खेल

  • नई दिल्ली: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कोलकाता के इडेन गार्डन में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय टीम ने 50 रन से ऑस्ट्रेलिया को मात देकर सीरीज में 2-0 से बढ़त बना ली. इस मैच में भारत के लिए कुलदीप यादव ने हैट्रिक ली थी. कप्तान विराट कोहली ने इस मैच में शानदार 92 रनों की पारी खेली थी. कोहली और रहाणे के बीच 102 रनों की साझेदारी हुई, जिसकी बदौलत भारतीय टीम 252 रनों का चुनौतूपूर्ण स्कोर बना पाई. ऑस्ट्रेलिया के सामने कम दिख रहे स्कोर को भारतीय गेंदबाजों ने शानदार तरीके से बचाव किया और टीम को 50 रनों से जीत दिला दी. भारत के लिए कुलदीप यादव और भुवनेश्वर कुमार ने तीन-तीन विकेट चटकाए, जबकि चहल और पांड्या ने दो-दो विकेट झटके. इडेन गार्डन में हुए इस मैच में भारतीय टीम के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग और भारतीय महिला क्रिकेट की पेस बॉलर झूलन गोस्वामी ने घंटी बजाकर मैच की शुरुआत की. सहवाग और गोस्वामी द्वारा बेल बजाते ही फैंस खुशी से झूम उठे.
    सहवाग जब खेलते थे तो अपने बल्ले के प्रहार से फैंस का मनोरंजन करते थे, लेकिन रिटायरमेंट के बाद अपने मजेदार ट्वीट और कमेंट से क्रिकेट फैंस का मनोरंजन कर रहे हैं. सहवाग द्वारा किया गया हर ट्वीट और कमेंट का अंदाज अलग और मजेदार होता है, जिसे फैंस खूब पसंद करते हैं. ऐसा ही एक मौका फिर आया जब सहवाग ने अपने कमेंट से फैंस का मनोरंजन किया. सहवाग ने इस बार ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज नाथन-कुल्टर-नाइल के बारे में एक कमेंट किया है. उन्होंने नाथन-कुल्टर-नाइल की तुलना बॉलीवुड अभिनेता नील-नीतीन मुकेश से की है. ‘नाथन-कुल्टर-नाइल के तीन नाम हैं, जैसे बॉलीवुड एक्टर नील-नीतीन-मुकेश के हैं.’ सहवाग के इस कमेंट के बाद कमेंटरी बॉक्स में मौजूद अन्य कमेंटेटर ही नहीं ट्विटर यूजर्स ने भी इस कमेंट को खूब पसंद किया और तरह-तरह के कमेंट किए. 
    कोलकाता वनडे जीतने के बाद भारतीय टीम की नजरें अब इस सीरीज में 3-0 से बढत बनाने की होगी. सीरीज का तीसरा मैच रविवार को इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाएगा. खास बात यह है कि इस मैदान पर भारतीय टीम अब तक तो ना कोई टॉस हारी है और ना ही मैच. बता दें कि इसी मैदान पर वीरेंद्र सहवाग ने वनडे में 219 रन की शानदार पारी खेलकर सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड अपने नाम किया था. होल्कर स्टेडियम में भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भी बीते दिनों न्यूजीलैंड के खिलाफ 211 रनों की पारी खेली थी, उस मैच में रहाणे ने भी 188 रन बनाए थे.

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  • नई दिल्ली, 23 सितंबर। फीफा अंडर-17 विश्व कप के लिये भारतीय टीम में चुने गये खिलाडिय़ों की कहानी किसी संघर्ष से कम नहीं है। टीम में शामिल खिलाडिय़ों में कोई दर्जी का बेटा है, कोई बढ़ई का तो किसी की मां रेहड़-पटरी पर सामान बेचती है। टीम के 21 खिलाडिय़ों में से ज्यादातर ने अपने अभिभावकों को संघर्ष करते देखा है, लेकिन इसके बावजूद भी वे इस खेल में देश का प्रतिनिधित्व करने के अपने सपने को पूरा करने के करीब हैं।
    सिक्किम के 17 वर्षीय कोमल थाटल के पास फुटबाल खरीदने के लिये पैसे नहीं थे और वह प्लास्टिक से बनी गेंद से खेलते थे। थाटल ने बताया कि मेरे अभिभावक दर्जी है और मेरे पैतृक गांव में उनकी छोटी सी दुकान है। बचपन में मैं कपड़े या प्लास्टिक से बनीं गेंद से फुटबाल खेलता था। थाटल के पिता अरुण कुमार और मां सुमित्रा अपनी थोड़ी सी कमाई में से उनके लिये फुटबाल किट खरीदने के लिये पैसे जमा किये।
    इसके बाद उन्होंने कहा, अपने अभिभावकों से फुटबाल खरीदने के लिये कहना काफी मुश्किल था। लेकिन वे हमेशा मेरा साथ देते थे। मेरे फुटबाल किट के लिये वे पैसे बचाते थे। इसमें मेरे कुछ दोस्तों ने भी मदद की। थाटल 2011 में 'नामची खेल अकादमीÓ से जुड़े और उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर इसके मुख्य कोच ने 2014 में उन्हें एआईएफएफ के शिविर में गोवा भेजा जहां से उन्होंने विश्व कप टीम में जगह बनाई। पिछले साल ब्रिक्स कप में उन्होंने ब्राजील के खिलाफ गोल भी किया था जिसमें टीम को 1-3 से हार मिली थी।
    संघर्ष की कुछ ऐसी ही कहानी अमरजीत सिंह कियाम की भी है जिनके अंडर-17 विश्व कप टीम का कप्तान बनाये जाने की उम्मीद है। अमरजीत के पिता मणिपुर के छोटे से शहर थाबल में खेती और बढ़ई का काम करते है। उनकी मां वहां से 25 किमी दूर इंफाल में मछली बेचती है। अमरजीत ने कहा, मेरे पिता किसान है और खाली समय में खेती करते हैं। मां मछली बेचती है लेकिन खेल से मेरा ध्यान ना भटके इसलिये वे मुझे कभी भी काम में हाथ बटाने के लिये नहीं कहते थे। अमरजीत ने कहा, मेरे चंडीगढ़ फुटबाल अकादमी में आने के बाद माता पिता से बोझ थोड़ा कम हुआ क्योंकि वहां रहने, खाने और स्कूल का खर्च भी अकादमी ही वहन करती है।
    टीम के एक अन्य सदस्य संजीव स्टालिन की मां फुटपाथ पर कपड़े बेचती है। स्टालिन ने कहा, मेरे पिता हर दिन मजदूरी की तलाश में यहां-वहां भटकते रहते थे इसलिये मेरी मां रेहड़ी पटरी पर कपड़े बेचती थी ताकि घर का खर्च चल सके। बचपन में मुझे पता नहीं चलता था की मेरे जूते कहां से आ रहे हैं लेकिन अब मुझे पता है कि मेरे अभिभावकों को इसके लिये कितनी मेहनत करनी पड़ी। खुमांथेम निंगथोइंगानबा की मां इंफाल में मछली बेचती है तो वहीं कोलकाता के जितेन्द्र सिंह के पिता चौकीदार है। इन सभी खिलाडिय़ों में जो बात समान है वह ये है कि ये सभी देश को विश्व कप का तोहफा देना चाहते है। (जी न्यूज)

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  • नई दिल्ली, 22 सितंबर। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरे वनडे मैच में भारत के खब्बू चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने हैट्रिक लेकर भारत की जीत की राह आसान कर दी। कुलदीप ने ऑस्ट्रेलियाई पारी के 33वें ओवर की दूसरी, तीसरी और चौथी गेंद पर क्रमश: मैथ्यू वेड, एश्टन एगर और पैट कमिन्स के विकेट लिए।
    अंतरराष्ट्रीय वनडे मैचों में हैट्रिक लेने वाले वह तीसरे भारतीय गेंदबाज हैं। उनसे पहले कपिल देव और चेतन शर्मा यह कारनामा कर चुके हैं। साल 1991 में कपिल देव की हैट्रिक के 26 साल बाद किसी भारतीय गेंदबाज ने यह उपलब्धि हासिल की है।
    हालांकि कुलदीप की यह पहली हैट्रिक नहीं है। इससे पहले वह 2014 अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप में स्कॉटलैंड के खिलाफ हैट्रिक ले चुके हैं। उस मैच में उन्होंने 10 ओवरों में 28 रन देकर 4 विकेट लिए थे। तब यह मुकाम हासिल करने वाले वह पहले भारतीय थे।
    इससे पहले कुछ अच्छी गेंदों के बावजूद कुलदीप खर्चीले रहे थे। उन्होंने 7 ओवरों में 39 रन दिए थे और उन्हें एक भी सफलता नहीं मिली थी। फिर वह पारी का 33वां और अपना आठवां ओवर फेंकने आए।
    ओवर की दूसरी गेंद बाएं हाथ के बल्लेबाज मैथ्यू वेड के लिए ऑफ स्टम्प के बाहर गिरी। वेड ने थोड़ा पीछे जाकर इसे पूरा बल्ला मोड़े बिना कट करना चाहा। लेकिन अंदरूनी किनारा लगा और गेंद स्टम्प पर जा लगी।
    इसके बाद एक और खब्बू बल्लेबाज एश्टन एगर क्रीज पर आए। कुलदीप ने एक पारंपरिक लेगब्रेक फेंकी लेकिन एगर उसकी उसकी लंबाई और गति से धोखा खा गए और गेंद उनके पैड पर लगी। खिलाडिय़ों की आत्मविश्वास से भरी अपील और एगर आउट दे दिए गए। यह इतना साफ एलबीडब्ल्यू था कि एगर ने रिव्यू करना भी उचित नहीं समझा।
    अब पुछल्ले बल्लेबाज पैट कमिन्स क्रीज पर थे और उनको कुलदीप ने संभवत: आदर्श हैट्रिक गेंद फेंकी। यह एक गुगली थी। ऑफ स्टम्प के बाहर गिरी, उसे डिफेंड करने के लिए कमिन्स ने पांव आगे बढ़ाया और बल्ले का किनारा लेकर गेंद महेंद्र सिंह धोनी के सुरक्षित दस्तानों में चली गई।
    कुलदीप गेंद को बाएं हाथ से कलाई से स्पिन कराते हैं। क्रिकेट की शब्दावली में इस तरह के गेंदबाज को चाइनामैन कहा जाता है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के ब्रैड हॉग और विचित्र एक्शन वाले दक्षिण अफ्रीका के पॉल एडम्स चर्चित चाइनामैन गेंदबाज रहे हैं।
    वह भारत के लिए दो टेस्ट मैच भी खेल चुके हैं, जिनमें उनके नाम 9 विकेट हैं। भारत के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में कुलदीप पहले चाइनामैन गेंदबाज कहे जाते हैं। उन्होंने आठ वनडे मैचों में 13 और दो टी-20 मैचों में तीन विकेट लिए हैं। वनडे में उनका औसत 20.15 का है।
    उन्होंने अपना पहला वनडे मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ इसी साल 23 जून को खेला था। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में पैदा हुए 22 साल के कुलदीप यादव के पिता राम सिंह यादव ईंटो का भ_ा चलाते हैं। कुलदीप शुरू में तेज गेंदबाज बनना चाहते थे। लेकिन उनके बचपन के कोच कपिल पांडेय ने उन्हें चाइनामैन गेंदबाज बनने की सलाह दी थी।
    संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में खेले गए अंडर 19 क्रिकेट विश्वकप में कुलदीप ने अपनी छाप छोड़ी थी। इसके छह मैचों में उन्होंने 14 विकेट हासिल किए थे।
    साल 2012 के आईपीएल में कुलदीप मुंबई इंडियन की टीम का हिस्सा थे। लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। नेट प्रैक्टिस में उन्हें सचिन तेंदुलकर को गेद फेंकने का मौका मिला और उन्होंने उन्हें आउट कर दिया। इस समय कुलदीप आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स टीम का हिस्सा हैं। (बीबीसी)

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  • कोलकाता, 21 सितंबर: कप्‍तान विराट कोहली (92)और अजिंक्‍य रहाणे (55)के अर्धशतकों के बावजूद टीम इंडिया आज यहां दूसरे वनडे मैच में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ निर्धारित 50 ओवर्स में 252 रन बनाए. टीम इंडिया का आखिरी विकेट पारी की अंतिम गेंद पर युजवेंद्र चहल (2) के रूप में गिरा. चहल रन आउट हुए. इससे पहले रहाणे और विराट ने दूसरे विकेट के लिए 102 रन की साझेदारी की. पहले वनडे में नाकाम रहने के बाद विराट कोहली ने आज शानदार बैटिंग की. वे अपने 31वें शतक की ओर बढ़ते नजर आ रहे थे, लेकिन 92 रन बनाने के बाद कुल्‍टर नाइल के शिकार बन गए.  मैच जीतने के लिए ऑस्‍ट्रेलिया के सामने 253 रन बनाने की चुनौती है.जवाब में 22.5  ओवर के बाद ऑस्‍ट्रेलिया का स्‍कोर चार  विकेट खोकर 106 रन है. हिल्‍टन कार्टराइट (1), डेविड वॉर्नर (1), ट्रेविस हेड (39 ) और ग्‍लेन मैक्‍सवेल (14) आउट होने वाले बल्‍लेबाज हैं. स्‍टीव स्मिथ 39 और मार्कस स्‍टोइनिस बनाकर क्रीज पर हैं.

    ऑस्‍ट्रेलिया की पारी की शुरुआत हिल्‍टन कार्टराइट और डेविड वॉर्नर ने की. पारी के तीसरे ही ओवर में भुवी टीम के लिए पहली सफलता लेकर आए जब उन्‍होंने कार्टराइट (1)को बोल्‍ड कर दिया. अपने अगले ही ओवर (पारी के पांचवें ) में भुवनेश्‍वर ने तेजी से बल्‍लेबाजी करने वाले डेविड वॉर्नर को भी पेवेलियन लौटा दिया. वॉर्नर का कैच स्लिप में अजिंक्‍य रहाणे ने पकड़ा. पांच ओवर के बाद टीम का स्‍कोर दो विकेट पर 10 रन था. पारी की छठे ओवर में हेड ने बुमराह के ओवर में दो चौके लगाए. पारी के सातवें ओवर में हेड भी आउट हो सकते थे लेकिन भुवनेश्‍वर की गेंद पर स्लिप में रोहित शर्मा कैच नहीं पकड़ सके. दो विकेट गिरने के बावजूद हेड और स्मिथ की जोड़ी ने रनों की रफ्तार कम नहीं होने दी. ऑस्‍ट्रेलिया के 60 रन 12वें ओवर में पूरे हुए.

    ऐसे समय जब स्मिथ और हेड की साझेदारी भारत के लिए खतरा बनती लग रही थी, चहल टीम के लिए तीसरी सफलता लेकर आए. उन्‍होंने ट्रेविस हेड (39 रन, 39 गेंद, पांच चौको) को मनीष पांडे से कैच कराया. हेड की जगह खेलने आए ग्‍लेन मैक्‍सवेल ने कुलदीप यादव की गेंद पर दो लगातार छक्‍के लगाए. हालांकि वे अपनी पारी को ज्‍यादा आगे नहीं बढ़ा सके.  पारी के 23वें ओवर में मैक्‍सवेल (14 रन, 18 गेंद, दो छक्‍के) को चहल ने धोनी से स्‍टंप कराया.

    भारतीय पारी : विराट कोहली और अजिंक्‍य रहाणे ने बनाए अर्धशतक
    ऑस्‍ट्रेलिया के लिए पहला ओवर पैट कमिंस ने फेंका जिसमें तीन रन बने. तीसरे ओवर में रोहित शर्मा ने पैट कमिंस को पारी का पहला चौका लगाया.  पारी के चौथे ओवर में अजिंक्‍य रहाणे ने कुल्‍टर नाइल को दो चौके लगाए. इस ओवर में 9 रन बने. पांच ओवर के बाद टीम इंडिया को स्‍कोर बिना विकेट खोए 19 रन था. छठे ओवर की पहली ही गेंद पर टीम इंडिया को रोहित शर्मा (7 रन, 14 गेंद, एक चौका) का विकेट गंवाना पड़ा. उन्‍हें नाथन कुल्‍टर नाइल ने अपनी ही गेंद पर कैच किया.10 ओवर के बाद टीम इंडिया का स्‍कोर एक विकेट खोकर 44 रन था. रहाणे और विराट की पार्टनरशिप टीम इंडिया के लिए अच्‍छी साबित हुई और 20वें ओवर में स्‍कोर 100 रन तक पहुंच गया. इसके कुछ देर बार विराट और रहाणे ने अपने-अपने अर्धशतक पूरे किए. जहां विराट के 50 रन 60 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से पूरे हुए, वहीं रहाणे ने इसके लिए 62 गेंदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए. विराट का यह 45वां और रहाणे का 20वां अर्धशतक रहा.
    भारतीय टीम का दूसरा विकेट 121 के स्‍कोर पर रहाणे (55 रन, 64 गेंद, सात चौके) के रूप में गिरा, जो रन आउट हुए. 25 ओवर के बाद टीम इंडिया का स्‍कोर दो विकेट खोकर 124 रन था.  टीम इंडिया का तीसरा विकेट मनीष पांडे (3 रन, 13 गेंद) के रूप में गिरा जिन्‍हें स्पिन गेंदबाज एस्‍टन एगर ने आउट किया.
     
    टीम इंडिया का तीसरा विकेट मनीष पांडे (3 रन, 13 गेंद) के रूप में गिरा जिन्‍हें स्पिन गेंदबाज एस्‍टन एगर ने आउट किया. इसके बाद विराट ने केदार जाधव के साथ चौथे विकेट के लिए 55 रन जोड़े. जाधव 24 रन (24 गेंद, दो चौके, एक छक्‍का) को कुल्‍टर नाइल ने मैक्‍सवेल से कैच कराया. टीम के 200 रन पूरे होने के पहले कप्‍तान विराट कोहली (92 रन, 107 गेंद, आठ चौके) भी विदा हो गए. उन्‍हें कुल्‍टर नाइल ने बोल्‍ड किया. विराट अपना 31वां वनडे शतक लगाने से चूक गए. भारतीय टीम का छठा विकेट एमएस धोनी के रूप में गिरा. वे 6 रन बना पाए. उन्‍हें केन रिचर्डसन ने स्‍टीव स्मिथ से कैच कराया. कप्‍तान धोनी के आउट होने के बाद हार्दिक पंड्या और भुवनेश्‍वर कुमार ने टीम इंडिया के स्‍कोर को आगे बढ़ाया. भारतीय टीम के अगले चार विकेट भुवनेश्‍वर कुमार, कुलदीप यादव, हार्दिक पंड्या और युजवेंद्र चहल के रूप में गिरे. चहल पारी की आखिरी गेंद पर रन आउट हुए. ऑस्‍ट्रेलिया के लिए नाथन कुल्‍टर नाइल और केन रिचर्डसन ने तीन-तीन विकेट लिए.  जसप्रीत बुमराह दो चौकों की मदद से 10 रन बनाकर नाबाद रहे.

    भारत के विकेटों का पतन: 19-1 (रोहित, 5.1), 121-2 (रहाणे, 23.4), 131-3 (पांडे, 27.2), 186-4 (जाधव, 35.3), 197-5 (कोहली, 37.5), 204-6 (धोनी, 39.1), 239-7 (भुवनेश्‍वर, 47.6), 239-8 (कुलदीप, 48.2), 246-9 (हार्दिक, 49.1), 252-10 (चहल, 50)
     
    टीमें इस प्रकार हैं:

    भारत : विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, मनीष पांडे, केदार जाधव, महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमरा, लोकेश राहुल, रविंद्र जडेजा, उमेश यादव और मोहम्मद शमी.

    ऑस्ट्रेलिया : स्टीव स्मिथ (कप्तान), डेविड वार्नर, हिल्टन कार्टराइट, मैथ्यू वेड (विकेटकीपर), नाथन कूल्टर नाइल, पैट कमिंस, जेम्स फाकनर, पीटर हैंड्सकोंब, ट्रेविस हेड, ग्लेन मैक्सवेल, एडम जम्पा, केन रिचर्डसन, मार्कस स्टोईनिस और आरोन फिंच. (एनडीटीवी)

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  • कोलकाता, 21 सितम्बर: कोलकाता में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ दूसरे वनडे में विराट कोहली के सामने मौक़ा था रिकी पॉन्टिंग से आगे निकलने का लेकिन ऐसा नहीं हो सका. कप्तान कोहली 8 रन से अपने 31वें शतक से चूक गए. इसी के साथ रिकी पोंटिंग का रिकॉर्ड टूटने से बच गया. कोहली ने 107 गेंदों में 8 चौकों की मदद से 92 रन बनाए. वनडे में सचिन तेंदुलकर के नाम 49 शतक हैं जबकि कोहली और पॉन्टिंग 30-30 शतक के साथ दूसरे नंबर पर हैं. कोहली पांचवी बार नर्वस नाइंटीज के शिकार हुए हैं.

    2010 में ढाका में बांग्लादेश के खिलाफ़ 91
    2011 में किंग्सटन में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ 94
    2013 में ही वाइज़ैक में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ़ 99
    2016 में पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ वे 91 रन पर आउट हो गए थे.
    और यहां कोलकाता में वे 92 रन पर पैवेलियन लौट गए.

    इसी साल आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफ़ी में वे 96 रन पर नॉट आउट रहे थे। कोहली से जुड़ा एक और दिलचस्प आंकड़ा है. वे 12 बार शून्य पर आउट हुए हैं. पिछले 5 बार शून्य पर आउट होने के बाद अगले मैच में उनका स्कोर रहा है 86 123 40 76* और 92. ज़ाहिर है शून्य के बाद उनकी कोशिश शतकीय पारी खेलने की होती है.

    इस साल कोहली ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ एक भी अर्धशतक नहीं बना पाए थे. 3 टेस्ट में वे कुल 46 रन बना पाए थे और इस सीरीज़ के पहले वनडे में वे खाता नहीं खोल पाए थे.

    इस साल कप्तानी संभालने के बाद कोहली वनडे में 1000 से ज़्यादा रन बना चुके हैं. इस साल हजार का आंकड़ा छूने वाले वे इकलौते क्रिकेटर भी हैं. (एनडीटीवी)

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  • कोलकाता, 21 सितंबर : ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरा वनडे महेंद्र सिंह धोनी के लिए बल्लेबाजी (5 रन) में खास नहीं रहा. हालांकि ईडन गार्डन्स पर उतरते ही उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली. दरअसल, धोनी टीम इंडिया की ओर से अपने 300वें वनडे में खेलने उतरे.

    धोनी के करियर के ओवरऑल वनडे की बात करें, तो धोनी की कुल वनडे संख्या- 303 हो चुकी है. ऐसा इसलिए क्योंकि धोनी ने 2007 में तीन वनडे एशिया इलेवन की ओर से खेल थे. उन 3 मैचों को भी धोनी के वनडे करियर में जोड़ा गया है.

    इस लिहाज से धोनी ने श्रीलंका के खिलाफ 31 अगस्त को ही अपने वनडे करियर का 300वां मैच पूरा कर लिया था. तब मैच शुरू होने से पहले विराट कोहली ने टीम इंडिया के पूर्व कप्तान को न सिर्फ स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया, बल्कि उन्होंने जो कुछ भी कहा, इससे उनके फैंस काफी इमोशनल हो गए.

    विराट ने मैदान नें सारे खिलाड़ियों के बीच धोनी को मोमेंट प्रेजेंट करते हुए कहा था- हममें से 90 प्रतिशत खिलाड़ियों ने आपके कप्तान रहते अपना करियर शुरू किया. आप हमेशा हमारे कप्तान रहेंगे.

    धोनी 300 वनडे खेलने वाले क्रिकेटर्स के क्लब में शामिल होने वाले छठे भारतीय बन चुके हैं

    सचिन तेंदुलकर (1989-2012) 463 वनडे

    राहुल द्रविड़ (1996-2011) 344 वनडे

    अजहरुद्दीन (1985-2000) 334 वनडे

    सौरव गांगुली (1992-2007)311 वनडे

    युवराज सिंह (2000-2017) 304 वनडे

    एमएस धोनी (2004-2017)303 वनडे
    (आजतक)

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  • बार्सिलोना: स्टार फॉरवर्ड लियोनेल मेसी के शानदार चार गोल की बदौलत बार्सिलोना ने स्पेनिश फुटबॉल लीग में खेले गए मैच में एइबर को मात दी. मंगलवार रात खेले गए इस मैच में बार्सिलोना ने एइबर को 6-1 से हराया. मैच में 20वें मिनट में मेसी ने पेनल्टी पर गोल कर बार्सिलोना का खाता खोला. इसके बाद पॉलिन्हो ने 38वें मिनट में दूसरा गोल कर टीम को बढ़त दी. दूसरे हाफ में सुआरेज ने 53वें मिनट में गोल कर बार्सिलोना को 3-0 से बढ़त दी.
    इस बीच, सर्गी एनरिक ने एइबर के लिए 57वें मिनट में पहला गोल दागा और यह इस मैच में टीम की ओर से किया गया अंतिम गोल भी था. इसके बाद मेसी ने आगे बढ़ते हुए 59वें, 62वें और 87वें मिनट में एक के बाद एक तीन गोल दागे और बार्सिलोना को 6-1 से जीत दिलाई. बार्सिलोना 15 अंकों के साथ लीग सूची में शीर्ष स्थान पर है. (एनडीटीवी)

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  • नई दिल्ली, 20 सितंबर। महेंद्र सिंह धोनी अब भारतीय टीम के कप्तान नहीं हैं, लेकिन विकेटकीपर की भूमिका में उनकी समझ का जवाब नहीं। स्टंप्स के पीछे उनकी पैनी निगाहें युवा गेंदबाजों के लिए जहां काफी मददगार साबित होती हैं, वहीं क्रीज पर मौजूद बल्लेबाजों को मुसीबत में डालती हैं। विकेट के पीछे धोनी की अहमियत और उनकी नेतृत्व क्षमता एक फिर देखने को मिली।
    टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को पहले वनडे में मात देकर सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली। वर्षा बाधित मैच में ऑस्ट्रेलिया को 21 ओवरों में 164 रनों का टारगेट मिला था। कंगारुओं को बेहतर शुरुआत नहीं मिली, लेकिन ग्लेन मैक्सवेल टीम इंडिया के लिए खतरा बनते दिखे। ऐसे हालात में धोनी कुलदीप यादव और यजुवेंद्र चहल को लगातार बताते रहे कि उन्हें गेंदें कहां डालनी चाहिए।
    कुलदीप ने मैच के बाद खुलासा किया कि धोनी ने उन्हें ऑस्ट्रेलियाई ओपनर को कैसे छकाएं, बताते रहे। कम अनुभवी दोनों स्पिनर्स को धोनी क्या इंस्ट्रक्शन देते रहे, इसे विकेट के पीछे लगे माइक ने पकड़ लिया। धोनी कहते सुने गए - वो मारने वाला डाल ना, अंदर या बाहर कोई भी। धोनी ने चहल और कुलदीप से ऐसा कहा- घूमने वाला डाल, घूमने वाला।
    जब मैक्सवेल ने कुलदीप के ओवर में तीन छक्के और चौके के सहारे 22 रन लूटे, तो धोनी ने उनकी गलती बताने में देर नहीं की और कहा- स्टंप पे मत डाल। इसको इतना आगे नहीं। चहल को कहा- तू भी नहीं सुनता है क्या? ऐसे-एसे डालो। आखिरकार चहल ने मैक्सवेल (18 गेंदों पर 39 रन) की पारी का अंत किया। लॉन्ग ऑन पर मनीष पांडे ने कैच पकड़ा। (फस्र्टपोस्ट)

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  • मैनचेस्टर, 20 सितंबर। मैनचेस्टर यूनाइटेड के पूर्व डिफेंडर रियो फर्डिनांड ने मंगलवार को इस बात का खुलासा किया कि वह पेशेवर मुक्केबाज बनने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। फर्डिनांड ने एक ट्वीट में इसकी जानकारी दी। अपने ट्वीट में 38 वर्षीय फर्डिनांड ने लिखा, ऐसा हो रहा है। टीम के साथ नई शुरुआत का इंतजार नहीं हो रहा है। मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए स्टार डिफेंडर फर्डिनांड ने 2002 से 2014 तक 312 मैच खेले। फर्डिनांड को ब्रिटिश बॉक्सिंग बोर्ड ऑफ कंट्रोल का लाइसेंस मिल गया है।
    उन्होंने कहा, जब बेटफेयर ने मुझे डिफेंडर टु कंटेंडर चुनौती के लिए पूछा, तो मुझे यह खुद को साबित करने के लिए मिला एक अवसर प्रतीत हुआ। उन्होंने कहा, मुक्केबाजी हमारे शरीर और मन के लिए एक शानदार खेल है। मेरा तो इसके लिए जुनून हमेशा से रहा है और इस चुनौती से मुझे यह साबित करने का अवसर मिलेगा कि क्या संभव है।
    फर्डिनांड ने कहा कि इस चुनौती को हल्के में नहीं लेना है। हर कोई पेशेवर मुक्केबाज नहीं बन सकता, लेकिन बेटफेयर के विशेषज्ञों की टीम की ओर से किए गए काम के जरिए यह संभव हो पा रहा है और ऐसे में कुछ भी संभव है।  (आईएएनएस)

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  • नई दिल्ली, 20 सितंबर। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण के लिए नामांकित किया है। एक वरिष्ठ बीसीसीआई अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि बोर्ड ने सर्वसम्मति से इस साल के पद्म सम्मानों के लिए इकलौता महेंद्र सिंह धोनी का नाम भेजा है। बीसीसीआई अधिकारी ने कहा कि सदस्यों के बीच धोनी के शानदार रिकॉर्ड को लेकर कोई शक नहीं था। उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 का टी20 विश्व कप और 2011 का क्रिकेट वल्र्ड कप जीता है, 90 टेस्ट मैच खेल चुके धोनी 10000 वनडे रनों से वह ज्यादा दूर नहीं हैं। उनसे बेहतर कोई नहीं है, जिसे नामांकित किया जा सके। बीसीसीआई ने किसी और खिलाड़ी का नामांकन भी नहीं भेजा है, 36 वर्षीय महेंद्र सिंह धोनी ने 302 वनडे मैचों में 9,737 और 90 टेस्ट मैचों में 4876 रन बनाए हैं। उन्होंने 78 टी20 मैच भी खेले हैं, जिनमें उनके बल्ले से 1212 रन निकले हैं। धोनी 16 अंतरराष्ट्रीय शतक (6 टेस्ट मैचों में 10 वनडे में) के अलावा 100 अंतरराष्ट्रीय वनडे अर्धशतक भी बना चुके हैं।
    बतौर विकेटकीपर धोनी ने सभी प्रारूपों (256 टेस्ट में, 285 वनडे में और 43 टी20 में) को मिलाकर 584 कैच लिए हैं। इसके अलावा उन्होंने 163 खिलाडिय़ों को स्टंप आउट भी किया है। धोनी को प्रतिष्ठित अर्जुन अवॉर्ड और देश का सबसे बड़ा खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न और पद्म श्री सम्मान भी मिल चुका है। अगर धोनी को पद्म भूषण सम्मान दिया जाता है तो वह यह अवॉर्ड पाने वाले 11वें भारतीय क्रिकेटर होंगे। (पीटीआई)

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  • प्रदीप सहगल
    नई दिल्ली। चेपॉक के मैदान पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए पहले वनडे मैच में टीम इंडिया ने जीत दर्ज़ की। 26 रन से मिली इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने पांच मैचों की वनडे सीरीज़ में 1-0 की बढ़त भी बना ली। इस मुकाबले में टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने दो ऐसी चाल चली जिसे ऑस्ट्रेलियाई टीम समझ नहीं पाई और पहले मैच में पूरी कंगारु टीम धराशाई हो गई। चलिए आपको बताते हैं क्या थी विराट की वो दो चालें।

    मैच से पहले ही कोहली ने चला ये दांव

    कोहली ने मैच शुरू होने से पहले ही एक ऐसा दांव चला जो दोनों टीमों के बीच सबसे बड़ा फर्क साबित हुआ। इस मैच के शुरू होने से पहले किसी ने भी नहीं सोचा था कि कप्तान कोहली दिग्गज स्पिनर रवींद्र जडेजा को बाहर बैठाकर चहल और कुलदीप यादव को अंतिम ग्यारह में शामिल करेंगे, लेकिन कोहली ने ऐसा किया और इन दोनों स्पिन गेंदबाज़ों ने कंगारू बल्लेबाज़ों को अपने फिरकी के फंदे में ऐसा फंसाया कि आस्ट्रेलिया के बल्लेबाज़ बगले छांकते नज़र आए। चहल ने इस मैच में सबसे ज़्यादा तीन विकेट लिए तो वहीं कुलदीप यादव ने दो कंगारू बल्लेबाज़ का शिकार किया। इन दोनों गेंदबाज़ ने 5 अहम विकेट तो लिए ही साथ ही साथ ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों को अपनी घूमती गेंदों पर ऐसा नाच नचाया, ऐसा नाच नचाया कि वो अपने विकेट गंवाकर वापस लौटते रहे।

    अंतिम ओवरों में कोहली ने चली ये ‘विराट’ चाल

    भारतीय पारी खत्म होने के बाद बारिश ने मैच में खलल डाला। बारिश बंद हुई तो 50-50 ओवर का मैच लगभग-लगभग एक टी-20 मैच में तब्दील हो गया। ऑस्ट्रेलिया के लिए जीत का लक्ष्य अब 282 से घटकर 164 रन रह गया और 50 ओवर का मैच भी 21 ओवर का हो गया। लेकिन एक टी-20 मैच से फिर भी ये मुकाबला अलग था, क्योंकि एक तो इस मैच में दोनों छोर से नई गेंदों का इस्तेमाल हुआ और साथ ही साथ इस मुकाबले में सिर्फ एक गेंदबाज़ ही 5 ओवर का फेंक सकता था। जबकि टी-20 मैच में सभी गेंदबाज़ 4-4 ओवर डाल सकते हैं। यहीं कोहली ने एक ऐसा दांव चला जो किसी ने शायद ही सोचा हो भुवनेश्वर और जसप्रीत बुमराह जैसे टी-20 स्पेशलिस्ट गेंदबाज़ों के टीम में होने के बावजूद भी विराट ने पांच ओवर युजवेंद्र चहल से डलवाए। कोहली की ये चाल विराट इसलिए भी है क्योंकि चहल को भुवी और बुमराह के सामने चहल कम का अनुभव काफी कम हैं, लेकिन फिर भी कप्तान ने इस युवा गेंदबाज़ पर भरोसा दिखाया और चहल भी उस पर खरे उतरे। चहल ने अपने 5 ओवर में 30 रन देकर तीन अहम विकेट हासिल किए। चहल ने मैक्सवेल, वेड और कमिंस के विकेट लेकर भारत की जीत में अहम योगदान निभाया।

    ये साबित हुए मैच के टर्निंग प्वॉइंट

    इस मैच में तीन टर्निंग प्वॉइंट आए पहला भारतीय पारी में आया जब हार्दिक पांड्या और धौनी बल्लेबाज़ी कर रहे थे तो पांड्या ने जंपा के एक ओवर में लगातार तीन छक्के लगाकर जैसे ऐलान कर दिया कि ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों, अब हो जाओ सावधान। इसके बाद तो जैसे भारतीय पारी का पूरा रंग रुप ही बदल गया। जो स्कोर मुश्किल से 215-220 बनता दिखा रहा था अचानक ही वो 260-270 तक पहुंचता दिखाई देने लगा। पांड्या ने रंग जमाया तो फिर धौनी ने भी धमाके करने शुरू कर दिए और टीम इंडिया का स्कोर 281 रन तक पहुंच गया।

    खत्म हुई वॉर्नर की वॉर्निंग

    दूसरा टर्निंग प्वॉइंट ऑस्ट्रेलियाई पारी में आया जब डेविड वॉर्नर बल्लेबाज़ी कर रहे थे। वॉर्नर धीरे-धीरे अपने रंग में आने की कोशिश कर रहे थे। इसी कोशिश में वो 2 चौके भी लगा चुके थे लेकिन तभी धौनी ने कुलदीप यादव को बताया कि वो गेंद को वॉर्नर के करीब फेंके ताकि बल्लेबाज़ को शॉट लगाने के लिए अपने हाथ खोलने के लिए जगह ही ना मिले। धौनी की सलाह देने भर की देर थी कि यादव ने ठीक वैसा ही किया और अगली ही गेंद पर वॉर्नर की पारी समाप्त हो गई।

    मैक्सवेल का मैजिक ना आया काम

    वॉर्नर के जाने के बाद जिस बल्लेबाज़ ने टीम इंडिया को सबसे ज़्यादा परेशान किया वो थे मैक्सवेल। मैक्सवेल ने सिर्फ 18 गेंदों पर 39 रन की पारी खेलकर भारतीय टीम के माथे पर बल ला दिए। ऑस्ट्रेलिया के इस धुआंधार खिलाड़ी ने तीन चौके और 4 गगनचुंबी छक्के लगाकर पलड़े को कंगारुओं की तरफ झुका दिया, लेकिन चहल की चालाक गेंदबाज़ी के आगे मैक्सवेल का मैजिक कारगर साबित नहीं हो सका।

    कंगारुओं की ये कमज़ोरी बनी रोड़ा

    ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों के बारे में कहा जाता है कि वो स्पिन गेंदबाज़ों की अच्छे से नहीं खेल पाते और एक बार फिर इस मैच में यहीं देखने को मिला। कंगारू बल्लेबाज़ चहल और कुलदीप की क्वॉलिटी गेंदबाज़ी के सामने घुटने टेकते नज़र आए। पूर्व क्रिकेटर और कॉमेंटेटर आकाश चोपड़ा का कहना है कि तेज़ गेंदबाज़ी आपको डराती है, लेकिन अगर आप स्पिन गेंदबाज़ी को ठीक से नहीं खेल पाते तो वो बल्लेबाज़ को पानी-पानी कर देती है’। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज़ भारतीय स्पिन गेंदबाज़ों को पढ़ने में पूरी तरह से नाकाम रहे और वो कुछ ना समझ आने पर सिर्फ स्वीप मारने की कोशिश ही करते रहे'। [जागरण]

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  • हार्दिक पंड्या ने पांच चौकों, पांच छक्‍कों की मदद से 83 रन बनाए
    चेन्‍नई,17 सितम्बर: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच वनडे मैचों की सीरीज का पहला मैच एमए चिदंबरम स्टेडियम मे खेला जा रहा है. टीम इंडिया की नजर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला मैच जीतकर सीरीज में बढ़त बनाने पर होगी. हरफनमौला हार्दिक पंड्या के आक्रामक 83 रन (66 गेंद,पांच चौके और पांच छक्‍के) और पूर्व कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी के  79 रन (88गेंद, चार चौके, दो छक्‍के) की मदद से टीम इंडिया यहां पहले वनडे मैच में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ संघर्ष करते हुए 50 ओवर्स में 7 विकेट पर 281 रन के सम्‍मानजनक स्‍कोर तक पहुंचने में सफल हो गई. टॉस जीतकर पहले बल्‍लेबाजी करते हुए टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब हुई और स्‍कोर 11 रन तक पहुंचते-पहुंचते तीन विकेट गिर गए. कप्‍तान विराट कोहली और मनीष पांडे का तो आज खाता भी नहीं खुल सका. रोहित शर्मा ने 28 और केदार जाधव ने 40 रन की पारी खेली. इसके बाद धोनी ने हार्दिक के साथ 118 रन की साझेदारी की. इन दोनों के अर्धशतक ने टीम इंडिया को 250 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. भुवनेश्‍वर कुमार 32 और कुलदीप यादव बिना कोई रन बनाए नाबाद रहे. ऑस्‍ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 282 रन बनाने की चुनौती है.

    ऑस्‍ट्रेलिया के लिए पारी का पहला ओवर पैट कमिंस ने फेंका, जिसमें तीन रन बने. टीम इंडिया का स्‍कोर अभी 11 रन पर ही पहुंच पाया था कि अजिंक्‍य रहाणे (5)आउट हो गए. उन्‍हें नाथन कुल्‍टर नाइल की गेंद पर विकेटकीपर मैथ्‍यू वेड ने कैच किया. इसके बाद कप्‍तान विराट कोहली और मनीष पांडे के रूप में दो विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम पूरी तरह बैकफुट पर आ गई. ये दोनों विकेट भी कुल्‍टर नाइट ने लिए. विराट कोहली (0) को उनकी गेंद पर मैक्‍सवेल ने खूबसूरती से लपका जबकि इसी ओवर की तीसरी गेंद पर उन्‍होंने मनीष पांडे (0) को विकेटकीपर मैथ्‍यू वेड से कैच कराया. टीम इंडिया के 11 रन पर तीन विकेट गिर चुके थे. इस स्थिति में रोहित शर्मा ने केदार जाधव के साथ अच्‍छी साझेदारी की और स्‍कोर 50 रन के पार पहुंचा दिया. जब ऐसा लग रहा था कि ये दोनों बल्‍लेबाज टीम इंडिया को मुश्किल से उबार लेंगे, तभी रोहित शर्मा (28 रन, 44 गेंद, तीन चौके) हरफनमौला स्‍टोइनिस की गेंद पर आउट हो गए. उनका कैच कुल्‍टन नाइल ने लपका.रोहित और जाधव ने चौथे विकेट के लिए 53 रन की साझेदारी की. 20 ओवर के बाद टीम इंडिया का स्‍कोर चार विकेट पर 84 रन था.

    22वें ओवर में केदार जाधव (40 रन, 54 गेंद, पांच चौके) के आउट होने से टीम इंडिया को एक और झटका लगा. स्‍कोर 100 रन तक पहुंचने के पहले ही आधी टीम पेवेलियन लौट चुकी थी. केदार को स्‍टोइनिस की गेंद पर कार्टराइट ने कैच किया. स्‍टोइनिस का यह पारी का दूसरा विकेट रहा. एक तरह से शुरुआती 25 ओवर में ही टीम इंडिया मैच हार चुकी थी और 25 ओवर के पहले ही उसके पांच विकेट गिर चुके थे. 25 ओवर में टीम इंडिया का स्‍कोर पांच विकेट खोकर 104 रन था. धोनी ने इसके बाद चतुराई से हार्दिक पंड्या के साथ मिलकर भारतीय टीम के स्‍कोर को 150 रन के पार पहुंचा दिया. 35 ओवर के बाद टीम इंडिया का स्‍कोर पांच विकेट पर 146 रन था. स्पिनर एडम जम्‍पा की ओर से फेंका गया पारी का 37वां ओवर भारत के लिए बेहतरीन रहा.इस ओवर में हार्दिक ने लगातार तीन छक्‍के लगाए. ओवर की दूसरी गेंद पर उन्‍होंने चौका भी जमाया था. इस ओवर में 24 रन बने और देखते ही देखते स्‍कोर 36 ओवर पर 148 रन से छलांग लगाकर 37 ओवर में 172 रन पर पहुंच गया.

    पंड्या का अर्धशतक 48 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्‍कों की मदद से पूरा हुआ. हार्दिक आखिरकार एडम जंपा के ही शिकार बने. उन्‍होंने 66 गेंदों पर पांच चौकों और पांच छक्‍कों की मदद से 83 रन बनाए. जंपा की गेंद पर उनका कैच फाल्‍कनर ने लपका. टीम इंडिया का छठा विकेट 205 के स्‍कोर पर गिरा. 45 ओवर के बाद टीम इंडिया का स्‍कोर छह विकेट खोकर 228 रन था. इसके बाद धोनी ने भुवनेश्‍वर कुमार के साथ भी अच्‍छी साझेदारी करते हुए टीम इंडिया को 250 रन के पार पहुंचाया.धोनी ने अपना अर्धशतक 75 गेंदों पर एक चौके की मदद से पूरा हुआ.धोनी आखिरकार पारी के आखिरी ओवर में आउट हुए. फाल्‍कनर की गेंद पर आउट होने के पहले उन्‍होंने 88 गेदों पर चार चौकों, दो छक्‍कों की मदद से 79 रन बनाए. भुवनेश्‍वर कुमार 32 और कुलदीप यादव बिना कोई रन बनाकर नाबाद रहे. ऑस्‍ट्रेलिया के लिए नाथन कुल्‍टर नाइल ने तीन और मार्कस स्‍टोइनिस ने दो विकेट लिए. फॉल्‍कनर और जंपा को एक-एक विकेट मिला.


    भारत के विकेटों का पतन: 11-1 (रहाणे, 3.3), 11-2 (विराट, 5.1), 11-3 (पांडे, 5.3), 64-4 (रोहित, 15.6),  87-5 (जाधव, 21.3), 205-6 (पंड्या, 40.5),  277-7 (धोनी, 49.4)


    भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अभी तक 123 वनडे मैच खेल जा चुके हैं, जिसमें भारत ने 41 तो ऑस्ट्रेलिया ने 72 मैच जीते हैं. जबकि 10 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकल पाया है. वहीं, बात करें भारतीय सरजमीं पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए मैचों पर तो अब तक यहां 51 मैच खेले जा चुके हैं. इन मैचों में भारत ने 21 तो ऑस्ट्रेलिया ने 25 मैच जीते हैं और बाकी मैचों का कोई परिणाम नहीं निकल पाया. आंकड़ों के हिसाब से बात करें तो ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत पर हावी रही है, लेकिन बीते कुछ सालों में बहुत कुछ बदल गया है.

    सीरीज से पहले भारत को उस समय झटका लगा, जब फॉर्म में चल रहे बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल फुटबॉल खेलते हुए टखने में चोट लगा बैठे और टीम से बाहर हो गए, उनकी जगह अब रवींद्र जडेजा को तीन मैचों के लिए टीम में शामिल किया गया. आखिरी बार भारत में खेलने आई ऑस्ट्रेलियाई टीम को 3-2 से सीरीज में हार का सामना सामना करना पड़ा था. हालांकि, उस सीरीज में स्टीव स्मिथ नहीं थे, जो वर्तमान में ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान हैं. कुल मिलाकर सीरीज में दोनों टीमों के बीच जोरदार मुकाबला होने की उम्मीद है.

    दोनों टीमें इस प्रकार हैं...
    भारत: विराट कोहली (कप्‍तान), रोहित शर्मा, अजिंक्‍य रहाणे, मनीष पांडे, एमएस धोनी, केदार जाधव, हार्दिक पंड्या, भुवनेश्‍वर कुमार, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह.
    ऑस्‍ट्रेलिया: स्‍टीव स्मिथ (कप्‍तान), डेविड वॉर्नर, हिल्‍टन कार्टराइट, ट्रेविस हेड, ग्‍लेन मैक्‍सवेल, मार्कस स्‍टोइनिस, मैथ्‍यू वेड, जेम्‍स फॉल्‍कनर, नाथन कुल्‍टर नाइल, एडम जंपा. (एनडीटीवी)

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  • जापान की ओकुहारा को दी मात
    नई दिल्ली, 17 सितंबर। कोरिया ओपन सुपर सीरीज के फाइनल में टक्कर दो बराबर के खिलाडिय़ों के बीच थी। वल्र्ड नंबर 5 पीवी सिंधु के सामने वल्र्ड नंबर 6 जापान की नोजोमी ओकुहारा थीं। शुरुआत में ही लंबी रैली के पॉइंट्स ने साफ किया कि दोनों में से कोई भी खिलाड़ी पीछे हटने वालों में से नहीं है। इन खिलाडिय़ों के बीच एक के बाद एक जोरदार रैली देखने को मिली। 14-13 के स्कोर पर सिंधु ने 36 शॉट्स की रैली के साथ स्कोर 14-14 से बराबर किया। दोनों के बीच इससे पहले हुए 7 मैचों में स्कोरलाइन 4-3 से ओकुहारा के पक्ष में थीं, जिसे वल्र्ड चैंपियनशिप फाइनल में हार के बाद सिंधु इस फाइनल में जीत के साथ बराबर करना चाहती थीं। 17-16 के स्कोर पर 42 शॉट की रैली के साथ सिंधु ने स्कोर 17-17 से बराबर किया। 18-20 से पिछडऩे के बाद सिंधु ने 22-20 से पहला गेम अपने नाम किया। दूसरे गेम में ओकुहारा ने अपना प्रहार और तेज कर दिया और पहले हाफ में 11-6 की बढ़त बनाई।
    सिंधु पर दूसरे ही गेम में थकान नजर आने लगी थी। ओकुहारा ने दूसरा गेम 21-11 से जीतकर मैच में 1-1 से बराबरी की। तीसरे और फाइनल गेम में लय ओकुहारा के पास थी और दबाव सिंधु पर। ओकुहारा की बेजा गलतियों के साथ सिंधु की उम्मीदें बनी हुई थीं। ओकुहारा के एरर्स के चलते अब दबाव में आने की बारी उनकी थी। तीसरे गेम के पहले हाफ के बाद स्कोर 11-5 से सिंधु के पक्ष में था। ओकुहारा ने इसके बाद मैच में वापस आनी शुरू किया और स्कोर 15-13 हुआ।
    सिंधु अब भी 2 पॉइंट आगे थीं। सिंधु ने मौका नहीं गंवाया और 17-14 की स्कोरलाइन पर 28 शॉट की रैली के साथ 18-14 से अपने पक्ष में मैच को करती दिखीं। फिर 56 शॉट्स की मैच की सबसे लंबी रैली के साथ सिंधु ने 19-16 से बढ़त बनाई और आखिरकार 21-18 से गेम जीतकर कोरिया ओपन सुपर सीरीज टाइटल जीता और वल्र्ड चैंपियनशिप में हार का बदला ओकुहारा से ले लिया। (एनडीटीवी)

    सिंधु ने रचा इतिहास, खिताब जीतने वाली पहली भारतीय शटलर

    कोरियन सुपर सीरीज में पीवी सिंधु ने इतिहास रच दिया. सिंधु कोरियन सुपर सीरीज जीतने वाली पहली भारतीय शटलर बन गई. संघर्षपूर्ण मुकाबले में सिंधु ने ओकुहारा को 22-20 11-21 21-18 से हराया. एक घंटे 24 मिनट तक चले इस मैच में सिंधु ने कमाल का खेल दिखाते हुए खिताब अपने नाम किया.
    सिंधु कोरिया ओपन जीतने में कामयाब  होने वाली पहली खिलाड़ी हैं 1991 में शुरू हुए कोरिया ओपन के 26 साल के इतिहास में अबतक किसी भारतीय को खिताबी सफलता नहीं मिली थी.
    पहले गेम की शुरुआत में सिंधु ने शुरुआती दो अंको करके लीड बनाई. सिंधु ने  7-7 तक का स्कोर होने तक लीड बनाकर रखी. उसके बाद ओकूहरा ने लगातार अंक हासिल किए और उनसे आगे निकल गई लेकिन उसके बाद सिंधु एक बार फिर स्कोर 9-9 से बराबर कर लिया था. सिंधु अपने बैंक हैंड डिफेंस शॉर्ट की मदद से अंक हासिल किए .

    18 अंको पर दोनों बराबर थी लेकिन ओकुहारा ने दो अंक हासिल किए और उन्हें गेम पॉइंट की जरुरत थी.लेकिन सिंधु की जबरदस्त वापसी से ऐसा हो नहीं सका. सिंधु ने 20-20 से स्कोर बराबर कर लिया और गेम पॉइंट हासिल किया लेकिन इसे ओकुहारा ने चैलेंज किया. फैसला सिंधु के पक्ष में रहा और पहला गेम जीतकर सिंधु ने गेम से 1-0 की लीड बना ली.
    दूसरे गेम में सिंधु शुरुआत से ही ओकूहारा अटैकिंग मोड में दिखाई दी. उन्होंने शुरुआत से ही लीड बनाई और इसे बचाकर रखा. इस बीच एक समय पर स्कोर 6-12 हो गया जहां सिंधु 6 अंको से पीछे थी. सिंधु ने वापसी की पूरी कोशिश की लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाई. सिंधु की लगातार गलतियों का फायदा ओकुहारा को मिला और एक समय पर गेम पॉइंट हासिल करने से पहले वह दस अंको से आगे थी. वह अंत तक लीड बरकरार रखने में कामयाब रही. दूसरे गेम ओकुहारा ने 11-21 से अपने नाम किया.
    तीसरे और निर्णायक सेट में सिंदु ने वापसी की. शुरुआत में दो अंको से पिछड़ने के बाद सिंधु ने वापसी की और स्कोर को 8-4 तक ले आई. इसके बाद ओकुहारे ने जोरदार स्मैश की मदद से अंक हासिल किए लेकिन कोर्ट बदलने से पहले सिंधु 11-5 से लीड कर रही थी. कोर्ट बदलने के बाद ओकुहारा ने वापसी की. मुकाबला कड़ा था हर रैली में अंक हासिल करने के लिए दोनों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही थी. सिंधु को 19वां अंक हासिल करने के लिए 56 शॉट की रैली खेलनी पड़ी जो मैच की सबसे लंबी रैली थी. इसके बाद सिंधु थक गई थी. पर उन्होनें गेम पॉइंट हासिल कर मैच जीत लिया. (FP)

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  • विश्व मोहन मिश्र

    नई दिल्ली, 17 सितंबर : स्टार ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को भले ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मौजूदा घरेलू सीरीज में नहीं चुना गया है, लेकिन काउंटी क्रिकेट में वे अपनी फिरकी का जादू चला रहे हैं. अश्विन आज 31 साल के हो गए. उनका जन्म 17 सितंबर 1986 को तमिलनाडु के मद्रास (अब चेन्नई) में हुआ था. उनके सामने अब बड़ा लक्ष्य टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 300 विकेट पूरे करने का है. इससे वे महज 8 विकेट दूर हैं. पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने ट्वीट कर अश्विन को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं और जल्द ही इस रिकॉर्ड को छूने की कामना की है.

    अश्विन के जन्मदिन से पहले के मैच की बात करें, तो उन्होंने अपने प्रदर्शन की बदौलत वॉर्सेस्टरशायर को मजबूती दिलाई. लिसेस्टरशायर के खिलाफ मैच में अश्विन ने 5 विकेट निकाले और पहली पारी में शानदार 44 रन रन भी बनाए. वॉर्सेस्टरशायर की टीम अब काउंटी चैंपियनशिप की अंक तालिका में टॉप पर पहुंच चुकी है.

    माना जा रहा है अगले साल भारत के इंग्लैंड दौरे से पहले चयनकर्ता अश्विन को वहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ करवाना चाहते हैं. भारतीय टीम 2018 में इंग्लैंड दौरे के दौरान (जुलाई-सितंबर 2018) 3 टी-20, 3 वनडे, 5 टेस्ट खेलेगी.

    अश्विन की आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) से पहचान बनी थी. लंबे कद के इस गेंदबाज ने न सिर्फ चेन्नई सुपर किंग्स के आक्रमण की शुरुआत की, बल्कि डेथ ओवर्स में भी उन्हें लगाया गया. साउथ अफ्रीका में खेली गई 2010 की चैंपियंस लीग टी-20 में अश्विन मैन ऑफ द सीरीज रहे. टी-20 में धारदार गेंदबाजी ने उन्हें भारतीय टीम में जगह दिला दी.

    जून 2010 में पहले तो वनडे में मौका मिला और उसके बाद नवंबर 2011 में टेस्ट क्रिकेट में भी डेब्यू कर लिया. अश्विन 2011 वर्ल्ड कप विजेता भारतीय स्क्वॉड में शामिल रहे, लेकिन हरभजन सिंह के रहते उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन अश्विन ने अपनी गेंदबाजी पर लगातार मेहनत की. आखिरकार हरभजन के प्रदर्शन के गिरते ग्राफ ने अश्विन को तवज्जो दिला दी.

    लिली को एक बार फिर पछाड़ने को तैयार

    अबतक 52 टेस्ट खेल चुके अश्विन 292 विकेट ले चुके हैं. वे टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 300 विकेट पूरा करने की दहलीज पर हैं. इसके लिए उन्हें 3 टेस्ट में 8 विकेट की जरूरत है. उम्मीद की जाती है कि इसी साल श्रीलंका के भारत दौरे पर वे इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लेंगे. ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज डेनिस लिली ने 1981 में अपने 56वें टेस्ट में 300 विकेट पूरे किए थे.

    इससे पहले अश्विन इसी साल ने लिली को पीछे छोड़ते हुए सबसे तेज 250 विकेट पूरे किए थे. मजे की बात यह है कि भारत की ओर सबसे तेज 50, 150, 200 और 250 विकेट का रिकॉर्ड पहले से अश्विन के नाम है. (aajtak.in)

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  • नई दिल्ली, 17 सितम्बर: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच वनडे मैचों की सीरीज का पहला मैच आज चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम मे खेला जाएगा. यह मुकाबला दोपहर 1.30 बजे से खेला जाएगा. भारत की नजर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला मैच जीतकर सीरीज में बढ़त बनाने पर होगी. भारतीय टीम ने इससे पहले श्रीलंका को उन्हीं के घर में 5-0 से हराकर वनडे सीरीज जीती है, इसलिए भारतीय टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगी. पिछले कुछ साल में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट के मैदान पर जंग काफी रोचक रही है. खिलाड़ियों का जुनून और तेवर पिछली बार टेस्ट सीरीज में भी देखने को मिला था, जिसमें भारत ने 2-1 से जीत दर्ज की थी. इस सीरीज में भारत अगर ऑस्ट्रेलिया को 5-0 से हरा देता है, तो आईसीसी वनडे रैंकिंग में पहले स्थान पर पहुंच जाएगा, जबकि 4-1 से जीतने पर ऑस्ट्रेलिया पहले स्थान पर कब्जा कर लेगा.

    भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अभी तक 123 वनडे मैच खेल जा चुके हैं, जिसमें भारत ने 41 तो ऑस्ट्रेलिया ने 72 मैच जीते हैं. जबकि 10 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकल पाया है. वहीं, बात करें भारतीय सरजमीं पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए मैचों पर तो अब तक यहां 51 मैच खेले जा चुके हैं. इन मैचों में भारत ने 21 तो ऑस्ट्रेलिया ने 25 मैच जीते हैं और बाकी मैचों का कोई परिणाम नहीं निकल पाया. आंकड़ों के हिसाब से बात करें तो ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत पर हावी रही है, लेकिन बीते कुछ सालों में बहुत कुछ बदल गया है. 

    सीरीज से पहले भारत को उस समय झटका लगा, जब फॉर्म में चल रहे बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल फुटबॉल खेलते हुए टखने में चोट लगा बैठे और टीम से बाहर हो गए, उनकी जगह अब रवींद्र जडेजा को तीन मैचों के लिए टीम में शामिल किया गया है. आखिरी बार भारत में खेलने आई ऑस्ट्रेलियाई टीम को 3-2 से सीरीज में हार का सामना सामना करना पड़ा था. हालांकि, उस सीरीज में स्टीव स्मिथ नहीं थे, जो वर्तमान में ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान हैं. कुल मिलाकर सीरीज में दोनों टीमों के बीच जोरदार मुकाबला होने की उम्मीद है. (एनडीटीवी)

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  • नई दिल्ली: ओलिंपिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता पीवी सिंधु ने चीन की वर्ल्ड नंबर 7 एचई बिंगजिआओ को कोरिया ओपन सुपर सीरीज के सेमीफाइनल में हराकर फाइनल में जगह बना ली. तीन गेम के मुकाबले में सिंधु ने बिंगजिआओ को 21-10, 17-21, 21-16 से मात दी. फाइनल में सिंधु की टक्कर जापान की नोजोमि ओकुहारा से होगी. सेमीफाइनल में सिंधु ने चीन की एचई बिंगजिआओ को पहले गेम में 21-10 से पीछे छोड़ा. पहले गेम में वह लगातार चीनी खिलाड़ी पर हावी रहीं. सिंधु ने 20 साल की जूनियर वर्ल्ड चैंपियन और यूथ ओलिंपिक्स चैंपियन बिंगजिआओ से पहले गेम में 10-2 फिर 15-6 की बढ़त बनाए रखी और फिर 16 मिनट में गेम अपने नाम कर लिया.
    दूसरे गेम में भी वर्ल्ड नंबर 4 सिंधु ने बिंगजिआओ पर 11-6 की बढ़त कायम कर ली. लेकिन चीनी खिलाड़ी ने अपना दम दिखाते हुए दूसरा गेम 22 मिनट में 21-17 से अपने नाम कर लिया. तीसरे गेम में शुरुआत में सिंधु आगे चल रही थीं. लेकिन नेट्स पर स्मैश लगाकर बिंगजिआओ स्कोर को 9-9 पर ले आईं. इसके बाद सिंधु ने अपना आक्रमण और तेज कर दिया और स्कोर को 12-9 पर ले आईं.
    आखिरकार ने सिंधु 1:06 घंटा चले मैच का तीसरा गेम 21-16 से अपने नाम कर लिया. दोनों खिलाड़ियों के बीच इससे पहले हुए 8 मुकाबलों में बिंगजिआओ ने 5 और सिंधु ने 3 मैच में जीत हासिल की थी. सिंधु ने बिंगजिआओ के खिलाफ इस मैच के जरिये चौथी जीत हासिल की. वर्ल्ड नंबर 4 सिंधु अब तक दो सुपर सीरीज खिताब अपने नाम कर चुकी हैं. 22 साल की सिंधु दो सुपर सीरीज़ प्रतियोगिताओं में उपविजेता भी रही हैं.
    फ़ाइनल में एक बार फिर सिंधु की टक्कर जापान की वर्ल्ड चैंपियन नोज़ोमि ओकुहारा से होगी. सिंधु के लिए वर्ल्ड नंबर 9 से बदला लेने का ये शानदार मौक़ा है. ओकुहारा ने ग्लासगो में हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप के फ़ाइनल में सिंधु को हराकर (19-21, 22-20, 20-22) गोल्ड मेडल अपने नाम किया था, सिंधु सिल्वर के साथ वापस लौटीं थीं.

     

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  • नई दिल्ली, 15 सितंबर । आईसीसी के मुख्य कार्यकारी (सीईओ) डेव रिचर्डसन ने साफ किया कि खेल की भारत को पाकिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज खेलने के लिए मजबूर नहीं कर सकती। रिचर्डसन ने इस बात को भी नकार दिया कि आईसीसी का पाकिस्तान क्रिकेट की तुलना में भारत की तरफ अधिक झुकाव है।
    रिचर्डसन ने कहा कि मौजूदा स्थिति में जल्द ही भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को फिर से शुरू करने की संभावना नहीं दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि भारत आईसीसी को बहुत सारे व्यवसाय देता है लेकिन हमारी नजरों में सभी सदस्य राष्ट्र समान हैं।
    उन्होंने कहा, भारत अगर पाकिस्तान के साथ खेलने के लिए तैयार नहीं है तो हम उन्हें मजबूर नहीं कर सकते। द्विपक्षीय सीरीज दो क्रिकेट बोर्ड के बीच आपसी समझौते से खेली जाती हैं। हम भी चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान द्विपक्षीय सीरीज खेलें, लेकिन उनके बीच राजनीतिक तनाव है और किसी भी तरह की क्रिकेट मौजूदा संबंधों पर निर्भर करता है।
    रिचर्ड्सनन ने वल्र्ड इलेवन में किसी भारतीय खिलाड़ी के ना होने पर कहा, हम इस समय दोनों देशों के बीच के राजनीतिक हालात और संभावित मुश्किलों को नजरअंदाज नहीं कर सकते। उन्होंने भारत के व्यस्त कार्यक्रम की बात को इसकी एक और वजह बताते हुए कहा, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज खेली जानी है और यह सीरीज (पाकिस्तान-विश्व एकादश सीरीज) भारत के व्यस्त कार्यक्रम के बीच में है। विश्व एकादश टीम में सबसे ज्यादा दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी होने का एक कारण यह है कि उन्हें हाल ही में कोई सीरीज नहीं खेलनी है। भारत काफी व्यस्त देश है।
    दोनों देशों के बीच 2014 में एक समझौता हुआ था जिसके मुताबिक दोनों देशों को 2015 से 2023 तक छह द्वीपक्षीय सीरीज खेलनी थी। लेकिन राजनीतिक हालात के चलते भारत ने सीरीज खेलने से मना कर दिया। इस बात को लेकर पीसीबी खफा और उसने बीसीसीआई के मुद्दे को आईसीसी के पास ले जाने का फैसला किया था। (फस्र्टपोस्ट)

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  • टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने सॉफ्ट ड्रिंक कंपनी की करोड़ों रुपये की डील का अॉफर ठुकरा दिया है। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक विराट कोहली खुद कोई सॉफ्ट ड्रिंक नहीं पीते, इसलिए उन्होंने सॉफ्ट ड्रिंक कंपनी के साथ डील करने से इनकार कर दिया। विराट ने कहा कि वह उसी चीज का प्रचार करते हैं, जिसे वह खुद इस्तेमाल करते हैं। विराट के सख्त ट्रेनिंग सिस्टम में सॉफ्ट ड्रिंक्स के लिए कोई जगह नहीं है। वह खुद को फिट रखने के लिए बहुत कड़ी ट्रेनिंग करते हैं। यहां तक कि उनके लिए पानी भी फ्रांस से आता है। विराट बिल्कुल जंक फूड नहीं खाते। भारतीय कप्तान ने एक रिपोर्टर को बताया था कि वह अपने किसी साथी खिलाड़ी से एेसी चीज की मांग नहीं करते, जिसे वह पहले न कर सकें। उन्होंने कहा, मैं पहले खुद को समझाता हूं कि मैं यह कर सकता हूं। इसके बाद ही साथी खिलाड़ियों से उसे करने को कहता हूं।
    हालांकि उन्होंने यह भी माना कि बचपन में उन्हें सॉफ्ट ड्रिंक्स का इंतजार रहता था, लेकिन प्रोफेशनल खिलाड़ियों के लिए यह किसी काम की नहीं है। उन्होंने कहा, मेरी अकैडमी में आपको कैंटीन में सॉफ्ट ड्रिंक्स नहीं मिलेंगी। साइना नेहवाल, पीवी सिंधु और पी.कश्यप जैसे अपने शिष्यों को उन्होंने क्या कहा है? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि मैंने उन्हें सॉफ्ट ड्रिंक्स का प्रचार करने से नहीं रोका है। यह उनकी चॉइस है। लेकिन मैंने उन्हें सॉफ्ट ड्रिंक्स न पीने को कहा है। दिलचस्प बात है कि देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और नए खिलाड़ियों को पहचान-सम्मान दिलाने के मकसद से भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और पुलेला गोपीचंद ने हाथ मिलाया था। (जनसत्ता)

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 14 सितंबर। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा राजकुमार कॉलेज में आयोजित आंचलिक फुटबॉल प्रतियोगिता (मध्य क्षेत्र)  का गुरुवार को शुभारंभ हुआ। स्पर्धा में मध्यप्रदेश, राजस्थान, नई दिल्ली मुख्यालय, हरियाणा तथा छत्तीसगढ़ के भविष्य निधि कार्यालयों की टीमें शामिल रहीं। पहले दिन छत्तीसगढ़ ने राजस्थान को 8-1 से रौंदा।
    आंचलिक फुटबॉल प्रतियोगिता (मध्य क्षेत्र) का शुभारंभ मुख्य अतिथि जय कुमार क्षेत्रीय भ.नि. आयुक्त द्वारा किया गया। 14 से 16  सितंबर तक आयोजित फुटबॉल स्पर्धा का आगाज छत्तीसगढ़ और राजस्थान के बीच हुए मुकाबले से हुआ। स्पर्धा का समापन 16 सितंबर को पूर्वान्ह साढ़े 11 बजे किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी राजेश चौहान बतौर मुख्य अतिथि शामिल रहेंगे। पहला मैच मेजबान छत्तीसगढ़ और राजस्थान के बीच खेला गया जिसमें छत्तीसगढ़ ने 8-1 से राजस्थान को हराकर एक तरफा जीत हासिल की। 

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  • नई दिल्ली, 14 सितंबर। साल 2024 और 2028 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी का ऐलान हो गया है। साल 2024 की मेजबानी फ्रांस की राजधानी पेरिस को और 2028 की अमरीकी शहर लॉस एंजिल्स को मिली है।
    दोनों शहर 2024 ओलंपिक खेलों की मेजबानी चाहते थे, लेकिन फिर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की ओर से फंडिंग की गारंटी लेने के बाद लॉस एंजिल्स चार साल और इंतजार करने के लिए तैयार हो गया।
    लॉस एंजिल्स का कहना था कि मेजबानी के लिए तैयारी के लिहाज से उसे मौका मिलना चाहिए। जबकि पेरिस का कहना था कि उसके यहां खेलों के लिए प्रस्तावित जगह पुनर्विकास के चलते 2024 के बाद उपलब्ध नहीं होगी।
    2008 और 2012 में भी पेरिस ओलंपिक खेलों की मेजबानी की दौड़ में था। वहां सौ साल पहले ओलंपिक खेल हुए थे। लॉस एंजिल्स में दो बार- 1932 और 1984 में ओलंपिक खेल हो चुके हैं। हैम्बर्ग, रोम और बुडापेस्ट के अपना नाम वापस लेने के बाद 2024 की मेजबानी दो ही उम्मीदवार थे- पेरिस और लॉस एंजिल्स। आईओसी ने जून में 2024 और 2028 की मेजबानी का एक साथ ऐलान करने का फैसला लिया था। (बीबीसी)

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