राष्ट्रीय

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Posted Date : 18-Nov-2017
  • नई दिल्ली, 18 नवम्बर। हॉलीवुड के मशहूर निर्माता हार्वे वाइंस्टीन के ऊपर यौन उत्पीडऩ के कई आरोप लगने के बाद यौन उत्पीडऩ को लेकर बहस छिड़ गई है। लेकिन बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में होने वाले यौन उत्पीडऩ, कास्टिंग काउच जैसे मामलों पर कभी खुलकर बात नहीं होती। बॉलीवुड में कास्टिंग काउच के मामले में कोई नाम क्यों नहीं सामने आया इस सवाल पर अभिनेत्री राधिका आप्टे कहती हैं कि डर की वजह से...क्योंकि जो लोग महात्वाकांक्षी हैं, वे डरे हुए हैं। वे सोचते हैं कि अगर वे किसी का नाम लेते हैं, जो बेहद रसूखदार हैं तो फिर उनके साथ क्या होगा? मैं बस यही बात कह रही हूं कि हर किसी को मुंह खोलना पड़ेगा। 
    राधिका आप्टे का मानना है कि यौन उत्पीडऩ सिर्फ ग्लैमर व शोबिज की दुनिया में ही नहीं बल्कि हर दूसरे घर में होता है। राधिका के मुताबिक कि यौन उत्पीडऩ हर दूसरे घर में होता है, इसलिए यह सिर्फ फिल्म उद्योग का हिस्सा नहीं है। भारत सहित दुनिया में हर जगह बाल दुव्र्यवहार, घरेलू हिंसा होता है।
    उन्होंने कहा कि यह हर क्षेत्र या घर में कुछ स्तर पर या अन्य स्तर पर होता है, जिसे समाप्त करने की जरूरत है। अभिनेत्री ने जोर देते हुए कहा कि यौन उत्पीडऩ का शिकार सिर्फ महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरुष, छोटे बच्चे और हर कोई होता है। लोग अपने प्रभाव का इस्तेमाल हर स्तर पर करते हैं। 
    राधिका ने कहा कि इसे बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इसकी शुरुआत नहीं कहने से होती है, चाहे आपकी महात्वकांक्षा कितनी भी बड़ी क्यों न हो। आपको इस बारे में बहादुर बनने और खुद की प्रतिभा पर भरोसा करने की जरूरत है। नहीं कहें और बोलना शुरू करें क्योंकि अगर कोई एक शख्स बोलता या बोलती है तो उनकी कोई नहीं सुनने वाला, लेकिन अगर 10 लोग बोलते हैं, तो और लोग उनकी बातें सुनेंगे।
    राधिका ने फिल्म वाह! लाइफ हो तो ऐसी से 2005 में बॉलीवुड में आगाज किया था। जल्द ही एक्ट्रेस अक्षय कुमार की अगली फिल्म पैडमेन में नजर आएंगी। फिल्म में सोनम कपूर भी अहम रोल में दिखेंगी। पैडमैन अगले साथ 26 जनवरी के मौके पर रिलीज होगी। (आईएएनएस)

     

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Posted Date : 18-Nov-2017
  • चित्रबांदा, 18 नवम्बर। उत्तर प्रदेश में बांदा जिले के जलालपुर जंगल में शुक्रवार को पुलिस ने छापा मारकर अवैध हथियार बनाने के एक कारखाने का भंडाफोड़ करके एक हिस्ट्रीशीटर सहित चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। अपराधियों के कब्जे से एक रायफल और 21 देसी बंदूकों के अलावा हथियार बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं। 
    पुलिस ने बताया कि जंगल में छापेमारी कर काफी समय से चल रहे अवैध हथियार बनाने के कारखाने का भंडाफोड़ किया है। वहां से एक फैक्ट्री मेड 315 बोर की रायफल और 21 देसी बंदूकें, आधा दर्जन 315 बोर के तमंचे और शस्त्र बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं। मौके से हिस्ट्रीशीटर और पूर्व डकैत सरदार नत्थू यादव, गंगा निषाद, अरविंद यादव और जगतनारायण को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए सभी व्यक्ति अपराधी हैं। पुलिस ने आशंका जाहिर की है कि इन हथियारों का इस्तेमाल निकाय चुनाव में गड़बड़ी फैलाने में किया जा सकता था। (आईएएनएस)

     

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Posted Date : 18-Nov-2017
  • नई दिल्ली, 18 नवम्बर। देश की राजधानी दिल्ली में बंदरों और आवारा कुत्तों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इस पर हाइकोर्ट ने चिंता जताई है। बंदरों और कुत्तों की नसबंदी करने की दवा बनने में देरी होने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी भी जाहिर की है।
    देश में कुत्तों और बंदरों की लगातार बढ़ती संख्या पर कोर्ट ने गंभीरता जताते हुए पूछा है कि दवा बनाने में देरी क्यों की जा रही है? इसकी बहुत जरूरत है इसलिए बिल्कुल भी देरी ना की जाए। दिल्ली हाईकोर्ट ने नेशनल इंस्ट्टियूट ऑफ इम्यूनोलॉजी से जानवरों में प्रेंग्नेंसी रोकने की दवा बनने पर स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा है।
    दिल्ली हाईकोर्ट उस जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमें याचिकाकर्ता ने जनवरों में सर्जिकल नसबंदी का विरोध किया है। दिल्ली हाइकोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 दिसंबर को करेगा। दिल्ली में आवारा कुत्तों और बंदरों की तादाद में पिछले कुछ वर्षों में बेहद तेजी से वृद्धि हुई है और कई बार इनके आतंक से आम लोग ही नहीं खुद एमसीडी भी परेशान हो चुकी है। हाइकोर्ट मे एमसीडी ये तक लिख के दे चुकी है कि वो बंदरों को रेसिडेंशियल इलाकों से हटाने में असमर्थ है।
    आवारा कुत्तों ने कई इलाकों में आम लोगों को अपना शिकार बनाया है। राजधानी की ये ऐसी समस्या है कि अगर जानवरों में प्रेंग्नेंसी रोकने की दवा का इस्तेमाल होने लगे तो इनकी संख्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। (आज तक)

     

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Posted Date : 18-Nov-2017
  • कानपुर, 18 नवम्बर। यूपी के कानपुर में 11वीं के एक छात्र के साथ स्कूल प्रशासन द्वारा बेरहम हरकत करने का आरोप लगा है। तस्वीर में दिख रहा छात्र स्कूल में यूनिफॉर्म पहनकर नहीं आया बल्कि जींस की पैंट पहन कर आया जिसके बाद उसे लहूलुहान कर दिया गया। खबर लिखे जाने तक, न तो कोई माफी आई है और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया गया है।
    आरोप है कि इस बात से नाराज स्कूल के स्टाफ ने सजा के तौर पर उसकी पहनी हुई जींस उसके पहने-पहने ही काट दी। जींस कैंची से काटने की कोशिश में युवक के पैर भी बुरी तरह कट गए। मामले की पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है।
    पिता का कहना है कि यदि स्कूल को बच्चे के स्कूल ड्रेस न पहनने पर आपत्ति थी ही तो वे उसे वापस भेज देते लेकिन इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। पिता का कहना है, स्कूल मैनेजर ने यूनिफॉर्म पहन कर न आने के युवक के कारण को अनसुना कर दिया और यह बेहद दर्दनाक सजा दे डाली। पिता का कहना है कि उन्होंने उनके बेटे की एक नहीं सुनी और पहले तो उसकी जींस काट दी और बाद में उसके पैरों पर कैंची चला दी। (एएनआई)

     

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Posted Date : 18-Nov-2017
  • 156 किलोमीटर पैदल चलकर लोग लाते हैं सीमेंट

    इटानगर, 18 नवम्बर । अरुणाचल प्रदेश के विजयनगर शहर में रहने वाले लोग एक सीमेंट की बोरी के लिए 8000 रुपये चुका रहे हैं। विजयनगर में केवल 1500 निवासियों रहते हैं,जो चंगलांग जिले अंतर्गत आता है। इस शहर में कोई उचित सतह संचार भी नहीं है। लोगों को शहर में पहुंचने के लिए पांच दिनों तक पैदल चलना पड़ता है। हालांकि, यहां एक साप्ताहिक हेलिकॉप्टर सेवा है, लेकिन यह काफी हद तक मौसम की स्थिति के अधीन है। सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग के कनिष्ठ अभियंता जुमुली अदो ने बताया कि इस शहर में ज्यादातर लोग चाकमास और हाजोंग्स में निवास करते हैं, वो एक सीमेंट के बैग के लिए 8,000 रुपये और डब्ल्यूसी पैन के लिए 2,000 रुपये का अदा करते हैं।
    पीएचई विभाग शहर में व्यक्तिगत घरेलू लैट्रिन (आईएचएचएल) का निर्माण कर रहा है, जिसकी फंडिंग केन्द्र द्वारा की जा रही है। केंद्र सरकार 10,800 और राज्य द्वारा 9,200  रुपये आईएचएचएल के लिए करती है। सभी सामग्रियां भारत-चीन-म्यांमार त्रि-जंक्शन पर चकमास द्वारा नामधाफा राष्ट्रीय उद्यान के माध्यम से विजयनगर पहुंचाई जाती हैं। यहां के लोग सीमेंट की एक बोरी के लिए 8 हजार (150 रुपये प्रति किलो) का भुगतान करते हैं।
    लोगों के इन सीमेंट की बोरियों को लाने के लिए 156 किमी का दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। चार नवंबर को जिले के नमफायणग गांव में स्वच्छ भारत अभियान कार्यक्रम में भाग लेते हुए, कई चुनौतियों के बावजूद आईएचएचएल परियोजना तेजी से बढ़ रही है। वहीं, राज्य के नागरिक आपूर्ति मंत्री कमलंग मोसासग, जो मीओ विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने क्षेत्र के लिए सड़क निर्माण परियोजना को मंजूरी दे दी है।(एनडीटीवी)

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Posted Date : 18-Nov-2017
  • नई दिल्ली, 18 नवम्बर  तमिलनाडु के एक दसवीं के छात्र ने ऐसी डिवाइस बनाई है, जिससे छह घंटे पहले ही हार्ट अटैक का पता लगाया जा सकता है। छात्र मनोज को इस उपलब्धि के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया है। मनोज राष्ट्रपति भवन में बतौर अतिथि भी जा चुके हैं।
    तमिलनाडु निवासी 16 साल के मनोज द्वारा इजाद की गई इस जादुई डिवाइस को विज्ञान की दुनिया का चमत्कार माना जा रहा है। इस डिवाइस के जरिए साइलेंट हार्ट अटैक को काफी हद तक रोका जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह डिवाइस काफी कारगर साबित हो सकती है।  
    फाइनेंशियल एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक मनोज का कहना है कि आज कल साइलेंट हार्ट अटैक आम हो गया है। दबे पांव आने वाली इस मौत से इंसान अंजान रहता है। इसका कोई लक्षण भी नहीं दिखता। ऊपरी तौर पर व्यक्ति स्वस्थ दिखता है, इसलिए इससे बचने की कोई गुंजाइश नहीं बच पाती।
    मनोज ने बताया कि उसके दादा की भी साइलेंट हार्ट अटैक की वजह से मृत्यु हो गई थी। उसके बाद ही मनोज ने ऐसी डिवाइस बनाने की ठानी जिससे इसका समय रहते पता लगाया जा सके।  
    उन्होंने ऐसी तकनीक विकसित की जिससे बिना स्किन में कट लगाए ब्लड बायोमार्कर एफएबीपी3 का पता लगाया जा सकता है, जिसके कारण अटैक की आशंका बनी रहती है। ग्रामीण इलाकों में काम करने की चाहत रखने वाले मनोज बड़े होकर कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहते हैं।(आज तक)।

     

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Posted Date : 18-Nov-2017
  • चेन्नई, 18 नवम्बर। आयकर विभाग की टीम ने चेन्नई स्थित जयललिता के निवास 'वेद निलयम' पर छापा मारा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार देर रात हुई यह कार्रवाई जयललिता की सहयोगी शशिकला और उनके परिवार के खिलाफ जारी आयकर चोरी की पड़ताल के सिलसिले में की गई है। विभाग को भनक लगी थी कि 'वेद निलयम' में रखे लैपटॉप, डेस्कटॉप, कई स्टोरेज डिवाइस, आदि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में महत्वपूर्ण जानकारियां मौजूद हैं। साथ में यह भी पता लगा था कि इन जानकारियों को शशिकला के परिजन नष्ट करने की कोशिश कर सकते हैं। इसीलिए आयकर विभाग की टीम ने 'वेद निलयम' पहुंचकर वहां से सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य दस्तावेज आदि जब्त कर लिए हैं।
    जयललिता के निधन के बाद 'वेद निलयम' पर शशिकला और उनके परिवार ने कब्जा कर लिया था जबकि राज्य सरकार इस मकान को 'स्मारक' बनाने की घोषणा कर चुकी है। बहरहाल आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक 'जांच टीम ने 'वेद निलयम' में शशिकला और पूनगुंदरम (जयललिता के निजी सचिव रहे) के कमरों की तलाशी ली है। जयललिता के कमरे और उनके निवास के अन्य स्थानों पर कोई छानबीन नहीं की गई है। खबर है कि सख्त पुलिस सुरक्षा में आयकर विभाग के अतिरिक्त आयुक्त के नेतृत्व में 15 अफसरों की टीम ने यह छापामारी की है।
    एनडीटीवी के अनुसार, इस छापेमारी की खबर सुनकर अन्नाद्रमुक के समर्थकों ने सुरक्षा घेरे को तोडऩे की कोशिश की, लेकिन पुलिस बल ने उनको अंदर नहीं जाने दिया। इससे पहले भी आयकर विभाग ने वी के शशिकला और उनके सगे संबंधियों के घरों और परिसरों में छापेमारी की थी। उस छापेमारी में बरामद की गई नकदी, सोना और संपत्ति के कागजात के बारे में आयकर अधिकारी अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं बता रहे हैं। हालांकि, सूत्रों के मुताबकि अब तक की तलाशी में 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य की संत्तियां व सामान बरामद हुए हैं।
    आयकर विभाग के एक अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया था कि बरामद कागजात के मूल्य को लेकर हमें कोई हैरानी नहीं होगी। हम अनुभवी अधिकारी हैं और इस तरह की तलाशी में हम क्या उम्मीद करते हैं, वह हमें मालूम है। उन्होंने कहा था कि विभाग को शशिकला से जुड़े लोगों व कंपनियों की ओर से इस साल आयकर की रिटर्न दाखिल करने का इंतजार था।  (द हिंदू)

     

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Posted Date : 18-Nov-2017
  • नई दिल्ली, 18 नवम्बर। इंटरनेट की दुनिया में पॉर्नोग्राफी और हिंसा का प्रचार करने वाली वेबसाइटों की भरमार है। इन्हें रोकने के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) 'हर हर महादेव' लेकर आया है। खबर के मुताबिक बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस-बीएचयू) के एक न्यूरोलॉजिस्ट और उनकी टीम ने 'अनचाही' वेबसाइटों को ब्लॉक करने के लिए यह एप्लिकेशन 'हर हर महादेव' बनाया है।
    'हर हर महादेव' पॉर्नोग्राफी, हिंसा और अश्लील सामग्री से संबंधित वेबसाइटों को विशेष रूप से रोकेगा। एप डाउनलोड करने और उसमें रजिस्ट्रेशन करने के बाद यूजर जब भी कोई 'अनुचित' वेबसाइट खोलेगा तो उसे भजन सुनाई देगा। आईएमएस-बीएचयू में न्यूरोलॉजी विभाग के डॉ.विजय नाथ मिश्रा ने बताया कि 'हर हर महादेव' को बनाने में छह महीने का समय लगा। उन्होंने कहा कि यह अभी करीब 3800 वेबसाइटों को ब्लॉक कर सकता है। विजय नाथ कहते हैं, हम इसे (एप) और अपडेट करेंगे क्योंकि ऐसी अनचाही वेबसाइटें रोज बन रही हैं। फिलहाल इस एप पर केवल हिंदू धर्म के भक्ति गीत सुने जा सकेंगे। विजय बताते हैं कि दूसरे धर्मों के गीतों को शामिल करने का काम किया जा रहा है। (टाईम्स आफ इंडिया)

     

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Posted Date : 18-Nov-2017
  • भुवनेश्वर, 18 नवम्बर । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उड़ीसा हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आईएम कुद्दूसी और पांच अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग का मामला दर्ज किया है। ईडी ने यह कार्रवाई एक मेडिकल को दाखिले का अधिकार दिलाने से जुड़े एक मामले में सीबीआई की एफआईआर के आधार पर की है। इन सभी लोगों को बीती 20 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल ये जमानत पर हैं। आरोप है कि इन्होंने लखनऊ स्थित मेडिकल कॉलेज प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेज को दाखिले की अनुमति दिलवाने के लिए अदालती कार्रवाई को प्रभावित करने की कोशिश की।
    जस्टिस कुद्दूसी के अलावा गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में कॉलेज के प्रमोटर बीपी यादव और पलाश यादव, कथित बिचौलिया बिस्वनाथ अग्रवाल, कथित हवाला ऑपरेटर राम देव सारस्वत और कुद्दूसी का कथित सहयोगी भावना पांडे शामिल हैं। खबर के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि कुद्दूसी और उनके सहयोगियों ने मेडिकल कॉलेज के पक्ष में फैसला सुनाने के लिए उन से तीन करोड़ रुपये की मांग की थी।
    सीबीआई की जिस एफआईआर के आधार पर ईडी ने यह कार्रवाई की है उसने इन दिनों न्यायपालिका के गलियारों में तूफान खड़ा किया हुआ है। कुद्दूसी को दूसरी बार बेल मिलने के बाद सीबीआई ने उनसे पूछताछ की थी। उसने हाल में कोर्ट को बताया कि कुद्दूसी को कथित रूप से मांगी गई रकम का एक हिस्सा एक और आरोपी बीपी यादव से मिला था। मामले की जांच में शामिल एक अधिकारी ने गुप्त रूप से बताया, अभी उनका यह रेट चल रहा है। उन्होंने दूसरे लोगों से उनके पक्ष में फैसले दिलाने के लिए भी इतना ही पैसा लिया है। यह जांच का विषय है कि यह सब कैसे किया जा रहा था।
    सीबीआई ने आरोपियों से 1.86 करोड़ रुपये की नकदी और दस्तावेज बरामद किए हैं जिनकी जांच की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि जांच एजेंसी मामले के कई गवाहों के बयान रिकॉर्ड कर रही है। सीबीआई और ईडी के पास आरोपी रिटायर्ड जज और बाकी आरोपियों की कुल 80 फोन रिकॉर्डिंग्स भी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें साजिश के बारे में बात हो रही है। इनकी सत्यता की जांच के लिए सीबीआई ने कुद्दूसी का वॉयस सैंपल भी लिया है। उधर, कुद्दूसी के वकील विजय अग्रवाल ने ताजा घटनाक्रम पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। 
    कुद्दूसी पर लगे आरोपों पर भी उन्होंने कुछ नहीं कहा।(इंडियन एक्सप्रेस)

     

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Posted Date : 18-Nov-2017
  • नई दिल्ली, 18 नवम्बर। दिल्ली हाईकोर्ट ने सेनेटरी नैपकिन को वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) के दायरे से बाहर न रखने के केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाया है। हाईकोर्ट की कार्यवाहक चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरिशंकर की बेंच ने कहा, आपने सिंदूर, बिंदी और काजल को जीएसटी से बाहर रखा, लेकिन सेनेटरी नैपकिन पर जीएसटी लगा दिया। क्या इसके लिए आपके पास कोई स्पष्टीकरण है? हाई कोर्ट ने 31 सदस्यीय जीएसटी काउंसिल में एक भी महिला सदस्य के न होने का सवाल उठाया और केंद्र की जमकर खिंचाई की।

    दिल्ली हाई कोर्ट जेएनयू की शोध छात्रा जरमीना इसरार खान की एक याचिका पर सुनवाई कर रही है। इसमें सेनेटरी नैपकिन पर 12 फीसदी जीएसटी लगाने के फैसले को असंवैधानिक बताया गया है। हालांकि, सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सफाई दी कि अगर सेनेटरी नैपकिन को जीएसटी के दायरे से बाहर कर दिया गया तो इसकी कीमतें बढ़ जाएंगी। सरकार के पैरवीकार संजीव नरूला ने कहा, सेनेटरी नैपकिन पर जीएसटी दर को शून्य करने का मतलब है कि घरेलू निर्माताओं को इनपुट टैक्स क्रेडिट देने से इंकार करना। उनके मुताबिक इससे घरेलू निर्माताओं को निर्यात करते समय काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
    इस पर दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि ये तकनीकी और आंकड़ों से जुड़े कारण हैं और सरकार आंकड़ों के साथ खेल रही है। अदालत ने पूछा, क्या आपने यह फैसला करने से पहले महिला और बाल विकास मंत्रालय से इस पर बात की थी या केवल आयात और निर्यात शुल्क का ही ख्याल रखा था? इस मामले में अगली सुनवाई 14 दिसंबर को होगी। जीएसटी काउंसिल की हालिया बैठक में लगभग 200 से ज्यादा वस्तुओं पर जीएसटी की दरों में कटौती की गई है, लेकिन सेनेटरी नैपकिन और टैम्पून इसमें शामिल नहीं हैं। सैनेटरी नैपकिन की ही एक अन्य किस्म टैम्पून पर इस समय 18 फीसदी जीएसटी वसूली जा रही है। (पीटीआई)

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Posted Date : 18-Nov-2017
  • भोपाल, 18 नवम्बर। भोपाल में 10 साल की बच्ची से पिछले तीन महीनों के दौरान तीन लोगों ने कई बार गैंगरेप किया। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने इन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और जब सबूत जुटाने के लिए इन आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाया गया तो उस आक्रोशित लोगों ने तीनों की जमकर पिटाई कर दी। इन आरोपियों में 65 साल का एक शख्स भी शामिल है। इस मामले में 50 साल की एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया है, जिसने इस जघन्य अपराध में इन तीनों आरोपियों की मदद की थी। पीडि़त बच्ची के पिता की पिछले साल मौत हो गई थी। पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार आरोपियों ने बच्ची को धमकी दी थी कि यदि वह अपने साथ हुए दुष्कर्म के बारे में किसी को बताएगी, तो वे उसकी मां की हत्या कर देंगे।
    पुलिस ने बताया कि पीडि़त की मां को पिछले कुछ दिनों से अपनी 
    बच्ची सहमी एवं हताश नजर आ रही थी। उसने बातचीत करना भी कम कर दिया था। 
    पूछताछ करने पर शुरू में उसने अपने साथ हुए दुष्कर्म के संबंध में कुछ नहीं बताया, लेकिन बाद में उसने सारी घटना अपनी मां को सुनाई, जिसके बाद बच्ची की मां ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत की। (भाषा)

     

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Posted Date : 18-Nov-2017
  • नई दिल्ली, 18 नवम्बर। महाराष्ट्र में 19 जुलाई 2012 की सुबह करीब 8 बजे आनंद बोरा को फोन आया कि एक आदिवासी गांव में बने कुएं में एक तेंदुआ गिर गया है। बोरा को अक्सर इस तरह की फोन कॉल आती रहती हैं। वे एक अध्यापक हैं, लेकिन उन्हें वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी का भी शौक है।
    फोन सुनने के बाद बोरा तुरंत बुबली नाम के इस गांव की तरफ निकल पड़े। उन्होंने साढ़े तीन घंटे से भी ज्यादा वक्त तक वहां तेंदुए को बचाए जाने की कोशिशों को तस्वीरों में कैद किया।
    इन्हीं में से एक तस्वीर में कुएं में फंसा तेंदुआ बचावकर्मियों की तरफ देख रहा था। इस तस्वीर को प्रॉमिनेंट वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी अवॉर्ड के लिए चुना गया है।
    बोरा बताते हैं कि तेंदुए ने जब ऊपर देखा तो ऐसा लगा कि जैसे वह जान गया है कि हम उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे और उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं। 
    वन अधिकारियों के पहुंचने पर गांव वालों ने उन्हें बताया कि यह तेंदुआ पिछले 25 घंटों से कुएं में फंसा हुआ है। उस समय वहां बारिश हो रही थी इसलिए गांववालों ने बारिश के पानी को भी कुएं की तरफ मोड़ दिया, उन्हें लगा कि कुएं में पानी का स्तर बढऩे से तेंदुआ तैरते हुए ऊपर आने लगेगा।

    बचाव काम का संचालन कर रहे वरिष्ठ वन अधिकारी सुरेश वाडेकर ने कहा कि हमने गांववालों को कहा कि कुएं में पानी छोडऩे से जानवर डूब भी सकता है। वाडेकर ने देखा कि तेंदुए की सांसें फूल रही थीं, इसलिए उन्होंने कुछ देर के लिए बचाव काम रोक दिया।
    गांववालों की मदद से अधिकारियों ने एक लकड़ी का तख्ता पानी में उतारा। तेंदुआ जब लकड़ी के तख्ते पर चढ़ गया तो कुछ लोगों ने उसे पकड़े रखा। दूसरे लोग कहीं से चारपाई ढूंढकर लाए और धीरे से कुएं में उतारी। जैसे ही चारपाई नीचे गई, तेंदुआ लकड़ी के तख्ते से कूदकर चारपाई पर बैठ गया।
    बोरा ने बताया जब वो चारपाई को ऊपर खींच रहे थे तो तेंदुआ एक टक वहां जमा लोगों को देख रहा था। जैसे ही चारपाई ऊपर आई, तेंदुआ कुएं की दीवार से कूदकर जंगल की ओर भाग गया। कुछ ही पलों में वो गायब हो गया।
    लोमड़ी और तेंदुए जैसे जानवर अपने शिकार या पानी की तलाश में भटककर गन्ने के खेतों में आ जाते हैं और कई बार कुएं में गिर जाते हैं। बोरा बताते हैं कि उन्होंने अब तक 100 से ज्यादा बचाव अभियानों की तस्वीरें ली हैं। इसमें यूरेशियन ईगल आउल का बचावकार्य भी शामिल है।
    बोरा ऐसे ही एक उल्लू के बचावकार्य को याद करते हुए बताते हैं कि एक उल्लू ने कौए के साथ लड़ते हुए अपना एक पंख गंवा दिया था, कई महीनों तक इलाज के बाद उसे जंगल में वापस भेज दिया गया।
    बोरा बताते हैं कि बुबली में बचाव अभियान का तरीका कुछ हटकर है। यहां गांववाले बचाव काम के समय तेंदुए को बेहोश करने की मांग नहीं करते। वो एक दूसरी घटना को याद करते हुए बताते हैं कि कैसे एक गांव में वनकर्मियों को धमकाया गया कि वो तेंदुए को बेहोश करें और अपने साथ ले जाएं।
    बोरा बताते हैं कि इस बार ऐसा कोई दबाव नहीं था। बचाव अभियान के दौरान कई गांव वाले वहां मौजूद थे। वन अधिकारी वाडेकर को डर था कि भीड़ को देखकर तेंदुआ हिंसक ना हो जाए, इसलिए लोगों को शांति के साथ कुएं से दूर खड़े रहने को कहा गया।
    वाडेकर 20 साल में 137 तेंदुओं का बचाव कर चुके हैं। वो बताते हैं कि 100 से ज्यादा अभियानों में तेंदुए को बेहोश करना पड़ा। वो मानते हैं कि बुबली एक आदिवासी गांव है, इसलिए यहां लोग जानवरों की मौजूदगी को स्वीकार करते हैं।
    लेकिन कई बार ऐसा नहीं होता। नवंबर 2016 में जब एक तेंदुए ने एक लड़की को मार दिया तो इंसानों की भीड़ ने उस तेंदुए को जलाकर मार डाला। बेंगलुरू के एक स्कूल में एक तेंदुए ने छह लोगों को जख्मी कर दिया था जिसके बाद उसे बेहोश करके छोड़ दिया गया।
    वाडेकर बताते हैं कि इस साल नासिक में तेंदुओं ने दो बच्चों को मार दिया। लेकिन गांव वालों ने कभी जानवर को नहीं पकड़ा। वाडेकर जागरूकता की जरूरत बताते हैं। वो कहते हैं कि तेंदुए जान-बूझकर इंसानों को शिकार नहीं बनाते।
    तेजी से कटते जंगलों की वजह से हाथी, शेर और तेंदुए रिहायशी इलाकों की तरह आ जाते हैं। यही वजह है कि बीते कुछ समय में जानवरों और इंसानों में संघर्ष बढ़ा है। भारत में तेंदुआ एक संरक्षित जीव है और उनके अंगों का अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रतिबंधित है।
    वन्यजीव विशेषज्ञ कहते हैं कि भारत में तेंदुए की संख्या के बारे में कोई सही आंकड़ा मौजूद नहीं है। लेकिन हाल ही में की गई वन्यजीव जनगणना में 12 से 14 हजार तेंदुओं के होने का अनुमान लगाया गया। (बीबीसी)

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Posted Date : 18-Nov-2017
  • मुंबई, 18 नवम्बर। शादी के 12 साल बाद मुंबई के बांद्रा इलाके में रहने वाली एक पूर्व मॉडल ने अपने मुस्लिम पति पर लव जिहाद का आरोप लगाया है। मॉडल का आरोप है कि वह हिंदू है और उसका पति उसपर धर्म परिवर्तन का दबाव डालता रहा है। हाल ही में उसने अपने से आधी उम्र की हिंदू लड़की से शादी की है और मुझे धमकाया जा रहा है। बांद्रा पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया और जांच कर रही है। 
    पूर्व मॉडल की शादी 12 साल पहले आसिफ से हुई थी। उसका आरोप है कि शादी के वक्त पति ने कहा था कि वह अपनी मर्जी से रह सकती है, लेकिन जल्द ही वह धर्म परिवर्तन का दबाव डालने लगा। मॉडल का कहना है कि धर्म बदलने से मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की कोशिश भी हुई। 
    मॉडल ने बताया कि उसका पति अब अपने से आधी उम्र की हिंदू लड़की के साथ है। उसने पति पर आरोप लगाया कि पति ने उसके सात साल के बच्चे को भी महिला से अलग रहने को लेकर भड़काया है। अब तक महिला के पति का पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस ने आरोपी पति समेत दो लोगों पर केस दर्ज कर लिया है।  (एएनआई)

     

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Posted Date : 18-Nov-2017
  • नई दिल्ली, 18 नवम्बर। भारत के सिनेमा जगत के पितामह कहे जाने वाले वी.शांताराम का आज 116वां जन्मदिवस है। इस मौके पर गूगल ने एक खास डूडल बनाकर उनको समर्पित किया है। वी शांताराम का  जन्म 18 नवंबर 1901 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हुआ था। वी शांताराम का मूल नाम राजाराम वानकुदरे शांताराम था। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही छोडऩी पड़ गई थी। उनका रुझान बचपन से ही फिल्मों की ओर था और वे फिल्मकार बनना चाहते थे। वर्ष 1920 के शुरुआती दौर में वी। शांताराम बाबू राव पेंटर की महाराष्ट्र फिल्म कंपनी से जुड़ गए और उनसे फिल्म निर्माण की बारीकियां सीखीं।
    शांताराम ने अपने करियर की शुरूआत वर्ष 1921 में आई मूक फिल्म सुरेख हरण से की थी। इस फिल्म में उन्हें बतौर अभिनेता काम करने का मौका मिला था।
    वर्ष 1929 में उन्होंने प्रभात कंपनी फिल्मस की स्थापना की, प्रभात कंपनी के बैनर तले वी. शांतराम ने गोपाल कृष्णा, खूनी खंजर, रानी साहिबा और उदयकाल जैसी फिल्में निर्देशित की। शांताराम ने अपने छह दशक लंबे फिल्मी करियर में लगभग 50 फिल्मों को निर्देशित किया। दर्शकों के बीच खास पहचान बनाने वाले महान फिल्मकार वी.शांताराम 30 अक्टूबर 1990 को इस दुनिया से विदा हो गए। (एनडीटीवी)

     

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Posted Date : 18-Nov-2017
  • नई दिल्ली, 18 नवम्बर। बिहार के सीवान में पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड के आरोपी के साथ तस्वीर को लेकर लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजप्रताप मुश्किल में फंस सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी मोहम्मद कैफ संग तेजप्रताप की तस्वीर वाली मीडिया रिपोर्ट्स पर सीबीआई से जवाब मांगा है। पत्रकार की पत्नी आशा रंजन के वकील ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली पीठ के समक्ष सवाल उठाया कि यह तस्वीर साबित करती है कि आरोपी मोहम्मद कैफ को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ था। 
    वकील ने कहा कि आरोपी जमानत पर बाहर है और उसके मजबूत राजनीतिक संपर्कों के चलते पत्रकार की पत्नी और उनके बच्चों की जान को खतरा है। बेंच ने सीबीआई की ओर से पेश हुए अडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को रिपोर्ट्स का अध्ययन करने और कोर्ट को पूरे मामले से अवगत कराने का आदेश दिया। आशा रंजन ने कहा कि उनके पति की पिछले साल 13 मई को हत्या हुई थी और संदिग्ध हत्यारे को बाहुबली शहाबुद्दीन के साथ देखा गया था। वह भी पत्रकार हत्याकांड में आरोपी हैं। 
    तेज प्रताप के वकील ने कहा कि तेजप्रताप एक सार्वजनिक कार्यक्रम में गए थे, जहां हत्यारोपी बुके लेकर मंच पर आ गया और यह उसी दौरान की तस्वीर है। मेहता ने कहा कि इस तस्वीर की सच्चाई पूरी जांच होने के बाद ही सामने आ पाएगी।  (टाईम्स न्यूज)

     

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Posted Date : 18-Nov-2017
  • अरविंद छाबड़ा
    बाघा पुराना, 18 नवम्बर । पंजाब में हिंदू नेताओं की हत्या में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किए गए ब्रितानी नागरिक जगतार सिंह जोहल को 30 नवंबर, 2017 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
    जगतार सिंह को मोगा जिले की निचली अदालत बाघा पुराना ने न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया। स्थानीय पुलिस ने अदालत से पुलिस रिमांड मांगी थी। जगतार जोहल के वकील जसपाल सिंह मांझपुर ने बताया कि पिछली सुनवाई के दौरान जगतार ने पुलिस के अमानवीय व्यवहार की शिकायत की थी, अदालत ने इस बारे में पुलिस को अपना पक्ष रखने को कहा।
    पुलिस ने अदालत के सामने कहा कि जगतार के साथ कोई अमानवीय व्यवहार नहीं किया गया। ब्रितानी नागरिक जोहल को 4 नवंबर को मोगा जिले की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जोहल से अदालत में मिलने के लिए उसके सास ससुर के अलावा ब्रिटिश दूतावास के अधिकारी भी पहुंचे।
    जालंधर जिले के बलविंदर सिंह ने बाघा पुराना कोर्ट के बाहर बताया कि इसी साल 18 अक्टूबर को उन्होंने अपनी बेटी गुरप्रीत कौर की जगतार से शादी की थी।
    बलविंदर सिंह ने बताया कि मेरी बेटी 29 साल की है और जगतार 30 का। हमारी बेटी सुंदर है और जगतार खूबसूरत, दोनों एक-दूसरे के साथ बहुत अच्छे लगे। फिर, हमारी दूसरी बेटी की शादी भी यूके में ही हुई है। हमें तो लगा था कि हम कितने खुशकिस्मत हैं।
    बलविंदर की बेटी फगवाड़ा के पास किसी जगह से नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी। इस दौरान वो जोहल के किसी रिश्तेदार से मिली। वहीं से शादी की बातचीत शुरू हुई।
    जगतार दो अक्टूबर को भारत आए। उनकी गिरफ्तारी शादी के दो हफ्ते बाद मोगा जिले से हुई। यह पूछने पर कि क्या उन्होंने जगतार की पृष्ठभूमि की जांच की थी, बलविंदर सिंह ने बताया कि मेरे एक रिश्तेदार ने यूके में जगतार के परिवार से मुलाकात की थी, लेकिन हमें कभी किसी बात पर शक नहीं हुआ।
    बलविंद आगे बताते हैं कि यह कोई चुपके से की गई शादी नहीं थी। पांच महीने पहले सगाई हुई थी। नकोदार के एक बैंक्वेट हॉल में शादी हुई। उन लोगों ने भी एक दूसरी जगह जागो रस्म की। उनके 50 रिश्तेदार भी स्कॉटलैंड से आए।
    बलविंदर और उनकी पत्नी अमनदीप मानते हैं कि उनका दामाद बेकसूर है। उन्होंने तय कर लिया है कि वे उसे इन हालात में अकेला नहीं छोड़ेंगे। हमने अपनी बेटी दी है। हम उसे किसी को ऐसे ही तो नहीं सौंप देंगे। बलविंदर उदास आवाज में कहते हैं। जगतार सिंह पर हत्या में सीधे शामिल होने का आरोप नहीं है, हत्या के शक में जिन लोगों को गिरफ्तार किए गया है उन्होंने बताया कि उन्हें जिन लोगों से हथियार खरीदने में मदद मिली, उनमें जगतार सिंह जोहल भी शामिल हैं।(बीबीसी)

     

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Posted Date : 18-Nov-2017
  • बगदाद, 18 नवम्बर । इराकी सुरक्षाबलों ने देश में इस्लामिक स्टेट के कब्जे वाले आखिरी कस्बे रावा को अपने नियंत्रण में ले लिया है। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि इस शहर में मौजूद आईएस के ज्यादातर लड़ाके भागकर सीरिया की सीमा में दाखिल हो चुके हैं। रावा कस्बे पर इराकी सुरक्षाबलों ने उस वक्त नियंत्रण पा लिया, जब आईएस के जिहादी सीरिया में संगठन के कब्जे वाले आलबू कमाल में हमले से घिरे हैं।
    अमरीका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने बुधवार को कहा कि इस्लामिक स्टेट इराक और सीरिया में अपनी तथाकथित खिलाफत का 95 फीसदी हिस्सा गंवा चुका है। साल 2014 में उसने खिलाफत का ऐलान किया था। आईएस के कब्जे से अब सभी प्रमुख इलाके आजाद हो चुके हैं। कुछ छिटपुट स्थानों पर उसकी मौजूदगी बनी हुई है।
    रूस ने सीरिया में रासायनिक हथियारों से हो रहे हमलों से जुड़े लोगों का पता लगाने के लिए संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में की जा रही जांच की अवधि बढ़ाने से रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अपने वीटो का इस्तेमाल किया है। अमरीका, उसके सहयोगियों और मानवाधिकार समूहों ने जॉइंट इनवेस्टिगेटिव मैकेनिज्म (जेआईएम) के प्रयासों पर रोक लगाने के लिए रुस की ओर से 10वीं बार वीटो के इस्तेमाल को एक बड़ा झटका करार दिया है।(एएफपी)

     

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Posted Date : 18-Nov-2017
  • इस्लामाबाद, 18 नवम्बर । गिलगिट-बल्टिस्तान में पाकिस्तान सरकार की ओर से लागू किए गए टैक्सेशन सिस्टम को अवैध बताते हुए हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। गिलगिट बल्टिस्तान के व्यापारियों का कहना है कि वे इसी जोश और नाराजगी के साथ पाकिस्तान सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध जारी रखेंगे, जबतक इसे वापस नहीं लिया जाता। 
    पाकिस्तान सरकार के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन मुज्जफराबाद, रावलाकोट, कोटली, गिलगिट और हजिरा सहित अन्य कई स्थानों पर भी जारी है। लोग पाकिस्तान विरोधी नारे लगा रहे हैं और सरकार से इस क्षेत्र से सेना को हटाने की मांग कर रहे हैं।
    इससे पहले भी गत 22 अक्टूबर को गिलगिट बल्टिस्तान क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था और ब्लैक डे मनाया था। दरअसल, 22 अक्टूबर 1947 को ही पाकिस्तानी सेना ने तत्कालीन जम्मू-कश्मीर रियासत के इस हिस्से में घुसपैठ कर कब्जा कर लिया था। गिलगित बल्टिस्तान के लोग पाकिस्तान से अपनी आजादी की मांग करते हैं और इसके विरोध में ही 22 अक्टूबर को काला दिवस के रूप में मनाते हैं। (एएनआई)

     

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Posted Date : 17-Nov-2017
  • भोपाल, 17 नवम्बर (न्यूज 18)। व्यापम घोटाले को लेकर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा पर सीएम शिवराज द्वारा दर्ज मानहानि मामले में भोपाल कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने केके मिश्रा को दोषी करार देते हुए दो साल की कैद और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। केके मिश्रा ने मुख्यमंत्री शिवराज और उनकी पत्नी साधना सिंह पर व्यापम परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगाये थे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केके मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए ट्रायल पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था। इसके बाद अब इस पूरे मामले में कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। ये है पूरा मामला- शासन ने 2014 में कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा पर मानहानि का दावा, मानहानि के परिवाद पर कोर्ट में 26 जून को सुनवाई शुरू हुई, परिवहन आरक्षक भर्ती में शिवराज सिंह की पत्नी साधना सिंह की भूमिका पर सवाल उठाए थे।
    सीएम की तरफ से परिवाद में उठाए गए थे 5 प्रमुख सवाल
    1-गोंदिया के 19 परीक्षार्थियों की नियुक्तियों का आरोप पूरी तरह से गलत है, गोंदिया का एक भी चयनित नहीं हुआ।
    2-फूलसिंह चौहान मुख्यमंत्री के मामा नहीं हैं, सीएम के एकमात्र मामा का निधन हो चुका है।
    3-आरोपियों को सीएम हाउस से 139 कॉल होने का आरोप पूरी तरह से गलत, इसका कोई रिकार्ड नहीं।
    4-कांग्रेस प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री, उनके परिजनों और सरकार को बदनाम करने की नीयत से झूठी टिप्पणियां कीं, जिससे मानहानि हुई।
    5-कॉल डिटेल और एसएमएस की सूची कहां से मिली, के के मिश्रा बताएं। कांग्रेस द्वारा जारी की गई सूची में हाथ से चिन्ह लगाए गए, जिससे यह जांच को प्रभावित करने वाला कृत्य है।

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Posted Date : 17-Nov-2017
  • लाहौर, 17 नवम्बर। स्मॉग की चादर केवल भारत के कुछ हिस्सों पर ही नहीं, पाकिस्तान पर भी पड़ी है और और आंकड़े बताते हैं कि आतंकवाद की तुलना में प्रदूषण से मरने वालों की तादाद यहां दोगुनी है।

    भारत की राजधानी दिल्ली पिछले कई दिनों से के चलते चर्चा का विषय बनी हुई है, तो पाकिस्तान में भी हालात बहुत अलग नहीं हैं। हालांकि अब बरसात ने इस्लामाबाद और लाहौर में हालात कुछ बेहतर तो किये हैं लेकिन अब भी स्थिति चिंताजनक है। लाहौर में पिछले दिनों पीएम 2.5 की मात्रा 1,000 को पार गयी। संयुक्त राष्ट्र द्वारा के अनुसार चौबीस घंटे में पीएम 2.5 की मात्रा 25 से ज्यादा नहीं होनी चाहिये और लाहौर में 400 गुना तक पहुंच गयी। हालांकि बुधवार को यह कम हो कर 159 आ गयी है लेकिन इसे अभी भी सुरक्षित दर नहीं माना जा सकता। ऐसे में पाकिस्तान एयर क्वॉलिटी ने ट्वीट किया है कि सवाल यह उठता है कि खतरनाक से अस्वस्थ के बदलाव को बेहतरी कहना चाहिये?
    भारत और चीन के बाद प्रदूषण के कारण सबसे अधिक मौतें पाकिस्तान में ही होती हैं। गेट्स फाउंडेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में सालना 1 लाख 25 हजार लोगों की मौत प्रदूषण के चलते होती है। वहीं आतंकवाद के कारण मरने वालों की संख्या 60 हजार है। ऐसे में विपक्ष के नेता शेरी रेहमान ने एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार में एक लेख लिख कर स्थिति की आलोचना की है। रेहमान ने लिखा है कि मैं आतंकवाद के खतरे को कम करके नहीं बताना चाहता लेकिन हमें यह समझना होगा कि हमारे नागरिकों को जमीन पर मौजूद आतंकवादियों की तुलना में हवा के कारण होने वाली बीमारियों से ज्यादा खतरा है। रेहमान ने आगे लिखा है कि हमें कुछ करना होगा। और हमें अभी ही कुछ करना होगा।
    पिछले दिनों पाकिस्तान पंजाब के अस्पतालों में प्रति दिन लगभग एक हजार मरीजों का सांस से जुड़ी बीमारियों के चलते इलाज हुआ। लेकिन इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई कदम नहीं लिए गये। लाहौर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस सैयद मंसूर अली शाह ने सरकार से जवाब मांगते हुए कहा कि यहां आपातकालीन स्थिति बनी हुई है लेकिन अधिकारियों ने दफ्तरों में चाय पीने के अलावा और कुछ नहीं किया है। शाह ने यह भी पूछा कि आपने स्मॉग को ले कर रेड अलर्ट जारी क्यों नहीं किया, जब आप यह जानते हैं कि यह गर्भवती महिलाओं, वृद्ध लोगों और दिल के मरीजों की सेहत के लिए बुरा है।
    वहीं पाकिस्तान एयर क्वॉलिटी के आबिद ओमर का कहना है कि बीजिंग और दिल्ली में कम से कम हवा की गुणवत्ता को मॉनिटर किया जाता है और नागरिकों को सजग किया जाता है लेकिन पाकिस्तान में अधिकारी अभी तक जगे ही नहीं हैं। ओमर के अनुसार पाकिस्तान में कि पर्यावरण प्राथमिकताओं में सबसे नीचे है।  (एएफपी)

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