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नया रायपुर में 2030 तक पांच लाख लोगों को बसाने का लक्ष्य-मूणत

Posted Date : 07-Dec-2017

नक्सल प्रभावित इलाकों में 1890 किमी सड़कों का निर्माण पूरा
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 7 दिसंबर। लोक निर्माण, आवास और पर्यावरण मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि राज्य के सुदूरवर्ती नक्सल प्रभावित इलाकों और नवगठित जिलों में सड़कों, पुल-पुलियों और सरकारी भवनों सहित विभिन्न बुनियादी संरचनाओं के विकास को प्रदेश सरकार ने एक चुनौती के रूप में लिया और इस दिशा में विगत 14 वर्षों में शानदार कामयाबी हासिल की। उन्होंने कहा कि नया रायपुर को स्मार्ट सिटी में शामिल किया गयाहै। यहां वर्ष 2030 तक 5 लाख लोगों को बसाने का लक्ष्य रखा गया है। 
उन्होंने कहा कि नया रायपुर में मंत्रालय और विभागाध्यक्ष भवनों सहित कई सरकारी दफ्तरों के भवनों और कई आवासीय कालोनियों का निर्माण किया गया है। परिवहन विभाग द्वारा आम जनता की सुविधा के लिए राज्य में सभी चेक पोस्ट खत्म कर दिए गए हैं। सभी जिला परिवहन कार्यालयों का कम्प्यूटरीकरण करते हुए उन्हें ऑनलाइन कर दिया गया है। पर्यावरण सुधार की दृष्टि से ई-रिक्शों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने ई-रिक्शों को परिवहन टैक्स से पांच वर्ष के लिए छूट देने का भी निर्णय लिया है।
श्री मूणत ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रदेश के सभी 27 जिलों में जनसुविधाओं की दृष्टि से विभिन्न प्रकार के निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर करवाए जा रहे हैं। नक्सल क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग को जनता के लिए अधोसंरचनाओं के विकास में लगातार कामयाबी मिल रही है। सुकमा जिले में दोरनापाल-चिंतलनार सड़क और शबरी नदी पर 5 सौ मीटर पुल निर्माण इसका एक बड़ा उदाहरण है। 
श्री मूणत ने बताया कि नक्सल प्रभावित बस्तर अंचल के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में अब तक 1890 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित इलाकों के लिए केन्द्रीय योजना (एल.डब्ल्यू. ई. योजना) के तहत 1326 किलोमीटर सड़कें बनायी जा चुकी है। बस्तर अंचल में ही 138 नग पुलों का निर्माण किया गया है। 
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 1962 किलोमीटर सड़कों को राजमार्ग और 12432 किलोमीटर सड़कों को मुख्य जिला मार्ग घोषित किया गया है।श्री मूणत ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने वर्ष 2007 में दो और वर्ष 2012 में नौ नये जिलों का निर्माण किया, जिनमें कलेक्टोरेट भवन, सरकारी कर्मचारियों के लिए आवास गृह और ट्रांजिट हास्टल आदि के निर्माण के साथ-साथ इन सभी जिला मुख्यालयों को राष्ट्रीय राजमार्गों से भी जोड़ा गया।




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