राष्ट्रीय

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  • नई दिल्ली, 23 सितंबर। फिल्म निर्माता करीम मोरानी ने दुष्कर्म मामले में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मोरानी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्हें आत्मसमर्पण करना पड़ा। पुलिस ने शनिवार को बताया कि उन्होंने आधीरात के समय शहर के बाहरी इलाके में स्थित हयातनगर पुलिस थाने में आत्मसमर्पण किया। करीम मोरानी को शनिवार को अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
    2014 में एक युवती ने करीम मोरानी के खिलाफ रेप का मामला दर्ज करवाया था, 5 सितंबर 2017 को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका रद्द कर दी थी और 22 सितंबर को सरेंडर करने के आदेश दिए थे। वहीं निचली अदालत ने भी पहले उन्हें अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन 14 मार्च 2017 को इसे रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा था कि अर्जी के वक्त मोरानी ने ये तथ्य कोर्ट को नहीं बताया था कि वह 2जी घोटाले में भी आरोपी हैं और जेल में रह चुके हैं।
    दरअसल-2014 में बॉलीवुड के मशहूर प्रोड्यूसर मोरानी के खिलाफ हैदराबाद में रेप का मामला दर्ज हुआ था। दिल्ली की रहने वाली 25 साल की एक महिला ने यह केस दर्ज करवाया है। महिला का आरोप है कि पिछले 2 साल में कई बार मोरानी ने उसका रेप किया और धमकी दी कि अगर वह पुलिस के पास गई तो वह उसकी न्यूड तस्वीरों को सर्कुलेट कर देंगे।
    पीडि़त महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि दिसंबर 2014 में अपनी एक दोस्त की शादी में उसकी मोरानी से मुलाकात हुई थी। मेहंदी और संगीत समेत शादी के बाकी फंक्शन्स में शामिल होने के लिए वह दो दिन तक वहीं रही। करीम मोरनी दुल्हन के चाचा लगते हैं और वह भी शादी के कार्यक्रम में दोनों दिन आए थे।
    महिला का आरोप है कि इस घटना के बाद लगातार कई बार मोरानी ने ब्लैकमेल करने की धमकी देकर उसका शारीरिक शोषण किया। जून 2016 में उसने उसे हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में एक फिल्म शूट के लिए बुलाया। वहां जिस होटल में वह रुकी थी वहां फिर से मोरानी ने उसका शोषण किया और इस तरह यह शारीरिक शोषण दिसंबर 2016 तक जारी रहा।  (एनडीटीवी)

     

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  • नई दिल्ली, 23 सितंबर । नोएडा में कार सवार दो व्यक्तियों ने एक युवती का अपहरण कर चलती कार में उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पीडि़ता को दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के पास छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि पीडि़ता सेक्टर-36 में रहती है और एक बीपीओ में काम करती है। शाम करीब 7 बजे वह गोल्फकोर्स मेट्रो स्टेशन के पास कैब का इंतजार कर रही थी। तभी कार में सवार दो युवकों ने युवती से रास्ता पूछा, वह जैसी ही रास्ता बताने लगी, कार में पीछे बैठे एक आरोपी ने युवती को कार में जबरन खींच लिया।
    पुलिस बताया कि दोनों बदमाश युवती को लेकर नोएडा एक्सप्रेस-वे के रास्ते यमुना एक्सप्रेस-वे की तरफ चले गए। दोनों ने उसके साथ कार में ही सामूहिक बलात्कार किया। अभिनंदन ने बताया कि युवती ने विरोध किया तो दोनों ने उसे जमकर पीटा।
    पुलिस बताया कि दोनों आरोपी युवती को गंभीर हालत में दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के पास सड़क पर छोड़कर फरार हो गए। युवती ने दिल्ली पुलिस को घटना की सूचना दी। दिल्ली पुलिस उसे लेकर नोएडा आई। उन्होंने बताया कि पीडि़ता ने घटना की रिपोर्ट थाना सेक्टर-39 में दर्ज करायी है। इस घटना के बाद से पीडि़ता सदमे है।  (भाषा)

     

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  • नई दिल्ली, 23 सितंबर। भारत में विज्ञान और तकनीक के शोध छात्रों का पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत में कम से कम दो साल कम करना अनिवार्य हो सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 'प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोÓ नाम की एक योजना के तहत शोध छात्रों को मिलने वाला वजीफा तीन गुना बढ़ा दिया जाएगा, लेकिन इसके बदले उन्हें दो साल तक भारत में रहकर ही काम करना होगा। इस सुझाव पर अकादमिक क्षेत्र में बहस शुरू हो गई है।
    इस स्कीम के तहत पहली बार बीटेक स्नातकों को पीएचडी कोर्स में सीधे दाखिले की अनुमति होगी। बीएस, एमएस और एमटेक पास करनेवाले छात्र भी इसके दायरे में आएंगे। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएस) बेंगलुरु से डॉक्टरेट डिग्री के कोर्स के लिए करीब दो हजार उम्मीदवारों को फेलोशिप दी जाएगी। लेकिन, अगर कोई उम्मीदवार पांच साल के पीएचडी प्रोग्राम को बीच में ही छोड़ता है तो उसे सारा पैसा वापस देना पड़ सकता है। पांच साल के हिसाब से यह पैसा 55 लाख रुपये तक हो सकता है। पुणे के आम्र्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज को छोड़कर भारत में किसी और शैक्षिक संस्थान या प्रोग्राम में इस तरह की शर्तें नहीं लगाई जातीं।
    एमबीबीएस स्नातकों के ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने के लिए उन पर मेडिकल कॉलेजों के अनिवार्य रोक लगाने के प्रयास अब तक असफल रहे हैं। इस प्रस्तावित योजना पर भी अकादमिक जगत की राय बंटी हुई है। आईआईटी दिल्ली के एक वरिष्ठ प्रोफेसर सरकार के दो साल की पाबंदी वाले इस नए प्रस्ताव का यह कहते हुए विरोध करते हैं कि आईआईटी संस्थान अपने डॉक्टरेट उम्मीदवारों को विदेश जाकर शोध करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उनका कहना है, भारत में दो साल काम करना अनिवार्य करने से वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम नहीं कर पाएंगे। एक बार नौकरी में लगने के बाद शायद संस्थान उन्हें मुक्त ना करे। उनका यह भी कहना है कि लोगों को उनके करियर से जुड़े फैसले खुद लेने का अधिकार होना चाहिए, और इस तरह का बॉन्ड होनहार स्टूडेंट को फेलोशिप लेने के प्रति हतोत्साहित करेगा।
    लेकिन कई इस योजना का समर्थन करते हैं। दिल्ली विवि में दर्शनशास्त्र के प्रो.केशव कुमार तो यहां तक कहते हैं कि छात्रों के काम के लिए दो साल भी काफी नहीं हैं। वे कहते हैं, अगर एक छात्र करदाता के दिए पैसे से शोध करता है तो उससे उम्मीद की जाती है कि वह देश की सेवा करे। दो साल बहुत कम हैं। यह वक्त कम से कम पांच साल होना चाहिए।
    आईआईटी और आईआईएस संस्थानों के अलावा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी (एनआईटी) और इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च के छात्र भी इस स्कीम के तहत अप्लाई कर सकते हैं। स्कीम के तहत एक बीटेक स्नातक को पहले दो वर्षों के लिए हर महीने 70 हजार रुपये बतौर फेलोशिप मिलेंगे। तीसरे साल के लिए यह रकम 75 हजार रुपये प्रति महीना हो जाएगी। आखिरी दो वर्षों में स्टूडेंट को 80 हजार की फेलोशिप हर महीने मिलेगी। इसके अतिरिक्त, स्कॉलर अपने अनुसंधान के लिए दो लाख रुपये तक की राशि बतौर अनुदान ले सकता है। अगर इस स्कीम को स्वीकृति मिलती है तो अगले अकादमिक वर्ष से इसे लागू कर दिया जाएगा।  (टेलीग्राफ)

     

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  • नई दिल्ली, 23 सितंबर। बंगाल में मुहर्रम के दिन (एक अक्टूबर) को दुर्गा मूर्ति विसर्जन पर कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा रोक हटाने के बाद भी विवाद थमता नहीं दिख रहा है। शुक्रवार को ममता बनर्जी सरकार ने कहा है कि दुर्गा पूजा कमेटी को एक अक्टूबर के दिन मूर्ति विसर्जन करने के लिए पुलिस से इजाजत लेनी होगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में इस पर फैसला लिया। इस बैठक के बाद राज्य के गृह सचिव ए भट्टाचार्य ने बताया कि जहां विसर्जन और मुहर्रम को लेकर जहां समस्या होगी, वहां इसकी इजाजत नहीं दी जाएगी। उधर, भाजपा नेता एस बसु ने अखबार को बताया कि यदि राज्य सरकार विसर्जन की अनुमति नहीं देती है तो वे उनके खिलाफ न्यायिक अवमानना का मामला दर्ज करेंगे।(इंडियन एक्सप्रेस)

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  • नई दिल्ली, 23 सितंबर। अदालत से रेप के मामले में दोषी करार दिए गए सच्चा डेरा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की कथित बेटी हनीप्रीत को लेकर विवाद थमता नहीं दिखा रहा है।
    राम रहीम के जेल जाने के बाद से हनीप्रीत फरार है और पुलिस उन्हें खोज रही है। शुक्रवार को हनीप्रीत के पूर्व पति विश्वास गुप्ता ने मीडिया के सामने कई सनसनीखेज दावे किए हैं। विश्वास ने गुरमीत राम रहीम सिंह और हनीप्रीत के संबंधों को लेकर कई बातें कहीं। विश्वास ने कहा कि राम रहीम हनीप्रीत के साथ बेटी नहीं बल्कि बीवी की तरह व्यवहार करता था। विश्वास ने यहां तक दावा किया हनीप्रीत को उन्होंने राम रहीम के साथ सेक्स करते हुए अपनी आंखों से देखा है।
    विश्वास ने कहा कि राम रहीम मुझे गुफे के बाहर बैठा देता था। हनीप्रीत और बाबा की उम्र में 13 साल का फर्क है जबकि बेटी के रूप में गोद लेने के लिए उम्र का अंतर 21 साल होना चाहिए। बाबा ने गोद लेने की घोषणा कर मुझे बाहर बैठा दिया और हनीप्रीत को गुफा में ले गया। उसने मुझसे पूछा कि बेटी और बाप रात में साथ रह सकते हैं न? मैंने कहा कि हां, ठीक है। डेरे के लोगों से राम रहीम ने मुझे दामाद बताकर वहां से भेज दिया।
    विश्वास ने कहा कि राम रहीम ने लोगों की आंखों में धूल झोंकी है। मीडिया से बातचीत करते हुए विश्वास गुप्ता ने कहा कि उनका परिवार डेरा के काफी करीब था। विश्वास ने कहा कि 1999 में मेरी शादी हनीप्रीत से हुई थी। मैंने शादी से पहले हनीप्रीत को देखा तक नहीं था। मैं गुरमीत राम रहीम सिंह को लंबे समय से जानता था।
    मीडिया से बातचीत में विश्वास ने कहा कि मैंने दोनों को नंगे देखा। राम रहीम हनीप्रीत को बेटी और मुझे दामाद बताता था। गुफा में ऊपर एक कमरा हुआ करता था। अब जो गुफा बनी है वो बिल्कुल नई है। बाबा हर वक्त अपनी गाड़ी में एक हथियार रखता है। मेरे ऊपर फर्जी दहेज का केस कर दिया गया था। डेरे के इतने फॉलोवर्स हैं कि डर लगता है। मुझे जान से मारने की धमकी दी गई। मुझे गुफा के बाहर सुलाता था और हनीप्रीत को गुफे में बिस्तर पर ले जाता था। मुझे कहा जाता था कि हनीप्रीत बाबा की सेवा में है।
    विश्वास गुप्ता ने कहा कि राम रहीम भले जेल में बंद है, लोकिन वो अब भी बहुत ताकतवर है। वो बहुत जहरीला आदमी है। राम रहीम सिंह की जो वास्तविक पत्नी हैं वो बेहद शरीफ हैं। वो हनीप्रीत को लेकर सब कुछ जानती थीं। राम रहीम को रेप मामले में कोर्ट ने 20 साल जेल की सजा दी है।
    राम रहीम सिंह के खिलाफ पहली बार मामला 2002 में आया था। एक महिला अनुयायी ने गुमनाम पत्र लिखकर राम रहीम पर रेप का आरोप लगाया था। यह पत्र तत्तकालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को संबोधित करते हुए लिखा गया था। उन्होंने अपने पत्र में दावा किया था कि राम रहीम ने उनके साथ लगातार तीन वर्षों तक रेप किया था।
    राम रहीम ने हनीप्रीत को 2009 में गोद लिया था। हनीप्रीत का वास्तविक नाम प्रियंका तनेजा था। विश्वास गुप्ता और प्रियंका की शादी 2009 में हुई थी। दोनों की शादी से डेरा प्रमुख राम रहीम सिंह भी अवगत थे क्योंकि विश्वास गुप्ता का परिवार डेरे से जुड़ा हुआ था।
    विश्वास ने 2011 में तलाक के लिए आवेदन दिया था। खबरों के मुताबिक गुप्ता बाबा राम रहीम सिंह से संबंधों के कारण ही तलाक देने का फैसला किया था।  (बीबीसी)

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  • नई दिल्ली, 23 सितंबर। राहुल गांधी विदेश दौरे पर होते हैं तो भारतीय मीडिया की निगाह उन पर लगातार बनी रहती है। और इस बार तो वहां दिए गए उनके भाषण देश में काफी चर्चा का विषय बन रहे हैं।
    इन भाषणों में वो कांग्रेस की खामियां तो गिना ही रहे हैं, साथ ही नरेंद्र मोदी सरकार पर करारा हमला कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर वो खुद अपनी तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं और साथ ही उनके साथी नेता भी इसका ब्यौरा दे रहे हैं।
    लेकिन इस दौरे की एक तस्वीर खास तौर पर चर्चा का विषय बन रही है। ये तस्वीर ना तो राहुल गांधी ने पोस्ट की है और ना ही उनके किसी साथी नेता ने। ये तस्वीर 14 सितंबर को इंस्टाग्राम और ट्विटर पर पोस्ट की है एक महिला ने।
    इस तस्वीर में राहुल गांधी और ये महिला मुस्कुराते दिख रहे हैं। पोस्ट करने वाली महिला का नाम नतालिया रामोस। नतालिया ने ट्विटर पर तस्वीर के साथ लिखा है कि पिछली रात वाक्पटु और जानकार राहुल गांधी के साथ....
    नतालिया ने इंस्टाग्राम पर भी ये तस्वीर डाली और वहां इसके साथ लिखा कि पिछली रात वाक्पटु और जानकार राहुल गांधी के साथ। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों और नजरियों से आए बेहतरीन सोच वाले लोगों से मिलकर मुझे बेहद खुशी हुई। उन्होंने आगे लिखा कि खुले दिमाग और खुले दिल के साथ ही हम इस दुनिया को बेहतर जगह बना सकते हैं। मेरा दिमाग खोलने के लिए शुक्रिया। उन्होंने ये बातें एक थिंक टैंक द्वारा आयोजित कार्यक्रम में राहुल से मुलाकात के बाद लिखी हैं।
    सोशल मीडिया पर ये तस्वीर वायरल हो रही है और लोगों की दिलचस्पी ये जानने में बढ़ती जा रही है कि ये महिला है कौन? नतालिया का पूरा नाम है नतालिया नोरा रामोस कोहेन। वो दरअसल स्पेनिश-ऑस्ट्रेलियाई अभिनेत्री हैं और अब उनके पास अमरीका की नागरिकता भी है।
    साल 2007 में फिल्म यास्मिन और साल 2013 में आई दल डैम्ड के लिए उन्हें खास तौर पर याद किया जाता है। नतालिया का जन्म साल 1992 में स्पेन के मैड्रिड शहर में हुआ था। उनकी मां ऑस्ट्रेलिया से हैं और पिता स्पेनिश पॉप सिंगर जुआन कार्लोस रामोस वकेरो हैं जिन्हें इवान नाम से जाना जाता है। वो जब दो साल की थी तब ऑस्ट्रेलिया पहुंची और बाद में मियामी पहुंचीं, जहां उनकी परवरिश हुई। साल 2016 में उन्होंने अमरीकी नागरिकता ले ली। (बीबीसी)

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  • भुवनेश्वर, 23 सितंबर। भुवनेश्वर के नंदनकानन चिडिय़ाघर में शुक्रवार को एक व्यक्ति ने ऐसा तमाशा किया कि वहां कार्यरत कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पांव ढीले हो गए। यदि सुरक्षाकर्मी तुरंत सक्रिय न होते तो इस जू में हादसा हो जाता। यह व्यक्ति बाघों के बाड़े में कूद गया था।  
    बालिकुडा का रहने वाला प्रकाश पाणी इस बाड़े की 20 फुट ऊंची बाड़ पर चढ़ गया और बाघों की मांद में कूद गया। उस वक्त वहां दो बाघ थे। प्रकाश के बाड़े में कूदने पर कोहराम मच गया।  
    चिडिय़ाघर के अधिकारियों ने बताया कि यह घटना होने पर सुरक्षा गार्ड तुरंत सक्रिय हो गए। उन्होंने तुरंत बाघों को उनके पिंजरे में भगा दिया और प्रकाश पाणी को बाहर निकाल लिया। उन्होंने बताया कि प्रकाश को बाद में पुलिस को सौंप दिया गया।
     यदि सुरक्षाकर्मी तुरंत बाघों को न भगाते तो वे प्रकाश पर हमला कर सकते थे। (एनडीटीवी)

     

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  • वाराणसी, 23 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दो दिवसीय दौरे पर हैं। यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि चारों ओर जनसैलाब नजर आ रहा है। मैं धूप में खड़े लोगों से क्षमा चाहता हूं। पीएम ने कहा कि मैं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को बहुत बधाई देता हूं कि जो उन्होंने पशुधन आरोग्य मेले की शुरुआत की। यहां 1700 पशु अलग-अलग जगह से आए हैं। इस मेले से हमारे किसान को फायदा होगा।
     विपक्ष पर प्रहार करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वोट बैंक के लिए काम करना कुछ लोगों का स्वभाव है, लेकिन हमारे लिए दल से बड़ा देश है। अब तक पशुधन के लिए काम नहीं किया गया था। पशुपालन और दूध उत्पादन से नई आर्थिक क्रांति का जन्म होगा। साल 2022 में देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होंगे सो आजादी के दीवानों का सपना पूरा करने का संकल्प लें और 5 साल में संकल्प सिद्ध करें। साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का संकल्प है।
    उन्होंने कहा कि कोई भी गरीब अपने बच्चे को गरीबी की जिंदगी नहीं देना चाहता। पीएम ने  कहा कि मैंने गरीबी देखी है, मैं नहीं चाहता देश की आने वाली पीढ़ी गरीबी देखे। कोई गरीब अपनी संतानों को विरासत में गरीबी नहीं देना चाहता है। वह सम्मान के साथ जिंदगी देना चाहते है। हर गरीब का सपना है। भारत सरकार का भी देश की भावी पीढ़ी के लिए ऐसा ही सोचती है। पीएम मोदी ने कहा कि काशी में जलतप वाहिनी का भी उद्घाटन हुआ है। इससे लोगों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि काशी की ट्रैफिक की समस्या दूर करने के लिए जलमार्ग का उपयोग करना चाहिए। इसे आर्थिक विकास से जोड़ा जा सकता है।
    पीएम मोदी ने स्वच्छता को लेकर कहा कि बीमारियां बढ़ाने का काम गंदगी करती है। आरोग्य के लिए स्वच्छता जरूरी है। शहंशाहपुर गांव में 2 अक्टूबर के बाद खुले में शौच करने नहीं जाएगा। स्वच्छता मेरे लिए पूजा है। ये गरीबों को बीमारी से दूर रखेगी। स्वच्छता हर भारतवासी की जिम्मेदारी है। सफाई के लिए जितना काम होना चाहिए उतना नहीं हुआ है। गंदगी हम करते हैं और सफाई कोई ओर, स्वच्छता सबकी जिम्मेदारी है। हर आदमी और परिवार का जिम्मा है।
    पीएम ने कहा कि हमने मुश्किल काम का बीड़ा उठाया, मैं मुश्किल काम नहीं करूंगा तो कौन करेगा। साल 2022 तक हर गरीब को घर देना है। हमें करोड़ों घर बनाने हैं, जिससे रोजगार आएगा। यूरोप के एक देश जितने घर हमें बनाने हैं। पिछली सरकारों ने घर को लेकर कोई काम नहीं किया। (एनडीटीवी)

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  • गुजरात विधानसभा चुनावों के ठीक पहले, सोशल मीडिया पर एक 20 बरस के इंजीनियरिंग छात्र की शुरू की गई मुहिम ने भाजपा की नींद हराम कर रखी है। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के करीबी समझे जाने वाले सागर सावलिया ने राज्य परिवहन की बस से अलग निकले पहिये की तस्वीर पर विकास पगला गया है कैप्शन लगा कर उसे फेसबुक पेज बेफाम (बेलगाम) न्यूज पर पोस्ट कर दिया। सागर ने अंग्रेजी दैनिक हिन्दुस्तान टाईम्स को बताया कि गुजरात में पाटीदार आन्दोलन के दौरान पुलिस की कथित ज्यादतियों के जवाब में उसने यह फेसबुक पेज बनाया था। उसके इस कैप्शन विकास पगला गया है को मिले रिस्पांस के बाद पाटीदार आन्दोलन के नेताओं ने इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक मुहिम छेड़ दी, और विकास पगला गया है सोशल मीडिया में चल निकला। अमित शाह, मुख्यमंत्री विजय रूपानी जहां भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं को इस मुहिम को नजरअन्दाज करने की सलाह दे रहे है, वहीं भाजपा समर्थक वॉट्सेप ग्रुप इसके जवाब में प्रधानमंत्री के रूप में मोदी ने कितना काम किया यह बता रहे है। वैसे पिछले दो वर्षों से गुजरात में सड़के वैसी ही गड्ढेदार हो गई है जैसी कभी मोदी दूसरे राज्यों में विकास की स्थिति का मजाक उड़ाते समय बताया करते थे। स्वाईन फ्लू, गन्दगी, जन स्वास्थ्य की चरमराई सेवाओं के बीच गुजरात की प्रजा को जैसे विकास पगला गया है अपने दिल की बात लग रही है। वॉट्स एप्प में आये दिन इस बारे में रोज नए मजाक, वीडियो आते है और लोग बहुत मजे लेकर उन्हे शेयर भी करते है।

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  • अमरावती, 22 सितंबर। आंध्र प्रदेश सरकार ने ट्रांसजेंडरों के लिए कई कल्याणकारी कदमों की घोषणा की है। इसके तहत उन्हें प्रति माह 1000 रुपये पेंशन दिया जाना भी शामिल है। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को रात में जिलाधिकारियों के साथ दो दिवसीय सम्मेलन में कहा कि पेंशन के अलावा ट्रांसजेंडरों को राशन कार्ड और मकान भी दिए जाएंगे।
    नायडू ने कहा, हमें ट्रांसजेंडरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की आवश्यकता है ताकि वे एक आत्मनिर्भर समुदाय बन सकें। उन्होंने जिलाधिकारियों से इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने को कहा।  (भाषा)

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  • बेंगलुरु, 22 सितंबर। बेंगलुरु में अगवा किए गए 19 साल के कॉलेज स्टूडेंट शरत का शव शुक्रवार को एक झील के पास बरामद किया गया। कुछ दिन पहले ही एक वीडियो में उसने अपने माता-पिता को अपहरणकर्ताओं को 50 लाख रुपये देने को कहा था। इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शुक्रवार सुबह इन अपराधियों ने पुलिस को उस जगह के बारे में जानकारी दी, जहां उन्होंने छात्र के शव को गाड़ दिया था। शरत के पिता निरंजन कुमार इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के सीनियर अफसर हैं।
    पिछले हफ्ते वह अपनी नई बाइक पर घूमने निकला था। दरअसल वह अपने दोस्तों को अपनी नई बाइक दिखाना चाहता था। रास्ते में ही उसे अगवा कर लिया गया। दो दिन बाद उसके माता-पिता को एक व्हाट्सऐप वीडियो मिला, जिसमें अपहर्ताओं ने अपनी मांगें रखी थीं।
    इसके बाद एक और वीडियो भेजा गया, जिससे साबित हुआ कि उस समय तक शरत जिंदा था। बताया जाता है कि संदिग्धों में से एक इस परिवार का जानकार आदमी है। (एनडीटीवी)

     

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  • नई दिल्ली, 22 सितंबर। गोरक्षक दलों पर प्रतिबंध लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता तुषार गांधी ने फरीदाबाद में हुई जुनैद की हत्या के मामले में परिवार को तुरंत मुआवजा देने की मांग की। इंदिरा जयसिंह ने कहा कि रेलवे ने अभी तक मुआवजा नहीं दिया है। उसकी ट्रेन से फेंककर हत्या कर दी गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुआवजा का मामला अलग है। इसे उसके साथ मिक्स नहीं किया जा सकता। हर राज्य की मुआवजा देने की अपनी योजनाएं हैं। वहीं गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, झारखंड और यूपी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बाकी राज्य 31 अक्टूबर तक हलफनामा दाखिल करें। महाराष्ट्र ने कहा कि वे आज ही हलफनामा दाखिल करेंगे। इस मामले में 31 अक्टूबर को सुनवाई होगी।
    गोरक्षा के नाम पर बने संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई रह रहा है। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा बंद होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हर राज्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए हर जिले में वरिष्ठ पुलिस पुलिस अफसर नोडल अफसर बने, जो यह सुनिश्चित करे कि कोई भी विजिलेंटिज्म ग्रुप कानून को अपने हाथों में न ले। अगर कोई घटना होती है तो नोडल अफसर कानून के हिसाब से कार्रवाई करें। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को डीजीपी के साथ मिलकर हाइवे पर पुलिस पेट्रोलिंग को लेकर रणनीति तैयार करें।
    गोरक्षा के नाम पर बने संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। तहसीन पूनावाला और दो अन्य ने याचिका में गोरक्षा के नाम पर दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा रोकने की मांग की है और कहा है कि ऐसी हिंसा करने वाले संगठनों पर उसी तरह से पाबंदी लगाई जाए जिस तरह की पाबंदी सिमी जैसे संगठन पर लगी है।
    याचिका में कहा गया है कि देश में कुछ राज्यों में गोरक्षक दलों को सरकारी मान्यता मिली हुई है, जिससे इनके हौंसले बढ़े हुए है। मांग की गई है कि गोरक्षक दलों की सरकारी मान्यता समाप्त की जाए। याचिका के साथ में गोरक्षक दलों की हिंसा के वीडियो और अखबार की कटिंग लगाई गई है और अदालत से इन पर संज्ञान लेने को कहा गया है।
    याचिका में कहा गया है कि गोशाला में गाय की मौत और गोरक्षा के नाम पर गोरक्षक कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं। याचिका में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक के उस कानून को असंवैधानिक करार देने की गुहार की गई है, जिसमें गाय की रक्षा के लिए निगरानी समूहों के पंजीकरण का प्रावधान है।  (एनडीटीवी)

     

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  • नई दिल्ली, 22 सितंबर । बिहार में टूट की आशंका के बीच सत्ताधारी जदयू ने कांग्रेस के लिए मुश्किलें और बढ़ा दी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक जदयू ने कांग्रेस विधायकों को पार्टी में आने का खुला न्यौता दिया है। जदयू के प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा, कांग्रेसी विधायकों को मालूम है कि लालू के साथ उनका कोई भविष्य नहीं है। हमारे दरवाजे उनके लिए खुले हुए हैं। बताया जाता है कि कुछ कांग्रेस विधायकों ने भ्रष्टाचार के मुद्दे का हवाला देकर राजद के साथ बने रहने पर आपत्ति जताई है। उधर, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने इसे अपने लिए राजनीतिक संकट के रूप में देखने से इनकार किया है। उन्होंने कहा, वे (कांग्रेसी विधायक) महत्वपूर्ण कैसे हो गए। मैं इन चिरकुटों पर ध्यान नहीं देता। मैं केवल राहुल और सोनिया गांधी को जानता हूं जो पार्टी का नेतृत्व करते हैं। (टाईम्स ऑफ इंडिया)

     

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  • नई दिल्ली, 22 सितंबर। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी द्वारा यूनाइटेड नेशन में पीएम पद पर आने के बाद पहली बार भाषण दिया गया, जिसमें उन्होंने कश्मीर पर विशेष ध्यान देते हुए भारत पर आरोप लगाया कि भारत द्वारा क्षेत्र में लोगों के संघर्ष को बेरहमी से दबाया जा रहा है। अब्बासी के इस भाषण का भारत ने करारा जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तान अब टेररिस्तान बन चुका है। भारत ने अपने भाषण में कहा कि यह बहुत ही आसाधारण बात है कि पाकिस्तान ओसामा बिन लादेन और मुल्लाह ओमार जैसे आतंकिया को पनाह देता है और खुद को पीडि़त बताता है। एक छोटे से इतिहास की बात करें तो आज पाकिस्तान आतंक का पर्याय बन गया है। जिस देश के नाम में पवित्रता है वह जगह अब आतंकवाद की धरती बन गई है।
    गुरुवार को यूनाइटेड नेशन की भारतीय सेक्रेटरी ईनाम गंभीर ने कहा कि दुनिया में आतंकवाद को फैलाने और आतंकी बनाने वाली इंडस्ट्री के बाद अब पाकिस्तान टेररिस्तान बन गया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को यह समझना चाहिए कि जम्मू एंड कश्मीर अभी भी भारत का अविभाज्य हिस्सा है। गंभीर ने कहा कि पाकिस्तान में हाफिज मोहम्मद सयैद को पनाह दी है जिसे यूएन द्वारा लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी घोषित किया जा चुका है लेकिन वह अब एक राजनीतिक पार्टी का नेता बन चुका है। बेशक ये सीमा पर कितना भी आतंकवाद को बढ़ावा क्यों न दे दें, लेकिन ये भारत की अखंडता को कभी विभाजित नहीं कर पाएगा।
    गंभीर ने कहा कि पाकिस्तान में दंड-मुक्त होने के बाद आतंकी वहां की सड़कों पर खुलेआम घूमते हैं और हमने उनके भारत के मानवाधिकार लेक्चर के बारे में सुना है। दुनिया को ऐसे देश से लोकतंत्र और मानवाधिकारी पर सीख लेने की जरुरत नहीं हो जिसकी स्थिति खुद चैरिटेबल बनी हुई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अब्बासी ने अपने भाषण में कहा था कि भारत के विद्रोह और आतंकवाद के अभियान के कारण पाकिस्तान शिकार हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने भारत पर आरोप लगाया था कि भारतीय सैनिक जम्मू एंड कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर आए-दिन सीजफायर का उल्लंघन करता रहता है। (जनसत्ता)

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  • नारायण बारेठ
    जयपुर से, 22 सितंबर (बीबीसी)।राजस्थान के कथित संत कौशलेंद्र फलाहारी महाराज पर एक युवती ने बलात्कार का आरोप लगाया है। युवती छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की रहने वाली है, 21 साल की युवती ने आरोप लगाया है कि बाबा ने अलवर के आश्रम में उनके साथ यौन दुष्कर्म किया। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार बाबा ने उसे रात को अपने कमरे में बुलाया और उसके साथ बलात्कार किया।
    पुलिस ने बताया कि बिलासपुर पुलिस स्टेशन में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। जिसके आधार पर बुधवार को जांच अधिकारी अलवर पहुंचे हैं और मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
    इससे पहले, हरियाणा के बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह को रेप मामले में दोषी करार दिया गया था। फैसले के बाद पंचकुला में हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए थे। बाबा को फैसले के बाद गिरफ्तार कर रोहतक जेल भेज दिया गया था।
    पुलिस के मुताबिक छत्तीसगढ़ में पीडि़ता का बयान दर्ज कर मेडिकल जांच भी कराई गई है। छत्तीसगढ़ पुलिस की केस डायरी के आधार पर अरावली थाने में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। फिलहाल फलाहारी बाबा की गिरफ्तारी नहीं हुई है और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। 
    फलाहारी बाबा का पूरा नाम जगतगुरु रामानुजाचार्य श्री स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी फलाहारी महाराज है। वो रामानुज संप्रदाय से साधु माने जाते हैं। अलवर में इनका वेंकटेश दिव्य बालाजी धाम आश्रम है, जहां हर दिन भक्तों की भीड़ रहती है। फलाहारी बाबा अलवर में गोशाला भी चलाते हैं।
    वो कुंभ में शिविर लगाते हैं और संस्कृत के जानकार माने जाते हैं। अभी कुछ समय पहले इन्होंने आश्रम में श्री वेंकटेश की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की थी, जिसमें बड़ी तादाद में श्रद्धालू और विशिष्ठ लोग आए थे।
    रामानुज संप्रदाय को श्री संप्रदाय भी कहते हैं। हिंदू धर्म में इस संप्रदाय को आचार और विचार में शुद्धि रखने के रूप में जाना जाता है। बाबा के रिश्ते कई राजनीतिक दलों से भी बताए जाते हैं और उन्हें भाजपा का करीबी माना जाता है। जुलाई में वो जयपुर में आयोजित भाजपा के संत समागम में भाग लेने भी गए थे।
    बाबा ने 7 नवंबर 2016 को एक रथ यात्रा शुरू की थी, जो देश के विभिन्न राज्यों में अभी चल ही रही है। यात्रा का समापन 2018 में होगा। समापन पर हैदराबाद में श्रीराम जीवा प्रांगण में रामानुजाचार्य की प्रतिमा लगाई जाएगी। दावा किया जाता है कि बाबा पिछले 15 वर्षों से आध्यात्म में सक्रिय हैं। वो अपने आश्रम में भजन-कीर्तन और वैदिक यज्ञ करवाते हैं।

     

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  • नई दिल्ली, 22 सितंबर। एन्काउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने नागपाड़ा से इकबाल कासकर को गिरफ्तार किया था। हिन्दुस्तान में मोस्ट वॉन्टेड अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहीम के भाई इकबाल कासकर को डॉन की बहन हसीना पारकर के घर से गिरफ्तार करने वाले एन्काउंटर स्पेशलिस्ट इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा वह नाम हैं, जिनसे अंडरवल्र्ड आज भी थर्राता है, हालांकि बीच-बीच में उन पर भी दाग लगते रहे हैं। कुल मिलाकर 113 एन्काउंटर कर चुके प्रदीप शर्मा पर दाऊद इब्राहीम की डी कंपनी के लिए काम करने के आरोप लगते रहे हैं, और ये आरोप गैंगस्टर छोटा राजन ने लगाए थे।
    अपनी वर्दी पर लगे दाग धोने जैसी यह गिरफ्तारी करने वाले प्रदीप शर्मा के बारे में 10 खास बातें। डी कंपनी का गढ़ माने जाने वाले नागपाड़ा इलाके में ही इकबाल कासकर को धर दबोचने वाली टीम का नेतृत्व करने वाले प्रदीप शर्मा वर्ष 1983 में सब-इंस्पेक्टर के तौर पर पुलिस में भर्ती हुए थे, और कुछ ही समय पहले उनकी तैनाती ठाणे के एन्टी-एक्सटॉर्शन सेल में की गई थी। 
    अंडरवल्र्ड से मिलीभगत के आरोपों के चलते एक वक्त पर पुलिस सेवा से डिसमिस कर दिए प्रदीप शर्मा ने कानूनी लड़ाई लड़कर अपनी वर्दी वापस हासिल की है।
    1983 बैच के एन्काउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने कहा कि मीडिया इकबाल कासकर की गिरफ्तारी को बढ़ा-चढ़ाकर इसलिए दिखा रही है, क्योंकि वह दाऊद इब्राहीम का भाई है, वरना उन्होंने इससे पहले भी कई बड़े अपराधियों को पकड़ा है। प्रदीप शर्मा को वर्ष 2006 में हुए लखन भैया एन्काउंटर मामले में जनवरी, 2010 में गिरफ्तार किया गया था, और वह 2013 में सेशन कोर्ट द्वारा बरा किए गए।
    गिरफ्तारी के दौरान उन्हें लगभग चार साल तक ठाणे जेल में ही रखा गया था। अब बरी होने के लगभग चार साल बाद उन्हें बहाली मिली, और जिस डी कंपनी के लिए काम करने का आरोप लगता रहा है, उसी कंपनी के गढ़ में घुसकर उन्होंने दाऊद के भाई को दबोचा।
    क्या इकबाल की गिरफ्तारी इसीलिए की गई है, ताकि आप पर छोटा राजन द्वारा लगाए गए आरोपों के दाग धोए जा सकें, तो प्रदीप शर्मा ने कड़े स्वर में पलटकर सवाल किया, छोटा राजन सुप्रीम कोर्ट है क्या?
    प्रदीप शर्मा ने कहा, छोटा राजन की बातें पुलिस के लिए कोई मायने नहीं रखतीं। उन्होंने यह भी कहा कि वह चाहे जेल में रहे या जेल के बाहर, जब एक बार कोई पुलिसवाला बन जाता है, तो वह हमेशा पुलिसवाला ही होता है।
    प्रदीप शर्मा ने दावा किया, जेल में रहते हुए भी मैंने अपराधियों के जरिये मिली सूचनाओं को मुंबई और ठाणे के पुलिस आयुक्तों को दिया। मैं हमेशा अपराध खत्म करने के लिए काम करता हूं।  (एनडीटीवी)

     

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  • नई दिल्ली, 22 सितंबर। मुंबई बम धमाकों का आरोपित अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम इस वक्त पाकिस्तान में है। हाल में गिरफ्तार किए गए दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर के हवाले से एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक कासकर ने पाकिस्तान में दाऊद चार-पांच पते बताए हैं। पाकिस्तान लगातार इससे इंकार करता रहा है कि दाऊद वहां रह रहा है। लेकिन कासकर से मिली जानकारी भारत के इस दावे की पुष्टि करती है। भारत ने पाकिस्तान को दाऊद के नौ पतों के बारे में जानकारी दी है। इनमें कराची के अलावा अन्य शहरों के पते भी शामिल हैं।
    रिपोर्ट के मुताबिक कासकर ने जांचकर्ताओं को यह भी बताया कि दाऊद पिछले तीन साल से उससे और भारत में रह रहे बाकी रिश्तेदारों से बात नहीं करता। उसने बताया कि दाऊद को डर है कि उसका फोन टैप न हो जाए। कासकर ने बताया कि वह दाऊद का बिजनेस संभालने वाले अनीस अहमद से पहले एकाध बार मिला था। उनके मुताबिक अनीस ने एक अंतरराष्ट्रीय फोन नंबर से उसे ईद और अन्य मौकों पर बुलाया था। वहीं, दाऊद के करीबी छोटा शकील के बारे में पूछे जाने पर कासकर ने कहा कि उससे उसके अच्छे संबंध नहीं हैं। कासकर ने कहा कि वह शकील से नफरत करता है।
    कासकर पर ठाणे के आसपास के व्यापारियों और ज्वैलरों से पिछले तीन साल में 100 करोड़ रुपये की उगाही का आरोप है। उसने इसमें दाऊद का हाथ होने से इंकार किया है। उसने कहा कि वह जबरन वसूली के धंधे में नहीं था और बिल्डरों के साथ व्यापार करता था। पुलिस ने बताया, कासकर जांच में सहयोग नहीं कर रहा। वह बड़ी मुश्किल से बोलता है। लेकिन उसने यह माना है कि वह अपने बड़े भाई अनीस अहमद के संपर्क में था जो 1993 के सीरियल बम धमाकों में शामिल था।
    अधिकारी ने कहा कि जांचकर्ताओं को कासकर के दावों पर शक है और उन्हें लगता है कि वह अपने भाइयों के संपर्क में है। अधिकारी ने कहा, पूछताछ के दौरान कासकर के दिए सभी बयानों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां इनका इस्तेमाल भगोड़े दाऊद के खिलाफ कर सकती हैं। आठ दिन की कस्टडी के दौरान पुलिस रोज कासकर से पूछताछ कर रही है। उसकी कोशिश दाऊद से संपर्क रखने वाले व्यापारियों के नाम जानने की है। इनमें बॉलीवुड की कुछ हस्तियां भी शामिल हैं।
    दाऊद के भाइयों में इकबाल कासकर अकेला है जो मुंबई में रहता है, 18 सितंबर को ठाणे पुलिस की ऐंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने उसके दो साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल इस जबरन वसूली के रैकेट की जांच चल रही है। इस रैकेट में कथित रूप से स्थानीय नेताओं के शामिल होने की भी बात सामने आई है।  (टाईम्स ऑफ इंडिया)

     

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  • नई दिल्ली, 21 सितंबर (एएनआई)। रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि रोहिंग्या मानवाधिकार का मामला नहीं है। रोहिंग्या शरणार्थी नहीं, अवैध प्रवासी हैं। इन्हें कभी भी वापस भेजा जा सकता है। म्यांमार रोहिंग्या को वापस लेने को तैयार है तो फिर उन्हें वापस भेजने का इतना विरोध क्यों हो रहा है। 
    राजनाथ सिंह ने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थी नहीं है और ना ही उन्होंने शरण ली है, वे अवैध प्रवासी हैं। मानवाधिकार का हवाला देकर अवैध घुसपैठियों को शरणार्थी बताने की गलती नहीं की जानी चाहिए। म्यांमार से भारत में घुस आए रोहिंग्या शरणार्थी नहीं हैं, इस सच्चाई को हमें समझना चाहिए। शरणार्थी का स्टेटस प्राप्त करने के लिए एक प्रक्रिया होती है और इनमें से किसी ने उसे फॉलो नहीं किया है।

    उधर, रोहिंग्या मामले को लेकर आंग सान सू की पर विश्व नेताओं का दबाव बढ़ता जा रहा है क्योंकि यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान कई नेताओं ने म्यामां में रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ सैन्य अभियान को 'नस्ली संहारÓ करार दिया है। म्यामांर की असैन्य सरकार की मुखिया सू की ने इस मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से धैर्य रखने की गुहार लगाई थी।
    संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक को संबोधित करते हुए कई नेताओं ने रोहिंग्या मामले को उठाया। फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने कहा, सैन्य अभियान रुकना चाहिए, मानवीय मदद की गारंटी मिलनी चाहिए और कानून का राज बहाल होना चाहिए। हमें जो जानकारी है उसके मुताबिक यह नस्ली संहार है। अमरीका म्यामांर की असैन्य सरकार को जिम्मेदार ठहराने के संदर्भ में बहुत सावधान रहा है। विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने सू की से बात की। टिलरसन के प्रवक्ता ने कहा कि विदेश मंत्री ने मानवाधिकारों के हनन को लेकर कार्रवाई करने के सू की के संकल्प का स्वागत किया और साथ ही सरकार एवं सेना से कहा कि वे उत्पीडऩ को रोकें।

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  • नई दिल्ली, 21 सितंबर। मेडिकल कॉलेज की मान्यता दिलाने के फर्जीवाड़े में फंसे उड़ीसा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस इशरत मशरूर कुद्दूसी को सीबीआई ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है।
    उनके साथ चार अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हुई है। इनमें बीपी यादव, पलाश यादव, विश्वनाथ अग्रवाल और सुधीर गिरी शामिल हैं।
    दरअसल सुप्रीम कोर्ट में मेडिकल कॉलेज में दाखिले का मामला चल रहा है। इस मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार देर शाम लखनऊ के प्रसाद इंस्टीट्यूट समेत देश के 9 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके अलावा उड़ीसा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज आईएम कुद्दूसी समेत 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया।
    सीबीआई ने इस मामले में बुधवार को लखनऊ समेत नौ स्थानों पर तलाशी ली। सीबीआई ने गोमतीनगर में एल्डिको ग्रीन स्थित प्रसाद ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के मालिक बीपी यादव के आवास और रिटायर्ड जज इशरत मसरूर कुद्दुसी के ठिकानों पर छापे मारे हैं और दस्तावेज बरामद किये हैं। इसके बाद से ही तय हो गया था कि सीबीआई जल्द ही मामले में गिरफ्तारियां भी करेगी।
    सीबीआई प्रवक्ता के मुताबिक रिटायर्ड जज आईएम कुद्दूसी, लखनऊ में मेडिकल कॉलेज चलाने वाले प्रसाद एजुकेशनल ट्रस्ट के मालिक बीपी यादव, पलाश यादव, बिचौलिए विश्वनाथ अग्रवाल, भावना पांडेय और मेरठ के वेंकटेश्वर मेडिकल कॉलेज के सुधीर गिरी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में केस दर्ज किया गया।
    एफआईआर के मुताबिक प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस उन 46 कॉलेजों में से एक है, जिसे सरकार ने मानक पूरा न करने के मामले में ब्लैकलिस्ट कर रखा है। इन कॉलेजों में नए एडमिशन पर रोक लगी हुई है।
    इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। सीबीआई के मुताबिक पूर्व जज ने अपने संपर्कों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में केस को रफा-दफा कराने को कहा था। इसी के एवज में भारी राशि की मांग की गई थी। इस मामले में सीबीआई ने दिल्ली के एक बिचौलिए के पास से 1 करोड़ की राशि भी जब्त की है।(न्यूज 18)

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  • नई दिल्ली, 21 सितंबर । यह बेहद दुखद है लेकिन सच है। रेप के 6 मामलों में इंसाफ की आस में परिवार परेशान हो चुके हैं। ऐसे ही 6 मामलों में पीडि़तों की मां दिल्ली हाई कोर्ट पहुंची हैं। सोलह दिसंबर 2012 को दिल्ली में निर्भया गैंगरेप के बाद कानून में संशोधन किया गया, ताकि ऐसे वारदातों को अंजाम देने वालों को सख्स से सख्त सजा दी जा सके और लॉ इन्फोर्समेंट एजेंसी ऐसी घटनाओं के प्रति ज्यादा जवाबदेह हों। निर्भया कांड को पांच साल होने जा रहे हैं लेकिन अब भी छह ऐसी मां हैं जो रेप की शिकार हुई अपनी बच्चियों के लिए इंसाफ की गुहार लगा रही हैं। 
    जांच कहां तक पहुंची है, इस बारे में पुलिस ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी है। इसके साथ ही आरोपी जमानत पर बाहर घूम रहे हैं। ऐसे में इन मांओं ने अब इंसाफ के लिए दिल्ली हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
    इसी के साथ अपने अपने केस की जांच में प्रगति जानने के लिए 2 याचिकाएं भी इन्होंने दायर की हैं। दरअसल इन परिवारों का आरोप है कि पॉक्सो ऐक्ट का पालन नहीं हो रहा है। यहां तक कि जमानत के बाद आरोपी पड़ोस में रह रहे हैं। (एनडीटीवी)

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