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Posted Date : 15-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 15 नवंबर। मुंगेली जिले में बीती रात एक युवा किसान विजय अंचल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर दी। ख़बर है कि उसे सूदखोर लगातार परेशान कर रहे थे और केसीसी का कर्ज भी बढ़ गया था। हालांकि पुलिस और प्रशासन ने इसे पेट दर्द से परेशान होने के कारण उठाया गया कदम बताया है। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस नेता विधायक अमित जोगी ने कहा है कि लगातार किसानों की आत्महत्या पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को जवाबदेही लेनी पड़ेगी। मुंगेली कलेक्टर का कहना है कि यह कर्ज वाली आत्महत्या नहीं है। 
    मुंगेली जिले के फास्टरपुर विकासखंड के पास ग्राम सुकलाभाठा में 31 साल के विजय ने बीती रात अपनी बाड़ी के पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह घटना की जानकारी परिवार को मिली। पुलिस को सूचना मिली और पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मुंगेली भेज दिया गया। 
    ग्रामीणों ने बताया है कि पिछले तीन दिन से विजय किसी सूदखोर के लगातार दबाव आने से परेशान था। उसने 10 प्रतिशत मासिक ब्याज पर खेती के काम के लिए 70 हजार रुपये  उधार लिए थे। इसके अलावा किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से भी दो लाख रुपए गन्ने और गुलाबी चने की फसल बोने के लिए उठाया था। केसीसी की लिमिट खत्म हो गई थी। इस इलाके में जबरदस्त सूखा पड़ा है और धान सहित दूसरे फसल खऱाब हो गए हैं। किसान विजय, सूदखोर की रकम चुकाने की व्यवस्था नहीं कर पा रहा था। इसलिए उसने आत्महत्या का रास्ता चुना। 
    यह एक संयुक्त परिवार है, जिसमें अनुसूचित जाति के विजय ने पिता तिरिथराम के नाम पर कर्ज लिया था। विजय के छह और तीन साल के दो बेटे हैं। वह अपने परिवार का सबसे बड़ा बेटा था, इसलिए खेती की वही देख-रेख करता था। 
    पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में पता चला है कि उसको पेट दर्द था। वह इसका इलाज करा रहा था। ग्रामीणों ने अधिकारिक बयान नहीं दिया पर इस दावे को गलत बताते हुए कहा उसको फिलहाल कोई बीमारी नहीं थी, पेट दर्द होने की बात दो साल पुरानी है। इस समय वह किसी बीमारी से ग्रस्त नहीं था। 
    मुंगेली कलेक्टर नीलम नामदेव एक्का ने 'छत्तीसगढ़Ó से कहा कि यह कर्ज वाली आत्महत्या नहीं है। हमने प्रारंभिक जांच करा ली है। मृतक के नाम पर कोई जमीन ही नहीं है। वह कमाने-खाने लखनऊ गया था और कुछ दिन पहले ही लौटा है। उसे कोई बीमारी थी। उसके ऊपर किसी तरह का कर्ज होने की बात सामने नहीं आई है। 
    इधर मरवाही विधायक और छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस नेता अमित जोगी ने इस घटना को लेकर फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वे घटनास्थल के लिए रवाना हुए हैं। उन्होंने 'छत्तीसगढ़Ó से कहा कि किसानों की आत्महत्या प्रदेश में शर्मनाक गति से बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकते। उन्होंने पिछली कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरे मुंगेली जिले में सूदखोरों ने गरीब ग्रामीणों पर अत्याचार कर रखा है। सरकारी कर्ज नहीं मिलने और फसल खऱाब होने के चलते उसके चुकारे की बाध्यता होने के कारण निराश किसान आत्महत्या का रास्ता चुन रहे हैं। 10 प्रतिशत मासिक ब्याज पर लोगों को सूदखोर कर्ज दे रहे हैं। सरकार के लिए यह शर्मनाक है। 
    अमित जोगी ने कहा कि आज सुबह इस घटना का सबको पता चल गया था लेकिन सहकारिता मंत्री दयालदास बघेल के समर्थक भाजपा कार्यकर्ताओं का हाल देखिए कि वे आज उनके पहुंचने पर आतिशबाजी कर रहे थे और पटाखे फोड़ रहे थे। 

     

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Posted Date : 09-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 9 नवंबर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट देश का पहला ऐसा हाईकोर्ट बन गया है जहां अब पक्षकारों को हिन्दी में फैसले की अधिकारिक प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जाएगी। अब तक याचिका दाखिल करने और बहस के लिए हिंदी की सुविधा दी गई थी।
    चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन ने इसकी घोषणा विधिक सेवा दिवस के अवसर पर आयोजित एक समारोह में यह घोषणा की। जस्टिस राधाकृष्णन ने कहा कि उच्च न्यायालय की अधिकारिक भाषा अंग्रेजी है, पर पक्षकारों को फैसले की जानकारी हिन्दी में मिलनी चाहिए, जिसे वे आम तौर पर समझते हैं। इसलिए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में अंग्रेजी में दिए जाने वाले फैसलों को हिन्दी में रूपांतरित करने  की व्यवस्था कर दी गई है। 
    इस संबंध में 'छत्तीसगढ़ को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल गौतम चौरडिय़ा ने बताया कि हिन्दी में फैसले की प्रतिलिपि प्रदान करने वाला देश का पहला हाईकोर्ट हो गया है। हिन्दी रूपान्तरण प्राप्त करने के लिए पक्षकार को शुल्क देना होगा, जो न्यूनतम होगा। 
    छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आज से 10 दिन तक के लिए कनेक्टिंग टू सर्व कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए जस्टिस राधाकृष्णन ने कहा कि विधि के छात्रों, अधिवक्ता और न्यायाधीशों को मिल-जुलकर विधिक सेवा उपलब्ध कराने के लिए काम करना चाहिए। आज तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए जनता को विधिक सहायता की जानकारी उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। 
    प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर ने इस मौके पर कहा कि समाज के कमजोर वर्ग को न्याय का समानअवसर देने के लिए सन् 1995 में 9 नवंबर को ही विधिक सेवा शुरू की गई। इसलिए इसे जन्मदिन की तरह इस अवसर पर हम आयोजन करते हैं। हमें विधिक सेवा के लिए नए संकल्प लेने हैं। हमें अपने व्यवसाय के अलावा विधिक सेवा के लिए समय निकालतना है। केवल अदालती मामलों में सहायता नहीं, बल्कि मानसिक अस्वस्थ, आदिवासी, महिला, बच्चों और अन्य असमर्थों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना इसका मकसद है। 

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला न्यायाधीश एनडी  तिगाला ने कहा कि आज का आयोजन पूर्व के आयोजनों से भिन्न है। इस बार 10 दिन का जन-जागरण अभियान शुरू किया गया है। 
    विधिक सेवा दिवस के अवसर पर एनएसएस, सीएमडी कॉलेज इकाई, विधि के छात्रों और पैलालीगल वालेंटियर्स की ओर से एक रैली भी आज निकाली गई। चीफ जस्टिस और विधिक सेवा कार्यपालक अध्यक्ष ने इसे हरी झंडी दिखाई। 
    कार्यक्रम में हाईकोर्ट जस्टिस प्रशान्त कुमार मिश्रा, एमएम श्रीवास्तव, गौतम भादुड़ी, पी. सैम कोशी, आरसीएस सामंत, शरद गुप्ता, आर पी शर्मा भी उपस्थित थे। 
    इनके अलावा रजिस्ट्रार जनरल गौतम चौरडिय़ा, रजिस्ट्री विभाग के अधिकारी, जिला न्यायालय के न्यायाधीश शैलेष शर्मा, कलेक्टर पी. दयानंद, एस पी मयंक श्रीवास्तव, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष चंद्रशेखर बाजपेयी, अधिवक्तागण, विधि छात्र व कॉलेजों के छात्र भी रैली में शामिल हुए। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के उप-सचिव अभिषेक शर्मा ने आभार प्रदर्शन किया। 
    राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर लोगों को कानूनी सहायता पहुंचाने के लिए 18 नवंबर तक के लिए लीगल असिस्टेंस डेस्क की स्थापना भी राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में की गई है। आज ही एक दिव्यांग सहायक शिक्षक तारकेश्वर सिंह को नि:शुल्क सहायता दी गई है। 

     

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Posted Date : 02-Nov-2017
  • साथी युवक फरार, फोटो खिंचवाते दोनों में हुआ था विवाद
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर,2 नवम्बर। अमरकंटक स्थित माई की बगिया में उस समय सनसनी फैल गई जब घूमने साथी युवक से विवाद के बाद युवती व्यू पाइंट से नीचे कूद गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची गौरेला और अमरकंटक पुलिस मामले की जांच कर रही है।  युवती की पहचान मुंगेली जिला निवासी उषा डहरिया के रूप में हुई है। 
    एसडीओपी गौरेला अभिषेक सिंह ने बताया कि सुबह करीब 8 से 10 के बीच एक युवक और युवती माई की बगिया में घूम रहे थे। वे सोन नदी उद्गम स्थल पर बने व्यू पाइंट पर खड़े होकर फोटो खिंचवा रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया और देखते ही देखते युवती ने खाई में छलांग लगा दी। युवती के कूदने के बाद युवक मौके से फरार हो गया। मौके पर पुलिस ने खोजबीन कर युवती का शव बरामद कर लिया। युवती की पहचान मुंगेली जिला निवासी उषा डहरिया के रूप में हुई है। वह जिस युवक के साथ थी उसकी अभी पहचान नहीं हो सकी है। 
    पूछताछ में कुछ लोगों ने बताया कि युवती उस युवक के साथ दो दिन से अमरकंटक में आकर रुकी थी। वह अमरकंटक में कहां रुकी थी यह सब अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। मामले में गौरेला पुलिस अमरकंटक पुलिस के साथ मिलकर मामले की जांच कर रही है। दावा किया गया है कि जल्द ही युवक की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। युवती का शव बरामद कर लिया गया है साथ ही परिजनों को भी सूचना दी जा चुकी है। 

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Posted Date : 30-Oct-2017
  • बाबा मायाराम
    छत्तीसगढ़ से एक अच्छी खबर आई है, और वह है बिलासपुर जिले में गनियारी स्थित जन स्वास्थ्य सहयोग को प्रतिष्ठित जमनालाल बजाज पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह बहुत ही महत्वपूर्ण और आशाजनक खबर है, उन लोगों के लिए जो अपनी जिंदगी में कुछ सार्थक करना चाहते है, जो अपनी जिंदगी का कुछ अर्थ तलाश रहे हैं।
    यह कहानी शुरू हुई थी वर्ष नब्बे के दशक के उत्तरार्ध में देश की चोटी के अस्पताल दिल्ली के एम्स में कार्यरत कुछ डाक्टर काम कर रहे थे। वहां दूर-दूर से मरीज इलाज कराने आते थे। कठिन परिस्थितियों में वहां इलाज कराते थे दूरदराज के लोग। डॉक्टर उनकी बीमारी का इलाज तो कर देते थे। पर सोचते थे, ये कितनी दूर से आए हैं यहां। इनकी बीमारी का कारण तो गरीबी भी है। ज्यादा काम करते हैं और कम खाते हैं। 
    सोचने लगे क्यों न ऐसे इलाकों में जाकर काम किया जाए, इलाज किया जाए, और इनकी स्थिति बेहतर हो, ऐसे प्रयास किया जाए। वे देशभर में घूमे और बिलासपुर के पास गनियारी में टिक गए। संस्था बनाई जन स्वास्थ्य सहयोग। अस्पताल बनाया, गांव के ही लोगों को प्रशिक्षित कर स्वास्थ्य कार्यकर्ता बनाए, महिलाओं को गांव-गांव में प्रशिक्षित किया। 
    स्वास्थ्य के इलाका बिना रासायनिक जैविक खेती पर भी गांव गांव में काम किया जा रहा है। देशी बीजों के साथ। पशुओं के इलाज के लिए पशु स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाया जा रहा है। नशा बंदी के लिए काम किया जा रहा है। तीन साल तक के बच्चों के लिए फुलवारी (झूलाघर) चलाया जा रहा है, जिससे मां-बाप झूलाघर में बच्चों को छोड़कर काम पर जा सके।
    बिलासपुर वह जिला है जहां से बड़ी संख्या में लोग पलायन करते हैं, जिन्हें बिलासपुरिया नाम से जाना जाता है। ये बहुत मेहनती होते हैं और सीधे-सादे। जब पंजाब में हरित क्रांति का दौर शुरू हुआ तो यहां से एक पूरी ट्रेन बिलासपुर-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के नाम से चली। जो पूरी मजदूरों से भरी रहती थी। यह ट्रेन अब चलती है। 
    मैं जन स्वास्थ्य में शुरूआत से ही जाता रहा हूं। अपने जीवन में इतने समर्पित डॉक्टर मैंने बहुत ही कम देखे हैं। एक बार गांव से खबर आई कि दस्त- उल्टी की बीमारी फैली है। 
    एम्बुलेंस भेजकर मरीज लाए गए। स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं था। मैंने देखा कि डॉक्टर अपनी पीठ पर मरीज को ढो रहे हैं। इतना गहरा समर्पण अपना पेशे के प्रति, अपने लोगों के प्रति। जन स्वास्थ्य सहयोग को बहुत-बहुत बधाई । 

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Posted Date : 24-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 24 अक्टूबर। बस्तर के सुकमा जिले में फिर एक फर्जी मुठभेड़ में आदिवासी की हत्या करने का आरोप सुरक्षा बल और पुलिस पर लगा है। इसे लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका आज पीडि़त परिवार की ओर से दायर की गई है। 
    पीयूसीएल के राज्य अध्यक्ष डॉ. लाखन सिंह सहित नंदकुमार कश्यप, एडवोकेट प्रियंका शुक्ला पीडि़त परिवारों को लेकर प्रेस क्लब पहुंचे। उन्होंने बताया कि घटना एक माह पहले की है। कृषक पोडियम भीमा अपने घर पर परिवार के साथ रात करीब 12 बजे सोया था। घर पर उसके साथ गर्भवती पत्नी पोडियम कोहन्दे, 10 से तीन साल के तीन बच्चे भी थे। बाहर से कुछ लोगों ने आवाज लगाकर दरवाजा खोलने के लिए कहा। उन्होंने अपने आपको नक्सली बताया। भीमा ने कहा कि उनका नक्सलियों से कोई सम्बन्ध नहीं है, आप लोग जाओ। तब फोर्स के लोग सीधे घर में घुस गए। उन्होंने चड्डी पहने हुए हालत में ही घर से उठा लिया। 
    भीमा और उसके घर के लोग चीख चीख कर पूछते रहे कि उसका क्या कुसूर है, पर जवानों ने कोई जवाब नहीं दिया। इस समय भीमा की बहन कन्नी की देवरानी बरसे रामे भी घर पर थी। उसने प्रेस को बताया कि वह पुलिस के साथ आए तीन लोगों को पहचानती है। ये आत्मसमर्पित नक्सली सरियम हिडमा, मडकम हूंगा और जुवेद कवासी हैं। ये पुलिस के साथ काम करते हैं। अगले दिन सुबह जब गांव वाले भीमा को ढूंढने निकले तो उन्हें जंगल की तरफ से गोलियों की आवाज सुनाई दी। आवाज की तरफ भागने पर पाया कि वहां बहुत सारा खून बहा है। अनहोनी की आशंका पर गांव वाले थाना पोलमपल्ली पहुंचे। वहां पुलिस वालों ने किसी मुठभेड़ या भीमा को उठाकर लाने से साफ मना किया। कुछ महिलाओं ने भीमा के शव को एक पुलिस जीप में डालते हुए देख लिया था। गांव वाले उस तरफ गए। वे दोरनापाल थाना पहुंचे। वहां पुलिस उनके साथ बदसलूकी से पेश आई और किसी तरह का शव लाने से इनकार किया। 
    पूरे दिन गांव वाले दोनों थानों का चक्कर काटते रहे। रात में दोरनापाल थाने से भीमा का क्षत-विक्षत शव दिया गया। उसके लिंग काट दिया गया था और कई जगह चोट थी। साफ लग रहा था कि मारने से पहले भीमा को बुरी तरह प्रताडि़त किया गया है। बाद में गांव वालों ने जब पत्रकारों को यह घटना बताई तो पुलिस ने बहुत धमकाया। भीमा की बहन और पत्नी कोयन्दे को जान से मारने की धमकी दी गई। वे एक माह से लगातार पुलिस प्रताडऩा के शिकार हो रही हैं। वे किसी तरह कोर्ट में याचिका लगाने के लिए छिपकर पहुंची हैं। पीडि़त महिलाओं ने बताया कि 2 जनवरी 2016 को भी दो नाबालिग लड़कियों के साथ सुरक्षा बलों ने दुष्कर्म किया, फिर उसे मार डाला। एक अन्य पुरुष पर भी सितम्बर 2016 में गोली चला दी थी। इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी, पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 
    हाईकोर्ट से पीडि़त परिवार ने गुहार लगाई है कि इस मामले की स्वतंत्र जांच हो। पुलिस के हाथों उन्हें प्रताडि़त करने पर रोक लगाई जाए। भीमा के बच्चों और पत्नी के लिए मुआवजे के साथ ही उनकी पूर्ण सुरक्षा की व्यवस्था की जाए। 
    पीयूसीएल अध्यक्ष डॉ. लाखन सिंह ने बताया कि संगठन परिवार वालों के साथ है और उनकी सभी मांगों का समर्थन किया जाता है। नंदकुमार कश्यप ने कहा कि बस्तर में नागरिक अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है, कानून की रक्षा और नागरिकों की स्वतंत्रता को बचाए रखने की जिम्मेदारी सरकार को हर हालत में उठानी चाहिए।  

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Posted Date : 24-Oct-2017
  • रायगढ़, बिलासपुर में भी जांच  
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर/रायगढ़, 24 अक्टूबर। आयकर टीम ने मंगलवार को प्रदेश के तीन बड़े उद्योग समूहों में जांच-पड़ताल शुरू की। जांच-पड़ताल की कार्रवाई चल रही है। जिन उद्योगों में जांच चल रही है, उनमें एनआर इस्पात, सेलोनो स्टील और बालाजी इंडेक्स शामिल है। 
      बताया गया कि जांच के लिए भोपाल से भी टीम आई हुई हैं। रायपुर के अलावा रायगढ़ और बिलासपुर में भी जांच-पड़ताल हो रही है। एनआर इस्पात का कृष्णा कॉम्पलेक्स में दफ्तर है। इसके अलावा रायगढ़ के पूंजीपथरा औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री हैं।  यह पता चला है कि एनआर इस्पात ने बालाजी उद्योग को खरीदा था। इस कंपनी के प्रमुख संजय अग्रवाल और राजेश अग्रवाल हैं, जो कि स्पंज आयरन एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। 
       आयकर जांच इनके घर और दफ्तर में एक साथ चल रही है। इसके अलावा रायगढ़ के इतवारी बाजार के समीप सेलोनो स्टील के दफ्तर में भी जांच चल रही है। बिलासपुर में भी कंपनी के कार्यालय में भी जांच चल रही है। यह जानकारी मिली है कि एनआर इस्पात में पहले भी आयकर विभाग का छापा पड़ा था। सूत्र बताते है कि कोलकाता की कंपनियों में निवेश की जानकारी के आधार पर जांच-पड़ताल की खबर है। 

     

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Posted Date : 22-Oct-2017

  • एक कॉल पर आधी रात को पहुंच जाती है टीम  
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 22 अक्टूबर। जगमल चौक के पास एक धान मिल के कमरे में दीवार पर लगे पंखे पर जाकर  रात आठ  बजे जहरीला डोमी सांप लिपटा हुआ था। मिल के कर्मचारियों ने बिना डरे-घबराए बिलासपुर के स्नैक रेस्क्यू टीम को फोन किया । 15 मिनट में टीम के सदस्य सुभाष देवांगन ने वहां पहुंचकर सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। आज उनकी टीम ने उसे अचानकमार के पास जंगलों में ले जाकर छोड़ दिया। टीम का मानना है कि जहरीले सांपों से इन्सानों को तो बचाना एक काम है, पर सांपों को भी बे मौत मारे जाने से बचाना एक बड़ा काम है। 
    ताजा मामले में हैरानी यह थी कि कोई सांप दीवार पर कैसे चढ़ सकता है। पर सुभाष ने बताया कि यह कोई अनोखी बात नहीं है। पंखे की तार के बोर्ड तक सांप की पहुंच थी और तार के सहारे ही वह पंखे तक पहुंच गया। पंखे पर जाकर उसे उतरने का रास्ता नहीं सूझा और वहीं फंसा रह गया।  
    दरअसल, सांप का दीवार पंखे पर फंसा रहना जितनी अनोखी बात है, उतनी ही दिलचस्प बात यह है कि शहर के लोग अब सांपों को मारने की अपनी आदत बदल रहे हैं। शहर में तीन साल से युवाओं का एक स्वयंसेवी संगठन काम कर रहा है। इसके अध्यक्ष रेलवे में काम करने वाले कमल चौधरी हैं । इस संगठन से 15 युवा जुड़े हैं, जिनमें से चार लड़कियां भी हैं। सभी सदस्य या तो जॉब में हैं, या फिर छात्र हैं। इन सभी युवाओं की रुचि वाइल्ड लाइफ में है। शहर में रहते हुए वे किस तरह वन्यजीवों की रक्षा कर सकेंगे, इसका ख्याल आने पर सांपों को बचाने और लोगों के मन से इसकी भ्रांतियां दूर करने की योजना बनी। इसके बाद टीम बनाई गई। 
    वर्ष 2015 से बनी यह टीम न केवल बिलासपुर बल्कि और जिलों के गांवों तक में जाकर नुक्कड़ नाटक सभाओं के जरिये लोगों को सांपों के बारे में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास करते हैं। उन्हें बताया जाता है कि ज्यादातर सांप जहरीले नहीं होते। इसकी सैकड़ों में से चार-छह प्रजातियां ही जानलेवा हैं। सांप देखने के बाद ही लोग दहशत में आ जाते हैं। कई बार काट लेने से ही यह समझ लिया जाता है कि अब तो मौत समझ लो। झाड़-फूंक और बहुत से अंधविश्वासों का इस जीव से कोई लेना-देना है ही नहीं। 
    जागरूकता अभियान चलाने के अलावा उनका मुख्य काम सांपों की जान बचाने के लिए मुहिम चलाना है। जैसे ही लोग सांपों को देखते हैं, उससे बुरी तरह घबरा जाते हैं। लोग अपने आसपास- घर, दुकान या किसी भी जगह पर देखने के बाद उस पर हमला कर मार डालते हैं या फिर इसकी कोशिश करते हैं। इन युवाओं ने जितनी तरह के सोशल मीडिया ग्रुप हैं, सब में अपने पेज बना रखे हैं। उन्होंने अपना फोन नंबर सार्वजनिक कर रखा है। आप रात को दो बजे भी उन्हें कॉल कर बुला सकते हैं। बारिश में भी, दुपहरी की धूप में भी। वे हर वक्त सांप को बचाने के लिए और सांप से आपको बचाने के लिए उपलब्ध हैं। कई बार वे सौ-सौ किलोमीटर दूर से आए कॉल को अटेन्ड करने पहुंचते हैं। 
    नतीजा यह है कि इन तीन सालों में टीम ने पांच हजार से ज्यादा सांपों को लोगों से बचाया और लोगों को भी उसको देखने से पैदा हुई दहशत से। हर दिन इनके पास दो तीन काल औसतन आते हैं। मानसून और गर्मी के दिनों में, जब उमस तेज होती है तो इनके पास दस से बीस कॉल हर दिन आते हैं। 
    धान मिल से बीती रात जहरीले डोमी सांप जिसे नाग या कोबरा भी कहते हैं, को सुभाष देवांगन ने सावधानी से पकड़ लिया और उन्होंने आज दोपहर उसे अपने कुछ साथियों के साथ ले जाकर अचानकमार के पास कोटा के जंगल में छोड़ दिया। कुछ दिन पहले एक हफ्ते से इक्_ा हो गए दो दर्जन सांपों को उन्होंने वन विभाग के सहयोग से अचानकमार के जंगल में छोड़ा। 
    इंडिया बुल्स कंपनी में कलेक्शन मैनेजर सुभाष ने बताया कि सांपों को बचाने के लिए उनकी टीम खुद के खर्च से काम करती है। अब तक कोई सरकारी सहायता उनको नहीं मिली। ज्यादातर लोग जॉब करते हैं और खुद की कमाई से कुछ हिस्सा इस काम में लगा देते हैं। हालांकि रेलवे, वन विभाग और जिला प्रशासन ने उनके इस काम को कई बार सराहा है। सांप को पकड़ लेने से प्रभावित लोगों के चेहरे पर राहत और मुस्कान से उन्हें सुकून तो मिलता है पर इससे ज्यादा खुशी इस बात से मिलती है कि उन्होंने अब तक हजारों सांपों को बेवजह मारे जाने से बचा लिया। 

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Posted Date : 21-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 21 अक्टूबर। देवरीखुर्द में दीपावली की रात एक बेटे ने अपनी मां का खून सिर्फ इस कारण कर दिया, क्योंकि मां ने उसको नशे के लिए बीस रुपये नहीं दिए। आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है। 
    देवरीखुर्द दुर्गा मंदिर के पास मधु उर्फ मंदाकनी शर्मा अपने चार बेटों के साथ रहती थी।  छोटे बेटे सूरज उर्फ सोनू को नशीली दवाईयों की लत लग गई थी। वह रोजाना अपनी मां से दस बीस रुपये मांग कर नशा करता था। दीपावली में सूरज ने रात को अपनी मां  से बीस रुपये मांगे तो उसने देने से इंकार कर दिया। यह बात बेटे को इतनी बुरी लगी कि उसने सबसे पहले अपनी पत्नी नीलम जो उसकी मां के पास बैठी थी, उसे कमरे में भेज कर बाहर से बंद कर दिया। उसके बाद अपने तीनो भाईयों के कमरों को भी बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद किचन से रोटी बनाने का तवा लाकर उसने मां  के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया।  हत्या के बाद  अपनी पत्नी के कमरे का दरवाजा खोला और भाग निकला। वह कमरे से बाहर निकली तो देखा कि उसकी सास खटिये पर मृत पड़ी है। उसने अन्य कमरों का भी दरवाजा खोला।  बेटों ने पुलिस को फोन कर सूचना दी। मौके पर पहुंचीं पुलिस ने आरोपी को ढूंढकर, पास से ही खून से सने तवे के साथ गिरफ्तार कर लिया।  

     

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Posted Date : 12-Oct-2017

  • बिलासपुर, मुंगेली और दुर्ग में वारदात 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर,12 अक्टूबर। स्पेशल टीम ने जिले सहित अन्य जिलों में एटीएम कार्ड को बदलकर लाखों की ठगी को अंजाम देने वाले ठग गिरोह काभांडाफोड़ किया है। आरोपियों के पास से एक डस्टर के साथ ही नगदी रकम, सोने की अंगूठी और मोबाइल फोन जब्त किया है।
    पुलिस के अनुसार मस्तुरी, बिल्हा, सिटी कोतवाली, तखतपुर, सरकंडा में एटीएम कार्ड बदलकर ठगी की लगातार शिकायत दर्ज होने पर एसपी मंयक श्रीवास्तव के निर्देश पर एडिशनल एसपी ग्रामीण अर्चना झा को जांच का जिम्मा सौंपा था जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली की बिल्हा क्षेत्र में काले रंग की डस्टर में सवार कुछ युवक एटीएम बूथ के आस-पास रेकी कर रहे हंै। 
    सूचना पर स्पेशल टीम और बिल्हा पुलिस ने मिलकर दबिश देते हुए डस्टर सवार युवकों को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया और पूछताछ में युवक पुलिस को गोलमोल जवाब देते रहे लेकिन सख्ती बरतने पर टूट गये और बताया कि उन्होंने ही बिलासपुर के साथ ही दुर्ग और मुंगेली में ही एटीएम बूथ में कार्ड बदलकर ठगी को अंजाम दिया है। आरोपियों में लव कुमार उर्फ बृजेश यादव निवासी सुन्दरी थाना भगवानपुर बिहार हाल मुकाम तालपुरी दुर्ग, राकेश कुमार यादव 19 वर्ष भगवानपुर बिहार, हाल मुकाम तालपुरी के साथ दो अन्य विधि से संघर्षरत अभिचारी बालक को हिरासत में लिया है। 
    पूछताछ में युवकों ने बताया कि उसके साथ ठगी में शामिल दो अन्य अजीत सिंह कुश्वाहा और अंकुर सिंह भी साथ में थे। जिनको तलाश करने की बात पुलिस कह रही है। आरोपियों से पुलिस ने डस्टर कार जब्त की है जिसे आरोपियों ने ठगी के रूपयों से खरीदा है साथ ही 15 हजार नगद और सोने के अंगूठी के साथ ही एटीएम भी जब्त किया है। जब्त सामानों की कीमत 11 लाख से अधिक बताई जा रही है। अरोपियों को रिमांड में लेकर पूछताछ करने की बात पुलिस कह रही है।

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Posted Date : 11-Oct-2017
  • नये प्राचार्य को बदलने की मांग, छात्रों का पुलिस पर बल प्रयोग का आरोप 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर,11 अक्टूबर। सीएमडी कॉलेज के प्राचार्य पर लगे दुष्कर्म के बाद चेयरमेन ने गावर्निग बाडी की बैठक के बाद कार्यमुक्त कर दिया। वहां कॉलेज के सहायक प्राचार्य को प्राचार्य बनाया गया है। इसके बाद छात्रसंघ के सचिव आकाश यादव ने उन्हें बदलने की मांग को लेकर कॉलेज के बाहर छात्रों के साथ हंगामा शुरू कर दिया। शांति भंग होने की आशंका पर पुलिस ने भी लाठिया भांजी और छात्रों को खदेड़ दिया। छात्रों ने लाठी चार्च के विरोध में तारबाहर थानाप्रभारी को एसपी के नाम ज्ञापन सौंप विरोध किया है। तो दूसरी तरफ पुलिस लाठीचार्ज  से इंकार कर रही है।
    दूसरा दिन भी सीएमडी कॉलेज में हंगामेदार रहा इसका कारण है बलात्कार के बाद फरार हुए प्राचार्य दीपक चक्रवर्ती को पद से हटाने की मांग। मांग पर अड़े छात्रों को कॉलेज के चेयरमेंन संजय दुबे ने बताया कि गवर्निंग बाडी की बैठक के बाद प्राचार्य दीपक चक्रवर्ती को हटा कर सहायक प्राचार्य डीके तिवारी को प्राचार्य बना दिया गया है। यह सुनने के बाद कॉलेज के छात्र नेता आकाश यादव और उसके सहयोगी नीरज घोरे ने हंगामा शुरू कर दिया और डीके तिवारी को हटाते हुए उनकी जगह किसी और को कॉलेज का प्राचार्य बनाने की मांग करने लगे।
    इस पर चेयरमेन संजय दुबे और नीरज घोरे के बीच विवाद होने लगा पुलिस ने शांति भंग होने की आंशका पर लाठी जार्च करते हुए छात्रों को कॉलेज परिसर से बाहर खदेड़ दिया। कॉलेज के भीतर हुई इस घटना की सूचना मिलते ही आकाश यादव के समर्थक कॉलेज के गेट के पास पहुंच कर हंगामा शुरू कर दिया इसे देकते हुए पुलिस के आलाधिकारी सिविल लाइन थाना प्रभारी और तोरवा थाना प्रभारी को भी बल के साथ कॉलेज भेजा तब जाकर हंगामा शांत हुआ और छात्रों ने पुलिस पर कार्रवाई की मांग को लेकर कॉलेज में ही तारबाहर थाना प्रभारी को एसपी मंयक श्रीवास्तव के नाम ज्ञापन सौंपा है।
    इधर आरसीएम बिजनेस की आड़ में सरकंडा थाना क्षेत्र निवासी महिला से  बलात्कार का आरोप लगने के बाद से ही सीएमडी कॉलेज का प्राचार्य दीपक चक्रवती फरार हो गया है। जब से आरोप लगा है तब से दोषी प्राचार्य न तो कॉलेज पहुंचा है और नही उसका कहीं पता ही लग रहा है।
    पुलिस कॉलेज से लेकर घर और हर उस जगह दबिश दे चुकी है जहां दीपक के छिपने की संभावना हो सकती है लेकिन पुलिस अब तक यह पता नहीं लगा पाई है।  महिला निरूद्ध सेल प्रभारी मेघा टेम्भुरकर ने  बताया कि प्राचार्य को गिरफ्तार करने कल उनके घर और संबंधियो के ठिकानों पर दबिश दी गई थी लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला है। तलाश के लिए कॉल डिटेल और मोबाइल की लोकेशन को ट्रेस किया जा रहा है। जिससे जल्द ही गिरफ्तारी की जा सके।

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Posted Date : 10-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 10 अक्टूबर। शहर के नामी महाविद्यालय सीएमडी कॉलेज के प्राचार्य दीपक चक्रवर्ती के खिलाफ पुलिस ने दुष्कर्म का अपराध दर्ज किया है। मार्केटिंग नेटवर्क में काम करने वाली एक महिला ने कल महिला सेल में शिकायत की थी। 
    एडिशनल एसपी और महिला विरुद्ध अपराध विवेचना इकाई की प्रभारी मेघा टेम्भुरकर ने जानकारी दी कि सरकंडा थाना क्षेत्र की निवासी एक 45 वर्ष की महिला आरसीएम बिजनेस नेटवर्क में काम करती है। सीएमडी कॉलेज के प्राचार्य चक्रवर्ती भी इसी बिजनेस से पार्ट टाइम जुड़े हैं। इसके लिए चक्रवर्ती ने सरकंडा में एक फ्लैट किराये पर ले रखा है। 
    महिला के अनुसार वह कई बार इस फ्लैट में मीटिंग के लिए चक्रवर्ती के पास दूसरे एजेंटों की तरह जाती थी। अगस्त 2017 में चक्रवर्ती ने बिजनेस मीटिंग के बहाने उसे अपने फ्लैट पर बुलवाया और कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। उसके बाद चक्रवर्ती ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसका वीडियो बना लिया। 
    पीडि़त महिला ने सोमवार को महिला सेल में एक शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया कि प्राचार्य चक्रवर्ती ने वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए उसके साथ ब्लैकमेल किया और सितंबर माह में भी उसके साथ कई बार शारीरिक सम्बन्ध बनाए। 
    एडिशनल एसपी टेम्भुरकर ने बताया है कि कल शाम पीडि़त महिला का बयान लिया गया और देर रात महिला थाने में आरोपी प्राचार्य के खिलाफ धारा 376 और 506 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया।
     पुलिस ने आज आरोपी प्राचार्य से पूछताछ करने की कोशिश की लेकिन वह घर पर नहीं मिले। जिस फ्लैट की घटना बताई गई है, पुलिस ने आज वहां जाकर जांच की। 
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Posted Date : 10-Oct-2017
  • दो दिन पहले शिकायत करने गई सास को पुलिस ने भगा दिया था, आज ग्रामीणों ने जांच दल को घेरा 
    दूसरी पत्नी बनाना चाहता था साली को
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 10 अक्टूबर। कोनी थाने के रमतला गांव में आज तड़के एक युवक ने अपनी सास और नाबालिग साली की धारदार हथियार से हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी फरार हो गया है। मृतक महिला दो दिन पहले कोनी थाने में दामाद के खिलाफ हमला करने की शिकायत लेकर गई थी, लेकिन पुलिस ने उसे भगा दिया था। आज पुलिस जब जांच के लिए गांव पहुंची तो उसे ग्रामीणों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। 
    पुलिस  के अनुसार आरोपी रमेश साहू सेमरताल गांव का रहने वाला है लेकिन ससुर की मौत के बाद से वह अपनी घरजमाई बनकर रमतला में पत्नी, सास और साली के साथ रहता था। मंगलवार की सुबह करीब चार बजे उसने अपनी सास लक्ष्मिन बाई (60 वर्ष) और साली रुखमणी (16 वर्ष) की  खुरपी से हमला कर दोनों को लहूलुहान कर दिया। रुखमणी की थोड़ी देर में ही मौत हो गई, जबकि लक्ष्मिन बाई ने सुबह 6 बजे दम तोड़ दिया।
    घटना के  संबंध में पुलिस ने बताया कि आरोपी की दुकान ज्यादा नहीं चलती थी। वह अक्सर अपनी सास पर उसकी जमीन बेचने के लिए दबाव बनाता था। वह कुछ जमीन बेच कर उससे मिले रुपयों को खर्च भी कर चुका था। इसके अलावा वह अपनी साली को दूसरी पत्नी भी बनाकर रखना चाहता था।  इसी बात को लेकर कल देर रात तक उनमें विवाद भी हुआ। इसके बाद सुबह  हत्या  की जानकारी उसकी पत्नी ने गांव वालों को दी। 
    बताया जाता है कि पुलिस सूचना मिलने के दो घंटे बाद वहां पहुंची। इस बीच आरोपी वारदात करके फरार हो गया था।  आरोपी की पत्नी  से पूछताछ की जा रही है।  इस बीच यह जानकारी मिली है कि दामाद से परेशान लक्ष्मिन बाई और छोटी बेटी स्थानीय लोगों के साथ दो दिन पहले कोनी थाना उसकी शिकायत करने गई थी। वह अपने साथ कुल्हाड़ी भी ले गई थी, जिसे लेकर आरोपी दामाद मारने के लिए दौड़ा था। पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज करने से मना करते हुए उसे थाने से भगा दिया था। रमतला पहुंची पुलिस को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने पुलिस टीम को घेर लिया था। कोनी थाने से अतिरिक्त बल भेजकर स्थिति नियंत्रित की गई और शवों का पंचनामा किया जा सका। ग्रामीणों का कहना है कि हत्या के तुरंत बाद पुलिस को फोन कर सूचना देने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने थाने का फोन नहीं उठाया। 

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Posted Date : 09-Oct-2017

  • 50 हजार का बिल देख परिजन के होश उड़े, शिकायत लेकर सिम्स पहुंचा पति 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता

    बिलासपुर, 9 अक्टूबर। तखतपुर क्षेत्र निवासी एक महिला प्रसव पीड़ा लेकर जिला चिकित्सालय पहुंची जहां डॉक्टरों ने उसे सिम्स रेफर कर दिया। सिम्स पहुंची प्रसूता को एक नर्स ने व्यापार विहार के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में कम खर्च पर डिलिवरी होने का झांसा देते हुए रवाना कर दिया। महिला को नर्स ने प्राईवेट एम्बुलेंस से हॉस्पिटल तक भी भिजवाया। डिलिवरी  के बाद प्राइवेट हॉस्पिटल ने स्मार्ट कार्ड से रुपये काटने के बाद 50 हजार का बिल थमा दिया। पीडि़त परिवार ने बयान दिया है कि वह अब सिम्स प्रबंधन से शिकायत करेगा।
    गिधौरा निवासी ललिता देवी सिगरौल अपने पति रामेश्वर के साथ महतारी एक्सप्रेस से जिला चिकित्सालय 29 सितम्बर को सुबह पहुंची। डॉक्टर न होने का हवाला देते हुए जिला चिकित्सालय ने ललिता को सिम्स रेफर कर दिया। वहां गायनिक वार्ड में पदस्थ एक नर्स ने कहा कि यहां चिकित्सक रात भर ऑपरेशन करने के बाद सुबह घर गए हैं। वे दो बजे के बाद ही आएंगे। उसकी हालत बिगड़ रही है और मौत हो सकती है। इतना सुनते ही सिगरौल परिवार दहशत में आ गया। नर्स ने कम खर्च में जल्द डिलिवरी का झांसा देकर ललिता को उसके पति रामेश्वर के साथ निजी हास्पिटल भेज दिया। 
    नर्स के कहने पर एक सिम्सकर्मी ने उसे एक प्राईवेट एम्बुलेंस से व्यापार विहार के एक निजी हास्पिटल में भेज दिया। ललिता ने 29 सितम्बर को ही आपरेशन से नवजात को जन्म दिया। हॉस्पिटल से छुट्टी हुई तो हास्पिटल प्रबंधन ने पति रामेश्वर को 50 हजार का बिल दे दिया। इतनी बड़ी रकम का बिल देखते ही उसके भी पसीने छूट गए। उसके स्मार्ट कार्ड की राशि पहले ही कट गई थी। उसने कहा कि अब इतनी बड़ी रकम का  इंतजाम अभी नहीं कर सकता। इस पर प्रबंधन ने उसे 20 हजार अभी और बाकी रकम को बाद में जमा करने कहा। रामेश्वर ने 20 हजार जमा किया है।
    अपने परिवार को लेकर घर पहुंचाने के बाद वह सिम्स पहुंचा। उसने वहां नर्स से बिल बहुत आने की बात बताई। इस पर नर्स ने कुछ नहीं कर पाने की बात कहते हुए उसे चलता कर दिया। सिम्स में रामेश्वर ने मीडिया को बताया कि वह गरीब परिवार का है नर्स के झांसे में आ गया। पहले दिन उससे 10 हजार नगद जमा कराया गया। हास्पिटल प्रबंधन ने 17 हजार स्मार्ट कार्ड से काटा और 9 हजार की दवाईयां भी मंगवाई। इन सब खर्च के बाद प्रबंधन ने 50 हजार का बिल और दे दिया। रविवार होने के कारण सिम्स में अधीक्षक या डीन से उसकी मुलाकात नहीं हो सकी। उसने बताया कि वह सोमवार को सिम्स प्रबंधन से नर्स की शिकायत करेगा। 

     

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Posted Date : 09-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    लोरमी, 9 अक्टूबर।  लोरमी जनपद पंचायत के एक दिव्यांग ने साल भर साल बाद भी मजदूरी नहीं मिलने से हताश होकर प्रधानमंत्री से इच्छा मृत्यु की मांग की है। इस संबंध उसने राज्यपाल व मुख्यमंत्री को  पत्र भी लिखा है। पत्र में लिखा है कि दीपावली के पूर्व अगर मजदूरी भुगतान नहीं होता है तो मुझे इच्छा मृत्यु की अनुमति प्रदान करें ताकि अपने परिवार को भूखे मरने से बचा सकूँ।
    इस संबंध में  सीईओ जनपद पंचायत लोरमी उमाशंकर बंधे का कहना है कि मैंने जाँच कर रिपोर्ट जिला कलेक्टर को भेज दिया है। आदेश के अनुसार कार्यवाही की जायेगी।  वहीं एसडीएम लोरमी सी.एस. पैकरा का कहना था कि मुझे जाँच की कॉपी प्राप्त नहीं हुई है प्राप्त होते ही दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी। 
    लोरमी जनपद के ग्राम पंचायत सेमरिया निवासी शत्रुहन सिंह राजपूत दिव्यांग  है। सन 2016 में ग्राम पंचायत के सरपंच गणेश राम मरावी रोजगार सहायक राजेंद्र बरमाते के द्वारा रोजगार गारंटी व शौचालय निर्माण का कार्य कराया गया था जिसमें बतौर मजदूर  कार्य किया। जिसका लेखजोखा मस्टररोल व अन्य दस्तावेज में देखा जा सकता है। जहाँ पर रोजगार सहायक बारमते द्वारा मजदूर शत्रुहन सिंह का नाम दर्ज किया है। 
    इन दोनों कामों का 14 हजार रुपये भुगतान शत्रुहन को अब  तक नहीं मिला है। इसकी शिकायत  साल भर पहले ही सीईओ जनपद पंचायत लोरमी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लोरमी के समक्ष कर चुका हैं।   हताश होकर उसने सपरिवार   इच्छामृत्यु की मांग देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है।
    शत्रुहन ने आरोप लगाया है कि उसके मौत का कारण ग्राम पंचायत के सरपंच गणेश राम मरावी रोजगार सहायक राजेंद्र बारमते, सीईओ जनपद पंचायत लोरमी व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लोरमी होंगे। शत्रुहन ने बताया कि जब इसकी शिकायत की गई थी तो विभाग के द्वारा मजदूरी भुगतान संबंधी जाँच कराई गई थी जिसमें ग्राम पंचायत के सरपंच व रोजगार सहायक को दोषी पाया गया था, लेकिन इन दोनों पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही नही की गई जो सोच से परे है।
    राज्यपाल व मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
     शत्रुहन ने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र भेजा है जिसमें मांग की गई है कि दीपावली के पूर्व ग्राम पंचायत सेमरिया के सभी मजदूरी भुगतान किया जाये ताकि उनके घरों में भी रौशनी जगमगा उठे,और अपने परिवार के साथ गरीब मजदूर दिवाली मना सके।
    उसने कहा कि मैं राज्यपाल और मुख्यमंत्री से निवेदन करता हूँ कि ग्राम पंचायत सेमरिया के मजदूरी भुगतान जल्द से जल्द कराये और सरकार के पैसो का दुरुपयोग करने वाले ग्राम पंचायत के सरपंच व रोजगार सहायक के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्यवाही करें। साथ ही फज़ऱ्ी इक्ट्रोसिटी एक्ट के मामले में निष्पक्ष जांच कराई जाये। 

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Posted Date : 08-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    बिलासपुर, 8 अक्टूबर। हाईकोर्ट ने अधीनस्थ अदालतों के जजों का तबादला आदेश जारी किया है। रजिस्ट्रार जनरल गौतम चौरडिय़ा द्वारा जारी आदेश के अनुसार राजनांदगांव के एसटीएससी प्रोटेक्शन एक्ट के विशेष जज हेमन्त सराफ को उत्तर बस्तर कांकेर का जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। हाईकोर्ट में पदस्थ रजिस्ट्रार (कम्प्यूटराइजेशन) को कोरबा का जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। 
    आदेश के अनुसार कोटा (बिलासपुर) के द्वितीय श्रेणी सिविल जज मो. जहांगीर तिगाला का इसी पद पर राजनांदगांव स्थानांतरित किया गया है। नवागढ़ के द्वितीय श्रेणी सिविल जज दिल्ली सिंह बघेल का इसी पद पर बिलासपुर स्थानांतरण किया गया है। एक अन्य आदेश में श्रम न्यायालयों के जजों का भी स्थानांतरण आदेश जारी किया गया है। इनमें ए के चौकसे का बिलासपुर से रायपुर एवं महासमुंद में अतिरिक्त प्रभार, एसएल मैत्री का दुर्ग से बिलासपुर एवं जांजगीर-चाम्पा में अतिरिक्त प्रभार, पी. के सोनी का रायगढ़ से अम्बिकापुर एवं मनेन्द्रगढ़ का अतिरिक्त प्रभार, ए के सोंठिया का राजनांदगांव से जगदलपुर, धमतरी के अतिरिक्त प्रभार सहित एवं एस के त्रिपाठी का रायपुर से राजनांदगांव दुर्ग श्रम न्यायालय का अतिरिक्त प्रभार देते हुए किया गया है। 
    कोरबा के प्रथम श्रेणी सिविल जज सुमीत कपूर  को श्रम न्यायालय कोरबा का अतिरिक्त प्रभार तथा रायगढ़ की प्रथम श्रेणी सिविल जज पुष्पलता मार्कंडेय को श्रम न्यायालय रायगढ़ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। एक अन्य आदेश में राजनांदगांव के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह राजपूत को यहीं के एससीएसटी एक्ट स्पेशल जज का प्रभार दिया गया है। उच्च न्यायिक सेवा के जज शहाबुद्दीन कुरैशी जो वर्तमान में रायगढ़ के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पदस्थ हैं उन्हें हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार (स्थापना) का दायित्व सौंपा गया है। 
    उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के विधि विधायी विभाग के आदेश पर उत्तर बस्तर कांकेर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेन्द्र सिंह चावला को प्रतिनियुक्ति पर परिवहन विभाग भेजा गया है। उन्हें राज्य परिवहन अपीलीय अधिकरण रायपुर में पदस्थ किया गया है। इसके अलावा कोरबा के जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोविन्द कुमार मिश्रा को प्रतिनियुक्ति पर राज्य सहकारी अभिकरण बिलासपुर में अध्यक्ष पद पर नियुक्ति का आदेश दो दिन पूर्व जारी किया गया था। 
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Posted Date : 07-Oct-2017
  • राजेश अग्रवाल 
    बिलासपुर, 7 अक्टूबर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुराने लम्बित अपीलीय मामलों को निपटाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत अब शनिवार को भी कोर्ट खुलेगी और सुनवाई होगी। सितंबर से चल रहे इस अभियान के तहत लक्ष्य रखा गया है कि दिसंबर 2018 तक ऐसे सभी मामलों का निराकरण हो जाए, जो दस से पांच साल पुराने हैं। निचली अदालतों में भी शनिवार के दिन मुकदमों की सुनवाई शुरू कर दी गई है।  
    हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल गौतम चौरडिय़ा ने 'छत्तीसगढ़Ó को बताया कि यह पहल मौजूदा प्रधान न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा की विशेष रुचि को देखते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टीबी राधाकृष्णन ने की है। आज शनिवार होने के बावजूद एक विशेष युगल पीठ और एक एकल पीठ ने दीवानी और आपराधिक मुकदमों की सुनवाई शुरू की। युगल पीठ में जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस संजय अग्रवाल मुकदमों की सुनवाई कर रहे हैं। एकल पीठ में जस्टिस पी. सैम कोसी ने आज सुनवाई की। 
    हाईकोर्ट में बहुत पुराने मुकदमों की संख्या करीब 17 हजार है। इनमें 10 हजार प्रकरण आपराधिक और 7 हजार सिविल के हैं। हाईकोर्ट का लक्ष्य पहले ऐसे मामलों का निराकरण करने का है, जिनमें फरियादी गरीब तबके के लोग हैं और जिन्हें विधिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। इनमें भी आपराधिक अपीलों और जेल अपीलों को प्राथमिकता दी जा रही है। अब तक 9 सितंबर, 16 सितंबर, 23 सितंबर को इन विशेष अदालतों में सुनवाई हो चुकी है और इसका काफी अच्छा प्रतिसाद भी मिला है। 
    आर जी चौरडिय़ा ने बताया कि दो माह में करीब 20 फीसदी मामलों का निराकरण करने में सफलता मिल गई है। उन्होंने बताया कि निचली अदालतों में भी यही अभियान शुरू किया गया है।  
    उल्लेखनीय है कि लंबित मुकदमों के त्वरित निपटारे के लिए हाईकोर्ट में नियमित रूप से नेशनल लोक अदालत और अधीनस्थ न्यायालयों में लोक अदालत शिविर लगाए जाते हैं, जिनमें दोनों पक्षों की सहमति के बाद मुकदमों का निपटारा होता है। इसके अलावा नियमित कार्यदिवसों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से भी जल्द फैसले दिए जाते हैं। विशेष खंडपीठ गठित कर अवकाश के दिन मुकदमों की सुनवाई पहली बार हाईकोर्ट और निचली अदालतों में की जा रही है।  

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Posted Date : 04-Oct-2017


  • 10 सिम्स दाखिल, एक गंभीर, एसपी पहुंचे 

    घटना अमेरी प्राथमिक स्कूल की

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 4 अक्टूबर। अमेरी प्राथमिक शाला में उस दौरान सनसनी फैल गई जब मध्यान्ह भोजन के बाद थाली धो रहे बच्चों को एक व्यक्ति प्रसाद के नाम पर   जहरीला पीपरमेंट खिला दिया। बच्चे बेहोश होकर गिरे तो   शिक्षिका को  इसकी जानकारी मिली। आनन-फानन में दस बच्चों को  सिम्स दाखिल कराया गया है। वही पुलिस सूचना के बाद नाकाबंदी कर अज्ञात आरोपी को पकडऩे का प्रयास कर रही है।
    जानकारी के अनुसार अमेरी के प्राथमिक शाला में मध्यान्ह भोजन के बाद अपनी अपनी थाली धो रहे कक्षा पहली से चौथी के बच्चों को किसी  व्यक्ति ने प्रसाद खिलाने की बात कहते हुए स्कूल प्रांगण से बाहर लाया और मोटर सायकिल की डिक्की से एक डिब्बा निकाल कर संतरे कलर की पीपरमेंट देने लगा, बच्चों की भीड़ लग गई। इसकी सूचना के बाद स्कूल की सहायक शिक्षिका रूपाजंली थवाईत अपना मोबाइल लेकर व्यक्ति का फोटो खिंचने बाहर निकली तो  आरोपी अपनी मोटर सायकल से भाग निकला। जब मैडम बच्चों के पास पहुंची तब तक दस बच्चों ने पिपरमेंट खा ली थी उन्हें पीपरमेंट थूकने को कहा गया तो बच्चों ने पीपरमेंट थूक दी। लेकिन इसी दौरान कुछ बच्चों की तबियत बिगडऩे लगी, उल्टी करने लगे। जिन्हें स्कूल प्रबंधन  बच्चों के अभिभावकों के साथ मिलकर सिम्स  पहुंचा। 
     बच्चों में कक्षा चौथी के छात्र सतीष सोनवानी की हालत खराब है जिसे एनआईसीयू में भर्ती किया गया है। वहीं अन्य बच्चों आवासपारा निवासी पायल बंजारे , विनय जांगड़े  आवासपारा निवासी, आरती यादव  ,  वंदना यादव और  अर्चना यादव  , आंचल डहरिया, सोनम कुशवाहा ,  मीनाक्षी यादव और नीमा कुर्रे  को जनरल वार्ड में उपचार के लिए रखा गया है। इन सभी बच्चों की हालत ठीक बताई जा रही है। 
    सहायक शिक्षिका रुपांजली थवाईत ने बताया कि जैसे ही उन्हें पता चला कोई व्यक्ति स्कूल परिसर के बाहर चाकलेट बांट रहा है तब वह अपना मोबाइल लेकर उसकी फोटो खिंचने गेट की ओर भागी लेकिन तब तक वह भाग चुका था। बच्चे बता रहे हैं कि वह मोटर सायकिल में  आया था। उसने लगभग 20 बच्चो को पीपरमेंट दिया था लेकिन कुछ बच्चों ने उस समय पीपरमेंट नहीं खाया था उसे उनसे ले लिया गया है। 
    घटना की जानकारी लगते ही एसपी मंयक श्रीवास्तव भी सिम्स पहुंचे और बच्चों से मिलकर उनका हाल चाल जाना साथ ही जिले के सभी थानों को नाकाबंदी कर अज्ञात मोटर सायकल सवार को गिरफ्तार करने के निर्देश दिये हंै। 
    मालूम हो कि इससे पहले भी सरकंडा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत खमतराई में भी इसी तरह बच्चों को चाकलेट बांटी गई। जिन्हें सिम्स में उपचार के लिए दाखिल कराया गया था। इसी तरह हिर्री थाना क्षेत्र के अंगोला में भी 10 बच्चों को स्कूल के बाहर ही जहरीला चाकलेट खिलाई गई थी। पितर के दौरान हिर्री के ही मेढ़पार में भी पानी भरने रही कुछ महिलाओं के बच्चों को भी जहरीला पीपरमेंट बांटा गया था।  लेकिन महिलाओं की सतर्कता के चलते किसी ने चाकलेट नहीं खाया था। 
    हर बार पुलिस को घटना के बाद एक ही बात पता चलती है कि मोटर सायकिल सवार व्यक्ति मोटा है और बिहारी भाषा में बात करता है। जो बच्चों को घूम घूम कर चाकलेट बांट रहा है।

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Posted Date : 01-Oct-2017
  • सत्यप्रकाश पांडे
    बिलासपुर के फोटोजर्नलिस्ट 

    छत्तीसगढ़ के कुछ अलग-अलग स्थानों में स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमाओं को मैंने काफी करीब से देखा है। कहीं पर मोहनदास करमचंद गाँधी की सूरत ही बदली हुई है तो कहीं पर गांधी की शक्लो-सूरत इस कदर बिगड़ी हुई है जैसे वर्तमान दौर में घर के किसी बुजुर्ग पर अत्याचार हो रहा हो। भारत को स्वच्छ बनाने वालों की भीड़ ने गांधी का चश्मा तो ले लिया मगर उनकी प्रतिमा पर जमी काई नहीं हटा पाए। किसी ने गांधी की प्रतिमा का सर फोड़ दिया, कोई आँख नोचकर आगे बढ़ गया तो किसी ने गाँधी की सूरत ही बदल दी। पिछले दिनों जशपुर जिले के ग्राम जामचुवां के समीप तिराहे पर खड़े महात्मा की सूरत और सीरत देखकर मैं दंग रह गया। यहां आदमकद प्रतिमा जमीन पर चौकने वाले भाव से देख रही है, हाथ में डंडे की जगह लोहे की रॉड पकड़े गांधी को देखकर लगता ही नहीं ये सत्य, अहिंसा और स्वच्छता पुजारी है। 
     यहां गांधी यकीनन शर्म से झुके दिखाई पड़ते हैं। इसी जिले के आदिम जाति कल्याण प्राथमिक शाला बरटोली के मुख्य द्वार पर लगी गांधी की प्रतिमा स्वच्छता अभियान के रहबरों की मनोदशा जाहिर करती है। जिस दीवार पर स्वच्छता के स्लोगन लिखें हैं वो वर्षों से गंदी पड़ी है, दीवार के पीछे से बापू झाँक रहा है जो खुद जमी काई से अब अपनी पहचान छिपाना चाहता है। सरगुजा के मैनपाट के रास्ते आमगांव में सड़क किनारे फूटी आँख से लोगों की मनोवृत्ति को समझता गांधी भी बदलते देश की तस्वीर को महसूस कर रहा है। बात इतने पर ही खत्म हो जाती तो भी गनीमत समझिये, अविभाजित बिलासपुर जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व के ग्राम छपरवा में सड़क किनारे वर्षों तक टूटी गर्दन लिए गांधी कराहते रहे, मगर कोई तीमारदारी करने नहीं पहुंचा। इन महापुरुषों की प्रतिमाओं को लगाकर सरकारें क्या उन्हें सम्मान देती हैं या फिर चौक-चौराहों पर ये लोगों से अपमानित करवाने के  लिए छोड़ दी जाती हैं। 

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Posted Date : 26-Sep-2017
  • बहन के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे सभी 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर,26 सितम्बर। रतनपुर रोड पर गतौरी के पास हुई एक सड़क दुर्घटना में ट्रक ने एसयूवी को टक्कर मार दी, जिसमें मध्यप्रदेश से आ रहे दो लोगों की मौत हो गई और पांच घायल हो गए। मृतक अपने एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने रायपुर जा रहे थे। एक घायल अपोलो में भेजा गया है, शेष को रायपुर रेफर किया गया है। 
    जानकारी के अनुसार दुर्गा प्रसाद शर्मा पिता मनुराज शर्मा 70 साल, भाई शंकर लाल शर्मा अपने अन्य भाईयों ऋषि शर्मा, किशन शर्मा, आनंद शर्मा, श्याम सुंदर शर्मा चालक के साथ रायपुर में अपनी बहन के अंतिम संस्कार में शामिल होने रायपुर के लिए महेन्द्रा एसयूवी एमपी 18 जे 3069 से रवाना हुए थे। ये परिवार कटनी और दमोह का रहने वाला है। उनकी कार रतनपुर केंदा बाईपास होते हुए गतौरी नवगंवा के पास पहुंची। 
    इसी दौरान बिलासपुर की ओर से कोरबा जा रही एक ट्रक वाहन क्रमांक सीजी 12 एस 2809 ने कार को टक्कर मार दी। दुर्घटना के समय एक अन्य वाहन कंटेनर सीजी 12 एसी 4347 भी ट्रक से जा टकराई। तीन गाडिय़ों के बीच हुई जबरदस्त भिंड़त से मौके पर ही दुर्गा प्रसाद शर्मा और शंकर लाल शर्मा की मौत हो गई। ऋषि शर्मा, किशन शर्मा, आंनद शर्मा, श्याम सुंदर शर्मा के साथ ही चालक को गंभीर चोट आई। 
    घायलों ने पुलिस को बिलासपुर में रिश्तेदारों के होने की जानकारी दी। पुलिस ने यहां पर तत्काल प्रमोद लाटा और गोपीनाथ को सूचित किया जो तेलीपारा मेडिकल कॉम्पेक्स के पास रहते हैं। वे घटनास्थल पहुंच गए। घायल श्याम सुंदर को अपोलो में दाखिल कराया गया। अन्य ऋ षि शर्मा, आनंद शर्मा और किशन शर्मा को किम्स में दाखिल कराया गया, जिन्हें रायपुर रेफर कर दिया गया। नवगंवा के सरपंच पति दिलहरण खरे ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही वह अपने गांव के कुछ लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। 108 संजीवनी को भी बुला लिया गया। लेकर पहुंचे है।  
    ट्रक छोड़ कर भागा चालक
    वाहन क्रमांक सीजी 12 एस 2809 का चालक दुर्घटना के बाद फरार हो गया। लेकिन इस दौरान वह अपना मोबाइल छोड़ गया पुलिस ने मौके से मोबाइल को जब्त किया है। चालक की पुलिस तलाश कर रही है। 

     

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Posted Date : 26-Sep-2017
  • स्कूल प्रबंधन के रवैये से नाराज अभिभावकों ने की शिकायत
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 26 सितम्बर। तोरवा के कलचुरी हायर सेकेण्डरी स्कूल प्रबंधन ने फीस जमा नहीं करने के कारण दो छात्रों को स्कूल के बाहर चार घंटे तक खड़ा कर दिया। प्रबंधन के रवैये को अमानवीय बताते हुए अभिभावकों ने कलेक्टर से कार्रवाई की मांग की है। छात्रों के पिता एक दुर्घटना में घायल हैं, जिसके कारण उनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
    तोरवा में कलचुरी हायर सेकेण्डरी स्कूल में लालखदान निवासी राणा सिंह के बच्चे युवराज और रिया सिंह अध्ययनरत हैं। दोनों बच्चे प्रतिदिन की तरह आज भी स्कूल पहुंचे लेकिन स्कूल में बच्चों की फीस जमा नहीं होने के कारण दोनों बच्चों को बाहर खड़ा कर दिया गया। सुबह 7.55 से दोपहर 12 बजे तक स्कूल में पढऩे वाले दोनों भाई-बहन खड़े रहे। प्रबंधन से भयभीत होने के कारण वे स्कूल से घर लौट भी नहीं पाए। 
    कुछ दिनों बाद स्कूल प्रबंधन ने फीस जमा नहीं होने के पर स्कूल आने से ही मना कर दिया गया। इससे बच्चे और उनके अभिभावक परेशान हो गए और स्कूल प्रबंधन से फीस जमा करने के लिए कुछ समय मांगा। समय देने के बाद भी बच्चों को प्राचार्य कक्ष के सामने तो बाहर खड़ा कर दंडित किया गया। इसके अलावा बच्चों को कक्षा में अन्य छात्रों के बीच भी फीस जमा करने के लिए कहा जाता था।
    स्कूल प्रबंधन की हरकत से नाराज अभिभावक राणा सिंह और अन्य अभिभावकों ने मामले की शिकायत शिक्षा विभाग सहित मुख्यमंत्री और पीएम कार्यालय में पत्र के माध्यम से की है। मालूम हो बच्चों के पिता राणा सिंह की दुर्घटना हो गई थी जिसके बाद घर की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है, जिस कारण से समय पर फीस जमा नहीं हो सका है।
    जिला शिक्षा अधिकारी हेमंत उपाध्याय से मामले में पूछने पर कहा कि कलचुरी हायर सेकेण्डरी  स्कूल प्रबंधन के द्वारा बच्चों के साथ इस तरह के व्यवहार की शिकायत मिली है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई जा रही है। स्कूल प्रबंधन को सख्त हिदायत दी गई है कि बच्चो के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं किया जाए और कक्षा में शामिल करें।

     

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