राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : कांगे्रस में अब विनोद वर्मा का क्या?

Posted Date : 09-Jan-2018

विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग समितियों की जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष धनेन्द्र साहू को तो सबसे ज्यादा पांच समितियों में रखा गया है, लेकिन उन्हें फिलहाल स्वतंत्र रूप से किसी समिति का मुखिया नहीं बनाया गया। सुनते हैं कि जल्द ही दोनों ही नेताओं को अहम दायित्व दिया जा सकता है। सरकार के खिलाफ आरोप पत्र तैयार करने के लिए समिति का गठन होना बाकी है। समिति  प्रमुख की जिम्मेदारी अकबर को दी जा सकती है, क्योंकि वे ही सबसे ज्यादा तथ्य और आंकड़ों के साथ सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ते आए हैं। धनेन्द्र को भी पार्टी के सामने आगे अगर किसी तरह की विपरीत परिस्थितियां आती हैं, तो अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है।
दूसरी तरफ कांगे्रस के भीतर और बाहर एक सवाल यह उठ रहा है कि सेक्स-सीडी कांड में गिरफ्तार किए गए पत्रकार-राजनीतिक प्रशिक्षक विनोद वर्मा की अब पार्टी में क्या भूमिका होगी? वे अभी तक अपनी खुद की घोषणा के मुताबिक पार्टी का सोशल मीडिया का काम देख रहे थे, और पार्टी के लोगों को सोशल मीडिया इस्तेमाल का प्रशिक्षण भी दे रहे थे। उनकी गिरफ्तारी को कांगे्रस को नाजायज साजिश करार दिया है। तो अब ऐसे में विनोद वर्मा आगे कांगे्रस का काम जारी रखेंगे, या कांगे्रस ने अपने काम के लिए उनसे किनारा कर लिया है?


बीवी को ईश्वर मानकर चुप रहें..
सुबह घूमने निकले हुए जोड़ों की बातचीत दिलचस्प रहती है। राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव पर चलते-चलते तालाब के किनारे बैठ गए जोड़े की बातचीत किसी को सुनने मिली जिसे चलते-चलते जूते के फीते बांधने के लिए रूकना पड़ा। बीवी ऊनी कपड़ों से लदे हुए अपने पति को एक ऐसे आदमी को दिखा रही थी जो कि हाफपैंट और टी-शर्ट में बिना किसी गर्म कपड़े तेजी से चल रहा था। कहा- देखो औरों को तुम्हारे जैसी ठंड नहीं लगती है, तुम्हीं को ठंड पकड़े हुए है।
आदमी ने जवाब दिया- मैं हमेशा से पूरे कपड़े पहनते रहा हूं। 
बीवी ने कहा- पैदा हुए थे, तब भी क्या पूरे कपड़े पहनकर ही आए थे?
नतीजा : दिन की शुरूआत बहस से नहीं करनी चाहिए, और खासकर बीवी से बहस में नहीं उलझना चाहिए। जिन लोगों को यह बात समझ नहीं आती है, उन्हें इस तस्वीर को देखना चाहिए जो कि किसी समझदार आटो वाले ने अपनी समझदारी के सुबूत की तरह सामने रखी है।   rajpathjanpath@gmail.com


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