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Posted Date : 28-Jul-2017
  • जिस गरीब को कुष्ठ रोग देकर ईश्वर उसके हाथ-पैर भी छीन लेता है, उसी के भीख मांगते वक्त वह बारिश करके उसे भिगा भी देता है ताकि तकलीफ से कहीं कोई आराम न मिल जाए। अब इसके बाद बाकी का दिन भीगे हुए भीख मांगने का है। 
    तस्वीर  / छत्तीसगढ़

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Posted Date : 28-Jul-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 28 जुलाई। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अन्तरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में शुक्रवार को आयोजित धरसींवा विकासखंड स्तरीय नेहरू हॉकी बालक वर्ग अंडर 15 में रविशंकर विवि परिसर स्थित शासकीय स्कूल की टीम का मुकाबला राजकुमार कॉलेज से हुआ।
    आरकेसी की टीम की तुलना में कद काठी में छोटे खिलाडिय़ों ने आरकेसी को 3-0 से करारी हार दी। विजेता टीम का दूसरा मुकाबला डुमरतरई स्कूल की टीम से हुआ जिसमें एक बार फिर रविवि शासकीय स्कूल के खिलाडिय़ों ने प्रतिद्वंदी टीम को 2-0 से शिकस्त दी। ज्ञात हो कि शासकीय स्कूल के ज्यादातर खिलाड़ी कुकरबेड़ा से हैं और ये सुबह-शाम एस्ट्रोटर्फ मैदान में जमकर अभ्यास करते हैं।

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Posted Date : 27-Jul-2017
  • रायपुर शहर के शास्त्री व अन्य बाजारों में मशरूम की मांग बढऩे लगी है। लोग उसे 12 सौ रुपये किलो की दर से खरीद रहे हैं। उनका मनना है कि साल में एक-दो बार बारिश में आने वाले मशरूम को खाना चाहिए। यह पौष्टिक तत्वों से भरपूर रहता है और उससे कई बीमारियां दूर होती हैं। तस्वीर / छत्तीसगढ़

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Posted Date : 27-Jul-2017
  • प्रथम विश्व युद्ध के एक सैनिक की यह प्रतिमा एक कलाकार ने लंदन के बीच ट्रैफलगर स्क्वैयर पर बनाई है। यह उस युद्ध की एक लड़ाई के सौ बरस पूरे होने के मौके पर रेत और मिट्टी से बनाई गई है। बेल्जियम के कलाकार ने इसे ऐसा बनाया है कि इस पर बरसाए जा रहे पानी से यह चार दिनों में पूरी तरह घुलकर खत्म हो जाएगी।

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Posted Date : 27-Jul-2017
  • रामेश्वरम, 27 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की दूसरी पुण्यतिथि पर तमिलनाडु के रामेश्वरम में एपीजे अब्दुल कलाम स्मारक का उद्घाटन किया। साथ ही प्रधानमंत्री ने कुछ और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। पीएमओ की तरफ से जारी बयान में कहा गया था कि कि प्रधानमंत्री स्मारक पर राष्ट्रीय ध्वज भी फहराएंगे। इस स्मारक का निर्माण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने किया है। मोदी ने स्मारक में कलाम की एक मूर्ति का अनावरण किया और फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। 
    इस मौके पर पीएम ने पूर्व राष्ट्रपति के परिवार के सदस्यों से भी बातचीत की। प्रधानमंत्री ने कलाम संदेश वाहिनी प्रदर्शनी बस को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जो देश के विभिन्न राज्यों की यात्रा करेगी। बस 15 अक्टूबर को पूर्व राष्ट्रपति की जयंती पर राष्ट्रपति भवन पहुंचेगी। 
    इसके बाद मोदी एक जनसभा के लिए मंडपम् जाएंगे। वह नीली क्रांति योजना के तहत लाभार्थियों को नौकाएं देने के मंजूरी पत्र भी वितरित करेंगे और विडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अयोध्या से रामेश्वरम तक नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी भी दिखाएंगे। बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री हरित रामेश्वरम परियोजना की रुपरेखा भी जारी करेंगे। वह मुकुंदारायर चथिरम और अरिचालमुनई के बीच एनएच 57 पर 9.5 किलोमीटर लिंक रोड का शिलान्यास करेंगे।  (नवभारत टाईम्स)

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Posted Date : 26-Jul-2017

Posted Date : 26-Jul-2017

Posted Date : 26-Jul-2017
  • जो लुकास नाम की 67 बरस की इकोलॉजी की वैज्ञानिक पिछले 40 बरस से कनाडा के पास समंदर में दूर सबसे अलग-थलग बसे टापू में अकेले रहती है। इस टापू पर बसे हुए बाकी लोग, 400 घोड़े हैं, 3 लाख समुद्री सील मछलियां हैं, और 350 प्रजातियों के पंछी हैं। लेकिन इनसे परे कोई दूसरा इंसान इस टापू पर नहीं है और यहां वैज्ञानिक अध्ययन करते हुए यह महिला युवती सेे अब बुजुर्ग हो चुकी है। वह पहली बार यहां 21 बरस की उम्र में पहुंची थी और फिर वह यहीं की होकर रह गई। यह टापू, सेबल आईलैंड, दुनिया में सबसे अलग-थलग बसा हुआ है। और जो को अपने जरूरत के सामान हर हफ्ते किसी बोट से पहुंच जाते हैं। वह पूरे वक्त वैज्ञानिक अध्ययन करती रहती है, और इस दौरान वहां गुजर जाने वाले घोड़ों की खोपडिय़ां भी वह इक_ी करती चलती हैं ताकि बाद में कोई उनका अध्ययन कर सके। करीब 26 मील लंबे और एक मील से कम चौड़े इस टापू से सबसे करीबी आबादी 190 मील दूर है। उसका काम इस टापू के मित्रों के नाम पर बने एक संगठन को लोगों की तरफ से मिले दान से चलता है। 

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Posted Date : 25-Jul-2017

Posted Date : 25-Jul-2017
  • महाराष्ट्र के विदर्भ में एक गांव में ग्राम आर्ट प्रोजेक्ट के तहत एक किसान-पुत्री अदिति भट्टर ने कला के माध्यम से ज्वलंत सामाजिक मुद्दों की तरफ ध्यान खींचने का काम किया है। भारत में किसानों की लगातार आत्महत्या की तरफ ध्यान खींचने के लिए उसने एक आंकड़ा धूप से अपनी पीठ पर गुदवा लिया है। भारत में 1995 से 2015 के बीच 3,22,028 किसानों ने आत्महत्या की उसने यह आंकड़ा अपनी पीठ पर धूप से झुलसाकर इस तरह प्रस्तुत किया है। दिल्ली की एक कलादीर्घा में हुए इस प्रदर्शन के दौरान उसने अपने कला-आंदोलन के तहत ऐसे पोस्टकार्ड भी लोगों को उपलब्ध कराए जिन पर टिकट लगी हुई है, और उन किसानों के नाम लिखे हुए हैं जिन्होंने पिछले दो बरस में विदर्भ के वर्धा जिले में आत्महत्या की हैं। उसके इस आयोजन में आए लोग ऐसे पोस्टकार्ड लेकर उन्हें किसी का पता लिखकर पोस्ट भी कर सकते हैं। मृत किसानों के नाम के साथ पोस्टकार्ड पर एक देशी बीज भी चिपकाया गया है।

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Posted Date : 24-Jul-2017

Posted Date : 24-Jul-2017
  • ये टिड्डे आम की तरह हर मौसम नहीं मिलते। ये मौसम इनके अनुकूल है, कई रंगों में समाहित ग्रासहॉपर प्रकृति की खूबसूरत रचना में एक है। ये बारिश के मौसम में दिखाई देते हैं। पौधों के पत्ते इनका मुख्य आहार है। ये जिन पत्तों पर बैठते हैं उन्हें समाप्त कर देते हैं। इनकी आवाज में एक अलग सी मिठास है जिसे महसूस करना पड़ता है। चूँकि ये मौसम इनका है इसलिए सेक्स की प्रक्रिया भी ये इन्ही दिनों करते हैं जिसमें 45 मिनट से लेकर पूरा एक दिन लगता है। इन टिड्डों में नर और मादा की पहचान आसानी से की जा सकती है।
    सत्यप्रकाश पाण्डेय, फोटोजर्नलिस्ट, बिलासपुर

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Posted Date : 24-Jul-2017
  • नवापारा-राजिम। कुलेश्वर मंदिर आज सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रही। इस दौरान दूसरे इलाकों से जल लेकर कांवरियों का आना जारी था। कुछ दिन पहले बारिश के कारण मंदिर चारों तरफ पानी से घिर चुका था, लेकिन इस सोमवार संगम सूखा रहा। जलाभिषेक के लिए लाईन में लगे श्रद्धालु इस दौरान सेल्फी लेने से भी नहीं चूके।

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Posted Date : 24-Jul-2017

Posted Date : 23-Jul-2017

Posted Date : 23-Jul-2017
  • बच्चे-बड़ों ने गेड़ी चढ़कर त्यौहार का आनंद उठाया
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 23 जुलाई। प्रदेश में हरेली का त्यौहार धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान किसानों ने अपने घरों में कृषि यंत्रों एवं खेतों में धान फसल की पूजा की। बच्चे-बड़ों ने गेड़ी चढ़कर त्यौहार का आनंद उठाया। कई सामाजिक संगठनों ने खाली जगहों पर वृक्षारोपण कर अपने घरों के आसपास हरियाली बनाए रखने का संदेश दिया। 
    प्रदेश में करीब साढ़े 36 लाख हेक्टेयर में धान की बोनी की जा रही है। किसान सुबह से शाम तक खेतों में मेहनत कर अच्छी फसल की उम्मीद कर रहे हैं। त्यौहार पर आज उन सभी ने हल समेत अपने सभी कृषि यंत्रों की सफाई के बाद उसकी पूजा-अर्चना की। घरों-आसपास मिठाईयां भी बांटी। गांव में बच्चे से लेकर बड़ों ने गेड़ी चढ़कर दिनभर त्यौहार का आनंद उठाया। कई गांवों में कबड्डी, क्रिकेट व अन्य खेल स्पर्धा भी आयोजित की गई। 
    कई सामाजिक संगठनों व गांव वालों ने खाली जमीन पर पेड़-पौधे लगाकर अपने एवं आसपास की जगहों को हरा-भरा बनाए रखने का संदेश दिया। किसानों-गांव वालों का कहना है कि खेती-किसानी करने वालों के लिए यह त्यौहार महत्वपूर्ण है। वे सभी इस त्यौहार को धूमधाम के साथ मनाते हुए अच्छी पैदावार के लिए पूजा करते हैं।

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Posted Date : 23-Jul-2017
  • आज रविवार को हरेली है इस दिन किसान खेती से निवृत्त होकर अपने हल और औजारों को धोकर पूजा अर्चना करता था। गांव की गलियां कीचड़ से भर जाती थीं लिहाजा बच्चों के पैरों में गेडिय़ां आ जाती थीं। लेकिन मौसम की मार और विकास की चमक से  यह सब दूर हो गया। बारिश समय पर नहीं तो कहीं भारी बारिश से फसल बह जा रहे हैं। वहीं गांव की गलियां अब सीमेंट की हो गई हैं। लिहाजा परंपरा के नाम पर पूडा-अर्चना के बाद हल बैल फिर खेतों में आ जाते हैं।  दो सालों से सूखा झेल रहे पिथौरा अंचल में जमकर बारिश हुई। लिहाजा छोटे किसान इन दिनों किसान बियासी में लगे हुए हैं।  पिथौरा के दैनिक छत्तीसगढ़ के नियमित पाठक चरनदीप अजमानी ने हमें यह तस्वीर भेजी है।

     

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Posted Date : 23-Jul-2017

Posted Date : 23-Jul-2017
  • चीन में दो दिन पहले एक हवाई प्रदर्शन में बराबरी से उड़ते हुए दो विमानों के ऊपर इंसान इस तरह की कलाबाजी दिखा रहे हैं। यह एयर शो तरह-तरह की दुस्साहसी उड़ानों से भरा हुआ रहा। 

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Posted Date : 20-Jul-2017
  • जरा सी दिखने वाली चींटियों में कितनी ताकत होती है यह देखना हो तो इन तस्वीरों में वह साबित होता है। इंडोनेशिया में फोटोग्राफर इको आदियंतो ने अपने घर के बगीचे में चींटियों का यह खेल देखा। बुनकर चींटी कही जाने वाली यह चींटी करीब 5 ग्राम वजन की होती है, लेकिन वह 200 ग्राम तक के वजन के कीड़े को इस तरह उठाकर ले जा रही है। इनके बारे में विज्ञान बताता है कि ये अपने वजन से सौ गुना तक उठा सकती हैं। इतनी निजी ताकत के अलावा ये चींटियां एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने के लिए भी जानी जाती हैं और मिलकर ढोना भी करती हैं। इंसान अगर अपने बदन के वजन के मुकाबले इतनी ताकत रखते तो वे साढ़े 4 टन तक का वजन उठा पाते जो कि तीन कारों जितना होता।

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