राजनीति

कर्नाटक चुनाव: कम वोट पाकर भी इसलिए ज्यादा सीटें जीती बीजेपी

Posted Date : 15-May-2018



नई दिल्ली, 15 मई : कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और अभी तक रोमांच बना हुआ कि किसकी सरकार बनेगी। जहां काउंटिंग को लेकर शाम तक रोमांच बना हुआ है, वहीं मतगणना से कुछ रोचक तथ्य भी उभरकर सामने आए हैं। यह स्पष्ट हो चुका है कि कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी पार्टी बीजेपी से कम-से-कम डेढ़ प्रतिशत अधिक वोट हासिल करेगी लेकिन उसे करीब 30% कम सीटें मिलेंगी। 
चुनाव आयोग की साइट के मुताबिक, कांग्रेस को 37.9% वोट मिल रहे हैं, जबकि बीजेपी का वोट शेयर 36.2% है। हालांकि, सीट की बात करें तो कहानी उल्टी दिखती है। कम वोट शेयर पाकर भी बीजेपी कांग्रेस से 26 सीटें अधिक यानी 104 सीटों पर जीतती दिख रही है। कांग्रेस 58 सीटें जीत चुकी है और 20 सीटों पर आगे चल रही है। 
वोट शेयर और सीट शेयर में इतना अंतर का यह पैटर्न हाल के किसी चुनाव में देखने को नहीं मिला है। इसका एक कारण जो पहली नजर में दिख रहा है कि पुराने मैसूर वाले इलाका जहां बीजेपी पारंपरिक रूप से कमजोर है, वहां उसने जोर नहीं लगाया और इस इलाके की 55 सीटों में उसे सिर्फ 9 पर सफलता मिली। पुराने मैसूर क्षेत्र में 28 सीटों पर जेडी(एस) को और 17 सीटों पर कांग्रेस को सफलता मिली है। 
पुराने मैसूर क्षेत्र का हाल
कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी और जेडी(एस) में रणनीतिक समझ बन गई थी दोनों एक-दूसरे के गढ़ में एक-दूसरे की मदद करेंगी। यानी पुराने मैसूर क्षेत्र में बीजेपी ने जेडी(एस) की ‘मदद’ की जबिक सेंट्रल कर्नाटक में जेडी(एस) ने रणनीतिक तौर से बीजेपी की मदद की। सेंट्रल कर्नाटक की 35 में से 24 सीटों पर बीजेपी को जीत मिली है, वहीं कांग्रेस 11 सीटों पर विजयी रही। 
बीजेपी के कम वोट शेयर के बावजूद ज्यादा सीटें जीतने का रहस्य भी पुराने मैसूर इलाके की सीटों के गणित में छिपा है।55 सीटों यानी कर्नाटक विधानसभा की एक-चौथाई सीट वाले इस इलाके में बीजेपी को मात्र 17.7% वोट मिले हैं और वह 9 सीटों पर जीती है। कर्नाटक विधानसभा की कुल 224 सीटों में से 222 सीटों के लिए 12 मई को वोट डाले गए थे। (नवभारतटाइम्स)




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