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तो मैं सेना में होता-रमन

Posted Date : 14-Nov-2017

छत्तीसगढ़ संवाददाता
भिलाई, 14 नवंबर। डॉक्टर रमन मुख्यमंत्री या डॉक्टर नहीं होते तो क्या होते ? क्रिकेट में बेहद ही काबिल खिलाड़ी रहे रमन सिंह एक उम्दा क्रिकेटर भी बन सकते थे, लेकिन आज मुख्यमंत्री रमन सिंह ने खुद कहा कि- उनकी तमन्ना तो सेना में जाने की थी। वर्दी उन्हें हमेशा आकर्षित करती थी, इसलिए उन्हें आर्मी में जाने का खूब शौक था।
आज मुख्यमंत्री रमन सिंह भिलाई में आयोजित बाल मेले में बच्चों के बीच खास पल को यादगार बना रहे थे। इस दौरान बच्चों के बीच परिसंवाद के दौरान एक बच्चे ने पूछा कि सर अगर डॉक्टर या मुख्यमंत्री नहीं होते, तो क्या होते?
जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा- अगर वो डॉक्टर या मुख्यमंत्री नहीं होते, तो सेना में होते, सेना में जाने का मेरा सपना था, मैं आर्मी ज्वाइन करना चाहता था।
मुख्यमंत्री रमन सिंह ने दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में बाल दिवस के अवसर पर आयोजित हुए बाल मेला में  शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ स्कूली शिक्षा मंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशीला साहू,राष्ट्रीय महासचिव सरोज पांडे, उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय कार्यक्रम में शामिल हुए।
मंदिर पर बढ़ी सक्रियता, अयोध्या जाएंगे श्रीश्री, योगी...
नई दिल्ली/अयोध्या, 14 नवम्बर (आज तक)। देश में एक बार फिर राम मंदिर विवाद का मुद्दा केंद्र में आता जा रहा है। आध्यात्मिक गुरू श्रीश्री रविशंकर ने इस मुद्दे को बातचीत से सुलझाने का बीड़ा उठाया और लगातार कई पक्षों से बातचीत शुरू की। श्रीश्री रविशंकर बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात कर सकते हैं। वहीं, वह 16 नवंबर को अयोध्या भी जाएंगे जहां वे कुछ पक्षकारों से बात करेंगे। पिछले कुछ समय में राम मंदिर मुद्दे को लेकर कई तरह के बयान और कोशिशें सामने आई हैं।
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ जब से सत्ता में आए हैं तभी से अयोध्या को लेकर उनका आकर्षण लगातार दिख रहा है। अयोध्या में इस साल दिवाली काफी भव्य रूप से मनाई गई। यूपी सरकार की ओर से अयोध्या में ही भगवान राम की मूर्ति लगाई जा रही है। यूपी की राजनीति में एक बार फिर अयोध्या केंद्र में है। मंगलवार को ही योगी ने बयान दिया कि भारत में राम के बगैर कुछ नहीं हो सकता है, राम देश की आस्था के केंद्र बिंदु हैं।
आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर राम मंदिर मुद्दे को लेकर बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने पिछले दिनों शिया वक्फ बोर्ड के सदस्यों से मुलाकात की, बेंगलुरू में भी कई बैठकें की हैं। रविशंकर 16 तारीख को अयोध्या जाएंगे। जहां वे राम मंदिर विवाद के पक्षकारों से मुलाकात करेंगे।
भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी भी राम मंदिर विवाद को लेकर मुखर रहे हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में मामले के जल्दी निपटारे को लेकर याचिका दायर कर रखी है। जिस पर कोर्ट ने जल्द सुनवाई का भरोसा भी दिया है। इसके अलावा भी स्वामी कई मौकों पर बोलते आए हैं कि 2019 से पहले राम मंदिर निर्माण हो जाएगा।
हाल ही में पटना में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि अगली दिवाली अयोध्या के राम मंदिर में मनाएंगे।
राम मंदिर विवाद में मुस्लिम पक्ष का भी बड़ा महत्व है। श्रीश्री रविशंकर ने हाल ही में शिया वक्फ बोर्ड और सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्यों से मुलाकात भी की है। शिया वक्फ बोर्ड ने राम मंदिर मुद्दे को शांति से सुलझाने की बात कही है, और मस्जिद को अयोध्या और फैजाबाद से बाहर बनाने पर सहमति जताई है। शिया वक्फ बोर्ड जल्द ही कोर्ट में समझौते की कॉपी भी देगा। श्री श्री रविशंकर के सुन्नी मौलानाओं से बात करने पर शिया वक्फ बोर्ड अपनी आपत्ति भी दर्ज करा चुका है।   
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राम मंदिर मुद्दे पर श्री श्री रविशंकर पर वार किया है। उन्होंने कहा कि श्री श्री रविशंकर झूठ बोल रहे हैं, वह मुस्लिम पर्सनल लॉ से नहीं मिले हैं। ओवैसी ने कहा कि ऐसा करके उन्हें नोबेल पुरस्कार नहीं मिलेगा।

 




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