चाहेंगे या टी20 खेलेंगे, यह पूरी तरह से उनका फैसला होगा।' श्री लंका के खिलाफ तीन टी20 मैच 20, 22 और 24 दिसंबर को क्रमश: कटक, इंदौर और विशाखापत्तनम में खेले जाएंगे। 

    राष्ट्रीय चयन समिति और मुख्य कोच रवि शास्त्री तथा कोहली की मौजूदगी वाला टीम प्रबंधन इस हफ्ते नई दिल्ली में साउथ अफ्रीका में टेस्ट मैचों के लिए टीम के चयन के दौरान इस मुद्दे पर फैसला करेगा। यह भी पता चला है कि तैयारी के लिए समय की कमी को लेकर कोहली की चिंता के बाद फैसला किया जाएगा कि कुछ टेस्ट विशेषज्ञों को साउथ अफ्रीका के हालात से सामंजस्य बैठाने के लिए वहां जल्दी भेजा जा सकता है या नहीं। 

    चयनसमिति की बैठक के दौरान साउथ अफ्रीका दौरे की तैयारी को लेकर विस्तृत चर्चा हो सकती है। तमिलनाडु और सौराष्ट्र के रणजी ट्रोफी नॉकआउट में जगह नहीं बनाने से मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा जैसे टेस्ट विशेषज्ञों को दिल्ली में श्री लंका के खिलाफ टेस्ट मैच के बाद कोई और मैच खेलने को नहीं मिलेगा। 

    अधिकारी ने कहा, कुछ लोगों का मानना है कि हमें कुछ 2010 के साउथ अफ्रीका दौरे की तरह करना चाहिए जब कुछ बल्लेबाज बाकी खिलाड़ियों से 10 दिन पहले वहां चले गए थे और डरबन में गैरी कर्स्टन अकादमी में ट्रेनिंग की थी। भारत ने तब साउथ अफ्रीका में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सीरीज 1-1 से बराबर की थी। उन्होंने कहा, 'यह उस तरह है जैसा इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया ने किया था जब टेस्ट विशेषज्ञ जल्दी भारत आ गए थे जबकि नई खिलाड़ियों से सजी टी20 टीम श्री लंका के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में खेली थी।' ये कुछ मुद्दे हैं जिन पर चयनकर्ता और टीम प्रबंधन बात कर सकते हैं। (भाषा)

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Posted Date : 28-Nov-2017
  • नई दिल्ली, 28 नवम्बर। टेस्ट क्रिकेट में 300 विकेट सबसे तेजी से पूरा करने वाले गेंदबाज बने आर अश्विन को बधाई देते हुए महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने कहा कि इस समय वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्पिन गेंदबाज है। अश्विन ने श्रीलंका के खिलाफ नागपुर में दूसरे टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलिया के डेनिस लिली का रिकॉर्ड तोड़कर 54 टेस्ट में 300 विकेट पूरे किए। लिली ने 1981 में 56 टेस्ट में यह आंकड़ा छुआ था। श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन ने 58 टेस्ट में 300 विकेट पूरे किए थे, लेकिन वह सबसे तेजी से 400, 500, 600 और 700 टेस्ट विकेट तक पहुंचे और 800 टेस्ट विकेट लेने वाले दुनिया के इकलौते गेंदबाज हैं ।
    मुरलीधरन ने एक इंटरव्यू में कहा, मैं अश्विन को बधाई देना चाहता हूं । टेस्ट क्रिकेट में 300 विकेट लेना बड़ी उपलब्धि है। वह वनडे टीम में नहीं हैं, लेकिन उम्मीद है कि भारत के लिए वनडे क्रिकेट भी लगातार खेलकर उसमें भी इस प्रदर्शन को दोहरायेगा। अश्विन ने 54 टेस्ट में 300 और 111 वनडे में 150 विकेट लिए हैं। मुरलीधरन ने कहा, निश्चित तौर पर इस समय वह दुनिया का सर्वश्रेष्ठ स्पिनर है। यह पूछने पर कि क्या उन्हें लगता है कि वह उनका रिकॉर्ड तोड़ सकेगा, मुरलीधरन ने कहा कि अभी उसके सामने लंबा करियर है और वह कई रिकॉर्ड बनाएगा। उन्होंने कहा, वह अभी 31-32 साल का ही है और कम से कम चार पांच साल और खेलेगा। वैसे यह इस पर भी निर्भर होगा कि वह कैसा प्रदर्शन करता है और फिटनेस का स्तर क्या रहता है। यह समय ही बतायेगा क्योंकि 35 साल के बाद बहुत आसान नहीं होता।
    भारत और श्रीलंका के बीच अत्यधिक क्रिकेट के बारे में पूछने पर मुरलीधरन ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि दोनों एशियाई प्रतिद्वंद्वियों में अधिक द्विपक्षीय श्रृंखलाएं हो रही हैं। कुछ समय पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा था कि इस बारे में तय करने का फैसला दर्शकों पर छोड़ देना चाहिए क्योंकि खेल से दर्शकों को भागने से बचाना होगा। मुरलीधरन ने मजाकिया लहजे में कहा, हमने लंबे समय से एक दूसरे के खिलाफ खेला नहीं था। विराट हर मैच जीतकर शायद बोर हो गया है, इसलिए उसने ऐसा कहा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारतीय टीम एक जमाने में अपराजेय हुई ऑस्ट्रेलियाई टीम की तरह होती जा रही है।
    मुरलीधरन ने कहा कि श्रीलंकाई क्रिकेट के मौजूदा स्तर को देखकर वह काफी परेशान हैं। उन्होंने कहा, 2-3 साल पहले ही खतरे की घंटी बज गई थी। आप कुछ मैच हारते हैं, लेकिन यह टीम लगातार हार ही रही है जो चिंता का सबब है। इसके अलावा युवा खिलाड़ी नहीं मिल रहे और उनमें देश के लिए उस तरह खेलने का जज्बा नहीं है, जो पिछले दौर के खिलाडिय़ों में हुआ करता था।  (भाषा)

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Posted Date : 27-Nov-2017
  • नागपुर, 27 नवंबर : श्रीलंका के खिलाफ सोमवार को दूसरे टेस्ट मैच में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले दिग्गज गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन ने अपने करियर के 300 टेस्ट विकेट भी पूरे किए. अश्विन ने कहा है कि वह इस आंकड़े को 'डबल' करना चाहते हैं.

    विदर्भ क्रिकेट संघ स्टेडियम में सोमवार को खेले गए मैच में अश्विन सबसे तेजी से करियर के 300 विकेट पूरे करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं. अश्विन ने 54वें टेस्ट मैच में यह आंकड़ा छुआ है.

    इस सूची में अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज डेनिस लिली को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया है. अश्विन ने 54 टेस्ट मैचों में 300 विकेट पूरे किए हैं, वहीं लिली ने 56 टेस्ट मैचों में 300 विकेट पूरे करने का रिकॉर्ड बनाया था.

    अश्विन ने कहा, 'मैं उम्मीद कर रहा हूं कि 300 विकेट की इस उपलब्धि को मैं 600 विकेट में तब्दील कर सकूं. मैंने अभी केवल 54 टेस्ट मैच ही खेले हैं. स्पिन गेंदबाजी उतनी आसान नहीं है, जितनी यह नजर आती है.'

    दूसरे टेस्ट से पहले अश्विन को 300 विकेट पूरे करने के लिए आठ विकेट और लेने थे, जो उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में हासिल किए.

    भारतीय टीम ने विदर्भ क्रिकेट संघ स्टेडियम में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में श्रीलंका को एक पारी और 239 रनों से हरा दिया. इस टेस्ट मैच में अश्विन ने कुल आठ विकेट लिए और 300 विकेट पूरे करने की उपलब्धि भी हासिल की.

    केवल इतना ही नहीं. अश्विन ने सबसे तेजी से 300 विकेट पूरे करने वाले भारतीय गेंदबाजों की सूची में अनिल कुंबले को पछाड़ा है. कुंबले ने 66 मैचों में 300 विकेट लिए थे, जो अश्विन ने 54 मैचों में हासिल किए हैं.

    अश्विन ने कहा, 'इसमें काफी मेहनत लगती है. मैंने और रवींद्र जड़ेजा ने काफी गेंदबाजी की थी. टीम की ओर से हाल ही में मिले ब्रेक से हमें श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के लिए तरोताजा होने में काफी मदद मिली. (aajtak)

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Posted Date : 27-Nov-2017
  • नई दिल्ली,  27 नवंबर: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टेस्‍ट और तीन वनडे मैचों के लिए भारतीय टीम घोषित कर दी है. पिछले कुछ समय से खेलने के चलते विराट कोहली को वनडे सीरीज से आराम दिया गया है. विराट की गैरमौजूदगी में ओपनर रोहित शर्मा वनडे में टीम की कप्‍तानी करेंगे. वनडे सीरीज के लिए विराट को आराम देने के साथ ही तेज गेंदबाज सिद्धार्थ कौल को नए चेहरे के रूप में टीम में स्‍थान दिया गया है. मुंबई के बल्‍लेबाज श्रेयस अय्यर और सिद्धार्थ टीम में दो नए चेहरे हैं. मनीष पांडे, केदार जाधव और दिनेश कार्तिक भी टीम में स्‍थान बनाने में सफल रहे हैं. टेस्‍ट टीम में कोई बदलाव नहीं किय गया है. शिखर धवन के स्‍थान के स्‍थान पर टेस्‍ट टीम में शामिल किए गए तमिलनाडु के हरफनमौला विजय शंकर को भी टीम में बनाए रखा गया है. 

    वनडे सीरीज के लिए टीम: रोहित शर्मा (कप्‍तान), शिखर धवन, अजिंक्‍य रहाणे, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, केदार जाधव, दिनेश कार्तिक, एमएस धोनी (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्‍वर कुमार और सिद्धार्थ कौल.

    तीसरे टेस्‍ट के लिए टीम: विराट कोहली (कप्‍तान), मुरली विजय, केएल राहुल, शिखर धवन, चेतेश्‍वर पुजारा, अजिंक्‍य रहाणे, रोहित शर्मा, ऋद्धिमान साहा, आर. अश्विन, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मोहम्‍मद शमी, उमेश यादव, ईशांत शर्मा और विजय शंकर. (ndtv)

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Posted Date : 27-Nov-2017
  • अश्विन के टेस्ट क्रिकेट  में 300 विकेट पूरे
    नागपुर, 27 नवंबर। नागपुर टेस्ट में टीम इंडिया ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों ही क्षेत्रों में मेहमान श्रीलंका की जमकर खबर लेते हुए पारी  के अंतर से जीत हासिल की है। मैच के चौथे दिन मेहमान टीम आज अपनी दूसरी पारी में 49.3 ओवर में 166  रन पर आउट हो गई। मैच में उसे एक पारी और 239 रन के अंतर से हार झेलनी पड़ी। भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के आगे श्रीलंका टीम लगातार विकेट गंवाती रही। कप्तान दिनेश चंदीमल (61) ही कुछ संघर्ष कर सके। मैच के चौथे दिन, आज पहले सेशन में ही मेहमान टीम के आठ विकेट गिर गए थे और उसकी हार तय हो चुकी थी। श्रीलंका टीम पहली पारी में 205 रन बनाकर आउट हुई थी जिसके जवाब में भारतीय टीम ने पहली पारी छह विकेट पर 610 रन बनाकर घोषित की थी। पहली पारी के आधार पर विराट कोहली की टीम को 405 रन की विशाल बढ़त हासिल हुई थी।
    अश्विन और विराट कोहली के लिए यह मैच एक विशेष उपलब्धि वाला साबित हुआ। उन्होंने लाहिरु गमागे को बोल्ड कर सबसे तेजी से टेस्ट क्रिकेट में 300 विकेट लेने वाले बॉलर बनने की उपलब्धि हासिल की। अश्विन का यह 54वां टेस्ट है। कप्तान विराट कोहली ने भी भारत की पहली पारी में अपना पांचवां दोहरा शतक जमाते हुए कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा दोहरे शतक जमाने के वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा के रिकॉर्ड की बराबरी की। कोहली को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया।
    चौथे दिन भारत की गेंदबाजी की शुरुआत आर अश्विन ने की। यह ओवर मेडन रहा। दिन के दूसरे ओवर की पहली ही गेंद पर करुणारत्ने ने ईशांत शर्मा को चौका लगाकर टीम के लिए पहला स्कोरिंग शॉट लगाया।अश्विन के अगले ओवर में तिरिमाने ने चौका जमाया। टीम इंडिया को दिन के पहले विकेट के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा। पारी के 16वें ओवर में रवींद्र जडेजा यह कामयाबी लेकर आए जब उन्होंने दिमुथ करुणारत्ने (18रन, 45 गेंद, तीन चौके) को विजय के हाथों कैच करा दिया। विजय ने फारवर्ड शॉर्टलेग पर यह कैच बेहतरीन तरीके से लपका। श्रीलंका का दूसरा विकेट 34 रन के स्कोर पर गिरा। पारी के 20वें ओवर में मैथ्यूज ने जडेजा को छक्का लगाते हुए अपना खाता खोला। भारतीय टीम के लिए तीसरी सफलता तेज गेंदबाज उमेश यादव ने हासिल की। उन्होंने अच्छी बैटिंग कर रहे लाहिरु तिरिमाने (23 रन, 62 गेंद, तीन चौके) को बैकवर्ड प्वाइंट पर रवींद्र जडेजा के हाथों कैच करा दिया। श्रीलंका का चौथा विकेट एंजेलो मैथ्यूज के रूप में गिरा, जिन्हें रवींद्र जडेजा ने अपना शिकार बनाया। मैथ्यूज (10रन, 32 गेंद, एक छक्का) का कैच रोहित शर्मा ने पकड़ा।
    श्रीलंका का कोई बल्लेबाज विकेट पर रुककर संघर्ष करने की इच्छाशक्ति नहीं दिखा पाया। पांचवां विकेट विकेटकीपर बल्लेबाज निरोशन डिककेला (4रन, 12 गेंद) के रूप में गिरा जिन्हें ईशांत शर्मा ने दूसरे स्लिप में विराट कोहली के हाथों झिलवाया। डिकेवला की जगह पर आए शनाका ने अश्विन की गेंद पर दो छक्?के लगाए लेकिन ज्यादा देर नहीं टिके। उनका विकेट अश्विन के ही खाते में गया। शनाका का 17 रन के स्कोर पर कैच राहुल ने लपका। श्रीलंका टीम को इसके बाद दिलरुवान परेरा (0) और रंगना हेराथ (0)के विकेट गंवाने पड़े। शनाका, परेरा और हेराथ को आउट करते हुए अश्विन ने अपने टेस्ट विकेटों की संख्या 299 तक पहुंचा ली। लंच के समय श्रीलंका का स्कोर 8 विकेट पर 145 रन था और भारतीय टीम जीत से महज दो विकेट दूर थी।
    परेरा ने लुटाए  202 रन
     भारत और श्रीलंका के खिलाफ चल रहे तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच में विराट कोहली ने पहली पारी में दोहरा शतक लगाया। इस मैच में सिर्फ कप्तान कोहली ने बल्कि श्रीलंकाई खिलाड़ी ने भी डबल सेंचुरी जड़ी है। लेकिन ऐसा करने वाले श्रीलंकाई बल्लेबाज नहीं, बल्कि गेंदबाज दिलरुवान परेरा हैं। भारत ने पहली पारी में 6 विकेट के नुकसान पर 610 रन पर पारी घोषित की। जिसमें परेरा ने अकेले 202 रन लुटाएं। उन्होंने 45 ओवर में तीन विकेट लेकर दोहरा शतक यानी 200 से अधिक रन दिए।
     स्पिनर गेंदबाज दिलरुवान ने डबल सेंचुरी जडऩे वाले कप्तान विराट कोहली का विकेट लिया। उन्होंने रहाणे और अश्विन का भी विकेट लिया। भारत के खिलाफ पहली पारी में दिलरुवान ने सबसे अधिक ओवर भी किए, जिस वजह से सबसे अधिक रन भी लुटाएं। 
    दिलरुवान श्रीलंका के लिए एक और रिकॉर्ड बनाने से चूक गए। यदि वह एक विकेट और ले लेते तो वह श्रीलंका की ओर से सबसे तेज 100 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बन जाते। उन्होंने अभी तक 24 टेस्ट मैच खेले हैं। जिसमें 44 इनिंग में कुल 99 विकेट ले चुके हैं। दिलरुवान ने 5 विकेट 5 बार और एक बार 10 विकेट झटका है। उन्होंने अपना बेस्ट 70 रन देकर 6 विकेट लिया है।  (एनडीटीवी)

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सिर्फ विराट कोहली ने ही नहीं, इस श्रीलंकाई खिलाड़ी ने भी लगाई 'डबल सेंचुरी' नई दिल्ली, 27 नवम्बर : भारत और श्रीलंका के खिलाफ चल रहे तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच में विराट कोहली ने पहली पारी में दोहरा शतक लगाया. इस मैच में सिर्फ कप्तान कोहली ने बल्कि श्रीलंकाई खिलाड़ी ने भी डबल सेंचुरी जड़ी है. लेकिन ऐसा करने वाले श्रीलंकाई बल्लेबाज नहीं, बल्कि गेंदबाज दिलरुवान परेरा हैं. भारत ने पहली पारी में 6 विकेट के नुकसान पर 610 रन पर पारी घोषित की. जिसमें परेरा ने अकेले 202 रन लुटाएं. उन्होंने 45 ओवर में तीन विकेट लेकर 'दोहरा शतक' यानी 200 से अधिक रन दिए. बता दें कि स्पिनर गेंदबाज दिलरुवान ने डबल सेंचुरी जड़ने वाले कप्तान विराट कोहली का विकेट लिया. उन्होंने रहाणे और अश्विन का भी विकेट लिया. भारत के खिलाफ पहली पारी में दिलरुवान ने सबसे अधिक ओवर भी किए, जिस वजह से सबसे अधिक रन भी लुटाएं. दिलरुवान श्रीलंका के लिए एक और रिकॉर्ड बनाने से चूक गए. यदि वह एक विकेट और ले लेते तो वह श्रीलंका की ओर से सबसे तेज 100 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बन जाते. उन्होंने अभी तक 24 टेस्ट मैच खेले हैं

Posted Date : 27-Nov-2017
  • नई दिल्ली, 27 नवम्बर : भारत और श्रीलंका के खिलाफ चल रहे तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच में विराट कोहली ने पहली पारी में दोहरा शतक लगाया. इस मैच में सिर्फ कप्तान कोहली ने बल्कि श्रीलंकाई खिलाड़ी ने भी डबल सेंचुरी जड़ी है. लेकिन ऐसा करने वाले श्रीलंकाई बल्लेबाज नहीं, बल्कि गेंदबाज दिलरुवान परेरा हैं. भारत ने पहली पारी में 6 विकेट के नुकसान पर 610 रन पर पारी घोषित की. जिसमें परेरा ने अकेले 202 रन लुटाएं. उन्होंने 45 ओवर में तीन विकेट लेकर 'दोहरा शतक' यानी 200 से अधिक रन दिए.

    बता दें कि स्पिनर गेंदबाज दिलरुवान ने डबल सेंचुरी जड़ने वाले कप्तान विराट कोहली का विकेट लिया. उन्होंने रहाणे और अश्विन का भी विकेट लिया. भारत के खिलाफ पहली पारी में दिलरुवान ने सबसे अधिक ओवर भी किए, जिस वजह से सबसे अधिक रन भी लुटाएं. 

    दिलरुवान श्रीलंका के लिए एक और रिकॉर्ड बनाने से चूक गए. यदि वह एक विकेट और ले लेते तो वह श्रीलंका की ओर से सबसे तेज 100 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बन जाते. उन्होंने अभी तक 24 टेस्ट मैच खेले हैं. जिसमें 44 इनिंग में कुल 99 विकेट ले चुके हैं. दिलरुवान ने 5 विकेट 5 बार और एक बार 10 विकेट झटका है. उन्होंने अपना बेस्ट 70 रन देकर 6 विकेट लिया है.

    फिलहाल श्रीलंका और भारत का दूसरा टेस्ट मैच अभी जारी है. भारत ने श्रीलंका के ऊपर 405 रनों की बढ़त बनाई है. चौथे और पांचवें दिन का मैच अभी बचा हुआ है. यदि भारत श्रीलंका को 405 रनों के भीतर ऑल आउट कर लेता है तो टीम इंडिया पारी से मैच जीतने में सफल होगा. (ndtv)

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Posted Date : 26-Nov-2017
  • नागपुर, 26 नवंबर : भारतीय कप्तान विराट कोहली जब भी मैदान पर उतरते हैं, क्रिकेटप्रेमी रिकॉर्डबुक खंगालने लगते हैं कि अब वो कौन-सा नया कीर्तिमान रचने जा रहे हैं.

    भारत और श्रीलंका के बीच नागपुर में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन विराट ने अपने करियर का पांचवां दोहरा शतक पूरा किया.
    विराट 213 रन बनाकर आउट हुए. अपनी मैराथन पारी में उन्होंने 267 गेंदों का सामना किया जिसमें 17 चौके और 2 छक्के शामिल रहे.
    कप्तान के रूप में पांच दोहरे टेस्ट शतक लगाने वाले विराट दूसरे बल्लेबाज़ बन गए हैं. उन्होंने इस मामले में वेस्टइंडीज़ के पूर्व कप्तान ब्रायन लारा की बराबरी की है. विराट ने सिरीज़ के पहले मैच में भी शतक जड़ा था.
    पॉन्टिंग को छोड़ा पीछे
    अपना 62वां टेस्ट मैच खेल रहे विराट के नाम 19 शतक दर्ज हो चुके हैं. साल 2017 में विराट का यह चौथा टेस्ट शतक है. साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट को मिलाने पर साल 2017 में यह उनका 10वां शतक है.
    इस तरह वो इस साल बतौर कप्तान सबसे ज़्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज़ बन गए हैं. उनके पीछे 9 शतकों के साथ ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पॉन्टिंग हैं.
    पॉन्टिंग ने लगातार दो साल 2005 और 2006 में कप्तान के रूप में नौ-नौ शतक लगाए थे. वहीं दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ ने भी साल 2005 में 9 ही शतक लगाए थे.
    गावस्कर का रिकॉर्ड हुआ धराशाई
    टेस्ट कप्तान के रूप में विराट का यह 12वां शतक है. इस तरह भारतीय कप्तानों में वे सबसे ज़्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज़ बन गए हैं.
    विराट ने सुनील गावस्कर को पीछे छोड़ा. गावस्कर ने 47 टेस्ट मैचों में कप्तानी की जिसमें 11 शतक लगाए, वहीं विराट का कप्तान के रूप में यह 31वां ही टेस्ट मैच है.
    वनडे मैचों में सबसे अधिक शतक लगाने वाले कप्तान बनने से भी विराट सिर्फ़ एक कदम की दूरी पर हैं. वनडे में भारत की तरफ से कप्तान के रूप में सबसे अधिक शतक लगाने का रिकॉर्ड सौरव गांगुली के नाम है. गांगुली के नाम 11 शतक दर्ज हैं, वहीं विराट अभी तक कप्तान के रूप में 10 वनडे शतक जड़ चुके हैं.
    ब्रैडमेन भी हो गए पीछे
    क्रिकेट की दुनिया के सबसे दिग्गज बल्लेबाज कहे जाने वाले सर डॉन ब्रैडमेन को भी विराट ने कप्तानी के मामले में पीछे छोड़ दिया है.
    वे अपने अर्धशतकों को जिस रफ्तार से शतकों में तब्दील करते हैं उस लिहाज़ से वे सबसे बेहतरीन कप्तान बन चुके हैं.
    टेस्ट मैचों में विराट ने अभी तक 16 बार 50 का आंकड़ा पार किया है और इसमें से 12 बार उन्होंने अर्धशतक को शतक में तब्दील किया.
    इस तरह 10 से अधिक मैचों में कप्तानी करते हुए अर्धशतक को शतक में बदलने के मामले में विराट का औसत सबसे बेहतरीन है. उनका औसत 75 प्रतिशत है.
    वहीं इस मामले में ब्रैडमेन ने 21 बार 50 का आंकड़ा छुआ जिसे वे 14 बार शतक में तब्दील करने में कामयाब रहे और उनका औसत 67 प्रतिशत है. ऑस्ट्रेलिया के एक और पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क का औसत भी इतना ही है.
    610 रन पर घोषित की पारी
    नागपुर टेस्ट मैच के तीसरे दिन भारत ने अपनी पारी 6 विकेट के नुकसान पर 610 रन बनाकर घोषित की. भारत ने पहली पारी के आधार पर 405 रनों की बड़ी बढ़त हासिल की है.
    जवाब में श्रीलंका की दूसरी पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसे शून्य के स्कोर पर ही पहला झटका लगा. ईशांत शर्मा ने समरविक्रमा को बोल्ड किया. दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने एक विकेट के नुकसान पर 21 रन बना लिए थे. करुणारत्ने 11 रन और थिरिमाने 9 रन बनाकर नाबाद रहे.
    इससे पहले रविवार को भारत अपने दूसरे दिन के स्कोर 312/2 रन से आगे खेलने उतरा, चेतेश्वर पुजारा और विराट ने तीसरे विकेट के लिए 183 रनों की साझेदारी निभाई, पुजारा 143 रन बनाकर आउट हुए.
    उसके बाद बल्लेबाजी करने उतरे अजिंक्य रहाणे कुछ खास नहीं कर सके और महज 2 रन बनाकर आउट हो गए.
    विराट को दूसरे छोर से रोहित शर्मा का बेहतरीन साथ मिला. दोनों ने मिलकर तेज़ी से बल्लेबाज़ी करते हुए टीम इंडिया का स्कोर 500 के पार कर दिया. विराट जब आउट हुए तब तक दोनों बल्लेबाज़ पांचवें विकेट के लिए 173 रन जोड़ चुके थे.
    रोहित का भी शतक
    रोहित ने भी अपना शतक पूरा किया, उन्होंने 160 गेंदों में 102 रनों की नाबाद पारी खेली. इस मैच में भारत की तरफ से कुल चार शतक लगे. मुरली विजय (128), चेतेश्वर पुजारा (143), विराट कोहली (213) और रोहित शर्मा (102 नाबाद).
    लगभग सात साल बाद ऐसा हुआ है जब किसी टेस्ट मैच की एक पारी में चार भारतीय बल्लेबाज़ों ने शतक जमाए. इससे पहले 2010 में दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ भारतीय टीम ने यह कारनामा किया था वहीं साल 2007 में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ खेले गए मीरपुर टेस्ट में भी चार भारतीय बल्लेबाज़ों ने शतक जमाए थे.
    भारत और श्रीलंका के बीच कोलकाता में खेला गया पहला मैच ड्रॉ रहा था. (BBC)

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Posted Date : 26-Nov-2017
  • पहली पारी में श्रीलंका टीम 205 रन बनाकर आउट हुई थी
    नागपुर, 26 नवंबर: कप्‍तान विराट कोहली के दोहरे शतक के सहारे टीम इंडिया ने नागपुर टेस्‍ट में विशाल स्‍कोर खड़ा करते हुए जीत की ओर कदम बढ़ा दिए है. श्रीलंका की ओर से पहली पारी में बनाए गए 205 रनों के जवाब में विराट कोहली की टीम ने पहली पारी मैच के तीसरे दिन छह विकेट पर 610 रन के विशाल स्‍कोर पर घोषित की. भारत के चार बल्‍लेबाजों ने मैच में शतक जमाए. मैच के दूसरे दिन कल मुरली विजय और चेतेश्‍वर पुजारा ने शतक जमाए थे. आज बारी विराट कोहली और रोहित शर्मा की थी. विजय ने 128, चेतेश्‍वर पुजारा ने 143, विराट कोहली ने 213 और रोहित शर्मा ने नाबाद 102  रनों की पारी खेली. टीम इंडिया ने मेहमान टीम पर 405 रन की बढ़त हासिल की है. भारतीय बल्‍लेबाजों के इस जबर्दस्‍त प्रदर्शन के आगे श्रीलंकाई गेंदबाज असहाय साबित हुए. श्रीलंका टीम के सामने फिलहाल बड़ी चुनौती पारी की हार टालने की है.

    श्रीलंका की ओर से तीसरे दिन का पहला ओवर लाहिरु गमागे ने फेंका जो मेडन रहा. दूसरे छोर से स्पिनर रंगना हेराथ आक्रमण पर आए. पारी के 101वें ओवर में विराट कोहली ने गमागे की गेंद पर दिन का पहला चौका जमाया. शुरुआती छह ओवर में टीम इंडिया के खाते में सभी रन विराट कोहली के बल्‍ले से आए. पारी के 113वें ओवर में कोहली ने तेज गेंदबाज सुरंगा लकमल को दो चौके जमाते हुए टीम का स्‍कोर 350 रन के पार पहुंचा दिया. इस ओवर में 12 रन बने. तेजीक से रन बनाते हुए विराट ने जल्‍द ही टेस्‍ट करियर का 19वां शतक पूरा किया. इसके लिए उन्‍होंने 130 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके जमाए. मैच के तीसरे दिन भारतीय टीम का पहला विकेट चेतेश्‍वर पुजारा (143रन, 362 गेंद, 14 चौके) के रूप में गिरा जिन्‍हें तेज गेंदबाज दासुन शनाका ने बोल्‍ड किया. पुजारा ने विराट कोहली के साथ तीसरे विकेट के लिए 183 रन की साझेदारी की. इससे पहले मुरली विजय और चेतेश्‍वर पुजारा ने पहले विकेट के लिए 209 रन जोड़े थे. लंच के समय टीम इंडिया का स्‍कोर तीन विकेट खोकर 404 रन था.

    अजिंक्‍य रहाणे का बल्‍ले से नाकामी का दौर नागपुर टेस्‍ट में भी जारी रहा. लंच के बाद वे चौथे विकेट के रूप में आउट हुए. दो रन के निजी स्‍कोर पर उन्‍हें स्पिनर दिलरुवान परेरा ने करुणारत्‍ने से कैच कराया. नए बल्‍लेबाज रोहित शर्मा ने इसी ओवर में चौका लगाते हुए अपना खाता खोला. मैच में भारतीय गेंदबाजों के विपरीत श्रीलंका के स्पिनर रंगहीन नजर आए. टीम के स्‍टार स्पिनर रंगना हेराथ भी भारतीय बल्‍लेबाजों को छकाने में नाकाम साबित हो रहे थे. रहाणे के आउट होने के बाद बैटिंग के लिए आए रोहित शर्मा ने विराट के साथ भारतीय स्‍कोर तेजी से बढ़ाया. विराट कोहली के 150 रन 193 गेंदों पर 14 चौकों और एक छक्‍के की मदद से पूरे हुए. भारतीय टीम के 500 रन 152.2 ओवर में पूरे हुए. इसी दौरान रोहित शर्मा का अर्धशतक 98 गेंदों पर पांच चौकों और एक छक्‍के की मदद से बना.तीसरे दिन चाय के समय टीम इंडिया की पहली पारी का स्‍कोर 157 ओवर में चार विकेट पर 507 रन था.

    चाय के बाद भी कोहली और रोहित की शानदार बल्‍लेबाजी जारी रही. विराट तेजी से बैटिंग करते हुए अपने दोहरे शतक की ओर बढ़ रहे थे.टीम इंडिया के स्‍कोर में जुड़ रहा हर रन, विपक्षी श्रीलंका टीम की मुसीबतें बढ़ाता जा रहा था. इसी दौरान रोहित शर्मा का अर्धशतक 98 गेंदों पर पांच चौकों और एक छक्‍के की मदद से बना. विराट कोहली ने अपने करियर का पांचवां दोहरा शतक 259 गेंदों पर 15 चौकों और दो छक्‍कों की मदद से पूरा किया.कोहली आखिरकार 213 रन बनाकर आउट हुए. उन्‍हे स्पिन गेंदबाज दिलरुवान परेरा की गेंद पर लाहिरु तिरिमाने ने कैच किया. अपनी आकर्षक पारी के दौरान विराट ने 267 गेंदों का सामना करते हुए 17 चौके और दो छक्‍के लगाए.

    टीम इंडिया का छठा विकेट आर. अश्विन (5रन, 14 गेंद ) के रूप में गिरा, जिन्‍हें दिलरुवान परेरा ने बोल्‍ड किया. रोहित शर्मा के टेस्‍ट करियर का तीसरा शतक पूरा होते ही कप्‍तान विराट कोहली ने छह विकेट पर 610 रन के स्‍कोर पर पारी घोषित कर दी. रोहित शर्मा  102 रन (160 गेंद, आठ चौके, एक छक्‍का) और ऋद्धिमान साहा 1 रन बनाकर नाबाद रहे. श्रीलंका के लिए दिलरुवान परेरा ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए. लाहिरु गमागे, रंगना हेराथ और दासुन शनाका को एक-एक विकेट मिला. पहले टेस्‍ट में श्रीलंका के सर्वश्रेष्‍ठ गेंदबाज साबित हुए सुरंगा लकमल को एक भी विकेट हासिल नहीं हुआ.

    मैच के दूसरे दिन भारत के लिए चेतेश्‍वर पुजारा और मुरली विजय ने शतकीय पारियां खेलीं. पुजारा 121 रन बनाकर नाबाद थे. दूसरे दिन श्रीलंका के गेंदबाज संघर्ष करते नजर आए. शनिवार को भारत का एकमात्र विकेट मुरली विजय के रूप में गिरा जिन्‍होंने 128 रन की बेहतरीन पारी खेली. विजय ने पुजारा के साथ दूसरे विकेट के लिए 209 रन की बेहतरीन पारी खेली और भारत की स्थिति मजबूत करने में अहम योगदान दिया.

     मैच के प्रारंभिक दिन भारत की पारी की शुरुआत केएल राहुल और मुरली विजय की जोड़ी ने की. सुरंगा लकमल की पहली ही गेंद पर राहुल ने चौका जमा दिया. पहले ओवर में 5 रन बने. पारी के चौथे ओवर में भारतीय टीम को केएल राहुल (7 रन, 13 गेंद, एक चौका) का विकेट गंवाना पड़ा. उन्‍हें तेज गेंदबाज लाहिरु गमागे ने बोल्‍ड किया. विजय और पुजारा ने इसके बाद खेल समाप्ति तक स्‍कोर एक विकेट पर 11 रन तक पहुंचा दिया था,

    विकेट पतन: 7-1 (राहुल, 3.5), 216-2 (विजय, 75.3), 399-3 (पुजारा, 124.5), 410-4 (रहाणे, 129.4), ,583-5 (कोहली, 169.5)

    श्रीलंका की टीम ने पहली पारी में 205 रन बनाए थे. टीम की ओर से कप्‍तान दिनेश चंदीमल और ओपनर दिमुथ करुणारत्‍ने ने हाफसेंचुरी बनाई थी, लेकिन अन्‍य बल्‍लेबाज भारत के गेंदबाजों का विश्‍वास के साथ कामना करने में नाकामयाब रहे थे. भारत की ओर से ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सर्वाधिक चार विकेट लिए थे.रवींद्र जडेजा और ईशांत शर्मा के खाते में तीन-तीन विकेट आए. (ndtv)

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Posted Date : 25-Nov-2017
  • नई दिल्ली, 25 नवम्बर। भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने हॉन्ग कॉन्ग ओपन सुपर सीरीज के महिला एकल के फाइनल में जगह बना ली है। शनिवार को हॉन्ग कॉन्ग में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने थाईलैंड की छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी रताचनोक इंतानन को सीधे गेम्स में हरा दिया। 43 मिनट चले इस मुकाबले में सिंधु ने इंतानन को 21-17, 21-17 से हराया। यह लगातार दूसरा साल है जब सिंधु इस प्रतिष्ठित टूर्नमेंट के फाइनल में जगह बनाने में कामयाब हुईं हैं। 
    रविवार को खेले जाने वाले फाइनल में उनका मुकाबला दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी ताई जू इंग (चीनी ताइपे) से होगा जिन्होंने सेमीफाइनल में कोरिया की सुंग जी ह्यू्न को 21-9, 18-21, 21-7 से हराया था। 
    बीते साल भी फाइनल में सिंधु का मुकाबला ताई जू इंग से हुआ था। उस मैच में जू इंग सिंधु के मुकाबले इक्कीस साबित हुईं थीं। उन्होंने सिंधु को 21-17, 21-15 से हराकर खिताब अपने नाम किया था। 
    सेमीफाइनल में सिंधु ने शुरुआत में ही तीन अंकों की बढ़त हासिल कर ली थी। उन्होंने ब्रेक तक इस बढ़त को कम नहीं होने दिया और 11-7 से आगे रहीं। सिंधु ने इसके बाद अपने स्ट्रोक्स और खेल में और तेजी लाते हुए स्कोर को 14-7 तक पहुंचा दिया। सिंधु जब 20-13 की बढ़त के साथ गेम जीतने के करीब थीं तब इंतानन ने लगातार चार अंक जीतकर वापसी की कोशिश की। उनका यह प्रयास हालांकि सिंधु को 21-17 से पहला गेम जीतने से रोक नहीं पाया। 
    दूसरे गेम में इंतानन का खेल बेहतर नजर आया। दोनों खिलाड़ियों के बीच इस गेम में कड़ा मुकबला देखने को मिला। इंतानन ने शुरुआत में 6-5 की बढ़त बना ली थी लेकिन सिंधु ने संयम नहीं खोया और लगातार छह अंक हासिल कर ब्रेक तक 11-6 से आगे हो गईं। इसके बाद भी इंतानन ने हार नहीं मानी और वह अंतर को कम करने की कोशिश में लगी रहीं। सिंधु जब 18-14 से आगे थीं तब इंतानन ने लगातार दो अंक जीते और स्कोर को 16-18 कर दिया। आखिरकार सिंधु ने दूसरा गेम भी 21-17 से अपने नाम कर लिया। (नवभारतटाइम्स)

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Posted Date : 25-Nov-2017
  • दूसरे दिन टीम इंडिया का स्‍कोर दो विकेट पर 312 रन

    मुरली विजय ने 128 रन बनाए, पुजारा 121 रन बनाकर हैं नाबाद

    पहली पारी में श्रीलंका टीम 205 रन बनाकर आउट हुई थी

    नागपुर,  25 नवम्बर: टीम इंडिया ने नागपुर टेस्‍ट में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. श्रीलंका की ओर से पहली पारी में बनाए गए 205 रन के जवाब में विराट ब्रिगेड ने मैच के दूसरे दिन स्‍टंप्‍स के समय दो विकेट खोकर 312 रन बना लिए थे. मुरली विजय (128) और चेतेश्‍वर पुजारा (नाबाद 121) ने आज शतकीय पारियां खेलीं. इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 209 रन की साझेदारी की. दूसरे दिन का खेल समाप्‍त होते समय चेतेश्‍वर पुजारा के साथ कप्‍तान विराट कोहली 54 रन बनाकर नाबाद थे. टीम इंडिया की बढ़त 107 रन की हो चुकी है. मैच का दूसरा दिन पूरी तरह टीम इंडिया के नाम रहा. श्रीलंकाई गेंदबाज केवल एक विकेट हासिल कर पाए. कोलकाता में हुआ पहला टेस्‍ट मैच रोमांचक उतार-चढ़ाव के बाद ड्रॉ समाप्‍त हुआ था.

    मैच का दूसरा दिन मुरली विजय और चेतेश्‍वर पुजारा के नाम रहा
    दूसरे दिन का पहला ओवर श्रीलंका के सुरंगा लकमल ने फेंका जिसकी पहली ही गेंद पर मुरली विजय ने चौका जमा दिए. इस ओवर में पांच रन बने. विकेट से तेज गेंदबाजों को कोई खास मदद नहीं मिलते देखते कप्‍तान दिनेश चंदीमल पारी के 14वें ओवर में ही स्पिन गेंदबाज रंगना हेराथ को आक्रमण पर लेकर आए, इस ओवर में पुजारा ने चौका जमाया. टीम इंडिया के 50 रन  26.2 ओवर में पूरे हुए. जल्‍द ही मुरली विजय ने शनाका की गेंद पर चौका लगाकर टेस्‍ट करियर का 16वां अर्धशतक पूरा किया. इस दौरान उन्‍होंने 112 गेंदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए. लंच के समय टीम इंडिया का स्‍कोर एक विकेट खोकर 97 रन था. दूसरे दिन का पहला सेशन भारतीय टीम के नाम रहा. इस दौरान टीम ने कोई विकेट नहीं गंवाया.

    लंच के बाद इन दोनों बल्‍लेबाजों के बीच शतकीय साझेदारी पूरी हुई.साझेदारी के आगे बढ़ने से श्रीलंका के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही थीं. इसी दौरान चेतेश्‍वर पुजारा ने करियर का 17वां अर्धशतक पूरा किया. उन्‍होंने इस दौरान 145 गेंदों का सामना करते हुए 7 चौके लगाए. दूसरे छोर पर उनके साथ जमकर बल्‍लेबाजी करते हुए विजय शतक की ओर मजबूती से बढ़ रहे थे. स्पिनर दिलरुवान परेरा के ओवर में सिंगल लेते हुए मुरली विजय ने टेस्‍ट करियर का 10वां शतक पूरा किया. उन्‍होंने इसके लिए 187 गेंदों का सामना करते हुए 9 चौके और एक छक्‍का जमाया.चाय के समय टीम इंडिया की पहली पारी का स्‍कोर एक विकेट पर 185 रन था.

    चायकाल के बाद जल्‍द ही भारतीय टीम ने अपना स्‍कोर 200 के पार पहुंचा दिया. भारतीय टीम के 200 रन 417 गेंदों पर पूरे हुए. भारतीय टीम को दूसरे दिन का पहला झटका मुरली विजय (128 रन, 221 गेंद, 11चौके, एक छक्‍का) के रूप में गिरा जिन्‍हें रंगना हेराथ ने दिलरुवान परेरा से कैच कराया. विजय और पुजारा के बीच दूसरे विकेट के लिए 209 रन की साझेदारी हुई. पुजारा का शतक 246 गेंदों पर 11 चौकों की मदद से पूरा हुआ. यह उनके टेस्‍ट करियर का 14वां सैकड़ा रहा. विजय के स्‍थान पर बैटिंग के लिए आए कप्‍तान विराट कोहली ने भी जोरदार बल्‍लेबाजी की और महज 66 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से अर्धशतक पूरा किया. दूसरे दिन स्‍टंप्‍स के समय पुजारा 121 और कोहली 54 रन बनाकर विकेट पर थे. श्रीलंका टीम आज केवल एक विकेट ले पाई. यह विकेट रंगना हेराथ के खाते में गया.

    इससे पहले, मैच के प्रारंभिक दिन भारत की पारी की शुरुआत केएल राहुल और मुरली विजय की जोड़ी ने की. सुरंगा लकमल की पहली ही गेंद पर राहुल ने चौका जमा दिया. पहले ओवर में 5 रन बने. पारी के चौथे ओवर में भारतीय टीम को केएल राहुल (7 रन, 13 गेंद, एक चौका) का विकेट गंवाना पड़ा. उन्‍हें तेज गेंदबाज लाहिरु गमागे ने बोल्‍ड किया. विजय और पुजारा ने इसके बाद खेल समाप्ति तक स्‍कोर 11 रन तक पहुंचा दिया था,

    विकेट पतन: 7-1 (राहुल, 3.5), 216-2 (विजय, 75.3)

    श्रीलंका की टीम ने पहले अपनी पारी में 205 रन बनाए थे. टीम की ओर से कप्‍तान दिनेश चंदीमल और ओपनर दिमुथ करुणारत्‍ने ने हाफसेंचुरी बनाई थी, लेकिन अन्‍य बल्‍लेबाज भारत के गेंदबाजों का विश्‍वास के साथ कामना करने में नाकामयाब रहे थे. भारत की ओर से ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सर्वाधिक चार विकेट लिए थे.रवींद्र जडेजा और ईशांत शर्मा के खाते में तीन-तीन विकेट आए.

    मैच के लिए भारतीय टीम ने अपनी प्‍लेइंग इलेवन में तीन बदलाव किए . मांसपेशियों में खिंचाव के कारण शमी मैच में नहीं खेल रहे हैं. उनकी जगह ईशांत शर्मा टीम में हैं. भुवनेश्‍वर कुमार के स्‍थान पर रोहित शर्मा और शिखर धवन के स्‍थान पर मुरली विजय को टीम में जगह मिली है.

    दोनों टीमें इस प्रकार हैं....
    भारत: विराट कोहली ( कप्तान), केएल राहुल, मुरली विजय, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, ऋद्धिमान साहा, रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, उमेश यादव, ईशांत शर्मा.

    श्रीलंका: दिनेश चंदीमल ( कप्तान ), सदीरा समरविक्रमा, दिमुश करुणारत्‍ने, लाहिरु तिरिमाने, एंजेलो मैथ्‍यूज, निरोशन डिकवेला, दासुन शनाका, दिलरुवान परेरा, रंगना हेराथ, सुरंगा लकमल, लाहिरु गमागे. (ndtv)

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