छत्तीसगढ़ » दन्तेवाड़ा

  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    दंतेवाड़ा, 21 सितंबर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां संकल्प सिद्धि कार्यक्रम में दंतेवाड़ा को करोड़ों की सौगात देते हुए कई विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इसके पहले उन्होंने मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
    हाईस्कूल मैदान में आयोजित संकल्प से सिद्धि कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह 269 करोड़ से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास तथा हितग्राहीमूलक सामग्रियों का वितरण किया। कार्यक्रम में 207 करोड़ 3 लाख रूपये की विकास कार्यों का शिलान्यास तथा 56 करोड़ 22 लाख रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। 
    इस मौके पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर का दंतेवाड़ा तेजी से विकास कर रहा है। हमने जो एजुकेशन हब बनाया है उससे बच्चों के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं। आज बस्तर की बेटियां किसी से कम नहीं हैं। यहां के हर बच्चे में  कलेक्टर और एसपी बनने की क्षमता है। मुझे सबसे ज्यादा खुशी तब होगी जब यहां से कोई कलेक्टर और एसपी बनकर आएगा। 
    उन्होंने कहा कि किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। हम धान खरीदी पर 3 सौ रुपये बोनस दे रहे हैं। जिन इलाकों में सूखा है वहां राहत राशि दी जाएगी और फसल बीमा का पूरा लाभ उन्हें दिया जाएगा। हम वनवासियों का वनोपज खरीद रहे हैं।
    इस मौके पर उन्होंने शासकीय कॉलेज का नामकरण पंडित दीनदयाल शासकीय महाविद्यालय करने की घोषणा की।

  •  

  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    दंतेवाड़ा, 21सितम्बर। प्रदेश के मुख्यमंत्री डा रमन सिंह नें दंतेवाड़ा के हाईस्कूल मैदान मे गुरुवार को  269 करोड़ रूपये के विभिन्न कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।उन्होंने इस दिन को ऐतिहासिक निरूपित करते कहा कि एक ही दिन म़े 269 करोड़ रूपये की राशि के कार्यों का शिलान्यास सह लोकार्पण दंतेवाड़ा के लिये अकल्पनीय है।इससे जिले की तस्वीर बदलेगी।दंतेवाड़ा नें राज्य से दिल्ली मे छत्तीसगढ़ का नाम ऊंचा किया है।अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू द्वारा जिले को पुरस्कृत करना इसकी मिसाल है। दंतेवाडा महिलाओं द्वारा संचालित ई रिक्शा जिले की परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करेगा।दंतेवाड़ा की बेटियां किसी से कम नही है।
    नक्सलियों को ललकारा
    डा रमन सिंह नें नक्सलियों द्वारा आंगनबाड़ी,स्कूल व अस्पताल तोडऩें की निंदा करते हुये कहा कि इनसे विकास नहीं हो सकता।राज्य सरकार विकास की लड़ाई लड़ रही है।

  •  

  • मैलावाड़ा घातक मोड़ ने ली एक और जान

    छत्तीसगढ़ संवाददाता 

    दंतेवाड़ा,12 सितम्बर। कुआकोंडा थाना के ग्राम मैलावाड़ा के निकट खतरनाक मोड़ में सोमवार रात दुर्घटना में दोपहिया चालक की मौत हो गई। मंगलवार सुबह पुलिस नें शव को बाहर निकाला।इस तरह से मृतक का शव 15 घंटों तक गड्ढे में दबा रहा।
    टिकनपाल निवासी अंशु ताती 23 वर्ष सोमवार मैलावाड़ा के लिये रवाना हुआ।देर शाम 8 बजे अपनें मोबाइल फोन की मरम्मत करवानें के बाद अपनें गृहग्राम के लिये रवाना हुआ। मृतक मैलावाड़ा से 2 किलोमीटर की दूरी पर खतरनाक मोड़ पर वाहन से नियंत्रण खो बैठा और दोपहिया सड़क से 5 मीटर दूर जा गिरा। वही अंशु गड्ढे में गिर गया। गड्ढे के पानी में मृतक का शव पूर्ण रूप से डूब गया था। सुबह जब कुछ लोगों नें दुर्घटनाग्रस्त दोपहिया वाहन को देखा। तब गड्ढे मे शव होने का अंदेशा हुआ।घटना के संबंध में सहायक उप निरीक्षक श्री जैन ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। 

  •  

  • आश्रम अधीक्षिका निलंबित
    छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    दंतेवाड़ा,4 सितम्बर। जिले के कुआकोंडा विकासखंड के पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास की कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा विनीता ठाकुर की सोमवार सुबह नाले में डूबने से मौत हो गई। सहायक आयुक्त ने घटना को अधीक्षिका की घोर लापरवाही मानकर निलंबित कर दिया है। वहीं प्री व पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास में अधीक्षिका की नियुक्ति कर दी गयी है।
    कन्या छात्रावास में सोमवार सुबह से बोरवेल में तकनीकी खामी की वजह से पानी की समस्या उत्पन्न हो गई थी सुबह जैसे ही छात्रावास के कर्मचारियों के आवागमन के लिये दरवाजा खोला गया। इसी दौरान कुछ छात्राएं अधीक्षिका की बिना अनुमति लिये 200 मीटर दूरी पर स्थित नाले में दैनिक कार्यों से निवृत्त होनें चली गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इन्हीं में से 3 छात्राएं गहरे पानी में डूबनें लगी। जिनमें 2 छात्राओं को साथी छात्राओं नें सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया। वहीं मृतका का नाले में पता नही लग पा रहा था।जबकि उक्त छात्रा का शरीर गहरे पानी में डूबा हुआ था।बड़ी मशक्कत के उपरांत छात्रा को पानी से बाहर निकाला गया। तुरंत ही उसे कुआकोंडा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार दिया गया। कुछ देर बाद डाक्टरों नें छात्रा को मृत घोषित कर दिया।मृतका का पोस्ट मार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
    प्रशासन पर परिजनों नें उतारा गुस्सा
    घटना की जानकारी मिलते ही सहायक आयुक्त डा आनंदजी सिंह,एसडीएम सुभाष राज सहित अन्य अधिकारी घटनास्थल पहुंचे।मौके पर मौजूद सहायक आयुक्त से परिजनों नें हाथापाई की। िजसे पुलिस नें विफल किया। विभाग नें त्वरित कार्यवाही करते हुये आश्रम अधीक्षिका हेमलता नाग को निलंबित कर दिया है। वहीं उक्त छात्रावास की अधीक्षिका पद पर लक्ष्मी नाग की नियुक्ति कर दी है। घटना के बाद छात्रावास की सुरक्षा में पुलिस बल तैनात किया गया है।

     

  •  

  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 

    दंतेवाड़ा, 3 सितम्बर। पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा के नेतृत्व में चलाये जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत रविवार को माओवादियों के खोखली विचारधारा, भेद-भाव पूर्ण व्यवहार एवं प्रताडऩा से तंग आकर तथा छग शासन के पुनर्वासनीति से प्रभावित होकर कांगेरवैली एरिया कमेटी के अंतर्गत सक्रिय महुपदर एलओएस कमाण्डर श्यामला सोढ़ी उर्फ  पोज्जे सोढ़ी 27 पालोड़ी थाना किस्टाराम जिला सुकमा ने पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा कमलोचन कश्यप के समक्ष आत्मसमर्पण की है।
    इसके अतिरिक्त थाना बारसूर क्षेत्रान्तर्गत मुखबिर की सूचना पर गत दिनों मुठभेड़ में मृत माओवादी कमाण्डर विलास का गनमेन राजू उदेनार डुमरओड़ाव पारा थाना बारसूर को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफ लता मिली है।
    श्यामला सोढ़ी उर्फ  पोज्जे सोढ़ी महुपदर एलओएस कमाण्डर कांगेरवैली एरिया कमेटी 27 पालोड़ी थाना किस्टाराम  जिला सुकमा वर्ष 2008 में किस्टाराम एरिया कमेटी का सदस्य नक्सली कमाण्डर कोसा ने माओवादी संगठन में चैतना नाट्य मंच सदस्य के रूप में भर्ती किया था। कुछ समय बाद किस्टाराम एलओएस का सदस्य बनाया गया। एलओएस में शामिल होने के लगभग 6 माह बाद नक्सली कमाण्डर आयतू के द्वारा बैपारीगुड़ा उड़ीसा एलओएस सदस्य के रूप में ट्रांसफ र किया गया। वर्ष 2009 से वर्ष 2013 तक बैपारीगुड़ा उड़ीसा एलओएस में रहते हुये एसएलआर रायफ ल रखती थी। वर्ष 2013 में उड़ीसा एवं छत्तीसगढ़ के सीमवर्ती क्षेत्र में सक्रिय दरभा डिवीजन के कांगेरवैली एरिया कमेटी के अतंगर्त मुहपदर एलओएस का कमाण्डर बनाया गया। एलओएस कमाण्डर में रहते हुए इंसास रायफ ल अपने साथ रखती थी। 
    माओवादी कमाण्डर श्यामला वर्ष 2013 में टहकवाड़ा थाना तोंगपाल जिला सुकमा में माओवादियों द्वारा कारित घटना में शामिल थी, जिसमें 16 पुलिस कर्मी शहीद हुए थे। आत्मसमर्पित माओवादी श्यामला के विरूद्ध उड़ीसा एवं छत्तीसगढ़ के थानों में कई गंभीर अपराध पंजीबद्ध था। छग शासन के ईनाम पॉलिसी के अनुसार इसके ऊपर 5 लाख रूपये का ईनाम घोषित था। आत्मसमर्पित माओवादी को पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा द्वारा समर्पण पश्चात प्रोत्साहन राशि के रूप में 10 हजार रूपये प्रदाय किया गया। 
    राजू मण्डावी बारसूर एलओएस सदस्य एवं मृत नक्सली विलास का गनमैन 28 उदेनार डुमरओड़ाव पारा थाना बारसूर जिला दन्तेवाड़ा, वर्ष 2012 में माओवादी कमाण्डर विलास के द्वारा जनमिलिशिया सदस्य के रूप में भर्ती किया तत्पश्चात बारसूर एलओएस में शामिल किया गया।  वर्ष 2015 से कमाण्डर विलास का गनमेन बनाया गया। गिरफ्तार माओवादी राजू मण्डावी पर छग शासन की ईनाम पॉलिस के अनुसार 1 लाख रूपये घोषित था। संगठन में रहते हुये एसएलआर रखता था। 
    गिरफ्तार माओवादी राजू मण्डावी निम्नलिखित घटनाओं में शामिल था
    वर्ष 19 जुलाई 2012 को कनकापारा कोरकोटी के पास पुलिस पार्टी को आते देख जान से मारने की नियत से अंधाधुन फ ायरिंग करने की घटना,11 नवम्बर 2013 को उदेला नाला टेकरी के पास पुलिस पार्टी पर बम विस्फ ोट कर अंधाधुन फ ायरिंग करने की घटना, 8 नवम्बर 2016 को झापड़ीपारा जंगल थाना बुरगुम जिला बस्तर में नक्सली गश्त सर्चिंग पर निकली पुलिस पार्टी पर फ ायरिंग करने की घटना,16 दिसम्बर 2016 को ग्राम कोरकोटी में बुधराम को मुखबिर की शक में हाथ मुक्का एवं गले में रस्सी बांधकर मारने की घटना , 28 दिसम्बर 2016 को पुलिस पार्टी को आते देख कर ग्राम मालेवाही के पास प्रेषर आईईडी विस्फ ोट करने की घटना, 4 फरवरी 2016 ग्राम कोरली-कोरला कौंटी पहाड़ी में पुलिस पार्टी को जान से मारने की नियत से अंधाधुन फ ायरिंग करने की घटना, 24 अप्रैल 2017 को ग्राम कोडेनार में जानो उर्फ लुड़ी पिता आयतू को मुखबिर की शक में गोली मार कर हत्या करने की घटना, 24 मई 2017 को ग्राम भटपाल डुमरओडार-पीचिकोडर के जंगल में पुलिस पार्टी को आते देख कर अंधाधुन फ ायरिंग करने की घटना, 27 मई 2017 को सांगेपाल कोलेंग पार में हथियार बंद माओवादियों द्वारा बंजामी हान्दों पिता बंजामी चमरू को टंगिया से मार कर हत्या करने की घटना, 29 मई 2017 के रात्रि में ग्राम नुतनपाल माझीपारा में 15-20 हथियार बंद माओवादियों द्वारा बीएसएनएल टॉवर की बैटरी को आग लगाकर क्षतिग्रस्त करने की घटना, 1 जून 2017 को कडेनार कुदूर पहाड़ी में नक्सली गश्त सर्चिंग पर निकली पुलिस पार्टी पर फ ायरिंग करने की घटना,15 जून 2017 को ग्राम धरमाबेड़ा भवरडीह नदी के किनारे एम्बुश लगाकर पुलिस पार्टी पर फ ायरिंग करने की घटना 21 जून 2017 को ग्राम मालेवाही रोड़ में ट्रेक्टर वाहन में आग लगाकर क्षतिग्रस्तर करने की घटना में शामिल था।

  •  

  • अमन सिंह भदौरिया
    दोरनापाल, 25 अगस्त (छत्तीसगढ़)। सुकमा जिले के बीहड़ों के 14 राशन की दुकानों में ग्रामीणों को शिकायत है कि उन्हें राशन नही मिलता और जो मिलता भी है तो कम मिलता है। चिंतलनार जैसे पिछड़े इलाके में प्रदेश सरकार के पीडीएस सिस्टम की क्या दशा है इसकी पड़ताल करने छत्तीसगढ़ की टीम चिंतलनार पहुंची। वहां का जायजा लिया ग्रामीणों से बात की और विभागों से दस्तावेजों के आंकड़े भी निकाले। 
    चिंतलनार जैसे इलाके में पीडीएस नियमों की अवहेलना की जा रही है। साल भर का आबंटन लेम्प्सों में जाता है पर ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पाता और कोई ग्रामीण आवाज उठाए तो 20 किलो राशन यह कहकर दिया जाता है कि इस महीने इतना ही मिलेगा। यह प्रक्रिया बीते साल भर से चल रही है और इसकी शिकायत भी ग्रामीणों ने कलेक्टर से हाल ही में की है । खास तौरपर मोरपल्ली, चिन्नाबोड़केल, पेद्दाबोड़केल, रायगुड़ाम, जब्बगट्टा में भी इस तरह की शिकायत मिली।
    14 राशन की दुकानों में राशन की कालाबाजारी से जुड़ा मामला कोई नया नहीं है इससे पहले भी मामला विधानसभा में गूंज चुका है पर विभाग अब तक किसी पर भी कार्यवाही नहीं की है। आदिवासियों को उन्हीं के हक का चावल  वनोपज को बेचकर व्यापारियों से खरीदना पड़ रहा है। 
    हक का राशन भी नहीं मिलता बराबर
     चिंतलनार इलाका साधनों के मामले में काफी पिछड़ा है तो सुदूर अंचलों के आदिवासी 20 किलोमीटर पैदल नाले-नदी, उतार चढ़ाव को पारकर राशन की दुकानों पर तो पहुंचते हैं मगर वितरण के दौरान उन्हें पता चलता है कि इस महीने भी उन्हें मात्र 20 किलो ही चावल दिया गया है। मुकरम पंचायत अंतर्गत कोत्तगुड़ा की महिला माड़वी गंगी पति देवा कहती है कि उसे मार्च से अब तक राशन नहीं मिला। इससे पहले जो मिलता था वो हर महीने सिर्फ 20 किलो जबकि उसके घर में कुल 5 सदस्य हैं। ज्ञात हो कि शासन द्वारा प्रत्येक कार्डधारी को 35 किलो चावल देना  लागू है। ये सिर्फ इसी लेम्प्स में नहीं बल्कि और भी लेम्प्सों का रवैया कुछ इसी प्रकार है।
    दुकान चिंतलनार में सेल्समेन कोंटा में
    खाद्य विभाग ने ऐसे संवेदनशील इलाकों में उन सेल्समेनों को रखा है जो दुकान से 90 किमी दूर कोंटा में रहते हैं और ज्यादातर आते नहीं हैं जिनमें केरलापेंदा, कुन्देड़, चिमलिपेन्टा, एलमपल्ली, सुरपनगुडा,मुकरम, गोंदपल्ली, गुमोड़ी कोंडासंवली  शामिल हैं। कोलाइगुड़ा निवासी हिड़मा की मानें तो वो सेल्समेन दुकान से नदारद रहे तो उनको राशन कहाँ से मिलेगा। 
    20 किमी पैदल चलकर ग्रामीण आते हैं और बंद दुकान देख लौट जाते हैं। कोत्तगुड़ा निवासी माड़वी गंगी ने बताया कि उन्हें मार्च से कई लोगों को राशन नहीं मिला जिन्हें मिला भी तो किसी को कम किसी को 35 किलो।
    अमृत नमक कूड़े में जर्जर भवन में दुकान
    छत्तीसगढ़ ने चिंतलनार में राशन को दुकानों में असुरक्षित पाया। केरलापेंदा के राशन की दुकान में पहुंचते ही पाया कि दुकान का बोर्ड दुकान की दूसरी ओर कचरे के ढेर पर है औऱ गरीबों को मुफ्त दिया जाने वाला अमृत नमक का ढेर राशन की दुकान के बाहर कूड़े में  और जानवर मुह मार रहे थे। वहीं भवन जर्जर। बाहर से ही छत का अंदाजा लग गया था कि अंदर राशन कितना सुरक्षित होगा। ग्रामीणों ने बताया कि  इस लेम्प्स का सेल्समेन कोंटा में रहता है और कभी कभार आता है । सेल्समेन कहते हैं कोई राशन लेने नहीं आता और आदिवासी कहते हैं कि उन्हें राशन नहीं दिया जाता।  अगर राशन नहीं भी ले जाते हैं तो राशन की खपत कहां कर दी जाती है।
    रात में होता है राशन का वितरण
    इधर युवा कांग्रेस  महासचिव दुर्गेश रॉय से शिकायत की थी कि आधीरात को यहां राशन की दुकानों में राशन का वितरण किया जाता है। जबकि पीडीएस के नियमों में रात को किसी सेल्समेन को राशन वितरण की अनुमति नहीं है। दुर्गेश रॉय ने आरोप लगाया है कि रात में दुकान संचालित होती है तो कालाबाजारी के लिए इससे अच्छा मौका और क्या होगा। ऐसे तो पीडीएस सिस्टम की धज्जियां उड़ाई जा रही। पूरे प्रदेश में ऐसा कहीं और देखने को नही मिलेगा की देर रात आदिवासियों को राशन का वितरण किया जाए । कांग्रेस की जांच रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीणों ने यह आरोप भी लगाया है की आधीरात को चावल चना शक्कर दुकानों से पर कर वनोपज के लिए पार किया जाता है ।

    चिंतलनार इलाके में संचालित दुकानों में कई कार्ड एक से अधिक बनाए गए हैं। राशन न मिलने के सबन्ध में मैं सभी सेल्समेन से पूछताछ करूँगा पता लगाऊंगा क्या हो रहा है। मुझे इसकी जानकारी नहीं थी। अगर हेराफेरी का कोई मामला सामने आता है तो सेल्समेन्स पर कार्यवाही की जाएगी ।
    -अनुराग भदौरिया, जिला खाद्य अधिकारी


    चिंतलनार में राशन की गड़बड़ी को लेकर प्रशासन लापरवाही करती है । हर बार जांच होती है फिर ठंडे बस्ते में कभी किसी पर कार्यवाहीं नहीं करती । आदिवासी राशन के लिए तरस रहा है और आधीरात को रात को दुकानों से राशन पार किया जाता है। इससे बड़े शर्म की बात और क्या होगी कि अपने ही हक का चावल आदिवासी वनोपज को बेचकर खरीदते हैं।
    - कवासी लखमा, विधायक कोंटा     
                                                                      
    चिंतलनार में राशन की दुकानों में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी जिसके बाद युवा कांग्रेस की टीम चिंतलनार पहुंची थी। कुछ सेल्समेन कोंटा में बैठ दुकान चला रहे हंै। आधीरात को राशन निकाला जाता है और वितरण होता है, आदिवासी वनोपज से बदले राशन लेने को मजबूर हंै पर प्रशासन और सरकार राशन की हेराफेरी को रोकना छोड़ वाहवाही में व्यस्त हैं और आदिवासी दाने दाने को मोहताज हैं आदिवासियों को ठगा जा रहा है विकास के नाम पर ।

    -दुर्गेश रॉय, युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव

  •  

  • शहीदी सप्ताह के दौरान खोदे गड्ढे
    सुशील राठौर
    दंतेवाड़ा,30 जुलाई। नक्सलियों के शहीदी सप्ताह का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।इसके कारण वाहन चालकों और यात्रियों मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है।
    उल्लेखनीय है कि नक्सलियों नें कुआकोंडा थाना के ग्राम गढ़मिरी,धुरवापारा से धनीकरका के बीच 2 गड्ढे खोदे थे।गांव से गुजरने वाले नाले के समीप उक्त गड्ढे खोदे गये थे। इनकी गहराई करीब 1मीटर है। वहीं नकुलनार से गड्ढों की दूरी लगभग 6 किलोमीटर है। गड्ढों से पार होने के लिये पैदल गुजरना ही एकमात्र विकल्प है।़
     वहीं आपातकालीन दशा में मरीज की जान पर संकट आ सकता है,चूंकि इन गड्ढों से  चारपहिया वाहन का आवागमन संभव नही है।
     

    साइकिल कंधों पर रख पार किया गड्ढे
    धनीकरका स्थित पोटा केबिन आवासीय विद्यालय के छात्रों को नाले को साइकिल कंधे पर रख पार करनी पड़ी। छात्रों ने बताया बताया कि वे अपने दस्तावेजों की फोटोकापी कराने नकुलनार गये थे।अब वापस पोटाकेबिन जा रहे हैं।

    भरेंगे गड्ढे-एएसपी
    इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोरखनाथ बघेल ने बताया कि ये गड्ढे चार दिन पूर्व खोदे गये थे। सुरक्षा घेरा बनाकर शीघ्र ही गड्ढे भरे जाएंगे। पुलिस अंदरूनी क्षेत्रों की गश्ती में लगी हुई है।   

  •  

  • भाग निकले हार्डकोर नक्सली
    छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    दंतेवाड़ा, 26 जुलाई। जिला पुलिस एवं सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने कुन्ना एवं डब्बा की पहाड़ी में नक्सली कैम्प को ध्वस्त कर भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया है। हालाकि नक्सली पुलिस को चकमा दे भाग निकले।
    दंतेवाड़ा एवं सुकमा जिले के सीमावर्ती अतिसंवेदनशील डब्बा व कुन्ना की पहाडिय़ों में नक्सली कैम्प संचालित होने की सूचना पुलिस को मिली थी। जिसमें कुख्यात नक्सली लीडर विनोद, देवा एवं जगदीश के मौजूद होने का भी सुराग मिला था। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। दंतेवाड़ा पुलिस व सुकमा की जिला आरक्षी बल, स्पेशल टास्क फोर्स, सीआरपीएफ की 195, 226 व 230 वीं बटालियन की टुकडिय़ां सोमवार को रवाना की गई। 
    एरिया डामिनेशन एवं तलाशी अभियान के दौरान नक्सली घने पेड़ों की आड़ में बच निकले। पुलिस पार्टी ने नक्सली कैम्प को ध्वस्त कर दिया। इससे पूर्व नक्सल ठिकाने से टिफिन बम, डेटोनेटर, तार, लैंडमाईंस विस्फोटक सामग्रियों का भंडार, नक्सली साहित्य, बैग तथा दैनिक उपयोग की सामग्रियां जब्त की गई।
    घातक था विस्फोटक 
    पुलिस को उक्त कैम्प से जितनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्रियां हाथ लगी है, उनका उपयोग पुलिस दल को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने नक्सली योजना पर पानी फेर दिया। घटना की सफलता पर आईजी पुलिस विवेकानंद सिन्हा एवं पुलिस अधीक्षक कमलोचन कश्यप ने जवानों की हौसला अफजाई की।

  •  

  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बचेली, 23 जुलाई। दंतेवाड़ा विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती देवती कर्मा की तबीयत बिगडऩे के कारण उन्हे हेलीकाप्टर से रायपुर भेजा गया। अपोलो अस्पताल के प्रशासक डॉ. एसएम हक ने बताया कि विधायक को फू ड पाईजनिंग होने के कारण दंतेवाड़ा अस्पताल में इलाज के बाद 22 जुलाई, शनिवार की शाम करीब 7 बजे बचेली के एनएमडीसी अपोलो अस्पताल में लाया गया, जहॉ भर्ती किया गया। जहॉ पर उनका फूड पाइजनिंग ठीक हो गया। इसके बाद इन्हें ब्लड प्रेशर कम होने लगा। रविवार की सुबह तबीयत ज्यादा बिगडऩे लगी। जिसके बाद उन्हे बेहतर ईलाज के लिए रायपुर के रामकृष्ण अस्तपाल भेजा गया। बचेली परियोजना के ईडी अरूण कुमार शुक्ला, के मोहन सहित एनएमडीसी के अधिकारी अस्पताल पहुॅंचकर विधायक को देखने पहुॅंचे। डॉक्टर से उनके स्वास्थ्य के सबंध में जानकारी ली। 
    केन्द्रीय विघालय फुटबॉल मैदान में 23 जुलाई, रविवार को जगदलपुर से हैलीकाप्टर पहुॅचा। यहॉ से देवती कर्मा जगदलपुर भेजा गया। जगदलपुर से जिंदल के हेलीकाप्टर में उन्हें रायपुर भेजा गया। हेलीपैड पर दंतेवाड़ा कलेक्टर सौरभ कुमार, एसडीएम सुभाष राज, एनएमडीसी बचेली के अधिशासी निदेशक अरूण कुमार शुक्ला, उपमहाप्रबंधक के मोहन, सहायक महाप्रबंधक एमएस पूजा पांडा, एसएस शतपथी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विमल सुराना एवं कांग्रेसी कार्यकर्ता सहित बचेली किरंदुल के लोग मौके पर मौजूद रहे। विधायक के साथ में उनकी बेटी तुलिका कर्मा व पुत्र दीपक कर्मा, दंतेवाड़ा शासकीय अस्पताल एक डॉक्टर व एक नर्स गए। तबीयत बिगडऩे की सूचना मिलते ही स्थानीय कांग्रेसी कार्यकर्ता व बचेली किरंदुल के लोग अस्पताल पहुॅंचे। ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष सलीम रजा उस्मानी सहित सभी कार्यकर्ता रात भर अस्तपाल में रहे व उनके स्वास्थ्य में सुधार के लिए कामना की। विधायक को ले जाते वक्त हेलीपैड व मैदान के चारों ओर नगर निरीक्षक सौरभ सिंह अपने दल बल के साथ मौजूद रहे।

  •