विशेष रिपोर्ट

रोड शो के बीच, शाह से चर्चा

Posted Date : 10-May-2018



दिनेश आकुला
बेंगलुरु, 10 मई (छत्तीसगढ़)। कर्नाटक में चुनाव प्रचार खत्म होने के ठीक पहले हुए एक रोड शो में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से हुई एक बातचीत में उन्होंने कहा- राहुल के बयान पर टिप्पणी करना वे न चाहते, न उन्हें पसंद है। उनसे कुछ और सवाल-जवाब-
सवाल- कर्नाटक के चुनाव भाजपा के लिए कितने महत्वपूर्ण है?
जवाब- पिछले पांच बरस में सिद्धरमैय्या की सरकार शासन के हर क्षेत्र में असफल रही है। पूरा बेंगलुरु जॉर्ज, हरीश, और रौशन बेग (तीनों बिल्डर) के हवाले कर दिया गया है। राज्य में कानून व्यवस्था की हालत बहुत खराब है। कर्नाटक का विकास बेंगलुरु की ट्रैफिक में फंसा हुआ है। कर्नाटक की जनता नरेन्द्र मोदी के मातहत राज्य में येदियुरप्पा की एक मजबूत सरकार देखना चाहती है।
सवाल- आपके हिसाब से इस चुनाव के मुख्य मुद्दे क्या हैं?
जवाब- विकास, कानून व्यवस्था, और इस शासनकाल में 35 सौ से अधिक किसानों की आत्महत्या, भ्रष्टाचार। मुख्यमंत्री ऐसा है जो कि 40 लाख की घड़ी तोहफे में लेता है, और ऐसे आदमी को राज्य चलाने का कोई हक नहीं है।
सवाल- आपकी पार्टी ने भ्रष्टाचार को बड़ा मुद्दा बनाया है, लेकिन आपकी पार्टी की चुनाव में बेल्लारी-बंधुओं को साथ लेकर लड़ रही है। इससे जनता में कैसा संदेश जाएगा?
जवाब- जिन दो उम्मीदवारों को हमने टिकटें दी हैं, उनके खिलाफ कोई मामले बाकी नहीं हैं, इसलिए आरोप गलत है। 
सवाल- कुछ घटनाओं को लेकर लोगों में यह आशंका है कि भाजपा सत्ता में आएगी, तो भी येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी...
जवाब- यह विपक्ष की चाल है जो कि काम नहीं आएगी। येदियुरप्पा हमारे सीएम-प्रत्याशी हैं, इन्हीं की अगुवाई में सरकार बनेगी, और वो अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।
सवाल- बहुत से चुनावी सर्वे कर्नाटक में एक खंडित जनादेश की तरफ इशारा करते हैं...
जवाब- मैं एक प्रेस कांफे्रंस लेकर सीटों का अपना अनुमान घोषित  करने वाला हूं। अभी हम विपक्ष से बहुत आगे हैं, और हम स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं।
सवाल- राहुल गांधी ने कहा है कि वे 2019 में प्रधानमंत्री बनने को तैयार हैं...
जवाब- मैं राहुल गांधी के बयान पर टिप्पणी करना नहीं चाहता, और न ही पसंद करता हूं।
सवाल- ममता बैनर्जी से लेकर के. चंद्रशेखर राव तक सभी भाजपा के खिलाफ 2019 में एक बड़ा मोर्चा बनाने की तैयारी कर रहे हैं। आप इससे कैसे निपटेंगे?
जवाब- यह तो विपक्ष को तय करना है कि वह साथ आए या नहीं, यह हमें तो तय करना नहीं है।
सवाल- 2019 के चुनाव के बाद हम अमित शाह को कहां पर देखेंगे?
जवाब- यह तो पार्टी तय करेगी।




Related Post

Comments