खेल

  • लंदन, 23 जुलाई : आईसीसी महिला वर्ल्ड कप 2017 का फाइनल मुकाबला भारत और इंग्लैंड के बीच क्रिकेट के मक्का लॉर्ड्स में खेला जा रहा है. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड की टीम ने 1.2 ओवर में 0 विकेट गंवा कर 2 रन बना लिए हैं. इससे पहले इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और भारत को पहले गेंदबाजी करने के लिए आमंत्रित किया है. दोनों टीमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

    हर बार की तरह इस बार भी भारत की कप्तान मिताली राज मैच से पहले किताब लेकर स्टेडियम पहुंची हैं .भारत ने जब अपना पहला लीग मैच इंग्लैंड के खिलाफ खेला था, तो उस मैच में मिताली भारत की पारी के दौरान अपनी बल्लेबाजी से पहले एक किताब पढ़ती हुई नजर आईं थी. ऐसे में उम्मीद होगी कि मिताली इंग्लैंड के खिलाफ लीग मैच वाला प्रदर्शन दोहराएंगी.
    भारतीय महिला टीम अगर यह मुकाबला जीत जाती है, तो महिला वर्ल्ड कप के 44 साल के इतिहास में वह पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनेगी. इसी के साथ ही टीम इंडिया की कप्तान मिताली राज के पास भारतीय क्रिकेट (महिला और पुरुष) के इतिहास में कपिल देव और महेंद्र सिंह धोनी के बाद वर्ल्ड चैंपियन कप्तान बनने का मौका है. कपिल देव ने भारत को 1983 और महेंद्र सिंह धोनी ने 2011 में वर्ल्ड चैंपियन बनाया था. अगर मिताली टीम इंडिया को चैंपियन बना देती हैं, तो इतिहास के सुनहरे पन्नों में उनका नाम दर्ज हो जाएगा.
    मिताली की अगुवाई वाली टीम वर्ल्ड कप जीतने में कामयाब होती है तो भारत, ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरा ऐसा देश बन जाएगा जिसकी पुरुष और महिला दोनों टीमों ने 50 ओवर का क्रिकेट वर्ल्ड कप अपने नाम किया होगा.
    टीम इंडिया ने वर्ल्ड कप 2017 का धमाकेदार आगाज किया है. अपने पहले ही मैच में टीम इंडिया ने मेजबान इंग्लैंड को 35 रनों से हराया था. उसके बाद वेस्टइंडीज, पाकिस्तान,श्रीलंका और न्यूजीलैंड को धूल चटाकर 7 मैचों में से 5 में जीत हासिल करके सेमीफाइनल में जगह बनाई. फिर सेमीफाइनल में 6 बार की वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को मात देकर दूसरी बार महिला वर्ल्ड कप के फाइनल में अपनी जगह पक्की की. अगर फाइनल में भी टीम इंडिया ने इंग्लैंड के खिलाफ लीग मैच वाला प्रदर्शन किया तो भारत की बेटियां वर्ल्ड कप लेकर ही घर लौटेंगी.
    11वां महिला वर्ल्ड कप जारी है, जबकि भारतीय टीम का यह नौवां विश्व कप है. जिसके खिताबी टक्कर के लिए टीम तैयार है. उसने शुरुआती वर्ल्ड कप 1973 और 1988 वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं लिया था. 2005 में भारतीय टीम ने फाइनल तक का सफर जरूर तय किया, लेकिन वह अबतक खिताब पर कब्जा नहीं जमा पाई है.
    पिच और मौसम
    हाल ही में खेले गए कुछ मैचों को देखते हुए लॉर्ड्स की पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाती है. पिच बल्लेबाजों की मददगार होगी और खूब रन भी बनेगे. ऐसे में टॉस अहम साबित होगा. जो भी टीम पहले टॉस जीतेगी वो पहले बल्लेबाजी करना चाहेगी. क्योंकि फाइनल जैसे मुकाबले में स्कोरबोर्ड का दबाव अगल ही होता है. अगर मौसम की बात करें तो बारिश होने की सूरत में फाइनल मैच के लिए रिज़र्व डे भी रखा गया है. लेकिन अगर दोनों दिन बारिश के चलते मैच पूरा नहीं हो पता है, तो भारत और इंग्लैंड को वर्ल्ड कप 2017 का संयुक्त विजेता घोषित कर दिया जाएगा.
    भारत बनाम इंग्लैंड
    फाइनल में भारत का पलड़ा मेजबान इंग्लैंड टीम पर भारी लग रहा है. भारतीय टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा तालमेल है जो टीम की बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में दिखाई देता है. भारतीय स्पिनर फॉर्म में चल रहीं जो सीम और स्विंग कंडीशंस में भी बढ़िया प्रदर्शन कर रही हैं.
    मेजबान इंग्लैंड टीम को हल्के में लेना टीम इंडिया के लिए गलत साबित हो सकता है. कप्तान मिताली इस बात को जानती हैं कि इंग्लैंड अपने घर में मजबूत टीम है. इंग्लैंड की बल्लेबाज नैट स्काइवर ने न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के खिलाफ शतक बनाए थे. वह कभी भी मैच का पास पलटने का माद्दा रखती हैं. वह इंग्लैंड को 2009 का वर्ल्ड कप दिलाने में अहम भूमिका निभा चुकी हैं. जब इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को हराकर वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती थीं.
    भारत के खिलाफ शिकस्त के बाद इंग्लैंड ने जोरदार वापसी की है. इंग्लैंड ने सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका पर दो विकेट की रोमांचक जीत के साथ खिताबी मुकाबले में जगह बनाई है. टीम को विकेटकीपर बल्लेबाज सारा टेलर और नताली शिवर से काफी उम्मीदें होंगी. कप्तान हीथ नाइट का मानना है कि उनकी टीम ने अब तक अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं किया है और टीम खिताबी मुकाबले में ऐसा कर सकती है.
    संभावित प्लेइंग इलेवन
    भारत : स्मृति मंधाना, पूनम राउत, मिताली राज (कप्तान), हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा, वेदा कृष्णमूर्ति, सुषमा वर्मा, झूलन गोस्वामी, शिखा पांडे, राजेश्वरी गायकवाड़ और पूनम यादव.
    इंग्लैंड : लॉरेन विनफील्ड, टैमी ब्यूमोंट, सारा टेलर, हीथ नाइट (कप्तान), नेटली साइवर, फ्रां विल्सन, कैथरीन ब्रंट, जेनी गुन, लौरा मार्श और अन्या श्रुब्सोले. (आजतक)

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  • आदेश कुमार गुप्त
    खेल पत्रकार
    रविवार को महिला क्रिकेट विश्व कप के फ़ाइनल में भारत और मेज़बान इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान में रोमांचक मुक़ाबले की उम्मीद की जा रही है.
    डर्बी की हार के बाद से लगातार सात मैचों में अपराजेय रही इंग्लैंड की टीम की कैप्टन हीथर नाइट ने कहा भी है कि उन्होंने अपना बेस्ट परफॉर्मेंस फ़ाइनल के लिए बचाकर रखा है.
    इस बीच समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए बीसीसीआई ने अपनी झोली खोल दी है. शनिवार को बोर्ड की तरफ से घोषणा की गई कि इंग्लैंड में आईसीसी वर्ल्ड कप खेल रही टीम की हर सदस्य को 50 लाख रुपये इनाम में दिए जाएंगे.
    इससे पहले आईसीसी टूर्नामेंट में साल 2005 में भारतीय महिला टीम ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखलाया था जब भारत ऑस्ट्रेलिया से फ़ाइनल में हार गया था.
    बीते शुक्रवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने आईसीसी महिला विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट के दूसरे सेमीफ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया जैसी दमदार टीम को 36 रन से हराकर फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली.
    अगर भारतीय महिला क्रिकेट टीम के फ़ाइनल तक के सफर की बात करें तो सेमीफ़ाइनल में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 42 ओवरों में 4 विकेट खोकर 281 रन बनाए.
    भारत की हरमनप्रीत कौर ने धुआंधार बल्लेबाज़ी करते हुए नाबाद 171 रन बनाए. इसके लिए उन्होंने 115 गेंदो का सामना करते हुए 20 चौके और सात छक्के जमाए.
    जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम 40.1 ओवर में 245 रन बनाए. भारत ने अंततः यह मैच 36 रन से जीता.
    करो या मरो
    सेमीफ़ाइनल से पहले भारत ने करो या मरो वाले मुक़ाबले में न्यूज़ीलैंड को 186 रनो के विशाल अंतर से हराया.
    इस मुक़ाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए कप्तान मिताली राज़ की 109 रनो की शतकीय पारी के सहारे निर्धारित 50 ओवर में सात विकेट खोकर 265 रन बनाए.
    जवाब में न्यूज़ीलैंड की टीम 25.3 ओवर में ही 79 रन पर सिमट गई. भारत की खब्बू स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड़ ने 15 रन देकर पांच विकेट झटके.
    दरअसल अंकों के आधार पर जीतने वाली टीम को ही सेमीफ़ाइनल का टिकट हासिल होना था.
    लेकिन राउंड रोबिन लीग में भारतीय महिला टीम को ऑस्ट्रेलिया के हाथों आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा था.
    कप्तान मिताली राज की भूमिका
    इसके अलावा भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीकी टीम से भी 115 रन से हारी. लेकिन भारत ने श्रीलंकाई टीम को 16 रन से और पाकिस्तानी टीम को 95 रन से हराया.
    पाकिस्तानी टीम तो जीत के लिए 170 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुऐ केवल 74 रन बना पाई. इतना ही नहीं भारतीय टीम ने वेस्ट इंडीज़ को सात विकेट से और इंग्लैंड को 35 से हराया.
    भारतीय महिला टीम के शानदार प्रदर्शन में कप्तान मिताली राज की भूमिका तो बेहद महत्वपूर्ण रही है, लेकिन सलामी बल्लेबाज़ पूनम राउत ने भी अपना योगदान दिया है.
    पूनम राउत ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ राउंड रोबिन मैच में 106 और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 47 तथा इंग्लैंड के ख़िलाफ़ 86 रन बनाए. इस टूर्नामेंट में स्मृति मंधाना ने भी जमकर बल्लेबाज़ी की. उन्होंने वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ नाबाद 105 और इंग्लैंड के ख़िलाफ 90 रन बनाए और भारतीय जीत में बड़ी भूमिका निभाती हुई इस टूर्नामेंट में दो बार प्लेयर ऑफ द मैच बनीं.
    इनके अलावा दीप्ती शर्मा ने भी श्रीलंका के ख़िलाफ 78 और दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ 60 रन बनाए.
    लेकिन ठीक समय पर बल्ला गरजा हरमनप्रीत कौर का जिन्होंने सेमीफ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ नाबाद 171 रन ठोककर भारत को फ़ाइनल की राह दिखाई.
    गेंदबाज़ी में भी भारतीय खिलाड़ी महत्वपूर्ण समय पर विरोधी टीम को झटके देकर टीम की जीत में अपनी अहम भूमिका निभाती रही.
    इंग्लैंड के ख़िलाफ़ ऑफ स्पिनर दीप्ती शर्मा ने 47 रन देकर तीन और सेमीफ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 59 रन देकर तीन विकेट हासिल किए.
    खब्बू स्पिनर एकता बिष्ट का जादू भी खूब चला है. पाकिस्तान के ख़िलाफ़ तो उन्होंने केवल 15 रन देकर पांच विकेट हासिल किए.
    एक और खब्बू स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड़ ने भी कमाल की गेंदबाज़ी की है. उन्होंने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ महज़ 15 रन देकर पांच विकेट हासिल किए.
    इस विश्व कप में भारत की तेज़ गेंदबाज़ भी पीछे नहीं रही हैं. शिखा पांडेय ने दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ 40 रन देकर तीन विकेट हासिल किए. तो ऐसे में कहा जा सकता है कि भारतीय टीम किसी एक खिलाड़ी के बलबूते नहीं बल्कि पूरी टीम के शानदार प्रदर्शन के दम पर फ़ाइनल में पहुंची है. (बीबीसी)

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  • वंदना
    "भारतीय महिला टीम को वर्ल्ड कप के लिए न्यूज़ीलैंड जाना था. महिला खिलाड़ियों को 10 हज़ार रुपये का इंतज़ाम ख़ुद ही करना था. कुछ खिलाड़ियों के चेक महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री एंतुले ने दिए, तब जाकर हम वर्ल्ड कप में खेल सके. फ़ीस मिलती नहीं थी. हम बिना रिज़र्वेशन के रेलवे में सफ़र करते थे, कई बार ज़मीन पर सोते थे."
    इस बार जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में पहुँची तो मुझे डायना एडुलजी का ये इंटरव्यू याद आ गया जो उन्होंने मुझे पिछले साल दिया था.
    आइए नज़र डालते हैं उन खिलाड़ियों पर जिन्होंने भारत को इस बार विश्व कप के फ़ाइनल में पहुँचाया.

    मिताली राज
    अच्छे लीडर के बारे में अंग्रेज़ी में एक कहावत है- "इफ़ यू आर इन कंट्रोल, दे आर इन कंट्रोल". ये कहावत भारतीय कप्तान मिताली राज पर फ़िट बैठती है. इस पूरी प्रतियोगिता में वो बहुत ही सहज और इन-कंट्रोल दिखीं. वरना अपनी बैटिंग से ठीक पहले किताब पढ़ते आपने कितने कप्तानों को देखा होगा.
    मिताली ने विश्व कप में अच्छी बैटिंग कर 'लीडिंग फ़्रॉम द फ्रंट' की मिसाल पेश की. हालांकि फ़ील्ड के बाहर वो अपने प्रैंक्स या शरारतों के लिए भी जानी जाती हैं.
    क्रिकइनफ़ो को दिए एक इंटरव्यू में पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी नोशीन ने बताया था, "एक बार झूलन ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पांच विकेट लिए. मिताली ने उन्हें लैंडलाइन पर अपने कमरे से फ़ोन किया और कहा मैं बीबीसी से हूँ. 45 मिनट का इंटरव्यू हुआ. झूलन ने घर में सबको बताया कि आज रात को मेरा इंटरव्यू आएगा. बाद में झूलन को असलियत पता चली तो दो दिन तक उन्होंने हम लोगों से बात नहीं की थी."
    वर्ल्ड कप हाइलाइट
    न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ मिताली का शतक (109)
    वर्ल्ड कप में रन- 392 बनाकर दूसरे नंबर पर
    वनडे में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली महिला बनीं
    मिताली राज 2005 के फ़ाइनल का भी हिस्सा थीं और ये शायद उनका आख़िरी विश्व कप होगा, लेकिन भारतनाट्यम छोड़ किक्रेट अपनाने वाली मिताली के लिए ये यादगार रहेगा.

    हरमनप्रीत कौर
    पंजाब का शहर मोगा यूँ तो ड्रग्स के लिए बदनाम है, लेकिन अब ये शहर 28 साल की हरमनप्रीत कौर भुल्लर के लिए जाना जाएगा. हरमन के पिता पेशे से क्लर्क हैं. उनके पास सीमित पैसे थे, लेकिन जब बेटी की बारी आई तो उन्होंने अपनी सोच को सीमित नहीं होने दिया.
    विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ सेमीफ़ाइनल में 115 गेंदों पर 171 रन बनाने वाली हरमनीप्रीत कौर के बारे में पिछले साल एडम गिलक्रिस्ट ने कहा था, "उनका ये शॉट उतना ही बेहतरीन था जितना एक शॉट हो सकता है."
    हरमनप्रीत ख़ुद को 'प्लेस्टेशन लवर' बताती हैं और फ़्री टाइम में प्लेस्टेशन पर फ़ीफ़ा का गेम खेलती हैं.
    करियर
    वर्ल्ड कप में अब तक 308 रन,पाँच विकेट
    वनडे-सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली पाँचवें नंबर की महिला खिलाड़ी

    राजेश्वरी गायकवाड़
    कर्नाटक में बीजापुर में जन्मी राजेश्वरी को तब अपने सपने पूरे करने का ज़रिया मिला जब उनके कॉलेज में लड़कियों की क्रिकेट टीम बन गई और वो क्रिकेट खेलना जारी रख सकी. हालांकि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन क्रिकेट में दिलचस्पी उन्हें पिता की वजह से ही हुई. वे सरकारी स्कूल में हेडमास्टर थे पर स्थानीय स्तर पर क्रिकेट खेलते थे.
    वर्ल्ड कप की बात करें तो न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ मैच में राजेश्वरी ने ने 15 रन देकर पाँच विकेट लिए थे. राजेश्वरी जेवलिन और डिस्कस में भी एक्सपर्ट हैं.

    झूलन गोस्वामी
    पिछले दिनों पाकिस्तान की क्रिकेट खिलाड़ी कायनात इम्तियाज़ की वो फ़ोटो ख़ूब वायरल हुई थी जिसमें उन्होंने बताया था कि बचपन में बतौर बॉल गर्ल उन्होंने 2005 के एशिया कप में भारतीय गेंदबाज़ झूलन गोस्वामी को देखा था और उनकी इतनी बड़ी फ़ैन हो गई कि क्रिकेटर बनने का फ़ैसला कर लिया.
    2002 में डेब्यू करने वाली झूलन गोस्वामी डेढ़ दशक से भारतीय टीम की रीढ़ रही हैं. इस वर्ल्ड कप में भी वो भरोसेमंद शामिल हुईं- चाहे गेंदबाज़ी हो या फ़ील्डिंग. सेमीफ़ाइनल में उन्होंने दो अहम विकेट लिए.
    करियर
    2017 विश्व कप में अब तक सात विकेट
    वनडे में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली महिला क्रिकेटर
    2007 में आईसीसी वूमन प्लेयर ऑफ़ द ईयर

    शिखा पांडे
    कम ही लोग जानते हैं कि 28 साल की ऑल राउंडर क्रिकेटर शिखा पांडे दरअसल फ्लाइट लेफ़्टिनेट शिखा पांडे हैं जो इंडियन एयर फ़ोर्स से जुड़ी हैं. गोवा में उनके पिता केंद्रीय विद्यालय में हिंदी पढ़ाते थे. क्रिकेट का शौक बचपन से था, लेकिन लेदर बॉल से पहली बार खेलना कॉलेज में हुआ.
    शुरुआती दौर में क्रिकेट में सफलता नहीं मिली तो वो वायु सेना से जुड़ गई, लेकिन हौसला नहीं छोड़ा. 2014 में वे आख़िरकर भारतीय टीम में चुनी गईं. वर्ल्ड कप सेमीफ़ाइनल में उन्होंने दो अहम विकेट भी लिए.

    वेदा कृष्णमूर्ति
    कर्नाटक के चिकमंगलूर के एक छोटे से कस्बे में रहने वाली 24 साल की वेदा कृष्णमूर्ति कराटे चैंपियन रही हैं. वो ब्लैक बेल्ट भी हैं, लेकिन पेशे से क्रिकेटर. केबल ऑपरेटर का काम करने वाले वेदा के माँ-बाप ने भी उनके साथ काफ़ी संघर्ष किया है.
    2011 में डर्बी में ही उन्होंने वनडे में डेब्यू किया था जहाँ वो 6 साल बाद इंग्लैंड के ख़िलाफ़ वर्ल्ड कप फाइनल खेलेंगी. इस वर्ल्ड कप में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ वेदा ने शानदार 70 रन बनाए थे.

    दीप्ति शर्मा
    विश्व कप में भारत की ओर से सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली खिलाड़ी दीप्ति शर्मा है. सहारनपुर, उत्तर प्रदेश में जन्मी 19 साल की दीप्ति ने इस साल आयरलैंड के ख़िलाफ़ 188 रन भी ठोके थे जो वनडे में किसी महिला का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है.
    दीप्ति की सफलता में उनके भाई का बड़ा रोल रहा है.
    टाइम्स ऑफ़ इंडिया को दिए इंटरव्यू में उनके भाई ने कहा है, "विश्व कप ख़िताब मेरे लिए रक्षा बंधन का तोहफ़ा होगा."

    एकता बिष्ट
    उत्तराखंड में अलमोड़ा में रहते हुए एकता को यूनिवर्सिटी में लड़कों की टीम के साथ खेलना पड़ता था क्योंकि लड़कियों की टीम ही नहीं थी. एकता बताती हैं कि जब वो विकेट लेती थीं तो बाकी लड़के चिढ़ाते थे कि देख लड़की की गेंद पर आउट हो गया. 31 साल की एकता ने विश्व कप में अब तक नौ विकेट लिए जिसमें पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पाँच विकेट शामिल हैं.

    पूनम यादव
    आगरा की रहने वाली 25 साल की पूनम यादव का कद सिर्फ़ पांच फुट है, लेकिन अपने कारनामों से उन्होंने नई ऊँचाइयाँ छुई हैं. 2014 के टी-20 विश्व कप के बाद टीम ऑफ दी टूर्नामेंट चुनी थी और भारत से सिर्फ़ पूनम यादव का नाम था-उनकी गेंदबाज़ी के लिए. इस बार के वर्ल्ड कप में वो नौ विकेट ले चुकी हैं.

    स्मृति मंधाना
    18 जुलाई को ही भारत की स्टार बल्लेबाज़ स्मृति 21 साल की हुई हैं. पिछले कुछ दिनों से उन्होंने मैदान पर चश्मा लगाना भले ही छोड़ दिया हो, लेकिन उनका निशाना कमज़ोर नहीं हुआ है.
    इस साल विश्व कप के शुरुआती मैच में स्मृति ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ 90 रन बनाए थे और वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ 106 रन. और हाँ वो अरीजित सिंह की बड़ी फ़ैन हैं. उनकी किट में एक ख़ास बैट हमेशा रहता है जिसे वो इस्तेमाल नहीं करती- द्रविड़ का साइन किया हुआ बैट जो उनके भाई को मिला था. वो अपनी माँ की शुक्रगुज़ार हैं जिन्होंने उन्हें साइंस लेने से रोका और क्रिकेट पर ज़ोर देने को कहा.

    सुषमा वर्मा
    इस साल शुरु हुए शिमला के नए नवेले क्रिकेट स्टेडियम में एक पैविलियन का नाम सुषमा वर्मा के नाम पर रखा गया है.
    24 साल की सुषमा भारतीय टीम की विकेटकीपर हैं. भारतीय टीम में खेलने वाली वो शिमला की पहली खिलाड़ी हैं. क्रिकेट से बाहर वो भारतीय टीम की सेल्फ़ी एक्सपर्ट मानी जाती हैं.

    पूनम राउत
    भारत की बल्लेबाज़ 27 साल की पूनम राउत का नाम महिला वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ी साझेदारी का वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है.
    उन्होंने 2016 में दीप्ति शर्मा के साथ आयरलैंड के ख़िलाफ़ 320 रनों की साझेदारी की थी.

    मोना मेशराम
    25 साल की मोना नागपुर से आती हैं और 2012 से टीम में खेल रही हैं. 2011 में उन्होंने बीसीसीआई का जूनियर क्रिकेटर अवॉर्ड जीता था. हालांकि उनका करियर उतार चढ़ाव वाला रहा है.
    करीब 12 साल पहले 2005 में भारतीय महिला टीम ने विश्व कप के फ़ाइनल में जगह बनाई थी. तब भारत में ज़्यादा हो-हल्ला नहीं हुआ था.
    भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में अब ये सिर्फ़ दूसरा मौका है जब वो विश्व कप के फ़ाइनल में पहुँची है. 2005 में भारत को फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार मिली थी. उसी ऑस्ट्रेलिया को हराकर भारत की टीम वर्ल्ड कप फ़ाइनल में पहुँची है जो रविवार को इंग्लैंड के ख़िलाफ़ है.

    मानसी जोशी
    उत्तराखंड में पैदा हुई 23 साल की मानसी हरियाणा के लिए खेलती हैं. मानसी ने इसी साल भारतीय टीम में डेब्यू किया है.
    महिला विश्व कप में पाकिस्तान के खिल़ाफ़ मैच में मानसी ने दो विकेट लिए थे.क्रिकेट के अलावा उन्हें किशोर कुमार के गाने बहुत पसंद हैं, वो भी राजेश खन्ना की फिल्मों से- ये बात खुद सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट कर बताई. (बीबीसी)

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  • सपोर्ट मेंबर को 25-25 लाख रुपये दिए जाएंगे
    दिल्ली, 22 जुलाई। बीसीसीआई (BCCI) ने घोषणा की है कि इंडियन विमेंस क्रिकेट टीम की सभी खिलाड़ियों को वर्ल्ड कप में उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए 50-50 लाख रुपये का इनाम देगा। साथ ही सपोर्ट मेंबर को 25-25 लाख रुपये दिए जाएंगे। 
    15 खिलाड़ी जिन्हें बीसीसीआई से मिलेगा 50-50 लाख रुपये का इनाम...
    1.मिताली राज- कप्तान 
    2.एकता बिष्ट
    3.राजेश्वरी गायकवाड़ 
    4.झूलन गोस्वामी 
    5.झूलन गोस्वामी
    6.मानसी जोशी 
    7.हरमनप्रीत कौर
    8.वेदा कृष्णमूर्ती
    9.स्मृति मंधाना
    10.मोना मेशराम 
    11.शिखा पांडे
    12.पूनम यादव
    13.नुजहत परवीन
    14.पूनम राउत 
    15.दीप्ती शर्मा 
    इसके अलावा टीम के सपोर्टिंग स्टाफ्स को भी 25-25 लाख रुपये इनाम की भी घोषणा की गई है। आपको बता दें महिला वर्ल्ड कप 2017 के  सेमी फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर महिला क्रिकेट टीम रविवार को फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के साथ भिड़ेगी।बैटिंग और बॉलिंग ऑर्डर को देखते हुए टीम इंडिया मेजबान टीम से मजबूत स्थिति में दिख रही है।
    फाइनल में टीम इंडिया का मुकाबला इंग्लैंड से होगा जो कि पॉइंट्स टेबल में 12 अंकों के साथ टॉप पर चल रही है जबकि सेमीफाइनल में इंडिया से हारने के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरे नंबर पर रही। सेमीफाइनल में इंडिया की तरफ से हरमनप्रीत कौर ने सर्वाधिक 171 रनों की पारी खेली थी और कई रिकॉर्ड्स भी अपने नाम किए। 
    टीम इंडिया की कप्तान मिताली राज ने वर्ल्ड कप के दौरान ही अपने करियर में 6000 रन पूरा कर इस मुकाम पर पहुंचने वाली पहली महिला क्रिकेटर भी हो गईं।गौरतलब है कि विमेंज वर्ल्ड कप 2017 में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को भी शिकस्त दी थी। (लाइव हिन्दुस्तान)

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  • कोलकाता : भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने आईसीसी महिला विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ भारत को जीत का प्रबल दावेदार बताया है.
    गांगुली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में 115 गेंद में 171 रन बनाने वाली हरमनप्रीत कौर की भी तारीफ की. उन्होंने कहा, '' मैनें उसकी पारी देखी. उसने बेहतरीन बल्लेबाजी की. भारत फाइनल में इंग्लैंड को हरा देगा. ' ' बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष गांगुली ने यह भी बताया कि संघ ने पिछले वित्तीय वर्ष में 10 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ अजर्ति किया है.

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  • नई दिल्ली। टीम इंडिया के लिए 2 टी-20 मैच खेल चुके तेज़ गेंदबाज़ परविंदर अवाना के साथ शुक्रवार शाम को कुछ युवकों ने मारपीट कर दी। खबरों के मुताबिक 5 बदमाश किसी बर्फ फैक्ट्री में झगड़ा कर गाड़ी से भाग रहे थे। वहीं से गुजर रहे परविंदर अवाना के साथ बदमाशों ने यह समझकर मारपीट शुरू कर दी कि वह उनका पीछा कर रहे हैं।

    इस घटना के वक्त अवाना कहीं से आ रहे थे और बदमाशों ने सोचा कि वह उनका पीछा कर रहे हैं। इस पर दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हो गई। इसके बाद बदमाशों ने उनके साथ गाली-गलौज की और फिर हाथापाई शुरू कर दी। इस घटना में बदमाशों ने परविंदर अवाना की गाड़ी को भी काफी नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
    परविंदर अवाना आइपील में किंग्स इलेवन पंजाब से खेलते रहे हैं और साल 2016 में आखिरी बार उन्होंने पंजाब के लिए आइपीएल मैच खेला था। इस साल उन्हें किसी भी फ्रेंजाइजी ने नहीं खरीदा था। इसके अलावा वह दिल्ली के लिए घरेलू क्रिकेट भी खेले हैं। उन्होंने दिल्ली के लिए 62 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं। 
    यह पहला मौका नहीं है, जब अवाना के साथ मारपीट का मामला सामने आया हो। इससे पहले 7 मार्च 2014 को नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने उनके साथ मारपीट की थी। उस वक्त अवाना ने पुलिसकर्मियों को बताया था कि वह इंटरनेशनल स्तर के क्रिकेट खिलाड़ी हैं। इसके बावजूद पुलिस ने उनके साथ अभद्रता की थी। इस मामले में तब दरोगा को निलंबित कर दिया गया था। (जागरण)

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  • क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ जारी भुगतान विवाद के कारण बेरोजगार हुए ऑस्ट्रेलियाई क्रिकटर अब भारतीय बाजार का रुख कर रहे हैं

    क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ जारी भुगतान विवाद के कारण बेरोजगार हुए ऑस्ट्रेलियाई क्रिकटर अब भारतीय बाजार का रुख कर रहे हैं ताकि उन्हें कोई लुभावनी विज्ञापन डील मिल सके. आस्ट्रेलियाई क्रिकेटर संघ ( एसीए ) ने अपने जनरल मैनेजर टिम क्रूइकशेंक को भारत में संभावित निवेशकों से बात करने भेजा है जो ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों से करार करना चाहते हैं.

    टिम ने कहा, ‘ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों को भारत आना बहुत पसंद है. उनके भारत में बड़े फैन हैं. आईपीएल में भी उनके प्रशंसकों की संख्या कम नहीं है. मैं यहां भारतीय बाजार में संभावित साझेदारों से बात करने आया हूं. भारतीय निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है.’

    ऑस्ट्रेलिया के सभी टॉप क्रिकेटर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सहमति पत्र के नियमों और शर्तों पर मानने से इनकार कर दिया है, जिसकी वजह से वह फिलहाल बेरोजगार हैं. इसकी वजह से ऑस्ट्रेलिया ए ने दक्षिण अफ्रीका ए के साथ सीरीज खेलने के लिए दौरे पर जाने से भी इनकार कर दिया. दक्षिण अफ्रीका दौरे पर होने वाली इस ट्राई सीरीज में तीसरी टीम भारत की थी.

    यह पूछने पर कि क्या इसकी वजह से ऑस्ट्रेलिया टीम का भारत दौरा खतरे में पड़ सकता है, टिम ने उम्मीद जताई कि तब तक कोई समझौता हो जाएगा. उन्होंने कहा, ‘खिलाड़ी भारत और बांग्लादेश का दौरान करने को लेकर उत्सुक हैं. लेकिन जब तक एमओयू निष्पक्ष शर्तों पर साइन नहीं किया जाता वह दौरा नहीं कर पाएंगे. अगर भारत दौरा अगले हफ्ते होता तो मैं कहता कि ये गंभीर स्थिति है, लेकिन क्योंकि ये अक्टूबर में है तो हमें उम्मीद है कि तब तक कोई समाधान निकल आएगा.’ (india.com)

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  • कैलिफोर्निया: भारत के बैडमिंटन खिलाड़ी परुपल्ली कश्यप और समीर वर्मा यहां जारी यूएस ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में आमने-सामने होंगे. पुरुष एकल वर्ग के तीसरे दौर में दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने जीत हासिल कर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया है. इन दोनों खिलाड़ि‍यों के अलावा, एचएस प्रणय ने भी अपना विजयी क्रम जारी रखते हुए टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है.कश्यप ने जहां तीसरे दौर में श्रीलंका के खिलाड़ी निलुका करुनारत्ने को सीधे गोमों में 21-19, 21-10 से मात दी, वहीं समीर ने ब्राजील के बैडमिंटन खिलाड़ी येगोर सोएल्हो को 18-21, 21-14, 21-18 से हराया. प्रणय का सामना तीसरे दौर में नीदरलैंड्स के मार्क कालजॉव से हुआ. उन्होंने इस मैच में मार्क को 21-81, 4-21, 21-16 से मात दी.
    गौरतलब है कि इससे पहले परुपल्‍ली कश्यप ने बुधवार देर रात खेले गए पहले दौर में बड़ा उलटफेर करते हुए प्रतियोगिता में 21वीं विश्व वरीयता के दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी ली ह्यून को हराया था. उन्‍होंने आखिरी क्षणों तक संघर्षपूर्ण रहा यह मुकाबला 21-16, 10-21, 21-19 से जीतकर अगले दौर में स्‍थान बनाया था.
    कश्‍यप का करियर चोटों से प्रभावित रहा है. घुटने और कंधे की चोट उन्‍हें काफी परेशान करती रही है. उन्‍हें पिछले साल जर्मन ओपन के दौरान चोट लगी थी इस चोट के कारण दूसरा ओलिंपिक खेलने का उनका सपना टूट गया. गौरतलब है कि किदांबी श्रीकांत सहित भारतीय बैडमिंटन की युवा ब्रिगेड ने इस समय अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर लगातार अच्‍छज्ञ प्रदर्शन कर हर किसी का ध्‍यान आकर्षित किया है. अपने इस प्रदर्शन से भारतीय युवा खिलाड़ि‍यों ने बैडमिंटन के सुपर पावर चीन के सामने कड़ी चुनौती पेश की है. (आईएएनएस से इनपुट)

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  • 2005 में खेले गए फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 98 रन से हराकर खिताब पर कब्जा जमया था.
    नई दिल्ली: 12 साल बाद टीम इंडिया एक बार फिर फाइनल में पहुंची है. मिताली राज भारतीय क्रिकेट की अकेली ऐसी कप्तान बन गई हैं जिन्हें टीम इंडिया को दो बार (वनडे वर्ल्ड कप के) फाइनल में पहुंचाने का गौरव हासिल हो गया है. ये कारनामा कपिल देव, सौरव गांगुली या महेंद्र सिंह धोनी भी नहीं कर पाए हैं. डर्बी में ऑस्ट्रेलिया को 36 रन से हराकर टीम इंडिया दूसरी बार फाइनल में पहुंची है. पिछली बार 2005 में खेले गए फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 98 रन से हराकर खिताब पर कब्जा जमया था. भारत ने उस हार का बदला बड़े ही शानदार अंदाज में लिया है. 
    मिताली 2005 में खेले गए फाइनल से मौजूदा वर्ल्ड कप के सफर को अलग बताती हैं. वो कहती हैं, "ये वर्ल्ड कप भारत के लिए उस वर्ल्ड कप से अलग है. पिछली बार किसी को पता भी नहीं था कि हमने फाइनल में जगह बनाई है. तब सब पुरुष क्रिकेट में व्यस्त थे. तब इन मैचों को टेलीविजन पर दिखाया भी नहीं गया था. इस बार अगर हमारी टीम जीत पाती है तो महिला क्रिकेट में क्रान्ति जैसी बात होगी. रविवार को भारत में सब टीवी से चिपके रहेंगे. अगर जीत हासिल हुई तो बहुत बड़ी कामयाबी होगी."
    मिताली टीम की कामयाबी का श्रेय हरमनप्रीत, अपनी तेज गेंदबाजों और पूरी टीम को देती हैं. वो कहती हैं, "ऑस्ट्रेलिया को हराना आसान नहीं है. हरमनप्रीत ने बेहद शानदार पारी खेली तभी ये जीत हासिल हो पाई. इसके साथ हमें तेज गेंदबाजों को भी श्रेय देना होगा जिन्होंने शुरुआत में विकेट लेकर टीम को अच्छे ब्रेक दिए." 34 साल की मिताली कहती हैं कि टीम इंडिया ने इस टूर्नामेंट में कमबैक करने की अच्छी काबिलियत दिखाई है. 185 वनडे में 6173 रन बनाने वाली मिताली कहती हैं कि कमबैक की वजह से इस टीम की रंगत बदल गई है. 
    फाइनल को लेकर उत्साहित
    लॉर्ड्स पर फाइनल खेलने को लेकर मिताली बहुत उत्साहित हैं. वो पूरी टीम का इसके लिए शुक्रिया अदा कर रही हैं साथ ही टीम से अपील कर रही हैं कि वो इस गौरवशाली लम्हे का लुत्फ उठाए. मिताली कहती हैं, "लॉर्ड्स पर फाइनल खेलना बहुत बड़ी बात है. इसके इतिहास की वजह से लॉर्ड्स पर खेलना सभी क्रिकेटर का सपना होता है. हमें ये मौका मिला है और हमारी खिलाड़ियों ने हमें ये मौका दिया है. मैं और झूलन 2005 वर्ल्ड कप का भी हिस्सा थीं. मैं सभी खिलाड़ियों का इसके लिए शुक्रिया अदा करना चाहती हूं." 6 शतक और 49 अर्द्धशतकों के साथ 185 वनडे और 10 टेस्ट मैच खेलने वाली मिताली कहती हैं कि ये उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा और इसे जीतकर वो इसे और यादगार बनाना चाहती हैं.

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  • नई दिल्ली, 21 जुलाई। आईसीसी महिला क्रिकेट वल्र्ड कप के सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम की शानदार जीत की बुनियाद हरमनप्रीत कौर ने रखी। टीम की जीत और हरमनप्रीत के शानदार प्रदर्शन पर उनके पिता हरमिंदर सिंह भुल्लर ने खुशी जाहिर की।
    पंजाब के मोगा में पैदा हुई हरमनप्रीत कौर ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धमाकेदार पारी 171 रनों की धमाकेदार पारी खेलकर खेलप्रेमियों का दिल जीत लिया।
    हरमनप्रीत के पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने लड़कों के साथ क्रिकेट खेलना शुरू किया था। उन्होंने कहा कि वह मेरे साथ ग्राउंड जाती थी खेलने के लिए। वहां कोई लड़की नहीं आती थी। वह लड़कों के साथ खेलती थी। हरमनप्रीत कौर के पिता ने बेटी के प्रदर्शन पर कहा कि देख के बहुत अच्छा लगा। परमात्मा से दुआ करूंगा कि वह आगे भी नाम रोशन करती रहे।
    ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलते हुए हरमनप्रीत ने महज 115 गेंदों पर नाबाद 171 रनों की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 20 चौके और 7 छक्के भी जड़े। हरमनप्रीत ने 12 चौके और दो छक्के की मदद से 90 गेंदों में शतक लगाया। यह उनका तीसरा एक दिवसीय शतक है। इसके साथ ही यह महिला एक दिवसीय क्रिकेट का पांचवा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी है।
    हरमनप्रीत कौर ने अपना पहला वनडे 2009 में खेला। 2013 में इंग्लैंड के खिलाफ वल्र्ड कप मैच में शतक जड़ अपनी काबिलियत दिखाई थी। इसके पहले सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए टीम इंडिया का मुकाबला न्यूजीलैंड से था। इस मैच में भी हरमनप्रीत ने 60 रन की शानदार पारी खेली थी।
    सेमीफाइनल मुकाबले में सबकी नजरें हरमनप्रीत की बल्लेबाजी पर टिकी थीं। सबको उनके बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी। फाइनल में अब भारत का मुकाबला रविवार को लॉर्ड्स में इंग्लैंड से होगा। महिला क्रिकेट के विश्वकप के फाइनल में भारत दूसरी बार पहुंचा है। (बीबीसी)

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  • जीती तो दूसरी बार फाइनल में पहुंचेगी
    डर्बी: आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम आईसीसी महिला वर्ल्‍डकप के दूसरे सेमीफाइनल में गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उतरेगी तो उसके इरादे छह बार की चैंपियन को हराकर खिताब की ओर अगला कदम रखने के होंगे. भारत का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खराब रिकॉर्ड रहा है और 42 में से 34 मैचों में उसे पराजय झेलनी पड़ी है. मिताली राज की अगुवाई वाली टीम हालांकि कल उस हार का बदला चुकता करने उतरेगी. भारत अगर कल जीतता है तो टूर्नामेंट के इतिहास में दूसरी बार फाइनल में पहुंच जाएगा. भारत 2005 में दक्षिण अफ्रीका में हुए टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचा था जिसमें उसे ऑस्ट्रेलिया ने हराया था. दक्षिण अफ्रीका राउंड रॉबिन चरण में पांच जीत और दो हार के साथ तीसरे और आस्ट्रेलिया सात मैचों छह जीतकर दूसरे स्थान पर रहा.
    यह मैच काउंटी ग्राउंड पर खेला जाएगा जहां भारत ने अपने चार ग्रुप मैच खेले हैं जिसमें न्यूजीलैंड के खिलाफ 'करो या मरो' का आखिरी मैच शामिल था. दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया ने इस मैदान पर एक भी मैच नहीं खेला है लेकिन उसका प्रदर्शन लगातार अच्छा रहा है. भारतीय कप्तान मिताली ने कहा,‘मुझे लगता है कि यह हमारा घरेलू मैदान है चूंकि हमने यहां चार मैच खेले हैं.’भारत को इस मैच के जरिये राउंड राबिन चरण में आस्ट्रेलिया से मिली आठ विकेट से हार का बदला चुकता करने का भी मौका मिलेगा. यह करना हालांकि आसान नहीं होगा. ऑस्ट्रेलिया को हराने के लिए भारत को खेल के हर विभाग में उम्दा प्रदर्शन करना होगा. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ राउंड रॉबिन चरण में धीमी पारी खेलनी वाली मिताली अपनी गलती सुधारना चाहेगी जबकि पूनम राउत अपना शतकीय प्रदर्शन दोहराने के इरादे से उतरेगी. न्यूजीलैंड के खिलाफ दबाव वाले मैच में मिताली ने शतक बनाया जबकि वेदा कृष्णामूर्ति ने 40 गेंद में 70 रन जोड़े । इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड को सिर्फ 79 रन पर समेटकर 186 रन से जीत दर्ज की.
    मिताली और कृष्णामूर्ति के अलावा हरमनप्रीत कौर ने भी अर्धशतक जमाया. सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना का खराब फॉर्म हालांकि चिंता का सबब है. गेंदबाजी में स्पिनरों ने प्रभावित किया है लेकिन झूलन गोस्वामी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व कप में पदार्पण करने वाली स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड़ ने 15 रन देकर पांच विकेट लिए थे. न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली बड़ी जीत से भारत के हौसले बुलंद होंगे. मिताली ने कहा ,‘ऑस्ट्रेलिया बेहतरीन टीम है. उसकी बल्लेबाजी में गहराई है और गेंदबाज बहुत उम्दा है. हमें मैच के दिन अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा ताकि उसे हरा सके.’
    दोनों टीमें इस प्रकार हैं
    भारत : मिताली राज (कप्तान ) , एकता बिष्ट, राजेश्वरी गायकवाड़, झूलन गोस्वामी, मानसी जोशी, हरमनप्रीत कौर, वेदा कृष्णमूर्ति , स्मृति मंधाना, मोना मेशराम, शिखा पांडे, पूनम यादव, नुजहत परवीन, पूनम राउत, दीप्ति शर्मा, सुषमा वर्मा, स्मृति मंधाना.
    ऑस्ट्रेलिया : मेग लेनिंग ( कप्तान ), सारा एले, क्रिस्टीन बीम्स, एलेक्स ब्लैकवेल, निकोल बोल्टन, एशले गार्डनर, रशेल हेंस, एलिसा हीली, जेस जोनासेन, बेथ मूनी, एलिसे पेरी, मेगान शट, बेलिंडा वेकारेवा, एलिसे विलानी, अमांडा जेड वेलिंगटन.
    मैच का समय : तीन बजे से.
    (भाषा)

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  • क्रिकेट के मैदान पर भारतीय टीम के कप्‍तान विराट कोहली और पाकिस्‍तान के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्‍मद आमिर भले ही जबर्दस्‍त प्रतिद्वंद्विता के लिए जाने जाते हो, लेकिन मैदान के बाहर इन दोनों के बीच बेहद दोस्‍ताना संबंध हैं. वैसे भी भारत और पाकिस्‍तान के क्रिकेटरों के मैदान के बाहर के रिश्‍ते, मैदान पर दिखने वाली प्रतिद्वंद्विता से एकदम उलट ही होते हैं. चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के बाद टीम इंडिया के कप्‍तान विराट कोहली को पाकिस्‍तान के शोएब मलिक और अन्‍य खिलाड़ि‍यों के साथ हंसी-मजाक करते देखा गया था. स्‍पॉट फिक्सिंग के कारण लगे प्रतिबंध के कारण आमिर ने जब इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की थी तो विराट ने उनकी हौसला अफज़ाई की थी. यही नहीं विराट ने वर्ष 2016 के वर्ल्‍ड टी20 के पहले आमिर को एक बल्‍ला भी गिफ्ट किया था. वैसे, विराट और आमिर के बीच की मैदान की 'जंग' में ज्‍यादातर बार टीम इंडिया के कप्‍तान भारी पड़े हैं, लेकिन चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में आमिर ने कोहली को आउट करके अपनी टीम के चैंपियन बनने की राह आसान की थी.
     
    पाकिस्‍तान के गेंदबाज आमिर, बल्‍लेबाज के रूप में विराट को बेहद ऊपर रेट करते हैं. हाल ही में ट्विटर पर फैंस से बातचीत करते हुए उन्‍होंने विराट कोहली का इस समय दुनिया का सर्वश्रेष्‍ठ बल्‍लेबाज बताया. मोहम्‍मद हमजा सईद नाम के एक प्रशंसक ने आमिर से पूछा कि आपके अनुसार इस समय दुनिया का सर्वश्रेष्‍ठ बल्‍लेबाज कौन है? आमिर का सीधा जवाब था-विराट कोहली.
    एक अन्‍य प्रशंसक का सवाल था-जो रूट, केन विलियम्‍सन, स्‍टीव स्मिथ और विराट कोहली में सर्वश्रेष्‍ठ कौन है? इस सवाल का जवाब आमिर ने यह कहकर दिया कि 'ये सभी अच्‍छे हैं लेकिन मेरी निजी राय में विराट कोहली.'  भारतीय प्रशंसकों ने आमिर के इस जवाब को भरपूर सराहा. एक फैन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा-आमिर भाई, विराट इस समय का सर्वश्रेष्‍ठ बल्‍लेबाज है और आप सर्वश्रेष्‍ठ गेंदबाज.एक क्रिकेटप्रेमी ने पूछा चैंपियंस ट्रॉफी में विराट कोहली का विकेट और आपकी पहली चैंपियंस ट्रॉफी में सचिन तेंदुलकर का विकेट, आपने किस विकेट का ज्‍यादा आनंद लिया? आमिर ने कहा-दोनों का.

    गौरतलब है कि चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में मो. आमिर ने घातक स्‍पैल फेंकते हुए रोहित शर्मा, शिखर धवन और विराट कोहली के विकेट झटके थे. उन्‍होंने इस स्‍पैल में छह ओवर में 16 रन देकर दो विकेट हासिल किए थे. आमिर के इन झटकों के टीम इंडिया उबर नहीं पाई थी और फाइनल में पाकिस्‍तान की टीम से मुकाबला हार गई थी. (एनडीटीवी)

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  • नई दिल्ली। टीम इंडिया के स्टाइलिश हरफनमौला सितारे हार्दिक पांड्या इस वक्त सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं, वजह हैं उनका नया लुक। दरअसल हार्दिक ने श्रीलंका दौरे से पहले अपनी हेयर स्टाइल चेंज की है।

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  • नई दिल्ली: श्रीलंका दौरे पर जाने वाली भारतीय टीम को सलामी बल्‍लेबाज मुरली विजय की सेवाएं नहीं मिल सकेंगी. ओपनर विजय कलाई की चोट के कारण श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज नहीं खेल सकेंगे. 26 जुलाई से प्रारंभ होने जा रही तीन मैचों की सीरीज के लिए विजय की जगह शिखर धवन को टीम में स्‍थान दिया गया है. भारतीय क्रिकेट बोर्ड की ओर एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है. बीसीसीआई कीसचिव अमिताभ चौधरी ने एक विज्ञप्ति में कहा,‘अखिल भारतीय चयन समिति ने सोमवार को शिखर धवन को घायल मुरली विजय की जगह टीम में चुना है जो श्रीलंका में तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी.’ उन्होंने कहा,‘विजय को ऑस्ट्रेलिया टीम के दौरे के दौरान कलाई में चोट लगी थी. उसकी दाहिनी कलाई में अभी भी दर्द है. बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने सलाह दी है कि विजय को रिहैबिलिटैशन जारी रखना चाहिए.’
    भारतीय वनडे टीम के नियमित सदस्य धवन ने 23 टेस्ट में 38 . 52 की औसत से रन बनाए हैं जिसमें चार शतक शामिल हैं. उन्होंने आखिरी बार 2016 में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के लिए टेस्ट खेला था. इस टेस्‍ट में शिखर ने पहली पारी में 1 और दूसरी पारी में 17 रन बनाए थे.
    बाएं हाथ के बल्‍लेबाज शिखर ने अपने टेस्‍ट करियर का धमाकेदार अंदाज में आगाज किया था.  वर्ष 2012-13 में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली में अपने पहले टेस्‍ट में उन्‍होंने 187 रन की पारी खेली थी जिसमें 19 चौके और तीन छक्‍के शामिल थे. शिखर धवन इस समय शानदार फॉर्म में हैं. इंग्‍लैंड में हुई चैंपियंस ट्रॉफी में उन्‍होंने सर्वाधिक रन बनाए थे. उन्‍हें गोल्‍डन बैट अवार्ड मिला था.
    भारतीय टीम : विराट कोहली (कप्तान) , शिखर धवन, लोकेश राहुल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा, ऋद्धिमान साहा, ईशांत शर्मा, उमेश यादव, हार्दिक पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, कुलदीप यादव और अभिनव मुकुंद. (एनडीटीवी)

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  • महिला विश्व कप 2017

    अभय शर्मा
    करो या मरो वाले किसी मैच की सबसे खास बात यह मानी जाती है कि इसमें किसी कप्तान और कोच के लिए अपनी टीम का उत्साह बढ़ाना सबसे आसान होता है. लेकिन, भारत और न्यूजीलैंड के मैच का परिणाम देखने के बाद पता चलता है कि इस काम को भी भारतीय कप्तान मिताली राज ने काफी गंभीरता से लिया.

    आज हुए इस अहम मैच में टीम के खेल को देख कर साफ़ लग रहा था कि उसने अपनी कमियों पर बारीकी से काम किया है और इन्हें दूर करने में काफी हद तक सफलता भी पाई है. यही वजह थी कि पिछले दो मैच हारने के बाद काफी कमतर नजर आने लगी भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम को 186 रन के बड़े अंतर से हरा दिया.

    इस मैच में किवी कप्तान सूजी बेट्स ने टॉस जीतकर भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किया. हालांकि, पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत काफी खराब रही. उसकी सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना 13 और पूनम राउत मात्र 4 रन ही बना सकीं. हालांकि, इन दोनों के जाने के बाद अनुभवी कप्तान मिताली राज और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला और तीसरे विकेट के लिए 132 रन की साझेदारी की.

    विश्वकप में काफी अच्छी फॉर्म में नजर आ रही मिताली राज ने इस मैच में 109 रन की शानदार शतकीय पारी खेली. जबकि, इससे पहले के हुए छह मैचों कुछ विशेष न कर सकी हरमनप्रीत कौर ने 60 रन बनाए. हालांकि, इन दोनों की बेहतरीन पारियों के दौरान भारतीय टीम की रन गति इतनी धीमी थी कि लगा टीम फिर से वही गलती तो नहीं दोहरा रही जिसकी वजह से वह पिछले दो मैच हारी थी. इन दोनों के खेलने दौरान भारतीय टीम 37 ओवर में महज 155 रन ही बना सकी थी. लेकिन, इसके बाद बल्लेबाजी करने आई वेदा कृष्णामूर्ति ने मैच का रुख ही बदल दिया. उन्होंने 45 गेंदों पर 70 रन की तेजतर्रार पारी खेल कर टीम के स्कोर को 265 तक पहुंचा दिया.

    इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड टीम की शुरुआत काफी खराब रही. टीम की सबसे बेहतर बल्लेबाज कप्तान सूजी बेट्स मात्र पांच रन बनाकर तेज गेंदबाज शिखा पांडे का शिकार बनीं. अगले ही ओवर में झूलन गोस्वामी ने आक्रामक विकेटकीपर बल्लेबाज रिचेल प्रीस्ट को चलता कर दिया. पांडे और गोस्वामी द्वारा शुरुआत में विकेट लेकर बनाए गए दवाब का भारतीय स्पिनरों को बड़ा लाभ मिला. भारतीय स्पिन तिकड़ी पूनम यादव, दीप्ति शर्मा और राजेश्वरी गायकवाड़ की फिरकी के सामने कोई भी किवी बल्लेबाज नहीं टिक सका.

    हालांकि, वनडाउन में बल्लेबाजी करने आई एमी सैटरथवेट ने जरूर कुछ देर संघर्ष किया और अपनी टीम की ओर से सर्वाधिक 26 रन बनाए. लेकिन, उनके आउट होने के बाद पूरी कीवी टीम मात्र 79 रन ही बना सकी. भारत की ओर से स्पिन गेंदबाजों ने आठ विकेट झटके जिसमें राजेश्वरी गायकवाड़ ने 15 रन देकर सबसे ज्यादा पांच विकेट लिए. इस मैच में शानदार शतकीय पारी खेलने वाले भारतीय कप्तान मिताली राज को मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया.

    न्यूजीलैंड पर मिली इस जीत के साथ ही भारतीय टीम विश्वकप के सेमी फाइनल में पहुंच गई है जहां 20 जुलाई को उसका मुकाबला दुनिया की सबसे मजबूत और विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होगा. भारत ने अभी तक ऑस्ट्रेलिया के साथ 42 वनडे मैच खेले हैं जिसमें से उसे केवल 8 में ही जीत मिली है. इन आंकड़ों को देखने के बाद भारतीय टीम की आगे की राह काफी कांटों भरी नजर आ रही है. यही कारण है कि क्रिकेट विश्लेषक भारतीय टीम को न्यूजीलैंड पर मिली बड़ी जीत का जश्न मनाने के बजाय आगे की रणनीति पर गंभीरता से विचार करने की सलाह दे रहे हैं. (सत्याग्रह)

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  • नई दिल्‍ली: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्‍तान मिताली राज ने बुधवार को इतिहास रच दिया. महिला वर्ल्‍डकप के अंतर्गत आज ब्रिस्‍टल में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में 34 रन बनाते ही मिताली वनडे में सर्वाधिक रन बनाने वाली महिला बल्‍लेबाज बन गई हैं. इस मैच के पहले मिताली को इंग्‍लैंड की क्रिकेटर शारलेट एडवर्ड्स के 5992 रन के रिकॉर्ड की बराबरी करने के लिए महज 33 रन की जरूरत थी. एडवर्ड्स ने 191 मैचों में यह रन बनाए थे. मिताली ने आज की पारी के दौरान न केवल इंग्‍लैंड की बल्‍लेबाज एडवर्ड्स का रिकॉर्ड को पछाड़ा बल्कि महिला वनडे क्रिकेट में 6000 रन के आंकड़े तक पहुंचने वाली वे पहली महिला बैट्समैन बन गई हैं.
    इससे पहले मिताली ने टूर्नामेंट के दौरान लगातार सात वनडे में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था. महिला क्रिकेट में सबसे अधिक वनडे अर्धशतक का रिकॉर्ड भारत की 34 वर्षीय कप्‍तान के नाम पर ही है. मिताली ने 16 वर्ष की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्‍यू किया था. बल्‍लेबाजी में कौशल के कारण कई बार उन्‍हें 'महिला क्रिकेट का सचिन तेंदुलकर' कहकर भी पुकारा जाता है.
    मिताली राज ने अब कुल 183 वन-डे इंटरनेशनल मैचों की 164 पारियों में 6,010 रन बनाए हैं, जबकि अब तक शीर्ष पर मौजूद रहीं इंग्लैंड की शारलेट एडवर्ड्स ने 191 मैचों की 180 पारियों में 5,992 रन बनाए हैं. मिताली कुल 48 बार नॉट आउट रही हैं, और उनका औसत 51.81 रहा है, जबकि शारलेट ने 23 बार नॉट आउट रहकर 38.16 की औसत से ये रन बनाए हैं. हालांकि शारलेट शतकों के मामले में मिताली से आगे हैं, क्योंकि उन्होंने कुल नौ बार शतकीय पारियां खेली हैं, जबकि मिताली केवल पांच बार 100 का आंकड़ा छू पाई हैं. अर्द्धशतकों के मामले में मिताली आगे हैं, और उन्होंने शारलेट के 46 अर्द्धशतकों की तुलना में 49 बार पचासा ठोका है. नाबाद 173 रन की सर्वश्रेष्ठ पारी खेल चुकीं शारलेट अपने वन-डे करियर के दौरान कुल 16 बार शून्य पर पैवेलियन लौटी हैं, जबकि मिताली ने नाबाद 114 रन की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली है, और वह कुल पांच बार बिना खाता खोले आउट हुई हैं.

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  • सफलता का पहला मंत्र है प्रयत्न करना। यदि आप प्रयत्न करने को तत्पर हो जाते हैं, तो आधी सफलता तो आपको मिल गई समझो। कहा भी तो है कि अच्छी शुरुआत यानी आधी सफलता। सफलता का दूसरा मंत्र है कि अपने मन में हीन भावना न आने दें।
    सफलता मिलने की आशा नहीं है, तो इस का मतलब यह नहीं कि कोशिश ही न करें। असफलता मिलने की उम्मीद के कारण कोई कार्य ही न करें। कार्य करें और अपनी ओर से पूर्ण मेहनत के साथ कार्य करें। पर अगर मन में  जरा-सी भी शंका हो तब उस शंका का निवारण जरूरी है। दरअसल प्रयत्न और भीतर की आवाज सुनने में एक तरह से संतुलन बैठाना होता है और जिसने सही तरीके से संतुलन बिठा लिया, उसकी सफलता की दर बढऩे  की संभावना रहती है, क्योंकि वह अपनी गलतियों को स्वयं के सामने रखने का माद्दा रखता है। कई बार ऐसा होता है कि स्टूडेंट्स  दूसरों के ओपिनियन के आधार पर अपने बारे में गलत राय बना लेते हैं।  याद  रखिए  जो कामयाब हैं वे इसलिए  कि वे अपने को किसी से कम नहीं आंकते। वे हमेशा अपनी बेहतर  चीजों पर फोकस करते हुए अपना सेल्फ  कान्फिडेंस बढ़ाते रहते हैं और अपनी  पर्सनेलिटी को चमकाते रहते हैं। इसलिए अपने  भीतर झांकिए और दूसरों से अपने को बिलकुल कम मत आंकिए कई स्टूडेंट्स इस प्रॉब्लम से जूझते दिखाई देते हैं। न तो उनका फिजिकल अपीरियंस अच्छा है न उनकी चाल न उनकी आवाज अच्छी है और न एटीच्यूड। वे दूसरों की धारणा पर अपने बारे में राय बना लेते हैं और परेशान रहते हैं। वे अपनी स्टडी, कैरियर और लाइफ से नाखुश रहते हैं। इसलिए  वे कोशिश करते  हैं कि वे कुछ और हो  जाएं। कामयाब होने की पहली सीढ़ी है अपने को स्वीकार करना, अपने को  प्यार  करना और अपनी गलतियों को भुला देना। इसकी आज से ही शुरुआत कर दीजिए। यहां दी जा रही कुछ  टिप्स को अपनाएं और आगे बढ़ जाएं। गौरतलब है कि सबसे पहली बात  तो यह है कि अपने बारे में तमाम नापसंद बातों को भूल जाएं। आपको लगता है कि न तो आप स्मार्ट  हैं  और न ही हंबल, यह सब निगेटिव थिंकिंग का रिजल्ट है। इसलिए अपने बारे में अच्छी बातें सोचिए। अपने बारे में दूसरों की राय को ज्यादा महत्त्व मत दीजिए और अपने को सफल होते देखने की आदत डालिए। आत्मविश्वास बड़ाने का एक आसान और सहज तरीका है अपने को आईने में देखना। आईने के समाने खड़े होकर अपने से लगातार कहते रहिए कि आप यूनिक हैं, हैंडसम हैं या ब्यूटीफुल हैं। सेल्फ कान्फिडेंस हासिल करने के बाद उस  तरफ  बढऩे की कोशिश करिए, जो आप हासिल करना चाहते हैं। अपने  बारे में तमाम अच्छी बातें या अपनी क्वालिटीज को लिख लें और कमजोरियों को भी लिख लें । यदि आपको लगता है कि आप जल्द ही  इमोशनल हो जाते हैं या हर्ट हो जाते हैं तो उसकी जड़ों को समझने की कोशिश करिए। इससे आप अपने  ही बारे में बेहतर अंडरस्टैंडिंग बना पाएंगे। दुनिया में तमाम ऐेसे उदाहरण हैं कि जिनके पास खूब पैसा और शोहरत थी, लेकिन वे कभी अपनी जिंदगी में खुश नहीं रह पाए। जाहिर है खुशी बाहर नहीं, भौतिक सुख-सुविधाओं में नहीं। यह पूरी तरह आप पर निर्भर है कि आप खुश रहना चाहते हैं कि दुखी। इसलिए अपने भीतर सदा ग्रीनर साइड ही देखें। अपने बारे में हमेशा सकारात्मक सोचें। क्योंकि आपकी सोच ही आपकी जिंदगी का आईना होती है। मनुष्य जैसा सोचता है, वैसा ही बन जाता है। तो क्यों न ऐसा सोचा जाए कि आप अच्छे बन जाएं। नकारात्मक सोच आपको असफलता के धुंधलके में ले जाती है। कोई आपको लाख सलाह दे, पर जब तक आप स्वयं अपने मन को नकारात्मक सोचने से मना नहीं करेंगे, तब तक कुछ नहीं होगा।  सफलता का सफर सकारात्मकता से शुरू हो कर उपलब्धियों पर आकर खत्म होता है और असफलता का तो कोई सफर ही नहीं होता। असफलता खुद-ब खुद आपके द्वार आ जाती है। और यदि आप कुछ करें तो यही असफलता सफलता में तबदील हो सकती है। सफलता का पहला मंत्र है प्रयत्न करना। यदि आप प्रयत्न करने को तत्पर हो जाते हैं, तो आधी सफलता तो आपको मिल गई समझो। कहा भी तो है कि अच्छी शुरुआत यानी आधी सफलता। सफलता का दूसरा मंत्र है कि अपने मन में हीन भावना न आने दें। अपने को दूसरों से हमेशा बेहतर समझें। आप यह मानकर चलें कि जो काम आप कर सकते हैं, वह कोई दूसरा नहीं कर सकता। आप अपने आप को इस विश्व का अद्वितीय इनसान समझें। यह धारणा आप में आत्मविश्वास पैदा करेगी। ध्यान रहे कि इस दरमियान अपने ऊपर अभिमान को हावी न होने दें। क्योंकि यदि आप के मन में अहंकार घर कर गया तो आप सब कुछ गंवा बैठेंगे।

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  • इस 21वीं सदी में मनोरंजन से संबंधित अनेक उद्योगों में क्रांति आई है। जैसे रेडियो और टी.वी. के असंख्य चैनल्स आज काम कर रहे हैं और उन सबका वाइस एक्टिंग की आवश्यकता होती ही है। इसलिए इस शताब्दी में वाइस एक्टर का करियर करने के लिए अनेक अवसर उपलब्ध हैं। उदाहरणार्थ एमिनेशन बच्चों से लेकर बूढ़ों तक को आज कार्टून चैनल्स अतिशय भा रहे हैं और इन्हें वाइस एक्टर की महती आवश्यकता होती है। आजकल भारत में भी अन्य देशों की भांति एमिनेशन इडंस्ट्री बहुत तरक्की कर रही है। इस इंडस्ट्री में यदि हमारे पास आवाज का हुनर है तो यश और पैसा दोनों भरपूर मिलता है।
    रेडियो तो शुरू से ही आवाज का माध्यम रहा है। यहां तो अनाऊंसर के बगैर तो काम ही नहीं चलता। जैसी संख्या न आवाज की दुनिया में नई क्रांति ला दी है।
    डबिंग- भारत एक बहुभाषिक राष्ट्र होने के नाते यहां डबिंग का व्यवसाय बहुत और हॉलीवुड की कई फिल्में हिन्दी में डब की गई है। इसलिए इस क्षेत्र में आवाज का बड़ा महत्व है। और वाइस एक्टर का अपार संभावनाएं उपलब्ध है।
    विडीयो गेम्स- इसमें अनेक सूचनाओं और संवादों का समावेश रहता है जिसे वाइस एक्टर द्वारा कराया जाता है। इसलिए इस क्षेत्र में भी काम और पैसा दोनों ही पर्याप्त मात्रा में प्राप्त होता है।
    पब्लिसिटी- पब्लिसिटी का युग ही है। ऐसा 21वीं शताब्दी को कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। इसमें संचालन और जिंगल्स गाने के लिए वाइस एक्टर की काफी डिमांड होती है। इसके साथ-साथ इस क्षेत्र में प्रमोशनल विडियो, सेल्स प्रेजेंटेशन और चुनावी प्रचार का क्षेत्र भी काफी लाभदायक सिद्ध हो रहा है।
    मिमिक्री (नकल)- नकल का क्षेत्र तो आजकल बहुत ही सफलता प्राप्त कर रहा है। कोई एंग्री यंग मेन अमिताभ बच्चन की आवाज निकाल कर दर्शकों को खुद अमिताभ बच्चन होने का आभास कराता है तो कोई शॉटगन शत्रुघ्न सिन्हा का। कोई अमरीशपुरी का तो कोई ओमपुरी का। इन सबको देखते हुए ये दावे के साथ कहा जा सकता है कि आज की तरुण पीढ़ी के पास यदि आवाज का टेलेंट है तो वह अपना कैरियर बना सकता है। अच्छी सेलरी, अच्छा यश, अच्छा स्टेट्स भी प्राप्त कर सकता है। युवाओं को बेझिझक इस क्षेत्र में उतरना चाहिए।

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  • आज के दौर में आनलाइन लर्निंग का क्रेज बढ़ता जा रहा है। आप भी अपने पीसी या लैपटॉप के सामने बैठकर और इंटरनेट से जुडक़र पढऩा चाहते हैं, तो आनलाइन-लर्निंग एक बेस्ट आप्शन हो सकता है। कुछ बातों को ध्यान में रखकर ऑनलाइन पढाई कर सकते हैं। इससे आप कॉलेज में अटेंडेंस के चक्कर से भी बच जाएंगे। बस आपको ध्यान रखनी होगी डेट लाइन की। खास बात यह कि ऑनलाइन कोर्स के जरिए सर्टिफिकेट कोर्स का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। लगभग हर प्रोफेशनल कोर्स के तहत ऑनलाइन कोर्स का आप्शन है। फैशन एवं लग्जरी में भी अगर अपना करयिर तलाश रहे हैं तो एक महीने का सर्टिफिकेट कोर्स कर आप इंडस्ट्री  में नौकरी तलाश सकते हैं। 
    क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स : एलसीबीएस के फाउंडर एंव सीईओर अभय गुप्ता बताते हैं किसी भी विषय के कोर्स कितने महंगे होते जा रहे हैं। लेकिन ऑनलाइन कोर्स के शुरू होने से आज आप घर बैठे ही अपने मोबाईल या कंप्यूटर पर इंटरनेट के माध्यम से बड़े बड़े कॉलेज और यूनिवर्सिटी में होने वाले कोर्स कर सकते हैं। हाल ही में लग्जरी कनेक्ट बि•ानेस स्कूल ने अपने 2 नए कोर्सेज ऑनलाइन लग्जरी ब्रांड मैनेजमेंट और एग्जीक्यूटिव डिप्लोमा इन लक्जऱी मैनेजमेंट कोर्स की शुरुआत की है। 
    कोर्स का विवरण : एक महीने की अवधि वाले इस नए कोर्स ऑनलाइन लग्जरी मैनेजमेंट को शुरू करने का मुख्य कारण स्टूडेंट को लग्जरी मैट्रिक्स की जटिलताओं को आसानी से समझाना और लग्जरी के उद्योग में मंदी के दौर में भी स्टूडेंट्स के करियर को एक अच्छा ट्रैक देना है। वहीं दूसरे कोर्स एग्जीक्यूटिव डिप्लोमा इन लग्जरी मैनेजमेंट जिसकी अवधि 6 महीने है, जिससे स्टूडेंट भारतीय लग्जरी उद्योग के अनुभवी विशेषज्ञों और यूरोप के लग्जरी एक्सपर्ट्स और प्रोफेसर द्वारा दुनिया भर में लग्जरी व्यापार के विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए एक बहुआयामी दृष्टिकोण मिल रहा है। यह कोर्सेज युवाओं के लिए एक अच्छे करियर के रूप में बन सकते हैं। इस कोर्स में स्टूडेंट 6 महीने के अंतराल में 22 सप्ताह भारत में और 2 सप्ताह यूरोप के लग्जरी हब मोनाको में बिताएंगे। कोर्स के चलते स्टूडेंट्स को लग्जरी सेमिनार और कांफ्रेंस में भाग लेने का मौका मिलेगा, और साथ ही स्टूडेंट्स को लग्जरी उद्योग के बड़े-बड़े लोगों से भी मिलने का मौका मिलेगा। 
    कुछ हटकर :  रिटेल में लग्जरी सेक्टेर 20 फीसदी सालाना की दर से आगे बढ़ रही है। यह तेजी पिछले कई सालों से जारी है। 2020 तक इस क्षेत्र में लगभग 28 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। ऑटोमोबाइल्स , ज्वैलर्स, घडिय़ां, रियल एस्टेट, वाइन, ट्रैवल एंड टूरिज्म में नए अवसर रोजगार के लिए वरदान साबित होगा। अभी इसमें सबसे बड़ी समस्या कुशल लोगों की है क्योंकि लग्जरी ब्रांड की सर्विस का अंदाज अलग होता है।
    योग्यता :  इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए छात्र-छात्राओं का ग्रेजुएट होना जरुरी है। साथ ही स्टूडेंट की लग्जरी और मैनेजमेंट में दिलचस्पी भी होनी बेहद जरुरी होती है। इसके अलावा वो छात्र-छात्राएं जिनकी पर्सनालिटी और कम्यूनिकेशन स्किल्स अच्छी है और अंग्रेजी में अच्छी पकड़ है, वो इस क्षेत्र में एक सफल तौर पर अपना करियर बना सकते हैं। कोई एक विदेशी भाषा की जानकारी लाभदायक साबित हो सकती है पर यह अनिवार्य नहीं है।
    अवसर : ऑनलाइन कोर्स इन लग्जरी ब्रांड मैनेजमेंट और एग्जीक्यूटिव डिप्लोमा इन लग्जरी मैनेजमेंट कोर्स करने वाले स्टूडेंट्स लग्जरी सेल्स एडवाइजर, मार्केटिंग मैनेजर, ब्रांड कंट्री हेड,  विजुअल मर्चेडाइजर, लग्जरी इवेंट प्लानर, ब्रांड मैनेजर बन सकते हैं। फैशन और लग्जरी कंसल्टेंट या वार्डरोब मैनेजर के तौर पर भी काम पा सकते हैं। 
    वेतन : इस कोर्स के पूरा होने के बाद स्टूडेंट्स लग्जरी की इंडस्ट्री में अलग-अलग कंपनियों में इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसमें बतौर स्टा-इपेंड 10 से 12 हजार रुपए मिलते। अगर आप जॉब के लिए जाते हैं तो शुरूआती सैलरी प्रति माह 20,000 रु. से 30,000 रु. के बीच हो सकती है। तजुर्बे के साथ-साथ सैलरी में इजाफा होता रहता है। इन नौकरियों में वेतन के अलावा कई तरह के इन्सेंटिव और अन्य सुविधाएं भी शामिल हो सकती हैं।

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