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इतिहास का छठा सबसे गर्म मई 2021 में किया गया रिकॉर्ड
16-Jun-2021 8:54 AM (109)
इतिहास का छठा सबसे गर्म मई 2021 में किया गया रिकॉर्ड

-ललित मौर्य 

इस वर्ष मई का औसत तापमान बीसवीं सदी के औसत से 0.81 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रिकॉर्ड किया गया है

इस वर्ष मई का महीना इतिहास का छठा सबसे गर्म मई का महीना था। इस वर्ष मई का औसत तापमान बीसवीं सदी के औसत से 0.81 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रिकॉर्ड किया गया है। जो इसे मई 2018 के साथ संयुक्त रूप से इतिहास का छठा सबसे गर्म मई का महीना बनाता है। यह जानकारी एनओएए के नेशनल सेंटर फॉर एनवायर्नमेंटल इंफॉर्मेशन द्वारा जारी की गई है। वहीं यदि जनवरी से मई के औसत तापमान को देखें तो वो इसे इतिहास का आठवां सबसे गर्म वर्ष बनाता है।

इस बार मई के महीने की तुलना बीसवीं सदी के औसत तापमान से करें तो यह 45वां मौका है जब लगातार मई का तापमान 20वीं सदी के औसत तापमान से ज्यादा है। वहीं यह लगातार 437 वां महीना है जब तापमान बीसवीं सदी के औसत तापमान से ज्यादा है।

वहीं यदि क्षेत्रीय स्तर पर देखें तो एशिया में यह दूसरा सबसे गर्म मई का महीना है। वहीं एशिया में रिकॉर्ड के अनुसार मई 2020 अब तक का सबसे गर्म मई का महीना है। जबकि मई 2021 अफ्रीका का छठा सबसे गर्म मई है। वहीं यूरोप और उत्तरी अमेरिका में क्रमशः 2004 और 2011 के बाद सबसे ठंडा मई का महीना रिकॉर्ड किया गया है।

यदि मार्च से मई के तीन महीनों का औसत वैश्विक तापमान देखें तो यह औसत से 0.82 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रिकॉर्ड किया गया था। जिसके चलते यह दुनिया का आठवां सबसे गर्म मौसम बन गया है। यदि उत्तरी गोलार्ध को देखें तो इस बार वहां छठा सबसे गर्म वसंत का मौसम रिकॉर्ड किया गया था, जबकि दक्षिणी गोलार्ध में अब तक की 11वीं सबसे गर्म शरद ऋतु रिकॉर्ड की गई थी।

जनवरी से मई के तापमान के आधार पर आठवां सबसे गर्म वर्ष है 2021

यदि जनवरी से मई के तापमान को देखें तो यह रिकॉर्ड का आठवां सबसे गर्म वर्ष है, जब वैश्विक औसत तापमान सदी के औसत तापमान से 0.77 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रिकॉर्ड किया गया है। वहीं यदि अफ्रीका की बात करें तो इस वर्ष जनवरी से मई का औसत तापमान इसे रिकॉर्ड का तीसरा सबसे गर्म वर्ष बनाता है। इससे पहले अफ्रीका में 2016 में तापमान सबसे ज्यादा था उसके बाद 2010 दूसरा सबसे गर्म वर्ष था। इसी तरह अब तक के आंकड़ों के अनुसार 2021 एशिया के लिए आठवां और दक्षिण अमेरिका के लिए नौंवा सबसे गर्म वर्ष है।

इसी तरह यदि आर्कटिक में जमा बर्फ की बात करें तो नेशनल स्नो एंड आइस डेटा सेंटर के अनुसार पिछले महीने मई में आर्कटिक के लगभग 243,000 वर्ग मील हिस्से पर बर्फ जमा थी जोकि क्षेत्रफल में करीब सोमालिया के बराबर है। गौरतलब है कि पिछले 43 वर्षों के इतिहास में यह नौंवा ऐसा मौका है जब मई के महीने में इतने कम क्षेत्र में बर्फ जमा है।

उत्तरी गोलार्ध में इस बार मई के महीने में बर्फ का आवरण औसत से 10.8 लाख वर्ग मील कम था जोकि रिकॉर्ड के अनुसार तीसरा सबसे कम बर्फ का आवरण है। इससे पहले मई 2010 और मई 2012 में इतने कम क्षेत्र में बर्फ जमा थी। वहीं उत्तरी अमेरिका में बर्फ का आवरण 11वां सबसे छोटा है। इसी तरह यूरेशिया में भी यह पांचवा मौका है जब बर्फ का आवरण इतना कम है।

मई में दर्ज किया गया औसत तापमान एक बार फिर यह इशारा करता है कि दिन-प्रतिदिन वैश्विक तापमान में वृद्धि हो रही है। इस बारे में हाल ही में संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी एक रिपोर्ट ने भी इसका खुलासा किया है कि इस बात की 40 फीसदी सम्भावना है कि अगले पांच वर्षों में वैश्विक तापमान में हो रही वृद्धि 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार कर जाएगी। (downtoearth.org.in/hindistory)

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