विशेष रिपोर्ट

पार्टी मनाए न मनाए, मां की जन्म शताब्दी मनाएंगी यशोधरा राजे

Posted Date : 13-May-2018



अतुल पुरोहित
भोपाल, 13 मई (छत्तीसगढ़)। भाजपा को खड़ा करने वालीं विजयाराजे सिंधिया का जन्म शताब्दी वर्ष मनाने की रूपरेखा बन चुकी है। मप्र सरकार की मंत्री एवं विजयाराजे की छोटी बेटी यशोधरा राजे सिंधिया मनाएंगी। खुद यशोधरा ने अपने गृह नगर शिवपुरी में इसका ऐलान किया है। यशोधरा के अनुसार पार्टी मनाएगी या नहीं उसका उन्हें पता नहीं है, लेकिन वे जरूर यह करेंगी। 
यशोधरा ने अभी कोई कार्यक्रम जारी नहीं किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया  कि पार्टी यह आयोजन करेगी या नहीं, उन्हें नहीं पता, लेकिन वे जरूर करेंगी। बतौर यशोधरा, राजमाता ने भाजपा को खड़ा किया है। वे देश की अग्रणी महिला रहीं है। इस पर मप्र भाजपा की ओर से किसी भी पदाधिकारी ने इस पर मुंह नहीं खोला। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने भी इस मसले पर चर्चा नहीं की। 
 विजयाराजे सिंधिया का 12 अक्टूबर को जन्मदिवस है, लेकिन हिन्दू तिथि के मुताबिक हर साल करवाचौथ के दिन भी मनाया जाता है। विजयाराजे पहले कांग्रेस में थीं, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा राजघरानों के प्रीवी पर्स खत्म करने के बाद दोनों के बीच ठन गई और   जनसंघ में शामिल हो गई। उनके बेटे माधवराव सिंधिया भी कुछ समय तक जनसंघ में रहे, लेकिन बाद में उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन कर ली। मां-बेटे (माधवराव सिंधिया) के संबंध अच्छे नहीं रहे। जनसंघ में आने के बाद विजयाराजे ने खुद के पैसे से पार्टी को खड़ा किया। उनका सपना भाजपा का प्रधानमंत्री बनना था। राजनीति में सबसे ज्यादा खुशी उन्हें अटलबिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने पर हुई थी।
भुला रही मप्र भाजपा- विजयाराजे ंिसंधिया के योगदान को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह अभी भी सार्वजनिक तौर पर मानते हैं, लेकिन मप्र में राजनीतिक गुटबाजी की वजह से वर्तमान में उन्हें भुला सा दिया गया है। हाल के चुनावों मेंं सिंधिया परिवार पर हमले बोले गए हैं। जिससे यशोधरा काफी आहत भी हुई हैं। अपने अपनी पीड़़ा जाहिर भी कर चुकी हैं। खास बात यह है कि अमित शाह ने हाल ही में 4 मई को भोपाल में कहा था कि राजमाता विजयाराजे ने भाजपा को खड़ा करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं पिछले साल जब मप्र भाजपा की ओर से अटेर चुनाव में सिंधिया परिवार पर हमला बोला गया था, तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिंधिया राजघराने के समय क्षेत्र में  रेल एवं बांध के निर्माण की तारीफ की थी।  
विजयाराजे सिंधिया का जन्म 12 अक्टूबर 1919 को सागर के राणा परिवार में हुआ था। शादी से पहले उनका नाम लेखा दिव्येश्वरी था। उनके पिता महेन्द्रसिंह ठाकुर जालौन जिला के डिप्टी कलेक्टर थे, उनकी माता विंदेश्वरी देवी थीं। विजयाराजे सिंधिया का विवाह के पूर्व का नाम लेखा दिव्येश्वरी था।  21 फरवरी 1941में ग्वालियर के महाराजा जीवाजी राव सिंधिया से विवाह हुआ। पति की मृत्यु के बाद वह राजनीति में सक्रिय हुई और 1957 से 1998 तक ग्वालियर और गुना संसदीय क्षेत्र से 8 बार सांसद रहीं। स्वास्थ्य खराब होने की वजह से 25 जनवरी 2001 में उनका निधन हो गया। 




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