Today Picture

Posted Date : 30-Jul-2017
  • चीन में बीस सड़कों का एक ऐसा फ्लाईओवर बनाया है जिस पर गाड़ी चलाते अगर लोग इसकी दूसरी सड़कों को देखते रहें तो चक्कर खा जाएंगे। हुआंगजुएवान का यह फ्लाईओवर पिछले महीने ही शुरू हुआ और उसमें 5 अलग-अलग लेबल पर 20 लेन बनी हुई हैं। सबसे ऊंची सड़क 12 मंजिल इमारत जितनी ऊंची है।

    ...
  •  


Posted Date : 30-Jul-2017
  • ब्रिटेन में अभी एक इलाज को लेकर हंगामा चल रहा है जिसमें करीब 800 बच्चों को जिनमें दस बरस के बच्चे भी थे, उन्हें सेक्स चेंज करने की दवाईयां दी गई। इसका खुलासा तब हुआ जब 17 बरस की एक ट्रांसजेंडर ने यह बताया कि वह पैदा हुई तब एक लड़का थी, और अगर उसे सरकारी इलाज में यह दवाई नहीं मिलती, और वह लड़के के रूप में रहने को मजबूर होती, तो खुदकुशी ही कर लेती। जो लोग जन्म के समय उन्हें मिले सेक्स से बेचैन रहते हैं, उन्हें सरकारी अस्पतालों में सेक्स चेंज करने के लिए दवाईयां दी जाती हैं। कुछ बड़े डॉक्टरों का यह मानना है कि यह इलाज विवादास्पद है और इससे किशोरावस्था में होने वाले फेरबदलों को रोका जाता है। इस इलाज में हर महीने हार्मोन के ऐसे इंजेक्शन दिए जाते हैं जिनसे शरीर का सेक्स संबंधी विकास रूकता है, और फिर ऑपरेशन से इन लोगों को इनके मनचाहे सेक्स दिए जाते हैं। इन दवाईयों को किशोरावस्था रोक देने की दवा कहते हैं। तस्वीर में ऐसी एक लड़की जो अब 17 बरस की है, और जब वह 5 बरस का लड़का थी।

    ...
  •  


Posted Date : 30-Jul-2017
  • इंडोनेशिया के एक समुदाय में यह रिवाज है कि लोग साल में एक बार अपने पुरखों को कब्र से निकालकर उनके कपड़े बदलते हैं, उन पर से धूल-मिट्टी झड़ाते हैं, और उन्हें फिर ताबूत में रखकर दफना देते हैं। तीन बरस पहले गुजर चुके एक बुजुर्ग को जब निकाला गया, तो परिवार की लड़की उस लाश के साथ अपनी सेल्फी लेना नहीं भूली। लाश को एक कपड़े से बांधकर खड़ा किया गया है। फोटोग्राफर / ब्रायन लेहमैन 

    ...
  •  


Posted Date : 30-Jul-2017
  • न्यूयॉर्क में हर बरस जुलाई और अगस्त के सुहाने मौसम के महीनों के हर गुरुवार को खुले में इस तरह फिल्म दिखाई जाती है ताकि लोग बगीचे में बैठकर न्यूयॉर्क की रौशन गगनचुंबी इमारतों के सामने विशाल स्क्रीन पर फिल्में देख सकें।

    ...
  •  


Posted Date : 30-Jul-2017
  • स्विटजरलैंड में एक दुस्साहसी नौजवान ने पहाड़ी खाई के हजारों फीट ऊपर केबल कार के तार पर चलकर लोगों का दिल दहला दिया। सैम वोलेरी नाम का यह नौजवान बरसों से इस स्टंट की कल्पना कर रहा था। आखिर में स्विस आल्प पर्वतमाला के इस हिस्से के प्रशासन ने उसे इजाजत दी। जब ऐसी दो केबल कार अगल-बगल कुछ दूरी पर साथ-साथ चल रही थीं, तो उनके बीच बंधे हुए एक तार पर 35 बरस का सैम चल रहा था। बाद में उसने कहा कि ऐसे तार पर चलना साधारण बंधे हुए तार पर चलने के मुकाबले अधिक मुश्किल था। इस तार के नीचे 6 हजार फीट दूरी पर जमीन थी।

     

    ...
  •  


Posted Date : 29-Jul-2017
  • अंतरराष्ट्रीय टाईगर दिवस पर ओडिशा के विश्वविख्यात रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने पुरी के समुद्र तट पर यह कलाकृति बनाई है।

    ...
  •  


Posted Date : 29-Jul-2017
  • ऑस्ट्रिया में बीसवीं सालाना बॉडी पेंटिंग स्पर्धा चल रही है। इसके लिए दुनिया भर से एक से एक कलाकार इंसानी शरीर को कैनवास बनाकर पहुंचे हुए हैं। इनका मानना है कि यह कार्यक्रम दुनिया का सबसे रंगारंग कार्यक्रम होता है।

    ...
  •  


Posted Date : 29-Jul-2017
  • चार महीने के एक बच्चे के कानों में जन्म से खराबी है, और वह कुछ भी नहीं सुन पाता। फिर डॉक्टरों ने उसके कान में सुनने की एक मशीन लगाई, तो पहले तो वह उससे कुछ हड़बड़ा गया। लेकिन फिर बाद में जब उसने पहली बार अपनी मां की आवाज सुनी, तो उसकी मुस्कुराहट देखते ही बनती थी। 

    ...
  •  


Posted Date : 28-Jul-2017
  • जिस गरीब को कुष्ठ रोग देकर ईश्वर उसके हाथ-पैर भी छीन लेता है, उसी के भीख मांगते वक्त वह बारिश करके उसे भिगा भी देता है ताकि तकलीफ से कहीं कोई आराम न मिल जाए। अब इसके बाद बाकी का दिन भीगे हुए भीख मांगने का है। 
    तस्वीर  / छत्तीसगढ़

    ...
  •  


Posted Date : 28-Jul-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 28 जुलाई। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अन्तरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में शुक्रवार को आयोजित धरसींवा विकासखंड स्तरीय नेहरू हॉकी बालक वर्ग अंडर 15 में रविशंकर विवि परिसर स्थित शासकीय स्कूल की टीम का मुकाबला राजकुमार कॉलेज से हुआ।
    आरकेसी की टीम की तुलना में कद काठी में छोटे खिलाडिय़ों ने आरकेसी को 3-0 से करारी हार दी। विजेता टीम का दूसरा मुकाबला डुमरतरई स्कूल की टीम से हुआ जिसमें एक बार फिर रविवि शासकीय स्कूल के खिलाडिय़ों ने प्रतिद्वंदी टीम को 2-0 से शिकस्त दी। ज्ञात हो कि शासकीय स्कूल के ज्यादातर खिलाड़ी कुकरबेड़ा से हैं और ये सुबह-शाम एस्ट्रोटर्फ मैदान में जमकर अभ्यास करते हैं।

    ...
  •  


Posted Date : 27-Jul-2017
  • रायपुर शहर के शास्त्री व अन्य बाजारों में मशरूम की मांग बढऩे लगी है। लोग उसे 12 सौ रुपये किलो की दर से खरीद रहे हैं। उनका मनना है कि साल में एक-दो बार बारिश में आने वाले मशरूम को खाना चाहिए। यह पौष्टिक तत्वों से भरपूर रहता है और उससे कई बीमारियां दूर होती हैं। तस्वीर / छत्तीसगढ़

    ...
  •  


Posted Date : 27-Jul-2017
  • प्रथम विश्व युद्ध के एक सैनिक की यह प्रतिमा एक कलाकार ने लंदन के बीच ट्रैफलगर स्क्वैयर पर बनाई है। यह उस युद्ध की एक लड़ाई के सौ बरस पूरे होने के मौके पर रेत और मिट्टी से बनाई गई है। बेल्जियम के कलाकार ने इसे ऐसा बनाया है कि इस पर बरसाए जा रहे पानी से यह चार दिनों में पूरी तरह घुलकर खत्म हो जाएगी।

    ...
  •  


Posted Date : 27-Jul-2017
  • रामेश्वरम, 27 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की दूसरी पुण्यतिथि पर तमिलनाडु के रामेश्वरम में एपीजे अब्दुल कलाम स्मारक का उद्घाटन किया। साथ ही प्रधानमंत्री ने कुछ और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। पीएमओ की तरफ से जारी बयान में कहा गया था कि कि प्रधानमंत्री स्मारक पर राष्ट्रीय ध्वज भी फहराएंगे। इस स्मारक का निर्माण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने किया है। मोदी ने स्मारक में कलाम की एक मूर्ति का अनावरण किया और फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। 
    इस मौके पर पीएम ने पूर्व राष्ट्रपति के परिवार के सदस्यों से भी बातचीत की। प्रधानमंत्री ने कलाम संदेश वाहिनी प्रदर्शनी बस को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जो देश के विभिन्न राज्यों की यात्रा करेगी। बस 15 अक्टूबर को पूर्व राष्ट्रपति की जयंती पर राष्ट्रपति भवन पहुंचेगी। 
    इसके बाद मोदी एक जनसभा के लिए मंडपम् जाएंगे। वह नीली क्रांति योजना के तहत लाभार्थियों को नौकाएं देने के मंजूरी पत्र भी वितरित करेंगे और विडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अयोध्या से रामेश्वरम तक नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी भी दिखाएंगे। बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री हरित रामेश्वरम परियोजना की रुपरेखा भी जारी करेंगे। वह मुकुंदारायर चथिरम और अरिचालमुनई के बीच एनएच 57 पर 9.5 किलोमीटर लिंक रोड का शिलान्यास करेंगे।  (नवभारत टाईम्स)

    ...
  •  


Posted Date : 26-Jul-2017

Posted Date : 26-Jul-2017

Posted Date : 26-Jul-2017
  • जो लुकास नाम की 67 बरस की इकोलॉजी की वैज्ञानिक पिछले 40 बरस से कनाडा के पास समंदर में दूर सबसे अलग-थलग बसे टापू में अकेले रहती है। इस टापू पर बसे हुए बाकी लोग, 400 घोड़े हैं, 3 लाख समुद्री सील मछलियां हैं, और 350 प्रजातियों के पंछी हैं। लेकिन इनसे परे कोई दूसरा इंसान इस टापू पर नहीं है और यहां वैज्ञानिक अध्ययन करते हुए यह महिला युवती सेे अब बुजुर्ग हो चुकी है। वह पहली बार यहां 21 बरस की उम्र में पहुंची थी और फिर वह यहीं की होकर रह गई। यह टापू, सेबल आईलैंड, दुनिया में सबसे अलग-थलग बसा हुआ है। और जो को अपने जरूरत के सामान हर हफ्ते किसी बोट से पहुंच जाते हैं। वह पूरे वक्त वैज्ञानिक अध्ययन करती रहती है, और इस दौरान वहां गुजर जाने वाले घोड़ों की खोपडिय़ां भी वह इक_ी करती चलती हैं ताकि बाद में कोई उनका अध्ययन कर सके। करीब 26 मील लंबे और एक मील से कम चौड़े इस टापू से सबसे करीबी आबादी 190 मील दूर है। उसका काम इस टापू के मित्रों के नाम पर बने एक संगठन को लोगों की तरफ से मिले दान से चलता है। 

    ...
  •  


Posted Date : 25-Jul-2017

Posted Date : 25-Jul-2017
  • महाराष्ट्र के विदर्भ में एक गांव में ग्राम आर्ट प्रोजेक्ट के तहत एक किसान-पुत्री अदिति भट्टर ने कला के माध्यम से ज्वलंत सामाजिक मुद्दों की तरफ ध्यान खींचने का काम किया है। भारत में किसानों की लगातार आत्महत्या की तरफ ध्यान खींचने के लिए उसने एक आंकड़ा धूप से अपनी पीठ पर गुदवा लिया है। भारत में 1995 से 2015 के बीच 3,22,028 किसानों ने आत्महत्या की उसने यह आंकड़ा अपनी पीठ पर धूप से झुलसाकर इस तरह प्रस्तुत किया है। दिल्ली की एक कलादीर्घा में हुए इस प्रदर्शन के दौरान उसने अपने कला-आंदोलन के तहत ऐसे पोस्टकार्ड भी लोगों को उपलब्ध कराए जिन पर टिकट लगी हुई है, और उन किसानों के नाम लिखे हुए हैं जिन्होंने पिछले दो बरस में विदर्भ के वर्धा जिले में आत्महत्या की हैं। उसके इस आयोजन में आए लोग ऐसे पोस्टकार्ड लेकर उन्हें किसी का पता लिखकर पोस्ट भी कर सकते हैं। मृत किसानों के नाम के साथ पोस्टकार्ड पर एक देशी बीज भी चिपकाया गया है।

    ...
  •  


Posted Date : 24-Jul-2017

Posted Date : 24-Jul-2017
  • ये टिड्डे आम की तरह हर मौसम नहीं मिलते। ये मौसम इनके अनुकूल है, कई रंगों में समाहित ग्रासहॉपर प्रकृति की खूबसूरत रचना में एक है। ये बारिश के मौसम में दिखाई देते हैं। पौधों के पत्ते इनका मुख्य आहार है। ये जिन पत्तों पर बैठते हैं उन्हें समाप्त कर देते हैं। इनकी आवाज में एक अलग सी मिठास है जिसे महसूस करना पड़ता है। चूँकि ये मौसम इनका है इसलिए सेक्स की प्रक्रिया भी ये इन्ही दिनों करते हैं जिसमें 45 मिनट से लेकर पूरा एक दिन लगता है। इन टिड्डों में नर और मादा की पहचान आसानी से की जा सकती है।
    सत्यप्रकाश पाण्डेय, फोटोजर्नलिस्ट, बिलासपुर

    ...
  •