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Posted Date : 19-Jan-2018
  • कानपुर, 19 जनवरी । कानपुर के व्यापारी आनंद खत्री को 96.62 करोड़ के पुराने नोट रखने के मामले में 483 करोड़ रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है। खत्री के खिलाफ आईपीसी की धारा और बैंक नोट्स (देयताओं का समाप्ति) अधिनियम 2017 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
    इस नियम के मुताबिक, पुरानी करेंसी रखने पर जेल जाने के साथ बरामद रकम पर पांच गुना आयकर देना होता है। जमा न करने की स्थिति पर इसकी रिकवरी उनकी चल-अचल संपत्ति से किए जाने का प्रावधान है। इस बारे में सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट के पूर्व चेयरमैन विवेक खन्ना ने मीडिया को बताया कि पुरानी करेंसी रखने पर फाइन के रूप में पांच गुना आयकर देना होता है। इस तरह देखा जाए तो खत्री के पास पकड़ाए 96.62 करोड़ रुपये के बदले उन्हें 483.1 करोड़ रुपये चुकाने पड़ सकते हैं।
    संसद ने पिछले साल निर्दिष्ट बैंक नोट (देनदारी दायित्व समाप्ति) कानून, 2017 पारित किया गया था। इसके अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपने पास 500 और 1000 रुपये के 10 से अधिक पुराने नोट रखा हुआ पकड़ा जाता है तो उसे 10 हजार रुपये जुर्माने भरना पड़ेगा।
    हालांकि, रिसर्च, स्टडी और मुद्रा शास्त्र के उद्देश्य से 25 नोट रखने की छूट है। इन नियमों का उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपये या फिर जब्त की गई राशि का पांच गुना (जो भी अधिक हो) वसूल किया जा सकता है।
    नोटबंदी के बाद इस कानून को पारित करने का मकसद 500 और 1,000 रुपये के बंद किए जा चुके नोटों का इस्तेमाल करते हुए समानान्तर अर्थव्यवस्था चलाने की संभावनाओं को समाप्त करना है।
    जांच कर रहे एक इनकम टैक्स अधिकारी ने बताया कि हमने कई जगह छापे मारे थे। पूछताछ में आरोपी आनंद खत्री ने बताया कि उसके घर में मिले 96.62 करोड़ रुपये उसी के हैं, जबकि बाकी बाकी जगह मिली करेंसी किसी और की हैं। जिन्हें बदलवाने के लिए लाया गया था।
    अधिकारी ने कहा कि खत्री ने कुछ नामों की लिस्ट दी है। जिन पर हम जल्द कार्रवाई करेंगे। यदि वो दोषी पाए जाते हैं तो खत्री के अलावा उनसे भी जुर्माना वसूला जाएगा।  
    इस बीच इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने खत्री और उसके रिश्तेदारों पर भी दूसरे दिन भी छापेमारी की। जिसमें उन्हें 40 संपत्तियों के कागजात और तीन लाख रुपये कैश बरामद हुआ है। उसके शोरूम के स्टॉक की भी जांच की जा रही है।(आज तक)

     

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Posted Date : 19-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 19 जनवरी। जीएसटी काउंसिल की बैठक में 29 सामानों पर जीएसटी दर घटाने का फैसला हुआ है। 53 सेवाओं पर भी जीएसटी दर घटाई गई है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इस बैठक में पेट्रोल और डीजल को जीएसटी में लाने पर अभी विचार नहीं हुआ है। जीएसटी की नई दरें 25 जनवरी से लागू करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस परिषद की 25वीं बैठक में रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि रिटर्न फाइल करने में सहूलियत पर 10 दिन के बाद चर्चा होगी। पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने पर इस बैठक में बात नहीं हुई और अगली बैठक में इस पर बात होगी।
    केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जो आयटम जीएसटी से बाहर हैं उन पर आज के बैठक में चर्चा नहीं हुई है, जिसमें पेट्रोलियम प्रोडक्ट भी शामिल हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगली बैठक में पेट्रोलियम प्रोडक्ट पर भी चर्चा की जाएगी। इतना ही नहीं, अगली बैठक में कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोल, डीजल, विमान ईंधन एटीएफ और रीयल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार किया जा सकता है। बता दें कि जीएसटी परिषद में सभी राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हैं।  
    इन वस्तुओं में जीएसटी दरें घटी 
    इन पर जीएसटी 28 से घटकर 18 फीसदी हुआ- सार्वजनिक परिवहन की बायोफ्यूल से चलने वाली बसें, पुरानी एसयूवी, बड़ी कारें और मीडियम कारें। 
    इन पर जीएसटी 28 से 12 फीसदी हुआ- एसयूवी, मध्यम और बड़ी कारों को छोड़कर अन्य वाहन।
    इन पर जीएसटी 18से 12 फीसदी हुआ- सुगर बॉइल्ड कन्फेक्शरी, 20 लीटर की बोतल में पेयजल, खाद में इस्तेमाल होने वाला फॉस्फोरिक एसिड, बॉयोडीजल, बॉयो पेस्टीसाइड्स, डिप इरीगेशन सिस्टम, स्प्रिंकलर्स, मेकेनिकल स्प्रेयर्स, बांस की सीढ़ी। 
    इन पर जीएसटी 18 से 5 फीसदी हुआ- मेहंदी के कोन, इमली का पाउडर, निजी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा घरों में आपूर्ति की जाने वाली एलपीजी, सैटेलाइट्स और लांच व्हीकल में इस्तेमाल होने वाले वैज्ञानिक और तकनीकी उपकरण।
    इन पर जीएसटी 12 से 5 फीसदी हुआ- स्ट्रॉ से बनी चीजें, वैल्वेट फेब्रिक।
    इन पर जीएसटी 3 से 0.25 फीसदी- हीरे और कीमती पत्थर  टैक्स फ्री, भभूत, हियरिंग एड यानी सुनने की मशीनों में इस्तेमाल होने वाले पुर्जे, एसेसरीज।
    डीऑइल्ड राइस ब्रान इन पर जीएसटी की दरें बढ़ी 12 से बढ़कर 18 फीसदी हुई, सिगरेट फिल्टर रोड्स।
    0 से बढ़कर 5 फीसदी हुई- राइस ब्रान (डीऑइल्ड राइस ब्रान के अलावा) इन सेवाओं पर टैक्स घटाये सेवाएं टैक्स फ्री हुई, आरटीआई के तहत सूचना मुहैया करने की सेवा पर, सरकार या स्थानीय निकाय द्वारा दी जाने वाली विधिक सेवाएं, भारत से बाहर विमान या समुद्र के रास्ते सामान भेजने पर,  विद्यार्थियों, फैकल्टी और स्टॉफ को ले जाने के लिए माध्यमिक स्तर तक शैक्षिक संस्थानों को परिवहन सेवाएं
    इन पर जीएसटी 18 से 5 फीसदी हुआ- टेलरिंग सेवाएं, पेट्रोल व एटीएफ जैसे पेट्रोलियम उत्पादों की ढुलाई पर इनपुट क्रेडिट के बगैर, लैदरगुड्स के जॉब वर्क
    इन पर जीएसटी 28 से 18 फीसदी हुआ- थीम पार्क, वाटर पार्क, जॉय राइड।
    इन पर जीएसटी 18 से 12 फीसदी हुआ- मेट्रो रेल परियोजनाओं के कंस्ट्रक्शन, डीजल, पेट्रोल व एटीएफ जैसे पेट्रोलियम उत्पादों की ढुलाई पर इनपुट क्रेडिट के साथ, कॉमन एफ्ल्यूएंट ट्रीटमेंट प्लांट। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 19-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 19 जनवरी। जीएसटी काउंसिल ने 29 गुड्स और 53 सर्विसेज पर टैक्स दरें घटाने का बड़ा ऐलान किया है। बायोडीजल, बॉटल्ड वॉटर, हीरे एवं कीमती रत्नों, शुगर कैंडी, टेलरिंग सर्विसेज, एम्यूजमेंट पार्कों और लो-कॉस्ट हाउजिंग कंस्ट्रक्शन सर्विसेज के रेट्स घटाए दिए गए हैं + । 25 जनवरी से लागू होने वाली इन कटौतियों से सरकार के राजस्व को 1000-1200 करोड़ रुपये की चपत लग सकती है।
    नई जीएसटी दरें
    इन पर 28% से कम जीएसटी 
    -बायो डीजल से चलनेवाली पुरानी बसें। 
    -पुराने लग्जरी यात्री वाहनों को छोड़कर सभी पुराने वाहनों पर जीएसटी 28 से घटकर 12 प्रतिशत होगी। 
    इन सामानों पर 18 से घटकर 5% 
    -इमली बीज पाउडर। 
    -कोन में पैक मेंहदी। 
    -निजी रसोई गैस आपूर्तिकताओं द्वारा रसोई गैस की आपूर्ति। 
    -प्रक्षेपण वाहन, उपग्रह और पेयलोड के लिए आवश्यक वैज्ञानिक एवं तकनीकी उपकरण, असेसरीज, कलपुर्जे, स्पयेर टूल्स। 
    12 से घटकर 5% जीएसटी 
    -वेल्वेट फैब्रिक पर भी जीएसटी 12 प्रतिशत से कम कर पांच प्रतिशत हो जाएगी। 
    इन पर 18 % से घटकर 12% 
    -चीनी वाली कंफेक्शनरी। 
    -20 लीटर के जार में बंद पेयजल। 
    -उर्वरक योग्य फॉस्फेरिक एसिड। 
    -बायो डीजल। 
    -12 तरह के बॉयो कीटनाशक। 
    -बांस के घर बनाने के लिए उपयोगी कनेक्टर। 
    -ड्रिप सिंचाई उपकरण और मैकेनिकल स्प्रेयर। 
    हीरे और कीमती पत्थर पर टैक्स में कटौती 
    हीरे और कीमती पत्थरों पर जीएसटी की दर को तीन फीसदी से कम कर 0.25 प्रतिशत कर दिया गया है। 
    टैक्स फ्री हुए ये सामान 
    -विभूत, हियरिंग उपकरणों के निमार्ण के लिए उपकरण। 
    -तेल निकाला हुआ चावल का छिलका। 
    -हस्तशिल्प उत्पादों की श्रेणी में शामिल 40 वस्तुओं पर कोई टैक्स नहीं। 
    बढ़ गया टैक्स 
    -बिना तेल निकाले गए चावल के छिलके पर जीएसटी दर शून्य से बढ़ाकर 5% हो गई। 
    -सिगरेट फिल्टर पर जीएसटी दर 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत की गई है। 
    महंगी हुईं ये सेवाएं 
    28 से 18% 
    -थीम पार्क, वॉटर पार्क, जॉय राइड, मेरी गो राउंड, गो कार्टिंग बैलेट जैसी सेवाओं पर 18% जीएसटी लगेगा, जो पहले 28% था। 
    ये सेवाएं सस्तीं 
    18% से घटकर 5% जीएसटी 
    कपड़ों की सिलाई से जुड़ी सेवाओं पर। 
    चमड़े के सामान, फुटवियर का उत्पादन। 
    18% से घटकर 12% 
    -मेट्रो और मोनो रेल निर्माण प्रॉजेक्ट। 
    -पेट्रोलियम पदार्थों और नैचरल गैस की माइनिंग, ड्रिलिंग सर्विसेज। 
    -पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स के ट्रांसपोर्टेशन पर टैक्स क्रेडिट के साथ जीएसटी घटाकर 12% और टैक्स क्रेडिट के बिना 5% किया गया है। 
    -मिड डे मील के लिए बननेवाली बिल्डिंग पर 12 फीसदी जीएसटी। 
    28% से 18% 
    थीम पार्क, वाटर पार्क बनाने 
    इन सेवाओं पर भी राहत 
    प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी वन और एमआईजी भवन के लिए घोषित क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम के तहत घर के निर्माण पर जीएसटी दरें कम होंगी। 
    सभी तरह के शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए फी और सेवाओं पर जीएसटी में छूट। 
    आरडब्ल्यूए मेंबर्स को दी जा रही सर्विसेज पर छूट सीमा 5000 रुपए से बढ़ाकर 7500 रुपए कर दी गई है। 
    छात्रों, शिक्षकों या स्टाफ के यातायात सेवाओं पर भी जीएसटी से छूट दी गई है, यह छूट हायर सेकंडरी तक ही लागू होगी। 
    आरटीआई ऐक्ट के तहत सूचना मुहैया करानेवाली सेवाओं को जीएसटी से छूट दे दी गई है। 
    भारत से बाहर प्लेन के जरिए सामान भेजने पर ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज को जीएसटी से छूट दी गई है। 
    समुद्री जहाज से सामान भेजने पर भी छूट दी गई है। यह छूट 30 सितंबर, 2018 तक रहेगी। 
    क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने के लिए बननेवाले एयरपोर्ट को मिलनेवाली वाइबिलिटी गेप फंडिंग पर जीएसटी छूट की सीमा को 1 साल से बढ़ाकर 3 साल कर दिया गया है। (इकनॉमिक टाइम्स)

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Posted Date : 18-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 18 जनवरी। देश के आम बजट को पेश किए जाने के करीब दो हफ्ते पहले जीएसटी काउंसिल बैठक हो रही है। इस दौरान परिषद वस्तु और सेवाओं के दरों में कटौती की मांग पर विचार कर उसे मुहर लगा सकती है। वहीं, बायोडीजल बसों पर दरें 28 फीसदी की दर में कटौती की जा सकती है।
    इस बैठक की अध्यक्षा वित्त मंत्री अरुण जेटली कर रहे हैं।  माना जा रहा है कि इस बैठक में कृषि से जुड़े सामानों पर लगने वाले दरों में बड़ी कटौती का ऐलान किया जा सकता है।
    खबरों के मुताबिक कृषि और सिंचाई उपकरणों पर लगने वाले जीएसटी को 18 फीसदी से घटाकर 12 या 5 फीसदी किया जा सकता है। इस बैठक में डीजल और पेट्रोल के साथ रियल एस्टेट को भी जीएसटी के दायरे में लाए जाने को लेकर चर्चा हो सकती है। माना जा रहा है कि इस बैठक में रिटर्न भरने के तरीकों को आसान बनाया जा सकता है।
    काउंसिल की बैठक ऐसे समय पर होने जा रही है जब के राजस्व में लगातार कमी आई है। नवंबर महीने में जीएसटी से सिर्फ 80, 808 करोड़ रुपये की आमदनी हुई जबकि जुलाई में जीएसटी से 94 हजार करोड़ मिले थे।
    इसकी बड़ी वजह पिछले 24 बैठकों के दौरान कई वस्तु एवं सेवाओं की कीमतों में कटौती किया जाना है। जीएसटी काउंसिल की यह 25वीं बैठक होगी।
    गौरतलब है कि एक जुलाई 2017 से देश में जीएसटी को लागू किया गया था, जिसने करीब एक दर्जन से अधिक टैक्स की जगह ली है।
    70 वस्तु एवं सेवाओं पर घट सकती है दरें
    आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि परिषद की बैठक में करीब 70 वस्तु एवं सेवाओं पर जीएसटी की दरों में कमी से संबंधित प्रस्तावों पर विचार हो सकता है। इसी बैठक में रिटर्न दाखिल करने के नियमों को आसान किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके अलावा, खेतों की सिंचाई में काम आने वाली मशीनरी पर भी जीएसटी की दर पांच फीसदी तक घटने के आसार हैं। इस बैठक में जॉब वर्क पर जीएसटी की मौजूदा दरों की समीक्षा हो सकती है और ई-प्लेटफॉर्म से कारपेंटर, प्लंबर, हाउसकीपिंग की सेवाएं देने वालों को भी राहत मिल सकती है।(लाइव हिन्दुस्तान)

     

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Posted Date : 17-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 17 जनवरी । नए साल में सेंसेक्स पहली बार 35,000 के पार पहुंचा हैं। सेंसेक्स 250 अंकों की बढ़त के साथ 35,051 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 10,777 पर पहुंच गया। विश्लेषकों का कहना है कि कॉर्पोरेट आय में वृद्धि और आर्थिक विकास से बाजार को गति मिली है। वहीं अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 63.92 पर है जो मंगलवार को 64.03 पर बंद हुआ था। सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिये बाजार से अतिरिक्त कर्ज जुटाने के अनुमान को पहले के 50,000 करोड़ रुपये से कम कर 20,000 करोड़ रुपये कर दिया है जिससे राजकोषीय घाटा बढऩे को लेकर आशंका कम हुई। इससे बाजार धारणा को बल मिला। सरकार की इस घोषणा से बैंकों के शेयरों में खास तौर पर तेजी देखी गई।
    तीस शेयरों वाला सेंसेक्स बुधवार को 310.77 अंक या 0।89 प्रतिशत की बढ़त के साथ 35,000 अंक के स्तर को पार करता हुआ 35,081.82 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले, 15 जनवरी को सेंसेक्स का 34,843.51 अंक का सबसे ऊंचा स्तर रहा था।
    सेंसेक्स मात्र 17 कारोबारी सत्रों में 34,000 से 35,000 अंक पर पहुंच गया। सेंसेक्स 26 दिसंबर को 34,000 अंक पर पहुंचा था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 88.10 अंक या 0.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ रिकॉर्ड 10,788.55 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले निफ्टी का 10,741.55 अंक का रिकॉर्ड उच्च स्तर था। कारोबार के दौरान निफ्टी ऊंचे में 10,803 अंक तक चला गया था।
    सेंसेक्स के शेयरों में एक्सिस बैंक 4.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ सर्वाधिक लाभ में रहा। उसके बाद एसबीआई का स्थान रहा जो 3.44 प्रतिशत मजबूत हुआ। लाभ में रहने वाले अन्य प्रमुख शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक, अडाणी पोर्ट्स, एल एंड टी, आईटीसी, डॉ. रेड्डीज, टाटा स्टील, सन फार्मा, पावर ग्रिड, बजाज ऑटो, भारती एयरटेल, एचडीएफसी लि., रिलायंस इंडस्ट्रीज तथा एनटीपीसी शामिल हैं।
    टीसीएस और इन्फोसिस जैसी आईटी कंपनियों के शेयरों में लिवाली बनी रही और दोनों 2.61 प्रतिशत तक मजबूत हुए।
    वैश्विक स्तर पर एशिया के अन्य बाजारों में शंघाई कंपोजिट सूचकांक 0.24 प्रतिशत जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 0.25 प्रतिशत मजबूत हुए। वहीं जापान के निक्की में 0.35 प्रतिशत की गिरावट आयी।
    यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में पेरिस सीएसी 40 में 0.19 प्रतिशत तथा फ्रैंकफर्ट डीएएक्स में 0.15 प्रतिशत की गिरावट आयी। लंदन का एफटीएसई 0.27 प्रतिशत नीचे आया।(एनडीटीवी)

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Posted Date : 17-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 17 जनवरी। दस रुपये के सिक्को को लेकर बाजार में कई तरह की अफवाहें हैं। इन्हीं अफवाहों की वजह से कुछ लोग दस रुपये के कई सिक्कों को लेने से मना कर देते हैं। मगर अब रिजर्व बैंक ने कुछ व्यापारियों के सिक्के लेने से मना करने की शिकायतों के मद्देनजर बुधवार को कहा कि 10 रुपये के सिक्के के सभी 14 डिजाइन वैध हैं।
    रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा, 'रिजर्व बैंक के संज्ञान में यह आया है कि असली-नकली के संदेह के कारण कई जगहों पर लोग व व्यापारी 10 रुपये के सिक्के लेने से मना कर दे रहे हैं।Ó रिजर्व बैंक ने कहा कि वह चलन में सिर्फ उन्हीं सिक्कों को लाता है जो सरकारी टकसाल में ढाले जाते हैं। इन सिक्कों में अलग फीचर्स हैं ताकि ये आर्थिक, सामाजिक व सांस्कृतिक मूल्यों के विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित कर सकें और इन्हें समय-समय पर पेश किया गया है।
    केंद्रीय बैंक ने कहा, 'अभी तक 10 रुपये के सिक्के के 14 अलग डिजाइन पेश किये गये हैं। ये सभी सिक्के वैध हैं तथा लेन-देन के लिए स्वीकारे जाने योग्य हैं। रिजर्व बैंक ने बैंकों को भी अपनी सभी शाखाओं में लेन-देन के लिए सिक्के स्वीकृत करने के लिए कहा है। (भाषा)

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Posted Date : 16-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 16 जनवरी। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने इस महीने करीब 30 लाख रसोई गैस कनेक्शन काट दिए हैं। साथ ही, एक करोड़ कनेक्शन जांच के दायरे में हैं। कंपनियों के अधिकारियों और डीलरों के हवाले से कहा गया कि बंद किए गए खाते घरेलू गैर-सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं के गैर-नकदी हस्तातंरण अनुपालन (एनसीटीसी) वाले कनेक्शन हैं। एनसीटीसी कनेक्शन बैंक खातों से नहीं जुड़े होते हैं और उनपर सब्सिडी नहीं दी जाती है। बताया जाता है कि कंपनियों द्वारा यह कार्रवाई रसोई गैस का इस्तेमाल खाना बनाने के अलावा अन्य कामों में करने से रोकने के लिए की गई है। देश में रसोई गैस कनेक्शनों की कुल संख्या 25.11 करोड़ है।  (बिजनेस स्टैंडर्ड)

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Posted Date : 16-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 16 जनवरी। पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतों में वृद्धि के चलते इन्हें जीएसटी के दायरे में लाने की कवायद तेज हो गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि 18 जनवरी को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस मुद्दे पर विचार किया जा सकता है। इससे दामों में कमी आएगी। लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने उत्पाद शुल्क में कटौती का विकल्प भी खुला रखा है। मगर इस बारे में जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद फैसला किया जाएगा।
    अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के चलते पेट्रोल और डीजल के मूल्य में इजाफा जारी है। राजधानी में पेट्रोल की कीमत 71.18 रुपए और डीजल 61.74 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है, जो पिछले साढे तीन साल (अगस्त 2014) के बाद सबसे ज्यादा है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्राकृतिक गैस पर पांच फीसदी जीएसटी लगाने का प्रस्ताव है। ज्यादातर राज्य इस प्रस्ताव पर सहमत हैं। इसके साथ सरकार एयर टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) को भी जीएसटी के दायरे में लाने के पक्ष में है। 
    मंत्रालय का मानना है कि उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पेट्रोलियम पदार्थो को जीएसटी के दायरे में लाना बेहद जरूरी है। इस पर चर्चा जारी है। पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है, तो जीएसटी के साथ सेस भी लग सकता है। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, यूपी, उत्तराखंड और चंडीगढ़ एक-समान सेस लगा सकते हैं ताकि, इन राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमत एक रहें। पेट्रोलियम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बढ़ती कीमतों के चलते पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती से पेट्रोलियम पदार्थो को जीएसटी के दायरे में लाना एक बेहतर विकल्प है। (लाइव हिन्दुस्तान)

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Posted Date : 16-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 16 जनवरी । कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) यानी सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत लोगों की मदद और उनकी भलाई का काम कंपनियां वर्षों से कर रही हैं। लेकिन यह कहें कि सीएसआर के तहत विभिन्न कंपनियों ने देश भर में गायों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए गोशालाओं को बड़े पैमाने पर दान दिया है तो संभव है यह जानकर आपको भी कुछ हैरानी जरूर हो! पर यह सच है। एक खबर के मुताबिक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में दर्ज शीर्ष 500 में से करीब 11 कंपनियोंं ने बीते कुछ वर्षों में गोशालाओं को एक करोड़ 42 लाख रुपये का दान दिया है। कंपनियों की वार्षिक रिपोर्ट में भी इसका जिक्र है।
    गायों के कल्याण के लिए दान देने वाली कंपनियों में जयपुर की एक कैमिकल कंपनी पोद्दार पिग्मेंट्स शीर्ष पर रही। उसने सीएसआर के तहत बीते वित्त वर्ष में दो गौशालाओं को 68 लाख रुपये की मदद पहुंचाई। कंपनी की तरफ से राजस्थान के झुंझनू में स्थित श्री गौरी शंकर गोशाला को 47 लाख रुपये का दान दिया गया जबकि हनुमान प्रसाद स्मारक समिति नाम के एक ट्रस्ट के जरिये एक अन्य गोशाला को 21 लाख दिए गए। इस गोशाला के अध्यक्ष विष्णुहरि डालमिया, विश्व हिंदू परिषद के जाने-माने नेता भी हैं।
    ऐसे ही कुछ और उदाहरण देखें तो पाइप बनाने वाली एक कंपनी जिंदल शॉ ने हरियाणा में श्री हरियाणा कुरुक्षेत्र गोशाला को 3.37 लाख रुपये का दान दिया। इस गोशाला के अध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंघल के मुताबिक गायों के कल्याण के लिए उन्हें राज्य सरकार की तरफ से भी बीते वर्षों में मदद मिली है। उधर, जीनस पावर की तरफ से साल 2015-16 में सीएसआर के तहत इस्कॉन की गोशाला को पांच लाख रुपये की मदद दी गई।
    खास बात यह है कि निजी कंपनियों की तरफ से दान का सिलसिला केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद से शुरू हुआ। इससे पहले निजी कंपनियों की तरफ से गौशालाओं को दिए जाने वाले ऐसे दान के बारे में कोई खास सूचना देखने-पढऩे को नहीं मिलती। (सत्याग्रह)

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Posted Date : 16-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 16 जनवरी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में तेजी से डीजल की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। मंगलवार को दिल्ली में एक लीटर डीजल की कीमत 6174 रुपये और पेट्रोल की कीमत पिछले तीन साल में सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। दिल्ली में मंगलवार को एक लीटर पेट्रोल की कीमत 71.27 तक पहुंच गई है, जो अगस्त 2014 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। सरकारी स्वामित्व वाली इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 9 पैसे प्रति लीटर बढ़ी। वहीं चार महानगरों में डीजल की कीमत 14-16 पैसे प्रति लीटर बढ़ी है।
    कोलकता में पेट्रोल की कीमत 74 रुपये लीटर, मुंबई में 79.15 रुपये लीटर और चेन्नई में डीजल की कीमत मुंबई में 65.74 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बेचा जा रहा है जिसका कारण स्थानीय बिक्री कर या वैट का अधिक होना है।
    तेल कंपनियों के अनुसार 12 दिसंबर 2017 के बाद तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। उस दिन डीजल की कीमत 58.34 रुपये लीटर थी। पिछले एक महीने में इसमें 3.40 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई। इस दौरान पेट्रोल के दाम 2.09 रुपये लीटर बढ़े।
    वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के व्यापार के दो प्रमुख मानकों ... ब्रेंट तथा वेस्ट टेक्सास इंटीमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) ...में दिसंबर 2014 के बाद काफी तेजी आयी है। पिछले सप्ताह ब्रेंट 70.05 डालर प्रति बैरल पर पहुंच गया जबकि डब्ल्यूटीआई 64.77 डालर पर पहुंच गया।
    कच्चे तेल के दाम में वृद्धि के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम बढऩे शुरू हो गये हैं। इस स्थिति को देखते हुये सरकार से आम लोगों को राहत देने के लिये उत्पाद शुल्क में कटौती की मांग फिर से की जाने लगी है।
    भाजपा नीत राजग सरकार ने अपने कार्यकाल में उत्पाद शुल्क में एक बार कटौती की है। अक्तूबर 2017 में जब दिल्ली में पेट्रोल का दाम 70।88 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल 59.14 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया था, सरकार ने उत्पाद शुल्क में दो रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। (एनडीटीवी)

     

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Posted Date : 16-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 16 जनवरी । योगगुरू से बिजनेसमैन बने बाबा रामदेव ने अब ई-कॉमर्स  में धमाकेदार एंट्री कर दी है। उन्होंने पतंजलि के उत्पाद ऑनलाइन बेचने के लिए प्रमुख ई-रिटेलर अमेजन और फ्लिपकार्ट के साथ करार किया है। मंगलवार को नई दिल्ली में बाबा रामदेव और इन कंपनियों के बीच करार हुआ। बाबा रामदेव ने इस दौरान रिटेल सेक्टर में एफडीआई का विरोध किया। उन्होंने कहा कि रिटेल सेक्टर में एफडीआई नहीं आना चाहिए।
    अब ग्राहक पतंजलि के उत्पाद अमेजन, फ्लिपकार्ट, पेटीएम मॉल, ग्रोफर्स और बिगबास्केट समेत अन्य बड़े ऑनलाइन पोर्टल पर मिलेंगे। इन कंपनियों के अलावा वह शॉपक्लूज व नेटमेड्स के मंच पर भी अपने उत्पाद बेचेंगे।
    इस दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि अब  पतंजलि नॉट फॉर प्रोफिट कंपनी बनने की तरफ बढ़ेगी। इसके लिए कंपनी आने वाले समय में 1 लाख करोड़ रुपये की चैरिटी करेगी। उन्होंने कहा कि हम लोगों से दान भी लेंगे।
    उन्होंने कहा कि कंपनी महाराष्ट्र में किसानों से संतरे खरीदेगी और उनकी यूनिट लग चुकी है। उन्होंने बताया कि आने वाले दो सालों के भीतर एक लाख करोड़ रुपये की प्रति सालाना कैपिसिटी तैयार कर रहे हैं।

    आगे 50 सालों में पूरी दुनिया जीत सकें, इस सपने को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में पतंजलि 10 से 12 देशों में नंबर वन होगी। प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने खुद के बारे में और बालकृष्ण को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि बालकृष्ण और मैंने गांव से अपनी यात्रा शुरू की थी। हम किसान के पुत्र हैं। (आज तक)

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Posted Date : 15-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 15 जनवरी । संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी टैक्स मुक्त करने का कानून जल्द पारित हो सकता है। ग्रेच्युटी भुगतान (संशोधन) विधेयक, 2017 संसद के आगामी बजट सत्र में पारित होने की उम्मीद है। यह विधेयक पारित होने के बाद संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी पर टैक्स नहीं देना होगा। संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को फिलहाल पांच साल या अधिक की सेवा के बाद नौकरी छोडऩे या सेवानिवृत्ति के बाद 10 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी पर कोई टैक्स नहीं देना होता है।
    एक सूत्र ने कहा, ग्रेच्युटी भुगतान (संशोधन) विधेयक, 2017 संसद के बजट सत्र में पारित होगा। सूत्र ने कहा कि सरकार संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को भी केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तरह 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी को टैक्स मुक्त रखने की सुविधा देना चाहती है। यह विधेयक पिछले महीने संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया गया था। एक बार यह विधेयक पारित होने के बाद सरकार को टैक्स मुक्त ग्रेच्युटी की सीमा के लिए इसे बार-बार करने की जरूरत नहीं होगी।
    विधेयक के तहत सरकार को मातृत्व अवकाश की अवधि और ग्रेच्युटी तय करने की अनुमति होगी, जिसका लाभ कर्मचारी केंद्रीय कानून के तहत उठा सकेंगे। श्रम मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने 18 दिसंबर, 2017 को ग्रेच्युटी भुगतान संशोधन विधेयक पेश किया था।(एनडीटीवी)

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Posted Date : 14-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 14 जनवरी। रेलवे के क्लॉक रूम और लॉकरों का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए अब ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा। रेलवे बोर्ड ने अब मंडल रेल प्रबंधकों (डीआरएम) को स्टेशनों पर इस सुविधा का शुल्क बढ़ाने का अधिकार दे दिया है। सेवा को आधुनिक बनाने के लिए शीघ्र ही बोली लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी जिसमें कम्प्यूटरीकृत माल सूची शामिल होगी और सालाना मूल्य बढ़ाने की अनुमति होगी।
    वर्तमान में रेलवे 24 घंटे के लिए लॉकर के इस्तेमाल के लिए यात्रियों से 20 रुपए का शुल्क है और प्रत्येक अतिरिक्त 24 घंटे के लिए 30 रूपए वसूले जाते हैं। पहले यह मूल्य 15 रुपए था।
    वहीं क्लॉकरूम का शुल्क 24 घंटे के लिए 15 रुपए है। वर्ष 2000 में यह सात रुपए था और प्रत्येक अतिरिक्त 24 घंटे के लिए यात्रियों से 20 रूपए लिये जाते हैं। इससे पहले यह शुल्क 10 रुपए था। नयी नीति के अनुसार, यह निर्णय लिया गया है कि स्थानीय स्थितियों के अनुसार डीआरएमों को क्लॉक रूमों और लॉकरों के किराये बढ़ाने के पूरे अधिकार होंगे। (भाषा)

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Posted Date : 13-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 13 जनवरी । इन्फोसिस के गैर-कार्यकारी चेयरमैन नंदन निलेकणि ने कंपनी में स्थिरता लाने की दिशा में हो रही प्रगति पर संतोष जताते हुए आज कहा कि वह तभी तक कंपनी के साथ हैं जब तक उनकी जरूरत है। निलेकणि को पिछले साल अगस्त में तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विशाल सिक्का और पूर्व चेयरमैन आर। शेषाशायी के इस्तीफे के बाद निदेशक मंडल में शामिल किया गया था।
    निलेकणि कंपनी के सह-संस्थापकों में से एक है। उन्हें कंपनी को वापस पटरी पर लाने तथा नया सीईओ खोजने का काम दिया गया था। इस महीने की शुरुआत में सलिल पारेख को सीईओ एवं प्रबंध निदेशक नियुक्त किया जा चुका है। निलेकणि ने कंपनी की तीसरी तिमाही का परिणाम घोषित होने के बाद मीडिया से कहा कि पारेख ने इन्फोसिस में स्थिरता ला दी है। 
    उन्होंने कहा, यह (इन्फोसिस) स्थिरता पा चुका है और मुझे लगता है कि यह काफी जल्दी हुआ है। कंपनी से जुड़े रहने की अवधि के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मैं यहां तब तक ही हूं जब तक कि मेरी यहां जरूरत है। उसके बाद मैं एक भी अतिरिक्त दिन नहीं रूकने वाला। (एनडीटीवी)

     

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Posted Date : 12-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 12 जनवरी । क्या मुकेश अंबानी की टु-डु लिस्ट में अगली बारी क्रिप्टोकरंसी की है? एक रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस जियो इन्फोकॉम खुद की क्रिप्टोकरंसी जियो कॉइन लाने की योजना पर काम कर रहा है। बिजनस न्यूजपेपर मिंट की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 50 सदस्यों का एक दल ब्लॉकचेन टेक्नॉलजी पर काम कर रहा है। यह टीम मुकेश के बड़े बेटे आकाश अंबानी की देखरेख में काम कर रही है। 
    यह रिपोर्ट उस वक्त आई है जब साउथ कोरिया में क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंजों और इन्हें मान्यता देनेवाले बैंकों पर सरकार की कठोर कार्रवाई करने के बाद दुनियाभर में बिटकॉइन की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। दक्षिण कोरिया में क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंजों पर ताले जडऩे की तैयारी से क्रिप्टोकरंसी की दुनिया में मांग का सबसे बड़ा स्रोत सूख जाने का डर है। गौरतलब है कि दुनियाभर में क्रिप्टोकरंसी की खपत में अकेले 20 प्रतिशत हिस्सा दक्षिण कोरिया का है। 
    ब्लूमबर्ग के जुटाए आंकड़ों के मुताबिक, बिटकॉइन की कीमत 12 प्रतिशत गिरकर 12,801 डॉलर पर आ गई। बाद में 6 प्रतिशत तक सुधार आया। वहीं, रिपल 14 प्रतिशत जबकि इथेरियम 4 प्रतिशत टूट गई। दरअसल, दुनियाभर की सरकारें डिजिटल करंसीज के बढ़ते दाम से लोगों में इसके प्रति बढ़ती दीवानगी से चौकन्ना हो गई हैं। लोगों से लेकर वॉल स्ट्रीट बैंक्स तक को क्रिप्टोकरंसीज आकर्षित कर रही है। 
    भारत में भी वित्त मंत्री अरुण जेटली और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने भी चेतावनी दे दी है कि लोग बिटकॉइन का लेनदेन अपने रिस्क पर करें। सरकार का कहना है कि देश में बिटकॉइन समेत कोई भी क्रिप्टोकरंसी मान्य मुद्रा नहीं है। वहीं, रिजर्व बैंक ने कई बार कहा कि क्रिप्टोकरंसी बनाना, इसकी ट्रेडिंग करना या पेमेंट में इसका इस्तेमाल करना किसी केंद्रीय बैंक या मौद्रिक प्राधिकरण की ओर से अधिकृत नहीं है। वित्त मंत्रालय ने बिटकॉइन ट्रेडिंग को पोंजी स्कीम जैसा बता दिया। (इकॉनॉमिक टाईम्स)

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Posted Date : 12-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 12 जनवरी। रियल एस्टेट कंपनी एमथ्रीएम इंडिया और ट्रिबेका डेवलपर्स के साथ उत्तर भारत में कदम रखने वाले ग्लोबल रियलटी ब्रांड ट्रंप टॉवर्स ने जबरदस्त शुरुआत की है। खबरों के मुताबिक एमथ्रीएम इंडिया ने गुडग़ांव में ट्रंप टॉवर्स प्रोजेक्ट की लांचिंग के 24 घंटे के भीतर 20 फ्लैट बेचने का दावा किया है। इसके डायरेक्टर पंकज बंसल ने कहा, हमने ट्रंप टॉवर की लॉन्चिंग के पहले ही दिन 150 करोड़ रुपये की बिक्री की है।
    एमथ्रीएम इंडिया जमीन को छोड़कर ट्रंप टॉवर्स के निर्माण में 1200 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। वहीं, ट्रिबेका डेवलपर्स को इसकी बिक्री का अधिकार मिला है, जबकि द ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन ने इसे अपना ट्रंप ब्रांड दिया है। द ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन का नेतृत्व इस समय अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे जूनियर ट्रंप के हाथ में है।
    गुडग़ांव में प्रस्तावित इस ट्रंप टॉवर्स प्रोजेक्ट में 250 महंगे आवासीय फ्लैट बनाने की योजना है। इनकी शुरुआती कीमत पांच करोड़ रुपये से 10 करोड़ रुपये के बीच रखी गई है। इसका निर्माण इसी साल मार्च में शुरू हो जाएगा। इसका काम अगले पांच साल में पूरा होने की उम्मीद है।  (सत्याग्रह)

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Posted Date : 12-Jan-2018
  • पीयूष पांडेय
    नई दिल्ली, 12 जनवरी। धन स्थानांतरण के लिए अब आपको किसी को बैंक खाता संख्या और भारतीय वित्तीय तंत्र कोड (आईएफएससी) देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आधार नंबर देकर ही किसी के खाते में धन स्थानांतरित हो जाएगा। कई बैंकों ने यह सेवा शुरू भी कर दी है। यह सेवा लेने के लिए बैंक खाते में आधार लिंक होना जरूरी है।
    केंद्र सरकार ने डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के मद्देनजर आधार के जरिए धन स्थानांतरण सेवा को निशुल्क रखा है। आधार नंबर के जरिए धन स्थानांतरण की सुविधा बैंकों के यूपीआई ऐप के जरिए ली जा सकती है। इस व्यवस्था में सिर्फ आधार नंबर डालना है और कितना धन स्थानांतरित करना है यह जानकारी ऐप में डालनी है। इसके बाद स्वीकृति मिलते ही धन दूसरे खाते में चला जाएगा और कोई शुल्क भी नहीं लगेगा। साथ ही एक संदेश मोबाइल पर आ जाएगा कि अमुक राशि इस खाते में चली गई है। 
    केंद्र द्वारा शुरू किए गए डिजिटल माध्यम यूपीआई, भीम और यूएसएसडी सेवाएं निशुल्क हैं। इनमें धन स्थानांतरण और भुगतन की सीमा अधिकतम 50 हजार रुपये रखी गई है।
    बैंकिंग ऐप को मोबाइल में डाउनलोड करें। एप में यूपीआई के जरिए भुगतान मोड में जाएं। जिसको पैसा भेजना है उसके खाते के स्थान पर आधार नंबर डालें। राशि भरकर धन स्थनांतरण की अनुमति दें। इसके जरिए महज पांच से छह सेकेंड में आपका पैसा लेनदार के खाते में पहुंच जाएगा। 
    आधार नंबर के जरिए बैंक खाते में धन स्थानांतरण से लोगों को कई झंझटों से मुक्ति मिलेगी। इसमें बैंक खाता, आईएफएससी कोड देने के साथ डिजिटल तरीके से भुगतान में बैंक खाते के पंजीकरण में लगने वाला 24 घंटे का समय भी शामिल है।
    यह जानने के लिए कि किस खाते में आधार नंबर के जरिए धन गया है एक यूएसएसडी कोड जारी किया गया है। *99*99*1हैश डायल करने पर आधार नंबर पूछा जाएगा। आधार नंबर डालते ही यह जानकारी आ जाएगी कि किस बैंक में धन गया है। पर बैंक खाते की पूरी जानकारी नहीं मिलेगी। 
    अगर किसी व्यक्ति का कई बैंकों में खाता है और सभी में आधार लिंक है तो धन उसके प्राथमिक खाते में जाएगा। प्राथमिक खाता वह माना जाएगा जहां सबसे बाद में आधार नंबर लिंक कराया गया है।  (हिंदुस्तान टाईम्स)

     

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Posted Date : 12-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 12 जनवरी। सरकार के आधार कार्यक्रम को चलाने वाली यूआडीएआई यानी भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने कहा था कि अब वह वर्चुअल आधार आईडी लाने वाली है, जिसमें 16 अंकों के टेंपररी नंबर होंगे, जिसे लोग जब चाहे अपने आधार के बदले शेयर कर सकते हैं। इस पर यूआडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडेय ने कहा है कि सुरक्षा के नजरिए से वर्चुअल आधार नंबर का फैसला किया गया है। 
    अजय भूषण पांडेय ने कहा है कि सुरक्षा के मुद्दे पर आपको संवेदनशील होना चाहिए और चुनौतियों के लिए तैयार रहना चाहिए। हालांकि उनका कहना है कि वर्चुअल आईडी अनिवार्य नहीं है। लोगों के पास विकल्प है कि या तो वो वर्चुअल आईडी का इस्तेमाल करें या फिर आधार नंबर का। 
    आधार के लीक होने पर उन्होंने कहा कि पुलिस जांच कर रही है क्योंकि सीमित जानकारी के लिए लॉग-इन की सुविधा राज्यों के अधिकारियों को दी गई थी। 
    नई प्रणाली का उद्देश्य आधार संख्या के लीक होने और दुरुपयोग के मामलों को कम करना है और 119 करोड़ लोगों की पहचान संख्या की गोपनीयता को बढ़ावा देना है। अब आधार डिटेल देने के समय या वेरिफिकेशन के समय इसी 16 अंकों से काम चल जाएगा। ध्यान देने वाली बात है कि यह 16 अंकों का वर्चुअल आईडी कुछ समय के लिए ही मान्य होगा। तय समय के बाद यूजर को अपना नया आईडी जारी करना होगा।
    यह वर्चुअल आईडी, जिसमें 16 रैंडम अंक होंगे। वर्चुअल आईडी से फोन कंपनियां या बैंकों को आधार धारक की सीमित जानकारी मसलन नाम, पता और फोटोग्राफ मिलेगा जो उस व्यक्ति की पहचान साबित करने के लिए पर्याप्त होगा। वर्चुअल आईडी से आधार नंबर की जानकारी नहीं मिल सकेगी। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 11-Jan-2018
  • सत्याग्रह ब्यूरो
    आधार से निजी जानकारियां लीक होने की बहस के बीच बुधवार को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने वर्चुअल आईडी लाने का ऐलान किया है। आधार कार्ड रखने वाला कोई भी शख्स इसे यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जाकर बना यानी जेनरेट कर सकता है और इसका इस्तेमाल सिम वेरिफिकेशन जैसे तमाम कामों के लिए कर सकता है। इस आईडी में नाम, पते और फोटो जैसी कुछ बुनियादी जानकारियां ही होंगी जो मोबाइल से लेकर रसोई गैस तक तमाम सेवाएं मुहैया कराने वाली कंपनियों को सत्यापन के लिए चाहिए होती हैं। यानी अब इन कामों के लिए 12 अंकों वाला आधार देने की बाध्यता नहीं रहेगी।
    यह वर्चुअल आईडी 16 डिजिट की एक संख्या होगी। अधिकारियों के मुताबिक कोई कितनी भी आईडी जेनरेट कर सकता है। नई वर्चुअल आईडी जेनरेट होने पर पुरानी वाली खत्म हो जाएगी। एक मार्च 2018 से इसे स्वीकार किया जाने लगेगा। अधिकारियों के मुताबिक एक जून 2018 से सभी कंपनियों और विभागों के लिए यह अनिवार्य हो जाएगा कि वे अपने यूजरों से यह वर्चुअल आईडी भी स्वीकार करें। जो इस नई व्यवस्था का पालन नहीं करेंगे उन्हें सरकार की तरफ से वित्तीय प्रोत्साहनों के मोर्चे पर नुकसान झेलना पड़ेगा।

     

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Posted Date : 11-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 11 जनवरी। सोशल मीडिया पर 20 जनवरी 2018 से सभी बैंकों में प्रदान की जा रहीं मुफ्त सेवाओं के बंद करने की अफवाहों का इंडियन बैंक एसोसिएशन ने खंडन किया है। भाजपा दिल्ली की ओर से ट्वीट कर शेयर किए गए इंडियन बैंक एसोसिएशन के पत्र में बताया गया है कि बैंकों का ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है, ये सभी खबरें निराधार हैं। बीस जनवरी से ऐसा कोई बदलाव नहीं होने वाला है।
    इंडियन बैंक एसोसिएशन द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें चल रही हैं कि सार्वजनिक क्षेत्र की सभी बैंकों में मिलने वाली मुफ्त सेवाएं 20 जनवरी 2018 से बंद कर दी जाएंगी। 
    एकदम निराधार और झूठी हैं। सभी बैंक अपने व्यावसायिक और कार्यकारी कीमतों को ध्यान में रखते हुए सेवाओं की कीमतों पर विचार कर रही हैं। (न्यूज 18)

     

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