राजनीति

क्या भाजपा कर्नाटक में 2008 की तरह ऑपरेशन कमल दोहराने की तैयारी में है?

Posted Date : 16-May-2018



सत्याग्रह ब्यूरो
अब तक तो लग रहा है जैसे कर्नाटक में जनता दल-सेकुलर (जद-एस) और कांग्रेस मिलकर सरकार बनाने वाले हैं। लेकिन कहानी इसके उलट भी हो सकती है। खबरों की मानें तो इस चुनाव में 104 सीटें जीतकर सबसे बड़ा दल बनी भारतीय जनता पार्टी अब फिर 2008 की तरह 'ऑपरेशन कमलÓ दोहराने की तैयारी में है।
जद-एस-कांग्रेस गठबंधन की अगुवाई कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने मंगलवार शाम को राज्यपाल वजूभाई वाला से मुलाकात के बाद मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत में कहा, हमने सुना है कि वे (भाजपा के रणनीतिकार) फिर ऑपरेशन कमल दोहराने वाले हैं। उन्हें कोशिश करने दीजिए। इसी बीच कुमारस्वामी के साथ ही मौजूद निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने जोड़ा, लेकिन वे सफल नहीं होंगे। बताते चलें कि भाजपा ने 2008 में भी बहुमत के लिए जरूरी 113 के आंकड़े से तीन सीटें कम हासिल की थीं। लेकिन उसने तब ऑपरेशन कमल के जरिए खनन माफिया कहे जाने वाले रेड्डी बंधुओं की मदद से सरकार बना ली थी।
जानकारों के मुताबिक भाजपा ने दल-बदल कानून से बचने के लिए उस वक्त कांग्रेस के तीन और जद-एस के चार विधायकों को इस्तीफा देने के लिए राजी कर लिया था। उन सभी को बाद में भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ाया गया। इनमें से पांच विधायक फिर जीतकर लौटे और इस तरह भाजपा की सीटें 110 से बढ़कर 115 हो गईं थीं। इसके बल पर कर्नाटक में भाजपा की पहली पूर्ण बहुमत वाली सरकार ने कार्यकाल भी पूरा किया था। इस बार भी रेड्डी बंधु भाजपा के साथ हैं। बल्कि रेड्डी परिवार के आठ सदस्यों को भाजपा ने चुनाव में टिकट भी दिया था। इसीलिए ऑपरेशन कमल दोहराने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्र बताते हैं कि भाजपा इस बार उन विधायकों से खासतौर पर संपर्क कर रही है जो चुनाव से ठीक पहले उसका साथ छोड़कर कांग्रेस और जद-एस में चले गए थे। ऐसे विधायकों में कांग्रेस के टिकट पर जीते भाजपा के चार पूर्व नेता शामिल बताए जाते हैं। ऐसे ही कुछ जद-एस से भी भाजपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। शायद इसीलिए भाजपा संसदीय बोर्ड की मंगलवार शाम हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कर्नाटक में सरकार बनाने का भरोसा भी जताया है।




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