राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : विवेक ढांड को घर के बगल का दफ्तर

Posted Date : 11-Jan-2018

मुख्य सचिव विवेक ढांड के अचानक इस्तीफे और तुरंत ही रेरा के चेयरमैन बनने से प्रशासन और मीडिया दोनों हक्का-बक्का रह गए हैं। लोग अटकलें लगा रहे थे कि मार्च तक के कार्यकाल के बाद उन्हें एक्सटेंशन मिल सकता है, और वे किसी तरह चुनाव तक मुख्य सचिव बने रह सकते हैं। लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कई फैसले इसी तेजी और झटके से करने के आदी रहे हैं, मीठे फैसले भी, और कड़वे फैसले भी। विश्व रंजन को डीजीपी की कुर्सी से हटाने, समय के पहले जॉय ओमेन को मुख्य सचिव के पद से हटाने के फैसले कुछ इसी किस्म के थे। विवेक ढांड के बारे में कल तक सबको यह पता था कि वे मुख्यमंत्री के साथ विदेश प्रवास पर जा रहे हैं, लेकिन वे कुल नया रायपुर से पुराने रायपुर के प्रवास पर आ गए। मुख्य सचिव के दफ्तर से रेरा के दफ्तर तक।
वैसे उन्होंने मुख्य सचिव का सरकारी बंगला खाली करना कई दिन पहले ही तय कर लिया था। पुराने पुलिस मुख्यालय से लगा उनके पिता का घर बहुत बड़े अहाते का है, और वहां पुराने घर से अलग एक नया घर भी पिता ने उनके लिए पहले से बना लिया था। अब पिछलेे कुछ हफ्तों से वे जिस तरह इस घर में रहने की तैयारी में लगे थे, उससे जाहिर था कि उन्हें खुद तो यह अंदाज था ही कि वे लंबे समय तक मुख्य सचिव निवास में नहीं रहेंगे। अब उनका निजी घर और रेरा का नया दफ्तर एक किलोमीटर के दायरे में ही हो जाएगा। दूसरी तरफ नए मुख्य सचिव बन रहे अजय सिंह को भी अपने मौजूदा घर से मुख्य सचिव निवास जाने के लिए बस सड़क पार करनी होगी, और आधा किलोमीटर चलना होगा।
विवेक ढांड की जिंदगी का बहुत बड़ा हिस्सा कुल दो वर्गकिलोमीटर के दायरे में गुजरा और गुजरने जा रहा है। घर, होलीक्रॉस बैरनबाजार स्कूल, छत्तीसगढ़ क्लब, डीकेएस भवन, मुख्य सचिव निवास, और अब रेरा का दफ्तर, सब कुछ दो किलोमीटर के घेरे में। उनके सबसे करीबी दोस्त भी इस दायरे के भीतर ही रहते हैं, बाकी बातों के साथ-साथ पेट्रोल और सड़क पर लोड भी बचेगा।

सभी 90 सीटों पर लड़ेगी आप
दिल्ली में परंपरागत दो बड़ी पार्टियों, कांगे्रस और भाजपा, को निपटाकर आम आदमी पार्टी के अरविन्द केजरीवाल ने एक अलग चुनावी इतिहास रचा था। उसके बाद से किसी भी नए नेता या नई पार्टी को बिना मौका दिए खारिज कर देना समझदारी की बात नहीं कही जाती। अब छत्तीसगढ़ में आप सभी 90 सीटों पर चुनाव लडऩे की तैयारी कर रही है, और यह पूरा महीना हर बूथ तक उसके कार्यकर्ता पहुंचने वाले हैं। इसके अलावा मार्च में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप का चेहरा, अरविन्द केजरीवाल रायपुर आने वाले हैं। नतीजा यह है कि प्रदेश की बहुत सी सीटों पर इस पार्टी के उम्मीदवार जीत और हार की लीड से खासे अधिक वोट पाकर संतुलन तो बिगाड़ ही सकते हैं, कुछ या कई सीटों पर जीत भी जाएं, तो भी लोगों को हैरान नहीं होना चाहिए। जिस तरह आईआईटी से निकले और इनकम टैक्स में बड़े अफसर रहे अरविन्द केजरीवाल ने राजनीति में एक करिश्मा कर दिखाया, उसी तरह छत्तीसगढ़ में राजनीति से दूर रहते आए एक कृषि वैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. संकेत ठाकुर बिना किसी बुरे इतिहास के मैदान में डटे हुए हैं, और हो सकता है कि जनता का कुछ भले उम्मीदवारों पर भरोसा भी हो जाए। (rajpathjanpath@gmail.com)


Related Post

Comments