राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : फंड की कमी से जूझ रही जोगी पार्टी

Posted Date : 01-Jan-2018

पूर्व सीएम अजीत जोगी हेलीकॉप्टर से प्रदेश का दौरा कर रहे हैं। वे गुरू घासीदास जयंती समारोह में शिरकत कर रहे हैं। चर्चा है कि वे 19 दिसम्बर से ही दौरे की शुरूआत करना चाहते थे। लेकिन हेलीकॉप्टर के लिए पैसे का जुगाड़ देरी से हुआ। इस कारण 27 तारीख से ही यात्रा शुरू हो पाई। जोगी  पार्टी फंड की समस्या से जूझ रही है। मंदी की मार झेल रहे उद्योगपति-व्यापारियों ने पहले ही मदद से हाथ खड़े कर दिए हैं। 
सुनते हैं कि पार्टी के रणनीतिकारों ने टिकट के दावेदारों से सहयोग राशि लेकर फंड की कमी दूर करने की योजना बनाई थी। यह योजना भी अपेक्षाकृत सफल नहीं हो पाई। करीब आधा दर्जन जिलों की विधानसभा सीटों के दावेदारों से ले देकर 4 लाख का ही जुगाड़ हो पाया। पैसे की कमी के चलते ही पार्टी की जनाधिकार यात्रा भी 35 विधानसभाओं तक ही सीमित रही। अब नए साल में विधानसभा के चुनाव हैं। ऐसे में पार्टी के कुछ लोग फंड की कमी से प्रचार अभियान प्रभावित होने की आशंका भी जता रहे हैं। हालांकि कई लोग मानते हैं कि चुनाव के नजदीक आते ही जोगी पार्टी में फंड की दिक्कत दूर हो जाएगी। क्योंकि वे ज्यादातर सीटों में त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति पैदा कर सकते हैं, और जिस पार्टी को भी ज्यादा नुकसान की आशंका होगी, वह स्वाभाविक रूप से जोगी पार्टी की मदद करेगा।
आधी आबादी को राहत
छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले कुछ दिनों में दसियों लाख ऐसे एसटी-एससी लोगों को फायदा देने का फैसला लिया है जो कि अपनी जाति के नाम के हिज्जे अलग-अलग होने, या उच्चारण अलग-अलग होने की वजह से जाति प्रमाणपत्र नहीं पा रहे थे, और आरक्षण की कोई सहूलियतें उन्हें नहीं मिल पा रही थीं। दरअसल दलित-आदिवासी तबकों का इतिहास भी किसी ने अच्छी तरह दर्ज किया नहीं है। इतिहास तो शासकों का दर्ज होता है, जीतने वालों का दर्ज होता है। दबे-कुचले लोगों का इतिहास दर्ज होता नहीं। ऐसे में पहली बार छत्तीसगढ़ सरकार ने उदारता से इन जातियों के सभी तरह के प्रचलित नामों को आरक्षण की लिस्ट में शामिल करके इनके लिए एक बड़ा फैसला किया है। हालांकि इन तबकों के बाहर के लोगों में से कम लोगों को ही इसका कोई महत्व समझ आया है, लेकिन सरकार में फैसला लेने वाली सीएम के करीबी अफसरों ने जिस दिन पहली लिस्ट आई, उस दिन उसकी कामयाबी पर एक पार्टी भी रखी थी, बहुत ही गिनेचुने लोगों की। उस दिन की लिस्ट हिज्जों वाली थी, और कल आई लिस्ट उच्चारण वाली है। यह साल जाते-जाते छत्तीसगढ़ की आबादी के आधे हिस्से के लिए एक बड़ी राहत देकर जा रहा है।
दुबई में छुट्टियां मना रहे देवव्रत
पूर्व सांसद देवव्रत सिंह के कांग्रेस छोडऩे के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मची हुई है। कांग्रेस के कई नेता उन्हें मनाने में जुटे हैं, तो भाजपा और जोगी पार्टी के लोग अपने साथ मिलाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन देवव्रत ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है। वे अपने परिवार के साथ दुबई में नए साल की छुट्टियां मना रहे हैं। कुछ लोग पूर्व सीएम अजीत जोगी से नजदीकियों के चलते उनके जोगी पार्टी में जाने की बात कह रहे हैं, तो कई भाजपा में भी जाने की अटकलें लगा रहे हैं। सुनते हैं कि देवव्रत भाजपा के प्रभावशाली लोगों के संपर्क में भी हंै। वे सात तारीख को दिल्ली लौटेंगे। इसके बाद ही आगे का भविष्य तय करेंगे। 


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