राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : हिरासती का खाना साढ़े 12 रुपये का

Posted Date : 03-Jan-2018

पुलिस के बहुत सारे नियम-कायदे अंगे्रजों के समय से चले आ रहे हैं, और उनमें कोई फेरबदल हुआ भी है तो वह बड़ा मामूली सा है। अब थाने की हिरासत में रखे गए किसी आदमी या औरत को खाना खिलाने के लिए एक वक्त का साढ़े 12 रुपये का रेट जाने कबसे चले आ रहा है। साढ़े 12 रुपये में जितना खाना आता है, अगर उतना दिखा दिया जाए, तो मानवाधिकार आयोग इस पर नोटिस जारी कर दे। लेकिन यह रेट जाने कबसे बढ़ा नहीं है। पुलिस कर्मचारियों को जो वर्दी मिलती है, उसके मोजे दो साल तक चलाने का नियम है। अब दिन में 12 घंटे से अधिक पांवों पर चढ़ा हुआ, और चमड़े के जूतों के भीतर दबा हुआ मोजा किस तरह दो साल साथ दे सकता है, यह कोई सुझा नहीं सकते।
 जब पुलिसकर्मी रिटायर होते हैं, तो उनके लिए यह नियम है कि वे पुलिस से मिले हुए सारे सामान, जिनमें जूते-मोजे और वर्दी भी हैं, उन सबको लौटाए। पुराने कपड़े-मोजे भी अगर नहीं लौटाए गए, तो उसमें कड़ी सजा का इंतजाम है। पुलिस को आज भी 25 रुपये महीने साइकिल भत्ता मिलता है, यह अलग बात है कि आज साइकिल पर किसी का भी काम चलता नहीं है। नतीजा यह होता है कि शुरू से ही पुलिस को दूसरों से मुफ्त में काम करवाने या वसूली करने का बढ़ावा दे दिया जाता है। 

बिना समानता स्मार्ट सिटी नहीं
राजधानी रायपुर को स्मार्ट सिटी बनाने पर केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार तक, और स्थानीय म्युनिसिपल तक तमाम लोग आमादा हैं। करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, और स्मार्ट बनने की इस कोशिश में सैकड़ों करोड़ खर्च हो जाएंगे, सिटी स्मार्ट बन पाएगी या नहीं, यह तो वक्त बताएगा। जिस तरह पूरे छत्तीसगढ़ में, और हो सकता है कि बाकी देश में भी, खुले में शौचमुक्त गांव-शहर का दर्जा पाने के लिए परले दर्जे की बेईमानी की गई है, और झूठे आंकड़ों से, अद्र्धसत्य से यह दर्जा पा लिया गया, यह एक अलग बात है कि लोग खुले में बैठ ही रहे हैं। 
अभी स्मार्ट सिटी का दर्जा पाने के लिए चारों तरफ रंग-बिरंगे डिब्बे टांगकर लोगों से उम्मीद की जा रही है कि वे कचरा इनमें डालेंगे। लेकिन डिब्बों से अगर जागरूकता आई होती, तो फिर कारखाने ही संसद हो गए रहते, और उन्हें बनाने वाली मशीनें लोकतंत्र बन जातीं। जनता में जागरूकता आए बिना खर्च नाली में बह जाता है। अभी इस शहर को देखें तो यही समझ आता है कि लोग नाले-नालियों में उतरकर बदबूदार और खतरनाक कचरा साफ करने वाले कर्मचारियों को सफाईवाला नहीं समझते, कचरेवाला समझते हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि कचरा पैदा करने की ताकत रखने वाले संपन्न तबके का कोई वास्ता सफाई करने वाले विपन्न तबके के लोगों से नहीं पड़ता। इसलिए गटर और नाले में उतरकर भयानक हालात में जानलेवा काम करने वालों की कोई इज्जत बाकी समाज में नहीं है, और इसीलिए कचरा फैलाने और नालियां जाम कर देने से किसी को परहेज नहीं है। एक ऐसा समाज जिसमें नालियां साफ करने वाले कुचले लोगों के हक के लिए बाकी लोगों के मन में जागरूकता हो, वहीं पर कचरा कम हो सकता है, जहां पर उनके दुख-दर्द से लोगों का वास्ता न हो, वहां पर नालियां कचरे से पटी ही रहेंगी। स्मार्ट सिटी महज खर्च से नहीं बन सकती, उसके लिए जनता में जागरूकता और जिम्मेदारी का अहसास जरूरी है। 
जिस तरह अमरीकी राष्ट्रपति भवन में बराक ओबामा इमारत के भीतर सफाई करते कर्मचारी का कंधा थपथपाकर उससे दोस्ताना कायम करते हैं, उस तरह का बराबरी का दर्जा जब तक हिंदुस्तानी समाज में सफाई करने वालों के लिए बाकी लोगों के मन में नहीं रहेगा, तब तक सफाई की जरूरत इन लोगों को महसूस नहीं होगी। स्मार्ट सिटी के लिए प्लास्टिक के डिब्बे काफी नहीं होंगे, एक स्मार्ट समानता की सोच जरूरी होगी।


भाजपा मंत्री, और भाजपा पदाधिकारी
प्रदेश के श्रम खेल एवं युवा कल्याण मंत्री के सामने सरगुजा के चिरमिरी में मंच पर भाजपा के मंडल अध्यक्ष मंच पर नीचे पैर लटकाकर बैठे रहे। वहीं कांग्रेस पदाधिकारियों से घिरे मंत्रीजी को इसमें कुछ अटपटा नहीं लगा। मंडल अध्यक्ष की उपेक्षा से नाराज कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया में फोटो पोस्ट कर अपनी नाराजगी व्यक्त की। एक बार फिर प्रदेश के श्रम मंत्री के मंच पर ऐसा नजारा देखने को मिला जिससे कि पार्टी के पदाधिकारियों ने इसे पार्टी पदाधिकारी का अपमान करार दे रहे हैं। 
दरअसल, कोरिया जिले के चिरमिरी में बहुरूपिया प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था जहां मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के श्रम खेल एवं युवा कल्याण मंत्री भईया लाल राजवाड़े अन्य अतिथियों के साथ पहुंचे। सोशल मीडिया में वायरल तस्वीर में मंत्रीजी के दाएं तरफ कांग्रेस की जिला अध्यक्ष प्रभा पटेल और बाएं तरफ भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा, उनके पास कांग्रेस के विधि प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष रमेश सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष तीरथ गुप्ता, भाजपा विधायक श्याम बिहारी जायसवाल सहित कई आमंत्रित अतिथि मंच पर दिखाई दे रहे हैं। भाजपा मण्डल अध्यक्ष सुरेन्द्र चक्रघारी मंच पर बिराजे अतिथियों के सामने फर्श पर ही पैर लटकाकर बैठ गए। 
इस तरह की फोटो भाजपा कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया में वायरल करते हुए सवाल भी खड़े किए कि भाजपा सरकार के मंत्री मंच पर हैं और उनकी ही पार्टी के एक प्रमुख पदाधिकारी मंच के फर्श पर अकेले पैर लटकाकर बैठे हंै।   rajpathjanpath@gmail.com


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