सोशल मीडिया

बिप्लब देब ने इतिहास की वही किताब पढ़ी है जो मोदी जी ने पढ़ी थी!

Posted Date : 12-May-2018



सोशल मीडिया पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब का एक और बयान इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है. उनका यह बयान रबींद्रनाथ टैगोर पर आया है. बुधवार को उदयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बिप्लब देब ने कहा था, ‘एक विश्व प्रसिद्ध कवि होने के अलावा रबींद्रनाथ टैगोर एक ऐसे व्यक्ति के रूप में भी जाने जाते हैं जिन्होंने ब्रिटिश सरकार के विरोध में नोबेल पुरस्कार को अस्वीकार कर दिया था.’ चूंकि यह बहुत ही आम सी जानकारी है कि रबींद्रनाथ टैगोर ने नोबेल नहीं बल्कि ब्रिटिश सरकार द्वारा दी गई नाइटहुड या सर की उपाधि लौटाई थी और यही वजह है कि फेसबुक और ट्विटर पर कई लोगों ने बिप्लब देब को संबोधित करते हुए उन्हें यह जानकारी दी है. इसके साथ यहां उन पर खूब चुटकियां भी ली गई हैं. सुमन मैत्रा का ट्वीट है, ‘हो सकता है कि बिप्लब देब को यह जानकारी वैदिक युग के इंटरनेट से मिली हो.’
परसों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इतिहास का जिक्र करते हुए एक ऐसा ही त्रुटिपूर्ण बयान दिया था. कर्नाटक के बीदर में आयोजित एक रैली में मोदी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि जब भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त जेल में बंद थे, तब किसी कांग्रेसी नेता ने उनसे मुलाकात नहीं की थी. सोशल मीडिया पर आज भी इसकी चर्चा चल रही है और यहां कई लोगों ने इस बयान के जिक्र के साथ बिप्लब देब पर तंज कसे हैं. ट्विटर पर एक यूजर की प्रतिक्रिया है, ‘यह साफ है कि ये व्यक्ति (बिप्लब देब) प्रधानमंत्री बनने की इच्छा पाले हुए है. ’ कविता कृष्णन ने पूछा है, ‘...क्या आपने भी मोदी जी की तर्ज पर ही पूरा इतिहास पढ़ा है?’

सोशल मीडिया में बिप्लब कुमार देब के इस बयान पर आई कुछ और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं :

स्टीरियोटाइपराइटर- अगर आपको लगता है कि जीवन ने आपके साथ अन्याय किया है तो बिप्लब देब के शिक्षकों के बारे में सोचिए कि उन्हें हर दिन किस तकलीफ से गुजरना पड़ा होगा.
टॉक सेंस- भगत सिंह की जेल से रिहाई पर चर्चा करने के लिए मोदी जी बापू जी के साथ मौजूद थे, लेकिन नेहरू हमेशा की तरह अनुपस्थित थे (1929)
सरल पटेल- टाइम्स नॉउ पर हैशटैग ‘प्लॉट टू किल पीएम’ देखकर बिप्लब देब ने चैनल को यह पूछते हुए मैसेज भेजा – ‘कितने स्क्वॉयर फीट का प्लॉट है?’ |
अफवाह- बिप्लब देब – टैगोर को नोबेल प्राइज अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने के लिए दिया गया था.
रिपोर्टर – सर, तो फिर गीतांजलि क्या है?
बिप्लब देब – गीतांजलि ज्वेलर्स है. एड नहीं देखते हो क्या!

प्रिया यादव- कर्नाटक के मतदाताओं, कल पूरी समझदारी से वोट कीजिएगा. हमें अपने आपसे पूछने की जरूरत है कि मुख्यमंत्री के रूप में क्या हमें एक और बिप्लब देब या अजय सिंह बिष्ट (योगी आदित्यनाथ) की जरूरत है? हो सकता है हमें कोई इनसे भी गया गुजरा मिल जाए...
रामा लक्ष्मी- जब-जब बिप्लब देब मुंह खोलते हैं, इतिहासकार और वैज्ञानिक दोनों हाथों से अपना चेहरा ढंक लेते हैं!....(सत्याग्रह)




Related Post

Comments