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  • वृक्षारोपण महाअभियान 
    चंद्रकांत पारगीर
    बैकुंठपुर, 22 सितंबर (छत्तीसगढ़)।  कोरिया जिले में मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के 5 हजार दिन पूरे होने पर स्कूलों में लगाए गए पौधे गायब हो गए है। एक माह पूर्व 20 अगस्त को वृहद वृक्षारोपण महाअभियान के तहत स्कूलों में भी पौधो रोपण का कार्य कराया गया था। वृक्षारोपण के पश्चात लगाये गये पौधों को सुरक्षित बचाने के लिए संकल्प भी लिया गया था।  
    छत्तीसगढ़ ने जिले के पांचों तहसील में कई पंचायतों के स्कूल परिसर में जब 20 अगस्त को लगाये गये पौधारोपण की जानकारी ली गई तो लिया गया तो पता चला कि कुछ स्कूलों को छोड़ दिया जाये तो लगभग स्कूलों में बीते माह रोपे गये पौधे आज दिखाई नहीं दे रहे है। पौधों को बचाने का संकल्प एक माह में ही चकनाचूर हो गया। जबकि वृक्षारोपण के नाम पर हजारों लाखों रूपये खर्च कर दिये गये और नतीजा कुछ भी हासिल नही हुआ। 
    जनपद बैकुंठपुर क्षेत्र के कई पंचायत क्षेत्रों के स्कूल परिसर में कुल लगाये पौधों में 25 प्रतिशत पौधे भी सुरक्षित नही्र बचाये जा सके वह भी एक माह के अंतराल में ही यह हाल है तो फिर जो 25 प्रतिशत अभी दिखाई दे रहे है वह अगले वर्ष के सीजन आते आते वह भी नही दिखाई देंगे। जिससे साफ पता चलता है कि जिस तरह का उत्साह पौधरोपण को  लेकर था उसे बचाने की कवायद की दिशा में वह उत्साह काफूर हो गया। विद्यालय प्रबंधन के द्वारा रोपित पौधों को सुरक्षित रखने की दिशा में लापरवाही बरती गयी जिस कारण एक माह में ही ज्यादातर पौधों का नामो निशान मिट गया है। 
    बैकुंठपुर जनपद क्षेत्र मे अधिकांश विद्यालयों में लगाये गये पौधे में से गिनती के ही पौधे बचे हुए हैं।  शेष पौधों का अता पता नही है। जबकि बरसात भी अभी नही गयी है, केवल असुरक्षा के चलते ही लगाये गये पौधे अस्तित्व में नही रहे। ऐसा ही हाल सोनहत के स्कूलों का है यहां एक दो स्कूलों को छोड़ दिया जाए तो हर स्कूल की यहीं कहानी है, इसी तरह भरतपुर, खडगवां के स्कूलों का है। पौधों को बचाने के लिए शिक्षकों ने किसी भी प्रकार की दिलचस्पी नहीं दिखाई। 
    कहीं बचाने पर दिया पूरा ध्यान
    ऐसा नहीं कि विद्यालयो में लगाये गये पौधे सुरक्षित नहीं बचाये जा रहे है। कुछ विद्यालय ऐसे भी हैं जहां एक एक पौधों केा बचाने के लिए जो संकल्प पौधों केा रोपित करने के दौरान लिया गया था वह आज भी देखने मिल रहा है। बैकुंठपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के प्राशा सारा, सोनहत के हाई स्कूल सुन्दरपुर ऐसे विद्यालय है जहां पर लगाये गये पौधों को सुरक्षित रखा गया है। ग्राम सारा में पौधे सुरक्षित है बल्कि यहां के किचन गार्डन से रोज जाती सब्जियां बच्चों के मध्यान्ह भोजन में स्वाद बढ़ा रही है। सोनहत जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत सुन्दरपुर हाई स्कूल में भी सभी लगाये गये पौधे सुरक्षित देखे गये। यहां स्कूल प्रबंधन के द्वारा जनसहयोग से बांस की व्यवस्था कर लगाये गये एक एक पौधों को सुरक्षित घेरा बना दिया गया है। मजबूत घेरा बन जाने के कारण पौधे सुरक्षित बच गये है। हाई स्कूल परिसर का बाउन्डीवाल अधूरा बनाकर छोड़ दिये जाने के कारण पूरा परिसर खुला ही रहता है जिसके चलते लगाये गये पौधों को सुरक्षित घेरा देना आवश्यकता था जो यहां देखने मिला।

     

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  • शिकायत पर वन विभाग ने काम रोका
    ग्रामीणों ने भाजपा नेता पर लगाया मनमानी का आरोप
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 22 सितंबर। कोरिया जिले में मनरेगा से 45 लाख की पुलिया निर्माण वन भूमि पर बिना एनओसी कार्य शुरू करवा दिया,  नियमानुसार कार्य न कराकर नियम विरूद्ध तरीके से कार्य कराये जाने की शिकायत पर वन विभाग ने काम पर रोक लगा दी है। वहीं ग्रामीणों ने भाजपा के कार्यकर्ता पर मनमानी करने का आरोप लगा मामले की शिकायत प्रशासन ने की है। 
    इस संबंध में आरईएस के कार्यपालन अभियंता श्री चौबे का कहना है कि मनरेगा से कार्य स्वीकृत किया गया है, जिसमें टेंडर नहीं होता है, परन्तु मनरेगा में ठेकेदार से कार्य करवाया जा रहा है इसके सवाल पर उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया। 
    वहंी जनकपुर के रेंजर श्री केरकेट्टा का कहना है कि कार्य की स्वीकृति जहां होना था वहां नहंी करके उपर करवाया जा रहा था, जो कि वन क्षेत्र में आता है, ग्रामीणों की शिकायत पर कार्यवाही करते हुए काम पर रोक लगा दी गई है। 
    वहीं कांग्रेस उपाध्यच गुलाब कमरो ने बताया कि भरतपुर क्षेत्र के ग्रामीणों ने मुझे बताया कि भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा मनमानी कर ठेकेदार बन मनरेगा के कार्य करवाए जा रहे है, उन्होने वन विभाग को इसकी जानकारी दी। मनरेगा में ठेकेदारी वर्जित है, ऐसे में संसदीय सचिव द्वारा अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसे कार्य करवाए जा रहे है, कार्य के इस्टीमेट की जांच होनी चाहिए।
    प्राप्त जानकारी के अनुसार भरतपुर जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत मेंहदौली का आश्रिम ग्राम सत्कियारी तक पहुंच मार्ग एवं पुलिया निर्माण कार्य कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सार्वजनिक योजना का लाभ व्यक्तिगत रूप से देने के लिए कार्य किया जा रहा है। क्षेत्रीय विधायक व संसदीय सचिव छग शासन के इशारे पर दबावपूर्व कार्य कराने का भी आरोप ग्रामीणों के द्वारा लगाया गया है। 
    दरअसल, भरतपुर जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत मेंहदौली के आश्रित ग्राम सत्कियारी जो पहुॅच विहीन है इसे जोडने के लिए सडक मार्ग स्वीकृत हुआ जिसके बीच में पडने वाले अंधेरगढ नाला में पुलिया निर्माण कार्य भी है। मार्ग पर स्वीकृत पुलिया को आरईएस विभाग द्वारा स्वीकृत किया गया है। जिसे भाजपा के एक नेता के कहने पर वन विभाग की जिस स्थान पर पुलिया बनाया जाना चाहिए था वहां न बनाकर वन भूमि पर बनाया जा रहा है जो स्वीकृत सड़क से थोडॉी उपर के हिस्से में है। जिसके दोनों ओर वन भूमि का क्षेत्र है। 
    इसकी जानकारी देने पर कार्य नहीं रोका गया था, जिसके बाद ग्रामीणों ने गुलाब कमरों को इसकी शिकायत दी जिसके बाद श्री कमरों ने वन विभाग को कार्यवाही के लिए कहा तो विभाग ने गुरूवार को मौके पहुंच कर वनाये जा रहे पुलिया निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गयी। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्तमान में ग्राम सत्कियारी जाने के लिए तीन पहुंच मार्ग बनाये गये है जिसमें पुल न बनाकर दूसरे जगह पर पुलिया का निर्माण कराया जा रहा है जिसके लिए पहले 5 सौ मीटर सड़क बनाया जा रहा है। इसके बाद पुलिया फिर 250 मीटर सड़क बनायी जायेगी। जबकि ग्राम सत्कियारी के लिए पूर्व पश्चिम, व मध्य से आज भी पहुंच मार्ग है। फिर भी बिना मतलब के अपनी जिद से कार्य कराया जा रहा है जिसमें वन विभाग की 810 मीटर भूमि को सम्मिलित किया जाना है। 
    जहां जाना है जाओ
    ग्रामीणों के अनुसार आरईएस विभाग के अधिकारी को पूर्व से बने पहुंच मार्ग पर ही पुलिया बनाये जाने की मांग की गयी थी तब उन्होंने कहा था कि जहां जाना है जाओ कुछ नहीं होगा। कहां क्या बनाना है हम बनायेंगे। वहीं अब आरईएस विभाग द्वारा ठेकेदार को लेआउट देकर कार्य शुरू करवा दिया, जिसे देखने वाला कोई नहीं है।  

     

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 22 सितंबर। कोरिया जिलामुख्यालय स्थित गेज नदी के पुल के पास तेज रफ्तार बाइक सवार सामने से आ रहे ट्रक से सीधा जा टकराया, टक्कर इतनी जबरदस्त थी की कि बाइक चालक की मौके पर ही मौत हो गयी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा बना मृतक की पहचान में जुटी है। मिली जानकारी के अनुसार दोपहर 1 बजे पटना की ओर से आ रही तेज रफ्तार बाइक गेज नदी पार कर रही ट्रक से सीधे टकराई। बाइक की रफ्तार इतनी तेज थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पचक गया, वहीं बाइक के भी परखच्चे उड़ गए। बाइक चालक की मौके पर ही मौत हो गई।

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  • किसानों को जानकारी नहीं, समिति भी नहीं जानती बीमा दावा कैसे करेगी
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 16 सितंबर। कोरिया जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में जिला प्रशासन ने आनन फानन में ऋ णी और अऋ णी कृषकों को बीमा तो कर दिया, परन्तु  लाभ कैसे मिलेगा ये किसी ने नहीं बताया। किसानों को पता ही नहीं है कि उनकी जमीन चाहे वो बंजर हो या खेती के उपयोग की हो सब का बीमा हो चुका है। मजे की बात तो यह है कि किसानों का बीमा कर चुके समिति प्रबंधक भी नहीं जानते कि आखिर किसान कैसे बीमा का क्लेम ले सकेंगेे।
    इस संबंध में जिला सहकारी समिति के प्रबंधक धमेन्द्र शर्मा का कहना है कि पूरे गांव के हिसाब से किसानों को क्लेम मिलेगा, ऐसा नियम है और इसकी निगरानी का जिम्मा जिला प्रशासन को दिया गया है। वहीं फसल बीमा को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष गुलाब कमरो का कहना है सरकार और जिला प्रशासन इंश्योरेंश कंपनी की गोद में खेल रहे हंै, किसानों की कोई चिंता नहीं है, बीते वर्ष भी इसी तरह करोड़ों रू किसानों से प्रीमियम के नाम पर लिए गए, परन्तु कोई फायदा किसानों को नहीं मिला, इस वर्ष भी यही होने वाला है। 
    दरअसल, बीते जुलाई माह में जिला कलेक्टर ने सभी समितियों के प्रबंधकों और बैकों की बैठक ली थी, बैठक में इफ्को टोक्यों इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित थे, उन्होने प्रोजेक्टर पर कुछ प्रजेन्टेशन भी दिखाए। जिन्होंने सवाल उठाए उन्हें बस बीमा करने से मतलब रखने को कह मुंह बंद कर दिया गया। जिसके बाद कलेक्टर ने सभी समितियों एवं बैंकों को कैसे भी सभी किसानों के बीमा समय सीमा पर करने के निर्देश दे दिए। बस फिर क्या था बैकों और समितियों ने किसानों को बिना बताए उनके रकबे के अनुसार प्रीमियम काट ली, किसान चाहे तो और ना चाहे तो उन्हें फसल बीमा हो गया। 
    जानकारी के अनुसार कोरिया जिले में 10299 ऋणी किसानों का 21632 रकबा के आधार पर 7 करोड़ 88 लाख 8 हजार 49 रू और 2068 अऋणी किसानों का 2226 रकबा के आधार पर 2 करोड़ 16 लाख 1 हजार 114 रू, इस तरह 12367 किसानों के कुल 10 करोड़ 49 हजार रू की राशि प्रीमियम के रूप में इंश्योरेंश कम्पनी को जमा किए जा चुके है। 
    इधर, किसानों को पता तक नहीं है कि वो और कर्जदार हो चुके हंै, ये भी नहीं जानते है कि उन्हेें मुआवजा कैसे मिलेगा और उसके लिए कैसे क्लेम करना है। दूसरी ओर प्रबंधकों ने किसानोंं के रकबे में जितनी भी भूमि दिखी बीमा किया। उनका कहना है ऐसा केन्द्र सरकार से आदेश आया था। उसके हिसाब से उतनी पर बीमा प्रीमियम किसानों के खाते से काट ली, जबकि उन्हें किसान जितनी भूमि पर वो खेती करता उतने पर प्रीमियम राशि लेना था। 
    कुछ किसान बताते हंै कि जब फसल बर्बाद होगी और बीमा कंपनी जांच करने आएंगे तो वस्तु स्थिति के अनुसार ही उसकी राशि देंगेे, ऐसे में उन्हें बेवजह ज्यादा प्रीमियम चुकाना पड़ेगा। इससे साफ है सरकार ने बीमा कंपनियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से फटाफट बीमा करवा डाला। वहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में एक एक कृषक की फसल का बीमा किया गया। पर जब मुआवजा देने की बारी आएगी तो ब्लाक स्तर पर, पंचायत स्तर पर दिया जाता है वो भी कृषकों के साथ अन्याय है। ऐसे में ज्यादातर किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है, बीते वर्ष ऐसा ही हुआ है।
    क्या कहते हंै किसान
    कोरिया जिले के कदमबेहरा के किसान धीरसाय, गणेश प्रसाद, मोहरराम, जगेश्वर राम का कहना है कि उन्हेें बीमा के बारे में किसी तरह की जानकारी नहीं है, फसल का बीमा हो चुका है, ये भी नहीं पता, वहीं भरतपुर के ग्राम पंडरी के बैगा आदिवासियों में रामलखन, सीताराम ने भी बताया कि ऐसी कोई जानकारी उन्हें नहीं है कि समिति ने हमारे खाते से राशि काट कर बीमा कर दिया हैं, इसके अलावा खडगवां के कोटेया निवासी होलसाय सत्यनारायण, अर्जुन, सहदेव, नंदलाल, गयाराम का कहना है बीते वर्ष भी कटा था पर मिला कुछ नहीं आज तक।  इस साल बीमा के बारे में किसी ने नहीं बताया है। बैकुंठपुर के किसान रायसिंह, सुबेलाल, हीरासिंह, मदनसाय का कहना है कि कोई भी इस साल बीमा को लेकर यह बताने नहीं आया है कि फसल खराब होने पर क्या होगा। इसी तरह सोनहत के रामगढ़ निवासी गणेश गुप्ता, सद्दाम का कहना है कि ऐसी कोई भी जानकारी यहां के किसानों को नहीं है कि उनके खाते से बीमा हो गया है। तो उन्हेे क्लेम कैसे करना है ये कैसे पता चलेगा। 
    छग राज्य में खरीफ की फसल पर कितनी मिलेगी राशि
    केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की वेबसाईट पर देखने से पता चला कि जितना प्रीमियल बीमा कंपनी ने किसानों से लिया है, उसके एवज में फसल खराब होने पर कितनी राशि मिलेगी। वेबसाईट के अनुसार छग राज्य में प्रति हेक्टेयर मूंगफली 25 हजार, उड़द 12 हजार, मूंग 13 हजार, मक्का 15 हजार, धान सिंचित 28 हजार, धान असिचिंत 24 हजार, अरहर 12 हजार और सोयाबीन के 22 हजार मिलेंगे। पर इन्हें क्लेम कैसे करना है इसकी जानकारी नहीं मिल सकी।
    क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
    किसानों की फसल के संबंध में अनिश्चितताओं को दूर करने के लिये नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट ने 13 जनवरी 2016 को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को मंजूरी दी थी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसानों की फसल को प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुई हानि को किसानों के प्रीमियम का भुगतान देकर एक सीमा तक कम करायेगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत, किसानों को बीमा कम्पनियों द्वारा निश्चित, खरीफ की फसल के लिये 2 प्रतिशत प्रीमियम और रबी की फसल के लिये 1.5 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान करेगा। इसमें प्राकृतिक आपदाओं के कारण खराब हुई फसल के खिलाफ किसानों द्वारा भुगतान की जाने वाली बीमा की किस्तों को बहुत नीचा रखा गया है, जिनका प्रत्येक स्तर का किसान आसानी से भुगतान कर सके। इसके अन्तर्गत सभी प्रकार की फसलों (रबी, खरीफ, वाणिज्यिक और बागवानी की फसलें) को शामिल किया गया है। खरीफ (धान या चावल, मक्का, ज्वार, बाजरा, गन्ना, सोयाबीन आदि) की फसलों के लिये 2 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान किया जायेगा।

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  • चंद्रकांत पारगीर
    बैकुंठपुर, 10 सितंबर (छत्तीसगढ़)। कोरिया जिला प्रकृति की गोद में बसा जिला है और इस जिले में कई ऐसे प्राकृतिक स्थल है जहां तक पहुॅंचने के लिए अभी भी सुगम रास्ते का निर्माण नहीं होने के कारण लोगों को पैदल व दुर्गम रास्तों से होकर ऐसे प्राकृतिक स्थलों तक पहुंचना पड़ता है। 
    प्राकृतिक व ऐतिहासिक स्थल जिला मुख्यालय से कुछ ही किमी की दूरी पर सोनहत ब्लाक में कटगोडी घाट के जंगलों के बीच में स्थित है जिसके बारे में स्वयं जिला मुख्यालय के अधिकांश लोगों को जानकारी नहीं है क्योंकि यहां तक पहुॅंचने के लिए सुगम रास्ता नहीं है लेकिन आस पास के ग्रामीणों को इसकी जानकारी होने के कारण आये दिन विभिन्न अवसरों पर यहां पहुंचते रहते हैं। 
    यहां के समुंदई क्षेत्र में स्थित सीता गुफा जिसे स्थानीयजन सीता कोठरी के नाम से पुकारते है यहांॅ तक पहुंचने के लिए जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर से सोनहत मार्ग पर 12 किमी की दूरी पर नौगई पहाडपारा गॉंव है यहां के प्राशा भवन के बगल से समुंदाई क्षेत्र तक पहुंॅचा जा सकता है। पर रास्ता सुगम  नहीं है। 
    खासकर विभिन्न पर्व के अवसर पर क्षेत्रीय लोग समुंदाई नामक स्थान पर पहुंचते है जहां एक विशाल चट्टान में गुफा बना हुआ है जिसे सीता कोठरी के नाम से जाना जाता है यहां पर जन्माष्टमी, रामनवती शिवरा़ित्र आदि मौके पर लोगों की भीड़ जुटती है। 15 अगस्त को जन्माष्टमी के अवसर पर यहां पर ग्राम छरछा बस्ती, रकैया, आदि क्षेत्रों के कई श्रद्धालु पहुंच कर पूजा अर्चना कर घटों कीर्तन भजन करते रहे।  

     

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  • अधिकांश बच्चे  
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 9 सितंबर। कोरिया जिले में मौसमी बीमारियों का कहर जारी है।  भरतपुर तहसील के  ग्राम घघरा के आश्रित ग्राम पोडी में एक बार फिर संरक्षित जनजाति पंडो बैगा के तीन लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं लगभग पूरा गांव  उल्टी-दस्त से पीडि़त है। वहीं 26 अगस्त को हुई तीन बच्चों की मौत की खबर के बाद शुक्रवार दोपहर मेडिकल टीम  पहुंची है। खबर लिखे जाने तक 15 ग्रामीणों की जांच की जा चुकी थी, जिसमें सबसे ज्यादा बच्चे हंै।
    मिली जानकारी के अनुसार भरतपुर के कोटाडोल मार्ग पर पडने वाले ग्राम घघरा के आश्रित ग्राम पोडी मे उल्टी-दस्त फैला हुआ है। यहां संरक्षित जनजाति बैगा और पंडो निवासरत है, कुल 22 घर में हर घर में कोई ना कोई पीडि़त है। बीते 26 अगस्त  को मनोज पिता पुष्पराज (3 वर्ष), अनीता (8 वर्ष) की मौत दस्त से जबकि प्रदीप (8 वर्ष) की मौत बुखार से हो गई थी। सभी पंडो जनजाति के बताए जा रहे है। 
    शुक्रवार को  स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी मिली, इसके बाद स्वास्थ्य विभाग का अमला सक्रिय हुआ। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच में मलेरिया, उल्टी-दस्त, पीलिया और बुखार के सबसे ज्यादा मरीज पाए गए हैं। वहीं अभी जांच जारी है। जिनमें सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हंै।  पोडी में  21 परिवार बैगा और पंडो जनजाति के है। 
    उल्लेखनीय है कि कोरिया जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है, खासकर जिलेे के तहसील भरतपुर में कई ऐसे क्षेत्र हंै, जहां ज्यादातर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी अपने मुख्यालय में निवास नहीं करते हंै, जिसके कारण ग्रामीणों को झोलाछाप डाक्टरों के सहारे रहना पड़ता है।

     

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  • भरतपुर में बारिश के लिए टोटकों का दौर, हवन भजन-कीर्तन जारी 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 7 सितंबर। अकाल की स्थिति निर्मित होते देख कोरिया जिले के किसान बेहद परेशान है, भरतपुर के किसान परिवार अब प्रकृति के विपरित जाने वाले मौसम को बहुत कोस रहे है। किसान परिवार की महिलाएं अब पुरूष बनकर मवेशी चराने जा रही है, तो देवताओं को गोबर पोत कर तरह तरह के टोटके जारी है, वहीं जल्दी बारिश हो इसके लिए कई गांव में बीते कई दिनों से अखंड भजन कीर्तन जारी है।  इधर, छत्तीसगढ की खबर के बाद राज्य सरकार ने आकाल के लिए राज्य स्तरीय सर्वे टीम कोरिया पहुंची और भरतपुर के कुछ गांवों में जाकर किसानों से बात की।
    कोरिया जिले के जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के आसपास में बीते तीन दिन मे रूक रूक कर बारिश हुई है, परन्तु भरतपुर तहसील में एक बूंद पानी नहीं गिरा है, यहां के किसानों की मक्का, धान, कोदो की फसल एकदम खत्म होने की कगार पर है। ऐसे में कई गांवों में अपने ईष्ट देव को मनाने हर संभव प्रयास कर रहे र्है।  ग्राम पंचायत कुंवारी में महिलाएं पुरूषों के कपड़े पहन कर गांव गांव में घूम रही है तो पुरूषों के काम कर रही है, हाथ में डंडा लेकर मवेशी चराने जा रही है। गांव की मनबसिया अपने देवता को कहती है कि जब आप खुद प्रकृति के नियम बदल रहे हो, समय पर पानी आता था उसे बदल दिए तो क्यों ना हम लोग भी बदल जाए, क्यों ना प्रकृति के विपरित जाकर काम करें। इसके अलावा यहां दिनरात भगवान को मनाने तरह तरह के गीत गाकर मनाने की कोशिश जारी है। 
    यहां कई गांवों के लिए अखंड पाठ टूट नहीं पाए एक के बाद एक अपने को जोड रहे है। वहीं इसी तरह ग्राम नोढिया में झगराखांड माता के स्थान पर गांव के लोग 15 दिन से अखंड पाठ कर रहे है। वे सभी माता से जल्दी बारिश हो ऐसी कामना कर भजन में लगे हुए है। यहां के गोरेलाल, राममिलन, संतोष कुमार, रामभुवन, दयाराम, धर्मदेव, विजय बहादूर, कमलेश, फगुनी, मुन्नीबाई, हिरमती, मालतीबाई, फुल्लीबाई, बब्बीबाई, सुखमति, सुखरनिया, चैतीबाई, नानबाई, रनिया, मुगिया बाई, फूलमतिया, इंद्रवती, राजबाई सहित दर्जनों लोग यहां उपस्थित है, इधर, जनकपुर के कैलासमंदिर में बुधवार को जल्दी बारिश को इसके लिए भागवत कथा का शुभारंभ के पहले कलश यात्रा निकाली गई। भागवत कथा को लेकर आयोजक प्रमोद तिवारी का कहना है इस वर्ष हमारे यहां यदि पानी नहीं गिरा तो भीषण आकाल की स्थिति निर्मित हो जाएगी, आने वाले एक सप्ताह के अंदर पानी गिरना बहुत जरूरी है। 
    सर्वे टीम पहुंची
    'छत्तीसगढ' की खबर के बाद राज्य सरकार राजस्व विभाग के संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय जांच दल भेजा है, बुधवार को पहुंची टीम को भरतपुर एसडीएम रवि राही के साथ विभागीय अमले ने ग्राम चुटकी, उमरवाह और बहरासी के किसानों की फसलों को देखा है। टीम मुख्य मार्गो पर पडने वाले गांव का दौरा कर लौट गयी, हलांकि बहरासी से आगे जनकपुर के किसानों से रूबरू नहीं हो पाई, टीम लौट कर अपने रिपोर्ट राज्य सरकार को सौपेगी।

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    मनेन्द्रगढ़, 4 सितंबर। कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ में उस समय लोग कचरे के ढेर पर टूट पड़े जब  जानकारी मिली कि कचरे के ढेर में 500 और 1000 रुपये के नोट निकल रहे हैं। जी हां, यह पूरा मामला है मनेंद्रगढ़ के भारतीय स्टेट बैंक के सामने स्थित कचरे के ढेर का, जहां सोमवार की सुबह सफाई कर्मचारी जब कचरे का ढेर से उठाने के लिए आये तो उन लोगों ने देखा कि कचरे के ढेर में 500 -1000 रुपये की पुराने नोट भारी तादाद में पड़े हुए हैं। आस-पास के लोगों को जब इस बात की जानकारी हुई तो काफी संख्या में लोग कचरे के ढेर में नोट बीनने में लग गए। 
    घटना स्थल के पास तीन बैंक स्टेट बैंक,बैंक ऑफ इंडिया,बैंक ऑफ बड़ौदा स्थित हैं। मामले की जांच करने नगर निरीक्षक विमलेश दुबे ने तीनों बैंक के ब्रांच मैनजरों से भी पूछताछ कर पुराने नोटों की जानकारी ली।
    कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ थाना क्षेत्र के बाजार में स्थित भारतीय स्टेट बैंक के सामने सोमवार की सुबह लगभग 9 बजे नगरपालिका परिषद के कर्मचारी रोज की तरह साफ सफाई में लगे हुए थे।  कुछ सफाई कर्मचारियों ने जब कचरे के ढेर को उठाकर ट्रेक्टर ट्रॉली में डालना शुरु किया तो उनकी आंखें हैरत से फटी रह गई जब कचरे के ढेर से   हजार-पांच सौ रुपये के फटे पुराने नोट भारी तादाद में निकलने लगे। सफाई कर्मचारी कचरे के ढेर से नोट निकलता देख नोट समेटने में जुट गए। 
    वहां आसपास के लोग भी कचरे के ढेर से नोट निकलता देख वहां पर जमा होने लगे।  कचरे के ढेर से जितने भी नोट मिले हैं सब 500 और 1000 के वे पुराने नोट हैं जिन्हें बीते  महीने चलन से बाहर किया गया है। 
     अनुमान लगाया जा रहा है कि हो सकता है इन नोटों को बैंक में जमा करने के लिए लाया गया हो लेकिन जब बैंक अधिकारी ने नोट जमा करने से मना कर दिया तो उन्हें फाड़ कर कचरे के ढेर में फेंक दिया गया।  

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 4 सितंबर। ये नजारा है कोरिया के भरतपुर तहसील का, जहां ग्रामीण इंद्र देवता से बारिश की मांग कर बीते तीन दिनों से टोने-टोटके और गीत गाकर धरने पर  हैं। ग्रामीण बादल को  बरसने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।  दिनभर पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर उन्हें बरसने को आमंत्रित कर रहे हैं।
    दरअसल, कोरिया जिले में बीते तीन वर्षों से खेती को लेकर किसान बेहद परेशान है, वर्ष 2015-16 में जिला अकाल की चपेट में आया था, फिर वर्ष 2016-17 में  भरतपुर में इतनी बारिश हुई कि खेतों में पानी भरा रहा और  खड़ी फसल बर्बाद  हो गया। इस वर्ष शुरुवात में  बारिश हुई, परन्तु अब बिना पानी खेतों में खड़ी फसल  पीली पड़ती जा रही है। वहीं भरतपुर तहसील के 5 गांव लरकोडा, डोगरीटोला, बडकाडोल, सरईटोला और सरईपाली के ग्रामीण मेघों के देवता इंद्र को मनाने के लिए धरने पर हंै। 
    बीते तीन दिन से इन गांवों की महिलाएं कई लोकगीत गाकर उन्हें मनाने में जुटी हंै तो पुरूष भी उनके साथ कंघे से कंघा मिलाकर साथ दे रहे हंै। इनमें सभी जाति के लोग शामिल है। धरने पर बैठे उपसरपंच धनी सिंह, लालबीर सिंह, मान सिंह, अजमेर, मंगल सिंह, बृहस्पति, भूपेश, नान बाई, रूकमन, भूतन, निरसिया बाई सहित कई ग्रामीण बताते हंै कि ऐसा उनके पूर्वज करते आए हंै, जिससे जल्दी बारिश होती है, वे सब कैसे भी हो मेघों को मना लेंगे, क्योंकि यदि 10 दिन में पानी नहीं गिरा तो हम लोगों की खेती चौपट हो जाएगी। यदि पानी बरसता है तो बकरे की बलि दी जाएगी। 
    घरों की लीपाई उखाड़ कर रहे प्रवाहित
    मेघों को बरसने पर मजबूर करने के लिए यहां बैठे ग्रामीण टोटका भी कर रहे हैं। वे  अपने घरों  की लीपाई उखाड़ कर नदी में प्रवाहित कर  रहे हैं। उनका कहना है कुछ लोगों की गलती है कि बारिश के पहले लीपाई की जिससे भी बारिश नहीं हो रही है। नदी में प्रवाहित करने के बाद सभी वहां से पानी भर कर लाते हंै और रोजाना पीपल के पेड़ के नीचे हवन-पूजा किया जाता है। फिर पूरे दिन लोकगीतों के माध्यम से इंद्र देवता को खुश करने का काम चलता है। कन्याओं से हवन करवाया जा रहा है। 
    नहीं मिलता है सरकारी योजना 
    ग्रामीण बताते है सरकारी योजना से बने तालाब डेम से वे लाभ नहीं ले पा रहे हंै। डेम और नहरें बनी भी है तो जर्जर होने के कारण वे किसी काम की नहीं है।  राज्य सरकार के बोनस घोषमा पर ग्रामीणों का कहना है जब फसल ही नहीं हुई तो बोनस किस काम का। 
    कोरिया में बारिश का हाल
    कोरिया में औसत बारिश 1410 मिमि है जबकि अभी तक 830 मिमि बारिश हुई है।  सबसे कम बारिश बैकुंठपुर में मात्र 54 प्रतिशत, भरतपुर और मनेन्द्रगढ़ में 71 प्रतिशत, खडग़वां में 74 प्रतिशत और सबसे ज्यादा बारिश सोनहत में 106 प्रतिशत दर्ज की गई है।  
    बोनस के पहले खोले राहत कार्य
    धरने में पहुंचे कांग्रेस उपाध्यक्ष गुलाब कमरो का कहना है राज्य सरकार ने बोनस की घोषणा तो कर दी, परन्तु अकाल की स्थिति को देखते हुए पहले राहत कार्य खोले जाएं, स्टापडेमों के गेट खुले पड़े हंै, पानी को रोकने प्रशासन अभी तक आगे नहीं आया है।  ग्रामीण मेघों को मनाने के लिए ऐसे टोटके करने पड़ रहे हैं। बीते तीन साल के हालात को देखते हुए राज्य सरकार तत्काल किसानों के कर्ज माफ करें।

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  • कॉलरी कामगार परिवार भुखमरी के कगार पर
    रंजीत सिंह
    मनेन्द्रगढ़, 2 सितम्बर।  हसदेव क्षेत्रांतर्गत विभिन्न कॉलरी खदानों में कार्यरत् अशिक्षित एवं कम पढ़े-लिखे श्रमिकों को बीमा के नाम पर शोषण का शिकार बनाने के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। बीमा एजेंटों के इस कथित शोषण के कारण 30 से 50 हजार वेतन पाने वाले कॉलरी श्रमिकों एवं उनके परिवार जनों के समक्ष भूखों मरने की नौबत आ जाती है तो वहीं कुछ श्रमिक कर्ज के बोझतले दबते चले जाते हैं।
    ताजा मामला वेस्ट झगराखांड कॅलरी खोंगापानी एसईसीएल हसदेव क्षेत्र में ड्रेसर के पद पर कार्यरत् कॉलरी कर्मी रामजीत का है जिसके नाम पर विभिन्न बीमा एजेंटों द्वारा 20 बीमा किया गया है जिसके प्रीमियम के रूप में प्रतिमाह 12 हजार 517 रूपए कटौती हो रही है। सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि जिन बीमा एजेंटों द्वारा कॉलरी कर्मी का बीमा धोखे में कराये हुए हस्ताक्षर से कराया गया है उसकी आज तक पॉलिसी बॉण्ड भी कॉलरीकर्मी को नहीं दी गई है। यहां तक कि बीमा एजेंटों के द्वारा कॉलरी कर्मी के बीमा पॉलिसी में नॉमिनी के स्थान पर बीमा एजेंट अपने परिवार के सदस्यों का नाम अंकित करा रखे हैं।
    वेतन कटौती से परिवार चलाना मुश्किल
    कॉलरीकर्मी ने बताया कि उसकी 28 हजार रूपए महीने की तनख्वाह बनती है। बीमा, पीएफ, पेंशन आदि मिलाकर करीब 18 हजार 500 रूपए प्रतिमाह कटौती की जा रही है। केवल बीमा का ही 12 हजार 517 रूपए काटा जा रहा है। शेष 9 हजार 500 रूपए वेतन से उसे अपने अपने बच्चों की पढ़ाई और परिवार का भरण-पोषण करने में आर्थिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।
    पॉलिसी बंद करने भेजा लीगल नोटिस
    बीमा एजेंटों के द्वारा धोखाधड़ी की पुष्टि होने पर कॉलरी कर्मी के द्वारा भाजीबीनि के मनेंद्रगढ़ शाखा प्रबंधक, प्रबंधक मंडल कार्यालय शहडोल के साथ ही एसईसीएल हसदेव एरिया के वेस्ट झगराखांड कॉलरी शाखा प्रबंधक को अपने अधिवक्ता के माध्यम से लीगल नोटिस भेजकर तीन वर्ष से अधिक चली हुई समस्त पॉलिसियां बंद कर पॉलिसी बांड में उसके द्वारा जो ऋण प्राप्त किया गया है उक्त राशि उसके जमा धन से मुजरा कर लिए जाने की मांग की गई है। कॉलरी कर्मी ने 15 दिवस के भीतर नोटिस का जवाब नहीं दिए जाने पर कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
    शोषण करने में कॉलरी कर्मचारी भी शामिल
    कॉलरी खदानों में पदस्थ श्रमिकों का बीमा के नाम पर आर्थिक एवं मानसिक शोषण करने में निजी बीमा अभिकर्ताओं के साथ-साथ कॉलरी में पदस्थ कर्मचारी भी अपने परिवार जनों को बीमा एजेंट बनाकर शामिल हैं। यदि भारतीय जीवन बीमा निगम शाखा मनेंद्रगढ़ कार्यालय से कॉलरी कर्मचारियों के परिवार जनों के बीमा अभिकर्ता होने की जानकारी मिल जाए तो चौंकाने वाले परिणाम सामने आ सकते हैं।
    18 फर्जी पॉलिसी, नॉमिनी तक में जालसाजी
    कॉलरी कर्मी रामजीत ने बताया कि उसकी जानकारी में बीमा एजेंटों के द्वारा दो बीमा पॉलिसी की गई है। पॉलिसी संख्या 207615071 का मासिक किश्त 624.67 रूपए तथा बीमा पॉलिसी क्र. 207814416 का मासिक किश्त 663.67 रूपए है। शेष 18 पॉलिसियां एजेंटों के द्वारा उसे नहीं दी गई है। शेष पॉलिसियों की जांच करवाने पर पता चला कि एजेंटों ने मूल बांड को बिना उसकी इजाजत के अपने कब्जे में रखकर उसके नॉमिनी में भी जालसाजी कर अपने परिवार के सदस्यों का नाम अंकित करा रखा है।

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    अम्बिकापुर, 25 अगस्त। बलरामपुर जिले के ग्राम बलंगी लोहारपारा में गुरूवार को एक महिला की चोटी कट जाने का मामला सामने आया है। चोटी कटने के बाद अचेत हुई महिला को मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया है, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। दूसरी तरफ महिला की चोटी कट जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। महिला का कहना है कि उसके बाल को किसी कीड़े ने काटा है। 
    जानकारी के अनुसार बलंगी लोहारपारा निवासी लीलावती पति छोटेलाल गुरूवार को शौच के लिये उठी थी। जैसे ही वह घर के आंगन में पहुंची तो उसे अपने बाल में किसी कीड़े के होने का आभास हुआ। जैसे ही वह अपने चोटी को पकड़ी वैसे ही चोटी हाथ में आ गई। यह देखकर वह बेहोश हो गई। उसे बलंगी स्वास्थ्य केंद्र से वाड्रफनगर अस्पताल लाया गया, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रिफर कर दिया गया। 
    गौरतलब है कि बलरामपुर क्षेत्र में चोटी कटने की यह दूसरी या तीसरी घटना है। घटना के बाद अफवाह ने पूरी तरह से जोर पकड़ लिया है। लोग अपने-अपने घरों में नीम की डंगाल काट कर लटका दिये हैं। वहीं स्कूली बच्चों को नीम की पत्ती से सिर धोने की सलाह दी जा रही है। 

     

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    अम्बिकापुर, 25 अगस्त। मैनपाट परिक्षेत्र के ग्राम कण्डराजा पटेलपारा एवं बैगापारा को गजदलों ने पूरी तरह से नेस्तनाबूत कर दिया है। इन दोनों गांव में अब एक भी घर बाकी नहीं रहा। गजदलों ने सभी घरों को ढहा दिया है। गुरूवार की रात गजदलों ने सरनापारा व बैगापारा मेें 25 घरों को पूरी तरह से उजाड़ दिया है। अब पटेलपारा व बैगापारा में बचे सभी मकान जमीदोज हो गये हैं। हाथियों के आतंक के भय से वन विभाग द्वारा पटेलपारा, बैगापारा के सभी ग्रामीणों का घर पहले ही खाली करवा दिया गया था, जिसके चलते कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। वन विभाग द्वारा बैगापारा, पटेलपारा के साथ बीती रात सरनापारा बस्ती को भी खाली कराकर उन्हें नर्मदापुर स्कूल में शिफ्ट किया गया है। 
    इधर बीती रात गांव पटेलपारा, बैगापारा व सरनापारा में हाथी घुसते ही ग्राम से लगे नदाईनडांड़, पतरापारा, खालपारा उरंगा के ग्रामीण सड़क पर आग जलाकर रतजगा करने मजबूर हो गये। ग्रामीणों को भय था कि हाथी कभी भी उनके ग्राम में हमला कर सकते हैं। जिसके चलते वे सड़क पर आग जलाकर रहना ही मुनासिफ समझा। 
    कंडराजा ग्राम के पटेलपारा, बैगापारा व सरनापारा में गजदलों ने एक सप्ताह के भीतर लगभग 75 घरों को नुकसान पहुंचाया है। गजदलों के आतंक से पूरा मैनपाट क्षेत्र थर्रा गया है। लोगों का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। गुरूवार को सरगुजा कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल, सीएफ व डीएफओ प्रियंका पांडेय सहित वन विभाग की टीम हाथी प्रभावित क्षेत्र पहुंचे। कलेक्टर ने वन विभाग के अधिकारियों को ग्रामीणों को समय पर भोजन व उनके सुरक्षा के लिये आवश्यक दिशा निर्देश दिये। 
    कलेक्टर ने ग्रामीणों से भी उनका हाल-चाल जाना। सीतापुर विधायक अमरजीत भगत बीती रात नर्मदापुर स्कूल पहुंच भवन में शरण लिये ग्रामीणों से मिले और उनको मिलने वाले भोजन को खाया और संतुष्टि जाहिर की। सीएफ व डीएफओ ने वन कर्मचारियों को हाथी के मार्ग में खाद्य पदार्थ रखने का निर्देश दिये हैं, ताकि गजदल मकानों को नुकसान न पहुंचा सके।  
    प्रभावित ग्रामीणों का अब कहां गुजर-बसर होगा, इसे लेकर ग्रामीण व वन विभाग चिंतित हैं। बहरहाल वन विभाग ग्रामीणों को शासकीय भवन में  पनाह दिये हुये हैं। वन विभाग ग्रामीणों को हाथी से बचाने अब ऊंचे स्थान पर और पेड़ पर मचान बनाकर रहने के लिये प्रेरित कर रही है। पटेलपारा व बैगापारा से लगे कई ग्राम के ग्रामीण हाथी के भय से अपना घरबार छोड़ रिश्तेदारों के यहां पनाह लिये हुये हैं। गजदलों ने बीती रात सरनापारा व बैगापारा के एतवा, जोहन, विफन, मुनेश्वर, विजय, गुरूबदन, सुखन, नानसाय, रामनाथ, धनसाय, जगेश्वर, गंझू, रामप्रसाद, बंधन, सुधन, ननकू, रतन, फूलसाय, भीमसरिहा, बोधन, कुवंरसाय, रूपदेव, बिहानू व नान्हू के घर को धरासाही कर दिया है।  
    कण्डराजा ग्राम के हाथी प्रभावितों के बीच पहुंची कलेक्टर 
    -भोजन, आवास, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के समुचित इंतजाम के निर्देश
    कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने मैनपाट जनपद अंतर्गत आने वाले हाथी प्रभावित ग्राम कण्डराजा पहुंचकर ग्राम हाथी प्रभावितों की वस्तुस्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बैगापारा, पटेलपारा और बरपारा के ग्रामीणों से हाथियों के आगमन के कारण होने वाली परेशानियों की जानकारी ली। उन्होंने ग्राम के सुखन पटेल, मंगल, सुखू, कार्तिक, बुद्धू मांझी, सनकुंवर, मीठी बाई एवं सुन्नी सहित अन्य ग्रामवासियों से बातचीत कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होने ग्रामीणों को समझाया कि हाथियों के आगमन पर वे उनके समीप न जाएं, आक्रमक न हों तथा वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा बताए गए सुरक्षा उपायों को अपनाएं। उन्होंने हाथियों के आगमन पर जलाए जाने वाले मशाल का अवलोकन किया। ग्रामीणों ने बताया कि पुराने बोरे के टूकड़ों में लाल मिर्ची को लपेटकर मशाल बनाया जा रहा है, जिससे निकलने वाले धुएं के कारण हाथी निकट नहीं आते हैं। कलेक्टर ने प्राथमिक शाला कण्डराजा के विद्यालय भवन में ग्रामीणों के भोजन, आवास एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर सीतापुर विधायक अमरजीत भगत, जनपद उपाध्यक्ष् अटल बिहारी यादव, जनपद सदस्य चन्द्र प्रकाश सोनवानी एवं सरपंच गणेश नाग सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुराग पाण्डेय, जनपद सीईओ मिथलेश पैकरा एवं अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी तथा ग्रामीणजन उपस्थित थे।  
    हाथी प्रभावितों के लिए कारगर कार्य योजना
    कलेक्टर ने अनुविभागीय राजस्व अधिकारी अजय त्रिपाठी एवं अनुविभागीय वन अधिकारी चूड़ामणी सिंह को हाथी प्रभावितों के लिए भोजन, आवास, स्वास्थ्य और सुरक्षा के समुचित इंतजाम करने के हेतु कारगर कार्य योजना बनाकर दो दिवस के भीतर उनके समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। 
    सुरक्षित स्थान पर जाने की समझाईश
    हाथी प्राय: कण्डराजा के पटेलपारा में आकर घरों को नुकसान पहुंचाते हैं तथा घर में रखे गए अनाज को भी खाते और नष्ट करते हैं। इसी बात को दृष्टिगत रखकर कलेक्टर ने ग्रामीणों को ग्राम के बरपारा में आवास बनाकर रहने की समझाईश दी। गौरतलब है कि बरपारा पटेलपारा से कुछ पूरी पर स्थित है। बरपारा में कुछ लोगों द्वारा बोल्डर की जोड़ाई कर आवास बनाया गया है, जो कच्चे दीवार से ज्यादा मजबूत है। कलेक्टर ने घर तोड़े जाने पर मुआवजे की राशि का उपयोग बरपारा में आवास बनाने में करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि बरपारा में प्रभावितों तथा उनके पालतू पशुओं के लिए भी आवास बनाया जाएगा साथ ही उनके आंगन एवं आवासीय परिसर की भी व्यवस्था की जाएगी। कलेक्टर ने क्रेडा के कार्यपालन अभियंता बीबी तिवारी को सोलर फेन्सिंग लगाने हाई मास्ट लैम्प स्थापित करने तथा  पेयजल हेतु सोलर डूयल पम्प लगाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती कौशल ने लोगों को शराब एवं हडिय़ा नहीं बनाने और नहीं पीने की समझाईश दी है। उन्होंने कहा कि हाथियों से बचने के साथ ही साथ स्वयं के स्वस्थ जीवन के लिए भी यह आवश्यक है कि नषे का सेवन न करें। इस अवसर पर युवक बलराम मांझी ने जीवन में कभी भी शराब या हडिय़ा नहीं पीने की शपथ ली। 

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  • बैकुंठपुर, 20 अगस्त (छत्तीसगढ़)। कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर से बिलासपुर मार्ग पर पडऩे वाली सकरी पुलिया पर आज दोपहर दो ट्रक आमने-सामने भिड़ गए। ठोकर इतनी जबरदस्त है कि दोनों में ड्राइवर फंसे हुए है। पुलिस  फंसे ड्राइवरों को निकालने में जुटी हुए है। वहीं दुर्घटना से दोनों तरफ की आवाजाही बंद हो गयी है। खबर लिखे जाने तक दोनों को ट्रक से निकाला नही जा सका था। गौरतलब है कि झुमका नाले पर पडऩे वाली पुलिया आये दिन दुर्घटना होती रहती है।

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  • बैकुंठपुर जनपद का कसरा पंचायत

    चन्द्रकांत पारगीर
    बैकुंठपुर, 20 अगस्त (छत्तीसगढ़)। कोरिया जिले में स्वच्छ भारत अभियान के तहत ओडीएफ घोषित करने की होड में शौचालय निर्माण में काफी लापरवाही बरती गई है। बैकुंठपुर जनपद मेें हालात यह है कि बिना उपयोग किए कुछ माह पूर्व बने शौचालय बारिश में अपने आप गिर रहे है, वहीं अधूरे निर्माण को लेकर ग्रामीणों में जबरजस्त नाराजगी है।  
    इस संबंध में जनपद पंचायत बैकुंठपुर के सीईओ अपूर्व टोप्पो का कहना है कि कुछ पंचायतों में सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर कई शिकायतें मिली है, जिला पंचायत के सीईओ ने ऐसे सचिवों पर कार्यवाही के लिए कहा है, जल्द ही निर्माण में लापरवाही बरतने वालों पर कार्यवाही की जाएगी।
    जानकारी के अनुसार कोरिया जिलामुख्यालय बैकुंठपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत कसरा के कई मोहल्लों में अभी भी पूरे लोगों के घरों में शौचालय का निर्माण कार्य नहीं कराया जा सका है जहांॅ कराया भी गया है तो वह या तो घटिया निर्माण कार्य हुआ है या फिर आधे अधूरे ही कार्य कराये गये हैं, कसरा पंचायत के शुरूआत में नागडोली मोहल्ले में करीब 20 से 25 घर ही है। यहां के ग्रामीणों ने बताया कि 1982 में यहां इंदिरा कालोनी बनाई गई थी, लोग इंदिरा आवास में रहते हैं। यहां कई परिवारों के यहां शौचालय का निर्माण कार्य अब तक नहीं कराया जा सका है। जिनका हुआ है उसकी छत नहीं बनाई गई है, जिसके कारण शौचालय कबाड़ बने हुए है। 
    शौचालय का सामान आकर बिखर चुका है। जिस कारण लोगों को खुले में ही शौच करने जाना पड़ता है। इसके अलावा कसरा पंचायत में हरिजनपारा में कई लोगों के  शौचालय  अधूरे हंै, यहां कई शौचालय जमीन में धंस रहे है तो कई गिर चुके हंै। कहीं पर शौचालय के उपरी हिस्से में सीट लगायी गयी है और नहीं कई शौचालयों में दरवाजे ही लगाये गये है ऐसी स्थिति में शौचालय का उपयोग नहीं हो रहा है। इस ग्राम पंचायत में शौचालय निर्माण कार्य मे जमकर अनियमितता बरती गई है। 
    शौचालय के ढक्कन बिखरे पड़े है
    ग्रामीणों की माने तो  ग्राम पंचायत कसरा में शौचालय निर्माण में मापदंडों का पालन नही किया गया। शौचालय निर्माण में नींव में गिट्टी की ढलाई नहीं की गयी, छत अधूरे पडे है। सोख्ता का निर्माण नहीं कराया गया है। गढ्ढे खोद दिये गये है और इसे ढकने के लिए दर्जनों की संख्या में सीमेंट की ढक्कन तैयार किये गये है जो निर्माण स्थल पर दर्जनों की संख्या में बिखरे पडे हुए है। इसी से इस गांव के शौचालयों की स्थिति का पता चल सकता है। शौचालय निर्माण में यहां की गयी अनियमितता की जॉच की जाये तो बड़ा घपला सामने उजागर हो सकता है। 
    हितग्राही स्वयं कार्य किये नहीं दी पारिश्रमिक
    ग्राम पंचायत कसरा के ग्रामीणों ने बताया कि जिन परिवारों के यहॉ शौचालय निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया उन परिवारों के सदस्यों को गढ्ढा खोदने को कहा गया। उन्होंने बताया कि शौचालय निर्माण में शौचालय के नीव व सोखता का गढ्ढा हितग्राही परिवार के द्वारा खोदा गया मिस़्त्री सिर्फ दीवार उठाने का कार्य किये उनके इस कार्य में हितग्राही परिवार पूरा सहयोग दिया लेकिन पारिश्रमिक हितग्राही परिवार को नहीं दिया गया जबकि मजदूरी की राशि निकाल ली गयी। इस तरह की शिकायत अनेक गांॅवों  की है।
    पत्नी सरपंच पति सचिव
    ग्राम पंचायत कसरा में पत्नी सरपंच है और सरपंच पति ही सचिव का कार्य देख रहे है। जिनके द्वारा पंचायत की विभिन्न योजनाओं में जमकर अनियमिता की जा रही है। जिसे लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है ।   शिकायत भी की जाती है लेकिन  किसी तरह की कार्यवाही नहीं होती।  ग्रामीणों के अनुसार इससे   सरपंच सचिव के हौसले बढ़े हुए हंै और जमकर मनमानी की जा रही है। 
    यहां नहीं होती है ग्राम सभा 
    ग्रामीणों की माने तो जनपद पंचायत बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कसरा एक ऐसा पंचायत है 
    जहां सालों से ग्राम सभा आयोजित नहीं हुई है। जबकि प्रत्येक पंचायत में माह में एक बार ग्राम सभा आयोजित करना अनिवार्य होता है लेकिन कसरा ग्राम पंचायत इसकी कोई परवाह नहीं करता। इस ग्राम पंचायत के कई लोगों ने बताया कि विभिन्न पेंशन योजनाओं के पा़त्र हितग्राहियों को लंबे समय से विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत राशि भी नहीं दी जा रही है।

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 18 अगस्त। क्राइम ब्रांच और खडगवां पुलिस ने दो ट्रकों  में 16  बछड़े और 34 भंैस अवैध परिवहन करते पकड़ा है। पुलिस  8 लोगों से पूछताछ कर जांच में जुटी हुई है। गोवंशों को सुरजपुर स्थित गौशाला भेजे जाने की तैयारी कर रही है।
     गौ रक्षा वाहिनी के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि दो ट्रक गोवंश लेकर बिलासपुर की ओर जा रहे है, सूचना पर क्राइम ब्रांच और खडगवां पुलिस ने दोनों ट्रक को पकड़ा। मौके पर पहुंचे गौ रक्षा वाहिनी के अन्नु दुबे, सुरेन्द्र सिंह छोटू, प्रभाकर, पीयूष ने बताया कि सभी गोवंश को दो ट्रक में ठंूस ठंूस कर रखा गया था।  इनको काफी चोटें आई  हैं।  वहीं एक गर्भवती गाय ने वहीं एक बछड़े को जन्म भी दिया,  छोटे बछड़ों को केबिन में बंद करके रखा गया था।  
    कोरिया जिले में गौ तस्करी पर नियंत्रण नहीं रह गया है।  दो साल पहले पुलिस ने कुछ धरपकड़ की थी। कठौतिया से जनकपुर लेकर जाने वाले ट्रकों की जांच एकदम बंद हो गयी, सबसे ज्यादा मवेशियों को इसी रास्ते से बाहर ले जाया जाता है। दूसरी ओर मप्र के पन्ना जिले से आने वाले मवेशियों की आवाजाही जारी है। पहले इन्हें ट्रक से लाया जाता था, अब  पैदल छोटे छोटे दल बनाकर लाया जाता हैै।

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  • शिक्षकों ने की एफआईआर की मांग, आंदोलन
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 29 जुलाई। कोरिया जि़ले के कलेक्टर को  स्कूल में कम बच्चे और गंदगी दिखी तो उनसे रहा नहीं गया, गुस्से में आकर उन्होंने वहां उपस्थित शिक्षक को  थप्पड़ रसीद कर दिए और वहां से चले गए। घटना कल शुक्रवार तुर्रीपानी प्राथमिक शाला की है। 
    इधर शिक्षक संघ ने कलेक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। शिक्षकों के समर्थन में कांग्रेस उपाध्यक्ष गुलाब कमरो भी उतर आए हैं।
    इस संबंध में  कलेक्टर नरेंद्र दुग्गा से कई बार उनके मोबाइल नंबर पर बात करने की कोशिश की गई पर वे कवरेज से बाहर मिले।  बताया जा रहा है कि आज भी वे भरतपुर  दौरे पर हंै ।
    मामला कोरिया जि़ले के रामगढ़ संकुल के  तुर्रीपानी प्राथमिक शाला का है। जब शुक्रवार को रामगढ़  निकले कलेक्टर तुर्रीपानी स्कूल पहुंचे। उस समय सुबह 10 बजकर 45 मिनट हुए थे। स्कूल में सहायिका थी और स्कूल बंद था। कलेक्टर के पहुंचते ही शिक्षक भी मौके पर पहुंच गए। बच्चों की कम संख्या और फैली गंदगी देखकर कलेक्टर ने शिक्षक को फटकार लगाई और दो थप्पड़ भी जड़ दिए।   
    वहीं पीडि़त शिक्षक हीरासिंह का कहना है कि जब कलेक्टर साहब आये तो वो बच्चों को लेने गांव गया हुआ था। वे अचानक नाराज हो गए। जब तक वो कुछ समझ पाता, तक तक उन्होंने  थप्पड़ मार दिया। उस समय कुछ ग्रामीण भी  थे। वहीं कलेक्टर की मार से अपमानित  शिक्षक अब  नौकरी छोडऩे की बात कह रहा है।
    इधर आज रामगढ़ संकुल के शिक्षकों ने बैठक आयोजित कर बैकुंठपुर जाकर कलेक्टर से मिलने का फैसला किया। उनका कहना है  कि जब आज बच्चों पर भी हाथ उठाने की मनाही है, ऐसे में बच्चों के सामने शिक्षक को मारने से बच्चों पर उसका क्या असर पड़ेगा, और उस पद पर बैठे अधिकारी के लिए भी इस तरह का बर्ताव ठीक नहीं है। ये  उनके पद की गरिमा के विपरीत है।
    वहीं शिक्षक फेडरेशन के दर्जन भर पदाधिकारियों ने  पीडि़त शिक्षक से मुलाकात की।  घटना को लेकर शिक्षाकर्मी संघ के अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह का कहना है शिक्षक को मारने की वो कड़ी निंदा करते हंै। हाथ उठाना बिल्कुल गलत है। यदि वह गलत है तो आप कार्यवाही कीजिए।  उनका कहना कि सोनहत में कलेक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी यदि एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। शासन कलेक्टर के खिलाफ कार्यवाही करे।
     इधर कांग्रेस उपाध्यक्ष गुलाब कमरो सोनहत में इक_े हुए शिक्षकों के समर्थन में पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस तरह का कृत्य बताता है कि किस तरह यहां प्रशासन गुंडागर्दी कर रहा है। छत्तीसगढ़  संवाददाता आज तुर्रीपानी पहुंचकर  प्राथमिक शाला गया और बच्चों से बात की। एक छात्र ने गुरुजी की पिटाई की बात स्वीकारी, इस दौरान अन्य बच्चे  डरे हुए थे।
    शिक्षा का  हाल  
    तुर्रीपानी में माध्यमिक और प्राथमिक शाला है, जहां प्राथमिक शाला में एक शिक्षक और 14 बच्चे हैं।  माध्यमिक शाला में तीन शिक्षक हैं और एक छात्र। यहाँ के दो पुरूष शिक्षक  सोनहत में अटैच हैं, महिला शिक्षक स्कूल संभाल रही है।

     

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  • पोडी बचरा कस्तूरबा बालिका आवासीय का मामलाा
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुुंठपुर, 23 जुलाई। कोरिया जिले के खगगवॉ जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पोडी बचरा में संचालित कस्तुरबा गॉधी बालिका आवासीय विद्यालय के अधीक्षिका व उसके पति के विरूद्ध पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है। वहीं शनिवार की शाम कलेक्टर ने अधीक्षिका को निलंबित कर दिया है। 
    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कस्तुरबा गॉधी आवासीय विद्यालय की अधीक्षिका स्वाती पटेल व उसके पति द्वारा बालिकाओं से मारपीट गाली गलौज करने पर 72 बालिकाएं पुलिस सहायता केन्द्र पहुंची थी। जिस पर बालिकाओं के बयान के बाद पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिये थे। बालिकाओं व गार्ड की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी अधीक्षिका  स्वाती पटेल व उसके पति के खिलाफ धारा 294, 323 व 34 भादवि तथा जूविनाईल जस्टिस एक्ट की धारा 75 के तहत अपराध दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है साथ ही आगे की कार्यवाही शुरू कर दी। पुलिस ने दोनों ने पूरी रात पूछताछ की। (बाकी पेज 8 पर)
    गौरतलब है कि शुक्रवार को श्रम मंत्री कलेक्टर के साथ अधिकारियों साथ पोडी स्थित कस्तुरबा गांधी आवाासीय विद्यालय का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान आवासीय विद्यालय में अनेक तरह की खामियां सामने आयी साथ ही बालिकाओं के द्वारा भी अधिकारियों के समक्ष शिकायत की थी। सभी के जाने के बाद उसी दिन रात्रि में अधीक्षिका के द्वारा आवासीय विद्यालय की अनेक छात्राओं के साथ गाली गलौज करते हुए मारपीट की गयी क्योकि अपने खिलाफ की गयी शिकायत से खिन्न थी। 
    इस घटना की जानकारी गार्ड के द्वारा अधिकारियों को दी गयी तथा बाद में जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती कलावती मरकाम भी पहुंची इसे गंभीरता से लेते हुए अधिकारियेां को अवगत कराया गया। दूसरे दिन शनिवार को अधीक्षिका व उसके पति के खिलाफ पुलिस ने अपराध दर्ज कराया गया। अब मामले में आगे की कार्यवाही पुलिस  त्वरित गति से कर रही है।
     ज्ञात हो कस्तुरबा गॉंधी आवासीय विद्यालय पोडी बचरा की अधीक्षिका के विरूद्ध अपनी पदस्थाना के पश्चात से ही विभिन्न तरह की विवादों से घिरी रही है। लगातार कई शिकायत के बाद भी अधीक्षिका के विरूद्ध अब तक ठोस कार्यवाही नही की गयी थी साथ ही नियम विरूद्ध तरीके से उसके पति भी आवासीय विद्यालय में आकर रात में रूकते तथा बालिकाओं के शयनकक्ष में पहुॅच जाते की शिकायत भी थी लेकिन अब जाकर उन पर बड़ी कार्यवाही की गयी है।

     

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 23 जुलाई। कोरिया-सरगुजा अंचल में पिछले  14 घंटों से बारिश जारी है। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश रात भर होती रही।  खेत खलिहान भर गये हंै,कई मार्गों पर पुल- पुलिया के उपर से पानी बह रहा है जिस कारण आवागमन प्रभावित हो गया है। सरगुजा के बलरामपुर में गेयूर नदी उफान पर है जिससे आसपास के 15 गांव का सड़क संपर्क टूट गया है। जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
     शनिवार को दिन भर रूक रूक कर बारिश होती रही और फिर रात में जोरदार बारिश हुई।  रविवार दोपहर तक हल्की बारिश जारी है। 
    लगातार  बारिश  के चलते जिले के सभी क्षेत्रों के नदी नाले भर गये हंै साथ ही खेत भी लबालब हो गये है। बैकुंठपुर से बचरापोडी मार्ग पर ग्राम चिरमी में गेज नदी  रपटा के उपर  बहाव था।   इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से प्रभावित रही घंटों दोनों ओर वाहनों की लाईन लगी रही। इस दौरान कई वाहन गणेशपुर होकर लंबी दूरी तय कर अपने गंतव्यों की ओर जाते रहे।  
    भरतपुर सोनहत क्षेत्र. में बडगांवखुर्द सोनवाही कोटाडोल मार्ग पर पडने वाले दो नदी के जिन पर पुलिया नहीं है, पानी का बहाव ज्यादा होने के कारण आवाजाही बंद है। इसी तरह सोनहत से जनकपुर जाने वाले मार्ग पर बनिया नदी पर भी पानी का तेज बहाव हो रहा है जिस कारण इस मार्ग पर भी दोनों ओर वाहनों की लाईन लगी हुई है। 
    सोनहत से आनंदपुर जाने वाले मार्ग पर भी पडऩे वाले नदी नालों में उफान आ जाने के कारण आनंदपुर गोयनी मार्ग पूरी तरह से अपने जनपद मुख्यालय से कट गये है। इस जनपद क्षेत्र में कई ग्राम पंचायतों का अपने ब्लाक मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।  सोनहत भरतपुर जनपद क्षेत्र के कई गांॅवों का संपर्क ब्लाक मुख्यालय से कट गया है।
    बैकुंठपुर की सड़कों पर भरा पानी
    लगातार बारिश के कारण शहर की विभिन्न सड़कों पर पानी जमा हो गया है। शहर के गौरवपथ पर जगह जगह गढ्ढे हैं जहॉ बारिश का पानी भर गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग  में स्कूलपारा में कोरिया नीर के सामने डबरी जैसा नजारा देखने  है।  वही विभिन्न वार्डो में नालियों की  सफाई  नहीं होने के कारण नालियों का गंदा पानी भी सडकों पर बह रहा है।

     

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  • कोरिया जिले के थाने में बयान दर्ज, मेडिकल जांच
    चन्द्रकांत पारगीर
    बैकुंठपुर, 22 जुलाई (छत्तीसगढ़)। शुक्रवार को श्रममंत्री-कलेक्टर सहित पूरा प्रशासनिक अमला ग्राम पंचायत पोंड़ी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय पहुंचे। अव्यवस्था देख अधीक्षिका को जमकर फटकार लगाई, जिसके बाद देर रात अधीक्षिका ने शिकायत करने वाली कई छात्राओं की जमकर पिटाई कर दी। आज सुबह नाराज छात्राओं से पुलिस सहायता केन्द्र पहुंच कर अधीक्षिका समेत उसकी पति के खिलाफ अपने बयान दर्ज करवाया।  
    पुलिस ने  बयान दर्ज कर चोटिल छात्राओं का मेडिकल चेकअप करवा रही है। सुरक्षा के लिए तैनात नगर सैनिक ने भी इस मामले में थाने में शिकायत की है।
    इस संबंध में बचरा पौड़ी सहायता केंद्र प्रभारी का महेश कुशवाहा का कहना है जिनको चोट लगी है उनको खडग़वां के सामुदायिक केंद्र भेज दिया गया है। बाकी एफआईआर खडग़वां थाने में होगी अभी जांच की जा रही है।
     इस संबंध में सर्व शिक्षा अभियान के नोडल अधिकारी एके सिन्हा का कहना है कि मैं बैठक में हूं, उक्त अधीक्षिका के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। कोरिया जिले के बचरापोडी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की 72 छात्राओं ने आज सुबह थाने पहुंचकर अपना बयान दर्ज करवाया।  कई छात्राओं ने पिटाई के निशान दिखाए, जिनको मेडिकल चेकअप के लिए खडगवां सामुदायिक केन्द्र ले जाया गया। खबर लिखे जाने तक 20 छात्राओं ने अपने बयान दर्ज करवा चुकी थी। वहीं छात्राओं के सहायता केन्द्र पहुंचने की सूचना पर जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती मरकाम भी मौके पर पहुंच कर छात्राओं का हाल जाना। 
    छात्राओं ने बताया कि आवासीय विद्यालय में अधीक्षिका के परिवार का कब्जा है, उसका पति किसी भी समय हमारे सोने वाले कमरे, बाथरूम में आकर घुस जाया करता है। वहीं इससे पहले शुक्रवार को श्रम मंत्री के साथ कलेक्टर एसपी एक साथ कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय पहुंचे थे, आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया और रसोईघर सहित जगह-जगह गंदगी होने के कारण अधीक्षिका को जमकर फटकार लगाई।  यहां प्रशासनिक अमले ने उक्त छात्रावास अधीक्षिका को 2 दिन के भीतर हटाने के निर्देश दिए। वहीं छात्रावास की बच्चियों ने श्रममंत्री के सामने शिकायत कर अपना दुखड़ा सुनाया।
    ज्ञात हो कि इसके पहले लापरवाही का मामला तब सामने आया जब ग्राम पंचायत पोंड़ी में संचालित 100 बिस्तर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में  42 बच्चियां करीब एक सप्ताह से मौसमी बीमारी से पीडि़त थीं। ग्राम पंचायत तोलगा निवासी सुनीता कुमारी  को तेज बुखार, हाथ पैर, सिर दर्द होने रात को देखने पहुंचने वाले पिता को मिलने से रोक दिया गया था और बीमार बच्ची को अस्पताल भी नहीं ले जाया गया था। शिकायत पर जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती मरकाम आधी रात छात्रावास पहुंची और बीमार बच्ची का उपचार कराया। 
    कलेक्टर ने मामले को संज्ञान में लिया और और दो सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। दो सदस्यीय जांच टीम की सदस्य खडगवां तहसीलदार ऋचा सिंह और बीईओ पी बड़ा कस्तूरबा विद्यालय पहुंचीं। इस दौरान छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाली बच्चियां से एक-एक का बयान दर्ज किया। इसके अलावा स्टाफ का भी बयान लिया गया है। मामले में जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी थी। 
    कई बार जांच पर कार्रवाई सिफर
    उक्त अधीक्षिका के खिलाफ बीते 6 साल में कई बार जांच की गई है। सूचना के अधिकार से मिली जानकारी में इनके खिलाफ मिली शिकायते सही पाई गयी हैं और उनको वहां से हटाने के लिए कहा गया है, परन्तु  अब तक किसी तरह की कार्यवाही नहीं हो सकी और वो कई सालों से यहां  पदस्थ है।

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 13 जुलाई। कोरिया जि़ले के पटना से लगे कटकोना में आज सुबह चलती वैन में आग लग गई। वैन 20 छात्रों को लेकर स्कूल जा रही थी। घटना का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है।
    मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह कटकोना से पटना एरो किड्स स्कूल के बच्चों को लकेर   वैन  सी जी 08 5588  निकली थी। लगभग 10 बजे बदरिया ग्राम के पास वैन में आग लग गई। चालक ने तुरंत सभी बच्चों को   सुरक्षित उतार लिया।  इसके बाद वैन में आग भड़क गई।
    बताया जाता है कि आसपास के अभिभावक मिलकर एक वैन की व्यवस्था कर अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं।  जि़ले भर में स्कूली बच्चों को लेकर इसी तरह के कई वाहन चल रहे हैं, जिसमें क्षमता से अधिक बच्चे ढोए जाते हैं।  

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