राजनीति

कर्नाटक चुनाव, कांग्रेस का वोट शेयर बढ़ा, लेकिन सीटें नहीं

Posted Date : 16-May-2018



बेंगलुरु, 16 मई । पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने 122 सीटें जीतकर कर्नाटक का किला फतह किया था। साल 2018 में यह संख्या घटकर सिर्फ 78 रह गई है, लेकिन इसके बाद भी पार्टी के वोट शेयर में इजाफा हुआ है। ऐसा लग रहा है कि प्रदेश में ऐंटी इनकम्बेंसी का माहौल जरूर था, लेकिन पार्टियों के वोट शेयर इससे अलग कहानी बताते हैं। इस बार कांग्रेस का वोट शेयर 38 फीसदी है जो कि 2013 के 36.6 फीसदी की तुलना में अधिक है।  
बीजेपी से 26 सीटें कम जीतने के बाद भी वोट शेयर की बात की जाए तो कांग्रेस ने बाजी मारी है। हालांकि, बीजेपी के पक्ष में एक बात रही है कि पार्टी में 5 साल पहले जिस तरह फूट की स्थिति थी, उसे दूर किया। पार्टी अपने दो प्रभावशाली नेताओं पूर्व सीएम येदियुरप्पा और पहले बागी तेवर दिखा चुके श्रीरामुलू को अपने साथ लाने और एकजुट दिखाने में सफल रही। इस वजह से पार्टी को चुनाव में बड़ी सफलता जरूर मिल सकी। 
बीजेपी के वोट शेयर की बात की जाए तो 2013 में भगवा पार्टी और 3 सहयोगियों को मिलाकर 32 फीसदी वोट शेयर मिले थे। बीजेपी के वोट शेयर में इस बार पिछली बार की तुलना में 4 फीसदी का इजाफा जरूर हुआ है। पार्टी के वोट शेयर में 4 फीसदी इजाफे के साथ बीजेपी के पक्ष में एक बात यह भी रही कि पार्टी के वोट कांग्रेस की तुलना में कम बिखरे जिसके कारण वोट शेयर को सीटों की जीत में बदलने में बीजेपी सफल रही। इसी वजह से बीजेपी कम वोट शेयर के बाद भी अधिक सीटें जीतने में सफल रही है। 
वहीं, कर्नाटक चुनाव नतीजों के बाद किंगमेकर की भूमिका में नजर आ रही जेडीएस का वोट शेयर पिछली बार की तुलना में कम रहा है। साल 2013 में जेडीएस को 20.2 फीसदी वोट शेयर मिले थे, जबकि इस बार 18.3 फीसदी ही वोट मिले हैं। साल 2013 की तुलना में यह 2 फीसदी कम है, लेकिन इसके बाद भी जेडीएस पिछली बार की तुलना में इस बार प्रभावी भूमिका में है। इसकी वजह है कि दक्षिणी कर्नाटक के वोक्कालिगा प्रभुत्व वाले क्षेत्रों में जेडीएस ने बेहतर प्रदर्शन किया है और वहां जेडीएस की भूमिका लगभग निर्णायक रही है। 
क्षेत्रवार सर्वेक्षण पर नजर दौड़ाया जाए तो स्पष्ट है कि कांग्रेस ने बीजेपी की तुलना में हैदराबाद-कर्नाटक जो राज्य का उत्तर-पूर्वी हिस्सा है वहां अच्छा प्रदर्शन किया है। पुराने मैसूर जो कि प्रदेश का दक्षिणी हिस्सा है वहां भी कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया है। इन दोनों क्षेत्रों में 99 सीटें हैं। 
इन दो क्षेत्रों के अलावा जो दूसरे रीजन हैं वहां बीजेपी का प्रदर्शन कांग्रेस से बेहतर रहा है। कांग्रेस का ओल्ड मैसूर, हैदराबाद-कर्नाटक और बॉम्बे-कर्नाटक (उत्तरी-पश्चिमी क्षेत्र) में वोट शेयर बढ़ा है। हालांकि, इसके अलावा तीनों क्षेत्रों जिनमें राज्य की राजधानी भी शामिल है कांग्रेस का प्रदर्शन पहले से खराब है। (टाईम्स न्यूज)




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