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Posted Date : 14-Nov-2017
  • नरेश शर्मा
    रायगढ़,14 नवंबर।  उम्र 66 साल, पहले बढ़ाई, फिर मजदूरी। फिर  एक निजी स्कूल में चौकीदार प्रेमलाल ने अपनी बॉडी ऐसे बना ली है जिसे  आज का युवा भी देखता रह जाए। प्रेमलाल सुबह साढ़े 4 बजे उठते हंै और व्यायाम करने के बाद अपने काम काज में लग जाते हंै।  न कोई खास डाइट है और न ही हर रोज दूध और अंडे के लिए जेब में पैसा। बस जो भी रूखा-सूखा मिला खा लिया। 
    स्थानीय युवा इनकी तुलना हॉलीवुड एक्टर अरनॉल्ड श्वार्जनेगर से करते हैं। पर इनको न तो अरनॉल्ड की तरह अच्छी डाइट नसीब है और न ही जिम और ट्रेनर। जिस उम्र में लोग तमाम रोगों से घिर जाते हैं और उनकी दिनचर्या में दवाओं की एक झोली हरदम साथ रहती है उसी उम्र में गौशालापारा निवासी 66 वर्षीय प्रेम लाल निषाद की बॉडी देख युवा भी शरमा जाते हैं।  
    चौकीदार की नौकरी करने वाले प्रेमलाल अपने लिए दो जून की रोटी मुश्किल से जुटा पाते हैं।  (बाकी पेजï 5 पर)
    वर्ष 1966 में आई धर्मेंद्र और मीना कुमारी की फिल्म फूल और पत्थर ने प्रेमलाल की जिंदगी का मकसद ही बदल दिया।  इन्हें धर्मेंद्र की बॉडी इतनी अच्छी लगी कि ये हर रोज पुशअप और ईंट लेकर बाइशेप बनाने लगे। डंडे में दोनों तरफ ईंट बांधकर चेस्ट की एक्सरसाइज करने लगे।  फिर इलाके में एक साधारण जिम में जहां महीने में 100 रुपये देने पड़ते हैं कसरत कर रहे हैं। 
    66 साल की उम्र में ये हर रोज 400 पुशअप और 70 बेंच प्रेस, 50-50  राउंड बाइशेप और ट्राइशेप की एक्सरसाइज करते हैं।  प्रेमलाल बताते हैं कि चुस्त-दुरुस्त होने से ये अपनी जिंदगी को पूरे आनंद के साथ जी रहे हैं।  इन्होंने बताया कि ये अक्सर देखते हैं कि इनके साथ काम करने वाले बिस्तर पकड़ लेते हैं।  प्रेमलाल कहते हैं कि ये केवल दिनचर्या ठीक रखते हैं और एक्सरसाइज नियमित करते हैं। खाना समय पर खाते हैं।  ये सुबह 4 बजे उठ जाते हैं और रात में 9 बजे तक सो जाते हैं। प्रेमलाल को देखकर उनके स्कूल में पढऩे वाले छात्र भी उनके जैसा बनना चाहते हैं। वे प्रेमलाल को प्यार से सल्लू याने सलमान खान बोलते हंै।  
    लाइफ स्टाइल मुख्य कारण
    66 साल के प्रेमलाल के स्वस्थ्य शरीर व बॉडी बिल्डिंग के मामले में मेडिकल कॉलेज की डायटिशियन तब्बसुम खान के मुताबिक लाइफ स्टाइल किसी व्यक्ति के शरीर पर प्रभाव डालती है। कोई व्यक्ति सही समय पर नींद, खाना और कसरत करता है तो किसी स्पेशल डाइट की जरूरत नहीं है।  व्यक्ति के लिए उसका लाइफ रूटीन एंटी एज का काम करती है। सही समय पर खाना और सोना व्यक्ति के उम्र के संतुलन बनाकर रखता है।   (छत्तीसगढ़)

     

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Posted Date : 12-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 12 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा आज किसानों को बोनस देने के लिए बोनस तिहार मनाया जा रहा था। इसी दौरान एक ओर रामनिवास टॉकीज रोड पर सैकड़ों कांगे्रसियों के द्वारा धरना प्रदर्शन कर भाजपा सरकार की नाकामी व वदाखिलाफी को लेकर जमकर नारेबाजी कर रहे थे। इसके बाद सैकड़ों कांग्रेसी धरना प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री का घेराव करने के लिए कार्यक्रम स्थल जा रहे थे कि रास्ते में ही पुलिस ने सैकड़ों कांग्रेसियों को गिरफ्तार कर लिया।
    सुबह करीब 11 बजे से रामनिवास टॉकीज चौक पर कांग्रेसियों के द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शहर नगेन्द्र नेगी ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार के द्वारा जनहित के लिए कुछ भी नहीं किया जा रहा है। शहर से लेकर गांव तक की सड़के जर्जरावस्था में और लाख विरोध के बाद भी सरकार का ध्यान नहीं है। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री किसानों के हित की बात करते हैं, लेकिन उनके हित के लिए कुछ नहीं किया जाता है। चार सालों से बोनस नहीं दिया गया और अब चुनाव पास आ रहा है, तो एक साल का बोनस देकर फिर से किसानों को छलने का काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हम बोनस तिहार का विरोध नहीं कर रहे हैं। बल्कि किसानों के चार साल के बोनस की मांग करने के लिए हम आज सड़क पर उतरे हैं। 
    इस दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और धरना स्थल से निकल कर सैकड़ों कांग्रेसी मुख्यमंत्री का घेराव करने के लिए निकले, लेकिन विद्युत विभाग के सामने पुलिस के द्वारा पहले से कांग्रेसियों को रोकने के लिए बैरिगेट्स लगा दिए गए दिए और यहां कांग्रेसियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
     गिरफ्तारी देने वाले कांग्रेसियों में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शहर नगेन्द्र नेगी, निगम सभापति सलीम नियारिया, शाखा यादव, असरफ खान, संजय देवांगन, वसीम खान, लोकेश साहू, महिला कांग्रेस की स्नेहलता शर्मा, संजना शर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में कांगे्रसी शामिल थे।

     

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Posted Date : 11-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 11 अक्टूबर। जिले के घरघोड़ा तहसील न्यायालय में सारंगढ़ विधानसभा की पूर्व बसपा विधायक काम्दा जोल्हें के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए आगामी माह न्यायालय में पेश होने का आदेश जारी किया है। 
    घरघोड़ा निवासी पीडि़त हुलसराम लहरे से मिली जानकारी के अनुसार पूर्व विधायक काम्दा जोल्हें ने उससे उधारी की रकम तीन लाख रुपये वर्ष 2011 में ली थी और इस रकम को लौटाने के लिए कई बार सपंर्क किया, लेकिन काम्दा जोल्हें ने नगद पचास हजार रुपए देने के अलावा एक चेक दो लाख व दूसरा चालीस हजार का दिया था। दोनों चेक बाउंस हो गए। इसके बाद भी पूर्व विधायक काम्दा जोल्हे ने इस मामले में कोई जवाब नहीं दिया। 
    तब हुलसराम ने घरघोड़ा न्यायालय में एक परिवाद दायर किया। जिसमें पहले काम्दा जोल्हे को जमानत वारंट के आधार पर छोड़ा गया था और सुनवाई शुरू हो गई थी, लेकिन अब दूसरी पेशी के बाद वह न्यायालय के समक्ष पेश नहीं हो रही थी। ऐसे में न्यायिक मजिस्टे्रट प्रथम श्रेणी घरघोड़ा ने कल काम्दा जोल्हे के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए उसे अगली तिथि में पेश होने का आदेश दिया है। 

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Posted Date : 07-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    रायगढ़, 7 अक्टूबर। लैलूंगा क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम झरन में एक युवक ने अपनी मां को डंडे से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। युवक उसकी मां के चरित्र पर संदेह करता था। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा पर भेजा गया है।
     प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम झरन में उर्मिला कंवर (46 वर्ष) अपने लड़के गुरूवारू कंवर  और लड़की हरावती के साथ रहती थी।  पति सुखसाय की मौत पूर्व में हो चुकी थी।  गुरूवारू  अपनी मां के चरित्र पर शंका करता था और इसीको लेकर मां-बेटे में आए दिन विवाद होता था।  सुबह करीब 10 बजे इनका झगड़ा हिंसक रूप ले लिया और गुरूवारू  ने घर में रखे डंडे से पीट पीटक अपनी मां की हत्या कर दी। 
    घटना के समय घर पर कोई नहीं था। झगड़े की आवाज सुनकर गुरूवारू का बड़े पिताजी घर आकर देखा तो उर्मिला  मरी पड़ी थी। उसके चेहरे से खून निकल रहा था और उसके बगल में ही गुरूवारू  डण्डा लेकर खड़ा था।  उसने ही बताया कि अपनी मां को मार दिया है। घटना की रिपोर्ट पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय पेश किया गया है।

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Posted Date : 07-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 7 अक्टूबर। रायगढ़ वन परिक्षेत्र से तमनार रेंज की ओर हाथी का एक दल जा रहा था। जहां केलो नदी को पार करते दौरान एक हाथी का पानी में डूबने से मौत हो गई। उसके पीठ को देखने के बाद मामले की जानकारी देर शाम वन विभाग को लगी। 
    तमनार वनपरिक्षेत्र के प्रभारी रेंजर समीर जोनाथन ने बताया कि शाम को हाथी का केलो नदी में डूब जाने की सूचना मिली थी। तेज पानी व रात हो जाने के कारण उसे कल बाहर निकालना सम्भव नहीं था। ऐसे में आज सुबह से उसे निकालने का प्रयास किया गया और दोपहर डेढ़ बजे तक शव को बाहर निकाल कर आगे की कार्रवाई की गई है। 
    मिली जानकारी के अनुसार कल रात जुनवानी की आस से कसडोल तमनार रेंज की ओर हाथी का दल जा रहा था। रास्ते मे केलो नदी को पार करते दौरान एक हाथी पानी में फंस गया और उसकी संभवत: मौत हो गई। देर शाम को हाथी के पीठ को कुछ लोगों ने देखा और मामले की जानकारी वन अमला को दी गई, लेकिन रात होने व नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण उसे निकालना मुश्किल हो गया था।  आज सुबह से उसे पानी से बाहर निकालने के लिए अभियान चलाया गया। जहां करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद निकाल लिया गया। विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में उसका पोस्टमार्टम कर आगे की कार्रवाई की गई। 

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Posted Date : 03-Oct-2017
  • 50 से अधिक गांव के लोगों ने किया खनन का विरोध

    अपनी जमीन अपना कोयला की तर्ज पर किया आंदोलन

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 3 अक्टूबर। रायगढ़ जिले के तमनार ब्लाक में 2 अक्टूबर महात्मा गांधी जयंती पर फिर से कोयला सत्याग्रह का आयोजन किया गया जिसमें अकेले तमनार ब्लाक के लगभग 50 गांव के लोग इकट्ठा होकर महात्मा गांधी के नमक कानून की तर्ज पर कोयला कानून को तोड़कर वहां की जमीनों से कोयला निकालते हुए अपना विरोध दर्ज करवाया। 
    बीते 5 साल से तमनार ब्लाक में यहां के ग्रामीण महात्मा गांधी की जयंती पर इसी प्रकार का कोल सत्यग्रह आयोजित करते आए है जिसमें पांच हजार से भी अधिक की संख्या में कोल ब्लाक से प्रभावित 50 गांव के ग्रामीण इकट्ठा होकर रैली निकालते हुए सरकार के विरूद्ध नारेबाजी करने के बाद वहां स्थित कोयला खदान में कोयला खोदकर अपना विरोध जताते आ रहें है। कल देर शाम आयोजित इस कोयला सत्याग्रह में तमनार ब्लाक के गारे पेलमा के अलावा आसपास के कई गांव के लोग मिलकर इस कोयला सत्याग्रह को हर साल मनाते आए हंै।
     इन ग्रामीणों का यह आरोप है कि तमनार ब्लाक में कोयला के अप्रचुर मात्रा में भंडार है और यहां केन्द्र और राज्य सरकार बड़ी-बडी कंपनियों को कोयला उत्खनन करने की अनुमती देकर गांव के गांव उजाड रहें है लेकिन अब प्रभावित ग्रामीण खुद कोयला खोदकर उद्योगों को शासन के नियमानुसार कोयला बेचने के लिए तैयार हैं लेकिन सरकार उनकी नही सुन रही है। जिसके चलते कल 2 अक्टूबर के दिन महात्मा गांधी के नमक सत्याग्रह की तर्ज पर कोयला सत्याग्रह करते हुए सरकार के कानून को तोड़ा तथा उनके नियम को गलत बताते हुए प्रभावित ग्रामीणों को उनके अधिकार देने की बात कही। सत्याग्रह सत्याग्रह के प्रमुख डॉ हरिहर पटेल तथा एनजीओ जन चेतना मंच के राजेश त्रिपाठी व सवित रथ के अलावा विभिन्न प्रांतों से आए लोगों के सामने पहले एक आम सभा आयोजित की गई उसके बाद ग्राम गारे से एक रैली निकालकर पेलमा स्थित एसईसीएल द्वारा संचालित कोयला खदान के पास ग्रामीणों ने कोयला खोदकर अपना विरोध दर्ज करवाया। 
    बीते पांच से आयोजित होनें वाले इस आंदोलन में तमनार वासियों ने पहले जिंदल द्वारा ली गई गारे पेलमा की कोयला खदान आबंटन का जमकर विरोध किया  था और अब नए नीलामी के तहत वर्तमान में ये खदाने एसईसीएल की कस्टोडियन में संचालित हो रही है और आने वाले समय में चार और नई कोयला खदानें शुरू होनें की सुगबुगाहट तेज हो गई है जिससे 150 से अधिक गांव नक्शे से गायब हो जाएंगे। 

     

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Posted Date : 28-Sep-2017
  • कपड़ा लौटाने पर विवाद
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 28 सितंबर। जिले के खरसिया में बीती रात एक व्यापारी के साथ कपड़ा बदलने को लेकर हुए विवाद के बाद करीब दर्जन भर युवकों ने उसकी पीट-पीट कर हत्या कर दी। इस मामले में खरसिया पुलिस ने अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। शेष आरोपियों की तालाश जारी है। 
    पुलिस के मुताबिक रायगढ़ सिंधी कालोनी निवासी अर्जुन रोहड़ा की खरसिया  रेलवे स्टेशन सब्जी मंडी के पास कपड़ा दुकान  है। कल सुबह ग्राम सपिया निवासी विद्यानंद राठौर, लोकेश बंजारे उसकी दुकान से कपड़ा खरीद कर ले गए। देर शाम दोनों युवक कपड़ा  वापस करने पहुंचे और  रुपये वापिस मांगने लगे। तब अर्जुन ने कहा कि कपड़ा को बदलकर  दिया जाएगा, रुपये वापस नहीं होगा। इसी को लेकर उनके बीच  विवाद बढ़ गया। फिर इन दोनों ने अन्य साथियों को वहां बुला लिया और देखते ही देखते मामूली विवाद मारपीट में तब्दील हो गया। 
    विद्यानंद राठौर, लोकेश बंजारे अपने साथी गोपाल निषाद, भोला निषाद, राजेश राठौर, रामभगत राठौर, युधिष्ठर राठौर, राजकुमार, सहित अन्य लोगों के साथ मिलकर लात-घूसों से उसकी जमकर पिटाई की और मौके से फरार हो गए। 
    इस घटना में अर्जुन को गंभीर चोटें आईं। खरसिया चौकी में रिपोर्ट दर्ज करवाकर रायगढ़ लौट रहा था कि एकाएक  बेहोश होकर गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 
    अर्जुन की रिपोर्ट पर पुलिस ने विद्यानंद राठौर, लोकेश बंजारे, गोपाल निषाद, भोला निषाद, राजेश राठौर, रामभगत राठौर, युद्धिष्टिर राठौर, राजकुमार, सहित अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया था, लेकिन अर्जुन की मौत हो जाने के बाद अब पुलिस हत्या का अपराध भी कायम कर नौ आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
    एसडीओपी, खरसिया अशोक वाडेगांवकर ने बताया किकपड़ा बदलने की बात पर उपजे विवाद में अर्जुन को युवकों ने पीटा था। बाद में अर्जुन की मौत हो गई। मामले में करीब नौ आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। शेष आरोपियों की तालाश जारी है। 

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Posted Date : 27-Sep-2017
  • ठेकेदार ने किया गड़बड़झाला, पीडि़तों ने की शिकायत, निगम अफसर जांच की बात कह रहे 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    रायगढ़, 27 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की जनता को स्वच्छ भारत अभियान के तहत जोडऩे तथा स्वच्छता के प्रति काम करने के लिए जोरशोर से प्रचार किया जा रहा है। साथ ही साथ खुले में शौच के मामले में भी घर-घर में टॉयलेट बनाने के लिए एक अभियान छेड़ा गया है, लेकिन यह अभियान कई इलाकों में कमाई का जरिया बन गया है। अकेले रायगढ़ नगर पालिक निगम में एक करोड़ रुपए के टॉयलेट कागजो में बना कर उसकी राशि निकाल ली गई और अब निगम अधिकारी इसकी जांच की बात कह रहे हैं। वहीं जिन घरो में टॉयलेट बना है, वे राशि के लिए भटक रहे हैं। 
    सूचना के अधिकार के तहत टॉयलेट गड़बड़ी का एक बड़ा खुलासा सामने आया है। जिसमें ठेकेदार संजय अग्रवाल ने कागजो में टॉयलेट बनाकर सरकारी राशि की गड़बड़ी कर दी है। रायगढ़ नगर निगम के वार्ड नंबर 35, 36 में टॉयलेट बनाने के नाम पर निगम से बकायदा एक करोड़ की राशि आहरित कर ली गई और ठेकेदार संजय अग्रवाल ने इस राशि को निकालने के बाद निगम को एक सूची सौंप दी। जिसमें इन्होंने लगभग सौ टॉयलेट बनाने की जानकारी दी है। मजे की बात यह है कि इन दोनों वार्डों में जो घरा के भीतर या बाहर टॉयलेट बना है, वे संबंधित घर के मालिकों के द्वारा अपने रुपए से बनाया गया है। जबकि ठेकेदार ने इन्हीं टॉयलेटों के नाम से राशि निकाल भी ली है। पीडि़त बताते हैं कि खुद के रुपए से बनाए गए टॉयलेटों की रकम निगम से नहीं मिला है। कई टॉयलेट तो ऐसे हैं, जो बने ही नहीं हैं। उनकी राशि आहरित कर ली गई और अब इनके नाम से थाने में शिकायत की गई है। बहरहाल स्वच्छ भारत अभियान के तहत खुले में शौच बंद करने के नाम पर वार्डों में बनाए गए टॉयलेट घोटाले से यह बात साफ हो जाती है कि अधिकारी व ठेकेदारों की मिलीभगत से करोड़ो के घोटाले हो रहे हैं और जांच के नाम पर लीपापोती का दौर जारी है। 
    नहीं बनाया टॉयलेट
    आरटीआई कार्यकर्ता नवरत्न शर्मा ने बताया कि टॉयलेट बनाने के नाम पर ठेकेदार संजय सिंह का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। आरटीआई कार्यकर्ता बताते हैं कि जूटमिल क्षेत्र के दो वार्डों में ही करीब सौ टॉयलेट बनाने के नाम पर राशि निकाल ली गई और वे टॉयलेट ठेकेदार ने बनाया ही नहीं। 
    नहीं हो सकी रिपोर्ट दर्ज
    वार्ड नंबर 31 में निवासरत आरती शर्मा पति ओमप्रकाश शर्मा ने तो बकायदा टॉयलेट चोरी होने का एक आवेदन बना कर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए जूटमिल चौकी पहुंची थी। आरटीआई कार्यकर्ता ने बताया कि जब रिपोर्ट दर्ज कराने गए थे, तब पुलिसकर्मियों ने यह कह कर वापस लौटा दिया कि सभी हितग्राही कलेक्टर के पास एक ओवदन दे और वहां से आदेश होने के बाद 420 का अपराध कायम किया जाएगा। 
    स्वच्छ भारत अभियान के तहत जो शौचालय में घर पर बनाया गया है। वह विगत एक वर्ष से अपूर्ण है। इसकी जानकारी मैंने मौखिक रूप से वार्ड पार्षद व संबंधित ठेकेदार से की है। इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है। 
    सुनिता सिंह, वार्डवासी
    मेरे घर में जो शौचालय का निर्माण कराया गया गया है। इसका बिल भुगतान भी ठेकेदार द्वारा नगर निगम से करवा लिया गया है, तो टॉयलेट मेरे घर में नहीं है। इससे मुझे लगता है कि ठेकेदार द्वारा बनाया गया वह टॉयलेट चोरी हो गया है। 
    आरती शर्मा, वार्डवासी
    अगर इस बात का खुलासा हुआ है कि टॉयलेट कागजो में बना है और सरकारी राशि का दुर्पयोग हुआ है, तो इस मामले में ठेकेदार के उपर कार्रवाई होनी चाहिए। 
    मधुबाई, महापौर नपानि
    जूटमिल क्षेत्र में वार्ड नंबर 35, 36 में बनाए गए टॉयलेटों की राशि निकालने के नाम पर गड़बड़ी हुई है। जिसकी जांच की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    विनोद कुमार पाण्डेय
    नगर पालिक निगम,रायगढ़

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Posted Date : 27-Sep-2017
  • मातहत महिला से छेड़छाड़ का आरोप 

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़,27 सितंबर। जिले के तमनार ब्लाक में स्थित जिंदल पावर लिमिटेड के अधिकारी शशिकांत प्रसाद को देर रात तमनार पुलिस ने रायगढ़ से गिरफ्तार किया। आज सुबह घरघोड़ा न्यायालय में पेश किया है जहां उनकी सुनवाई जारी है।  शशिकांत प्रसाद 13 जुलाई से फरार था और उनके एक अन्य अधिकारी रविशंकर को हाल ही में हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। 
    तमनार पुलिस  के अनुसार 13 जुलाई को जिंदल के वरिष्ठ अधिकारी शशिकांत प्रसाद और रविशंकर के खिलाफ जिंदल पावर में ही कार्यरत महिला अधिकारी ने अपने साथ हुई छेड़छाड व अश्लील हरकत संबंधी शिकायत की थी जिस पर तमनार पुलिस ने धारा 354, 354 क 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था। इसके बाद से शशिकांत प्रसाद व रविशंकर फरार थे। हाल ही में हाईकोर्ट से रविशंकर को अग्रिम जमानत मिल गई थी। 
    कल देर रात तमनार पुलिस को सूचना मिली थी कि उक्त अधिकारी रायगढ़ के किरोड़ीमल चौक के आसपास देखा गया है तब पुलिस ने घेराबंदी करके शशिकांत प्रसाद को गिरफ्तार किया।  शशिकांत   को आज सुबह घरघोड़ा न्यायालय में पेश किया गया जहां उनकी सुनवाई जारी है।  
    महिला आयेाग ने भी जताई थी नाराजगी
    अपनी मातहत महिला अधिकारी के साथ छेड़छाड़ व अश्लील हरकत की शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज होने पर रायगढ़ पुलिस अधीक्षक ने इसकी जांच के लिए एक विशेष टीम का   गठन किया था। उसके  बाद भी  गिरफ्तारी नहीं होने पर छत्तीसगढ़ महिला आयोग ने पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर नाराजगी भी जताई थी। 

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Posted Date : 25-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 25 सितंबर। पतरापाली स्थित जिंदल स्टील एण्ड पावर प्लांट परिसर  स्थित आफिसर्स हास्टल में कल शनि सिंह नामक इंजीनियर के द्वारा की गई आत्महत्या के बाद एक नया मामला सामने आया है। जिसमें हॉस्टल के ही कुछ इंजीनियरों ने सीधे-सीधे जिंदल के अधिकारी वाईस प्रेसिडेंट डी.पी.घोष पर रैगिंग के साथ-साथ मानसिक प्रताडऩा का आरोप लगाया है। साथ ही साथ शनि सिंह की आत्महत्या के पीछे भी इसी कारण को मुख्य ठहराते हुए घटना की सूक्ष्म जांच की मांग की है। 
    जिंदल स्टील एण्ड पावर प्लांट परिसर के भीतर कल शनि सिंह ने अपने कमरे में लगे पंखे पर फांसी  लगा ली थी। क्राईम ब्रांच व कोतरा रोड पुलिस ने पंखे से लटकते शव के पैरों को जमीन से छूने पर आश्चर्य जताया था। वहीं लाश के पास सुसाईड नोट बरामद नहीं हुआ।  
    अब जिंदल के ही कुछ इंजीनियर 'छत्तीसगढ़' को अपना नाम सामने नहीं लाने की शर्त पर आज फोन करके बताया कि जिंदल के इस आफिसर्स हॉस्टल में जिंदल के ही वरिष्ठ अधिकारी डी.पी.घोष अपनी मनमानी करते आ रहे हंै और वे हॉस्टल में रहने वाले इंजीनियरों की न केवल रैगिंग लेते थे बल्कि उनके स्थानांतरण की भी धमकी देते हुए मानसिक रूप से परेशान करते थे। 
    पीडि़त एक इंजीनियर ने फोन पर बताया कि शनि सिंह के साथ भी कुछ दिन पहले ऐसा हुआ था और उसके बाद से वह परेशान रहने लगा था। जिसके चलते  उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
    फोन करने वाले इंजीनियर के साथ चार और इंजीनियर व कर्मचारी शामिल थे जो यह दावा कर रहे थे कि डी.पी.घोष के इस कृत्यों की जांच ईमानदारी से की जाए तो वे सामने आकर गवाही देने को भी तैयार हंै। उन्हें डर है कि  अगर वे सामने आते हंै तो पुलिस से मिलीभगत करके वे पूरे मामले को दबाने में कामयाब हो जाएंगे और उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। 
     जिंदल के आफिसर्स हॉस्टल में रैगिंग के इस खुली शिकायत के बाद मामले में न केवल नया मोड़ सामने आ रहा है बल्कि जिंदल के भीतर बड़े अधिकारियों द्वारा अपने ही मातहत अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ रैगिंग जैसे अपराधों को अंजाम देना बताता है कि कैसे वहां काम करने वालों को मानसिक रूप से प्रताडि़त करके उनका शोषण किया जा रहा है।  
    जांच जारी है- पुलिस
    इस मामले में प्रशिक्षु डीएसपी व कोतरा रोड़ थाना प्रभारी मंजूलता बाज का कहना है कि जिंदल के इंजीनियर द्वारा अपने हॉस्टल के कमरा नंबर 30 में फांसी लगाकर आत्महत्या के मामले में हर पहलू की जांच की जा रही है चूंकि आत्महत्या स्थल पर कोई सुसाईड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिसके चलते अब मृतक के सभी दोस्तों तथा जिंदल के अधिकारियों से बात करके आगे की जांच की जाएगी। साथ ही साथ अगर रैगिंग संबंधी जानकारी सही पाई जाती है तो संबंधित दोषी अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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Posted Date : 23-Sep-2017
  • मां को बचाया गया, जांच में जुटी पुलिस
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 23 सितंबर। रायगढ़ जिले के सारंगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत  ग्राम भेड़सार में एक महिला द्वारा अपने दो बच्चों को कुएं में फेंकने के बाद खुद छलांग लगाने की मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना में दोनों बच्चों की जान चली गई वहीं महिला को बचा लिया गया है।
     पुलिस के अनुसार कल शाम भेडसार गांव में केवड़ाबाई सिदार नामक महिला खेत में काम करने गई थी। उसी दौरान उसके पांच व सात साल के दो बच्चे कुएं में गिर गए और उन्हें बचाने के लिए खुद महिला भी कुएं में कूद पड़ी। 
    वहीं गांव वालों का कहना है कि केवड़ाबाई  काम करते हुए अचानक कुएं के पास आई और उसने एक के बाद एक दोनों बच्चों को कुएं में फेंक दिया तथा उसके बाद खुद कूदकर खुदकुशी की कोशिश की। 
    आसपास के ग्रामीणों ने महिला और दोनों बच्चों को बाहर निकाला तब तक दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी तथा केवड़ाबाई बेहोश थी। इस घटना की जानकारी आज सुबह सारंगढ़ पुलिस को मिली। अस्पताल में भर्ती केवड़ाबाई के होश में आने के बाद  बयान दर्ज  किया जाएगा।
     ग्राम भेंडसार में घटी इस घटना के दोनों अलग-अलग पहलु सामने आने के बाद पुलिस भी अपनी जांच में अलग-अलग बात कह रही है चूंकि गांव वालों ने अपने बयान में पुलिस को जानकारी देते हुए बताया था महिला ने खुद दोनों बच्चों को कुंए में फेंका था और खुद कुंए में छलांग लगा दी थी। गांव वालों का यह भी कहना है कि पारिवारिक कलह के चलते पीडि़त महिला ने यह कदम उठाया है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम करके मामले की जांच शुरू कर दी है। 

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Posted Date : 22-Sep-2017
  • सांपखार जंगल में लगा लोगों का तांता
    नरेश शर्मा
    रायगढ़, 22 सितंबर (छत्तीसगढ़)। जिले के पूर्वांचल स्थित महापल्ली सकरबोगा से कनकतुरा के बीच सांपखार जंगल में नवरात्र पर्व की धूम है । छत्तीसगढ़ और ओडिशा के ठीक बॉर्डर में स्थित सांपखार मंदिर जहां पिछले 8 वर्षों से दोनों राज्यों के लोगो के आपसी सहयोग एवं भाईचारे से नवरात्र पर्व एवं दशहरा का आयोजन किया जाता रहा है ।  इस अनोखे मंदिर में पूजा पाठ के लिए छत्तीसगढ़ ही नही बल्कि ओडिशा के भी लोग बड़ी संख्या में पहुंचते है। श्रद्धा एवं विश्वास  के चलते पहाडिय़ों से घिर यह इलाका शताब्दी पूर्व मंदिर के चलते पहले से ही प्रसिद्ध है और अब जीवित सांप के मंदिर में आ जाने से भक्तिभाव से पूजा पाठ का दौर बढ़ते जा रहा है। जिस जगह यह सांपखार मंदिर है वह रायगढ़ जिला मुख्यालय से मात्र 15 किलोमीटर दूर स्थित है और इसकी एक सीमा उड़ीसा को छूती है तो दूसरी छत्तीसगढ़ से लगी हुई है।  इस रास्ते का उपयोग जामगांव, ब्रजराजनगर, हिमगिर तथा आसपास के लोग इसलिए करते है चूंकि  उड़ीसा सीमा से लगा रायगढ़ जिला ग्रामीण इलाकों से आने जाने वालों के लिए सबसे पास का रास्ता है।
    नवरात्र के प्रथम दिवस कलश यात्रा में दोनों प्रान्तों से आये महिलाओं ने हिस्सा लिया तथा नवरात्र में माँ दुर्गा के  प्रथम स्वरूप माँ शैल पुत्री की पूजन अर्चन की गई । सांपखार का यह मंदिर माहुल पहाड़ और कबरा पहाड़ के बीच स्थित है जहां सर्प देवी की पूजा होती है , इसे वर्तमान में साँप खंडिंन देवी के रूप माना एवम पूजा जाता है। यह दोनों राज्यो का एक मात्र ऐसा मंदिर है जहां सर्प की पूजा होती ै । हाल ही के कुछ महीनों से इस मंदिर में पेड़ के खोह में एक सर्पदेव विराजमान हैं जो कही नहीं जाता अगर बाहर निकल गया तो पुन: इस खोह में आ जाता है। 
    पत्थर रूपी सर्पदेवी के बाद अब इस जीवित सर्प की पूजन कर रहे है फूल एवं सिंदूर चढ़ाई जा रही है । यह सर्प अब लोगो मे आस्था एवम कौतूहल का विषय बन गया है। दूर दूर से लोग यहां आ रहे है । नवरात्र के प्रत्येक दिवस भंडारा  के साथ विभिन्न आयोजन भक्ति भजन गायन वादन संपादित होनी है। 30 सितंबर को रावण दहन किया जायेगा तथा भंडारा भी होगी। यह आयोजन दोनों राज्यों के गांव छतीसगढ़ से सकरबोगा कोसम पाली , विश्व्नाथ पाली , लोईग , बनोरा महापल्ली साल्हेवना अलावा नेतानगर , एकताल , धनुआ डेरा तथा ओडि़सा के झार गांव , बाबुढेरा , कनक तोरा , बादिमाल , बढ़धरा , लुआबगा , साडेरा सहित बीस से अधिक गांव के 10 हजार से अधिक लोग इस मेले में शामिल होते है। वहीं आयोजन समिति भी दोनों राज्यो के बीच के सदस्यों की है जिनके परस्पर सहयोग से संपादित किया जा रहा है । 
    समिति के अध्यक्ष धनुआ डेरा गांव के सनत कुमार गुप्ता है जबकि उपाध्यक्ष नेतानगर के मनेनदर सिंह जताल है। 30 से अधिक कार्यकारिणी के सदस्य हैं ।

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Posted Date : 20-Sep-2017
  • संबलपुर में अवैध रूप से बेची थी लाखों की सिरप
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    खरसिया, 20 सितंबर। स्थानीय अशोक मेडिकल के मालिक अशोक अग्रवाल को संबलपुर पुलिस ने नशीली दवा अवैध ढंग से बेचने के मामले में  गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 
    मिली जानकारी के अनुसार इस संबंध में संबलपुर जिले के अइंठापाली थाने में एक मामला कुछ दिन पहले दर्ज हुआ था। जिसमें खरसिया के दवा व्यापारी अशोक अग्रवाल ने संबलपुर के एक व्यापारी को काफी मात्रा में कफ सिरफ सप्लाई की थी और यह कफ सिरफ 27 अगस्त 2017 को  एक बस से उतारते समय पुलिस ने पकड़ा था।
    जांच के बाद यह पाया कि काफी मात्रा में नशीली सिरफ बेचने के मामले में घोर लापरवाही बरती गई थी। जिसमें दवा व्यवसायी अशोक अग्रवाल ने संबलपुर के एक व्यापारी को साढ़े तीन लाख रुपये की डेढ़ हजार से अधिक कफ सिरप बेची थी, लेकिन जिस व्यापारी को यह सिरफ बेची गई थी। उसके पास न तो लायसेंस था और न ही कोई अन्य दस्तावेज मिला। 
    इसके बाद संबलपुर के अइंठापाली पुलिस ने 18 सितंबर को खरसिया आकर अशोक अग्रवाल की दुकान में छापा मारा और कागजातों की जांच की। दुकान से एक हजार सिरप की बोतल जब्त कर अशोक  को गिरफ्तार किया। 
    मामले में खरसिया पुलिस ने भी संबलपुर पुलिस का सहयोग देते हुए पूरे मामले में साथ जांच की। 
    अधिकारिक सूत्रों  के मुताबिक मादक पदार्थ की अवैध सप्लाई एवं बिना लायसेंस दवा बिक्री करने संबंधी धाराओं के तहत अपराध कायम कर उसे जेल भेज दिया गया है। 

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Posted Date : 16-Sep-2017
  • ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 16 सितंबर। सायकिल  सवार  आईटीआई छात्र को विपरित दिशा से आ रही ट्रेलर के चालक ने ठोकर मार दिया। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया और मुआवजा की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। मामले की जानकारी लगने पर तत्काल प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को शांत कराने की कोशिश करने लगे।
    इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक घरघोड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम डेहरीडीह निवासी राजेन्द्र श्रीवास 20 वर्ष प्रतिदिन की तरह आज भी अपने सायकिल पर सवार होकर आईटीआई में पढऩे के लिए जा रहा था। इसी दौरान विपरित दिशा से आ रही एक टे्रलर के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए उसे ठोकर मार दिया। इससे मौके पर ही राजेन्द्र की मौत हो गई। 
    घटना के बाद आसपास के लोगों की वहां काफी संख्या में भीड़ लग गई और मामले की जानकारी उसके परिजनों को दी गई। इसके बाद कटंगडीह व डेहरीडीह के ग्रामीणों ने मौके पर पहुंच कर चक्काजाम कर दिया। यहां प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दस लाख रुपए मुआवजा की मांग करने लगे। जब ग्रामीणों के चक्कजाम की जानकारी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को लगी, तो पुलिस के उच्च अधिकारी व एसडीएम मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाईश देने लगे, लेकिन कोई भी मानने को तैयार नहीं था। वहीं उक्त पंक्ति के लिखे जाने तक चक्काजाम जारी था।
    कंटेनर  की ठोकर से युवक घायल
    बीती रात कंटेनर वाहन की ठोकर से एक बाईक सवार युवक घायल हो गया। जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।  
    मिली जानकारी के अनुसार बीती रात 11 बजे रायगढ़-घरघोड़ा मार्ग पर स्थित श्याम पेट्रोल पंप के पास कंटेनर वाहन की ठोकर से बाईक सवार युवक शैलेष शर्मा घायल हो गया। वहां उपस्थित लोगों ने घटनाकारी वाहन चालक को दौड़ाकर पकड़कर पुलिस हिरासत में देते हुए तत्काल वाहन की व्यवस्था कर घायल युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। इसके बाद घटना की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी वाहन चालक के खिलाफ जुर्म दर्ज कर वाहन को जब्त कर लिया है। वहीं आरोपी चालक भी पुलिस हिरासत में है।  

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Posted Date : 13-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 13 सितंबर। जिला मुख्यालय से सटे और शहर के पूर्वांचल क्षेत्र से जुडे रायगढ़ संबलपुरी मार्ग के आगे तिलगा भगोरा रोड की जर्जर स्थिति से परेशान क्षेत्र के डेढ दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीणों ने कल दोपहर जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए इस मार्ग के लिए जीर्णोद्धार की स्वीकृत न होनें पर आगामी 5 अक्टूबर से धरना प्रदर्शन व आर्थिक नाकेबंदी की चेतावनी दी है। 
    प्राप्त जानकारी के अनुसार संबलपुरी मार्ग पर माता मंदिर के आगे तिलगा भगोरा रोड जो जामगांव स्टेशन तक अत्यंत जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है और सड़क की भयावह स्थिति के कारण करीब 15 कि.मी. की यह सड़क ग्रामीणों की परेशानी का कारण बना हुआ है। जिससे क्षेत्रवासी काफी आक्रोशित है। इन प्रभावित ग्रामों के ग्रामीणों ने आज जिलाधीश के नाम ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की चेतावनी दी है। 
    जिलाधीश के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि संबलपुरी चौक से जामगांव स्टेशन तक दूरी 15 कि.मी. है जिसकी सड़क की स्थिति बहुत ही ज्यादा खराब हो गई है। इस सड़क से कई फैक्ट्रियों के भारी वाहनों का आवागमन होता रहता है। जिससे प्रमुख रूप से एम.एस.पी. जामगांव, मां मंगला नटवरपुर, मां मणी नटवरपुर, शिव शक्ति चक्रधरपुर, शाकम्बरी सम्बलपुरी एवं अन्य फैक्ट्री के भारी वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। इस कारण सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए है और इस सड़क पर चार चक्का के वाहनों के आने-जाने के लायक नही है। इस सड़क से बादपाली, तिलगा, भगोरा, सराईपाली, मनुवापाली, सपनई, सिकोसीमाल, बलभद्रपुर, अड़बहाल, कुम्हिबहाल, झारगुडा, देवबहाल, धुमाबहाल, कोलाईबहाल, के लोगों का रायगढ़ आने-जाने का एक मात्र मार्ग है इन 14 गांवों के लोगों को इस सड़क से बहुत ही ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। 
    इस क्षेत्र के लोगों ने पिछले 10-12 वर्षो  से कई बार शासन का ध्यान आकर्षण किया  व कई बार धरना प्रदर्शन कर शासन को भी अवगत कराया गया है। पिछले कई वर्षो से इस क्षेत्र के लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहें है। इस क्षेत्र के लोगों का धैर्य रखने का और साहस नही है इसलिए संबलपुरी से जामगांव रेलवे स्टेशन तक का सड़क निर्माण कार्य अगर 5 अक्टूबर तक प्रारंभ नही किया गया तो इस क्षेत्र के लोग सड़क निर्माणके लिए सुरेन्द्र सिदार अध्यक्ष जिला वनोपज रायगढ़ जिला पंचायत सदस्य तमनार रायगढ़ की अगुवाई में धरना प्रदर्शन व आर्थिक नाकेबंदी के लिए मजबूर होंगे। जिसकी जवाबदारी छ.ग.शासन की होगी। 
    पहले दिया धरना तो हुई थी एफआईआर
    यह पहला अवसर नही है जब क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस जर्जर सड़क को बनाने के लिए आंदोलन शुरू किया है। दरअसल करीब दस साल पहले प्रधानमंत्री सड़क के रूप में बनी इस सड़क का दूसरी बार अब तक जीर्णोद्धार नही हो सका। जिसके कारण अब यह सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है जिसके कारण इस मार्ग से आवाजाही करने वाले लगभग 20 गांव के 50 से 60 हजार लोग प्रभावित हैं। उनका कहना है कि सड़क नही के बराबर होनें के कारण उन्हें अपने गांव में एंबुलेंस तक ले जाने की सुविधा नही मिल पाती और प्रभावित ग्रामीणों के द्वारा पिछले साल भी सड़क निर्माण को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया था। मगर जिला प्रशासन की ओर से सड़क निर्माण की स्वीकृति दिलाने के स्थान पर धरना कर रहे करीब दो दर्जन ग्रामीणों पर एफआईआर की सौगात दी गई। जिसके कारण पूरे अंचल में रोष व्याप्त है। 

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Posted Date : 13-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 13 सितंबर। थाना तमनार अन्तर्गत कुधराभौना उरबा जंगल में  09 सितंबर की  दोपहर ग्राम करवाही थाना तमनार निवासी भूपेन्द्र सिदार  का शव जंगल में मिलने की सूचना पर कल थाना तमनार में मामला दर्ज किया गया।  प्रथम दृष्टिया मृतक के माथे, मुंह पर सख्त एवं भोथले वस्तु से चोट पहुंचाकर हत्या करना पाए  जाने पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध  विवेचना में लिया गया। 
    पुलिस ने मृतक की पहचान ग्राम करवाही थाना तमनार निवासी भूपेन्द्र सिदार पिता लीलाधर सिदार उम्र 27 वर्ष के रूप में की।   प्रभारी क्राईम ब्रांच निरीक्षक सुशांतो बनर्जी तथा उनकी टीम द्वारा घटनास्थल पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया जाकर मृतक के वारिशान एवं मित्रों से पूछताछ किया जाने लगा । मृतक की पत्नी ने बताया कि  08 सितंबर की रात्रि गांव का भुरू उर्फ सुरेश एवं बसंत भीमा आये थे जिनके साथ भूपदेन्द्र सिदार गया और वापस नहीं आया। मृतक की पत्नी द्वारा भुरू उर्फ सुरेश से पूछने पर रात्रि भूपेन्द्र सिदार के साथ शराब पीने के बाद भूपेन्द्र घर चला गया था बताया। 
    भुरू उर्फ सुरेश  से क्राईम ब्रांच एवं तमनार स्टाफ द्वारा पूछताछ करने पर अलग अलग जवाब देने लगा, क्राईम ब्रांच प्रभारी ने भुरू उर्फ सुरेश  को बताया कि उसका आई कार्ड घटनास्थल से बरामद हुआ है। तब भुरू  ने बताया कि  08 सितंबर की रात्रि बसंत भीमा के साथ भूपदेन्द्र के घर उसे बुलाकर शराब पीने के लिये  मोटर सायकल पर कुधराभौना उरबा जंगल गये थे। शराब पीने के दौरान बसंत भीमा भूपेन्द्र बोला कि मेरी पत्नी के साथ तेरा संबंध है और तू ही शराब मेरे बिक्री करने की सूचना पुलिस को देता है। इसी बात पर झगड़ा ह़आ और बसंत भीमा के साथ पत्थर से भूपेन्द्र का सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दिये और उस रात घर नहीं गये।  
    दूसरे दिन इन्हें शंका था कि भूपेन्द्र जीवित होगा अथवा उसके शव को कोई देख लेगा कहकर घटनास्थल गये जहां शव को घसीटते हुये नाला में डालकर उसके ऊपर पत्ते ढंक दिये थे। 
    घटना के बाद से बसंत भीमा पत्थलगांव की ओर भाग गया था जिसे क्राईम ब्रांच का स्टाफ थाना लैलूंगा लेकर आया। आरोपियों के कबूलनामे के बाद घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल जब्त किया गया तथा आरोपी बसंत भीमा पिता स्व. धरमसिंह भीमा उम्र 32 वर्ष एवं सुरेश उर्फ भुरू पिता केल्हा प्रजा उम्र 22 वर्ष दोनों निवासी करवाही थाना तमनार को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजकर 15 दिन का रिमाण्ड प्राप्त किया गया है।   

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Posted Date : 10-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 10 सितंबर। रायगढ़ जिला जेल में देर रात बाथरूम की सलाखें काटकर भागने का प्रयास करते हुए दो विचाराधीन कैदी पकड़ लिए गए।  अब इन दोनों को जेल के भीतर विशेष सेल में रखा गया है। वहीं लापरवाही बरतने के लिए एक प्रहरी को निलंबित कर दिया गया है।
    जेल सूत्रों  के अनुसार लैलूंगा निवासी विचाराधीन कैदी पुनीराम कोरवा पाक्सो एक्ट तथा बलात्कार के मामले में कैद है। उसके साथ खरसिया में एक व्यापारी के घर  घुसकर हत्या व डकैती करने वाला आरोपी गोल्डी उर्फ प्रवीण भी है। दोनों को बैरक क्र. 1 में रखा गया था। दोनों ने मिलकर जेल से फरार होने की योजना बनाई थी। इसमें से गोल्डी  ने जेल के भीतर चल रहे प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आरी छुपा ली थी और इसी आरी से बाथरूम में घुसकर उसकी सलाखें काटने का काम दोनों बारी-बारी से कर रहे थे। 
    9 तारीख के देर रात दोनों बंदी बाथरूम में जाकर छुप गए थे और वहां रात  खिड़की की सलाखें काटकर बैरक से बाहर हो गए थे। और इसमें से ये फरार होकर जेल की दीवार फांदकर फरार होने की फिराक में थे। दोनों की यह वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। लेकिन जेल के अधिकारियों को इनके भागने की जानकारी जेल की दीवार में लगे सायरन की आवाज सुनकर लगी और देखते ही देखते घेराबंदी करके दोनों को सुबह करीब 5 बजे दबोच लिया गया। इसमें से प्रवीण ने दीवाल फांदकर भागने की कोशिश की थी। 
    इस मामले में जेल अधीक्षक एस.के.मिश्रा ने तत्काल दोनों विचाराधीन कैदियों को पकड़कर विशेष सेल में डाल दिया है और इसकी सूचना जूटमिल पुलिस चौकी को देकर अपराध पंजीबद्ध करा दिया है। इससे पहले भी जिला जेल में  कैदियों के दो बार फरार होने की  कोशिश  हो चुकी है और दोनों ही मामलों में बंदी पकड़े जा चुके हैं।  
    जेल अधीक्षक एस.के.मिश्रा ने  बताया कि दोनों 8 तारीख से ही फरार होने की योजना बना चुके थे। दोनों में से एक प्रवीण ने जेल के भीतर से ही आरी चुराई थी जिसका उपयोग वह कर रहा था।  
    इस मामले में लापरवाही बरतने वाले प्रहरी शंकरलाल वर्मा को निलंबित कर दिया गया है।

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Posted Date : 06-Sep-2017
  • 4 गांव के ग्रामीणों ने की मुख्यमंत्री से  शिकायत 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 6 सितंबर। जिले के पूर्वांचल क्षेत्र स्थित ग्राम नवापारा चक्रधरपुर में स्थापित शिवशक्ति फैक्ट्री के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। चूंकि यहां लगी शिवशक्ति फैक्ट्री के काले धुंए से आसपास के 4 गांव के लोग खास परेशान हं।ै रोजाना निकलने वाले जहरीले धुंए से लोगों को बीमारी का शिकार तो बना ही रहा है साथ ही साथ गांव में सुबह उठते ही घरों की छत से लेकर फसलें काली हो रही है। इस मामले में कोई पहल नही होते देख गांव वालों ने अब न केवल मोर्चा खोल दिया है। सीएम रमन सिंह को पत्र लिखते हुए उद्योग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
     इन गांव वालों ने अपने पत्र में साफ तौर पर लिखा है कि यहां लगी शिवशक्ति उद्योग फैक्ट्री के जरिए फैलने वाले प्रदूषण पर कोई अधिकारी कार्रवाई नही कर रहा है और उल्टे ही शिकायत के बाद कागजी जांच करके उल्टे पांव लौट जाती है। समय रहते अगर चिमनियों से निकलने वाले काले धुंए पर कार्रवाई नही होती है तो 4 गांव के लोग अनिश्चितकाल के लिए धरना प्रदर्शन करते हुए आंदोलन का रूख अख्तियार लेंगे।  
     उल्लेखनीय रहे कि गत 31 अगस्त को रायगढ़ प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को शिव शक्ति फैक्ट्री से प्रभावित ग्राम नावागांव , चक्रधपुर, बंगुरसिया, चुनचुना आदि के प्रभावित ग्रामीणों ने मिलकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ लिखित शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि रायगढ़ जिले के चक्रधर नगर  थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नवागांव, चक्रधरपुर में स्थापित शिवशक्ति स्टील पावर लिमिटेड उद्योग द्वारा पिछले लंबे समय से मजदूरों के साथ अन्याय किया जा रहा है साथ ही पर्यावरण के नियमों का भी खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। उद्योग प्रबंधन के द्वारा प्रदूषण नियंत्रण यंत्र का उपयोग भी नही किया जा रहा है जिससे आस-पास के गांव के ग्रामवासी प्रदूषित वातावरण की परेशानी से जूझ रहे हंै।
     ज्ञापन में आगे कहा गया है कि शिवशक्ति स्टील पावर लिमिटेड उद्योग द्वारा क्षेत्र के विकास में अब तक किसी भी प्रकार का योगदान नही देखा गया है। सीएसआर के मद के तहत हमारे ग्रामवासियों के विकास से संबंधित कोई भी कार्य आज तक नही किया गया है। यहां उद्योग में कार्यरत मजदूरों  के साथ अन्याय किया जा रहा है तथा शासन से निर्धारित मजदूरी के अनुरूप उद्योग प्रबंधन द्वारा सही भुगतान नही किया जा रहा है। इसके साथ-साथ इनका शोषण करते हुए निर्धारित समय अवधि से अधिक काम लिया जा रहा है।
     नियमत: उद्योग में कार्यरत मजदूरों को 8 घंटे का कार्य करने का प्रतिदिन दर से 307 रूपये निर्धारित है। परंतु यहां ऐसा नही हो रहा है। मजदूरों से 12 घंटे कार्य करवाया जा रहा है। पुरूष मजदूरों  को 200 रूपये प्रतिदिन की दर से वय महिला मजदूरों को 127 रूपये प्रतिदिन की दर से मजदूरी दी जा रही है। जब भी मजदूरों द्वारा अपने अधिकार का उपयोग करते हुए शासन द्वारा निर्धारित मजदूरी की मांग किए जाने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। इस प्रकार की धमकी के दबाव में आकर यहां कार्यरत मजदूरों को मजबूरन कम दर पर कार्य करने पर विवश होना पड़ता है। उद्योग प्रबंधन के इस मनमाने रवैये के कारण मजदूर उद्योग के सामने धरना देने के लिए मजदूर हो गए है यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में आमरण अनशन के लिए भी मजदूर बाध्य होंगे। 
    सीएम के आदेश पर भी खानापूर्ति का मरहम 
    शिवशक्ति फैक्ट्री के खिलाफ ग्रामवासियों की लिखित शिकायत पर मुख्यमंत्री ने गंभीरता जताते हुए तत्काल जिलाधीश को इस मामले की जांच कराने के निर्देश दिए थे। जिनके निर्देश पर पर्यावरण विभाग की दो सदस्यीय टीम कल फैक्ट्री में जांच के लिए पहुंची। इस दौरान लेब टेक्नीशियन कर्मचारियों के साथ कंपनी का ही एक मुलाजिम पूरे समय मौजूद रहा और जांच टीम कंपनी में घूम फिरकर तथा खानापूर्ति करके लौट आई। इस दौरान टीम के सदस्यों ने शाम ढले शिकायत करने वाले कर्मचारियों को कंपनी में तलब किया। मगर शिकायतकर्ता कंपनी के भीतर जाकर शिकायत करने के लिए राजी नही हुए।  

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Posted Date : 05-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायगढ़, 5 सितंबर। रायगढ़ वन परिक्षेत्र के जुनवानी सर्किल में पिछले सप्ताह भर से हाथियों का उत्पात जारी है। यहां तीन हाथी हर रात जंगल से निकल कर गांव तक पहुंच रहे हैं और किसानों के धान की फसल को चौपट कर रहे हैं। इसके बाद भी विभागीय अधिकारियों का ध्यान नहीं है। ऐसे में किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 
    इस संबंध में जुनवानी के ग्रामीणों ने बताया कि 30 अगस्त से हर रात जंगल से निकलकर तीन हाथियों का एक दल गांव तक पहुंच रहा है और किसानों के खेतों में घुस कर हाथी जमकर उत्पात मचा रहे हैं। किसानों ने बताया कि हाथी अब तक तीन एकड़ से अधिक फसलों को नुकसान कर चुके हैं और सबसे अधिक नुकसान सोमरा का हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक सोमरा, जग्गू, फूल सिंह, मुरली व अन्य किसानों के फसल को हाथियों ने नुकसान किया है। बताया जा रहा है कि बीती रात भी हाथियों का दल किसानों के खेत में घुस गया था और काफी फसलों को चौपट कर दिया, लेकिन इस दौरान हाथियों को खदेडऩे के लिए विभागीय अमला मौजूद नहीं था। ऐसे में किसानों को यह डर भी सता रहा था हाथी खेतों से निकलकर बस्ती न पहुंच जाए।  
    हाथी मित्र दल निष्क्रिय
    जुनवानी व बंगुरसिया सर्किल में हाथियों का दल हर दिन विचरण कर रहा है, लेकिन हाथी मित्र दल यहां रात के दौरान नहीं पहुंचता है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी मित्र दल सिर्फ दिखावे के लिए बनाया गया है। हाथियों को भगाने के लिए पर्याप्त संसाधन भी विभाग के पास नहीं है। जिसके कारण ग्रामीणों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। 
    मुख्यालय में नहीं रहते
    वहीं किसानों ने बताया कि जुनवानी सर्किल प्रभारी भी रात के दौरान अपने मुख्यालय में नहीं रहते हैं। सिर्फ बीटगार्ड के भरोसे रात के दौरान जंगल को छोड़ दिया जाता है। विदित हो कि इससे पहले जुनवानी में शिकार का भी मामला सामने आ चुका है और इसका कारण भी यही बताया जा रहा है कि विभागीय कर्मचारी अपने मुख्यालय में नहीं रहते हैं। जिसका फायदा लकड़ी तस्कर व शिकारी यहां उठा रहे हैं। 

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Posted Date : 05-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    खरसिया, 5 सितंबर। डीजे चलाने को लेकर गणेश विसर्जन के दौरान दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने विकराल रूप धारण कर लिया है। तू-तू मैं-मैं से हुई शुरूआत घरों में घुस कर तोड़ फोड़ करने महिलाओं से छेड़छाड़, मारपीट और बलवा में तब्दील हो गई। पुलिस से भी झूमाझपटी किये जाने की बात सामने आई है। 
    हालांकि सब कुछ नियंत्रण में है,  परंतु यह विवाद अब स्थानीय बनाम बाहरी का बनता जा रहा है। बीती रात हुई घटना को लेकर 4 सितम्बर को नगर बंद रहा। दोनों पक्ष के लोग जगह जगह जमें जरूर रहे, पर शांति रही।  
    इस संबंध में एसपी रायगढ़ से बात किये जाने पर उन्होंने कहा कि पुलिस कानून के मुताबिक कार्रवाई कर रही है। स्थिति नियंत्रण में है। 
     रविवार को खरसिया में अनेक गणेश मूर्तियों का विसर्जन किया जा रहा था। जिनमें आतिशबाजी, ढोल और डीजे का इस्तेमाल किया जा रहा था। गणेश विसर्जन के दौरान भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष एवं वार्ड 9 के पार्षद राजेश घंसू एवं भाजपा के ही सक्रिय कार्यकर्ता कमलेश नायडू के बीच डी.जे. चलाने को लेकर कुछ कहासुनी हुई। देखते-ही-देखते वहां उपस्थित कुछ लोगों द्वारा डीजे वाली गाड़ी एवं ढोल-ताशा आदि को क्षति पहुंचा दी गई,  तब मामला गरमा गया। 
    पुलिस की दखलंदाजी से उस समय मामला शांत भी कर दिया गया। लेकिन इसे अहम मानते हुए कुछ लोगों ने फिर तू-तू मैं-मैं शुरु कर दी और बात हाथापाई तक जा पहुंची। इसके बाद समूह में एकत्र कुछ लोगों ने राजेष घंसू के घर में जाकर मारपीट की महिलाओं से बदसलूकी हुई। इससे मामला और आगे बढ़ गया। प्रतिक्रिया स्वरूप लगभग 100 लोगों के एक जत्थे ने पुरानी बस्ती में लाठी डण्डे से लैस होकर घरों में घुस कर बवाल मचाया। महिलाओं से बदसलूकी के साथ साथ गाली गलौच किया गया। पूरे घटनाक्रम में दोनों पक्ष से मामले दर्ज किये गए हैं। 
    पुलिस कार्रवाई कर रही है. सब कुछ कानून सम्मत होगा'
    -बीएन मीणा, एसपी रायगढ़

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