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  • सांपखार जंगल में लगा लोगों का तांता
    नरेश शर्मा
    रायगढ़, 22 सितंबर (छत्तीसगढ़)। जिले के पूर्वांचल स्थित महापल्ली सकरबोगा से कनकतुरा के बीच सांपखार जंगल में नवरात्र पर्व की धूम है । छत्तीसगढ़ और ओडिशा के ठीक बॉर्डर में स्थित सांपखार मंदिर जहां पिछले 8 वर्षों से दोनों राज्यों के लोगो के आपसी सहयोग एवं भाईचारे से नवरात्र पर्व एवं दशहरा का आयोजन किया जाता रहा है ।  इस अनोखे मंदिर में पूजा पाठ के लिए छत्तीसगढ़ ही नही बल्कि ओडिशा के भी लोग बड़ी संख्या में पहुंचते है। श्रद्धा एवं विश्वास  के चलते पहाडिय़ों से घिर यह इलाका शताब्दी पूर्व मंदिर के चलते पहले से ही प्रसिद्ध है और अब जीवित सांप के मंदिर में आ जाने से भक्तिभाव से पूजा पाठ का दौर बढ़ते जा रहा है। जिस जगह यह सांपखार मंदिर है वह रायगढ़ जिला मुख्यालय से मात्र 15 किलोमीटर दूर स्थित है और इसकी एक सीमा उड़ीसा को छूती है तो दूसरी छत्तीसगढ़ से लगी हुई है।  इस रास्ते का उपयोग जामगांव, ब्रजराजनगर, हिमगिर तथा आसपास के लोग इसलिए करते है चूंकि  उड़ीसा सीमा से लगा रायगढ़ जिला ग्रामीण इलाकों से आने जाने वालों के लिए सबसे पास का रास्ता है।
    नवरात्र के प्रथम दिवस कलश यात्रा में दोनों प्रान्तों से आये महिलाओं ने हिस्सा लिया तथा नवरात्र में माँ दुर्गा के  प्रथम स्वरूप माँ शैल पुत्री की पूजन अर्चन की गई । सांपखार का यह मंदिर माहुल पहाड़ और कबरा पहाड़ के बीच स्थित है जहां सर्प देवी की पूजा होती है , इसे वर्तमान में साँप खंडिंन देवी के रूप माना एवम पूजा जाता है। यह दोनों राज्यो का एक मात्र ऐसा मंदिर है जहां सर्प की पूजा होती ै । हाल ही के कुछ महीनों से इस मंदिर में पेड़ के खोह में एक सर्पदेव विराजमान हैं जो कही नहीं जाता अगर बाहर निकल गया तो पुन: इस खोह में आ जाता है। 
    पत्थर रूपी सर्पदेवी के बाद अब इस जीवित सर्प की पूजन कर रहे है फूल एवं सिंदूर चढ़ाई जा रही है । यह सर्प अब लोगो मे आस्था एवम कौतूहल का विषय बन गया है। दूर दूर से लोग यहां आ रहे है । नवरात्र के प्रत्येक दिवस भंडारा  के साथ विभिन्न आयोजन भक्ति भजन गायन वादन संपादित होनी है। 30 सितंबर को रावण दहन किया जायेगा तथा भंडारा भी होगी। यह आयोजन दोनों राज्यों के गांव छतीसगढ़ से सकरबोगा कोसम पाली , विश्व्नाथ पाली , लोईग , बनोरा महापल्ली साल्हेवना अलावा नेतानगर , एकताल , धनुआ डेरा तथा ओडि़सा के झार गांव , बाबुढेरा , कनक तोरा , बादिमाल , बढ़धरा , लुआबगा , साडेरा सहित बीस से अधिक गांव के 10 हजार से अधिक लोग इस मेले में शामिल होते है। वहीं आयोजन समिति भी दोनों राज्यो के बीच के सदस्यों की है जिनके परस्पर सहयोग से संपादित किया जा रहा है । 
    समिति के अध्यक्ष धनुआ डेरा गांव के सनत कुमार गुप्ता है जबकि उपाध्यक्ष नेतानगर के मनेनदर सिंह जताल है। 30 से अधिक कार्यकारिणी के सदस्य हैं ।

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  • संबलपुर में अवैध रूप से बेची थी लाखों की सिरप
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    खरसिया, 20 सितंबर। स्थानीय अशोक मेडिकल के मालिक अशोक अग्रवाल को संबलपुर पुलिस ने नशीली दवा अवैध ढंग से बेचने के मामले में  गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 
    मिली जानकारी के अनुसार इस संबंध में संबलपुर जिले के अइंठापाली थाने में एक मामला कुछ दिन पहले दर्ज हुआ था। जिसमें खरसिया के दवा व्यापारी अशोक अग्रवाल ने संबलपुर के एक व्यापारी को काफी मात्रा में कफ सिरफ सप्लाई की थी और यह कफ सिरफ 27 अगस्त 2017 को  एक बस से उतारते समय पुलिस ने पकड़ा था।
    जांच के बाद यह पाया कि काफी मात्रा में नशीली सिरफ बेचने के मामले में घोर लापरवाही बरती गई थी। जिसमें दवा व्यवसायी अशोक अग्रवाल ने संबलपुर के एक व्यापारी को साढ़े तीन लाख रुपये की डेढ़ हजार से अधिक कफ सिरप बेची थी, लेकिन जिस व्यापारी को यह सिरफ बेची गई थी। उसके पास न तो लायसेंस था और न ही कोई अन्य दस्तावेज मिला। 
    इसके बाद संबलपुर के अइंठापाली पुलिस ने 18 सितंबर को खरसिया आकर अशोक अग्रवाल की दुकान में छापा मारा और कागजातों की जांच की। दुकान से एक हजार सिरप की बोतल जब्त कर अशोक  को गिरफ्तार किया। 
    मामले में खरसिया पुलिस ने भी संबलपुर पुलिस का सहयोग देते हुए पूरे मामले में साथ जांच की। 
    अधिकारिक सूत्रों  के मुताबिक मादक पदार्थ की अवैध सप्लाई एवं बिना लायसेंस दवा बिक्री करने संबंधी धाराओं के तहत अपराध कायम कर उसे जेल भेज दिया गया है। 

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  • ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 16 सितंबर। सायकिल  सवार  आईटीआई छात्र को विपरित दिशा से आ रही ट्रेलर के चालक ने ठोकर मार दिया। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया और मुआवजा की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। मामले की जानकारी लगने पर तत्काल प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को शांत कराने की कोशिश करने लगे।
    इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक घरघोड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम डेहरीडीह निवासी राजेन्द्र श्रीवास 20 वर्ष प्रतिदिन की तरह आज भी अपने सायकिल पर सवार होकर आईटीआई में पढऩे के लिए जा रहा था। इसी दौरान विपरित दिशा से आ रही एक टे्रलर के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए उसे ठोकर मार दिया। इससे मौके पर ही राजेन्द्र की मौत हो गई। 
    घटना के बाद आसपास के लोगों की वहां काफी संख्या में भीड़ लग गई और मामले की जानकारी उसके परिजनों को दी गई। इसके बाद कटंगडीह व डेहरीडीह के ग्रामीणों ने मौके पर पहुंच कर चक्काजाम कर दिया। यहां प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दस लाख रुपए मुआवजा की मांग करने लगे। जब ग्रामीणों के चक्कजाम की जानकारी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को लगी, तो पुलिस के उच्च अधिकारी व एसडीएम मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाईश देने लगे, लेकिन कोई भी मानने को तैयार नहीं था। वहीं उक्त पंक्ति के लिखे जाने तक चक्काजाम जारी था।
    कंटेनर  की ठोकर से युवक घायल
    बीती रात कंटेनर वाहन की ठोकर से एक बाईक सवार युवक घायल हो गया। जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।  
    मिली जानकारी के अनुसार बीती रात 11 बजे रायगढ़-घरघोड़ा मार्ग पर स्थित श्याम पेट्रोल पंप के पास कंटेनर वाहन की ठोकर से बाईक सवार युवक शैलेष शर्मा घायल हो गया। वहां उपस्थित लोगों ने घटनाकारी वाहन चालक को दौड़ाकर पकड़कर पुलिस हिरासत में देते हुए तत्काल वाहन की व्यवस्था कर घायल युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। इसके बाद घटना की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी वाहन चालक के खिलाफ जुर्म दर्ज कर वाहन को जब्त कर लिया है। वहीं आरोपी चालक भी पुलिस हिरासत में है।  

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 13 सितंबर। जिला मुख्यालय से सटे और शहर के पूर्वांचल क्षेत्र से जुडे रायगढ़ संबलपुरी मार्ग के आगे तिलगा भगोरा रोड की जर्जर स्थिति से परेशान क्षेत्र के डेढ दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीणों ने कल दोपहर जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए इस मार्ग के लिए जीर्णोद्धार की स्वीकृत न होनें पर आगामी 5 अक्टूबर से धरना प्रदर्शन व आर्थिक नाकेबंदी की चेतावनी दी है। 
    प्राप्त जानकारी के अनुसार संबलपुरी मार्ग पर माता मंदिर के आगे तिलगा भगोरा रोड जो जामगांव स्टेशन तक अत्यंत जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है और सड़क की भयावह स्थिति के कारण करीब 15 कि.मी. की यह सड़क ग्रामीणों की परेशानी का कारण बना हुआ है। जिससे क्षेत्रवासी काफी आक्रोशित है। इन प्रभावित ग्रामों के ग्रामीणों ने आज जिलाधीश के नाम ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की चेतावनी दी है। 
    जिलाधीश के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि संबलपुरी चौक से जामगांव स्टेशन तक दूरी 15 कि.मी. है जिसकी सड़क की स्थिति बहुत ही ज्यादा खराब हो गई है। इस सड़क से कई फैक्ट्रियों के भारी वाहनों का आवागमन होता रहता है। जिससे प्रमुख रूप से एम.एस.पी. जामगांव, मां मंगला नटवरपुर, मां मणी नटवरपुर, शिव शक्ति चक्रधरपुर, शाकम्बरी सम्बलपुरी एवं अन्य फैक्ट्री के भारी वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। इस कारण सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए है और इस सड़क पर चार चक्का के वाहनों के आने-जाने के लायक नही है। इस सड़क से बादपाली, तिलगा, भगोरा, सराईपाली, मनुवापाली, सपनई, सिकोसीमाल, बलभद्रपुर, अड़बहाल, कुम्हिबहाल, झारगुडा, देवबहाल, धुमाबहाल, कोलाईबहाल, के लोगों का रायगढ़ आने-जाने का एक मात्र मार्ग है इन 14 गांवों के लोगों को इस सड़क से बहुत ही ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। 
    इस क्षेत्र के लोगों ने पिछले 10-12 वर्षो  से कई बार शासन का ध्यान आकर्षण किया  व कई बार धरना प्रदर्शन कर शासन को भी अवगत कराया गया है। पिछले कई वर्षो से इस क्षेत्र के लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहें है। इस क्षेत्र के लोगों का धैर्य रखने का और साहस नही है इसलिए संबलपुरी से जामगांव रेलवे स्टेशन तक का सड़क निर्माण कार्य अगर 5 अक्टूबर तक प्रारंभ नही किया गया तो इस क्षेत्र के लोग सड़क निर्माणके लिए सुरेन्द्र सिदार अध्यक्ष जिला वनोपज रायगढ़ जिला पंचायत सदस्य तमनार रायगढ़ की अगुवाई में धरना प्रदर्शन व आर्थिक नाकेबंदी के लिए मजबूर होंगे। जिसकी जवाबदारी छ.ग.शासन की होगी। 
    पहले दिया धरना तो हुई थी एफआईआर
    यह पहला अवसर नही है जब क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस जर्जर सड़क को बनाने के लिए आंदोलन शुरू किया है। दरअसल करीब दस साल पहले प्रधानमंत्री सड़क के रूप में बनी इस सड़क का दूसरी बार अब तक जीर्णोद्धार नही हो सका। जिसके कारण अब यह सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है जिसके कारण इस मार्ग से आवाजाही करने वाले लगभग 20 गांव के 50 से 60 हजार लोग प्रभावित हैं। उनका कहना है कि सड़क नही के बराबर होनें के कारण उन्हें अपने गांव में एंबुलेंस तक ले जाने की सुविधा नही मिल पाती और प्रभावित ग्रामीणों के द्वारा पिछले साल भी सड़क निर्माण को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया था। मगर जिला प्रशासन की ओर से सड़क निर्माण की स्वीकृति दिलाने के स्थान पर धरना कर रहे करीब दो दर्जन ग्रामीणों पर एफआईआर की सौगात दी गई। जिसके कारण पूरे अंचल में रोष व्याप्त है। 

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 13 सितंबर। थाना तमनार अन्तर्गत कुधराभौना उरबा जंगल में  09 सितंबर की  दोपहर ग्राम करवाही थाना तमनार निवासी भूपेन्द्र सिदार  का शव जंगल में मिलने की सूचना पर कल थाना तमनार में मामला दर्ज किया गया।  प्रथम दृष्टिया मृतक के माथे, मुंह पर सख्त एवं भोथले वस्तु से चोट पहुंचाकर हत्या करना पाए  जाने पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध  विवेचना में लिया गया। 
    पुलिस ने मृतक की पहचान ग्राम करवाही थाना तमनार निवासी भूपेन्द्र सिदार पिता लीलाधर सिदार उम्र 27 वर्ष के रूप में की।   प्रभारी क्राईम ब्रांच निरीक्षक सुशांतो बनर्जी तथा उनकी टीम द्वारा घटनास्थल पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया जाकर मृतक के वारिशान एवं मित्रों से पूछताछ किया जाने लगा । मृतक की पत्नी ने बताया कि  08 सितंबर की रात्रि गांव का भुरू उर्फ सुरेश एवं बसंत भीमा आये थे जिनके साथ भूपदेन्द्र सिदार गया और वापस नहीं आया। मृतक की पत्नी द्वारा भुरू उर्फ सुरेश से पूछने पर रात्रि भूपेन्द्र सिदार के साथ शराब पीने के बाद भूपेन्द्र घर चला गया था बताया। 
    भुरू उर्फ सुरेश  से क्राईम ब्रांच एवं तमनार स्टाफ द्वारा पूछताछ करने पर अलग अलग जवाब देने लगा, क्राईम ब्रांच प्रभारी ने भुरू उर्फ सुरेश  को बताया कि उसका आई कार्ड घटनास्थल से बरामद हुआ है। तब भुरू  ने बताया कि  08 सितंबर की रात्रि बसंत भीमा के साथ भूपदेन्द्र के घर उसे बुलाकर शराब पीने के लिये  मोटर सायकल पर कुधराभौना उरबा जंगल गये थे। शराब पीने के दौरान बसंत भीमा भूपेन्द्र बोला कि मेरी पत्नी के साथ तेरा संबंध है और तू ही शराब मेरे बिक्री करने की सूचना पुलिस को देता है। इसी बात पर झगड़ा ह़आ और बसंत भीमा के साथ पत्थर से भूपेन्द्र का सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दिये और उस रात घर नहीं गये।  
    दूसरे दिन इन्हें शंका था कि भूपेन्द्र जीवित होगा अथवा उसके शव को कोई देख लेगा कहकर घटनास्थल गये जहां शव को घसीटते हुये नाला में डालकर उसके ऊपर पत्ते ढंक दिये थे। 
    घटना के बाद से बसंत भीमा पत्थलगांव की ओर भाग गया था जिसे क्राईम ब्रांच का स्टाफ थाना लैलूंगा लेकर आया। आरोपियों के कबूलनामे के बाद घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल जब्त किया गया तथा आरोपी बसंत भीमा पिता स्व. धरमसिंह भीमा उम्र 32 वर्ष एवं सुरेश उर्फ भुरू पिता केल्हा प्रजा उम्र 22 वर्ष दोनों निवासी करवाही थाना तमनार को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजकर 15 दिन का रिमाण्ड प्राप्त किया गया है।   

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 10 सितंबर। रायगढ़ जिला जेल में देर रात बाथरूम की सलाखें काटकर भागने का प्रयास करते हुए दो विचाराधीन कैदी पकड़ लिए गए।  अब इन दोनों को जेल के भीतर विशेष सेल में रखा गया है। वहीं लापरवाही बरतने के लिए एक प्रहरी को निलंबित कर दिया गया है।
    जेल सूत्रों  के अनुसार लैलूंगा निवासी विचाराधीन कैदी पुनीराम कोरवा पाक्सो एक्ट तथा बलात्कार के मामले में कैद है। उसके साथ खरसिया में एक व्यापारी के घर  घुसकर हत्या व डकैती करने वाला आरोपी गोल्डी उर्फ प्रवीण भी है। दोनों को बैरक क्र. 1 में रखा गया था। दोनों ने मिलकर जेल से फरार होने की योजना बनाई थी। इसमें से गोल्डी  ने जेल के भीतर चल रहे प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आरी छुपा ली थी और इसी आरी से बाथरूम में घुसकर उसकी सलाखें काटने का काम दोनों बारी-बारी से कर रहे थे। 
    9 तारीख के देर रात दोनों बंदी बाथरूम में जाकर छुप गए थे और वहां रात  खिड़की की सलाखें काटकर बैरक से बाहर हो गए थे। और इसमें से ये फरार होकर जेल की दीवार फांदकर फरार होने की फिराक में थे। दोनों की यह वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। लेकिन जेल के अधिकारियों को इनके भागने की जानकारी जेल की दीवार में लगे सायरन की आवाज सुनकर लगी और देखते ही देखते घेराबंदी करके दोनों को सुबह करीब 5 बजे दबोच लिया गया। इसमें से प्रवीण ने दीवाल फांदकर भागने की कोशिश की थी। 
    इस मामले में जेल अधीक्षक एस.के.मिश्रा ने तत्काल दोनों विचाराधीन कैदियों को पकड़कर विशेष सेल में डाल दिया है और इसकी सूचना जूटमिल पुलिस चौकी को देकर अपराध पंजीबद्ध करा दिया है। इससे पहले भी जिला जेल में  कैदियों के दो बार फरार होने की  कोशिश  हो चुकी है और दोनों ही मामलों में बंदी पकड़े जा चुके हैं।  
    जेल अधीक्षक एस.के.मिश्रा ने  बताया कि दोनों 8 तारीख से ही फरार होने की योजना बना चुके थे। दोनों में से एक प्रवीण ने जेल के भीतर से ही आरी चुराई थी जिसका उपयोग वह कर रहा था।  
    इस मामले में लापरवाही बरतने वाले प्रहरी शंकरलाल वर्मा को निलंबित कर दिया गया है।

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  • 4 गांव के ग्रामीणों ने की मुख्यमंत्री से  शिकायत 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 6 सितंबर। जिले के पूर्वांचल क्षेत्र स्थित ग्राम नवापारा चक्रधरपुर में स्थापित शिवशक्ति फैक्ट्री के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। चूंकि यहां लगी शिवशक्ति फैक्ट्री के काले धुंए से आसपास के 4 गांव के लोग खास परेशान हं।ै रोजाना निकलने वाले जहरीले धुंए से लोगों को बीमारी का शिकार तो बना ही रहा है साथ ही साथ गांव में सुबह उठते ही घरों की छत से लेकर फसलें काली हो रही है। इस मामले में कोई पहल नही होते देख गांव वालों ने अब न केवल मोर्चा खोल दिया है। सीएम रमन सिंह को पत्र लिखते हुए उद्योग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
     इन गांव वालों ने अपने पत्र में साफ तौर पर लिखा है कि यहां लगी शिवशक्ति उद्योग फैक्ट्री के जरिए फैलने वाले प्रदूषण पर कोई अधिकारी कार्रवाई नही कर रहा है और उल्टे ही शिकायत के बाद कागजी जांच करके उल्टे पांव लौट जाती है। समय रहते अगर चिमनियों से निकलने वाले काले धुंए पर कार्रवाई नही होती है तो 4 गांव के लोग अनिश्चितकाल के लिए धरना प्रदर्शन करते हुए आंदोलन का रूख अख्तियार लेंगे।  
     उल्लेखनीय रहे कि गत 31 अगस्त को रायगढ़ प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को शिव शक्ति फैक्ट्री से प्रभावित ग्राम नावागांव , चक्रधपुर, बंगुरसिया, चुनचुना आदि के प्रभावित ग्रामीणों ने मिलकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ लिखित शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि रायगढ़ जिले के चक्रधर नगर  थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नवागांव, चक्रधरपुर में स्थापित शिवशक्ति स्टील पावर लिमिटेड उद्योग द्वारा पिछले लंबे समय से मजदूरों के साथ अन्याय किया जा रहा है साथ ही पर्यावरण के नियमों का भी खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। उद्योग प्रबंधन के द्वारा प्रदूषण नियंत्रण यंत्र का उपयोग भी नही किया जा रहा है जिससे आस-पास के गांव के ग्रामवासी प्रदूषित वातावरण की परेशानी से जूझ रहे हंै।
     ज्ञापन में आगे कहा गया है कि शिवशक्ति स्टील पावर लिमिटेड उद्योग द्वारा क्षेत्र के विकास में अब तक किसी भी प्रकार का योगदान नही देखा गया है। सीएसआर के मद के तहत हमारे ग्रामवासियों के विकास से संबंधित कोई भी कार्य आज तक नही किया गया है। यहां उद्योग में कार्यरत मजदूरों  के साथ अन्याय किया जा रहा है तथा शासन से निर्धारित मजदूरी के अनुरूप उद्योग प्रबंधन द्वारा सही भुगतान नही किया जा रहा है। इसके साथ-साथ इनका शोषण करते हुए निर्धारित समय अवधि से अधिक काम लिया जा रहा है।
     नियमत: उद्योग में कार्यरत मजदूरों को 8 घंटे का कार्य करने का प्रतिदिन दर से 307 रूपये निर्धारित है। परंतु यहां ऐसा नही हो रहा है। मजदूरों से 12 घंटे कार्य करवाया जा रहा है। पुरूष मजदूरों  को 200 रूपये प्रतिदिन की दर से वय महिला मजदूरों को 127 रूपये प्रतिदिन की दर से मजदूरी दी जा रही है। जब भी मजदूरों द्वारा अपने अधिकार का उपयोग करते हुए शासन द्वारा निर्धारित मजदूरी की मांग किए जाने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। इस प्रकार की धमकी के दबाव में आकर यहां कार्यरत मजदूरों को मजबूरन कम दर पर कार्य करने पर विवश होना पड़ता है। उद्योग प्रबंधन के इस मनमाने रवैये के कारण मजदूर उद्योग के सामने धरना देने के लिए मजदूर हो गए है यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में आमरण अनशन के लिए भी मजदूर बाध्य होंगे। 
    सीएम के आदेश पर भी खानापूर्ति का मरहम 
    शिवशक्ति फैक्ट्री के खिलाफ ग्रामवासियों की लिखित शिकायत पर मुख्यमंत्री ने गंभीरता जताते हुए तत्काल जिलाधीश को इस मामले की जांच कराने के निर्देश दिए थे। जिनके निर्देश पर पर्यावरण विभाग की दो सदस्यीय टीम कल फैक्ट्री में जांच के लिए पहुंची। इस दौरान लेब टेक्नीशियन कर्मचारियों के साथ कंपनी का ही एक मुलाजिम पूरे समय मौजूद रहा और जांच टीम कंपनी में घूम फिरकर तथा खानापूर्ति करके लौट आई। इस दौरान टीम के सदस्यों ने शाम ढले शिकायत करने वाले कर्मचारियों को कंपनी में तलब किया। मगर शिकायतकर्ता कंपनी के भीतर जाकर शिकायत करने के लिए राजी नही हुए।  

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 5 सितंबर। रायगढ़ वन परिक्षेत्र के जुनवानी सर्किल में पिछले सप्ताह भर से हाथियों का उत्पात जारी है। यहां तीन हाथी हर रात जंगल से निकल कर गांव तक पहुंच रहे हैं और किसानों के धान की फसल को चौपट कर रहे हैं। इसके बाद भी विभागीय अधिकारियों का ध्यान नहीं है। ऐसे में किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 
    इस संबंध में जुनवानी के ग्रामीणों ने बताया कि 30 अगस्त से हर रात जंगल से निकलकर तीन हाथियों का एक दल गांव तक पहुंच रहा है और किसानों के खेतों में घुस कर हाथी जमकर उत्पात मचा रहे हैं। किसानों ने बताया कि हाथी अब तक तीन एकड़ से अधिक फसलों को नुकसान कर चुके हैं और सबसे अधिक नुकसान सोमरा का हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक सोमरा, जग्गू, फूल सिंह, मुरली व अन्य किसानों के फसल को हाथियों ने नुकसान किया है। बताया जा रहा है कि बीती रात भी हाथियों का दल किसानों के खेत में घुस गया था और काफी फसलों को चौपट कर दिया, लेकिन इस दौरान हाथियों को खदेडऩे के लिए विभागीय अमला मौजूद नहीं था। ऐसे में किसानों को यह डर भी सता रहा था हाथी खेतों से निकलकर बस्ती न पहुंच जाए।  
    हाथी मित्र दल निष्क्रिय
    जुनवानी व बंगुरसिया सर्किल में हाथियों का दल हर दिन विचरण कर रहा है, लेकिन हाथी मित्र दल यहां रात के दौरान नहीं पहुंचता है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी मित्र दल सिर्फ दिखावे के लिए बनाया गया है। हाथियों को भगाने के लिए पर्याप्त संसाधन भी विभाग के पास नहीं है। जिसके कारण ग्रामीणों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। 
    मुख्यालय में नहीं रहते
    वहीं किसानों ने बताया कि जुनवानी सर्किल प्रभारी भी रात के दौरान अपने मुख्यालय में नहीं रहते हैं। सिर्फ बीटगार्ड के भरोसे रात के दौरान जंगल को छोड़ दिया जाता है। विदित हो कि इससे पहले जुनवानी में शिकार का भी मामला सामने आ चुका है और इसका कारण भी यही बताया जा रहा है कि विभागीय कर्मचारी अपने मुख्यालय में नहीं रहते हैं। जिसका फायदा लकड़ी तस्कर व शिकारी यहां उठा रहे हैं। 

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    खरसिया, 5 सितंबर। डीजे चलाने को लेकर गणेश विसर्जन के दौरान दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने विकराल रूप धारण कर लिया है। तू-तू मैं-मैं से हुई शुरूआत घरों में घुस कर तोड़ फोड़ करने महिलाओं से छेड़छाड़, मारपीट और बलवा में तब्दील हो गई। पुलिस से भी झूमाझपटी किये जाने की बात सामने आई है। 
    हालांकि सब कुछ नियंत्रण में है,  परंतु यह विवाद अब स्थानीय बनाम बाहरी का बनता जा रहा है। बीती रात हुई घटना को लेकर 4 सितम्बर को नगर बंद रहा। दोनों पक्ष के लोग जगह जगह जमें जरूर रहे, पर शांति रही।  
    इस संबंध में एसपी रायगढ़ से बात किये जाने पर उन्होंने कहा कि पुलिस कानून के मुताबिक कार्रवाई कर रही है। स्थिति नियंत्रण में है। 
     रविवार को खरसिया में अनेक गणेश मूर्तियों का विसर्जन किया जा रहा था। जिनमें आतिशबाजी, ढोल और डीजे का इस्तेमाल किया जा रहा था। गणेश विसर्जन के दौरान भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष एवं वार्ड 9 के पार्षद राजेश घंसू एवं भाजपा के ही सक्रिय कार्यकर्ता कमलेश नायडू के बीच डी.जे. चलाने को लेकर कुछ कहासुनी हुई। देखते-ही-देखते वहां उपस्थित कुछ लोगों द्वारा डीजे वाली गाड़ी एवं ढोल-ताशा आदि को क्षति पहुंचा दी गई,  तब मामला गरमा गया। 
    पुलिस की दखलंदाजी से उस समय मामला शांत भी कर दिया गया। लेकिन इसे अहम मानते हुए कुछ लोगों ने फिर तू-तू मैं-मैं शुरु कर दी और बात हाथापाई तक जा पहुंची। इसके बाद समूह में एकत्र कुछ लोगों ने राजेष घंसू के घर में जाकर मारपीट की महिलाओं से बदसलूकी हुई। इससे मामला और आगे बढ़ गया। प्रतिक्रिया स्वरूप लगभग 100 लोगों के एक जत्थे ने पुरानी बस्ती में लाठी डण्डे से लैस होकर घरों में घुस कर बवाल मचाया। महिलाओं से बदसलूकी के साथ साथ गाली गलौच किया गया। पूरे घटनाक्रम में दोनों पक्ष से मामले दर्ज किये गए हैं। 
    पुलिस कार्रवाई कर रही है. सब कुछ कानून सम्मत होगा'
    -बीएन मीणा, एसपी रायगढ़

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    खरसिया/रायगढ़, 5 सितंबर। टिटलागढ़ से उतर कर मालगाड़ी के नीचे से निकलने के प्रयास में 25 वर्षीया महिला दोनों टांग और एक हाथ गवां बैठी। महिला को पहले खरसिया के सिविल अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया। बाद में उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रायगढ़ रिफर कर दिया गया है। जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। 
    सावन महंत पति संतोष महंत उम्र 25 वर्ष निवासी सक्ति बिलासपुर टिटलागढ़ पैसेंजर से 4 सितम्बर की सुबह खरसिया आई। 
    बताया जाता है कि जब वह टिटलागढ़ से उतर कर मालगाड़ी के नीचे से निकल रही थी तब मालगाड़ी स्टार्ट हो गई। इससे महिला का एक हांथ कंधे पर से और दोनों टांगे एड़ी के उपर से कट गई। लोगों ने जब यह दृष्य देखा तो भीड़ लग गई। आनन फानन में रायगढ़ जीआरपी को खबर की गई। 
    बुरी तरह घायल महिला को पहले खरसिया के सिविल अस्पताल ले जाया गया फिर वहां से प्रारंभीक उपचार के बाद रिफर किए जाने पर रायगढ़ भेज दिया गया। घायल सावन महंत उम्र 25 वर्ष की स्थिति गंभीर बनी हुई है। 

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  • 300 व 1000 मीटर रेस में लाया प्रथम स्थान 
    रायगढ़, 5 सितंबर।सीबीएसई फारईस्ट जोन स्केटिंग प्रतियोगिता 2017-18का तीन दिवसीय आयोजन छत्तीसगढ़ की राजधानी स्थित कृष्णापब्लिक स्कूल रायपुर में एक से तीन सितम्बर तक आयोजित की गई थी। जिसमें 14 वर्ष श्रेणी के अंतर्गत ईस्ट जोन प्रतियोगिता में चार प्रान्त (असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा एवं छत्तीसगढ़)केसी. बी. एस. ईस्कूल के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभागी के रूप में भाग लिया। इस स्केटिंग प्रतियोगिता में इंडियन स्कूल के कक्षा आठवीं की छात्रा से सेजल नायक ने इन-लाइन 300 व 1000 मीटर रेस में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक हासिल किया। 

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 2 सितंबर। आज दोपहर बंगुरसिया रोड स्थित एक पटाखा गोदाम के करीब अभिषेक प्लास्कि गोदाम में भयंकर आग लग गई। आग लगने की जानकारी जब आसपास के लोगों को लगी, तो उन्होंने मामले की सूचना निगम के दमकल विभाग में दी। इसके बाद आग को बुझाने के लिए प्रयास शुरू किया गया। जहां आग को बुझाने में दमकल विभाग के भी पसीने छुट गए, लेकिन करीब दो घंटे से अधिक की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। 
    इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक आज दोपहर करीब बारह बजे बंगुरसिया में स्थित एक पटाखा गोदाम के करीब अभिषेक प्लास्टिक गोदाम में आग लग गई। धीरे-धीरे आग इस तरह फैलने लगी कि पूरे गोदाम को आग की लपटो में आ गया। गोदाम से उठता धुंआ दूर से नजर आ रहा था। ऐसे में बंगुरसिया सहित आसपास के गांव के लोग यहां काफी संख्या में इक्_ा हो गए। इसके बाद तत्काल मामले की जानकारी निगम के दमकल विभाग में दी गई। जहां जिंदल का एक फायर ब्रिगेड व निगम का फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच कर आग को बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया गया। बताया जा रहा है कि करीब दो घंटे से अधिक के मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। वहीं पटाखा गोदाम में लगे इस भयंकर आग के कारण लोगों में दहशत का माहौल निर्मित हो गया था। बताया जा रहा है कि दो दिनों से यह गोदाम बंद था और जब आज सुबह यहां काम करने वाले लोग पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि गोदाम से धुंआ निकल रहा है। बताया जा रहा है कि आग अगर फटाखा गोदाम में लगती, तो आग और भी भयावह हो सकती थी। वहीं मामले की जानकारी लगते ही एसडीएम प्रकाश सर्वे व चक्रधर नगर थाना पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और मामले में एसडीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। उनका कहना था कि प्रबंधन से आग बुझाने के लिए किए गए इंतजामों की जानकारी ली जाएगी साथ ही साथ आग लगने के क्या कारण है इसका भी पता लगाया जाएगा। उन्होनें इस बात को माना कि पास ही स्थित पटाखा गोदाम तक आग पहुंच जाती तो बडी घटना घटने से क्षेत्र के लोगों को नुकसान पहुंचता।
    इस संबंध में बताया जा रहा है कि गोदाम में आग लगने के कारण लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। हांलाकि उक्त पंक्ति के लिखे जाने तक नुकसान का सही आंकलन नहीं किया जा सका है। 

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    सरसींवा,  28 अगस्त। आज सुबह  चारभाठा निवासी भाजपा युवा नेता उद्धव अजय के पिता की लाश चारभाठा बांध  रपटा में  मिली।  हत्या की आशंका पर पुलिस जांच कर रही है।
    प्राप्त जानकारी के अनुसार सरसींवा के समीपस्थ ग्राम चारभाठा निवासी एवं सरसींवा युवा मंडल भाजपा के महामंत्री उद्धव अजय के पिता पुनिराम अजय उम्र-45 वर्ष की लाश   लगभग 8 बजे प्रात: चारभाठा बांध के रपटा के पास  पाया गया। उन्होंने इसकी सूचना  पुलिस थाना सरसींवा को दी। सूचना मिलते ही थाना सरसींवा के प्रशिक्षु डी एस पी अखिलेश कौशिक अपने दल बल सहित घटना स्थल पहुंच कर घटना स्थल का मुआयना कर  उच्च अधिकारियों को सूचित किया।
    घटना के कुछ ही समय बाद एस डी ओ पी अहिरवार मौके पर पहुंचे। कुछ  समय बाद डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंची। साथ ही फॉरेंसिक टीम रायपुर से सरसींवा के लिए निकली है।
     मृतक के पुत्र उद्धव ने बताया कि पास के झुमका गाँव के एक मंगल जांगडे नाम का व्यक्ति हमारे घर मे घटना दिनांक शाम को 4 बजे एक बार बुलाने आया तथा रात को 10 बजे पुन: बुलाने आया था।
    चूंकि मृतक अक्सर रामायण के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए अपने मित्र मंगल जांगडे के साथ ही आया जाया करता था।  उस रात भी  मंगल  सरसींवा में बद्री दुबे के घर रामायण गाने के लिए दो बार बुलाने पहुंचा था।  आने की बात कहकर  घर से खाना खाकर 10 बजे  झुमका मंगल जांगडे के पास जाने को निकले थे।  इसी बीच रास्ते में चारभाठा बांध होते हुए उनको ग्राम झुमका जाना था। इसी बीच रपटे के पास उनकी लाश मिली। 
    लाश को देखने से प्राथमिक दृष्टि से हत्या का मामला नजर आ रहा है क्योंकि लाश के चहरे पर बाएँ गाल पर नाखून से खुरचने के निशान एवं नाक कान से खून निकलना और दाएँ कान के नीचे चोट के निशान हैं साथ ही कुछ दूरी पर शर्ट के बटन टूट कर धागा सहित बिखरा पाया गया। (बाकी पेज 8 पर)
    सरसींवा पुलिस ने समाचार लिखे जाने तक मर्ग कायम कर लाश के पोस्ट मार्टम हेतु सी एच सी बिलाईगढ़ भेजा गया जहां पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या य दुघर्टना की वास्तविक जानकारी सामने आएगी। पुलिस की जांच अलग अलग बिंदुओं पर जारी है तथा बहुत सारे टीम की मदद ली जा रही है।
    भाजपा जिला महामंत्री सुभाष जालान ने देखते ही हत्या की आशंका जाहिर करते हुए हत्यारों को ग्रिफ्तार कर उचित कार्यवाही करने की मांग की है साथ ही एस डी ओ पी बिलाईगढ़ से पूरे घटनाक्रम के बारे में पूछा।
    ज्ञात हो कि तीन माह पूर्व इसी स्थान पर चारभाठा निवासी एक 40 वर्षीय व्यक्ति को मृत अवस्था में पाया गया था जिसकी सूचना परिजनों द्वारा थाने में नहीं दी गई थी । ग्रामीणों ने डैम से नीचे उतरते हुए गिर कर खत्म हो गया कहकर थाना में सूचना नहीं दी थी।

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    छत्तीसगढ़ संवाददाता

    रायगढ़, 9 अगस्त। रायगढ़ जिले के खरसिया विधानसभा क्षेत्र में स्थित ग्राम भालूनारा में रहने वाली एक 18 वर्षीया युवती की हत्या के बाद उसके  शव को गाडऩे वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।  पुलिस टीम ने लाश को बरामद कर लिया है। जिस युवती की हत्या की गई थी वह ग्राम भालूनारा से बीते 13 जुलाई से लापता थी और परिजनों ने उसके गुम होनें की सूचना पुलिस को 4 अगस्त को दी थी।
     रिपोर्ट दर्ज होनें के बाद जब मामले की जांच शुरू की तो पाया कि ग्राम चोंढा का रहने वाला कौशल राठिया नाम के युवक से पूछताछ से इस मामले का खुलासा हुआ। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था और इसी बीच उसने बसंती को 13 जुलाई को घर भाग आने के बाद कुछ दिन साथ रहकर उसकी हत्या करके लाश को भालूनारा गांव में ही गाड़ कर छुपा दिया था। लगातार जांच के बाद पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की तो पूरे मामला का खुलासा हुआ। पुलिस ने घटना स्थल जाकर लाश को निकालकर जांच के लिए भेज दिया है। 
    खरसिया थाना प्रभारी ने बताया कि घरवालों ने अपनी लड़की की गुम होने की सूचना दर्ज कराई थी और जांच के दौरान आरोपी कौशल राठिया से उसका प्रेम प्रसंग होना का पता चला और पूछताछ के बाद उसने लडकी हत्या की बात कबूली। वहीं लड़की के पिता ने बताया कि उसे केवल इतना ही मालूम था कि उसकी बेटी 13 जुलाई से अचानक लापता हो गई थी और अब पता चला है कि उसकी हत्या हुई है।

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 5 अगस्त जिला प्रशासन की अनूठी पहल पर रक्षाबंधन के पर्व पर रायगढ़ जिले के ग्राम-सांगीतराई के शुभम खूंटे ने अपनी बहन आकृति खूंटे को शौचालय का उपहार दिया। यह उपहार पाकर शुभम की बहन आकृति की खुशी का ठिकाना न रहा। उसने बताया कि घर में ही शौचालय का निर्माण हो जाने से उसकी समस्या का समाधान हुआ है और अब उसे खुले में शौच नहीं जाना होगा। जिला प्रशासन की ओर से शौचालय का निर्माण करने के लिए टोल फ्री नंबर पर तकनीकी सहायता दी गई एवं निर्माण सामग्री भी प्रदान की गई। जिला कलेक्टर शम्मी आबिदी ने इस मामले में जिला पंचायत की सीईओ सहित जिले के सभी नगर पंचायत सीईओ को भी आदेश जारी किया है कि ओडीएफ की योजना को सफल बनाने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में रक्षाबंधन के अवसर पर भाई अपनी बहन को गिफ्ट में शौचालय देने की पहल करे ताकि स्वच्छता के प्रति संदेश आम लोगों के बीच जाए। 
    इसी तरह खरसिया विकासखण्ड के ग्राम-कुर्रू के  सुरजीत सिंह सोनी ने अपनी बहन संतोषी सोनी को शौचालय की सौगात दी। सुरजीत की बहन संतोषी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शौचालय का निर्माण मान एवं सम्मान से जुड़ा हुआ है और शौचालय का निर्माण हो जाने से अब खुले में शौच जाने से मुक्ति मिली है।  उल्लेखनीय है कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत शौचालय के प्रति जन-जागरूकता एवं उपयोग तथा व्यवहार में परिवर्तन लाने हेतु जिले के विकास खण्ड रायगढ़, खरसिया, धरमजयगढ़, सारंगढ़ एवं बरमकेला जो खुले में शौचमुक्त नहीं हुए है, इन विकासखण्डों में रक्षाबंधन एवं तीजा के पावन अवसर पर भाई के द्वारा अपने बहन एवं पति के द्वारा अपने पत्नियों को शौचालय निर्माण कर उपहार देने वाले व्यक्तियों को जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। इसके लिए निर्माण कराने वाले व्यक्ति को तीन फोटोग्राफ्स देना होगा जिसमें निर्माण करते हुए प्रदर्शित होना चाहिए। यह फोटो जनपद पंचायत में जमा किया जाएगा। 

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  • कलेक्टर के कई बार फटकार के बाद भी रोड निर्माण अधूरा
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 1 अगस्त। रायगढ़-सराईपाली नेशनल हाइवे 153 का निर्माण कर रही ऐरा कंपनी जो पिछले 2 साल से कछुए की गति से रोड का निर्माण कर रही है, लेकिन अब तक सिर्फ 35 प्रतिशत ही काम हो सका है। इस कंपनी की लापरवाही के कारण लोगों का जीना मुहाल हो चुका है। निर्माणधीन सड़क में आए दिन हो रहे हादसे में लोग बेवजह ही दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।  
    रायगढ़-सराईपाली नेशनल हाइवे मार्ग लंबे समय से जर्जरावस्था में था और लोगों की मांग थी कि इस रोड की बदहाली दूर हो, लेकिन नेशनल हाईवे के काम को स्वीकृति देने के बाद उसका निर्माण एरा कंपनी को देकर प्रशासन ने लोगों की मुसीबत पहले से अधिक बढ़ा दी है। अब आलम यह है कि इस मार्ग से लोग गुजरना तक नहीं चाहते हैं। हर दिन इस रोड पर दुर्घटनाएं घटित हो रही है। बताया जा रहा है कि रोड का निर्माण तो शुरू किय गया, लेकिन काम पूरा कर पाने में एरा कंपनी फिसड्डी साबित हो रही है।  अब सारंगढ़, बरमकेला, सरिया की ओर से रायगढ़ मुख्यालय तक आने के लिए दूसरे रास्ते का सहारा लेना पड़ रहा है। 
    जानकारों ने बताया कि इस सड़क निर्माण के लिए केंद्र सरकार द्वारा कुल राशि 328.71 जारी किया गया है और इस सड़क की निर्माण करने की कुल लम्बाई 84 किलोमीटर है। जिसे पूर्ण निर्माण करने की तिथि दो वर्ष का रखा गया था जो 28 फरवरी 2017 को पूर्ण हो गया है, लेकिन समय सीमा समाप्त होने के बावजूद भी ऐरा कंपनी द्वारा सिर्फ अभी रोड का 35प्रतिशत काम ही पूरा किया है। इसकी सजा, इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीर और सड़क किनारे बसे लोगों को मिल रहा है। राहगीरों का कहना है कि हम अपनी जान को जोखिम में डाल कर इस रोड पर चलते हैं। रोड इतना ज्यादा खराब है कि आए दिन  हादसे होते   रहते हैं।  
    पड़ चुकी है कलेक्टर की फटकार
    कलेक्टर शम्मी आबादी रोड की बदहाली को देखने व कछुआ गति के निर्माण को लेकर एरा कंपनी के अधिकारियों को पूर्व में फटकार लगा चुकी हैं। इसके बाद भी एरा कपंनी के अधिकारियों पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा। यही कारण है कि अब भी रोड का निर्माण पूरा नहीं हो सका है और हर दिन लोग इस मार्ग में परेशान हैं। 
    महिला व बच्चों की परेशानी
    क्षेत्रवासियों का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी इस मार्ग पर महिला व छोटे बच्चों को हो रही है। बच्चे घरों के बाहर खेल नहीं पा रहे हैं, तो महिलाओं को भी इस मार्ग पर आने-जाने में परेशानियां हो रही है। यही नहीं जब कोई इस क्षेत्र में गंभीर रूप से बिमार हो जाता है और डॉक्टर उन्हें जिला अस्पातल ले जाने की सलाह देते हैं, तो मरीज को रायगढ़ तक लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे उसकी स्थिति पहले से अधिक बिगड़ जा रही है।

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  • एक माह के भीतर तीसरी बार बंद हुआ नेशनल हाईवे

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    उदयपुर,  1 अगस्त।  अम्बिकापुर बिलासपुर मुख्य मार्ग पर उदयपुर से लगभग 17 किलोमीटर दूर शिवनगर स्थित अटेम नदी में डायवर्सन के लिए बने अस्थायी पुल के बह जाने से सोमवार को रात 8 बजे से आवागमन पूरी तरह ठप्प हो गया है। सोमवार को पहाड़ी क्षेत्रों में सुबह से ही लगातार भारी बारिश होने से अटेम नदी में दोपहर बाद पानी का बहाव काफी तेज होने लगा। शाम होते होते नदी में पानी का बहाव इतना बढ़ा कि पानी पुल के उपर बहने लगा। पानी के तेज बहाव की सूचना पाकर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उक्त मार्ग में प्रशासन द्वारा वाहनों का आवागमन बंद करा दिया। 
    धीरे धीरे नदी का पानी पुल से लगभग दो फीट उपर से बहने लगा, पानी सड़क के उपर से बहने पर पुल में बड़े झरने जैसी स्थिति बनी रही और रात आठ बजे के करीब धीरे धीरे पुल के हिस्से नदी में समाते चले गए, उपस्थित लोग केवल देखते रहे, इसके अलावा उनके पास कोई चारा भी नहीं था। एकाएक पुल के बहने से सड़क के दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की लम्बी कतार लग गयी। वाहन चालकों के चेहरों पर पुल के बहने का दर्द साफ नजर आने लगा था। 
    सुबह प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ अनुराग पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक आर.एस.नायक, अनुविभागीय अधिकारी आर.के.तम्बोली, एसडीओपी गरिमा द्विवेदी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी यशपाल सिंह, तहसीलदार सुधीर खलखो, थाना प्रभारी ईम्मानुएल लकड़ा सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित कंपनी के लोगों को अस्थायी पुल का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करने के संबंध में निर्देशित किया । इस बारे में अधिकारियों ने बताया कि मार्ग निर्माण में लगी कंपनी ने मौके पर उपस्थित लोगों ने तीन दिन में मार्ग चालु करने का आश्वासन दिया है। 
    ज्ञात हो कि इससे पूर्व भी एक बार पुल के बह जाने से तीन दिनों तक नेशनल हाईवे बंद था। उस वक्त आनन फानन में ह्यूम पाईप डालकर सड़क मार्ग को तीन दिनों के काफी मशक्कत के बाद चालू किया गया था। अभी एक सप्ताह पूर्व भी लगातार हो रही भारी बारिश से पानी पुल के उपर तक आ जाने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन के द्वारा बारह घंटे से भी अधिक समय तक अम्बिकापुर बिलासपुर मुख्य मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया था, उस समय भी क्षतिग्रस्त डायवर्सन में मरम्मत का काम युद्ध   स्तर पर हुआ था और अगले दिन लगभग ग्यारह बजे बारिश का पानी नदी में कम होने के बाद आवागमन प्रारंभ हुआ था। इस मार्ग के कटने से अब बिलासपुर से अम्बिकापुर होकर उत्तरप्रदेश व झारखण्ड जाने वाली सभी परिवहन प्रभावित हो रही है।  

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़/पत्थलगांव, 31 जुलाई।  जिले के धर्मजयगढ़   के  धार्मिक स्थल अंबेटिकरा के पास बहने वाली माड़ नदी में चार बच्चों के डूबने से मौत की खबर है। हालाकि अब तक डूबे चारों बच्चों की न तो लाश मिली है और न ही इनका कही पता चल पा रहा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद रायगढ़ से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूबीएस चौहान सहित गोताखोरों की एक टीम रवाना हो गई है। धर्मजयगढ़ पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है।  
    मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह करीब 10 बजे बिट्टू, नमन, राहुल, आदी नामक चार बच्चे एक साथ  कांवड में जल लेकर निकले थे। अंबेटिकरा के पास बह रही माड नदी में जैसे ही उतरे एक साथ बह गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की भी कोशिश की लेकिन नदी का बहाव तेज होने के चलते वे आगे निकल गए। 
    इस  घटना की जानकारी जैसे ही धर्मजयगढ़ में उनके परिजनों को मिली तो वे भी बदहवास होकर वहां पहुंच गए।  इसी बीच आनन-फानन में सदमे से भरी एक बच्ची की मां खुद ही नदी में कूदकर अपने बच्चे को खोजने के लिए आ गई लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उसे निकाल लिया। 
    इस संबंध में पुलिस अधीक्षक बद्रीनारायण मीणा ने बताया कि नदी में तीन या चार बच्चे डूबने की सूचना मिली है लेकिन इनकी संख्या को लेकर अभी भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने के चलते पुलिस को वहां भेजा गया है। साथ ही साथ बचाव दल के रूप में रायगढ़ से एक प्रशिक्षित तैराकों की टीम रवाना की गई है और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूबीएस चौहान को भी वहां भेजा गया है। ताकि बचाव कार्य में तेजी लाई जा सके। समाचार लिखे जाने तक चारों बच्चोंं का कोई पता नही चला है।  इन सभी की उम्र 12 से 14 साल बताई जा रही है। इनमें से बिट्टू व नमन के एक ही परिवार के होने की जानकारी मिली है। 

     

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    कुनकुरी, 30 जुलाई। मानसून की हुई भारी बारिश से अंचल की उफ नते नदी नालों से घिरे कलिबा, ढोढीडांड, हर्राडांड के बीच ईब नदी के किनारे स्थित घरसा घाट जंगल में जंगली हाथियों के दल द्वारा डेरा डालने से आसपास के ग्राम में दहशत का माहौल है।
     लम्बे समय से जंगली हाथियों की गतिविधियां इस क्षेत्र में नहीं हो रही थी, अचानक जंगली हाथियों के इस दल के आ जाने से विशेषकर किसानों को अपने फसल एवं जानमाल की सुरक्षा सताने लगी है। हाथियों के इस दल को देखने के लिये उमड़ रही लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिये तथा लोगों की सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस को भी सूचित किये जाने की भी जानकारी वन विभाग द्वारा दी गई है।
     विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार हाथियों की संख्या 12 बताई जा रही है, जबकि ग्रामीण इस दल में जंगली हाथियों की संख्या 25 से उपर बता रहे हैं। इसी प्रकार सेंदरीमुण्डा के नजदीक भी भरी नदी को पार न कर पाने वाले 3 हाथियों की उपस्थिति की सूचना भी मिली है।हाथियों द्वारा तीन किसानों के मकानों को क्षतिग्रस्त किये जाने की प्रारंभिक जानकारी मिली है। कुछ किसानों के मार्ग में पडऩे वाले खेतों की फसल भी खराब हुई है।
    शुक्रवार की दोपहर में ग्राम सेंदरीमुण्डा के हाईस्कूल के नजदीक लगभग 15 हाथियों की उपस्थिति की सूचना पाकर कुनकुरी वन विभाग की टीम स्थिति के नियंत्रण के लिये मौके पर पहुंची और छात्रों को स्कूल छुट्टी कराकर घर भेजने की व्यवस्था की गई। रात में हाथियों के दल से कुछ हाथी अपने पुराने आने जाने के मार्ग से घरसाघाट जंगल की ओर बढ़े रास्ते में नदी भरी होने के कारण कुछ छोटे हाथी नदी नहीं पार कर पाये और इसी क्षेत्र में बने हुए हैं।
    जंगली हाथियों का यह दल इस मार्ग से प्राय: आना-जाना करता रहा है। वन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रात होते ही हाथियों का दल अपने ठहरने के ठिकाने से आगे बढ़ता है और क्षेत्र के जंगलों से होते हुए फरसाबहार की ओर से ओडिशा के जंगलों की ओर चला जाता है। इसी प्रकार उधर से भगाये जाने पर जंगली हाथी इसी मार्ग का प्रयोग कर इस क्षेत्र में वापस लौटते हैं। 
    सेंद्रीमण्डा से निकलकर घरसाघाट कक्ष क्रमांक 1207 की ओर लगभग 12 हाथियों के जाने की तथा तीन हाथियों के सेंद्रीमुण्डा में होने की सूचना मिली है। लोगों की सुरक्षा के लिये वन में प्रवेश करने से नागरिकों को रोका जा रहा है तथा हाथियों से छेड़छाड़ करने से मना किया जा रहा है। छेड़छाड़ से हाथियों द्वारा आक्रोशित होकर हमला किया जा सकता है अत: लोग इनके निकट न जाये। हाथियों को क्षेत्र से भगाने का प्रयास किया जा रहा है।
    के के ओहदार, वनपरिक्षेत्राधिकारी कुनकुरी 

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  • रायगढ़, 26 जुलाई। चक्रधर गौशाला में कल फिर एक बछड़े की संदिग्ध मौत हो गई है और एक गाय मरणासन्न अवस्था में पड़ी हुई है। इस संबंध में गौशाला में कार्यरत रिटायर्ड पशुचिकित्सक क्षेत्र अधिकारी कन्हैय्या लाल पटेल ने बताया कि बछड़े की मौत किस वजह से हुई है, ये बता पाना अभी मुश्किल है। वहीं उन्होंने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि गौशाला में मरने वाले मवेशियों का प्रबंधन द्वारा पोस्टमार्टम भी नहीं कराया जाता है। महज एक रजिस्टर में एंट्री करके मृत मवेशी को दफना दिया जाता है। अब ऐसे में सवाल ये उठता है कि कही प्रबंधन के लोग दुधारू गायों की अफरातफरी कर अपने रजिस्टर में मृत घोषित कर दे तो इस बात की भनक तक किसी को नहीं होगी। बहरहाल विगत कई वर्षों से गौशाला समिति से जुड़े लोग इसी तरह से प्रबंधन में काबिज होकर गौशाला का संचालन मनमाने तरीके से कर रहे हंै।

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