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Posted Date : 25-Jul-2017
  • महाराष्ट्र के विदर्भ में एक गांव में ग्राम आर्ट प्रोजेक्ट के तहत एक किसान-पुत्री अदिति भट्टर ने कला के माध्यम से ज्वलंत सामाजिक मुद्दों की तरफ ध्यान खींचने का काम किया है। भारत में किसानों की लगातार आत्महत्या की तरफ ध्यान खींचने के लिए उसने एक आंकड़ा धूप से अपनी पीठ पर गुदवा लिया है। भारत में 1995 से 2015 के बीच 3,22,028 किसानों ने आत्महत्या की उसने यह आंकड़ा अपनी पीठ पर धूप से झुलसाकर इस तरह प्रस्तुत किया है। दिल्ली की एक कलादीर्घा में हुए इस प्रदर्शन के दौरान उसने अपने कला-आंदोलन के तहत ऐसे पोस्टकार्ड भी लोगों को उपलब्ध कराए जिन पर टिकट लगी हुई है, और उन किसानों के नाम लिखे हुए हैं जिन्होंने पिछले दो बरस में विदर्भ के वर्धा जिले में आत्महत्या की हैं। उसके इस आयोजन में आए लोग ऐसे पोस्टकार्ड लेकर उन्हें किसी का पता लिखकर पोस्ट भी कर सकते हैं। मृत किसानों के नाम के साथ पोस्टकार्ड पर एक देशी बीज भी चिपकाया गया है।

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Posted Date : 24-Jul-2017

Posted Date : 24-Jul-2017
  • ये टिड्डे आम की तरह हर मौसम नहीं मिलते। ये मौसम इनके अनुकूल है, कई रंगों में समाहित ग्रासहॉपर प्रकृति की खूबसूरत रचना में एक है। ये बारिश के मौसम में दिखाई देते हैं। पौधों के पत्ते इनका मुख्य आहार है। ये जिन पत्तों पर बैठते हैं उन्हें समाप्त कर देते हैं। इनकी आवाज में एक अलग सी मिठास है जिसे महसूस करना पड़ता है। चूँकि ये मौसम इनका है इसलिए सेक्स की प्रक्रिया भी ये इन्ही दिनों करते हैं जिसमें 45 मिनट से लेकर पूरा एक दिन लगता है। इन टिड्डों में नर और मादा की पहचान आसानी से की जा सकती है।
    सत्यप्रकाश पाण्डेय, फोटोजर्नलिस्ट, बिलासपुर

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Posted Date : 24-Jul-2017
  • नवापारा-राजिम। कुलेश्वर मंदिर आज सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रही। इस दौरान दूसरे इलाकों से जल लेकर कांवरियों का आना जारी था। कुछ दिन पहले बारिश के कारण मंदिर चारों तरफ पानी से घिर चुका था, लेकिन इस सोमवार संगम सूखा रहा। जलाभिषेक के लिए लाईन में लगे श्रद्धालु इस दौरान सेल्फी लेने से भी नहीं चूके।

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Posted Date : 24-Jul-2017

Posted Date : 23-Jul-2017

Posted Date : 23-Jul-2017
  • बच्चे-बड़ों ने गेड़ी चढ़कर त्यौहार का आनंद उठाया
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 23 जुलाई। प्रदेश में हरेली का त्यौहार धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान किसानों ने अपने घरों में कृषि यंत्रों एवं खेतों में धान फसल की पूजा की। बच्चे-बड़ों ने गेड़ी चढ़कर त्यौहार का आनंद उठाया। कई सामाजिक संगठनों ने खाली जगहों पर वृक्षारोपण कर अपने घरों के आसपास हरियाली बनाए रखने का संदेश दिया। 
    प्रदेश में करीब साढ़े 36 लाख हेक्टेयर में धान की बोनी की जा रही है। किसान सुबह से शाम तक खेतों में मेहनत कर अच्छी फसल की उम्मीद कर रहे हैं। त्यौहार पर आज उन सभी ने हल समेत अपने सभी कृषि यंत्रों की सफाई के बाद उसकी पूजा-अर्चना की। घरों-आसपास मिठाईयां भी बांटी। गांव में बच्चे से लेकर बड़ों ने गेड़ी चढ़कर दिनभर त्यौहार का आनंद उठाया। कई गांवों में कबड्डी, क्रिकेट व अन्य खेल स्पर्धा भी आयोजित की गई। 
    कई सामाजिक संगठनों व गांव वालों ने खाली जमीन पर पेड़-पौधे लगाकर अपने एवं आसपास की जगहों को हरा-भरा बनाए रखने का संदेश दिया। किसानों-गांव वालों का कहना है कि खेती-किसानी करने वालों के लिए यह त्यौहार महत्वपूर्ण है। वे सभी इस त्यौहार को धूमधाम के साथ मनाते हुए अच्छी पैदावार के लिए पूजा करते हैं।

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Posted Date : 23-Jul-2017
  • आज रविवार को हरेली है इस दिन किसान खेती से निवृत्त होकर अपने हल और औजारों को धोकर पूजा अर्चना करता था। गांव की गलियां कीचड़ से भर जाती थीं लिहाजा बच्चों के पैरों में गेडिय़ां आ जाती थीं। लेकिन मौसम की मार और विकास की चमक से  यह सब दूर हो गया। बारिश समय पर नहीं तो कहीं भारी बारिश से फसल बह जा रहे हैं। वहीं गांव की गलियां अब सीमेंट की हो गई हैं। लिहाजा परंपरा के नाम पर पूडा-अर्चना के बाद हल बैल फिर खेतों में आ जाते हैं।  दो सालों से सूखा झेल रहे पिथौरा अंचल में जमकर बारिश हुई। लिहाजा छोटे किसान इन दिनों किसान बियासी में लगे हुए हैं।  पिथौरा के दैनिक छत्तीसगढ़ के नियमित पाठक चरनदीप अजमानी ने हमें यह तस्वीर भेजी है।

     

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Posted Date : 23-Jul-2017

Posted Date : 23-Jul-2017
  • चीन में दो दिन पहले एक हवाई प्रदर्शन में बराबरी से उड़ते हुए दो विमानों के ऊपर इंसान इस तरह की कलाबाजी दिखा रहे हैं। यह एयर शो तरह-तरह की दुस्साहसी उड़ानों से भरा हुआ रहा। 

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Posted Date : 20-Jul-2017
  • जरा सी दिखने वाली चींटियों में कितनी ताकत होती है यह देखना हो तो इन तस्वीरों में वह साबित होता है। इंडोनेशिया में फोटोग्राफर इको आदियंतो ने अपने घर के बगीचे में चींटियों का यह खेल देखा। बुनकर चींटी कही जाने वाली यह चींटी करीब 5 ग्राम वजन की होती है, लेकिन वह 200 ग्राम तक के वजन के कीड़े को इस तरह उठाकर ले जा रही है। इनके बारे में विज्ञान बताता है कि ये अपने वजन से सौ गुना तक उठा सकती हैं। इतनी निजी ताकत के अलावा ये चींटियां एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने के लिए भी जानी जाती हैं और मिलकर ढोना भी करती हैं। इंसान अगर अपने बदन के वजन के मुकाबले इतनी ताकत रखते तो वे साढ़े 4 टन तक का वजन उठा पाते जो कि तीन कारों जितना होता।

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Posted Date : 14-Jul-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    रायपुर, 14 जुलाई। अच्छी बारिश के अभाव में प्रदेश में खेती पिछडऩे लगी है। बारिश नहीं होने से खेत सूखने लगे हैं और समय पर धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। किसानों का कहना है कि आगामी कुछ दिनों में झमाझम बारिश नहीं होने से धान की बोनी-रोपाई प्रभावित हो सकती है। 
    प्रदेश में करीब साढ़े 36 लाख हेक्टेयर में धान बोनी का लक्ष्य रखा गया है। करीब 35 फीसदी खेतों में धान की बोनी पूरी हो चुकी है।  वहां अंकुरण के साथ धान के पौधे तैयार हो रहे हैं। किसान बाकी खेतों की बोनी की तैयारी में लगे हैं, लेकिन अच्छी बारिश नहीं होने से वे सभी परेशान हैं। आगामी कुछ दिनों में दोबारा बोनी की नौबत भी आ सकती है।  
    किसानों का कहना है कि करीब आठ-दस दिनों से प्रदेश में अच्छी बारिश नहीं हुई है। अधिकांश खेत सूख गए हैं। अंकुरित धान बीज सूख कर नष्ट होने की स्थिति में हैं। धान के  छोटे पौधे मुरझाने लगे हैं। वे धान की रोपाई करना चाहते हैं, पर उनके खेतों में पानी नहीं हैं। कई किसान तालाब-डबरी के आसपास थरहा को रखकर उसे मुरझाने से बचाने में लगे हैं। वहीं हजारों किसान बाकी खेतों की बोनी का इंतजार कर  रहे हैं। 

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Posted Date : 12-Jul-2017
  • सावन  का दूसरा सोमवार

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Posted Date : 08-Nov-2016
  • कोलंबो !  कप्तान अभिषेक शर्मा (4 विकेट) की शानदार गेंदबाजी की बदौलत भारत ने अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में शुक्रवार को मेजबान श्रीलंका को 34 रनों से मात देते हुए खिताब पर कब्जा जमा लिया। आर.प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए इस मैच में भारत ने श्रीलंका के सामने 274 रनों का लक्ष्य रखा था। श्रीलंका की टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई और 48.4 ओवरों में 239 रनों पर ढेर हो गई।

    भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए हिमांशु राणा (71) और शुभम गिल (70) की बेहतरीन पारियों की मदद से निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट के नुकसान पर 273 रन बनाए थे।

    इसके बाद कप्तान की आगुआई में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन कर जीत हासिल की। अभिषेक के अलावा राहुल चाहर ने तीन और यश ठाकुर ने एक विकेट लिया। अभिषेक को मैन ऑफ द मैच चुना गया और राणा को प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब मिला।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका को मनचाही शुरुआत नहीं मिली। ठाकुर ने विश्वा चतुरंगा (13) को 27 के कुल योग पर आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई। दूसरे छोर पर रेवेन केली (62) लगातार रन बना रहे थे। उन्हें हसिथा बोयागोदा (37) का साथ मिला और दोनों ने मिलकर टीम का स्कोर 105 पहुंचा दिया।

    दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 78 रन की साझेदारी की। बोयागोदा को अभिषेक ने अपना पहला शिकार बनाया। केली ने तीसरे विकेट के लिए कामिंडु मेंडिस के साथ मिलकर 53 रन जोड़ लिए थे लेकिन अभिषेक ने केली को पवेलियन भेज इस साझेदारी की अंत किया। केली का विकेट 158 के कुल स्कोर पर गिरा।

    मेंडिस को भी अभिषेक ने अपना तीसरा शिकार बनाया और मेजबानों को बैकफुट पर धकेल दिया। यहां से श्रीलंका की टीम संभल नहीं पाई लगातार अंतराल पर विकेट गंवाती रही। 225 के कुल स्कोर पर उसने अपने तीन विकेट गंवाए।

    ठाकुर ने प्रवीण जयाविकरामा को रन आउट कर श्रीलंका की पारी को समेटा।

    इससे पहले भारत के शीर्ष क्रम ने इस मैच में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन मध्यक्रम और निचला क्रम अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा सका।

    राणा के साथ पारी की शुरुआत करने आए पृथ्वी शॉ (39) ने भारत को अच्छी शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 67 रन जोड़े। शॉ को जयाविकरमा ने पवेलियन भेजा। भारत के रन बटोरने का सिलसिला यहां नहीं रुका।

    राणा ने इसके बाद शुभम के साथ पारी को आगे बढ़ाया और तीसरे विकेट के लिए 88 रन जोड़ते हुए बड़े स्कोर की नीव रखी। जयाविकरमा ने एक बार फिर अपनी टीम को सफलता दिलाई और राणा को पवेलियन भेजा। राणा ने 79 गेंदों में छह चौके और एक छक्का लगाया। वह 155 के कुल स्कोर पर पवेलियन लौटे।

    कप्तान अभिषेक (29) ने शुभम का साथ दिया और टीम का स्कोर 200 के पार ले गाए। लेकिन 209 के कुल स्कोर पर कप्तान पवेलियन लौट गए। जयाविकरमा ने 224 के कुल स्कोर पर शुभम को आउट कर भारत को बड़ा झटका दिया।

    उनके जाने के बाद भारतीय टीम लड़खड़ा गई और 245 रनों तक उसने अपने सात विकेट गंवा दिए। कमलेश नागरकोटी ने अंतिम ओवरों में 14 गेंदों में 23 रन की पारी खेल टीम को 273 के स्कोर तक पहुंचाया।

    श्रीलंका की तरफ से जयाविकरमा और निपुन रनसिका ने तीन-तीन विकेट लिए। थिसारू रासमिका के हिस्से एक विकेट आया।

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