छत्तीसगढ़ » महासमुन्द

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Posted Date : 17-Nov-2017
  • महासमुन्द, 16 नवम्बर। जिला अस्पताल में कल शाम लाए गए शवों का आज सुबह 11 बजे तक पोस्टमार्टम नहीं हुआ। नाराज जनपद सदस्य समर्थकों के साथ पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इसके बाद डॉक्टरों को बुलाया गया तब कहीं पोस्टमार्टम हुआ। कलेक्टर ने समय पर डॉक्टरों के पहुंचने का भरोसा दिलाया तब कहीं धरना खत्म हुआ।
    मिली जानकारी के अनुसार कल सड़क हादसे में दो लोगों की मौत  के बाद जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए शाम 5 बजे तीन शव लाए गए।  रात भर  परिजन चीरघर के बाहर बैठे रहे। सुबह 11 बजे तक जब डॉक्टर नहीं पहुंचे तो जनपद सदस्य योगेश्वर चंद्राकर वहां 

    पहुंचे और धरना शुरू कर दिया।  एक-एक करके भीड़ जुटने लगी और हंगामा हुआ तो अस्पताल प्रशासन ने साढ़े 11 बजे डॉक्टरों को बुलाया और पोस्टमार्टम शुरू हुआ। फिर कलेक्टर ने  जब डाक्टरों के समय पर पहुंचने का भरोसा दिलाया तब जाकर धरना खत्म हुआ । 
    मृतकों के परिजनों के साथ योगेश्वर चंद्राकर का आरोप है कि जिला अस्पताल के डॉक्टर अस्पताल में उपलब्ध नहीं रहते वे सभी अपने  निवास पर इलाज करते हैं। इसी वजह से जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बिना इलाज निजी अस्पताल में रिफर कर दिया जाता है या फिर असमय मौत के मुंह में समा जाते हैं। गौरतलब है कि 8 महीने पहले इसी तरह के मामले को लेकर योगेश्वर चंद्राकर तथा अन्य लोगों ने इसी तरह  एनएच 53 पर हंगामा किया था। तब जाकर अस्पताल में 6-7 महीने डाक्टरों की ड्यूटी नियमित थी।  

     

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Posted Date : 12-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 12 नवम्बर। ग्राम बोरियाझर की 80 वर्षीय पति खो चुकी महिला पुन्नी बाई यादव को आधार कार्ड नहीं होने के कारण राशन नहीं मिला। राशन के अभाव में शुक्रवार को उसके घर में चूल्हा नहीं जला। पुन्नी बाई के अनुसार शुक्रवार को राशन दुकान में दुकान वाले ने उसे दिन भर बैठा कर रखा। लेकिन शाम तक उसे राशन नहीं दिया। 
    यह खबर जब भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष राजू बाघमारे एवं भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा शहर मंडल अध्यक्ष विक्की महानंद को मिली तो वे राशन दुकान के सेल्स मेन और जिला खाद्य अधिकारी से मोबाइल पर चर्चा की। उसके बाद कर शनिवार को पुन्नी बाई को दुकान से राशन मिल सका। अब पुन्नी बाई को इस माह से नियमित राशन दिलाने की व्यवस्था की गई है। 
    इस संबंध में श्री बाघमारे ने बताया कि महिला के पास आधार कार्ड नहीं होने से सेल्समेन भेखराम साहू ने राशन देने से साफ  इंकार कर दिया था। जानकारी अनुसार उक्त वृध्द महिला के दो बेटे हैं पर दोनों मानसिक रोग से पीडि़त हैं। घर में कमाने वाला कोई नहीं है, न ही उसका कोई सहारा है। अत: पुन्नी बाई के जीवकोपार्जन में काफी कठिनाईयां हो रही है। 
    सेल्स मेन से चर्चा करने पर उसने कहा कि 80 वर्ष की उम्र में आधार कार्ड नहीं बनता। इस पर खाद्य अधिकारी ने सेल्समेन को फटकार लगाई तब वह राशन दिया और  पुन्नी बाई को हर माह नियमित रुप से राशन देने राजी हुआ। 
    बहरहाल राजू बाघमारे व विक्की महानंद का कहना है कि भविष्य में उक्त महिला एवं अन्य किसी बेसहारा को राशन नहीं दिये जाने का मामला  प्रकाश में आता है तो प्रदेश के मुख्यमंत्री, खाद्य मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री से शिकायत की जाएगी। ताकि किसी के साथ ऐसा न हो। वृद्ध महिला को चावल वितरण के दौरान वामन राव, परमानंद चंद्राकर, राजकुमार सागर, भगवती भोई, दुकालू राम, रोहित ध्रुव, भानू गजेन्द्र, जाम बाई यादव आदि उपस्थित थे। 

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Posted Date : 11-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    महासमुंद, 11 नवंबर। यहां एक 5 साल की बच्ची से बलात्कार का मामला सामने अया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
    मिली जानकारी के अनुसार घटना कल शाम 7 बजे की है। खून से सनी बच्ची रोती हुई घर आई और  अपने अभिभावकों को अपने साथ हुए घटना की जानकारी दी। अभिभावक उसे एक निजी अस्पताल में लेकर गए और अस्पताल वालों ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी। आज सुबह घटना की खबर लगते ही मोहल्ले में तनाव फैल फैल गया। इसके बाद पुलिस सक्रिया हुई। दोपहर आरोपी किशन यादव निवासी इमली भाठा को गिरफ्तार कर लिया। 
    ज्ञात हो कि इसके पहले सोशल मीडिया पर बच्ची के साथ गैंगरेप की खबर वायरल हो गई थी जिससे लोगों में आक्रोश पनपने लगा था। पुलिस दो संदिग्ध से पूछताछ कर रही थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बच्ची से रेप होने की पुष्टि करते हुए गैंगरेप से इंकार किया है।  बेहतर इलाज के लिए बच्ची को रायपुर भेजा गया है।

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Posted Date : 09-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 9 नवम्बर। आज सुबह नेशनल हाईवे पर तुमगांव के पास दो ट्रकों की  भिडं़त में एक के चालक की मौत हो गई है। 
    यातायात पुलिस प्रभारी संदीप टंडन ने बताया कि सुबह साढ़े  बजे नाज ढाबा तुमगांव के पास  ट्रक क्रमांक आडी 15 बी 4188  ने ट्रक क्रमांक सीजी 13 एल 1666 को जोरदार ठोकर मार दी। जिससे चालक ऋषिकांत कुमार  उम्र 22 वर्ष ग्राम बनारी जिला जांजगीर चांपा की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी चालक सरोन राऊत के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

     

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Posted Date : 03-Nov-2017
  • पिथौरा, 3 नवंबर। आज दोपहर नगर के मुहाने पर टप्पा गुरुद्वारा के सामने पुराने मार्ग से फोर लेन में चढ़ते ट्रक-कार टक्कर में कार  सवार 5 युवकों में से 2 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2  की हालत नाजुक है। कार सवार सभी युवक पिरदा से राज्योत्सव देखने रायपुर जा रहे थे। 
    आज दोपहर लगभग 12 बजे पिरदा की ओर से आ रही एक नई  कार फोर लेन से नीचे पुराने रोड पर उतर रही थी इसी दौरान पिथौरा से सराईपाली की ओर जा रही एक ट्रक भी पुराने रोड से फ़ोर लेन में चढ़ रही थी। इसी दाौरान दोनों में जबरदस्त भिड़ंत हो गई और कार सड़क से  100 मीटर तक घिसटकर एक खाई में जा गिरी। चूंकि यहाँ आमतौर पर चहल पहल रहती है इसलिए ग्रामीणों ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर घायलों  अस्पताल भेजा। हादसे में  कोमल पटेल निवासी ग्राम पिरदा एवम भुवन पटेल निवासी ग्राम छाता की घटना स्थल पर ही मौत हो गयी। घायलों के नाम परमानंद एवम पुरन पटेल बताए गए हंै। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना प्रभारी पी एल घृतलहरे एवम एसडीओपी कौशलेंद्र पटेल दल बल के साथ घटनास्थल पहुंचे। यातायात व्यवस्था को दुरूस्त करवाया।   
    दो माह में दूसरी बड़ी घटना 
    2 माह पहले भी इसी रास्ते पर भिलाई के 3 युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी। आज की घटना टप्पा में घटी जबकि पहले की लहरौद में। दोनों घटनाओं में समानता यह है कि दोनों फोरलेन मुहाने पर  उतरने -चढऩे के दरमियान हुई हैं।

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Posted Date : 02-Nov-2017
  • राज्योत्सव का बहिष्कार कर संवरा समाज का आंदोलन, हजारों जुटे
    समर्थन देने भूपेश पहुंचे 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    सरायपाली, 2 नवंबर। मात्रात्मक त्रुटि के चलते 14 साल से आरक्षण से वंचित 1 दर्जन से अधिक जनजातियों के हजारों आदिवासियों ने राज्योत्सव का बहिष्कार करते हुए बुधवार को सरायपाली में राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल भी 1 नवम्बर को सरायपाली पहुंचकर संवरा समाज को समर्थन दिया। 
     बुधवार को महासमुंद जिले के सरायपाली में संवरा समाज के द्वारा राज्योत्सव का बहिष्कार एवं आंदोलन किया गया। आंदोलन में संवरा समाज के 40 हजार से अधिक संख्या में शामिल हुये थे, जिसमें कई विद्यार्थी एवं अलग-अलग जिले से आये एवं कई क्षेत्रों से युवा-महिलाएं आंदोलन में शामिल हुये। 
    बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अभी तक समस्या का निराकरण नहीं करने के कारण सवर, संवरा समाज एवं अन्य प्रभावित जनजातियों द्वारा 1 नवम्बर को राज्योत्सव का वहिष्कार करते हुये आंदोलन किया गया। छत्तीसगढ़ शासन को कई बार निवेदन किया गया, पर छग शासन इस राज्य स्तरीय समस्या को केन्द्र स्तर का बताकर सुलझाने के बजाय उलझाने का कार्य कर रही है, जबकि समान समस्याओं को मध्यप्रदेश , बिहार , उड़ीसा , राजस्थान की सरकार राज्य स्तर की निराकरण कर रही है। 
     भूपेश बघेल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पत्रकारों को बताया कि 3 लाख से अधिक संवरा समाज के लोग हैं। एक नोटिफि केशन के कागज से लाखों लोगों को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। हमारा आदिवासी समाज वंचित है, 2004 से लगातार प्रयास होता रहा है। भारतीय जनता पार्टी एवं आरएसएस आरक्षण के विरोधी है। आरक्षण से वंचित करना चाहते हैं। सवरा समाज को कांग्रेस कमेटी समर्थन करता है। पहले भी समर्थन किये थे, आज भी हम समर्थन कर रहे हैं। हमारी सरकार आयेगी जो मात्रा त्रुटि है नि:शुल्क सुधारा जाएगा।
    देवेन्द्र बहादुर सिंह पूर्व विधायक ने पत्रकारों को बताया कि कांग्रेस हमेशा से सवरा समाज की संरक्षक पार्टी रही है। वर्ष 2003 से सवरा समाज को जाति प्रमाण पत्र की समस्या हो रही है। भारतीय जनता पार्टी इसकी मांगों को अनसुना करके दर-दर की ठोकरे खाने की मजबूर कर रही है। सवरा समाज के लोग जाति प्रमाण पत्र एवं दूसरी सुविधाये से वंचित हैं। बहुत ही निंदनीय है जो भारतीय जनता पार्टी मेें हो रहा है। आज कांग्रेस पार्टी सवरा समाज का समर्थन करती है। इस बार भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने की बात कही है।
     प्रीति भोई विद्यार्थी ने पत्रकारों को बताया कि हम लोग स्कूल पर पड़ते हैं, लेकिन जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है और इससे हमको बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिये इस आंदोलन में आये हैं।  
     जयदेव भोई प्रांताध्यक्ष सवरा समाज ने पत्रकारों को बताया कि 2002 से जाति प्रमाण पत्र नहीं मिल रहा है। संवैधानिक अधिकार नहीं मिल रहा है। शासन को कई बार आवेदन दिया गया, पर सिर्फ आश्वसन ही मिलता रहा। हर जिले से आदिवासी सवरा समाज के लोग यहां पर आये हैं। जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक हम आंदोलन करते रहेंगे।

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Posted Date : 27-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 27 अक्टूबर। जिला कार्यालय से लगे ग्रामों में हाथी के कल पहुंचने ने क्षेत्र में भारी दहशत व्यापत है। कल हाथियों के 18 सदस्यीय दल ने घोड़ारी, बिरकोनी क्षेत्र में पहुंच कर वहां के 50-60 किसानों के खेतों में खड़े फसल को भारी नुकसान पहुंचया है। कल दिन भर वन विभाग सहित पुलिस क्षेत्र में पहुंचे थे। वहीं हाथियों को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से लोगों का हुजूम पहुंच लगा हुआ था। वर्तमान में हाथियों को समूह महासमुन्द जिले के सीमा क्षेत्र से निकलकर रायपुर जिले के अमेठीघाट के आसपास देखा जा रहा है। 
    गौरतलब है कि कल कुकराडीह के जंगल से 18 हाथियों का दल बिरकोनी, बरबसपुर, घोड़ारी के आसपास इकठ्ठा हो गया था। इसके चलते आसपास के गांव के ग्रामीणा भयग्रस्त हो गये थे। अप्रिय घटना घटित न हो, इसके लिए ग्रामीण दिन भर मशक्कत करते रहे लेकिन वे हाथियों को वापस जंगल की ओर खदेडऩे में नाकामयाब रहे। हाथियों के चलते इन क्षेत्रों में कई एकड़ फसलों को भारी नुकसान पहुचाया है। पिछले कुछ दिनों से हाथियों के इस समूह को कुकराडीह के जंगलों देखा जा रहा था। रोजाना की तरह रातभर फसल को नुकसान पहुंचाने के बाद वे जंगल में घुस जाते थे। ग्रामीणों ने हाथियों को क्षेत्र से खदेडऩे के लिए पटाखें फोड़े जिससे हाथियों का दल अनयत्र जाने की बजाय औद्योगिक क्षेत्र बिरकोनी और बरबसपुर की ओर पहुंच गया। 
    कल दोपहर को हाथियों के इसी समूह को हाईवे के बहुत नजदीक देखा गया। हाथियों को देखने की ललक में आसपास क्षेत्र के लोग हाथियों के बहुत नजदीक पहुंच गये। जिससे हाथियों का समूह लोगों को देखकर और आक्रोशित हो गया। जानकारी अनुसार कुछ लोगों ने हाथियों को तिरतर-बितर करने के लिए पटाखे फोड़े जिससे हाथियों ने नाराज होकर किसानों के फसल को और अधिक नुकसान पहुंचाया है। 
    वनविभाग के रेंजर मनोज चन्द्राकर ने छत्तीसगढ़ से मोबाइल में बातचीत में जानकारी देते हुए बताया है कि हाथियों का समूह अभी महासमुन्द जिले के सीमा से निकलकर अमेठीघाट रायपुर जिले के क्षेत्र में पहुंच गया है। इन हाथियों पर रायपुर वन विभाग के कर्मचारियों सहित महासमुन्द जिले के वनविभाग के कर्मचारी सतत निगरानी रखे हुए हैं। श्री चन्द्राकर ने बताया है कि किसानों के फसल को नुकसान तो पहुंचा है पर कितनी तादात में पहुंचा है इसे अभी कह पाना मुश्किल है। हम किसानों के फसल की नुकसान का मुआयना करेंगे। वर्तमान में हाथियों की संख्या 18 है। श्री चन्द्राकर ने आगे कहा कि हाथियों को भगाने में लोगों का सहयोग हमें बिलकुल भी प्राप्त नहीं हो रहा है। हाथी के करीब कई लोगों ने पटाखे फोड़े है जिससे हाथी आक्रोशित हो रहे हंै। हम लगातार लोगों से अपील कर रहे हंै कि हाथी के करीब ना जाये साथ ही पटाखे व अन्य चीजों को प्रयोग ना करें जिससे हाथी और आक्रोशित हों। 

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Posted Date : 26-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 26 अक्टूबर। डेढ़ दर्जन हाथियों का दल आज सुबह जिला मुख्यालय के करीब के गांव बिरकोनी पहुंचा है। इससे आसपास के गांव में दहशत है।
    मालूम हो कि सिरपुर क्षेत्र में हाथियों ने क्षेत्र के किसानों की खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि दीपावली की रात्रि 19 हाथियों के दल का प्रवेश इस क्षेत्र के कुकराडीह, लहंगर, परसाडीह, जोबा, अछोली, भोरिंग और गढ़सिवनी में हुई है और आज इनका समूह जिला मुख्यालय के नजदीक गांव में आ धमका। 
    इस क्षेत्र के किसानों की खड़ी फसल अभी खेतों में ही है,कटाई नहीं हो सकी है।  खड़ी फसल को भारी नुकसान की आशंका है। वन विभाग के लाख प्रयास के बावजूद इस क्षेत्र से हाथियों को खदेड़ा नहीं पाया है। क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के आमद से जन-धन की भारी हानि  उठानी पड़ रही है। ग्रामीण हाथियों को खदेडऩे के लिए खुद के खर्च पर ये काम कर रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वन विभाग पर आरोप लगाया है कि वन विभाग और जिला प्रशासन का सहयोग अपेक्षाकृत नहीं मिल पा रहा है। 
     किसानों ने जानकारी दी है कि दिन को तो हाथी किसी निश्चित स्थान पर आराम करते हं लेकिन रात होते ही हाथियों का आतंक खेतों और गांवों में शुरू हो जाता है।  हाथी कब कहां पहुंच जायें और  नुकसान पहुंचाएं  इसका अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल हो गया है। किसानों का कहना है कि एक तरह से अकाल की स्थिति है वहीं थोड़ी बहुत फसल जो बच गई है उसे इन हाथियों ने रौंद कर चौपट कर दिया है। उन पर चारों ओर से मार पड़ रही है। 

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Posted Date : 25-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    पिथौरा, 25 अक्टूबर। नगर के समीप कसडोल विकासखण्ड के बडग़ांव ग्राम पंचायत में ओडीएफ के तहत शौचालय निर्माण में गड़बड़ी का मामले सामने आ रहे हंै।  सरपंच ने आबंटन हासिल करने एक शौचालय में दो हितग्राहियों के नाम लिखे और इसे जिओ ट्रेकिंग के तहत ऑनलाइन अपलोड कर दिया। वहीं
    इस ग्राम में शौचालय सोंख्ता हेतु बनाये गए गड्ढों को खुला छोड़ देने से  एक बैल की गिरने से मौत हो गई।  
          ओडीएफ में लगातार गड़बड़ी की खबरों के बीच एक मामला कसडोल विकासखण्ड के पिथौरा के समीप के पंचायत बडग़ांव से सामने आ रहा है। इस ग्राम पंचायत में  शौचालय की तस्वीरें दो बनाकर ऑनलाइन डाली गई हैं।  ग्राम गबोद के पंच त्रिनाथ बरिहा,गुरुदयाल साहू ,जयसिंह मांझी सहित कोई दर्जन भर ग्रामीणों ने  छत्तीसगढ़ अखबार को बताया कि पंचायत द्वारा फर्जी जानकारी देकर ग्राम को ओडीएफ घोषित कराया गया है।
    (बाकी पेजï 5 पर)
    ग्राम के अधिकांश घरों के शौचलय में दोनों ओर नाम लिखकर एक को दो शौचालय बताने का काम किया है। शौचालयों के लिए सोंख्ता हेतु बनाये गए गड्ढों को ढंका नहीं गया है जिससे मवेशी इसमें गिर कर मर रहे हैं। विगत दिनों ग्राम के सुभाष बरिहा के शौचालय हेतु बनाये गए सोंख्ता में राजा राम बरिहा के एक बड़े बैल की इसमें गिर जाने से मौत हो गयी थी।
    गबोद ग्राम में पदाधिकारियों ने शासन की आंखों में धूल झोंकने एक नया तरीका ढूंढ़ निकाला है। इसके अनुसार एक शौचालय बनवा कर उसके दोनों ओर हितग्राहियों के नाम लिखा दिए गए और दोनों ओर से अलग-अलग फोटो लेकर पूरे ग्राम को ही ओडीएफ घोषित करवा लिया।
     जिओ ट्रेकिंग के लिए किया-सरपंच
    इस संबंध में सरपंच ने इस प्रतिनिधि को उक्त कार्य स्वीकार करते हुए बताया कि ग्राम के शौचालय निर्माण हेतु अब तक आबंटन नहीं आया है। इसलिए जिओ ट्रेकिंग के तहत फोटो ऑनलाइन अपलोड करने हेतु ऐसा किया गया है। आबंटन आने पर सबको बना कर दिया जाएगा। बैल के गड्ढे में गिर कर मरने की बात भी सरपंच ने स्वीकार करते हुए कहा कि उक्त गड्ढा उन्होंने नहीं हितग्राही ने स्वयं बनवाया था।

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Posted Date : 22-Oct-2017
  • 3 मौतें, कई अस्पताल में, स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 22 अक्टूबर। सरायपाली क्षेत्र के ग्राम कुसमुर में तीन लोगों की उल्टी दस्त से मौत हो गई है। इधर गांव वालों ने यहां आने वालों के लिए बाकायदा सूचना लगा रखा है कि गांव में हैजा फैला हुआ है, यहां न आएं। 
    स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच कर लोगों के इलाज में जुटी है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। अब तक उल्टी दस्त से दो महिलाएं व एक 12 वर्षीय स्कूली छात्रा की मौत हो गई है।
     ग्रामीणों की मानें तो अभी भी गांव में कई लोगों के गंभीर होने की बात सामने आ रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूल में ही कैंप लगाकर मरीजों का इलाज कर रही है। वहीं गंभीर मरीजों को सराईपाली व बसना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया गया है। 
    वर्तमान में रोजाना आधा दर्जन से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे है। गांव के बाहर बोर्ड चस्पा कर गांव में अचानक उल्टी दस्त शुरू होने की जानकारी सरपंच ने 17 अक्टूबर को आला अधिकारियों को दी। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम हरकत में आई और गांव में ही कैंप लगाकर इलाज शुरू किया। 
    प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लंबर के सहायक चिकित्सक डॉ आर के दिवाकर द्वारा कैम्प लगाकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। बसना बीएमओ डॉ जेपी प्रधान ने गांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। सुपरवाइजर मदन सिदार ने बताया कि 17 व 18 अक्टूबर को 24 मरीजों व 19 को 34 तथा 20 अक्टूबर को 15 का इलाज किया गया।
    सराईपाली व बसना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मरीजों का इलाज जारी है।  वहीं प्रेमबाई कोटवार का इलाज सराईपाली में चल रहा है। वहीं 20 अक्टूबर को तीन मरीज तिरित कुंवर, अलेखराम, गुलाल को भर्ती कराया गया। वहीं शुक्रवार को बुखार के 3 तथा 7 दस्त के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इस तरह लगभग 70 के आसपास मरीज पीडि़त है इन सभी का इलाज जारी है। 
    बसना बीएमओ श्री प्रधान ने बताया कि गांव में जाकर हालात का जायजा लिया गया है। दो महिलाओं की उम्र काफी ज्यादा हो गई थी, जिससे उनकी मौत हुई है। एक छात्रा की मौत खून कम होने के कारण हुई है, जिसे महासमुंद रेफर किया गया था लेकिन मरीज के परिजन वहां लेने में असमर्थता जताई यहां खून चढ़ाने की व्यवस्था नहीं है उसका इलाज जारी था। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि गांव में कैंप लगाकर इलाज किया जा रहा है। रोस्टर के अनुसार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है अभी भी मरीज आ रहे हैं स्थिति नियंत्रण में है।
    इस संबंध में ग्राम पंचायत सरपंच रामकुमार ताण्डी ने कहा कि उल्टी दस्त होते ही उसकी जानकारी एसडीएम एवं तहसीलदार को दी गई। दो मरीजों की जान उल्टी दस्त से हुई है कैंप लगने के बाद लगातार इलाज चल रहा है। गांव के फगनी बाई को मामूली दस्त शुरू हुई इसके बाद वह संबंधी के गांव करनापाली चली गई। जहां उसकी तबियत और अधिक खराब होने हो जाने से वही उसकी मौत हो गई। चतुरसिंह की भी मौत हो गई वहीं एक मरीज ओम का इलाज गांव मे जारी था उसकी तबीयत अचानक बिगडऩे लगी। एएनएम मधु ने बताया कि छात्रा को निजी गाड़ी में 17 अक्टूबर को लगभग 2 बजे रेफर किया गया। उसके बाद 18 अक्टूबर को सुबह उसक मौत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसना में हो गई।

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Posted Date : 17-Oct-2017
  • भतीजा और उसका बहनोई ने जादू-टोने के शक में की थी हत्या
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 17 अक्टूबर। कोमाखान थाना क्षेत्र में 15-16 अगस्त की दरम्यानी रात को पति-पत्नी की झोपड़ी में संदेहास्पद मौत का खुलासा पुलिस ने किया है और जानकारी दी है कि इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। 
    गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। कल स्थानीय कंट्रोल रूम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय धु्रव ने प्रेसवार्ता में बताया कि तीन माह पूर्व मृतक लाला राम पिता बुधारू राम यादव उम्र 50 वर्ष एवं पत्नी लीला बाई यादव मृतका दोनों पति पत्नी ग्राम चिंगरिया खार के खेत में झोपड़ी बनाकर रहते थे और वहीं रहकर खेती किसानी भी करते थे। मृतक लालाराम यादव झांड़ फूंक का काम भी किया करता था। इसी झाड़ फूंक के चलते उनके सगे भतीजे और दामांद ने उसकी हत्या की है। 
    गौरतलब है कि धटना दिनांक 16 अगस्त की सुबह लालाराम यादव के बड़े पुत्र ने अपने माता पिता क ी झोपड़ी में जलकर मौत होने की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस मौके वारदात स्थल पर पहुंची और चूंकि दोनों के शव बूरी तरह जल चुके थे। शवों की पहचान नहीं हो पा रही थी और किसी भी हालत में मौके वारदात से दरियाफ्त से सामानों से छेड़छाड़ करने से सबूतों को मिटने का डर था। लिहाजा महासमुन्द पुलिस ने घटनास्थल पर ही रायपुर से एफएसएल की टीम, डाग स्क्वाड, स्थानीय पुलिस और क्राईम पुलिस के साथ पुलिस अधीक्षक नेहा चम्पावत और अतिरक्त पुलिस अधीक्षक संजय धु्रव मौके वारदात पर पहुंचे थे। घटना स्थल का मुआयना करने पर प्रारंभिक जांच में ही घटना संदेहास्पद लग रही थी। पुलिस ने संदेह को पुख्ता करने के लिए सीएसईबी के इंजीनियर को भी बुलाया था। सीएसईबी के इंजीनियर ने पुलिस के संदेह को पुख्ता करते हुए कहा था कि झोपड़ी में आग सार्ट सर्किट से नहीं हुई है। आग या तो लगाई गई है या किसी दुर्घटना से लगी है। 
    तफ्तीश में किसी भी तरह की चूक ना हो इसलिए पुलिस ने मौके वारदात पर ही पोस्टमार्टम कराया जिसमें हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले में 302,201 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया था। (बाकी पेज 8 पर)
    तीन महीने बाद पुलिस की जांच सामने आई कि मृतक का भतीजा अशोक यादव पिता पुनित राम यादव उम्र 27 साल  की पत्नी किरण उर्फ रूपोतीन बाई यादव 25 साल की तबीयत खराब रहती थी। जिसका ईलाज कराने इस वर्ष रक्षाबंधन के समय मृतक द्वारा झाडफ़ूंक किया गया था। इसी दौरान मृतक लीलाराम यादव ने अपने भतीजे और भतीजा बहू से कहा कि तुम लोग कुल देवी देवता को नहीं मानते हो इसलिए तुम बीमार हो और जिन्दगी भी काफी कम रह गई है। मृतक के झाड़ फूंक करने बाद किरण ऊर्फ रूपोतीन ठीक तो हो गई। लेकिन कुछ दिनों बाद वह फिर से बीमार रहने लगी। तब मृतक के भतीजे को संदेह होने लगा कि मृतक लीलाराम यादव ने उसकी पत्नी को जादूटोना कर दिया है और इसी वजह से वह बीमार रहती है तो इसी बात को लेकर मृतक का भतीजा अशोक यादव अपने चाचा सेे दुश्मनी रखने लगा था। 
    घटना दिनांक को अशोक यादव भटगांव से अपने साला नारायण यादव (उड़ीसा) दोनों अपने मोटर साइकिल से अपने चाचा-चाची (मृतक)से मिलने उनके खेत में बनी झोपड़ी में पहुंच गये और उनके बीच जादूटोने को लेकर बहस हुई। अशोक यादव और उसका साला नारायण यादव तैस में आ गये और  दोनों ने मिलकर डंडे से पीट-पीटकर अपने चाचा चाची की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद साक्ष्य छुपाने की मंशा से अशोक यादव और नारायण यादव ने झोपड़ी में मिट्टी तेल डालकर आग लगा दी। झोपड़ी में आग लगने से लीलाराम यादव और लीलाबाई की लाश 70-80 प्रतिशत जल गई थी। पुलिस ने मामले में आरोपी अशोक यादव और नारायाण यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों से मोटर साइकिल और घटना में प्रयुक्त डंडा बरामद कर लिया है।  

     

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Posted Date : 06-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 6 अक्टूबर। समाजवादी नेता और पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री पुरूषोत्तम कौशिक का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर हजारों नम आखों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।अंतिम यात्रा उनके निवास स्थान कौशिक कालोनी से निकली।  शाी चौक, गांधी चौक, विठोबा टॉकीज चौक, अम्बेडकर चौक, नेहरू चौक होते हुए लोहिया चौक पहुंची जहां शहरवासियों ने श्रध्दांजलि दी। भलेसर रोड स्थित मुक्ति धाम में उनका अंतिम संकार किया गया।  
    अंतिम विदाई देने कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल, पूर्व विधायक मकसूदन चंद्राकर, पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक अग्नि चंद्राकर सहित क्षेत्र के सभी राजनीतिक दलों के नेता और विधायक पहुंचे थे। 
    उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल, पूर्व विधायक मकसूदन चंद्राकर, श्री कौशिक के भानजे तथा महासमुन्द के पूर्व विधायक अङ्क्षग्न चंद्राकर, पूर्व राज्यमंत्री पूनम चंद्राकर सहित महामसुन्द के लोगों का कहना है कि श्री कौशिक ने देश में महासमुन्द के नाम का जो अलख जगाया था वह अनुकरणीय है। उनकी सामाजिक विचारधारा का कोई सानी नहीं है। उन्हें महासमुन्द और छत्तीसगढ़ युगों तक याद रखेगा। 
    पुरूषोत्तम कौशिक का जन्म 24 सितम्बर 1930 को स्व ढालूराम कौशिश और माता रामकुंवर के घर महासमुन्द में हुई थी। उनकी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय शासकीय बृजराज पूर्व माध्यमिक शाला महासमुन्द में हुई। मिडिल स्कूल की पढ़ाई इन्होंने मिशन स्कूल महासमुन्द में किया। उसके बाद हाईस्कूल की पढ़ाई श्री कौशिक ने सालेम हाईस्कूल रायपुर में की। इन्होंने स्नातक की उपाधि सागर विश्वविद्यालय से (बीए पास) किया। इसके बाद इन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। श्री कौशिक का विवाह 1945 में अमृत कौशिक के साथ हुआ था। पुरूषोत्तम लाल कौशिक का राजनीतिक सफर महाविद्यालीन शिक्षा के दौरान गांधीवादी विचारधारा से  प्रभावित होने के बाद हुआ। उन्होंने गांधीजी के स्वावलम्बन समाज के बैनर तले अनेक सामाजिक क्रियाकलापों से सार्वजनिक जीवन की शुरूआत की। 
     वर्ष 1953 में बीए स्नातक होने के बाद कर्मभूमि महासमुन्द में उन्होंने राजेश्वर गिरी और भुवन लाल वर्मा के सानिध्य में समाजवादी विचारधारा को अपनाया।  समाजवादी पार्टी के मंच से उन्होंने तेजी से राजनीतिक सोपान तय किये। 
    युवा उम्र में श्री कौशिक ने 1953-54 में ग्राम पंचायत महासमुन्द के पंच बननेे के बाद सरपंच बने। सन् 1957 में 27 वर्ष की उम्र में उन्होंने महासमुन्द से पहला विधानसभा चुनाव लड़ा। 1964 और 1967 में भी वे विधानसभा चुनाव लड़े किंतु कांग्रेस के वर्चस्व के दौर में उन्हें आम जनता का स्नेह के बावजूद चुनाव नहीं जीत सके।  विधानसभा का पहला चुनाव उन्होंने 1972 में महासमुन्द से नेमीचंद श्रीश्रीमाल को पराजित कर जीता था। 
     सन् 1977 में रायपुर संसदीय सीट से विद्याचरण शुक्ल के खिलाफ लोकसभा का चुनाव जीतकर श्री कौशिक पहली बार संसद पहुंचे। उनके राजनीतिक कद का सम्मान करते हुए श्री कौशिक को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया और उन्हें नागरिक उड्डयन एवं पर्यटन मंत्री बनाया गया। बाद में राजनीतिक घटनाक्रम के चलते मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद उन्हें सूचना एवं प्रसारण मंत्री बनाकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। 
    श्री कौशिश ने 1989 में दुर्ग संसदीय क्षेत्र से एक बार फिर चुनाव लड़ा और चंदूलाल चन्द्राकर को हराकर लोकसभा में पहुंचे। श्री कौशिक को उनके संघर्ष के लिए भी क्षेत्र में जाना जाता है। उन्होंने भ्रष्टाचार और शोषण के खिलाफ, सामजिक न्याय के लिए सतत संघर्ष के कारण उन्हें आपातकाल के दौरान 18 माह जेल में गुजारना पड़ी थी। गांधीजी के सविनय अवज्ञा आंदोलन के तर्ज पर किसानों के धान के प्रदेश से  बाहर निकासी पर प्रतिबंध के विरोध में जोंक नदी से बाघ नदी, ओडिशा सीमा से महाराष्ट्र सीमा तक की सत्याग्रह यात्रा की। इस यात्रा के दौरान ही आंदोलन की सफलता से सबक लेते हुए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने प्रस्तावित नीति को ही बदल दिया था। 
    किसानों के धान के लेवी के खिलाफ शुरू किए गए आंदोलन से उपजे आरंग लेवी कांड आज भी लोग नहीं भूल सके हैं। श्री कौशिक ने भूमिहीन कृषक, खेतिहर एवं मजदूरों के लिए अनेक आंदोलन किए। इस दौर में उनके विश्वस्त लोगों में याकूब राजवानी, जीवनलाल साव, टीमकचंद जैन, कृष्ण सदाशिव राव थिटे, भूषणलाल  चंद्रनाहू, रामलाल चंद्राकर, भेखलाल चंद्राकर, सहित कई लोग उनके साथ रहे। श्री कौशिक ने 1977 से जुलाई 1979 तक केंद्रीय मंत्री पर्यटन एवं नागर विमानन तथा जुलाई 1979 से जनवरी 1980 तक सूचना एवं प्रसारण मंत्री पद को सुशोभित किया। 
    वर्ष 1984-85 में 9 वीं लोकसभा के लिए दुर्ग से जनता दल के सांसद रहे। 1984 अध्यक्ष रेलवे कान्वेंशन कमेटी, 1984-85 अध्यक्ष भारतीय रेलवे मेन्स यूनियन, 29 जनवरी 1990 सदस्यए जनरल काउंसिल, आईसीसीआर, 17 जुलाई 1990 अध्यक्ष रेलवे कान्वेंशन कमेटी, 24 जुलाई 1990 सदस्य, सामान्य प्रयोजन समिति, 1990 समिति के सलाहकार, इस्पात और खान मंत्रालय में सेवाएं दी। उनके विदेश यात्रा में फ्र ांस, जर्मनी, इटली, नेपाल, स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन सोवियत संघ की यात्राएं शामिल हैं। छात्र जीवन के दौरान उन्होंने वॉलीबॉल में सागर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया था। कृषि, मजदूरों और आदिवासियों के सामाजिक आर्थिक और शैक्षिक उत्थान के लिए खेतीहर संघ का गठन, सहकारी आंदोलन में रुचि, पिछड़ेपन के खिलाफ  एक जन अभियान शुरू करने वाले नेता के रूप में उन्हें महासमुन्द युगों तक याद रखेगा। 

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Posted Date : 04-Oct-2017
  • अस्पताल में भर्ती, रिपोर्ट दर्ज 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बसना, 4 अक्टूबर। प्रदेश में कई जगह चोटी कटने की घटनाओं के बीच बसना पदरडीह में बीती रात  किसी ने सोई छात्रा के बाल काट दिए। इस घटना से छात्रा समेत पूरा परिवार सदमे और दहशत में है। घटना का रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई गई है। 
    मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पदरडीह लक्ष्मी विहार कॉलोनी निवासी नाम कु . पूजा साव पिता हेमंत साव  शासकीय कन्या शाला बसना में कक्षा 9वीं की छात्रा है। बीती रात 10 बजे तक  पूरे परिवार के साथ टीवी पर धारावाहिक देखने के बाद  अपनी मां टेआ बाई के साथ सोई थी।  बाजू में पिता हेमंत साव सोए हुए थे।  दादा श्रीधर एवं अन्य सदस्य बाहर परछी में सोए हुए थे। दरवाजा अंदर से बंद था।
    सुबह पूजा को अपना बाल कटा हुआ मिला। कटे हुए बाल वहीं पर बिस्तर के नीचे पड़े हुए थे। इस घटना से पूरा परिवार दहशत में आ गया। छात्रा सदमे में है।  छात्रा की हालत को देखते हुए जोगी कांग्रेस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष वाहीद खान ने तुरंत बीएमओ डॉ. जेपी प्रधान को इसकी जानकारी देते हुए अस्पताल भिजवाया। इधर पीडि़ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री के आज गढफ़ुलझर आगमन के कारण वहीं व्यस्त है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी। बहरहाल चोटी कटने की इस घटना से कई तरह की चर्चाओं का दौरा शुरू हो गया है।

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Posted Date : 02-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    पिथौरा, 2 अक्टूबर। स्थानीय बाजार  स्थित गुरुकृपा कपड़ा दूकान में देर रात आग  से लगभग 40 लाख के कपड़े राख हो गए। घटनास्थल के समीप एक पेट्रोल की जरकिन मिली है जिससे घटना में शरारत का अंदेशा व्यक्त किया जा रहा है।  इन पंक्तियों के लिखे जाने तक स्थानीय नगर पंचायत कर्मी अग्निशमन के साथ आग बुझाने में जुटे हुए थे।
        बीती रात  उत्तम सिंह टुटेजा के  कपड़ा दूकान से धुआं उठते देख कुछ लोगों ने घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। पेट्रोलिंग वाहन ने घटनास्थल पहुंच कर उत्तम सिंह को घर से बुलाया और तत्काल अग्निशमन बुलाकर आग पर काबू का प्रयास किया जाने लगी। आग की भयावहता को देखते हुए बागबाहरा से भी अग्निशमन  बुलाया गया तब कहीं सुबह तक काबू पाया गया। अंदर मलबे में  आग होने के कारण अब तक आग बुझाने का काम जारी है।
    दुकान मालिक उत्तम सिंह टुटेजा ने बताया कि कल ही उनके द्वारा दीवाली हेतु लाया गया कपड़ा जमाया गया था। कपड़े  40 लाख से अधिक के थे। कल दिन भर की बारिश के बाद रात में भीषण अग्निकांड संदिग्ध  होने लगा है। दुकान के अंदर ज्यादा विद्युत फैलाव नहीं था जिससे सार्ट सर्किट की आशंका हो।  पास ही एक निर्माणाधीन दूकान में एक जरकिन और एक थैला के साथ पाइप भी मिला है जिसमें पेट्रोल की गंध थी। जिससे  किसी की  शरारत होने से भी इंकार नहीं किया जा रहा है। पुलिस इसकी जांच  कर रही है। आसपास के सीसी टीवी फुटेज भी खंगाल रही है।

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Posted Date : 26-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    पिथौरा, 26 सितंबर। सांकरा थाना के ग्राम बल्दीडीह में पदस्थ एक शिक्षक पूरन विशाल को पुलिस ने मासूम बच्चों के साथ अश्लील हरकत करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बहरहाल घटना की गम्भीरता को देखते हुए स्थानीय एसडीओ पी कौशलेंद्र पटेल पूरी कार्यवाही तक सांकरा थाना में डटे रहे।
     कल सुबह सुबह शासकीय प्राथमिक शाला बल्दीडीह की कुछ छात्राओं ने अपने घर में स्कूल नहीं जाने की बात कही। बच्चों से कारण पूछे जाने पर उन्होंने चौंकाने वाली बातें बतार्इं। इसके बाद पालकों ने एकत्र होकर घटना   थाना सांकरा में सूचना दी।
     ज्ञात हो कि पूरन एक साल पहले बल्दीडीह स्कूल में पदस्थ हुआ था। आरोप है कि पदस्थापना के बाद शिक्षक पूरन लड़कियों के साथ अश्लील हरकतें करते आ रहा था।  लेकिन लड़कियों ने शिक्षक की हरकतों को नजरअंदाज किया। शिक्षक के डर की वजह उन्होंने इसकी जानकारी घरवालों से छुपाए रखीं। आरोपी शिक्षक की हरकतें लगातार बढ़ती गईं। इससे परेशान होकर धीरे-धीरे लड़कियों ने एक-एक कर स्कूल जाना बंद कर दिया। जब इसके पीछे कारणों का पता चला।
    पता चला कि तीन छात्राओं के साथ आरोपी शिक्षक ने स्कूल में दुष्कर्म की कोशिश की थी। आरोपी की गिफ्तारी तो हो गई लेकिन शिक्षक के खिलाफ शिक्षा विभाग अभी तो कोई कार्रवाई नहीं की है।

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Posted Date : 24-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    महासमुन्द, 24 सितम्बर। नवरात्रि के अवसर पर कल महासमुन्द शहर में आयोजित गरबा और दुर्गा उत्सव देख कर वापस अपने घर आरंग लौट रहे युवकों की जिला अस्पताल के समीप खरोरा के पास सड़क दुर्घटना में मौत हो गई।  
    जानकारी के अनुसार आरंग स्थित नये बिजली आफिस निवासी नरेन्द्र प्रजापति  और आरंग ठाकुर दिया पारा निवासी मनोहर लोधी  कल शाम 7 बजे महासमुन्द से दुर्गा और रास गरबा देखकर अपने घर आरंग अपनी मोटर साइकिल  से जा रहे थे। इसी दौरान महासमुन्द की अम्बे ट्रेवल्स की बस  चालक मुढैना निवासी देवदास  बस लेकर अपने गांव जा रहा था। इसी दौरान ग्राम खरोरा तालाब के पास दोनों की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि दोनों युवकों के सिर पर गंभीर चोट के कारण दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना पर महासमुन्द कोतवाली पुलिस घटना स्थल पहुंची और शवों को  जिला अस्पताल पहुंचाया। 

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Posted Date : 20-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    पिथौरा, 20 सितंबर। कल गिरना में एक ग्रामीण को पटक पटक के मारने वाले हाथियों का झुंड अब समीप के ग्राम बरेकेल एवम ठाकुरदिया खुर्द तक पहुच गए है है। हाथियों द्वारा ठाकुर दिया खुर्द के श्यामकुमार के खेत मे नया लग रहा धान खाने की भी खबर है।
    पिथौरा क्षेत्र में 2 वर्षो बाद आए हाथियों ने उत्पात मचाने प्रारम्भ कर दिया है।कल एक गर्मीन कि हत्या के बाद हथिईओ का दल पिथौरा मार्ग पर ठाकुर दिया खुर्द तक पहुच गया यहाँ खेतो से होते हुए बरेकेल पहाड़ी की ओर बढ़ गए।अभी मिली जानकारी के अनुसार बरेकेल पहाड़ी से हथिईओ का झुंड फिर से वापस निकल गया है।
    ओडिशा की ओर से आए 4 और हाथी
    गिरना जंगल मे डेरा जमाए हाथियों के अलावा ओडिशा सीमा से लगे सिंगारपुर के पास जोंक नदी पर करते 4  हाथियों को वहाँ के ग्रामीणों ने गिरना क्षेत्र के अपने साथियों को बताया। जिससे  क्षेत्र में दहशत   है। इन 4 हाथियों को मिलाकर अब इस जंगल में हाथियों की संख्या 9  हो गई है।
    खेतों को नुकसान हो रहा
    हाथियों के झुंड के क्षेत्र में भ्रमण से जनहानि के साथ अब धनहानि भी होने लगी है। हाथी जिस खेत से जा रहे हंै। उस खेत में फसल को रौंदते चल रहे हंै। चूंकि क्षेत्र में विगत दो दिनों से बारिश हो रही है लिहाजा हाथियों के आवागमन से सड़कें भी खराब होने लगी हंै।
    एक वनरक्षक  
    गिरना क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक हाथियों से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए मात्र एक वन रक्षक तैनात है। ग्रामीणों के अनुसार उक्त वन रक्षक द्वारा ग्रामीणों को ही जंगल में हथियों का लोकेशन लेने भेजा जा रहा है।

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Posted Date : 19-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    पिथौरा, 19 सितंबर। क्षेत्र में भालू एवम तेंदुए की दहशत के बाद बीती रात  पिथौरा वन क्षेत्र में घुस आए हाथियों के एक झुंड ने गिरना जंगल में आज सुबह फुटू तोडऩे गए एक ग्रामीण को कुचल कर मार डाला जबकि कुछ ग्रामीणों के घायल होने की भी खबर है। इन पंक्तियों के लिखे जाने तक कोई वन कर्मी या अधिकारी घटना स्थल नहीं पहुंच पाया है।  
    पिथौरा वन परिक्षेत्र में  आज अलसुबह ग्राम गिरना निवासी घासु बरिहा अपने कुछ साथियों के साथ जंगल से फुटू लेने गया था।   झाडिय़ों के पीछे  मौजदूर 5 हाथियों ने घासु एवम उसके साथियों को दौड़ाया। 
    इस दौरान  घासु हाथी की चपेट में आ गया  जबकि उसके साथी गांव की ओर भाग निकले। गांव जाकर घटना के बारे में बताया। ग्रामीणों ने फोन पर वन कर्मी एवम अधिकारियों को घटना की जानकारी दे दी। परन्तु दोपहर तक किसी भी वन कर्मी के घटना स्थल नहीं पहुंचे थे।  कुछ युवकों ने हौंसला जुटाया और घटनास्थल पहुंचे। जहां ग्रामीण बुरी तरह कुचल हुआ मिला।
    इधर  स्थानीय रेंजर एक बार फिर मुख्यालय से बाहर थे। वहीं दूसरी ओर गिरना एवम आसपास के ग्रामीण  हाथियों को खदेडऩे का प्रयास कर रहे हैं।
    हाथियों की संख्या पांच 
    हाथियों के हमले से बच कर वापस ग्राम पहुचे ग्रामीणों के अनुसार हाथियों की संख्या 5 है। इसके पूर्व भी 2 वर्ष पूर्व  इस क्षेत्र में हाथियों ने डेरा जमाए था उसके बाद आज प्रात: ग्रामीणों ने हाथियों को देखा। ज्ञात हो कि जिले के सिरपुर एवम बार अभ्यारण्य के आसपास भी हाथियों ने अपना कॉरिडोर बना कर डेरा जमाए हुए है। गिरना जंगल में पहुंचे हाथियों के ओडिशा की ओर से आने की बात जानकारी ग्रामीणों ने दी है। गिरना जंगल  ओडिशा के जंगलों से मिल हुआ है।

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Posted Date : 15-Sep-2017
  • बीती रात पिथौरा राजा सेवैय्या में देखा गया
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    पिथौरा, 15 सितंबर। नगर से मात्र तीन किमी दूर एक तेंदुए का लगातार दिखाई देना क्षेत्रवासियों में दहशत का कारण बना हुआ है। बीती रात राजा सेवैया स्कूल में युवकों का सामना तेंदुए से हुआ।  ज्ञात हो कि कोई तीन दिन पहले ही उक्त तेंदुए के राजा सेवैय्या में एक बछड़े का शिकार आमद की सूचना दी थी।  पदस्थ रेंजर के मुख्यालय के बाहर रहने से उक्त तेंदुए को जंगल की ओर खदेडऩे के कोई उपाय वन विभाग द्वारा नहीं किया गया।       
    मिली जानकारी के अनुसार बीती रात तकऱीबन 8 बजे कुछ युवक राजा सेवैया स्कूल के मैदान पर रात के समय टहल रहे थे, तभी उन्हें आसपास कुछ हलचल का एहसास हुआ। मोबाइल के टॉर्च पर देखने पर कुछ ही दूरी पर तेंदुआ दिखा। युवक भाग कर स्कूल परिसर में बने रसोई कमरे पर जाकर अंदर से दरवाजा बंद कर अपनी जान बचाई।  उसके बाद अपने साथियों को फोन लगाकर उनके आसपास तेंदुए होने की सूचना दी तथा मदद मांगी। तब टप्पा सेवैया के 15-20 युवक उन्हें लेने पहुँचे, उन्होंने भी तेंदुए को देखा। इससे कुछ वर्ष पहले गोपालपुर मार्ग पर खेत में झोपड़ी पर सो रहे किसान को अपना शिकार बनाया था तथा टेका ग्राम में शाम टीवी देखने पड़ोसी के घर जा रहे बच्चे को तेंदुआ उठाकर ले गया था।
    कुत्ते बन रहे शिकार
    इधर ग्रामीणों के अनुसार तेंदुआ लगभग सप्ताह भर से प्रतिदिन गांव के आसपास कामाक्ष्या मंदिर तक घूम रहा है। इस बीच उसने दो आवारा कुत्तों को भी अपना शिकार बनाया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे जब भी वन कार्यालय को घटना की जानकारी देने जाते हैं तब रेंजर मुख्यालय में नहीं मिलते।
    रात में ही की सर्चिंग-कुरैशी
    स्थानीय वन विभाग के डिप्टी रेंजर शकील कुरैशी ने इस प्रतिनिधि को बताया कि उन्हें इसकी सूचना मिलते ही सेवैय्या पहाड़ी की सर्चिंग की, परन्तु तेंदुआ नहीं दिखा। इसके बावजूद आसपास के गांवों में ग्रामीणों को सतर्क रहने हिदायत दी गई है।

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Posted Date : 04-Sep-2017
  • ग्रामीणों का इंकार, कहा रुपयों की वापसी पर लगा रहा आरोप
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    पिथौरा, 4 सितंबर। ग्राम अमलीडीह निवासी उदयराम साहू ने ग्रामीणों द्वारा उनका हुक्का पानी बन्द कर देने की शिकायत स्थानीय पुलिस थाना में कई है। इधर अमलीडीह के ग्रामीणों ने पुलिस के सामने उदय के आरोपो को सिरे से नकार दिया है।
    अमलीडीह के उदयराम पिता उमाशंकर ने अपने ही ग्रामवासियों पर उसे ग्राम से बहिष्कृत करने का आरोप लगाया है।उमाशंकर के अनुसार ग्राम बहिस्कार के कारण उसके यहाँ कोई मजदूर तक काम करने नही आता जिससे उसकी 12 एकड़ जमीन पड़त में रह गयी है। तालाब में भी मुझे निस्तार के लिये मन किया जाता है। यह तक कि ग्राम में हुए कबड्डी खेल का निमंत्रण युवकों ने किया था। और उसका निमन्त्रण उसे भी दिया गया था। परंतु ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिलते ही उन्होंने युवकों को मुझसे निमन्त्रण पत्र वापस लेने भेज दिया। इन्ही युवकों के माध्यम से उसे ग्रामीण बहिस्कार की सूचना मिली।
    उदय के उक्त आवेदन के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच में ग्रामीणों के बयान लिए। जिसमें किसी भी ग्रामीण ने बहिष्कार की बात नही की। बल्कि इस सामाजिक मामला बताया। ग्रामीणों के अनुसार उदय अपने समाज का अध्यक्ष था । इस दौरान उसने सामाजिक रुपयों की गड़बड़ी की थी। उसी रुपयों की वापसी की बात करने पर उसके द्वारा ऐसा आरोप लगाया जा रहा है।

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