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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    करगीरोड कोटा, 22 सितंबर।  एडीबी के द्वारा 106 करोड़ की भारी लागत से रतनपुर कोटा लोरमी तक सड़क निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें भारी अनियमितता सामने आ रही है। 
    इस बारे एडीबी प्रोजेक्ट के परियोजना अधिकारी एस एस मांझी का कहना है, हां कई जगह पेनल में खराबी आई है। ठेकेदार को उसे उखाडऩे कहा गया है। गुणवत्ता के साथ निर्माण कराया जायगा। घटिया निर्माण के चलते ठेका कंपनी के प्रोजेक्ट मनेजर पी के भगत को हटा दिया गया है। कन्लटेंसी और ठेकेदार को गुणवत्ता से निर्माण कराने निर्देशित किया गया है। आगे सही काम होगा, हम बराबर विजिट कर रहे हैं।
    कोटा रतनपुर के पास जूना शहर किलोमीटर 1/800  के पास पीक्यूसी सीसी रोड का निर्माण कर चल रहा है, जो बनने के बाद से ही जगह-जगह उखडऩा शुरू हो गई है, जिसे ठेकेदार द्वारा मरम्मत कराया जा रहा है। बताया जा रहा है जूनाशहर के पास सीसी रोड के कई पेनल रिजेक्ट हो गए हैं।
    जिंदल इंफ्रास्ट्रक्चर पीआऱएल बिलासपुर की ठेका कंपनी इस निर्माण को कर रही है। पहले भी इस सड़क में अनियमितता की खबरें आ चुकी है। चाहे वह अवैध उत्खनन हो या पानी चोरी का मामला हो या गुणवत्ताविहीन पुल पुलिया निर्माण हो सीसीरोड के घटिया निर्माण के चलते ठेका कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर पी के भगत को कंसलटेंस एवं प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर के द्वारा हटा दिया गया है।
    106 करोड़ की सड़क का आंकलन किया जाए तो सड़क का प्रति किलोमीटर का लगभग दो करोड़ रुपये छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा एशियन डेवलप में बैंक के माध्यम सड़क निर्माण में लगाया जा रहा है, जो अभी से अपनी दशा तो बयां कर रहा है। जब भारी वाहन शुरू होंगे तो सड़क की दुर्दशा क्या होगी, इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है।
    दो माह पहले किया गया था बीटी डामर उखडऩे से गिट्टी बाहर आने लगी
    रतनपुर कोटा लोरमी रोड में कई जगहों पर जीएसबी के साथ किया गया बीटी डामर बैठने लगा है। रतनपुर मार्ग पर पडऩे वाले भैंसाझार रोड के पास किलोमीटर 5/300 साईड में वाहन के दबाव से   दरारें दिखाई पड़ रही है और डामर हटने से जीएसबी गिट्टी नजर आने लगी है। उसी तरह टसर रेशम केंद्र के पास भी रोड बैठ रही है, जिससे अपर डिपर ढाल जैसा लगता है।  जानकारों की मानें तो रोड में बेस के साथ घटिया क्वालिटी का जीएसबी डालने के कारण बीटी बैठ रहा है। पर्याप्त काम्पेक्सन रोलिंग नहीं किया गया तथा जिस अनुपात में मटेरियल का उपयोग किया जाना चाहिए, उस गुणवत्ता का मापदंड नहीं रखा जा रहा है, जिससे कई जगह अपडाउन होने लगा है। एसएस मांझी परियोजना अधिकारी एडीबी से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।

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  • 45 फीसदी फसल का अनुमान, दलहन-तिलहन में कीट प्रकोप की आशंका
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 22 सितम्बर। दो दिनों तक जिले में हुई बारिश वह धान के लिए लाभदायक साबित हो सकती है, लेकिन सूखे का संकट टला नहीं है। सरकार ने बिलासपुर और मुंगेली जिले के सभी तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित कर रखा है और स्थिति में अधिक बदलाव आने की संभावना नहीं है। 
    इस साल मानसून कमजोर रहा और कम बारिश हुई, जिससे जिले सभी सातों ब्लाक कोटा, मरवाही, तखतपुर, बिल्हा और मस्तूरी एवं गौरेला-पेण्ड्रा में करीब दो लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि में लगे धान की फसल को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाया और फसल सूखने लगी है। धान को बढ़ाने के लिए छोटे किसान  बड़े किसानों से बोर के माध्यम से पानी लेकर खेतों में पहुंचाए लेकिन अधिकांश किसानों को पानी नही मिल पाया। इस दौरान मानसून ने कई बार अपना रूख दिखाया भी और जिले में जमकर बारिश भी हुई लेकिन इसके बाद बारिश फिर से रूठ गई। 
    किसानों को पिछले दो दिनों से थोड़ी राहत मिली जब दो दिन बारिश हुई है। यह बारिश फसल के लिए लाभदायक है जबकि तिलहनी और दलहनी फसलों को प्रभावित कर सकता है।
    कृषि विभाग के अनुसार दो दिन हुई बारिश देर से पकने वाली फसलों के साथ ही बालियां लगने वाली धान के लिए भी फायदेमंद है। जबकि तिलहनी और दलहनी फसलों को खराब कर सकती है। दो दिनों से हुई बारिश से किसान भी खुश है कि जरूरत के समय पानी मिल गया है । अब सप्ताह भर पानी नही भी गिरा तो प्रभाव नही पड़ेगा
    मालूम हो पिछले दो दिन पहले मंगलवार से ही मौसम में ही बदलाव हुआ था और इसी दिन से बारिश हुई थी जो अगले दिन बुधवार को भी हुई जबकि गुरूवार और शुक्रवार को भी बारिश हुई जो खंडवर्षा साबित हुई। मंगलवार और बुधवार को हुई बारिश 18 मिली दर्ज की गई थी।  
    रूठे मानसून ने समय-समय पर खंडवर्षा के रूप में बरसा लेकिन यह भी काफी नही था। खंडवर्षा उन क्षेत्रों के लिए लाभदायक साबित हुआ है जहां पर खेतों में पानी तो था लेकिन सूखे की स्थिति निर्मित हो रही थी। ऐसे खेतों में फसल के बढऩे की उम्मीद भी बढ़ गई । इसके बाद भी समय-समय पर हुई खंडवर्षा ने किसानों में उम्मीद जगाया लेकिन इसके बाद भी मस्तुरी, बिल्हा , कोटा और तखतपुर में सूखा ही रहा। 
    राज्य शासन ने जिले का नजरी अनावरी रिपोर्ट कराई। इसमें अधिकांश क्षेत्र में सूखे की पुष्टि हुई थी। इस पुष्टि के बाद राज्य शासन ने जिले को सूखा घोषित कर दिया। 
    कानाकोनी के किसान मंगलप्रसाद ने कहा कि समय-समय पर हुई हल्की बारिश ने फसलों के लिए कार्य किया लेकिन कुछ क्षेत्र अभी भी सूखा है। सूखे की घोषणा ने कुछ राहत मिली है। किसान ने कहा कि उसके पास तीन एकड़ है लेकिन इस बार बारिश कम होने से फसल प्रभावित हुई है तथा कम फसल हुई है।
    गतौरा के सुमंत प्रसाद ने कहा कि 15 दिनों पूर्व हुई बारिश से फसल के लिए पर्याप्त था। यदि इसके बाद बारिश नही होती तो प्रभावित होता ही। लेकिन इस सप्ताह बारिश हुई है इससे धान को लाभ होगा।
    सेमरताल के किसान अमित दुबे ने कहा कि अभी जिस तरह से बारिश हुई है वैसी अगर पहले होती तो ज्यादा लाभ होता। देर से पकने वाली फसल के लिए लाभदायक हो सकता है। लेकिन धान की बालियों में कीट लगने का भी डर है।
    मालूम हो जिले के सभी तहसील में करीब दो लाख हेक्टेयर में धान की फसल लगाई गई है। लेकिन 14 हजार 323 हेक्टेयर से अधिक में बोनी और रोपाई आदि का कार्य नही हो सका था। इसका कारण समय निकल जाना था। वहीं कम बारिश के कारण कई लोग बड़े किसानों से पानी खरीदे भी लेकिन हर कोई ऐसा नही कर सके।
    वहीं जिले के सभी सातों ब्लाक को मिलाकर कुल 45 प्रतिशत ही उत्पादन होने की बात कही जा रही है लेकिन इसके और भी नीचे गिरने के आशंका है।
    कृषि विभाग के उपसंचालक आर जी अहिरवार ने कहा कि वर्तमान स्थिति में 50 प्रतिशत से कम फसल है । विभाग ने कहा कि जिले के चार ब्लाक मस्तुरी, बिल्हा और कोटा एवं मरवाही में करीब 45 प्रतिशत ही उत्पादन है। 
    वहीं मस्तुरी के ग्राम चौहा औऱ केंवटाडीह के करीब 350 से अधिक ग्रामीण 17 सितम्बर को कलेक्टर जनदर्शन में सरपंच ताराचंद, के साथ हर प्रसाद सूर्यवंशी, कानाराम, चरण, रामआश्रय कांत,सागर साय, कमलाबाई, गीता बाई खूंटे, विमला आदि ग्रामीण पहुंचे थे और गांव के करीब 700 एकड़ से अधिक में लगे धान की फसल खराब हो जाने की बात कहते हुए निरीक्ष़्ाण कर सूखाग्रस्त घोषित करने  और मुआवजा की मांग कर चुके है। ग्रामीणों ने बताया था कि इन दोनों ही गांव में सिंचाई के साधन नही है।

     

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  • कड़ी सुरक्षा में भेजी गई अलवर, फ्लाइट से ही वापस लौटेंगी 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 22 सितंबर। अलवर के फलाहारी बाबा कौशलेन्द्र प्रपन्नाचारी पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली बिलासपुर की कानून की छात्रा को कल यहां से कड़ी सुरक्षा के बीच रायपुर एयरपोर्ट से दिल्ली और फिर अलवर ले जाया गया। 
    पीडि़ता को आश्रम में जिनको सामने बुलाया गया, उनमें से दो को उसने पहचान लिया। एक वह व्यक्ति है जो जयपुर से अलवर पहुंचने पर उसे फलाहारी महाराज के दिव्य आश्रम से लेने के लिए आया था, दूसरा व्यक्ति वह है जिसने उसे बाबा के कमरे तक ले जाकर छोड़ा था। 
    बिलासपुर में पुलिस के सूत्रों ने बताया कि अलवर पुलिस के समक्ष युवती का बयान पूरा हो गया है। अब उसे वापस बिलासपुर भेजा जाएगा। चूंकि युवती पहले ही अपनी जान का खतरा बता चुकी है, इसलिए पुलिस कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। 
    उसे अलवर में पुलिस ऑफिसर्स कैंपस में रखा गया है, जहां से उसे सड़क मार्ग से दिल्ली फिर वायुयान से रायपुर और भी सुरक्षा के साथ बिलासपुर लाया जाएगा। वह कब लौटेगी यह बताने से पुलिस ने सुरक्षा कारणों से मना किया। स्थानीय पुलिस का कहना है कि युवती यदि चाहेगी तो उसे बिलासपुर में भी जब तक चाहेगी, सुरक्षा दी जाएगी। 
    मालूम हो कि युवती ने पिछले दिनों बिलासपुर महिला थाने में फलाहारी महाराज के खिलाफ बंधक बनाकर बलात्कार की शिकायत दर्ज कराई थी। घटना बीते 7 अगस्त की है, जब वह अपनी पहली कमाई महाराज को दान करने अलवर गई थी। पहले उसने धमकियों से घबराकर रिपोर्ट नहीं लिखाई थी, पर गुरमीत राम रहीम को सजा मिलने के बाद उसने बीते 11 सितंबर को रिपोर्ट लिखाई। स्थानीय पुलिस ने पुलिस मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद रिपोर्ट शून्य में दर्ज की। 

     

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 21 सितंबर। बिलासपुर की कानून की छात्रा युवती द्वारा दुष्कर्म की रिपोर्ट लिखाए जाने के बाद अलवर, राजस्थान के दिव्य आश्रम के संस्थापक प्रपन्नाचार्य फलाहारी बाबा की गिरफ्तारी के लिए अलवर पुलिस वहां उनके आश्रम और अस्पताल में डटी हुई है। बिलासपुर पुलिस ने जीरो में मुकदमा कायम कर अलवर पुलिस को डायरी सौंप दी है, जहां उसके खिलाफ दुष्कर्म और बंधक बनाने का अपराध दर्ज कर लिया गया है। बिलासपुर पुलिस का कहना है कि चूंकि घटना अलवर में हुई है, आरोपी के विरुद्ध वहीं की पुलिस कार्रवाई करेगी। 
    मालूम हो कि फलाहारी महाराज का अलवर राजस्थान में दिव्य आश्रम है। उनका एक आश्रम जिले के पेन्ड्रारोड में भी है। फलाहारी महाराज का साल में एक दो बार यहां प्रवास होता रहा है। छत्तीसगढ़ में उनके भक्तों की संख्या 10 हजार के आसपास बताई जाती है। पीडि़त छात्रा का परिवार भी फलाहारी महाराज का अनुयायी था। 
    बीते 11 सितंबर को इस 21 वर्षीय युवती ने महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि बाबा ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। रिपोर्ट के अनुसार युवती जयपुर में रहकर लॉ की पढ़ाई कर रही थी। बाबा की सिफारिश पर एक सीनियर वकील के नीचे उसे इंटर्नशिप करने का मौका मिला। इंटर्नशिप के दौरान मिले तीन हजार रुपसे, पहले मानदेय को वह माता-पिता को देना चाहती थी, लेकिन उन्होंने सलाह दी कि यह राशि वह फलाहारी महाराज को दान कर दे। तब युवती सात अगस्त को अलवर गई। वहां बाबा के आश्रम में उनसे मिली और उसे राशि दी। बाबा ने उसे अपने कक्ष में यह कहकर रोक लिया कि कल ग्रहण समाप्त हो जाए उसके बाद वह चली जाए, आज रुक जाए। रुकने के बाद फलाहारी ने अपने शिष्यों को कमरे से बाहर कर दिया।
     इसके बाद उसे कुछ खाने को दिया, जिसमें नशीला पदार्थ मिला हुआ था। इसके बाद युवती अचेत हो गई। इस दौरान महाराज ने उसके साथ दुष्कर्म किया। कमरे में जिस समय बाबा ने रोक रखा था, एक शिष्य ने दरवाजा खटखटाया, तब बाबा हड़बड़ा गए। बाबा ने अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए इस घटना का जिक्र किसी से नहीं करने की चेतावनी दी। युवती ने घटना की जानकारी परिवार के कुछ सदस्यों को दी, किन्तु कहीं शिकायत नहीं की।  
    गुरमीत राम रहीम को बलात्कार के आरोप में सजा मिलने के बाद युवती को हिम्मत आई और उसने फलाहारी महाराज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की ठान ली। वह बीते कई दिनों से पुलिस के पास भटकती रही लेकिन रसूखदार का मामला होने के कारण स्थानीय पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने से कतराती रही। अंत में युवती ने पुलिस महानिदेशक से घटना की शिकायत की। तब जाकर वह अपने भाई के साथ महिला थाने गई। बीते 11 सितंबर को उसकी रिपोर्ट दर्ज की गई। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद युवती ने कुछ कपड़े और अन्य सबूत पुलिस को सौंपे हैं। बिलासपुर पुलिस द्वारा केस डायरी तैयार की गई। मामले पर पुलिस ने कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की थी। 
    घटना का तब पता चला जब बिलासपुर पुलिस डायरी सौंपने के लिए अलवर गई। बिलासपुर पुलिस की रिपोर्ट पर अलवर पुलिस ने आरोपी फलाहारी महाराज के खिलाफ धारा 376 तथा 506 के तहत अपराध दर्ज कर लिया। बाबा की गिरफ्तारी के लिए जब अलवर पुलिस दिव्य आश्रम गई तो उनके शिष्यों ने बताया कि उनके आंत में संक्रमण होने के कारण वह किसी से बात करने की स्थिति में नहीं है और उनको एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अस्पताल और आश्रम दोनों ही जगह तैनात है। मालूम हुआ है कि अलवर पुलिस ने फलाहारी महाराज के उस निजी कक्ष की तलाशी भी ली है, जहां युवती को रोका गया था। 
    बिलासपुर में पीडि़ता एक संभ्रांत परिवार से है और हर वर्ष यह परिवार आश्रम में हजारों रुपए दान करता रहा है। 
    पुलिस अधीक्षक मयंक श्रीवास्तव ने बताया कि युवती का बयान दर्ज कर डायरी अलवर पुलिस को सौंप दी गई है। चूंकि अपराध वहीं घटित हुआ है, शिकायत की जांच अलवर पुलिस ही करेगी। जांच में क्या प्रगति हुई है इसकी जानकारी अलवर पुलिस से ही मिल सकती है। 

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  • न गुफा मिली और न ही हनीप्रीत
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर,17 सितम्बर। सेंदरी स्थित बलात्कारी बाबा गुरमीत के डेरे में हनीप्रीत के छुपे होने की सूचना के बाद कोनी पुलिस ने आज सुबह दबिश दी लेकिन पुलिस को डेरे में न गुफा मिली और न ही हनीप्रीत पुलिस। जिस कमरे में हनीप्रीत के छिपे होने की तस्दीक करने पुलिस गई, उसको खुलवाया तो वह सीलन, गंदगी और बदबू से भरा मिला। 
    डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम की फरार मुंहबोली बेटी हनीप्रीत के कोनी के डेरा सच्चा आश्रम सेंदरी की तलाशी करने का निर्देश जिला पुलिस को मिला था। दरअसल, सीबीआई हनीप्रीत को उसके छिपे होने की आशंका वाले हर ठिकाने में तलाश रही है। 
    आज कोनी पुलिस ने बैकुठपुर आश्रम के सेवादार सुखदेव को चाबी के साथ बुलाया था। सुखदेव ने कोनी पुलिस के सामने ही कमरे का दरवाजा खोला। पुलिस और मौजूद लोग बदबू से हलकान हो गए। कमरे की तलाशी के दौरान भी पुलिस को कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। 
    थाना प्रभारी एससी शुक्ला ने बताया कि हनीप्रीत के देश के किसी भी कोने में छिपने की आशंका है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह दबिश दी गई। आश्रम में वीवीआईपी कमरे और लग्जरी कमरों की जो बात की जा रही थी वैसा कुछ भी डेरे में नहीं मिला। पूरे आश्रम में केवल एक खाट ही मिली, जिसमें गुरमीत राम रहीम ने बिलासपुर प्रवास के दौरान विश्राम किया था। सेवादार इसे गुरु की खाट मानते हैं और इसका इस्तेमाल नहीं करते।

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    बिलासपुर,17 सितम्बर। कोटा क्षेत्र के छेरकाबांधा में एक युवक ने मामूली विवाद के चलते एक सप्ताह पहले बेवा   को केरोसीन डाल आग लगा दी थी । आज उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई।   पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
    पुलिस के अनुसार छेरकाबंधा निवासी रजनी यादव पति स्व सुरेश यादव को 10 सितम्बर की रात 8 बजे गांव के ही रशीद खान ने फोन न उठाने के मामूली विवाद के चलते केरोसीन छिड़क आग लगा दी थी। जब यह घटना हुई कमरे में रजनी का आठ वर्षीय बेटा आकाश  भी मौजूद था।
     उसने गांव वालों को बताया कि उसकी मां को रशीद खान ने जिंदा जला दिया। मौके पर पहुंचे गांव वालों ने पुलिस को सूचना दी। वही ं108 की सहायता से रजनी को बिलासपुर सिम्स भी भेज दिया। घटना के बाद रशीद खान फरार हो गया था। 
    कोटा पुलिस  ने  रजनी का मरणाशन्न बयान दर्ज किया था इसमें उसने पुलिस  बताया था कि 10 सितम्बर को रशीद खान लगातार फोन कर रहा था। मंैने उसका फोन नहीं उठाया तो वह घर पहुंच गया और गली गलौच करते हुए मारपीट करने लगा। जब मैंने विरोध किया तो रशीद ने घर में रखे मिट्टी तेल को मेरे उपर डाल कर आग लगा दी थी। 
    मृतिका के बयान के बाद से ही पुलिस आरोपी रशीद खान की तलाश कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रशीद खान छेरकाबांधा में देखा गया है।  पुलिस ने दबिश दी तब तक रशीद गांव से भाग चुका था। कोटा के स्टेशन में पुलिस ने रशीद को गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी कृष्णकांत राजपूत ने बताया कि रशीद पर पहले 307 हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था लेकिन  मौत  के बाद हत्या का उपराध दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

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  • बैंक अधिकारी और एसडीएम, तहसीलदार पहुंचे साथ-साथ
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर,16 सितम्बर। हाईकोर्ट में अवमानना का केस दायर होने के बाद आज दोपहर जिला प्रशासन ने पंजाब नेशनल बैंक को 36 सिटी मॉल पर कब्जा दिला दिया। इससे पहले बैंक अधिकारी कब्जा पाने के लिए कई चक्कर लगा चुके थे। 
    सहमति बनी है कि मॉल की दुकानों से अभी व्यवसायी हटाए नहीं जाएंगे, पर वे किराया पीएनबी में जमा करेंगे। कोर्टयार्ड मेरियेट भी अनुबंध के अनुसार नवंबर तक अपना व्यसाय वहां कर सकेगी। 
    आज दोपहर करीब 1.30 बजे बैंक के अधिकारी 36 मॉल पहुंचे। उनके पीछे-पीछे प्रशासनिक अमला भी पहुंचा। चर्चा के बाद परिसर की नाप-जोख की गई और चौहद्दी मिलान के बाद सिटी मॉल का कब्जा बैंक अधिकारियों को दे दिया गया।  
    बैंक अधिकारियों के साथ मॉल में उनके पीछे पीछे एसडीएम आलोक पाण्डे और तहसीलदार देवीसिंह उईके पहुंचे। प्रशासनिक अमले के साथ पहुंचे और दोनों पक्षकारों के समक्ष चर्चा के बाद पीएनबी को मालिकाना हक सौंपते हुए मॉल में ताला नहीं लगाने कहा। प्रशासन का कहना है कि 36 सिटी मॉल में रोजाना लोग मनोरंजन के उद्देश्य से पहुंचते हैं,  वही खरीदारी की यहां खूब होती है। 
    कार्रवाई के दौरान कटोरा तालाब शाखा रायपुर के एजीएम बीपी राव और बिलासपुर पीएनबी के मैनेजर ललित अग्रवाल के साथ विरल दास मौजूद थे। 
    एसडीएम अलोक पाण्डे ने बताया कि हॉटल कोटियार्ड भी चौहदी मिलान में आ रहा है। पिछली बार कार्रवाई में ढील हवाला क्यों किया गया, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश को समझने में देर हो गई। 
    मालूम हो की 36 सिटी मॉल प्रबंधन के संजय गुप्ता पिता केके गुप्ता, पिंकी गुप्ता और नीलम गुप्ता ने कटोरा तालाब शाखा रायपुर पंजाब नेशनल बैंक से 120 करोड़ से ऊपर का लोन लिया था। लेकिन किश्त जमा नहीं की जा रही थी। भोपाल में ट्रिब्यूनल में मुकदमा जीतने के बाद पंजाब नेशनल बैंक ने बिलासपुर हाईकोर्ट में कब्जे के लिए याचिका लगाई थी। बिलासपुर हाईकोर्ट ने उक्त मामले में 31 अगस्त को सरफेसी एक्ट के तहत सिटी माल का कब्जा पंजाब नेशनल बैंक को देने का आदेश दिया था। इसके आधार पर तहसीलदार बिलासपुर ने पिछले 2 सितंबर  को कब्जा दिलाने का आदेश जारी कर दिया था। लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी नही पहुंचे थे। दूसरे दिन भी यही स्थिति बनी हुई थी।
    36 सिटी मॉल में कब्जा करने आज सुबह से ही बैंक अधिकारियों के पहुंचने की भनक लगते हुए मॉल में कर्मचारियों से लेकर दुकानदार तक में दहशत का माहौल था लेकिन प्रशासन द्वारा यह आश्वासन मिलने पर कि उनका व्यवसाय प्रभावित नहीं होगा, उन्होंने राहत की सांस ली। 

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 16 सितंबर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस आर एस गर्ग ने कहा है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति में देरी की सबसे बड़ी वजह न्यायपालिका और सरकार के बीच इस बात को लेकर टकराव है कि नियुक्ति का अधिकार किसके पास रहे। कालेजियम सिस्टम सही है पर इसके जरिये केवल अपने प_े को नियुक्त करने की कोशिश होती है तो बात बिगड़ जाती है। 
    बिलासपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों से चर्चा करते हुए जस्टिस गर्ग ने एक सवाल के जवाब में यह बात कही। वे यहां अभा विकलांग परिषद् के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में पहुंचे हैं। जजों की नियुक्ति में पहले केन्द्रीय मंत्रिमंडल की अनुशंसा पर सुप्रीम कोर्ट तीन शीर्ष जजों की बेंच में विचार होता था, पर इंदिरा गांधी के शासनकाल में कुछ नियुक्तियों पर आपत्ति और विवादों के बाद सुप्रीम कोर्ट की नौ जजों की बेंच ने कॉलोजियम सिस्टम को मंजूरी दी और नियुक्ति में सरकार का हस्तक्षेप कम कर दिया। अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए नामों पर ही केन्द्र सरकार विचार कर सकती है। 
    कॉलोजियम सिस्टम में व्यवस्था है कि सुप्रीम कोर्ट से भेजे गए नाम को या तो स्वीकार कर ले या फिर उस पर पुनर्विचार के लिए सुप्रीम कोर्ट को वापस भेजे। दूसरी बार भी जब कोर्ट से वही नाम जाता है तो केन्द्रीय मंत्रिमंडल को उस नाम की मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजना होता है। अब हो यह रहा है कि कई बार मंत्रिमंडल द्वारा न तो उन नामों को अस्वीकृत किया जाता है न ही स्वीकृत। इसके चलते अदालतों में जजों की भारी कमी है। सिर्फ हाईकोर्ट में ही 35 प्रतिशत जजों की पोस्ट खाली है। एक साल में एक जज अधिकतम हजार मुकदमे निपटा सकता है लेकिन उसे 2500 फैसले देने पड़ रहे हैं। जाहिर है कि इससे न्याय की गुणवत्ता प्रभावित होती है। निचली अदालतों में सुविधाओं की भारी कमी है। रीडर, स्टेनोग्राफर जैसी सामान्य सुविधाएं नहीं हैं। मध्यप्रदेश में 1800 न्यायिक अधिकारियों की आवश्यकता हैं पर हैं सिर्फ 900। 
    जस्टिस गर्ग ने कहा कि प्रशासनिक सेवाओं की तरह उच्च न्यायिक सेवा के लिए किसी तरह की परीक्षा आयोजित कर नियुक्ति किया जाना व्यावहारिक नहीं है। यदि परीक्षाएं केन्द्र सरकार ने आयोजित की तो उन जजों पर किनका नियंत्रण होगा? सरकार का नियंत्रण तो हो नहीं सकता। ऐसे किसी विचार को  संसद में पारित कर संविधान में संशोधन करना होगा। जस्टिस गर्ग ने कहा कि जब अपनी पसंद ने नाम या अपने प_े को कॉलोजियम प्रणाली के जरिये नियुक्त करने की कोशिश होती है तो बात बिगड़ जाती है। सर्वाधिक सहमति वाले नामों को केन्द्र के पास विचार के लिए भेजा जाना चाहिए। 
    जस्टिस गर्ग ने समय-समय पर न्यायपालिका में उठने वाले भ्रष्टाचार की शिकायतों को लेकर भी विचार रखे। उन्होंने कहा कि कई बार वकीलों के जरिये जजों तक पहुंचने की कोशिश की जाती है। कई बार जजों के करीबियों और रिश्तेदारों के जरिये उन पर प्रभाव डालने का प्रयास किया जाता है। जजों को दबाव या प्रभाव में नहीं आना चाहिए। ऐसा नहीं है कि यह समस्या जजों के स्थानीय होने के कारण खड़ी होती है। आम आदमी को पता नहीं होता है कि जज तक कैसे पहुंचा जा सकता है। 
    ज्ञात हो कि जस्टिस गर्ग अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। बिलासपुर में परिषद् का दो दिन का राष्ट्रीय सम्मेलन है जिसका आज शाम उद्घाटन किया गया। आज की प्रेस वार्ता में उन्होंने परिषद् और सम्मेलन के विषय में जानकारी दी। उनके साथ प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय महामंत्री मदन मोहन अग्रवाल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेन्द्र अग्रवाल व अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। परिषद् ने 17 वर्षों में 26 हजार विकलांगों की नि:शुल्क सेवा की है। मोपका में 51 हजार वर्गफीट पर एक विशाल विकलांग चिकित्सालय भी तैयार किया गया है। 

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  • काऊ कैचर में भरकर शौच जाने वालों को शहर से बाहर छोडऩे का विरोध 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 15 सितम्बर। नगर निगम की सामान्य सभा में आज नेता प्रतिपक्ष शेख नजीरूद्दीन ने संपत्तिकर वसूली में महापौर पर कमीशनखोरी का आरोप लगा दिया। इससे भाजपा-कांग्रेस पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया और उनके बीच जुबानी जंग छिड़ गई। 
    आज सुबह नगर निगम के टाउन हाल में सामान्य सभा रखी गई, जो शाम तक चली। सामान्य सभा के शुरू में महापौर किशोर राय ने बिलासपुर को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल होने पर प्रधानमंत्री, तत्कालीन शहर विकास मंत्री वैंकेया नायडू, मुख्यमंत्री डा रमन सिंह और स्थानीय मंत्री अमर अग्रवाल का आभार व्यक्त किया। नेता प्रतिपक्ष ने महापौर का धन्यवाद देते हुए व्यंग्य किया कि महापौर स्मार्ट सिटी के लिए एक पत्थर भी नहीं लगा सके हैं। उन्होंने इसके लिए निंदा प्रस्ताव लाया। उन्होंने 85 गायों को रतनपुर के लखनी देवी मंदिर के पास जोगीपुर और छेरकाबांधा के जंगल में जानवरों के भक्षण के लिए छोडऩे का आरोप लगाते हुए कहा कि इस पर संकल्प पारित किया जाए। महापौर किशोर राय ने कहा कि गायों को जंगल में छोडऩे के आरोप को बेबुनियाद बताया।  
    कांग्रेस पार्षद शैलेन्द्र जायसवाल ने सामान्य सभा के लिए शुक्रवार का दिन निर्धारित नहीं किए जाने को लेकर पूर्व में बनी सहमति का हवाला दिया जिस पर आज की तिथि तय किए जाने पर सभापति अशोक विधानी ने अपनी गलती मानी। 
    प्रश्नकाल में नेता-प्रतिपक्ष ने कर वसूली की जानकारी मांगी। वसूली का काम एयरोसाफ्ट कंपनी को दिया गया है। महापौर किशोर राय ने बताया कि 16 करोड़ की वसूली करनी थी लेकिन अब तक 7 करोड़ की वसूली की गई है। महापौर के जवाब से असंतुष्ट नेता प्रतिपक्ष ने कंपनी को लाभ पहुंचाने ठेका देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 18 करोड़ का लक्ष्य था इसे घटाया क्यों गया। योजना नगर निगम के लाभ के लिए है, कंपनी के हित के लिए नहीं। पूर्व में नगर निगम के कर्मचारी ही वसूली करते थे और अभी भी वसूली कर रहे है। 90 प्रतिशत वसूली नगर निगम के कर्मचारी कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने महापौर से लेकर नगर निगम के अधिकारियों के पर कमीशन लेने का आरोप लगा दिया। इसके बाद सभा में हंगामा शुरू हो गया। महापौर और भाजपा पार्षदों ने नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ तो नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस पार्षदों ने महापौर कि खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। 
    सभापति विधानी ने सभी को शांत कराया। सभापति ने नेता प्रतिपक्ष को कहा कि आरोप   लगाते हैं तो सबूत भी देना पड़ेगा। भाजपा पार्षद उमेश चंद्र कुमार ने जांच कराने की बात कह डाली, तो कांग्रेस पार्षद अखिलेश चंद्रप्रदीप बाजपेयी ने कमीशन के मामले में मुख्यमंत्री के दिए बयान की याद दिलाई। कांग्रेस पार्षद पंचराम सूर्यवंशी महापौर के खिलाफ भड़क गए तो तैयब हुसैन ने किशोर राय को महापौर के लायक नहीं होने की बात कही। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ठेका वापस लेते हैं तो वे अपनी बात वापस ले लेगें।
    कांग्रेस के कार्टर रेड्डी ने कहा कि सुलभ शौचालय के सैप्टिक टैंक की सफाई के लिए दो साल से आश्वासन दिया जा रहा है। कब तक सफाई होगी, यह बताया जाए। महापौर निर्धारित समय नहीं बता सके। काशी रात्रे ने नगर निगम के स्कूलों के संबध में जानकारी ली। संजय गुप्ता ने मुक्तिधाम के सौंदयीकरण और उन्नयन के बारे में प्रश्न पूछा। उन्नयन के लिए आदेश अधिकारी को देने की जानकारी भाजपा पार्षद उमेशचंद्र कुमार ने दी। 
    सुनीता गोयल ने कांजी हाउस में मवेशी की संख्या और चारा के बारे में पूछा तो महापौर ने संख्या नहीं बताई और कहा कि चारा दानदाता देते हैं। रेखा निर्मलकर ने हाट बाजार के आबंटन के संबध में तथा डालर राव ने सीवरेज पंप और दिनेश ने एलईडी लाइट के बारे में प्रश्न पूछा।
    इसके बाद सभा में लाए गए सभी प्रस्तावों पर चर्चा हुई । चर्चा में निराश्रित पेंशन प्रकरण पर कांग्रेस पार्षद ने आपत्ति करते हुए कहा कि मनोनीत पार्षद (एल्डरमेन) योजना का लाभ दिलाने के लिए अपने सील और हस्ताक्षर का प्रयोग करते हैं। उन्हें इसका अधिकार ही नही है। 
    शहर के जल आवर्धन योजना, सीवरेज परियोजना, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट , अरपा विकास प्राधिकरण आदि योजना अधूरी हैं। इसे लेकर पार्षद तैयब हुसैन ने कहा कि हर योजना की समय सीमा होती है। लेकिन पिछले दस साल से ये प्रोजेक्ट वहीं हैं। महापौर किशोर राय ने जब कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए नगर निगम को राशि खर्च नहीं करनी होगी तो पार्षद शैलेन्द्र जायसवाल ने कहा कि उनकी जानकारी कमजोर है। महापौर मामले में गुमराह कर रहे हैं, स्मार्ट सिटी में नगर निगम के 100 करोड़ रूपए लगेंगे ही।
    खुले में शौच मुक्त घोषित किए जाने के लिए की जा रही कार्रवाई के पर भी जमकर बहस हुई और कांग्रेसी पार्षदों ने इसका विरोध किया। नेता प्रतिपक्ष शेख नजीरूद्दीन ने कहा कि दो दिन पहले तर्पण करने गए एक बुजुर्ग को भी नगर निगम की टीम ने पकड़ लिया। जिस तरह से भाजपा कार्यक्रम में भीड़ बढ़ाने के लिए सिटी बसों को प्रयोग करती है उसकी तरह से खुले में शौच करने वालों के लिए भी बस का इंतजाम करना चाहिए। कांग्रेसियों ने नगर निगम आयुक्त से मांग की कि सुबह कुत्तों को घुमाते हुए सड़क को गंदा करने वालों पर भी कार्रवाई की जाए।

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  • बच्चे ने दी गांव वालों को खबर, आरोपी गिरफ्तार

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर,14 सितम्बर। कोनी थाने के सेमरताल गांव में पति खो चुकी एक महिला की हत्या उसके देवर ने कर दी। हत्या का कारण चरित्र शंका को बताया जा रहा है। मृतक के नौ साल के बच्चे ने गांव वालों को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 
    पुलिस के अनुसार सुबह ग्राम कोटवार परमेश्वर दास मानिकपुरी ने फोन पर गांव सेमरताल की  महिला सुनीता बाई यादव की हत्या की सूचना दी। कोटवार ने बताया हत्या कर उसका देवर रामाधार यादव फरार हो गया है। हत्या होते मृतका के 9 वर्षीय बेटे गोपी यादव ने देखा। उसने गांव में दौड़कर लोगों को इसकी सूचना दी। हत्या की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को पता चला कि आरोपी रामाधार यादव गांव के ही एक मकान में छिपा है। पुलिस ने उक्त मकान को घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। 
    पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके भाई रामकुमार की मौत 6 साल पहले हो गई थी। भाई की मौत के बाद से ही उसकी भाभी सुनीता के घर किसी आदमी को कई बार रात के अंधेरे में आते-जाते देखा। वह उससे पूछता तो उसकी भाभी उससे झगड़ा करने लगती थी। कल रात को भी उसने एक परछाई देखी तो वह उसके पीछे गया, लेकिन कुछ दूरी पर वह परछाई गायब हो गई। तब वह गुस्से में आग बगूला हो गया। 
    पूछने पर झगड़ा वह झगड़ा करने लगी। गुस्से में उसने पहले सुनीता से साथ मारपीट की और फिर गमछे से उसका गला दबाकर हत्या कर दी। 
    आरोपी के बयान के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया है। बेटे गोपी यादव ने पुलिस को बताया कि वह कक्षा 4 थी का छात्र है। वह कल रात को सोया था उसी दौरान उसका चाचा गाली देते हुए घर आया और मां के साथ मारपीट करने लगा। मां जब बचने का प्रयास कर रही थी तब उसने गमछे से गला दबा दिया।  

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर,11 सितम्बर। जरहाभाठा में रह कर पढ़ाई कर रहे एक युवक पर बीती रात उसके ही दोस्त ने जानलेवा हमला करते हुए जिंदा जलाने का प्रयास किया। सुबह 5 बजे घर से धुंआ निकलता देख पड़ोसियों ने मकान मालिक को सूचित किया तो घटना का पता चला।  पुलिस ने  युवक को  निकाला और सिम्स में उपचार के लिए दाखिल कराया है।  एक युवक को गिरफ्तार किया गया है।
    जानकारी के अनुसार तड़के पांच बजे जरहाभाठा बढाई चाल स्थित रामा गढेवाल के मकान से कुछ पड़ोसियों ने धुंआ निकलता देखा।  सूचना पर पुलिस पहुंची और दरवाजा खोला तो चारों तरफ आग तेजी से फैल रही थी। वहीं  कराहने की आवाज भी सुनाई दी।   किराये पर रहने वाले मुंगेली जिले के मानपुर निवासी पूनम बंजारे दिखाई दिया जो गंभीर रूप से घायल था। उसके मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। वहीं हाथ और पैर बंधे हुए थे। सिर पर गंभीर चोट के निशान और खून बह रहा था। उसे बाहर निकल   फायर ब्रिग्रेड की सहायता से आग  बुझाया गया। घायल पूनम को गंभीर हालत में सिम्स दाखिल कराया गया। 
    उसने दो नाम लिए एक नाम था अमेरी निवासी अजय बंजारे का और दूसरा नाम था आरोपी यशवंत कुर्रे का जो जरहाभाठा में रहता है। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरो ने पुलिस को बताया कि घायल बयान देने के लिए फिट नहीं है। पूनम के आधे अधूरे बयान के आधार पर पुलिस ने अजय बंजारे को उसके घर अमेरी से ही हिरासत में लिया है और यशवंत कुर्रे की तलाश कर रही है। 
    अजय बंजारे से पूछताछ में अब तक जो बात सामने आयी है वह यह है कि पूनम बंजारे यहां पीएससी और यूपीएससी की तैयारी करने आया हुआ था। वह भी कोचिंग करता है इसके चलते उसकी पहचान पूनम से हुई। यशंवत को भी उसी पूनम से मिलाया था। कल रात को क्या हुआ उसे नहीं पता वह तो घर में सो रहा था। 
     पुलिस ने एक बार फिर से डॉक्टरो से बात कर घायल पूनम से बात करने का प्रयास किया तो उसने बताया कि रात को यशंवत उसके घर पहुंचा और रात को वही रूकने की बात कहते हुए ठहर गया। रात में ही यशंवत ने अचानक किसी भारी चीज से उसके सिर पर वार करते हुए मारपीट की और फिर उसके हाथ पैर बांधे और वह चिल्ला न सके इसके लिए उसके मुंह में कपड़ा ठूंस कर गैस चालू किया और आग लगाकर भाग गया। जाते जाते  मोबाइल, पांच सौ रुपये और मोटर सायकल सीजी 10 एबी 7871 लेकर  फरार हो गया।

     

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  • तखतपुर, कोटा, बिल्हा और मस्तुरी के अधिकांश गांव सूखे की चपेट में 
    बिल्हा की हालत सबसे खराब
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 9 सितम्बर। मानसून की समय पर दस्तक होने के बाद भी बारिश कम हुई जिसके कारण इस साल जिले के चार तहसील सूखे की चपेट में हैं। इन चारों ब्लाक में धान का उत्पादन करीब 24 फीसदी ही आंका गया है जबकि तीन ब्लाक 45 प्रतिशत आंकी गई है। 
    इस साल मानसून की समय पर दस्तक हुई तथा बारिश की दस्तक के साथ ही शुरू में औसत मानसून अच्छा रहा जिससे इस साल अच्छी बारिश के आसार थे लेकिन समय के बाद मानसून भी धीमा हो गया और बादल बनने के बाद भी बिना बारिश हुए लौट जाती थी। बादल बनने से किसान बारिश के  प्रति आशान्वित रहते थे लेकिन उन्हे निराशा ही होती थी। अच्छी शुरूआत के बाद कम हुई वर्षा से जिले में लगी धान की फसल भी प्रभावित हो गई। फसल के बढऩे के समय में ही पानी की कमी के कारण धान की फसल सूखने लगी तो किसानों के चेहरों पर चिंता स्पष्ट झलक रही थी। पिछले माह अगस्त में रक्षा बंधन के पर्व के पूर्व जिले में खंडवर्षा हुई थी जिससे जिला मुख्यालय से जुड़े सकरी, भरनी , कोटा और तखतपुर के कई गांव में बारिश हुई इससे खेतों में पानी का भराव होने के बादकिसान रोपा के कार्य में लग गए। वहीं राखी  के पूर्व शाम को करीब दो घंटे तक हुई तेज बारिश ने फिर से किसानों को आशान्वित कर दिया। इस बारिश के बाद भी समय-समय पर बारिश हुई। इन बारिशों की स्थिति देखने के बाद किसान सप्ताह में पानी नही गिरने से फसल के प्रभावित होने की बात कहते थे। हुआ भी अगस्त के बाद बारिश नही हुई जिससे फसल सूखने लगी। 
    बारिश कम होने से जिले के ब्लाक कोटा, तखतपुर , बिल्हा , मस्तुरी,  मरवाही , पेण्ड्रा और गौरेला में करीब बीस हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि पर धान की फसल लगी है। लेकिन अब चार ब्लाक तखतपुर, कोटा, बिल्हा और मस्तुरी के अधिकांश गांव सूखे की चपेट में है। इन चारों तहसील के करीब 700 से अधिक गांव में सूखे की स्थिति है तथा यहां पर धान का उत्पादन करीब 24 आंका गया है। इन चारों में बिल्हा की स्थिति काफी ज्यादा खराब है।  मरवाही के कुछ स्थानों की भी हालत सूखे सी है। जबकि अन्य मरवाही के अन्य क्षेत्र के साथ ही पेण्ड्रा और पेण्ड्रारोड आदि की भी स्थिति सामान्य है। इन ब्लाक के करीब 200 से अधिक गांव में फसल 45 प्रतिशत आंकी गई है।
    बारिश नहीं होने से फसल के खराब होने की चिंता से परेशान किसानों ने प्रशासन से पानी की मांग की। प्रशासन ने कुछ क्षेत्रों में पानी छोड़ा भी लेकिन जलाशयों में पानी का भराव नहीं होने के कारण पर्याप्त पानी नही छोड़ा जा सका था। 10 दिन पहले कलेक्ट्रेट में पेंशन की मांग को लेकर आए मस्तुरी के किसान  वेदराम ने बताया कि उनके पास चार एकड़ खेत है तथा सभी में धान की फसल लगी। दो एकड़ में बोर कराया है जिससे उन खेतों में फसल ठीक है जबकि दो एकड़ को पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण खराब होने की स्थिति में है। मस्तुरी में इस  बार बारिश नहीं हुई है जिसके कारण से पूरे क्षेत्र में सूखे की स्थिति है। शुक्रवार को ग्राम निरतू से कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान टोंक लाल यादव एवं अन्य ने बताया कि फसल हुई ही नहीं है क्योंकि बारिश नहीं हुई है। फसल लगभग खराब हो गई है। वहीं काठाकोनी से किसान पंचराम ने कहा क्षेत्र मेंखंडवर्षा हो रही है जिससे थोड़ी उम्मीद थी लेकिन अभीबारिश नही हो रही हैजिससे फसल के सूखने की स्थिति निर्मित हो रही है। मालूम हो शुक्रवार की सुबह सकरी क्षेत्र में करीब दो घंटे तक मध्यम गति से बारिश हुई थी जबकि बिलासपुर में बारिश हुई ही नही।
    पौंसरा के किसान सनम कुमार ने बताया कि 3-4 सितम्बर को बारिश हुई है जिससे फिलहाल खेतों में पानी है लेकिन  10-15 दिन बारिश नही होगी तो फसल सूख जाएगी। उनके पास करीब 12 एकड़ जमीन है तथा ठेका भी लेते है जिससे करीब 25 एकड़ में धान लगा हुआ है। बोर भी है जिसका प्रयोग करते है। कम बारिश होने से वे किसान सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे जो जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से ऋण लिए है अब उनके सामने ऋण को वापस करने की चिंता है। कम बारिश होने से सूखे के लिए जिला प्रशासन ने निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। रिपोर्ट आ गई जिसे राज्य शासन को भेज दिया गया है।
    अपर कलेक्टर के डी कुंजाम ने कहा कि सूखे के स्थिति के निरीक्षण के बाद नजरी अनावरी रिपोर्ट आ गई है तथा इसे राज्य शासन के पास भेज दिया गया है। राहत के लिए शासन के आदेश के बाद कार्रवाई की जाएगी।
    कृषि उपसंचालक आर जी अहिरवार ने कहा के जिले में करीब 50 प्रतिशत क्षेत्र सूखा है। अब सभी स्थानों की और जानकारी ली जा रही है। मालूम हो शुक्रवार की शाम का जिले के प्रभारी सचिव एम के राउत ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष मंथन में बैठक ली थी। बैठक में भी सूखे पर चर्चा की गई थी।

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  • आंखों देखा हाल
    सत्यप्रकाश पाण्डेय
    फोटोजर्नलिस्ट, बिलासपुर

    कंडराजा ये माझियों की उस उजड़ी हुई बस्ती का नाम हैं जो राज्य के हाथी प्रभावित सरगुजा संभाग के मैनपाट इलाके में कभी बसा करती थी। बस्ती में एक-दो या फिर दस-बीस नहीं बल्कि साठ घर थे जिनके खप्पर भर शेष बचे हैं। एक-एक घर की दीवार को धराशाई करने वाले 17 हाथियों के झुण्ड ने तबाही की जो दास्ताँ लिखी है उसे देखकर शरीर सिहर उठता है। विकासखंड मैनपाट के कंडराजा बस्ती से पिछले दिनों हाथियों का जो दल गुजरा उसने ना सिर्फ फसल को नुकसान किया बल्कि पूरी की पूरी बस्ती उजाड़कर आगे बढ़ गए।  
    इस बस्ती में अब हाथियों के खौफ का साया है, उनके कदमों के निशान हैं और टूटे हुए घरों में जरूरतों का सामान बिखरा पड़ा है। बस्ती में हाथियों के आमद की खबर प्रशासन ने मुनादी कराकर आदिवासियों को दे दी लेकिन बस्ती को बचाने के कोई प्रयास नहीं हुए। आदिवासी परिवार लेकर अपनी जान बचाने घर छोड़कर रात के अँधेरे में यहां-वहां भाग निकले, जिसे जहां शरण मिली रात काट ली। ये वाक्या 30 अगस्त का है जहां हाथियों की मौजूदगी के आगे सब बेबस-लाचार दिखे। अब माझियों का परिवार खानाबदोशों की जिंदगी गुजार रहा है और उजड़ी हुई बस्ती हाथियों के आतंक की हकीकत बयान कर रही है। सरगुजा इलाके में हाथियों के आतंक का ये सबसे बड़ा प्रमाण है जहां एक रात ही रात में 60 घर ऐसे उजाड़ दिए गए जैसे इलाके में भूकंप आया हो। टूटे हुए आशियानों में बिखरे कपड़े, टूटी चारपाई और बुझे हुए चूल्हे के बीच अनाज के कुछ दाने। वैसे इस तबाही के पीछे एक दबी जुबान ये भी कहती है कि माझी हाथियों को गुलेल और अन्य हथियारों से मारते हैं शायद ये उसी का नतीजा हो लेकिन सच क्या है उसे बिना प्रमाणिकता के कहना ठीक नहीं होगा। सरगुजा के हाथी प्रभावित इलाकों में पिछले एक महीने में सौ से अधिक घर खंडहर बन गए, करीब 6 से अधिक मौत और सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई।  
    छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ साल से मानव-हाथी संघर्ष बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है। फिर चाहे राज्य का पर्वतीय हिस्सा हो या फिर मैदानी। दोनों ही जगह यह जंग चिंताजनक स्थिति में पहुंच गई है। इसमें मानव व हाथी दोनों को ही जान देकर कीमत चुकानी पड़ रही है। कोई ठोस कार्य योजना नहीं होने से कभी हाथी तो कभी मानव मौत की आगोश में समा रहे हैं। मानव-हाथी टकराव अब रोजाना की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। राज्य गठन के बाद से अगर हाथियों से होने वाली मौत और नुकसान के आंकड़े जुटाए जाएँ तो हालात बेहद चिंताजनक नजर आएंगे। जमीनी स्तर पर हाथियों से खुला संघर्ष सिर्फ ग्रामीण कर रहे हैं। मैंने पिछले 9 दिन में सरगुजा के करीब 20 गावों का भ्रमण किया, हालात करीब करीब सभी जगह एक से हैं । 

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 8 अगस्त। जलसंसाधन विभाग के कर्मचारियों को सुबह 8 बजे खूंटाघाट डेम में एक तेंदुए की तैरती हुई लाश दिखाई दी। कर्मचारियों ने इसकी सूचना वन अमले को दी। जानकारी होने पर रेंजर तत्काल अपने स्टाफ के साथ डेम पहुंचे और मामले में पंचनामा कार्रवाई कर शव कानन पेंडारी पोस्टमार्टम के लिए रवाना किया गया है।
    जानकारी के अनुसार रतनपुर क्षेत्र के खूंटाघाट में आज सुबह जल संसाधन विभाग के कर्मचारियों को एक तेंदुए की लाश दिखाई दी। तेंदुए की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। जल संसाधन विभाग के कर्मचारियों ने तेंदुए की लाश मिलने की सूचना डिप्टी रेंजर स्नेही मरावी को दी। पंचनामा के दौरान उन्हें शव में किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं मिले। मरावी ने बताया कि हो सकता है शव डेम के उस पार बानाबेल से बह कर आया होगा। संभव है तेंदुआ पानी पीने के दौरान फंस कर मर गया हो। हालांकि कुछ लोग आशंका व्यक्त कर रहे हैं कि तेंदुए का शिकार करने का प्रयास किया है लेकिन किसी कारण शव को शिकारी नुकसान नहीं पुहंचा पाए और वहां से भाग निकले।  शव का कानन पेंडारी लाया गया है, जहां पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। तेंदुए की मौत कैसे हुई यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के से पता चलेगा।  

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    पेंड्रा (बिलासपुर), 7 सितंबर। समीपस्थ ग्राम खोडरी में  एक युवक चार साल की मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर  ले गया और बलात्कार के बाद बच्ची को नदी के पास ही छोड़ भागा। पुलिस की तत्परता से बच्ची की जान बच गई वहीं आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
     प्राप्त जानकारी के अनुसार खोडरी के फोकटपारा की रहने वाली एक महिला के दो बच्चे हैं। कल अपने दुधमुंहे बच्चे को लेकर गांव के दूसरे मोहल्ले में किसी काम से चली गई। इस दौरान अपनी चार साल की बच्ची को वह अकेले घर में छोड़ गई। करीब एक घंटे बाद जब वह वापस आई तो बच्ची गायब थी। जान पहचान वालों के यहां काफी देर तक पतासाजी करने के बाद जब बच्ची नहीं मिली तब वह पीडि़त परिवार ने गौरेला पुलिस को सूचना दी। 
    बच्ची के  गायब होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए नवपदस्थ एडिशनल एसपी मधुलिका सिंह ने गांव में कैंप किया। इधर गांव के सरपंच और जागरूक ग्रामीणों की मदद से पुलिस  कई स्थानों पर खोज में लगी रही। पुलिस को गांव के आखिरी छोर पर रानीझाप गांव की सीमा से लगे सरहदी इलाके में बाहर से आकर बसे लोगों के पास एक बच्ची होने की सूचना मिली जिसको लेकर उन परिवारों के बीच झड़प भी हो रही थी। पुलिस ने दबिश दी और बच्ची को बरामद किया।  इसके बाद बच्ची ने जो बात बताई उससे पुलिस के होश उड़ गये। 
    आरोपी रामकुमार परस्ते उर्फ गोलू उसको बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया था और उससे गलत काम किया। बच्ची के कपड़े पर खून के निशान सहित अन्य सबूत मिले। बच्ची का मुलाहिजा कराया गया। पुलिस ने तत्काल आरोपी गोलू परस्ते को गिरफ्तार कर लिया।  
    इसके पहले पूछताछ में पुलिस को गुमराह करते हुए उसने बच्ची को घर में टीवी देखने और उसके बाद बच्ची के घर चले जाने की बात बताई थी। 

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 7 सितंबर। जनपद पंचायत गौरेला के ग्राम पंचायत ठेंगाडांड़ अंतर्गत गौरखेड़़ा ग्राम में बीते  06 अप्रैल को मनरेगा के अंर्तगत चल रहे डबरी निर्माण कार्य में समयलाल, गंगाराम, मानमति यादव,  बुधराम यादव, उर्मिला कोर्राम, सुकलाल कोर्राम एवं उनके अन्य साथी गोदी खोदने में तल्लीन थे। तभी अचानक लोक सुराज अभियान के तहत् मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का हेलीकाप्टर वहां उतरा।
     मुख्यमंत्री के साथ उनका काफिला भी था। मुख्यमंत्री ने वहां कार्य कर रहे मजदूरों एवं ग्रामीणो से लगभग एक घंटे तक बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी। उर्मिला कोर्राम जो गोदी खोद रही थी उसने दोपहर का भोजन करने के लिए अपना टिफिन खोला ही था। तभी मुख्यमंत्री की नजर उसके भोजन पर पड़ी। उर्मिला ने मुख्यमंत्री से भी भोजन करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री उसके आग्रह को नहीं टाल सके।
     उर्मिला ने अपने टिफिन से अमारी की चटनी एवं बासी भात उन्हें खिलाया, इसके साथ ही समीप में खड़ी मानमति यादव ने भी अपने पास रखे तेंदू का फल उन्हें खिलाया। मुख्यमंत्री उनकी मेहमान नवाजी से अभिभूत हुए और दोनों महिलाओं को मनरेगा के तहत तत्काल कुआं खुदवाने का उपहार दिया एवं 10 अन्य ग्रामीणों का भी कुआं स्वीकृत किया।
     बीते अगस्त में ग्राम पंचायत ठेंगाडांड की ओर से कुओं का निर्माण पूर्ण करा दिया गया है, जिससे दोनों महिलाओं के घर में व अन्य ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। जहां एक ओर मानमति एवं उसके पति द्वारा कुएं से खेतों में सिंचाई कार्य किया जा रहा है वही उर्मिला के घर मे भी कुआं निर्माण से पानी की समस्या हमेशा के लिए दूर हो गई है।  

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 6 सितम्बर। फेसबुक के माध्यम से एक बालक की तलाश कर मरवाही पुलिस ने परिजनों से मिलाया। नाबालिग 16 साल की उम्र में कमाने के चक्कर मे घर से बिना बताए भाग गया था। परिजनों ने गुम राजकुमार के मिल जाने से बहुत खुश है
    पुलिस के अनुसार मरवाही के लरकेनी निवासी राजकुमार भैना  के गुम होने की शिकायत पिता बेसाहनभैना ने 22 दिसम्बर 2009 को कराई थी। तब से पुलिस मामले में 363 का अपराध दर्ज कर खोजबीन में लगी हुई थी । पुलिस को फेसबुक के माध्यम से पता चला कि राजकुमार केरल के कन्नूर ग्राम पटियाल में है। पुलिस ने फेसबुक के माध्यम से राजकुमार का फोन नंबर पता किया और उससे बात कर एक टीम को केरल के पटियाल रवाना किया और फिर राज कुमार को लेकर मरवाही पहुंचे। राज कुमार ने बताया कि वह पैसा कमाने पहले पेंड्रा फिर बिलासपुर उसके बाद कुछ शहर होते हुए केरल चला गया था। घर आने के बाद उसे बहुत अच्छा लग रहा है।

     

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  • व्यापारी व सॉफ्टवेयर इंजीनियर गिरफ्तार 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 5 सितम्बर। मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग की फर्जी पोर्टल बनाकर बुकिंग करने वाले शहर के दो लोगों को भोपाल क्राइम ब्रांच की टीम गिरफ्तार कर कल देर रात अपने साथ ले गई। 
    पुलिस ने टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित गुजरात ट्रेडर्स के संचालक शैलेष सावरिया को उसके टिकरापारा स्थित घर से गिरफ्तार किया जबकि उसकी निशानदेही पर वेबसाइट तैयार करने वाले करबला के आशुतोष देवांगन को भी पकड़ लिया।
    जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश टूरिज्म के नाम पर इन्होंने फर्जी वेबसाइट बनाई। वे अपनी साइट पर मध्यप्रदेश टूरिज्म के रिसोर्ट और होटलों की ऑनलाइन बुकिंग करते थे और रकम अपने खाते में जमा करा लेते थे। होटलों में खाली कमरों की सूची देखकर वे हू-ब-हू अपनी वेबसाइट को अपडेट रखते थे। 
    जब टूरिस्ट होटलों में पहुंचते थे तो बुकिंग का एसएमएस और ई-मेल देखकर उन्हें ठहरा दिया जाता था, जबकि रकम पर्यटन विभाग के खाते के बजाय इन आरोपियों के खातों में जमा  हो जाता था। 
    लगातार शिकायत के बाद भोपाल क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की टीम कल शाम को शहर पहुंची और उन्होंने सीएसपी कोतवाली शलभ सिन्हा से दो लोग को गिरफ्तार करने की बात बताई। सीएसपी ने बताया कि भोपाल क्राइम ब्रांच ने उन्हें जानकारी दी कि मध्यप्रदेश के टूरिज्म विभाग ने जो वेबसाइट बनाई है उसकी कॉपी करते हुए पर्यटन स्थलों के रिसॉर्ट की बुकिंग की जा रही थी। 
    कल शाम भोपाल से आई टीम ने शैलेष सावरिया के टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित गुजरात ट्रेडर्स पर रेड की लेकिन संचालक वहां नहीं मिला तो टीम के कुछ सदस्य टिकरापारा स्थित शैलेष के घर पर पहुंचे। उसे दबिश देते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। 
    पूछताछ में उसने बताया कि करबला निवासी आशुतोष देवांगन ने यह वेबसाइट बनाई है। शैलेष की निशानदेही पर टीम ने करबला में देते हुए आशुतोष को भी गिरफ्तार किया। 

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  • सिविल लाइन पुलिस ने किया था गिरफ्तार

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर,4 सितम्बर। आतंकियों को रुपए पहुंचाने के मामले में गिरफ्तार एक और आरोपी को अपने साथ ले जाने आज जम्मू कश्मीर पुलिस बिलासपुर पहुंची है। टीम का कहना है कि अभी तक की पूछताछ में बहुत सी बातें सामने आई है। पहले लेकर गए आरोपी के बयान में इस आरोपी का भी नाम घटना को अंजाम देने में आया है। इसके चलते उसे भी साथ में ले जाने आए हैं। कोर्ट से रिमांड में लेने के बाद टीम शाम रात तक रवाना हो जाएगी।
    जानकारी के अनुसार जम्मू पुलिस आज सुबह आंतकवादियों के खाते में रुपए डालने के आरोप में गिरफ्तार मनींद्र यादव को अपने साथ ले जाने पहुंची है। इससे पहले टीम संजय देवांगन को अपने साथ जम्मू लेकर जा चुकी है। टेरर फंडिग मामले में सिविल लाइन पुलिस ने अब तक 6 मददगारों को गिरफ्तार किया है। इनमें अकलतरा निवासी संजय देवांगन, मनेंद्र यादव उसका भाई धर्मेंद्र यादव, पुरोहित अवधेश दुबे और हाल ही में दिल्ली से पीर अरशद को पुलिस गिरफ्तार कर बिलासपुर लाई है। मालूम हो कि 15 अप्रैल 2017 को सिविल लाइन पुलिस ने तालापारा क्षेत्र के किम्स हॉस्पिटल के पास घेराबंदी कर संजय देवांगन और मनीन्द्र यादव को आंतकवादियों के खाते में रुपये डालने की सूचना पर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दोनों ही आतंकी मददगार से पुलिस ने पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वह आंतकी मददगार सतना निवासी रंजन तिवारी और उसके भाई पिंकी तिवारी के लिए काम करते हैं जिन्हें एटीएस की टीम ने राष्ट्र विरोधी और विघटनकारी गतिविधियों को संचालित करने के आरोप में, रज्जन तिवारी और बलराम के बाद गिरफ्तार किया था। रज्जन तिवारी का भाई  पिंकी तिवारी नोयडा में रहता है जिसके चलते अधिकांश रुपयों का लेन-देन नोएडा से ही किया करता था और रकम को निकल कर आईएसआई के एजेंट को दिया करता था उस दौरान संजय देवांगन से पूछताछ में पता चला कि उसके एकाउंट भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक युनाईटेड बैंक ऑफ इंडिया और आईसीसीआई बैंक में हैं। पुलिस के पास जिन खातों का डिटेल है उसमें यूनाईटेड बैंक ऑफ इंडिया और भारतीय स्टेट बैंक हैं। इनसे ही 42 लाख रुपयो का ट्रांजेक्शन हुआ है। बाकी खातों की डिटेल पुलिस अब तक खंगाल रही है। 

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  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 4 सिंतंबर। हाईकोर्ट में 11 संसदीय सचिवों की नियुक्ति पर होने वाली अंतिम सुनवाई आज चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन के अवकाश पर होने के कारण नहीं हो सकी। अगली सुनवाई की तिथि अभी तय नहीं है। 
    मालूम हो कि छत्तीसगढ़ सरकार में 11 संसदीय सचिवों को नियुक्त कर उन्हें लाभ का पद देने के मामले में हाईकोर्ट में पूर्व विधायक मो. अकबर और राकेश चौबे ने याचिका दायर की है।  पिछले 24 अगस्त को इस मामले की अंतिम सुनवाई तय की गई थी पर महाधिवक्ता के उपस्थित नहीं हो पाने के कारण यह टल गई थी। कोर्ट ने एक सप्ताह के लिए सुनवाई की तारीख बढ़ा दी  थी। हाईकोर्ट ने संसदीय सचिवों को शासकीय लाभ लेने और इस पद पर काम करने पर अस्थायी रूप से रोक लगा रखी है। हाईकोर्ट को इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के उस आवेदन की भी सुनवाई करनी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उन्हें मामले में व्यक्तिगत रूप से पक्षकार न बनाया जाए। 

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