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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    जगदलपुर, 22 सितम्बर। माओवादियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस द्वारा अंदरूनी क्षेत्रों में जन जागरण कम्युनिटी पुलिसिंग के कार्यक्रमों के आयोजनों से प्रभावित होकर बस्तर के दरभा डिवीजन के 10 माओवादियों ने शुक्रवार को स्थानीय पुलिस समन्वयक केंद्र में  डीआईजी सुंदरराज पी, बस्तर कलेक्टर धनंजय देवांगन, जिला पंचायत सीईओ रितेश अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त गायत्री नेताम एवं अन्य पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में आत्मसमर्पण किया।  
    आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में दरभा डिवीजन कमेटी अंतर्गत ग्राम ऐलंगनार के दो जनमलेशिया सदस्य ग्राम जीरम के एक जनमिलिशिया सदस्य, एक जनताना सरकार सदस्य एवं ग्राम कलेपाल के एक जनमिलिशया सदस्य एक जीएनएम सदस्य, ग्राम कुडुमखोदरा के तीन जन मलेशिया सदस्य तथा थाना मारडूम क्षेत्रांतर्गत ग्राम धर्माबेडा के एक जनमिलिशिया सदस्य शामिल हैं।  
    इन सभी लोगों को दरभा क्षेत्र के कटेकल्याण एरिया कमेटी सदस्य महंगु निवासी मुंदेनार और मारडूम क्षेत्र के जनमिलिशिया सदस्य विलास एवं हेमलाल कोर्राम ने संगठन में सम्मिलित किया था। यह सभी 2014-15 से गांव में रहकर नक्सलियों के लिए चावल दाल इक_ा करते थे। मीटिंग के समय ग्रामवासियों को ले जाते थे और माओवादी को क्षेत्र में रास्ता दिखाने तथा गांव में पुलिस के पहुंचने या अन्य गतिविधियों की जानकारी माओवादियों तक पहुंचाने का कार्य करते थे। 
    उक्त जानकारी देते हुए डीआईजी दंतेवाड़ा क्षेत्र के सुंदरराज पी ने बताया कि पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान से जनता में विश्वास जागी है जिससे इन अंदरुनी क्षेत्रों में विकास का रास्ता भी खुल गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का विश्वास भी पुलिस जीत रही है। पत्रकारवार्ता के दौरान उपस्थित कलेक्टर धनंजय देवांगन ने माओवादी विचारधारा को त्याग कर समाज की मुख्यधारा से जुडऩे वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों को शुभकामना देते हुए कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही पुनर्वास नीति का पूरा लाभ उन्हें दिया जाएगा। आत्मसमर्पण समर्पण के दौरान कलेक्टर द्वारा आत्मसमर्पित नक्सली संगठन के सदस्यों को 10 -10 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रदान किया गया। 
    आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में थाना दरभा क्षेत्र के ग्राम एलंगनार से जन मलेशिया सदस्य लखमु मोर्य चांदामेटा जनताना सरकार सदस्य देऊ नाग जीरम जान सदस्य लखमा कवासी और देव लखनऊ चौकी क्षेत्र के ग्राम कृपालपुर जन मिलिशिया सदस्य फ गनु और सीएनएन सदस्य बामन पुरानी ग्राम कुडुम खोदरा के जनमिलिशिया के सदस्य लक्ष्मण मरकाम, गुड्डू कश्यप और कमलु मरकाम के साथ थाना मारडूम क्षेत्र के ग्राम धर्माबेड़ा पटेल पारा के जनमिलिशिया सदस्य भगचंद उर्फ खूटी शामिल है।

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    जगदलपुर, 22 सितम्बर। बस्तर दशहरा के महत्वपूर्ण रस्मों से एक जोगी बिठाई रस्म के बाद आज से फूल रथ की परिक्रमा शुरू हुई। प्रतिदिन शाम को माता मावली मंदिर से मां दंतेश्वरी का छत्र रथारुढ़ कर सप्तमी तक फूल रथ की परिक्रमा की जाएगी। इस दौरान रथ पर मां दंतेश्वरी के छत्र को रथारुढ़ करने के पश्चात गार्ड आफ ऑनर दी जाती है। इसके पश्चात रथ परिक्रमा प्रारंभ होती है। 
    बाजे-गाजे के साथ विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीण परम्परानुसार पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ विशालकाय रथ को खींचते हुए सिरहासार चौक से गोलबाजार जय स्तंभ चौक से गुरुनानक चौक होते हुए मां दंतेश्वरी मंदिर सिंहड्योड़ी तक खींचकर लाया गया। विधि-विधान के साथ मां दंतेश्वरी छत्र को रथ से उतारकर मंदिर में ले जाया गया। 
    रथ परिक्रमा प्रारंभ एवं समापन के समय आतिशबाजी भी की गई। दशहरा कार्यक्रम के अनुसार 22 से 27 सितम्बर  तक फूल रथ की परीक्रमा होगी।  28 सितम्बर को महाअष्टमी पूजा विधान के पश्चात मध्य रात्रि निशा जात्रा अनुपमा टॉकीज चौक के पास स्थित निशा जात्रा गुढ़ी में संपन्न होगी। 29 सितम्बर को कुंवारी पूजा विधान संपन्न होने के बाद जोगी उठाई पूजा विधान शाम को संपन्न होगा और रात्रि 8 बजे राजमहल रोड पर कुटरूबाड़ा के समक्ष दशहरा पर्व का आकर्षक एवं महत्वपूर्ण मावली परघाव पूजा विधान संपन्न होगा। 30 सितम्बर को भीतर रैनी पूजा विधान के पश्चात शाम को 8 चक्के का विशालकाय रथ की परिक्रमा होगी। जिसे रात्रि में दन्तेश्वरी मंदिर के सामने से चूराकर कुम्हड़ाकोट दशहरा वन ले जाया जाएगा। अगले दिन 1 अक्टूबर को बाहर रैनी पूजा विधान एवं नयाखानी के पश्चात  रथ परिक्रमा पूजा विधान के साथ कुम्हड़ाकोट से मां दन्तेश्वरी मंदिर के समक्ष खींचकर लाया जायेगा। 2 अक्टूबर को काछन जात्रा पूजा विधान स्थानीय पथरागुड़ा स्थित काछन मंडप में संपन्न होगा। वहीं सिरहासार भवन में मूरिया दरबार का आयोजन होगा। 3 अक्टूबर को कुटूम जात्रा पूजा विधान जिसके अन्तर्गत बस्तर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीण देवी देवताओं की विदाई पूजा विधान गीदम रोड स्थित महात्मा गांधी स्कूल परिसर में संपन्न होगा। 
    दशहरा महापर्व का अंतिम व महत्वपूर्ण दन्तेश्वरी मांई जी की विदाई पूजा विधान 7 अक्टूबर को संपन्न होगा। पूरे विधि विधान एवं परम्परानुसार के साथ मांई जी की डोली की विदाई बस्तर राजपरिवार के सदस्य एवं माटी पुजारी कमलचंद्र भंजदेव द्वारा की जायेगी। मंदिर से जीया डेरा तक डोली को पहुंचाया जायेगा। वहां से वाहन के द्वारा मांई जी की डोली दन्तेवाड़ा पहुंचेगी। 
    हजारों पदयात्री निकले मां दन्तेश्वरी दर्शन को
    नगर पहुंचने वाले सभी ग्रामीण मार्गों पर पदयात्रियों की भीड़ लगी रही है। युवाओं के साथ महिलाएं एवं किशोर किशोरियों की संख्या काफी अधिक है। श्रद्धालु अपने गांव से पैदल नगर के राजमहल परिसर में स्थित मां दन्तेश्वरी मंदिर पहुंचकर मां की पूजा अर्चना कर दन्तेवाड़ा के लिए रवाना हो रहे हैं। इसके चलते राजमहल रोड पर सुबह से शाम तक पदयात्रियों की भीड़ लगी रही। शाम को वृद्धि हो गई। गीदम रोड पर स्थित अनेक यात्री सेवा केन्द्रों में इन पदयात्रियों को स्वल्पाहार भोजन एवं आवश्यक दवायें प्रदान की जा रही है।
     हजारों की संख्या में पदयात्री दन्तेवाड़ा जा रहे है। जगदलपुर से लेकर दन्तेवाड़ा तक पदयात्रियों की कतार देखने को मिल रही है। रिमझिम फुहार के बीच भी पदयात्री मां दन्तेश्वरी का जयकारा लगाते हुए अपनी यात्रा जारी रखे हुए  हैं।

     

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  • -देश में मलेरिया का यह पहला दुर्लभतम मामला
    -2 साल के बाद डब्ल्यूएचओ से पुष्टि के बाद खुलासा

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 20 सितम्बर। बस्तर जिले के सर्वाधिक मलेरिया प्रभावित जोन दरभा क्षेत्र के 14 वर्षीय बच्चे के ब्लड सैम्पल की जांच में एनआईआरटीएच जबलपुर द्वारा मलेरिया के चारों स्टेज होने की पुष्टि हुई है। यह पूरे देश का पहला दुर्लभतम केस माना जा रहा है। हालाकि बच्चा वर्तमान में स्वस्थ बताया गया है। 
    मिली जानकारी के अनुसार जनवरी 2015 में दरभा स्थित बालक छात्रावास में रहने वाले 14 वर्षीय बालक को बुखार की शिकायत पर दरभा सीएचसी मेंं भर्ती करवाया गया था। यहां मलेरिया पाजीटिव पाए जाने पर उसे बेहतर उपचार के लिए मेकाज भेजा गया था जहां 10 दिनों तक सघन उपचार के बाद वह स्वस्थ हो गया था। 
    बच्चे का ब्लड सैम्पल नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन ट्राइबल हेल्थ एनआईआरटीएच जबलपुर को भेजा गया था। वहां के वैज्ञानिकों द्वारा स्लाइड का कई स्तर पर परीक्षण किया गया। परीक्षण में मलेरिया के सभी चार स्टेज पल्समोडियम वाइबेक्स, फेल्सीफेरम, ओवेल व मलेरी के लक्षण पाए जाने पर वैज्ञानिकों ने पांच बार क्रास एक्जामिन किया। इसके बाद भी यही रिपोर्ट पाए जाने के बाद डब्ल्यूएचओ को सैम्पल भेजी गई। वहां से भी इसकी पुष्टि होने के बाद एनआईआरटीएच ने इसका खुलासा किया है। 
    विशेषज्ञों की मानें तो मलेरिया का सबसे खतरनाक स्टेज सेरीब्रल फेल्सीफेरम को माना जाता है। बताया जा रहा है कि देश में मलेरिया का यह पहला दुर्लभतम मामला है। आमतौर पर मलेरिया के एक या दो स्टेज ही अब तक पाए गए हैं।

    दरभा हाईरिस्क मलेरिया जोन
    बस्तर जिले में दरभा विकासखंड मलेरिया के मामले में सबसे संवेदनशील क्षेत्र है। बीते जनवरी से जून माह तक के परीक्षण के दौरान इस क्षेत्र के 1469 मरीज मलेरिया पाजीटिव पाए गए थे। यहां पर एनआईआरटीएच द्वारा बीते कई वर्षों से रक्त नमूनों का वैज्ञानिक परीक्षण किया जा रहा है। दरभा व इससे सटे सुकमा जिले के तोंगपाल ब्लाक में दो साल पूर्व एक दर्जन से अधिक सीआरपीएफ जवानों की मलेरिया के चलते मौत हो गई थी। 

    जनवरी से जून माह तक की स्थिति
    ब्लाक              मलेरिया पाजीटिव
    किलेपाल        1088
    तोकापाल        830
    लोहंडीगुडा        684
    दरभा               1469
    नानगूर            342
    बस्तर               566
    बकावंड             224
    शहरी क्षेत्र        250

    जिला मलेरिया अधिकारी डॉ एसएस टेकाम ने बताया कि  दो साल पूर्व भेजे गए सैम्पल के परीक्षण के बाद एक बालक को मलेरिया के चार स्टेज एक साथ होना पाया गया है। यह देश का पहला केस माना जा रहा है। डब्ल्यूएचओ ने भी इसकी पुष्टि की है।

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 18 सितम्बर। नया बस स्टेण्ड रोड समीप मसीह समाज के कब्रस्तान के पास सोमवार सुबह 7 बजे एक ट्रक चालक ने साइकिल पर जा रहे एक व्यक्ति को अपने चपेट में ले लिया। उस साइकिल सवार की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आक्रोषित लोगों ने ट्रक में आग लगा दी।
    मिली जनकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब 7 बजे एक ट्रक चालक ने एक साइकिल पर जा रहे मोहन नामक व्यक्ति को अपने चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि उस साइकिल सवार की मौके पर ही मौत हो गई। जैसे ही ये हादसा हुआ तो आस-पास के लोगों ने ट्रक चालक को पकड़  रखा था और उसके बाद पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। पुलिस ने उस ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के आने तक आस पास के लोगों ने आरोपी ट्रक चालक को मारपीट कर रहे थे। 
    बताया जा रहा है कि सुबह ही बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर के बोधघाट थाना के अंतर्गत आने वाली नया बस स्टैंड मसीह समाज कब्रस्तान के पास सुबह 7 बजे के करीब मेटगुड़ा निवासी मोहन किसी काम से उसी रास्ते से जा रहा था तभी उसी रास्ते से एक ट्रक सीजी 04 डीडी 4185 उसी रास्ते से गुजरते हुए मोहन को अपनी चपेट में ले लिया। मृतक मोहन सीधे उसके पहले पहिए की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई है।
    जैसे ही लोगों ने उस ट्रक चालक को साइकिल सवार को चपेट में लेते हुए देखा तो ट्रक चालक वहां से फरार होने के फि राक में था। बस स्टैंड में भीड़ के चलते ट्रक चालक ट्रक लेकर भागने में असमर्थ हो गया और जैसे ही उसने ट्रक रोका तो पहले तो लोगों ने उसे ट्रक से उतारा कर उसकी पिटाई कर दी। बताया जा रहा है कि उसी बीच किसी ने बोधघाट थाना में पुलिस को इस घटना की सूचना दी।
    जैसे ही घटना की जानकारी पुलिस को मिली तो पुलिस  घटना स्थल में पहुंच गई। पहले तो ट्रक चालक को आस-पास के लोगों द्वारा मारपीट से उसे बचाया और फिर उससे पुछताछ कर थाने ले गई। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर चुकी थी और उसे थाने में ले जाकर पुछताछ कर रही है।
    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ट्रक चालक प्रदीप कुमार पिता स्वगीय पन्नालाल पद्दा उम्र 23 वर्ष निवासी केशकाल के उपर आईपीसी 279/304 के तहत मामला को पंजीद्ध किया है। शव को पीएम कर परिजन को सौंप दिया गया है।

     

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर,17 सितम्बर। ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व निर्विघ्न रूप से मनाने के लिए परम्परानुसार काछनगुड़ी में पहुंची 7 वर्षीय अनुराधा ने 9 दिवसीय उपासना शुरू कर दी है। प्रतिदिन सुबह शाम विधि-विधान के साथ काछन देवी की पूजा-अर्चना पुजारी द्वारा क ी जा रही है। वहीं बस्तर की धनकुल वाद्य के साथ गुरूमाय गीत प्रस्तुत कर रहे हंै। एक तरह से दशहरा  का माहौल बनने लगा है। 
    कक्षा तीसरी में अध्यनरत मारेंगा निवासी अनुराधा दूसरी बार काछनदेवी के रूप में दशहरा पर्व मनाने की अनुमति देगी।  डेरी गड़ाई विधान के साथ फूल रथ निर्माण कार्य जोर शोर से चल रहा है। आगामी 20 सितम्बर को दशहरा पर्व का महत्वपूर्ण विधान काछनगादी आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष भी 7 वर्षीय अनुराधा काछनदेवी के रूप में बेलकांटो   झूला में बैठकर दशहरा  मनाने की अनुमति देगी। भंगाराम चौक स्थित काछनगुड़ी में अनुराधा उपासना कर रही है। दशहरा पर्व निर्विघ्न सम्पन्न होने के लिए 9 दिनों तक फलाहार के साथ व्रत कर रही है।
    रस्म के तहत मिलता है केवल चावल-दाल-पुजारी
    काछनदेवी बनने की वर्षों पुरानी परम्परा को अनुराधा के परिवार के लोग निभाते आ रहे हैं। अनुराधा के परिजनों ने बताया कि काछनदेवी की उपासना करने के चलते पखवाड़े भर की पढ़ाई प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा केवल चावल-दाल भात के रूप में दिया जाता है। पुजारी गणेश दास ने अन्य सदस्यों की तरह मानदेय मांगा है।

     

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    जगदलपुर,12 सितम्बर। दुर्दांत नक्सली हिड़मा जिसे अपने आप में एक बटालियन माना जाता है। बस्तर से पहला सबसे कम उम्र का और दूसरा आदिवासी है जो माओवादियों की शीर्ष पोलित ब्यूरो का सदस्य बनाया गया है ।
    हिड़मा की चुस्ती फ ुर्ती, कुशल रणनीति और संगठन को कम से कम नुकसान उठाने व  ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा बलों को हानि पहुंचाने की वजह से ही उसे वेंकटेश और गणेश उइके जैसे अनुभवी व सीनियर नक्सल नेता को ओवर लुक कर केंद्रीय कमेटी में लिया गया है। जिस पर इन दोनों उपेक्षित नेताओं की प्रतिक्रिया का इंतजार है । 1990 में सुकमा के पूवर्ती गांव के कम पढ़े लिखे हिड़मा को नक्सली संगठन के निचले स्तर का सदस्य बनाया गया था । माना जा रहा है कि हिड़मा को केंद्रीय कमेटी में स्थान देने को लेकर शीर्ष नेताओं ने निचले केडर के माओवादियों में पनप रही इस भ्रांति व हीन भावना को दूर करने का प्रयास किया है कि बड़े नक्सली ऐशो आराम का जीवन जीते हैं और नीचे वालों को जूतों के तले रखते हैं । अबूझमाड़ और सुकमा को छोड़ दिया जाए तो प्राय: हर जगह नक्सली बैकफुट पर हैं साथ ही उनके संगठन को भी काफ ी नुकसान जवानो ने पहुचाया है । हिड़मा के दुस्साहस और निडर लड़ाकू की नक्सलियों के बीच बनी इमेज का फायदा गिरते मनोबल और पस्त हो चले नक्सलियों में जोश भरने की सोच भी बड़े नक्सली नेताओं की है । वैसे सेंट्रल कमेटी में कम से कम  स्नातक तक शिक्षित को ही लिया जाता है । बताया जाता है कि हिड़मा अक्सर पढऩे की जुगत में रहता है और अंग्रेजी भी बोलने लगा है देखना यह है कि उनकी सोच कितनी प्रभावी बनती है क्योंकि सुरक्षा बलों की टेक्निक और बदली रणनीति लगातार माओवाद की कमर तोड़ रही है । दूसरी ओर ग्रामीणों का झुकाव भी पुलिस के पक्ष में बन रहा है । नक्सली मुखौटे को आदिवासी पहचानने लगे हैं । वे जान गए हैं कि पुलिस उनकी वास्तविक हमदर्द और रक्षक है ।

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  • चोटिल होकर पहुंचे दोनों परियोजना अस्पताल
    मजदूर-ऑफिसर यूनियन आमने-सामने 

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    किरन्दुल, 8 सितम्बर। शुक्रवार सुबह तकरीबन साढ़े आठ बजे एनएमडीसी किरन्दुल की खदान डिपॉजिट-14 के स्क्रीन प्लांट में शिफ्ट इंचार्ज दिलीप कुमार चौधरी उम्र 32 वर्ष व कर्मचारी आर के मोहविया 53 वर्ष के बीच ड्यूटी देर से आने को लेकर आपस में वाद-विवाद इतना बढ़ा कि दोनों में मारपीट की नौबत आ गई।  दोनों को सिर और कान में चोटें आर्इं ।लहू लूहान स्थिति में दोनों परियोजना अस्पताल लाया गया। देखते जी देखते माहौल गर्मा गया। संयुक्त खदान मजदूर संघ के सदस्य व ऑफिसर एशोसिएशन के आदस्य अस्पताल पहुंच गए। दोनों यूनियन के लोग एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हंै। मैनजमेंट इस पूरे मामले में दोनों पक्ष फो बैठकर समझाईश देते हुए समझौता कराने की कोशिश कर रही है। क्योंकि अधिकारी व कर्मचारी के बीच सामंजस्य न होने के कारण उत्पादन ठप हो सकता है।
    राजकुमार मोहविया ने बताया कि एनएमडीसी में मेरी नियुक्ति बतौर संगीत शिक्षक के रूप में हुई थी। बाद में मेरा ट्रांसफर ओटो सर्विस सेंटर में कर दिया गया । मेरी तबियत ठीक नहीं रहती आज मैं 10 मिनट देरी से पहुंचा तो शिफ्ट इंचार्ज द्वारा मुझे ड्यूटी में लेने से मना कर दिया और धक्का  मारते हुए मझे जाने को कहा यह तुम्हारा रोज का नाटक है। 
    वहीं दिलीप कुमार चौधरी ने आर के मोहविया पर इल्जाम लगाते हुए कहा कि वे हमेशा ड्यूटी में देरी से आते है इसीलिए उन्हें जाने को कहा। उन्होंने कहा मुझ पर लोहे की किसी चीज से मेरे सिर पर बार किया जिससे मेरे सिर पर चोटें आर्इं। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में हम असुरक्षित महसूस कर रहे। पुलिस द्वारा मामला पंजीबद्ध कर दोनों पक्षों पर विवेचना शुरू कर दी है।

     

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    जगदलपुर, 8 सितम्बर। बस्तर के ऐतिहासिक एवं विश्व प्रसिद्ध दशहरा के लिए विशालकाय रथ निर्माण हेतु लकड़ी लाने का क्रम जारी है। ग्रामीणों की जगह ट्रकों के माध्यम से लकड़ी जंगल से लाई जा रही है और सिरहासार भवन के समक्ष एकत्रित किया जा रहा है। अब बेड़ाउमरगांव के सौरा जाति के लोगों द्वारा रथ निर्माण कार्य प्रारंभ किया जायेगा। 
    विदित हो कि बस्तर दशहरा में चार चक्के का फू ल रथ एवं आठ चक्के का बड़ा रथ एक वर्ष के आड़ में निर्माण किया जाता है। इसके लिए ग्राम चितालूर, कलनार, नानगुर, बिलोरी और कुरंदी के जंगलों से लकड़ी लाई जा रही है। ग्रामीणों के अभाव में ट्रक के माध्यम से लकड़ी जंगल से सिरहासार तक ला रहे है। वहीं ट्रक से नीचे भी लकड़ी में रस्सी बांधकर एक अन्य ट्रक के सहयोग से उतारा जा रहा है। 

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  • जेल में साक्षरता की अलख जगाने और कंप्यूटर के माध्यम से नवसाक्षरों में रुचि जगाने के प्रयासों के लिए किया गया पुरस्कृत
    छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    दंतेवाड़ा, 8 सितम्बर। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ गौरव सिंह ने उपराष्ट्र्रपति वेंकैया नायडू के हाथों दंतेवाड़ा जिले का साक्षर भारत नेशनल अवार्ड ग्रहण किया। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में साक्षरता के लिए कार्य करने, जिला जेल में साक्षर भारत के विशेष प्रयासों के लिए एवं स्वयं सहायता समूह बनाने के लिए किए गए विशेष प्रयासों के लिए जिले को सम्मानित किया गया। 
    इस अवसर पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति श्री नायडू ने कहा कि यह गौरव की बात है दो जनजातीय बहुल जिलों को साक्षरता के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए चुना गया है। ऐसे क्षेत्रों में साक्षर भारत कार्यक्रम चलने से लोगों को अपने दैनंदिनी के बहुत से कार्यों में काफी सहयोग मिलता है। कार्यक्रम में जिला साक्षरता अधिकारी डॉ. रत्नबाला मोहंती भी उपस्थित थीं। 
    जेल के शतप्रतिशत कैदी साक्षर- 
    जिला जेल में किए गए कार्यों की विशेष सराहना कार्यक्रम में की गई। जेल में साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत शतप्रतिशत कैदी साक्षर कर लिए गए हैं। लगभग 800 कैदियों ने महापरीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। महापरीक्षा इस बात का द्योतक होती है कि आपको लिखना-पढऩा आ गया। इसके बाद समतुल्यता की परीक्षा होती है जिसमें पाँचवी तथा आठवी की परीक्षा होती है। जेल में 125 कैदियों ने समतुल्यता की परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली है। 
    प्रेरकों ने बनाए 985 स्वसहायता समूह- प्रेरकों ने स्वसहायतासमूहों के गठन में विशेष रुचि ली है। प्रेरकों के प्रयासों से 985 स्वसहायता समूह भी बनाए। इन प्रयासों को विशेष रूप से विज्ञान भवन में रेखांकित किया गया। 
    आखर झांपी के माध्यम से- आंखर झांपी के माध्यम विशेष तरह से साक्षरता का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें कंप्यूटर साफ्टवेयर के माध्यम से लोगों को शिक्षित किया जा रहा है। कंप्यूटर के माध्यम से काफी रोचक होने की वजह से लोग साक्षरता की कक्षाओं की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं।
    समर्थांग के लिए सोशल आडिटिंग
    जिले के प्रेरकों ने समर्थांग के लिए सोशल आडिटिंग की, समर्थांग का उद्देश्य था विशेष जरूरतों वाले लोगों के संबंध में पता लगाना, प्रेरकों ने कड़ी मेहनत की। इनसे जुटाई गई जानकारी समर्थांग के वेब एड्रेस में देखी जा सकती है। 
    समतुल्यता परीक्षा पास करने पर बोनस प्वाइंट
    दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने विशेष पहल करते हुए जिले में कूक, ड्राइवर जैसे पदों के लिए होने वाली शासकीय भर्ती में समतुल्यता परीक्षा पास करने पर बोनस अंक देने का निर्णय लिया। इसके माध्यम से 414 युवक शासकीय सेवा प्राप्त करने में सफल हुए।
    मॉडल साक्षर केंद्र
    दंतेवाड़ा जिले में एसएलएमए के माध्यम से 3 तथा जिला प्रशासन की ओर से 22 मॉडल साक्षर केंद्र स्थापित किए गए हैं। इस साल के अंत तक 50 ऐसे सेंटर हो जाएंगे। अगले साल सभी साक्षर केंद्रों को मॉडल साक्षर केंद्र के रूप में विकसित कर लिया जाएगा।
    भविष्य की योजना
    साक्षर हो चुके लोगों को फर्राटेदार हिंदी पढ़ाने एवं गणित की बुनियादी संक्रियाएं समझाने के लिए पढ़े दंतेवाड़ा, लिखे दंतेवाड़ा ऐप के माध्यम से कार्य किए जाने की योजना है। ऐप आपका पढऩे-लिखने का स्तर बता देगा, इसके बाद अगर बेहतर करने की संभावना है तो प्रेरक नवसाक्षरों पर अधिक मेहनत करेंगे ताकि वे धाराप्रवाह पढ़ सकें। इससे साक्षर हो चुके लोगों को बहुत तेजी से लिखने-पढऩे की क्षमता विकसित होगी। इसके साथ ही जिले में हर पंचायत में ई-ज्ञान केंद्र खोला जाएगा। इसमें सभी स्मार्ट फोन एवं कंप्यूटर्स पर नागरिक आफलाइन ही बहुत सी सामग्री इंटरनेट के बगैर भी अपने फोन में देख पाएंगे। 

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 8 सितम्बर। काफ ी दिनों की खामोशी के बाद नक्सलियों ने बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम क्षेत्र में  गुरूवार  शाम  जगदलपुर से बारेगुड़ा जा रही एक यात्री बस को  आग के हवाले कर दिया।  
     मिली जानकारी के मुताबिक गुरूवार की शाम करीब 6 बजे तोड़ेमपारा नल्लमपल्ली के पास जंगल में घात लगाए बैठे नक्सलियों ने बारेगुड़ा विश्वनाथ बस को रोका फि र यात्रियों को उतारकर डीजल टैंक में आग लगा दी। 
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ग्रामीण वेशभूषा में 10 से 15 की संख्या में नक्सली पहुंचे थे। इनमें कुछ वर्दीधारी सशस्त्र माओवादी भी  थे। घटना के बाद घने जंगलों की ओर भाग खड़े हुए। इस वारदात में किसी भी यात्रियों को नुकसान नहीं पहुचाया है। नक्सलियों द्वारा पर्चे भी फेंके गए  हैं। घटना के बाद इलाके में दहशत है।

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    किरंदूल, 5 सितंबर। दंतेवाड़ा के कमालूर रेल्वे स्टेशन के करीब नक्सलियों ने पटरी उखाड़ दी जिससे ओएचई वैन दुर्घटना का शिकार हो गई। नक्सलियोंं ने रेलकर्मियों के  वॉकी टॉकी और मोबाइल भी छीन लिए ।
    मिली जानकारी के अनुसार सोमवार की देर शाम केके रेलमार्ग पर भांसी और कमालूर के बीच नक्सलियों ने पटरी उखाड़ दी। इस घटना में एक ओएचई वैन हादस का शिकार हो गई। ओएचई वैन किरंदुल वापस लौट रही थी। इसमें बैठे सभी कर्मचारी सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
     भांसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत कमालूर स्टेशन के करीब पोल नं 422 के पास हुई वारदात के बाद से इस रेलमार्ग पर एहतियातन मालगाड़ी व पैसेंजर की आवाजाही बंद कर दी गई है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद पैसेंजर को डिलमिली से वापस जगदलपुर भेज दिया गया।  

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    जगदलपुर, 4 सितम्बर। थाना कोड़ेनार क्षेत्र अन्तर्गत ग्रामीण को पुलिस मुखबीर का आरोप लगाते हुए मारपीट करने वाले 8 नक्सलियों को गिरफ्तार करने में संयुक्त पुलिस दल को सफलता मिली। 
    पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम भोसरी रास पटेलपारा निवासी सुकड़ा पोयाम पिता मासा पोयाम उम्र 29 वर्ष को टंगिया, चाकू, बण्डा, तीर धनुष से लेस 10-12 लोग 1 सितम्बर को मारपीट की। वे लोग कह रहे थे कि तुम और तुम्हारे गांव के लोग पुलिस वालों का साथ देते हो हम लोग कटेकल्याण एरिया कमेटी के नक्सली कमाण्डर महंगू दादा के आदमी है। 
    लाल सलाम जिन्दाबाद का नारा लगाते हुए प्रार्थी सुकड़ा के घर को चारो तरफ से घेरकर हाथ, मुक्का लात से मारपीट किये। किसी तरह जान बचाकर भागते हुए प्रार्थी सुकड़ा सरपंच दुलगा के घर पहुंचा जहां से सरपंच ने फोन के द्वारा थाना प्रभारी कोडेनार को घटना की सूचना दी। 
    थाना प्रभारी कोडेनार तत्काल मामले की तस्दीक हेतु घटना स्थल रवाना हुए जहां प्रार्थी से मिलकर प्रार्थी के बताये अनुसार मौके पर रिपोर्ट दर्ज किये। मामले से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। 
    पुलिस अधीक्षक आरिफ  एच शेख के मार्ग दर्शन व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटेल एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी केशलूर निमेश बरैया के दिशा निर्देशन पर थाना कोडेनार पुलिस एवं चौकी पखनार पुलिस द्वारा क्षेत्र में लगातार संयुक्त सर्च आपरेशन कर 24 घंटे के अंदर मामले के निम्र 8 आरोपरगण भीमा मंडावी पद मिलिशया कमाण्डर, राजू सोढी पद डीएके एम एस अध्यक्ष, सुखराम माडवी पद मिलिशिया सदस्य, लखमा माडवी पद डीएकेएमएस सदस्य, बुधराम कवासी मिलिशया सदस्य, हडमो माडवी डीएकेएमएस सदस्य, लक्ष्मण कश्यप को गिरफ्तार कर थाना कोडेनार में अपराध क्रं 65/17 धारा 147, 148, 149, 341, 342, 294, 506,323 मादवि एवं 25,27 आम्र्स एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उक्त आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा जाता है। 
    ज्ञात हो कि उक्त क्षेत्र कुमार साडरा के आसपास पूर्व में रेलवे संबंधि अपराध होते रहे है। जिसमें इस तरह के मिलिशया व डीएकेएमएस के लोग सक्रिय भूमिका निभाते है। इस कार्रवाई में क्षेत्र के ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा है। स्पष्ट है कि क्षेत्र के लोग इस तरह की माओवादी घटनाओं को समर्थन नहीं देते है तथा माओवादियों की कुट नीतियों से तंग आ चुके है तथा निवारण चाहते है। बस्तर पुलिस की इस कार्रवाई से जहां एक ओर ग्रामीण जनों में पुलिस के प्रति विश्वास बड़ा है वहीं 24 घंटे में आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी इस तरह के असामाजिक तत्वों के मन में दहशत है।

    गोपनीय सैनिक की नक्सल हत्या
    बीजापुर, 4 सितम्बर। जिले के पदेड़ा ग्राम में आज बाजार में शादी वर्दी में पहुंचे नक्सलियों ने गोपनीय सैनिक की धार दार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी। गोपनीय सैनिक चेरपाल निवासी पुनेम पंकु की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। मारे गए गोपनीय सैनिक का शव बीजापुर जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए लाया गया है। खबर लिखने तक पोस्टमार्टम चल रहा था। बीजापुर पुलिस थाना की घटना है।

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    जगदलपुर, 4 सितम्बर। बस्तर के एतिहासिक एवं विश्व प्रसिद्ध 75 दिनों तक चलने वाले दशहरा पर्व अन्तर्गत सोमवार को दुसरा विधान डेरी गड़ाई का रस्म पूरे विधि विधान एवं परम्परानुसार संपादित किया गया। नगर सीमा से लगे ग्राम बिलोरी से लाई गई दो सरगी की लकड़ी को सिरहासार भवन में विधि विधान पूर्वक मां दन्तेश्वरी मंदिर के पुजारी द्वारा  पूजा अनुष्ठान कर डेरी गड़ाई रस्म सांसद एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने अदा की । 
    बस्तर की परम्परानुसार विधि विधानपूर्वक पूजा अनुष्ठान कर दोनों लकडिय़ों को गाडऩे के पूर्व चना लाई, अण्डा एवं मोंगरी मछली समर्पित किया गया। लकडिय़ों में हल्दी, फूल और कपड़ा लगाये जाने के बाद सांसद एवं दशहरा समिति के अध्यक्ष  दिनेश कश्यप द्वारा लकडिय़ों को गाड़ा गया। इस अवसर पर मांझी, चालकी,मेम्बर एवं मेम्बरिनों ने हल्दी भी खेला। बस्तर क े पारम्परिक वाद्दय यंत्रों की धुंन से सिरहासार भवन गुंजायमान हुआ। सांसद दिनेश कश्यप ने कहा कि बस्तर दशहरा में सभी वर्ग एवं समुदायों को दायित्व सौंपा गया है। जिसका निर्वहन करते हुए सभी अपना योगदान देते है। बस्तर संभाग के सभी क्षेत्रों के देवी देवताओं का दशहरा पर्व पर आगमन होता है और उनकी ससम्मान विदाई भी होती है। काछनगादी विधान से नियमित रूप से दशहरा पर्व के विभिन्न विधान सम्पन्न होंगे। इस ऐतिहासिक दशहरा पर्व को देखने देश के साथ साथ विदेश के पर्यटक भी बस्तर पहुंंचते है। इसे और आकर्षक ढंग से मनाये जाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर कलेक्टर धनंजय देवांगन, दशहरा समिति के सचिव तहसीलदार दीनदयाल मंडावी, एसडीएम कु र्रे, नायब तहसीलदार द्वय, मलय विश्वास एवं एसआर बघेल के साथ काफी संख्या में मांझी, पूजारी मेम्बर,मेम्बरीन, टेम्पल कमेटी के सदस्यगण, विभिन्न गांवों को कोटवार  एवं गणमान्य नागरिक काफी संख्या में उपस्थित थे। 

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  • 40 से 45 गांवों का टूटा संपर्क  
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    नारायणपुर, 14 अगस्त। नक्सलियों ने कुकुर नदी के ऊपर बना कुंदला पुल को क्षतिग्रस्त कर दिया है। नक्सलियों ने पुल को गिराने के लिए बम ब्लास्ट भी किया था, लेकिन पुल को गिराने में वे नाकामयाब रहे।
    नारायणपुर में नक्सलियों ने जमकर उत्पात मचाया है। नक्सलियों ने अबुझमाड़ की लाईफ  लाइन कहलाने वाले कुंदला पुल को तहस नहस कर दिया है। बम ब्लास्ट कर पुल को गिराने की कोशिश की लेकिन नाकामयाब होने के बाद नक्सलियों ने पुल को कई जगह से क्षतिग्रस्त कर दिया। पुल को कई जगह से खोदने के साथ ही दोनों तरफ  लगी रेलिंग को भी तोड़ दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि 1 हजार की संख्या में हथियार बंद नक्सली गांव पहुंचे थे, जहां उन्होंने वारदात को अंजाम दिया।
    नक्सलियों ने पुलिया के पास बैनर और पोस्टर लगाया है, जिसमें उन्होंने पुलिस के ऊपर आदिवासियों के साथ मारपीट करने और उन्हें जेल भेजे जाने के विरोध में कुंदला पुल क्षतिग्रस्त करने की बात लिखी है। पुल के क्षतिग्रस्त होने की वजह से अबुझमाड़ क्षेत्र के 40 से 45 गांवों का संपर्क जिले से टूट गया है। जिसकी वजह से ग्रामीणों को काफ ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। 

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  • पूरा परिवार दहशत में, लाखों की दवा बिकी
    आजाद सक्सेना

    किरंदुल, 10 अगस्त (छत्तीसगढ़)। दंतेवाड़ा के किरंदुल बचेली इलाके में स्वाइन फ्लू फैलने की अफवाह इस कदर फैली कि लोग एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार छोड़ भाग गए। जबकि मृतक की मौत किसी अन्य बीमारी से हुई थी। अब मृतक परिवार इन दिनों अछूतों सा व्यवहार झेल रहा है। पूरा परिवार मानसिक तनाव व दहशत में है। 
    वहीं किरंदुल की एक दवा दूकान में बीते दो दिनों में टेमी फ्लू नामक दवा 5 लाख की   बिक  गई।  एहतियात लोग खरीदने लगे जिससे यह दवा यहां 12 सौ रुपये तक बिकी।  
    इस संंबंध में कलेक्टर का कहना है कि  पूरे दंतेवाड़ा जिले का स्क्रिनिंग करवाया है जिसमें   जिला पूरी तरह सुरक्षित है। डॉक्टरों ने भी जिले में स्वाइन फ्लू के संक्रमण को नकारा है उनके मुताबिक मृतक कैलाश सक्सेना के परिवार से किसी को कोई संक्रमित खतरा नही है। डॉक्टरों ने कहा है कि लोग  अफवाहों से दूर रहे।
    मिली जानकारी के अनुसार एनएमडीसी किरन्दुल के कर्मचारी कैलाश सक्सेना की मृत्यु 1 अगस्त को रायपुर के एमएमआई अस्पताल में मृत्यु हो गई। मृतक कैलाश के भाई राजेन्द्र सक्सेना ने बताया कि कैलाश भाई  मां को डायलिसिस के लिए रायपुर एमएमआई अस्पताल लेकर गए थे जहां उनको निमोनिया हो गया।  डॉक्टरों ने 1-2 प्रतिशत स्वाइन फ्लू के लक्षण पाया।  उनका लीवर भी खराब हो गया था और शारीरिक कमजोरी के चलते उनकी मृत्यु हो गई।
    उन्होंने बताया कि रायपुर से लम्बे सफर को देखते हुए शव को ताबूत में लेकर किरन्दुल पहुंचे जहां एहतियात के साथ उनका अंतिम क्रियाकर्म कर दिया गया। लेकिन इसके पश्चात पूरे किरन्दुल में इस कदर अफवाह फैली  कि शव को आधा जल छोड़कर सब भाग गए।  दूसरे दिन जाकर   शव को जलाया गया जबकि बिना कपाल क्रिया के हम जलती चिता को नहीं छोड़ते हैं।
    अफवाह यह भी फैल गई कि शव जलाने की बजह से नगर में स्वाइन फ्लू के कीटाणु फैल रहे हैं और मृतक के पूरे परिवार पर इसका असर है और जो भी मृतक के घर जाता है वह भी संक्रमित हो गया है।  इन अफवाहों के चलते किरन्दुल -बचेली दोनों जगह के परिवार के बच्चों -बुजुर्गों सबका तिरस्कार  किया जा रहा है।  परिवार सदस्यों को देखकर मुंह ढंकना,स्कूल में बच्चों को आने से रोकना बातचीत बंद की जा रही है।  पूरा परिवार  घर में कैद होकर रह गया है। लोगों से सहानुभूति की जगह तिरस्कार मिल रहा है जिससे पूरा परिवार मानसिक तनाव व दहशत में है।

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    बचेली, 2 अगस्त। गत 22 जुलाई को नगर में शंकर कुण्डु के घर से ढाई लाख के जेवर व नकदी चोरी करने वाले 2 चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चोरी करने के बाद आरोपी जगदलपुर चले गए थे वहीं से दोनों को गिरफ्तार किया गया है।
     गिरफ्तार युवक राजेश यादव निवासी बालाजी वार्ड जगदलपुर एवं युवक दुर्गेश गौतम निवासी अंबेडकर वार्ड 29 नयामुंडा ने 22 जुलाई को बचेली में हुए चोरी को स्वीकार किया। उनके पास से चोरी के आभूषण  बरामद किया गया है। न्यायालय के आदेश से उक्त आरोपियों को केन्द्रीय जेल जगदलपुर दाखिल किया गया। बचेली के अलावा इन्होंने कई जगहों पर चोरी की घटना को अंजाम दिया है। चोरों के पास से मिले आभूषणो में से शंकर कुण्डु ने चोरी के सिर्फ तीन आभूषणों को ही अपना बताया है जिसमें सिर्फ  बाउटी, कंगन बाला व शंख चुड़ी है बाकि अंगूठी, कान, मंगलसूत्र, चेन, चुड़ी, टूटा हुआ सोना नहीं मिला। 

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  • परिजनों ने आरोप लगाते हुए शिक्षिका को बताया जिम्मेदार
    छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    जगदलपुर, 31 जुलाई। शहर से करीब 8 किलोमीटर दूर हल्बाकचोरा स्थित आदेश्वर एकाडमी में एक बार फिर एक छात्रा के साथ मारपीट करने के साथ ही उसे प्रताडि़त करने का मामला प्रकाश में आया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि स्कूल की शिक्षिका के द्वारा दुव्र्यवहार करने के साथ ही उसके साथ मारपीट की। जिससे बच्ची का स्वास्थ्य खराब होने के कारण उसे धरमपुरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। वहीं इस मामले को लेकर जब प्राचार्य से चर्चा की तो उन्होंने बिना छात्रा से बात किए शिक्षिका की तरफदारी करते हुए उसे सही बताया। मामले की जानकारी लगने के बाद छात्र संगठन अभाविप के छात्रों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। जिसे देखते हुए स्कूल के मेन गेट में पुलिस बल को तैनात किया गया था। जिससे कि कोई भी अंदर ना जा सके। 
    मामले के बारे में जानकारी देते हुए श्याम वर्मा ने बताया कि उसकी भांजी जो कि आदेश्वर एकाडमी के हॉस्टल में रहकर कक्षा 11वीं कामर्स में पढ़ाई कर रही है। विगत 26 जुलाई को छात्रा दूसरे कक्षा में जाकर एक छात्रा को मेडिकल जांच के लिए बुलाने के लिए गई थी। वहां से लौटने के दौरान कक्षा के बाहर खड़ी शिक्षिका रीता माने द्वारा छात्रा से अभद्र व्यवहार करते हुए उसके साथ मारपीट की, साथ ही उसे परिजनों ने किसी भी प्रकार से अच्छे संस्कार नहीं दिए हैं का आरोकप भी लगाया। वहीं छात्रा के द्वारा माफी मांगे जाने के बाद भी श्ििाक्षका ने उसके साथ मारपीट की। जिसके बाद छात्रा का स्वास्थ्य खराब होने के से उसे निजी अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां परिजनों ने इस बात को बताया कि उसे कुछ घंटे आईसीयू में भी रखा गया था।  
    वहीं एकाडमी के प्राचार्य प्रदीप कुमार पांडे का कहना है कि 26 जुलाई की सुबह स्कूल लगने के बाद ही उक्त छात्रा दो अन्य छात्राओं के साथ कक्षा से बाहर निकली हुई थी। उसी वक्त उक्त शिक्षिका ने छात्राओं से कक्षा से बाहर निकलने का कारण पूछा। उक्त छात्रा ने शिक्षिका के साथ बहस करना शुरू कर दी। जिसकी शिकायत शिक्षिका ने प्राचार्य से की। प्राचार्य ने शिक्षिका सहित छात्राओं को समझाने की कोशिश की। लेकिन उक्त छात्रा द्वारा शिक्षिका को बुरा-भला कहा गया। मारपीट करने वाली बात झूठी है। मामले की जांच की जा रही है। इसके लिए उपर प्रबंधन को भी जानकारी दी गयी है। वहीं स्कूल के बाहर प्रदर्शन कर रहे अभाविप के अनिल विश्वकर्मा का कहना था कि हम प्राचार्य से किसी तरह का कोई भी बातचीत नहीं करना चाहते हैं। 
    हम प्रबंधन से अपनी शिकायत करना चाहते हंै। अभाविप ने करीब दो घंटे तक स्कूल के बाहर प्रदर्शन करते हुए स्कूल का घेराव किया। जिसको देखते हुए पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। प्रदर्शन कारी में जिला अभाविप संयोजक पुशांत रॉय, प्राचीन तिवारी, विष्णु गुप्ता, रूची माली व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।   
    पहले भी घट चुकी है घटना 
    इससे पहले बचेली का ही रहने वाले एक छात्र को भी इसी तरह पहले के प्राचार्य ने इसलिए मारपीट की थी क्योंकि शिकायत मिली थी कि छात्र स्कूल के दीवारों को फांदकर बिरयानी खाने के साथ ही स्कूल परिसर में चिकन का सेवन भी करता था। जिसकी जानकारी लगने के बाद छात्र को डंडे से मारपीट की गयी थी।  

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  • होम गार्ड और यातायात के जवानों ने बचाई जान

    छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    जगदलपुर, 31 जुलाई। शहर के सुसाइट पांइट के नाम से मशहूर नये पुल में सोमवार की सुबह एक महिला ने नदी में कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की। जिसकी जानकारी आमागुड़ा चौक में ड्यूटी कर रहे यातायात विभाग के आरक्षक खेदूराम, भूपेन्द्र देखमुख के अलावा वहां पर मौजूद होम गार्ड के जवान शिवा सोनी को मिलते ही नदी में उतरकर महिला को बचा लिया गया। महिला को मेकाज मेें भर्ती किया गया है। मामले की जानकारी लगने के बाद पुलिस कप्तान ने यातायात के जवान को 5 सौ रूपए का कैश रिवार्ड दिया। 
    मामले के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि आड़ावाल के ओरनाकैम्प कुसुमपाल में किराए के मकान में रहने वाली महिला सुभ्रदा पति डमरू भारती 32 आड़ावाल से नया पुल पहुंची। जहां आटो से उतरने के बाद नदी में छंलाग लगाकर सुसाइट करने की कोशिश की। जिसके बाद पुलिस को इस बात की जानकारी आते जाते लोगों ने बताया। मौके पर पहुंची पुलिस की टीम के साथ ही जवानों ने अपने जान की परवाह किए बगैर ही नदी में कूदकर उसकी जान बचाई। उसके बाद उसे पुलिस वाहन में ही भरकर अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने महिला को देखने के बाद वार्ड में भर्ती कर दिया गया। 
    महिला जवान की लगाई गई है ड्यूटी
    सुभ्रदा को मेकाज में भर्ती करने के कुछ देर के बाद ही उसे होश आ गया। जिसके बाद उसे वार्ड में भर्ती किया गया। वहीं उसके पति को घटना के बारे में जानकारी देने के लिए पुलिस नगरनार थाना के अधिकारियों को सूचना दी गई है। महिला की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक महिला पुलिस की ड्यूटी भी लगाई गई है। 
    दर्जनों लोग कर चुके हंै सुसाइट
    नए पुल से अबतक करीब दर्जनों लोग सुसाइट कर चुके हंै। जिसमें पैलेस रोड़ स्थित एक कपड़ा दुकान के व्यापारी जिसने अपनी बीमारी से तंग आकर आत्महत्या की थी। तो वहीं एक शिक्षक ने भी सुसाइट किया था। कुछ दिन पहले पुलिस को नए पुल से 11 वीं के एक छात्र का शव मिला था। इसके अलावा अन्य मामले में भी कई लोग  नए पुल से सुसाइट कर चुके हंै। 
    पुलिस कप्तान ने जवान की तारीफ की 
    घटना की जानकारी लगने के बाद से जब यातायात के जवान खेदुराम ने डूबती हुई महिला की जान बचाई थी तो इस बात की जानकारी पुलिस कप्तान शेख आरिफ एच हुसैन को दी गयी। जिसके बाद बस्तर कप्तान द्वारा जवान के कार्य की प्रशंसा करते हुए उसे इनाम के तौर पर 5 सौ रूपए का कैश रिवार्ड दिया गया। 
    वहीं मामले की जानकारी लगने के बाद सर्वधर्म समाज के लोगों ने जवान को कार्यालय में जाकर उसे शॉल और श्रीफल से सम्मान के साथ ही इनाम के तौर पर 16 सौ रूपए भी दिया। साथ ही इस बात की मांग भी रखी कि आने वाले 15 अगस्त में आरक्षक का सम्मान भी किया जाए। इस दौरान सीएसपी मोनिका ठाकुर व एसडीओपी कोण्ड़ागांव कपिल चन्द्रा भी मौजूद थे। 

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  • ओडिशा,कोंडागांव, नारायणपुर और जगदलपुर के आरोपी गिरफ्तार
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 30 जुलाई।  पुलिस को काफी लंबे समय से सूचना आ रही थी कि शहर के अंदरूनी इलाकों में जुआ का खेल तेजी से चल रहा है। जिसके चलते पुलिस अधिकारियों ने मुखबीरों सक्रि य कर दिया था और लगातार जुआ खेलने वालों पर नजर गड़ाए हुए थे। इसी तारतम्य में पुलिस को सूचना मिली कि नगरनार थाना क्षेत्र के ग्राम उलनार में कुछ दिनों से बड़ी मात्रा में जुआ खेला जा रहा है। पुलिस ने इस बात की उच्च अधिकारियों को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक आरिफ  हुसैन शेख के निर्देशन में क्राइम ब्रांच प्रभारी निमेश बरैय्या द्वारा जुआ सट्टा धरपकड़ अभियान के तहत नगरनार थाना क्षेत्र के ग्राम उलनार में जिला नारायणपुर, बस्तर, कोंडागाव, जैपुर उड़ीसा के 14 जुआरियों को ताश के 52 पत्ती के साथ जुआ खेलते रंगे हाथ पकड़ा। जुआरियों के पास एवं फ ड़ से कुल नगदी 8 लाख 14 हजार 630 रुपये व 52 पत्ती जप्त कर कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि जुआरियों के अलावा अन्य किसी भी तरह का अब अपराध बढऩे नहीं दिया जाएगा। जिसके लिए लगातार पुलिस अपने मुखबीरों के ऐसे मामलों के लिए सचेत भी कर रही है। पुलिस का कहना है लंबे समय बाद पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। जिसमें 14 लोगों के साथ ही अन्य लोगों को पकड़ा गया है। वहीं पुलिस ने बताया कि पकड़े गए लोगों में कुछ बड़े नाम भी शामिल हैं। 
    ये पकड़े गए 
    रामाराव 56 वर्ष व्हीआईपी लाइन जैपुर ओडिशा, राजेन्द्र जैन 54 वर्ष महारानी वार्ड जगदलपुर, संतोष साव 25 वर्ष श्रीराम नगर जैपुर जिला कोरापुट उडीसा, संतोष कुमार 38 वर्ष सिटी कोतवाली नारायणपुर , नारायण सिंह 31 वर्ष सोनपुर रोड सिटी कोतवाली नारायणपुर, पवित्र प्रधान 50 वर्ष मेनरोड कोटपाड , रमेश साहू 51 वर्ष नयामुण्डा थाना बोधघाट जगदलपुर, भूपेन्द्र साहू 27 वर्ष सरगीपाल सिटी कोतवाली कोण्डागांव, संतोष पात्रे 31 वर्ष नहर पारा थाना सिटी कोतवाली कोण्डागांव, गोपाल सतपथी 56 वर्ष हाटपदा थाना बोरीगुमा जिला कोरापुट, रामकृष्णों पटनायक 31 वर्ष जैपुर जिला कोरापुट, केशव पण्डा 49 वर्ष हाटपदा थाना बोरीगुमा जिला कोरापुट व संजय कुमार 45 वर्ष इंदिरा वार्ड थाना कोतवाली जगदलपुर। पुलिस ने मामले से जुड़ी 4 वाहनों को भी जब्त किया है। 

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 29 जुलाई। हिन्दुस्तान में अगर सबसे अमीर कोई जगह है तो वह बस्तर है। यहां जल, जंगल, जमीन के साथ ही खनिज संपदाएं भी हैं, जिसे बीजेपी की सरकार अपना ले रही है। कांग्रेस के द्वारा आदिवासियों की जमीन को बचाने के लिए एक कानून बनाया था, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रद्द कर दिया। यह कानून ना टूटे इसके लिए तीन बार इसे रूकवाया भी गया लेकिन इसके बाद भी इस कानून को तोड़ दिया गया। आने वाले दिनों में एक नया कानून बनाया जाए, जिसकी रचना करने के दौरान एक आदिवासी को भी बैठाया जाए। 
    उक्त बातें कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने दो दिनी बस्तर प्रवास के दौरान शनिवार को वीरसावरकर भवन में एनएसयूआई कार्यशाला में अपने उद्बोधन में कही। श्री गांधी ने कहा कि जब तक कांग्रेस की सरकार थी तबतक हर जगह शांति बनी हुई थी लेकिन 2014 में बीजेपी की सरकार के आने के बाद आतंकवाद बढऩे के साथ ही लोगों में लड़ाईयां बढऩी शुरू हो गई। देश में अंशाति बढऩे के साथ ही लोगों में मारपीट शुरू हो गया। जिसका फायदा बीजेपी को मिलने लगा।
    श्री गांधी ने कहा कि सरकार आदिवासियों की जमीन को लेने के बाद उसे उद्योगपतियों को देने लगे। जमीन के साथ ही साथ आदिवासियों का भविष्य भी बीजेपी की सरकार लूट रही है। आरएसएस और बीजेपी नहीं चाहती कि आदिवासियों के बच्चे ज्यादा पढ़े-लिखे और हर पहलुओं को समझ सके। बीजेपी का लक्ष्य है कि अधिकतर जनजाति कमजोर रहे और उसे किसी भी तरह से कोई लाभ ना मिल सके। श्री गांधी ने कहा कि आदिवासियों को शिक्षा, ज्ञान और रोजगार मिलने से काफी फायदा होगा।
    आदिवासियों के ज्ञान को ना सिर्फ छग में बल्कि पूरे हिन्दुस्तान में इनके ज्ञान को बताना चाहिए। जिससे आने वाले दिनों में बस्तर में भी कंपनियों के साथ ही यूनिवर्सिटी में आदिवासी बच्चों की सोच को अपनाना चाहिए। 
    उन्होंने कहा कि अगर बस्तर से जंगल खत्म हो गया तो यहां पर कुछ भी नहीं बचेगा। आदिवासी बच्चों की शिक्षा को लेकर कभी भी विधानसभा, लोकसभा और पंचायतों में आवाजें बुंलद नहीं किया जाता है। बस्तर में जो भी विकास होना है इन्ही के माध्यम से होना है। अगर ऐसा नहीं होता है तो इसे विकास नहीं माना जाता है। 
    एनएसयूआई के आकाश शर्मा ने कहा कि बस्तर के आदिवासी नक्सली और सरकार दोनों से लड़ रही है। यहां पर शिक्षा कागजों में संचालित हो रही है। इसके अलावा बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों में कक्षा 8वीं में पढऩे वाले छात्र को नक्सली घोषित कर दिया जाता है।
    भिलाई के महापौर देवेेन्द्र यादव ने कहा कि संगठन के अंदर चुनाव कराने से इस बात का सबसे बड़ा परिसाद यह निकला है कि छात्र-छात्राओं के द्वारा चुनावों के माध्यम से अपने विरोधी को हराने के बाद यहां पर पहुंच रहे हैं। बस्तर में परिवर्तन करने के साथ ही प्रदेश में छात्रों का हनन किया जा रहा है। करीब 30 हजार से अधिक बहनें लापता हैं और सरकार उन्हें खोज भी नहीं पा रही है। इसके अलावा हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को 6 सौ रूपए में पौष्टिक खाना 1 माह के अंदर दिया जा रहा है। यानि एक दिन में 20 रूपये के आहार को खाकर बस्तर का आदिवासी बच्चा पढ़ाई कर रहा है। 
    कश्मीर से आए फिरोज ने कहा कि शिक्षा का स्तर गिरते जा रहा है। इसके अलावा स्कूलों में आर्मी के जवानों को तैनात कर दिया जा रहा है। जिसके कारण बच्चे स्कू ल जाने से डर रहे हैं। इन्ही सब कारणों के चलते विगत दिनों एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं के द्वारा कांकेर से रायपुर तक पैदल यात्रा भी किया था। 
    राहुल को पहनाया बस्तर का ताज 
    राहुल गांधी को वीरसावरकर भवन में बस्तर का कहा जाने वाला माडिय़ा ताज पहनाया गया। इसके अलावा उन्हें बस्तर के आर्टशिल्प का मेमोन्टो भी गिफ्ट किया गया।  इस दौरान छात्राओं ने राहुल गांधी से सवाल भी पूछे।

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