छत्तीसगढ़ » गरियाबंद

चरित्र पर संदेह, पत्नी की हत्या, दो गिरफ्तार

Posted Date : 06-Dec-2017

छत्तीसगढ़ संवाददाता 
छुरा/गरियाबंद, 6 दिसंबर। छुरा थाना के ग्राम गायडबरी-जतमई के बीच स्थित जोगीगुडी जंगल में 4 माह पूर्व मिली अज्ञात महिला की लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। घटना को अंजाम देने वाला और कोई नहीं महिला का पति की निकला। वह अपने जीजाजी के साथ मिलकर हत्या की थी। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
 छुरा थाना के जोगीगुडी जंगल में 31 अगस्त को एक अज्ञात महिला की लाश मिली थी। मृतका के सिर को पत्थर से कुचला गया था। एक हाथ भी गायब था। मृतिका की पहचान के लिए समाचार पत्रों में इस्तहार भी जारी किया गया था। पुलिस जांच कर रही थी इसी दौरान जागेश्वर प्रसाद निर्मलकर निवासी भुरसुदा थाना तिल्दा-नेवरा छुरा थाना आकर बताया कि मेरी बड़ी बहन मंजू निर्मलकर अपनी मर्जी से वर्ष 2008 में जगनाथ रात्रे से प्रेम विवाह किया था। मंजू वहीं गांव के ही सतनामीपारा में रहती थी। वह पिछले तीन माह से गायब है। जगनाथ रात्रे पिछले दिनों नशे की हालत में कह रहा था कि तुम्हारी बहन चरित्र हीन थी इस वजह से उसे गरियाबंद जिला जतमई मंदिर घुमाने लेजाकर अपने जीजाजी परदेशी राम कोशले के साथ मिलकर उसकी हत्या कर जंगल में फेंक दिया हूं। मृतिका का छायाचित्र एवं उसके बदन से जब्त साड़ी को दिखाने पर उक्त साड़ी को अपनी बहन मंजू का ही होना बताया। मामले की जांच के लिए थाना छुरा से पुलिस टीम बनाकर जांच शुरू की गई। जगन्नाथ रात्रे एवं परदेशी राम कोशले को गिरफ्तार कर कड़ाई से पूछताछ करने पर जुर्म कबूल लिया। आरोपियों ने बताया कि 27 अगस्त को मृतिका मंजू को जतमई मंदिर घुमाने के नाम से मोटरसाइकिल से जतमई जंगल ले जाकर सिर को पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी थी। बांये हाथ में गोदना में मंजू तथा आरोपी जगनाथ रात्रे का नाम लिखा था इस कारण से मृतिका के शरीर से हाथ को पत्थर से मार कर अलग कर जांगल में फेंक दिया था। 




Related Post

Comments