छत्तीसगढ़ » रायपुर

Previous1234567Next
  • आयोग का फैसला
    छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    रायपुर, 22 सितंबर। ग्राहक ने सैमसंग कंपनी की एक एलइडी खरीदी लेकिन कुछ समय बाद उसमें खराबी आ गई। राज्य उपभोक्ता आयोग ने सैमसंग कंपनी व सर्विस सेंटर को ग्राहक को टीवी की नि:शुल्क मरम्मत करने या 51 हजार रुपये टीवी की कीमत लौटाने आदेश दिए हैं। 
    दुर्ग निवासी स्मिता सैमुअल ने 18 जून 2013 को धमानी इंटरप्राइजेस, श्याम प्लाजा से सैमसंग कंपनी की एक एलइडी टीवी खरीदी, जिसकी कीमत 59 हजार रुपये थी। कुछ दिन बाद टीवी में खराबी आ गई। स्क्रीन में कलर फैलने से चित्र दिखाई देना बंद हो गया। उसने भिलाई स्थित विजन सर्विसेस, सर्विस सेंटर इसकी मरम्मत कराने पहुंची। वहां स्क्रीन पैनल में खराबी बताते हुए बदलने की सलाह दी गई। महिला ने 20 हजार 073 रुपऐ खर्च कर टीवी में नया स्क्रीन पैनल लगाया। लेकिन कुछ दिन बाद फिर से यह समस्या आ गई। उसने सर्विस सेंटर व दुकानदार से संपर्क करने  करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने महिला का फोन उठाना बंद कर दिया। 
    इसके बाद महिला जिला उपभोक्ता फोरम दुर्ग पहुंची। फोरम ने मामले की सुनवाई करते हुए दुकानदार, सर्विस सेंटर व सैमसंग कंपनी को संयुक्त रूप से टीवी की नि:शुल्क मरम्मत कराने या 59 हजार रुपये एलईडी टीवी की कीमत , 50 हजार मानसिक क्षतिपूर्ति व 10 हजार वाद व्यय शुल्क देने कहा। फोरम के फैसले को दुकानदार ने राज्य उपभोक्ता आयोग में चुनौती दी। आयोग ने सुनवाई करते हुए सर्विस सेंटर व सैमसंग कंपनी को संयुक्त रूप से एलइडी की मरम्मत अथवा कीमत लौटाने आदेश दिए है। इसके अलावा 10 हजार मानसिक क्षतिपूर्ति व 5 हजार वाद व्यय शुल्क शामिल है। 

     

  •  

  • किसानों के मुद्दे पर धरना-प्रदर्शन, राज्य सरकार पर जमकर बरसे
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 22 सितंबर। प्रदेश कांग्रेस ने किसानों को तीन साल का धान बोनस, कर्जमाफी, 21 सौ रुपए समर्थन मूल्य सहित अपनी कई मांगों को लेकर शुक्रवार को यहां लोधीपारा पंडरी में जमकर धरना प्रदर्शन किया। शाम को वे सभी विधानसभा घेराव के लिए निकले। इस दौरान उनकी वहां पुलिस के साथ जमकर झूमा-झटकी हुई  और कई नेता गिरफ्तार कर लिए गए। धरना आंदोलन  में कांग्रेस नेता राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए जमकर बरसे। 
    प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, मो. अकबर के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता आज दोपहर मंडी गेट पंडरी के समीप एकजुट हुए। इसके बाद वे सभी वहां पंडाल लगाकर धरने पर बैठ गए। सभा को श्री पुनिया, श्री बघेल समेत कई कांग्रेस नेताओं ने संबोधित किया। उन्होंने राज्य सरकार पर किसानों के साथ वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि आज किसान कर्ज से लद गए हैं और  एक-एक कर आत्महत्या के लिए विवश हैं। 
    कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार विधानसभा चुनाव के समय प्रदेश के किसानों से हर साल धान बोनस, 21 सौ रुपए समर्थन मूल्य, पांच हार्स पावर तक के सिंचाई पंपों को नि:शुल्क बिजली समेत कई वादे कर सत्ता में आई। इसके बाद वह किसानों से किए गए अपने वादे को भूल गई। तीन साल तक उनसे किए गए कोई वादे पूरे नहीं हुए। विधानसभा चुनाव फिर से करीब आने पर दो साल का धान बोनस देने की घोषणा की गई, जिससे किसानों में असंतोष है। 
    सभा के बाद शाम को सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता विधान सभा घेराव के लिए निकले। इस दौरान पुलिस ने उन सभी को बेरीकेड्स लगाकर लोधीपारा चौक पर रोक लिया। कांग्रेस कार्यकर्ता बेरीकेड्स तोड़कर  आगे बढऩे के प्रयास में लगे रहे। इस दौरान उनकी वहां मौजूद पुलिस जवानों के साथ जमकर झूमा- झटकी हुई। वे सभी पुलिस को धक्का देते हुए आगे बढऩे के प्रयास में लगे रहे। बाद में कई बड़े नेता गिरफ्तार कर लिए गए। 
    आवागमन घंटों प्रभावित 
    प्रदेश कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन, घेराव के चलते पंडरी मुख्य मार्ग दिनभर प्रभावित रहा। खासकर दोपहर के बाद वहां जाम की स्थिति बनी रही। दोपहर में यातायात रोकने के बाद वहां के गली-कूचों में भी भारी भीड़ लग गई। बलौदाबाजार की ओर आने-जाने वाले लोग मोवा और  पंडरी बस स्टैंड के पास फंसे रहे। सैकड़ों स्कूली बच्चे भी भीड़  में फंसे रहे। कुछ लोग रास्ता बदल कर गंतव्य तक रवाना होते रहे। हालांकि यातायात पुलिस की ओर से आवागमन चुस्त रखने वहां दर्जनों जवान तैनात किए गए थे। 

  •  


  • बोनस डिक्लेयर नहीं हुआ था तब तक 
    इनके चेहरे खिले हुए थे, बोनस के 
    फैसले के बाद फ्यूज बल्ब हो गए-रमन

    भूपेश का पलटवार 

    बोनस से किसान खुश रहते, 
    तो आत्महत्या नहीं करते...

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 22 सितम्बर। विधानसभा के शुक्रवार को विशेष सत्र में बोनस को लेकर सत्ता और विपक्षी सदस्यों के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विपक्षी कांग्रेस सदस्यों पर निशाना साधते हुए कहा कि जब तक बोनस डिक्लेयर नहीं हुआ था तब तक इनके चेहरे खिले हुए थे। बोनस के फैसले के बाद फ्यूज बल्ब हो गए। बोलने का आखिरी विषय भी खत्म हो गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि 21 सौ करोड़ का बोनस किसानों के लिए संजीवनी साबित होगी। कांग्रेस सदस्य भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि बोनस से किसान खुश रहते, तो आत्महत्या नहीं करते। 
    मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने किसानों के लिए धान की सरकारी खरीद पर बोनस के मद में 21 सौ करोड़ का अनुपूरक मांग रखते हुए कहा कि यह प्रदेश के किसानों से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धान का उत्पादन आजीविका ही नहीं, संस्कृति का भी हिस्सा है। प्रकृति की मार से निजात दिलाने के लिए 21 सौ करोड़ बोनस देने का निर्णय लिया गया। नवरात्रि में ऐसा निर्णय लिया जा रहा है जिससे किसानों का भला होगा और उनका आशीर्वाद मिलेगा। 
    उन्होंने कहा कि वर्ष 1951-52 में देश की जीडीपी में कृषि का हिस्सा 55 फीसदी था। यह गिरकर अब 14 फीसदी हो गया। मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि 50 सालों में नीतिगत गलत फैसले लेने वाले अब सवाल पूछते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषि में  सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें लागत कम करने के अलावा फसल खरीद की समुचित व्यवस्था और वैज्ञानिक तरीके से खेती को प्रोत्साहन दिया गया है। 
    मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य बनने के बाद 75 हजार कृषि पंप थे, जो कि बढ़कर 4 लाख 25 हजार हो गए हैं। ये पंप सिंचाई के लिए किसानों को दिए गए। विद्युत के विस्तार में 17 सौ करोड़ रूपए खर्च किए गए। पहले 1 हजार 333 मेगावाट बिजली की खपत होती थी। जो कि बढ़कर 4 हजार मेगावाट हो गई है। इसमें 230 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। 
    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनकी सरकार ने धान खरीद की समुचित व्यवस्था की है। उन्होंने विपक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ष 2000 से 2003 तक धान खरीद की क्या व्यवस्था थी। किसानों को एक रूपए बोनस नहीं दिया गया। डॉ. सिंह ने कहा कि सरकार ने किसानों से 70 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है और 11 हजार करोड़ रूपए भुगतान किए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के रहते मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में किसान 14-15 फीसदी ब्याज पर ऋण देते थे। छत्तीसगढ़ बिना ब्याज के ऋण देने वाला पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले साढ़े 3 सौ करोड़ रूपए ऋण के रूप में वितरित किए जाते थे। अब साढ़े 3 हजार करोड़ रूपए ऋण दिए जा रहे हैं। 
    उन्होंने किसानों की दशा सुधारने के लिए इलाज के लिए स्मार्ट कार्ड योजना और फसल बीमा योजना का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि 13 लाख 50 हजार किसानों का बीमा हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल नुकसान पर 3 तरह के राहत पहुंचाने का काम किया गया है। किसान सुखी रहे और उनके दुख में साथ रहे, यह काम किया गया है। 
    अनुदान मांगों पर बोलते हुए कांग्रेस सदस्य श्री बघेल ने सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि सरकार संवेदनशील होती तो पहले घोषणा करती। उन्होंने कहा कि पहले खुद मुख्यमंत्री और  सहकारिता मंत्री बोनस को नकारते रहे हैं। बोनस के लिए सदन के भीतर और बाहर दबाव बनाया था। श्री बघेल ने किसान प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि किसान नेताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। शहर आने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। श्री बघेल ने कहा कि बोनस की घोषणा मंत्रिमंडल में नहीं बल्कि पार्टी दफ्तर में की गई। आदेश भी त्रुटिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पूरी सरकार एकात्म परिसर से चल रही है। 
    श्री बघेल ने आगे कहा कि कुछ चुनिंदा लोगों से मुख्यमंत्री घिरे हुए हैं। सरकार में नौकरशाही हावी है। उन्होंने कहा कि खाद्य मंत्री ने सदन में बताया था कि प्रदेश में 37 लाख किसानों ने धान उत्पादन किया है। लेकिन साढ़े 13 लाख पंजीकृत किसानों से धान खरीद की गई।  इस पर टोकते हुए संसदीय कार्यमंत्री अजय चंद्राकर ने चुनौती दी कि वे कांग्रेस सदस्य के साथ किसी भी समिति में धान खरीद व्यवस्था का डेमो देखने चल सकते हैं। यह स्पष्ट हो जाएगा कि धान खरीदी कैसे होती है और भुगतान कब तक हो जाता है। श्री बघेल ने कहा कि धान खरीद के लिए आधार कार्ड और मोबाईल नंबर अनिवार्य कर दिया गया है।
    श्री बघेल ने कहा कि यदि किसानों के पास मोबाईल है तो फिर क्यों बांट रहे हैं? सिर्फ भ्रष्टाचार के लिए। उन्होंने कहा कि बोनस की घोषणा के बाद जांजगीर-चांपा और पाटन में किसान आत्महत्या कर चुके हैं। यदि सरकार की घोषणा से वे प्रसन्न होते तो आत्महत्या नहीं करते। श्री बघेल ने कहा कि किसानों को 3 साल का बोनस और 4 साल का समर्थन मूल्य बढ़ाकर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मद में 24 हजार 6 सौ करोड़ का मांग रखना चाहिए इसके लिए विपक्ष तैयार है। 

  •  

  • शिवरीनारायण, राजनांदगांव में सबसे ज्यादा, चेतावनी भी
    छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    रायपुर, 20 सितंबर। प्रदेश में दूसरे दिन भी मानसून सक्रिय रहा और अधिकांश जगहों पर शाम-रात से लेकर सुबह तक रूक-रूककर बारिश होती रही। इस दौरान शिवरीनारायण व राजनांदगांव में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। दोनों जगहों पर क्रमश 116.8 व 101.2 मिमी बारिश हुई है। इसके अलावा और कई जगहों पर अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आगामी 24 घंटे में प्रदेश में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। 
    मानसून वापसी के दौरान प्रदेश में एक बार फिर से सक्रिय हो गया है और  रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश जगहों पर रूक-रूककर बारिश हो रही है। लालपुर मौसम विभाग के मुताबिक बीती शाम-रात से लेकर सुबह तक माना में 80.0 मिमी, महासमुंद-74.0 मिमी, रायगढ़-70.0 मिमी, देवभोग-69.5 मिमी, बेमेतरा-64.0, डोंगरगढ़-65.2 मिमी, बालोद-62.3 मिमी, भानुप्रतापपुर-60.0मिमी, आरंग-60.4 मिमी, नारायणपुर-58.0 मिमी, चारामा-58.2 मिमी,  रायपुर-34.0 मिमी, कुनकुरी-54.0 मिमी, पत्थलगांव-54.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा प्रदेश के और कई जगहों पर अच्छी बारिश हुई है। 
    वरिष्ठ कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. एएसआरएएस शास्त्री का कहना है कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा में एक निम्न दाब क्षेत्र बना है, जो कल से शक्तिशाली हो गया है। दूसरी ओर मानसून भी यहां सक्रिय है और उसका केंद्र रायपुर-आसपास बना हुआ है। यही वजह है कि मध्य छत्तीसगढ़ में ज्यादा बारिश हो रही है। मानसून व खाड़ी में बना सिस्टम शुक्रवार तक ं ज्यादा सक्रिय रहेगा। इसके बाद वह कमजोर पड़कर पश्चिम की ओर चला जाएगा। 
    उनका कहना है कि मानसून वापसी में प्रदेश में दो दिनों तक और रूक-रूककर रिमझिम बारिश होगी। इसके बाद मौसम साफ होने लगेगा। उनका कहना है कि बारिश से धान व अन्य फसल को फायदा होगा। खासकर बची फसल के लिए यह फायदेमंद साबित होगा। खराब हो चुकी फसल की जगह किसान अन्य दलहन-तिलहन फसल ले सकेंगे। 

  •  


  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 20 सितम्बर। नया रायपुर इलाके में संपत्ति विवाद के चलते एक नाबालिग की हत्या कर दी गई। बताया गया कि एक रिश्तेदार ने ही उसकी हत्या की है। राखी पुलिस ने हत्या का जुर्म दर्ज किया है। आरोपी की तलाश की जा रही है। 
    बताया गया कि पटेल परिवार के बीच कुछ दिनों से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। बीती रात एक नाबालिग की हत्या कर दी गई। आज सुबह मृतक की पहचान लक्ष्मीनारायण पटेल के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि लक्ष्मी की हत्या चचेरे भाई सूरज पटेल ने की है। घटना के बाद से वह फरार है। बताया जा रहा है कि नाबालिग की हत्या गला घोटकर की गई है।  राखी पुलिस घटना की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह सामने आएगी। आरोपी की तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है। 

  •  

  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 20 सितंबर। बस्तर बचाव संयुक्त संघर्ष समिति ने कहा कि बस्तर में आदिवासियों की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। पिछले माह सीआरपीएफ के जवानों द्वारा 17 छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और यौन उत्पीडऩ का मामला सामने आया था। प्रताडऩा से पीडि़त एक छात्रा आत्महत्या का प्रयास कर चुकी है। आरोप लगाया गया कि सीआरपीएफ और पुलिस की दहशत से दोरनापाल के अधिकांश पुरूष गांव छोड़कर चले गए हैं।
    प्रेस क्लब में आयोजित पत्रवार्ता में बीजापुर की शिरोमणी बघेल ने बताया कि वर्ष 2005 में उसे एसपीओ विशेष पुलिस अधिकारी बनाया गया। काम के दौरान दोनों पैर टूट गए। इसके बाद उसे काम से हटा दिया गया। उनका कहना है कि उसे दुर्घटना मुआवजा और 2 साल का वेतन अब नहीं मिला है। कई बार उसने वेतन की मांग की है। 
    बीजापुर की गीता कुंजाम का कहना है कि सरकार ने उन्हें एसपीओ बनाया गया था। अब उन्हें निकाल दिया गया है। उनके साथ अब परिस्थितियां ऐसी बनी है कि वे अब अपने गांव वापस नहीं जा पा रहे हैं। एक तरफ नक्सली उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं तो दूसरी तरफ पुलिस उन्हें नक्सली कहती है। 
    बीजापुर के लछमाएं ने बताया कि उन्हें पुलिस और नक्सली दोनों ही मारते हैं। सरकार ने उन्हें मुख्यधारा में लाने का आश्वासन देते हुए एसपीओ बना दिया था। उस समय अनपढ़ व्यक्ति को भी एसपीओ नियुक्त किया गया था। लेकिन अब उम्र अधिक होने व शिक्षित नहीं होने पर उन्हें बर्खास्त किया जा रहा है। अब उन्हें परिवार के भरण-पोषण की चिंता सता रही है।  समिति के सदस्य डॉ. संकेत ठाकुर ने पत्रवार्ता में बताया कि एसपीओ को नौकरी से निकाल दिया गया है। 
    विशेष पुलिस अधिकारी बने युवक-युवती अब माओवादियों के बीच दशहत की जिंदगी जी रहे हैं। सरकार ने बुरे वक्त में उनका साथ छोड़ दिया है। बताया गया कि 31 जुलाई 2017 को दंतेवाड़ा जिले के पालनार स्थित कन्या छात्रावास में अधिकांश छात्राओं को जबरदस्ती गैर आदिवासी त्यौहार रक्षाबंधन सीआरपीएफ के जवानों के साथ मनाने विवश किया गया था। 
    इसी दौरान कुछ जवानों के द्वारा 17 छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और यौन उत्पीडऩ का मामला सामने आया था। पीडि़त छात्राओं ने अपने माता-पिता से इसकी शिकायत की। लेकिन पूरे मामले दबाने का प्रयास किया गया। 17 अगस्त को एफआईआर दर्ज होने के बाद इस मामले में दो जवानों को अब तक गिरफ्तार किया गया है। इस प्रकरण में अनेक अभियुक्त हैं जिन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 
    पालनार में पीडि़त छात्राओं, उनके माता पिता, 11 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं जनपद सदस्यों की उपस्थिति में एक बैठक हुई। जिसमें पीडि़त छात्राओं ने अपने पहचान छिपाते हुए छात्रावास अधीक्षिका द्रोपदी सिन्हा के द्वारा उन्हें प्रताडि़त करने, गंदे शब्दों का प्रयोग करने सहित कई शिकायतें की गई है। बीते दिनों एक छात्रा ने प्रताडऩा से तंग आकर  हॉस्टल के बाथरूम में आत्महत्या करने का प्रयास भी कर चुकी है। 
    बताया गया कि 17 सितम्बर को बस्तर बचाव सहित संघर्ष समिति के सदस्य दंतेवाड़ा से बुरकापाल रवाना हुए। लेकिन दोरनापाल में उन्हें सूचना मिली कि आदिवासी महिलाएं गांव छोड़कर यहां आ गई है। इन महिलाओं ने समिति के सदस्यों को बताया कि 25 अप्रैल को सीआरपीएफ के जवानों को माओवादी हमले के बाद उनका बुरकापाल में रहना संभव नहीं रह गया है। 
    गांव के 37 पुरूषों को जिनमें पीडि़त महिलाओं के पति शामिल है को नक्सल वारदात में शामिल होने का आरोप लगाकर जेल में बंद कर दिया है। सीआरपीएफ और पुलिस की दहशत की वजह से अधिकांश पुरूष गांव छोड़कर बाहर चले गए हैं। गांव में रह रही महिलाओं को सुरक्षाबल के जवान धमकाते हैं कि गांव छोड़कर चले जाओं नहीं तो अंजाम बुरा होगा। 

  •  

  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 20 सितंबर। कांग्रेस संगठन में चुनाव के चलते आम सहमति से पदाधिकारी तय करने की कवायद चल रही। दिल्ली में प्रदेश के बड़े नेता आपस में चर्चा कर जिले के साथ-साथ ब्लॉक अध्यक्ष और प्रदेश प्रतिनिधि के लिए नाम तय करने की कोशिश में जुटे रहे। बताया गया कि बड़े जिलों में नामों को लेकर ज्यादा विवाद हुआ। यहां सभी अपने-अपने समर्थकों को एडजस्ट कराने के लिए प्रयासरत रहे। इस चक्कर में आपसी मतभेद उभरकर सामने आ गए। जांजगीर जिला अध्यक्ष के नाम को लेकर प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. चरणदास महंत के बीच तीखी नोंक-झोंक भी हुई। इन सबके बीच पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा के पुत्र अरूण वोरा और भतीजे को प्रदेश प्रतिनिधि बनाने के नाम पर सहमति बन गई है। 
    कांग्रेस चुनाव प्राधिकरण की तरफ से प्रदेश संगठन चुनाव के लिए नियुक्त पीआरओ श्रीमती रजनी पाटिल ने प्रदेश के नेताओं को आपस में चर्चा कर नाम तय करने का मौका दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया कि 25 तारीख को हर हाल में नाम प्राधिकरण को भेज दिए जाएंगे। इससे पहले प्रदेश के नेता आपस में चर्चा कर सहमति बना सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्री वोरा की मौजूदगी में मंगलवार की देर रात तक प्रदेश के नेताओं की बैठक चलती रही। इस दौरान प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया भी पूरे समय मौजूद थे। 
    बताया गया कि बड़े जिले रायपुर, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, राजनांदगांव और दुर्ग में जिला-ब्लॉक अध्यक्ष और प्रदेश प्रतिनिधि के नाम को लेकर कई बार वाद विवाद की स्थिति निर्मित हुई। प्रदेश से कुल 199 प्रदेश प्रतिनिधि ही बनाए जाने हैं। इसके लिए पार्टी नेता जोड़-तोड़ करते दिखे। सूत्र बताते हैं कि जांजगीर-चांपा जिला अध्यक्ष के नाम को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महंत और प्रदेश अध्यक्ष श्री बघेल के बीच जमकर कहा सुनी हुई। बताया गया कि डॉ. महंत, अपने करीबी दिनेश शर्मा को अध्यक्ष बनाना चाहते हैं, जबकि श्री बघेल इसके लिए सहमत नहीं थे। श्री पुनिया ने विवाद बढ़ता देख तीसरे कोई नाम सुझाने पर जोर दिया, लेकिन डॉ. महंत कोई और नाम के लिए तैयार नहीं थे। लिहाजा, दोनों के बीच विवाद के चलते मंगलवार की रात को फैसला नहीं हो पाया। 
    सूत्रों के मुताबिक दुर्ग शहर में वोरा की पसंद पर पूर्व महापौर आरएन वर्मा के नाम पर मुहर लग गई है। दुर्ग ग्रामीण में श्री बघेल की पसंद पर ही अध्यक्ष तय होने की खबर है। यहां से हेमंत बंजारे की जगह ओमी महिलांग को अध्यक्ष बनाया जा सकता है। जबकि बेमेतरा जिला अध्यक्ष आशीष छाबड़ा के नाम पर सांसद ताम्रध्वज साहू और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रविंद्र चौबे, दोनों ने अपनी सहमति दे दी है। बाकी नेताओं को भी इस पर कोई आपत्ति नहीं थी। अंबिकापुर में नेताप्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, कोरिया में डॉ. महंत की राय को सहमति मिल गई है। कोरबा में डॉ. महंत की समर्थक श्रीमती उषा तिवारी को अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना है। कवर्धा में पूर्व मंत्री मो. अकबर की पसंद पर ही मुहर लगने की खबर है। गरियाबंद जिला-ब्लॉक अध्यक्ष के लिए पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ला की राय को तवज्जो दी गई है जबकि वे महासमुंद जिले में भी अपनी पसंद चाहते थे। 
    सूत्र बताते हैं कि अभनपुर के विधायक धनेन्द्र साहू भी यहां से अपनी पसंद का अध्यक्ष चाहते हैं। चर्चा है कि दोनों ही नेता अपने पुत्र को लोकसभा चुनाव लड़ाना चाहते हैं। इसलिए वे यहां भरपूर दिलचस्पी ले रहे थे। राजनांदगांव जिले में भी विवाद की स्थिति है। पूर्व सांसद देवव्रत सिंह ग्रामीण के साथ-साथ खैरागढ़ में अपनी पसंद का अध्यक्ष चाहते हैं। यहां श्री बघेल उनके दिए नाम पर सहमत नहीं थे। कहा जा रहा है कि राजनांदगांव जिला अध्यक्ष के लिए पूर्व महापौर विजय पांडे और ग्रामीण से नवाज खान का नाम सुझाया गया है। लेकिन श्री पांडे के नाम पर श्री वोरा को आपत्ति होना बताया गया है। 
    बताया गया कि बड़े नेताओं का दूसरे के क्षेत्र में दिलचस्पी लेने के कारण विवाद की स्थिति बनी है। ज्यादातर जिलों में सहमति बनने के बाद प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल बुधवार की देर शाम रायपुर लौट रहे हैं। 

    .... और कोई वोरा हो तो बताइए
    वाद-विवाद के बीच कई बार हास-परिहास भी हुआ। सूत्र बताते हैं कि राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा ने जब दुर्ग से प्रदेश प्रतिनिधि के लिए खुद और अपने पुत्र अरूण वोरा का नाम तय करने के लिए कहा तो सभी नेताओं ने एक राय से इस पर सहमति जताई। इसके बाद अपने भतीजे राजीव वोरा को भाई गोविंदलाल वोरा की जगह रायपुर के किसी ब्लॉक से प्रदेश प्रतिनिधि बनाने का सुझाव दिया तो किसी ने कोई आपत्ति नहीं की। अलबत्ता, एक नेता ने चुटकी ली कि कोई और वोरा हो तो बताइए। बुजुर्ग नेता श्री वोरा इसे ठीक से सुन नहीं पाए लेकिन बाकी नेताओं ने ठहाके लगाए।

  •  


  • बच्चों के डोज वयस्कों को दिए जा रहे 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    रायपुर, 19 सितंबर। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में स्वाइन फ्लू से निपटने के पुख्ता इंतजाम नहीं है। हाल यह है कि अस्पताल में बच्चों की टैबलेट का डोज बढ़ाकर वयस्कों को दिया जा रहा है। साथ ही यहां स्वाइन फ्लू के वैक्सीन भी खत्म हो चुके हैं।  
    बताया गया कि स्वाइन फ्लू पीडि़त व संदिग्ध मरीजों को रोजाना दो बार टैमीफ्लू टैबलेट दी जाती है। उम्र अनुसार मरीजों को 75 मिग्रा, 40 मिग्रा व 30 मिग्रा की टैबलेट दी जाती है। लेकिन अस्पताल में पिछले कुछ दिनों से वयस्कों को दी जाने वाली 75 व 40 मिग्रा की टैबलेट का स्टॉक खत्म हो गया है। इसके चलते यहां भर्ती वयस्क मरीजों को 30 मिग्रा की बच्चों की टैबलेट का डोज बढ़ाकर दिया जा रहा है। अस्पताल में फिलहाल करीब 6 सौ टैबलेट उपलब्ध है। 
    यह भी जानकारी दी गई कि अस्पताल में स्वाइन फ्लू के वैक्सीन भी खत्म हो गए है। चिकित्सकों का कहना है कि अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। उनका कई तरह के मरीजों से संपर्क बना रहता है। ऐसी स्थिति में उनमें स्वाइन फ्लू होने की आशंका बढ़ जाती है। 
    बताया गया कि अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड में 14 मरीजों का उपचार जारी है। इन्हें स्वाइन फ्लू से मिलते-जुलते लक्षण जैसे सर्दी, खांसी, बुखार, कफ, सांस लेने में तकलीफ होने पर यहां भर्ती किया गया है। भर्ती मरीज रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बालौद, बलौदाबाजार व महासमुंद से हैं। इन सभी मरीजों के स्वाब के सैंपल लेकर लैब भेज दिए गए हैं। बताया गया कि अस्पताल में जनवरी 2017 से अब तक 228 मरीजों के स्वाब के सैंपल लिए गए हैं। इनमें 10 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है और अब तक यहां 5 मरीजों की मौत हो चुकी है।

  •  

  • पिस्टल, दो मैग्जीन जब्त 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    रायपुर, 19 सितंबर। सरपंच पति गोवर्धन साहू उर्फ बबला पर गोली चलाने वाले आरोपी को क्राईम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया। उसे गरियाबंद इलाके के बासिन गांव से गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से एक पिस्टल और दो नग मैग्जीन जब्त किया गया है। सरपंच पति को मारने के लिए सुपारी दी गई थी। 
    पखवाड़े भर पहले आरंग के ग्राम कुरूद निवासी सरपंच पति गोवर्धन साहू उर्फ बबला पर बाइक सवार आरोपियों ने गोली चला दी थी। उन्हें गंभीर हालत में शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत अब खतरे के बाहर है। इस मामले में आरंग पुलिस ने हत्या के प्रयास का जुर्म दर्ज किया है। इस प्रकरण में पुलिस तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। 
    गोली चलाने वाला आरोपी भूपेंद कुमार ध्रुव उर्फ आर्या घटना के बाद से फरार था। न्यू राजेंद्र नगर फोकट पारा स्थित उसके घर में पुलिस ने दबिश दी थी, लेकिन वह नहीं मिला था। पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी गरियाबंद इलाके के बासिन गांव में एक रिश्तेदार के घर ठहरा हुआ है। 
    बीती रात क्राईम ब्रांच की टीम बासिन गांव पहुंची। वहां भूपेंद कुमार को पुलिस ने दबोच लिया। उसके पास से एक नग पिस्टल और दो नग मैग्जीन बरामद किया गया है। पूछताछ में उसने बताया कि वह उत्तप्रदेश के गोपी गंज जिला भदोही से पिस्टल खरीदकर लाया था। 
    आरोपी वर्ष 2012 में थाना न्यू राजेंद्र नगर के हत्या के एक प्रकरण में बाल अपराधी रह चुका है। इसके अलावा थाना तेलीबांधा के अपराध क्रमक 262/16 धारा 307, 34, 25 एवं 27 आम्र्स एक्ट का फरार आरोपी है। 

  •  

  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    रायपुर, 18 सितंबर। शारदीय नवरात्र में इस बार बेटी बचाओ का संदेश देती बेटी को दुलारती जहां मां दुर्गा नजर आएंगी वहीं पर्यावरण पर केंद्रित पेड़ में समाहित दुर्गा की प्रतिमा देखी जा सकेगी। संदेश देती इन दुर्गा प्रतिमाओं को मूर्तिकार जयंत, प्रशांत मंडल ने गढ़ा है। फिलहाल मंडल बंधु इन प्रतिमाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं। 
    मूर्तिकारों के गढ़ माना में विविध रूपों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं को मूर्तिकार  अंतिम रूप दे रहे हैं। मां दुर्गोत्सव समिति आमापारा द्वारा इस बार पर्यावरण का संदेश देती मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मूर्तिकार ने शाखाओं से युक्त पेड़ के बीच प्रकृति स्वरूपा मां दुर्गा को जहां गढ़ा है वहीं उसकी शाखाओं में निहित मानव जीवन को दर्शाते शिशुओं को बेहद कुशलता से उकेरा है। 
    मां दुर्गोत्सव समिति आमापारा के अध्यक्ष प्रिंस साहू ने बताया कि समिति के सदस्य लगातार काटे जा रहे पेड़ों के दुष्परिणाम को गहराई से महसूस कर रहे हंंै। पर्यावरण में शामिल मां सदृश वृक्ष के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए समिति ने वृक्ष में समाई मां की प्रतिमा का आर्डर दिया है। 
    मूर्तिकार जयंत प्रशांत मंडल मानते हैं कि परम्परागत दुर्गा प्रतिमा से हटकर संदेश वाहक ऐसी मूर्तियां गढऩा उनके लिए चुनौती है लेकिन इस तरह की मूर्तियों को गढऩे में उन्हें संतुष्टि मिलती है। 
    मंडल बंधुओं द्वारा न्यू आजाद दुर्गोत्सव समिति के लिए बेटी बचाओ संदेश पर केंद्रित मां दुर्गा का रूप गढ़ा जा रहा है। समिति अध्यक्ष दीपक जायसवाल कहते हैं दुर्गोत्सव हमारी संस्कृति में रचा बसा है। इसके जरिए दिए गए संदेश निश्चित तौर पर जनसमुदाय को प्रभावित करते हैं। हमने इस बार दुर्गोत्सव समिति के लिए बेटी बचाओ विषय चुना है। इसके पहले भी हम संदेश परक विषक पर केंद्रित दुर्गा प्रतिमा स्थापित करते रहे हैं। छत्तीसगढ़ के गठन के समय छत्तीसगढ़ महतारी के रूप में हमने मां दुर्गा को विराजित किया था। 

     

  •  

  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    रायपुर, 18 सितंबर। पलौद के पास तड़के सुबह सड़क पर सुअर के आ जाने से बाइक सवार टकरा गया। चालक की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। बताया गया कि चालक हेलमेट नहीं पहना था। यदि वह हेलमेट पहने होता तो उसकी जान बच सकती थी। 
    भिलाई निवासी विश्वनाथ सिंह छोटे उरला में होटल चलाता था। आज तड़के वह अपने साथी के साथ बाइक में सवार होकर मिस्त्री की तलाश में गनौद गांव जा रहा था। गाड़ी विश्वनाथ ही चला रहा था। पलौद के पास सड़क पर अचानक सुअर आ गया। सुअर से बाइक टकरा गई। दोनों सड़क पर गिर गए। हादसे के बाद विश्वनाथ के सिर, कान और नाक से खून निकलने लगा। उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई। बाइक में पीछे बैठे युवक को भी चोट आई है। 
    घटना की सूचना मिलने पर मंदिरहसौद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार बाईक चालक के सिर में गंभीर चोट आई है। वह हेलमेट पहने होता तो उसकी जान बच सकती थी। बाइक में पीछे बैठे हुए युवक को भी चोट आई है, लेकिन उसकी हालत सामान्य है। बताया गया कि मृतक मूलत: बिहार का रहने वाला था। वह भिलाई से रोज छोटे उरला आना-जाना करता था। 

  •  

  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 18 सितंबर। भिलाई-दुर्ग के सैकड़ों युवक कांग्रेस कार्यकर्ता गौ हत्या के विरोध में सोमवार को पदयात्रा निकाल रायपुर पहुंचे। इस दौरान उन सभी ने यहां प्रदेश कांग्रेस भवन के सामने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की है कि गौ हत्या बंद करने के साथ गौ आयोग में बैठे पदाधिकारियों को हटाया जाए।  
    युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि दुर्ग-बेमेतरा की गौ शालाओं में भूख-प्यास से सैकड़ों गायों की मौत हो गई। इस मामले में कुछ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, बाकी सभी अपने-अपने पद पर बैठे हुए हैं। वास्तव में गौ हत्या के लिए गौ सेवा आयोग के पदाधिकारी भी जिम्मेदार हैं। शासन से लाखों रुपये अनुदान लेकर गौशाला संचालक मोटे हो रहे हैं और जिम्मेदार उन पर कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। 
    उनका चेतावनी देते हुए कहना है कि वे सभी राजभवन जाकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे और उनसे प्रदेश में गौ हत्या पर रोक लगाते हुए पदाधिकारियों को हटाने की मांग करेंगे। मांग पूरी नहीं होने पर वे सभी गौ हत्या के विरोध में एक बार फिर से सड़क पर उतर कर आंदोलन के लिए बाध्य  होंगे। 

  •  

  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 18 सितम्बर। बिजली की दर को लेकर राज्य पॉवर कंपनी और बड़े उपभोक्ता रेल्वे के बीच विवाद छिड़ गया है। रेल्वे ने पॉवर कंपनी की महंगी बिजली को महंगी बताकर ओपन मार्केट से बिजली लेने की इच्छा जताई है और इस सिलसिले में कंपनी से अनापत्ति प्रमाण पत्र देने के लिए पत्र लिखा है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि 2 हजार करोड़ के  बकाया बिल का भुगतान किए बिना ओपन एक्सेस जारी नहीं किया जा सकता है। साथ ही इसके लिए नियामक आयोग से भी अनुमति लेने की शर्त रखी है। विवाद  को बढ़ता देख खुद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है  और इस सिलसिले में रेल्वे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहाणी से भी चर्चा की है। 
    मुख्यमंत्री की पहल के बाद चर्चा के लिए रेल्वे के अफसरो की टीम यहां पहुंच रही है। बताया गया कि राज्य पॉवर कंपनी की बिजली के बड़े उपभोक्ताओं में से प्रमुख  रेल्वे  अब ओपन मार्केट से बिजली लेना चाहता है। हर महीने रेल्वे राज्य पॉवर कंपनी से करीब 40 से 50 करोड़ की बिजली खरीदता है। अविभाजित मध्यप्रदेश के समय से रेल्वे सरकारी कंपनी से बिजली खरीदता आया है। लेकिन कंपनी की बिजली की दर को ऊंची बताकर रेल्वे अब करार खत्म करना चाहता है।  
    बताया गया कि राज्य विद्युत नियामक आयोग ने रेल्वे के लिए 5 रूपए 20 पैसे बिजली की दर निर्धारित की है। रेल्वे अफसरों का कहना है कि कंपनी की बिजली महंगी पड़ रही है और ओपन मार्केट में कंपनी की तुलना में सस्ती बिजली उपलब्ध है। पिछले कुछ समय से दोनों के बीच पत्र व्यवहार चलता रहा। केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने से पहले अपर मुख्य सचिव एन बैजेन्द्र कुमार ने रेल्वे अफसरों के साथ बैठक भी की। लेकिन मामला सुलझ नहीं पाया। रेल्वे प्रबंधन पॉवर कंपनी के साथ करार तोडऩे पर आमादा है। 
    सूत्र बताते हैं कि रेल्वे इतनी आसानी से पॉवर कंपनी के साथ करार नहीं तोड़ सकता। इसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा। राज्य नियामक आयोग की गाइड लाईन के मुताबिक अनापत्ति प्रमाण पत्र उसी दशा में जारी किया जा सकता है, जब उपभोक्ता का कोई बकाया न हो। इसके लिए आयोग की अनुमति भी लेनी होगी। पॉवर कंपनी के डायरेक्टर जीसी मुखर्जी ने 'छत्तीसगढ़Ó से चर्चा में कहा कि रेल्वे को ओपन एक्सेस लेने के लिए आयोग में याचिका दायर करनी पड़ेगी। उन्होंने अब तक याचिका दायर नहीं की है। श्री मुखर्जी ने यह भी बताया कि रेल्वे पर करीब 2 हजार करोड़ का बिल बकाया है। 
    बताया गया कि बकाए बिल को लेकर कंपनी और रेल्वे के बीच विवाद चल रहा है। इसके निपटारे के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस धीरेन्द्र मिश्रा को आर्बिटे्रटर नियुक्त किया गया है। इसकी सुनवाई चल रही है। प्रदेश में बिजली सरप्लस है और बड़े उपभोक्ताओं के छिटकने से कंपनी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस सब स्थिति को देखकर मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने विवाद को लेकर हस्तक्षेप किया है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने रेल्वे बोर्ड के नवनियुक्त चेयरमैन श्री लोहाणी से दूरभाष पर चर्चा की है। 
    उन्होंने प्रस्ताव दिया है कि कंपनी बिजली की दर को पुनरीक्षण के लिए कदम उठा सकता है। इसमें आयोग की भी भूमिका होगी। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री की पहल के बाद रेल्वे प्रबंधन ने भी चर्चा में रूचि दिखाई है और जल्द ही उच्चाधिकारियों की टीम यहां आएगी और ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव सिदार्थ कोमल परदेशी व पॉवर कंपनियों के अफसरों के साथ बैठक करेगी। कंपनी के अफसरों को जल्द ही विवाद के निपटारे की भी उम्मीद है। 

     

  •  

  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 17 सितंबर। प्रदेश में मानसून की विदाई अगले माह से शुरू हो जाएगी। फिलहाल 22 सितंबर तक हल्के बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं छिटपुट बारिश होगी। इसके बाद मानसून एक बार फिर से यहां सक्रिय होगा। संभावना जताई जा रही है कि मानसून वापसी के साथ प्रदेश में अच्छी बारिश हो सकती है। 
    प्रदेश में मानसून के हफ्तेभर विलंब से पहुंचने के साथ झमाझम बारिश हुई। जुलाई और अगस्त में कम बारिश हुई। आधा सितंबर भी इसी तरह से बीत गया। प्रदेश में एक तरह से सूखे की स्थिति बन गई है।  बारिश नहीं होने से लगातार उमस-गर्मी बनी हुई है और लोग बेहाल हैं। उन्हें गर्मी के दिनों जैसा अहसास होने लगा है। घरों-दफ्तरों में कूलर-पंखे चलने लगे हैं, इसके बाद भी उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। 
    मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब से बंगाल की खाड़ी तक एक मानसून द्रोणिका बनी हुई है। वहीं ऊपरी हवा में एक चक्रवात बना हुआ है, जो ओडिशा तट से उत्तरी आंध्र प्रदेश तक है। यह सिस्टम 22 सितंबर के बाद शक्तिशाली हो सकता है। फिलहाल दोनों के प्रभाव से यहां बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं छिटपुट बारिश हो रही है। मौसम विभाग का मानना है कि प्रदेश में फिलहाल व्यापक बारिश की संभावना नहीं है। कहीं-कहीं बंूदाबांदी के साथ हल्की बारिश हो सकती है। 
    वरिष्ठ कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ.एएसआरएएस शास्त्री का कहना है कि लंबे समय बाद प्रदेश में अल्प वर्षा की स्थिति बनी है। अभी भी ज्यादा बारिश की संभावना नहीं है। 30 सितंबर से राजस्थान से मानसून की विदाई शुरू हो जाएगी। 4-5 अक्टूबर से प्रदेश से मानसून की विदाई शुरू होगी। मानसून यहां 22 सितंबर से एक बार फिर से सक्रिय हो रहा है। फिलहाल द्रोणिका, चक्रवात का असर बना रहेगा और कहीं-कहीं बंूदाबांदी या हल्की बारिश होगी। 
    दलहन-तिलहन फसल की सलाह
    कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में अल्प बारिश से धान, सोयाबीन, मक्का की फसल प्रभावित है। ऐसी स्थिति में वे सभी दलहन-तिलहन की फसल ले सकते हैं। इसमें कम पानी में अच्छी पैदावार हो सकती है। फिलहाल हो रही हल्की बारिश धान या अन्य खरीफ फसल के लिए फायदेमंद है, लेकिन इन फसलों को ज्यादा पानी की जरुरत है। 

     

  •  


  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    रायपुर, 17 सितम्बर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिन पर रायपुर जिले के ग्राम केन्द्री (अभनपुर) में 'स्वच्छता ही सेवाÓ अभियान के तहत आयोजित श्रमदान कार्यक्रम में जिले के पांच सरपंचों और छह सरकारी कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। 
    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में केन्द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने सरपंचों और शासकीय कर्मचारियों को स्वच्छ भारत मिशन में उल्लेखनीय योगदान के लिए राज्य शासन की ओर से प्रशस्ति पत्र भेंट कर बधाई दी।
    मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री द्वारा सम्मानित सरपंचों में रायपुर जिले के अंतर्गत  ग्राम पंचायत केन्द्री की सरपंच श्रीमती अंजनी सिन्हा,  ग्राम पंचायत दोदेखुर्द (धरसींवा)की सरपंच श्रीमती अम्मी रेड्डी, ग्राम पंचायत रायखेड़ा (तिल्दा) के सरपंच खिलावन शर्मा तथा ग्राम पंचायत छतौद (तिल्दा) की सरपंच श्रीमती स्वाती वर्मा ग्राम पंचायत खमतराई  की सरपंच मालती लहरी शामिल हैं। 
    उनके अलावा ग्राम पंचायत मंदिर हसौद (आरंग )के सचिव घनश्याम विधोडे और स्वच्छ भारत मिशन में जन-जागरण के लिए विकासखण्ड-धरसींवा की ब्लाक समन्वयक नीरा साहू, ग्राम पंचायत टेमरी के स्वच्छता चैम्पियन भोजराम साहू तथा स्वच्छता चैम्पियन मोहम्मद इकबाल और विकासखण्ड-आरंग के ग्राम पंचायत मोखला की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अहिल्या चन्द्राकर को भी सम्मानित किया गया। 
    इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अजय चन्द्राकर, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, सांसद रमेश बैस, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष अशोक बजाज, प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव विवेक ढांड, एम.के. राउत और  ए.एन. उपाध्याय आदि उपस्थित थे।  
    जब सीएम ने कहा यदि उन्हें सरपंच बनना पड़ा तो भी कोई दिक्कत नहीं होगी
    रायपुर, 17 सितंबर। केंद्री गांव में आयोजित स्वच्छता ही सेवा अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सरपंचों पर बड़ी जिम्मेदारी होती है। कोई किसी के गाय-बछड़े को मार दे तो इसकी शिकायत भी सरपंच को सुननी पड़ती है। अब पंचायत भवन और उसका कार्यालय इतना भव्य और सुविधाजनक हो गया कि सीएम के बाद यदि उन्हें सरपंच बनना पड़ा तो कोई दिक्कत नहीं होगी। 
    केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के लिए यह कार्यक्रम यादगार रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को पंचायत भवन वहां का कार्यालय दिखाया। पंचायतद भवन में कम्प्यूटर देखकर उन्होंने इसकी सराहना की। इस कार्यक्रम में सांसद रमेश बैस ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संबोधन में कहा कि तुलसी हमारे आंगन में आ गई है। कार्यक्रम में सरपंच प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुई।  
    कार्यक्रम के लिए वाटरप्रुफ पंडाल बनाया गया था। जब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी तब बीच-बीच में महिलाएं स्वच्छता अभियान को लेकर नारे लगा रही थी। केंद्री निवासी महिलाओं ने कहा कि स्मृति ईरानी आज उनके गांव पहुंची है यह उनके लिए गर्व की बात है। पंचायत प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।

  •  

  • तेलीबांधा में खुला पहला केंद्र, सीएम ने किया शुभारंभ
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 17 सितम्बर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रविवार को राजधानी रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र में गुरूद्वारा मार्ग पर दीनदयाल श्रम अन्न सहायता योजना के तहत शहरी श्रमिकों को सिर्फ पांच रूपए में पौष्टिक भोजन देने के लिए अपने हाथों से भोजन परोस कर राज्य के पहले केन्द्र का शुभारंभ किया। 
    इसे मिलाकर प्रदेश के सभी 27 जिलों में ऐसे 60 केन्द्र खोले जाएंगे और प्रत्येक केन्द्र में एक हजार के मान से 60 हजार श्रमिकों को प्रतिदिन सवेरे 8 बजे से 10 बजे के बीच ताजा और पौष्टिक भोजन दिया जाएगा। प्रदेश में मनाए जा रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी समारोह केे अंतर्गत यह योजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ने आज के कार्यक्रम में कचरा बीनने वाली बालिकाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण केन्द्र का भी शुभारंभ किया , जहां इन बालिकाओं को सिलाई-बुनाई और रसोई बनाने का अल्पकालीन प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोडऩे की पहल की जाएगी। इन बालिकाओं को प्रतिदिन 300 रूपए के मान से एक माह में नौ हजार रूपए का प्रशिक्षण भत्ता भी दिया जाएगा। इन बालिकाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके परिवारों के लोग विगत तीन पीढिय़ों से शहर में कचरा बीनकर जीवन यापन करते आ रहे थे। अब राज्य सरकार के श्रम विभाग द्वारा उन्हें सम्मानजनक काम-काज के लिए प्रशिक्षण का अवसर दिया जा रहा है। इसके लिए बालिकाओं ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।
    इस अवसर पर कृषि और जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्रीचंद सुंदरानी, सुनील सोनी, कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष मोहन एंटी, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेशचंद्र शर्मा और उपाध्यक्ष सुभाष तिवारी उपस्थित थे। 

  •  

  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 17 सितम्बर। मरवाही विधायक अमित जोगी की तबीयत अचानक तबीयत बिगड़ गई है और उन्हें दिल्ली के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डाक्टरों के मुताबिक उन्हें ग्रेड बी स्वाइन फ्लू है।  उनकी हालत फिलहाल ठीक बताई जा रही है। करीब हफ्तेभर बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। 
    बताया गया कि विधायक जोगी को पिछले दिनों तेज बुखार और चेस्ट में इंफेक्शन हुआ था। वे उसका नियमित इलाज करा रहे थे। स्थिति में सुधार न होने पर उन्हें दिल्ली के मेदांता अस्पताल में दाखिल कराया गया है। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें ग्रेड बी स्वाइन फ्लू बताया है। अमित जोगी ने भी अपने स्वास्थ्य की जानकारी ट्वीट के जरिए दी है। 
    उन्होंने लिखा है कि मैं मेदांता में स्वास्थ्य लाभ ले रहा हूं और जल्द ही छत्तीसगढ़ वापस लौट आऊंगा। 
    जोगी कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि विधायक जोगी को पिछले दिनों सर्दी-खांसी, बुखार की शिकायत रही है। वे यहां अपना नियमित इलाज करा रहे थे। राहत नहीं मिलने पर वे इलाज के लिए दिल्ली गए हैं। करीब हफ्तेभर बाद वे यहां वापस लौट आएंगे। फिलहाल उनकी हालत ठीक बताई जा रही है। 
    कल्लूरी की दो दिन पहले छुट्टी 
    प्रदेश के आईजी एसआरपी कल्लूरी का भी दिल्ली के मेदांता अस्पताल में माहभर से इलाज चल रहा था। यहां उनकी किडनी का ट्रांसप्लांट किया गया। किडनी उनकी बहन ने दी है। किडनी का सफल ट्रांसप्लांट होने के बाद दो दिन पहले ही श्री कल्लूरी और उनकी बहन को अस्पताल से छुट्टी दी गई है। 

     

  •  

  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 17 सितंबर। केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी ने केंद्री(अभनपुर) गांव में श्रमदान कर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा देश के दो लाख 36 हजार गांव खुले में शौच मुक्त हो चुके हैं। चार लाख सरकारी स्कूलों में शौचालय बना दिए गए हैं, नतीजा वहां बेटियों की संख्या 15 से 20 फीसदी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि देश के पांच राज्य ओडीएफ घोषित किए जा चुके हैं और छत्तीसगढ़ भी मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह के नेतृत्व में जल्द खुले में शौच मुक्त राज्य घोषित कर दिए जाएंगे। 
    केंद्रीय मंत्री श्रीमती ईरानी सुबह मुख्यमंत्री डॉ. सिंह के साथ हेलीकॉप्टर से केंद्री गांव पहुंचीं। उन्होंने वहां मुख्यमंत्री व अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ शौचालय के लिए गड्ढे खोदने वालों के साथ श्रमदान कर सफाई की महत्ता बताई। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिन को देश भर में सेवा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ का केंद्री गांव स्वच्छता को लेकर केंद्र बिंदु बन चुका है। यहां के लोगों ने गड्ढा खोदकर 10 दिन में 10 हजार शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा है,जो एक रिकॉर्ड है। 
    उन्होंने ग्रामीणों को स्वच्छता का संकल्प दिलाते हुए कहा कि राष्ट्र की आत्मा गांवों में बसती है, इसलिए स्वच्छता अभियान की शुरूआत गांव से की जा रही है। सफाई के अभाव में देश में हर साल करीब एक लाख बच्चों की मौत हो जाती है। वे डायरिया या अन्य संक्रामक रोग के शिकार हो जाते हैं। अभी तक देश के सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, केरल, उतराखंड, हरियाणा खुले में शौच मुक्त राज्य घोषित हो चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ भी जल्द ही खुले में शौच मुक्त राज्य बन जाएगा। 
    10 दिन में 10 हजार शौचालय बनाने का लक्ष्य
    मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्री गांव के लोगों ने 10 दिन में 10 हजार शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा है। स्वच्छता अभियान प्रदेश में अब जन आंदोलन का रूप ले चुका है। लगातार कई गांव ओडीएफ घोषित किए जा रहे हैं। दो अक्टूबर 2018 तक छत्तीसगढ़ खुले में शौच मुक्त राज्य होगा। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्मदिन की योजना नहीं, बल्कि मां, बेटियों-बहनों के लिए सफाई की योजना है। उन्हें अब खुले में शौच के लिए जाने की जरुरत नहीं होगी। उन्होंने गांवों में रहने वालों लोगों की सफाई की तारीफ करते हुए कहा कि गांव के छोटे घरों में जितनी सफाई रहती है, उतनी शहर के बड़े घरों में नहीं होती है। डॉ. सिंह ने कहा कि यहां हम सभी को अपने और अपने घरों के आसपास को साफ-सुथरा रखना है। स्वच्छ छत्तीसगढ़  होगा तो समृद्ध छत्तीसगढ़ होगा और समृद्धि से ही छत्तीसगढ़ का और तेजी से विकास होगा। कार्यक्रम में सांसद रमेश बैस, स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर, कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल भी प्रमुख रुप से उपस्थित थे। 
    रायपुर कलेक्टर की तारीफ 
    केंद्रीय मंत्री श्रीमती ईरानी ने कार्यक्रम के दौरान रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जब वे बस्तर में कलेक्टर थे, तब भी उन्होंने वहां सफाई को लेकर विशेष अभियान चलाते हुए अवार्ड हासिल किया था। आज वे रायपुर कलेक्टर रहकर स्वच्छता पर विशेष अभियान चला रहे हैं। 

  •  

  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 16 सितंबर। पिथौरा पुलिस ने रायपुर तहसील कार्यालय में पदस्थ नायब तहसीलदार बी सिक्का को कल रात सरकारी रिकॉर्ड में छेडख़ानी कर कूटरचना करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया  है। उक्त मामले में एक अन्य आरोपी शिव कुमार तिवारी महासमुंद जेल में निरुद्ध है।  
     मिली जानकारी के अनुसार विगत वर्ष पिथौरा की  खेमिन बाई यादव नामक महिला ने उसके नाम से  जमीन का मुआवजा फर्जी तरीके से कुछ लोगों द्वारा निकाले जाने की शिकायत की गई थी। महिला का कहना था कि मेरे नाम से फोरलेन में एक सरकारी भूमि का फर्जी पट्टा बना कर मुआवजा लिया गया था जबकि मेरी  वहां कोई जमीन नहीं है।
    मामले की उच्च स्तरीय जांच में बी सिक्का द्वारा अपने पटवारी कार्यकाल में शासकीय भूमि में छेड़छाड़ कर कूटरचना करने की बात सामने आई। लम्बे समय तक मामले की विभिन्न जांच पड़ताल के बाद अंतत: बीती रात सिक्का को  धारा 420,467,468,471 एवम 34 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया  है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अभी इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है। 
    ज्ञात हो कि उक्त प्रकरण की शिकायत के बाद कांग्रेस के पूर्व महासमुंद जिला अध्यक्ष अमरजीत चावला लगातार प्रकरण की जांच एवम कार्यवाही की मांग करते आ रहे थे। 

  •  


  • विपक्षी पार्षदों का हंगामा, सभा आधे घंटे स्थगित

    निगम की सामान्य सभा 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 15 सितंबर। नगर निगम की सामान्य सभा में नलों से गंदे पानी की सप्लाई को लेकर विपक्षी भाजपा-निर्दलीय पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने महापौर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। दूसरी ओर लगातार नारेबाजी-हंगामा के बाद सदन की कार्रवाई आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी गई। दोबारा वापस लौटने पर पार्षदों ने फिर से जमकर शोर-शराबा किया। 
    ओडीएफ पर निगम की विशेष सामान्य सभा के दस दिनों बाद शुक्रवार को यहां निगम की सामान्य सभा बुलायी गई। सभा की शुरूआत घंटेभर प्रश्नकाल से हुई। प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष सूर्यकांत राठौर, उप नेता प्रतिपक्ष रमेश सिंह ठाकुर, मीनल चौबे, मृत्युंजय दुबे समेत आधा दर्जन से अधिक विपक्षी पार्षदों ने निर्माण कार्यों व दुकान आबंटन में गड़बड़ी समेत शहर की विभिन्न समस्याओं को रखते हुए जवाब मांगा। एमआईसी सदस्यों ने बारी-बारी से उसका जवाब भी दिया, लेकिन वे सभी संतुष्ट नहीं हुए और जांच-कार्रवाई की मांग करते रहे। 
    प्रश्नकाल के बाद विपक्षी भाजपा-निर्दलीय पार्षदों ने नलों से घरों में गंदे पानी की सप्लाई का मुद्दा उठाया। यशोदा साहू,वंदना इंगोले, शालिनी बांद्रे, सुशीला धीवर, लता चौधरी, गायत्री चंद्राकर समेत कई महिला पार्षद गंदे पानी का बोतल लहराते हुए महापौर से साफ पानी देने की मांग करती रहीं। उनके समर्थन में बाकी सभी पार्षद भी सभापति टेबल तक पहुंच कर स्वच्छ पेयजल की मांग करते हुए नारेबाजी-प्रदर्शन करते रहे। सभापति प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने उन सभी को अपनी जगह पर वापस लौटने कहा, पर वे सभी वहीं नारेबाजी करते रहे। अंत में वे सभा आधे घंटे के लिए स्थगित कर चले गए। 
    विपक्षी पार्षदों का कहना था कि शहर को स्मार्ट सिटी बनाने करोड़ों रुपये फूंके जा रहे हैं, लेकिन वार्डों में अभी भी लोगों को साफ पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। शहर की टंकियों की समय पर सफाई नहीं हो पा रही है। वहां मुरम, गाद-गंदगी भरी हुई है। कई जगहों पर पाइप लाइन जर्जर हो गई है और वहां से लीकेज हो रहा है। घरों में नलों से गंदा पानी आ रहा है, जिसे पीकर लोग बीमार पड़ रहे हैं। समय पर टंकियों की सफाई न करने से संक्रामक रोग फैलने का खतरा है। उन्होंने महापौर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। 
    दोबारा सभा शुरू होने पर विपक्षी भाजपा-निर्दलीय पार्षद एक बार फिर से वार्डों में गंदे पीने पानी की सप्लाई का विरोध करते हुए नारेबाजी  पर उतर आए। उन सभी के लगातार विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी के चलते सभापति ने फिर भोजन अवकाश घोषित कर दिया। विपक्षी पार्षदों का कहना है कि वे सभी घरों में गंदे पानी की आपूर्ति का पूरा विरोध का विरोध करते हुए महापौर से इस्तीफे की मांग करते रहेंगे। 

  •  



Previous1234567Next