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वाल्मीकि समाज ने बाबा साहेब के हाथ में कलम नहीं देखी, गाँधी के हाथ में पकड़ा हुआ झाड़ू देख लिया- कांशी राम
20-Jul-2021 1:27 PM (126)
वाल्मीकि समाज ने बाबा साहेब के हाथ में कलम नहीं देखी, गाँधी के हाथ में पकड़ा हुआ झाड़ू देख लिया- कांशी राम

बात 1 नवम्बर 2001, वाल्मीकि तीर्थ अमृतसर की है। साहेब कांशी राम ‘मजहबी वाल्मीकि सम्मेलन’ के बैनर तले बहुजन समाज पार्टी पंजाब के निमंत्रण पर ‘भगवान वाल्मीकि’ जी के प्रकट दिवस के शुभ अवसर पर इस प्रोग्राम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होने पहुंचे थे। कुमारी मायावती इस कार्यक्रम की मुख्य मेहमान थीं। साहेब ने इस मौके पर चार लाख से अधिक लोगों के समूह को संबोधन करते हुए कहा कि ‘चमारों ने डॉ. आंबेडकर को अपना आदर्श भी माना और उन्हें समझा भी। इसलिए चमार आगे बढ़े और उन्होंने उन्नति भी की। चमार अफसर बने, चमार मिनिस्टर बने और यहाँ तक कि चमार (मायावती की तरफ इशारा करते हुए) मुख्यमंत्री भी बने। यह सब किसकी बदौलत संभव हुआ? सिर्फ डॉ. आंबेडकर की बदौलत। दूसरी तरफ मजहबी वाल्मीकि समाज ने गाँधी को अपनाया।

वाल्मीकि समाज के पिछड़ेपन का सबसे बड़ा कारण गाँधी ही है। इसलिए आप लोग आज तक इधर उधर भटक रहे हो। आपका किसी भी शासन-प्रशासन में कोई नामोनिशान नहीं है। क्यूंकि आप ने गांधी को दिल्ली के बिरला मंदिर में झाड़ू लगाते देख लिया और इसीलिए आप लोग उस झाड़ू मारने वाले के पीछे चल दिए। और, जब डॉ. आंबेडकर के इस देश में आंदोलन चल रहा था तब गाँधी ने वाल्मीकि समाज को भ्रमित करने के लिए इनके मोहल्लों में भी झाड़ू लगाना शुरू कर दिया। जबकि गाँधी की सोच तो यह थी कि मोची का बेटा मोची और सफाई सेवक का बेटा सफाई सेवक ही रहना चाहिए और कुछ नहीं होना चाहिए। क्यूंकि गाँधी वर्णव्यवस्था का पक्षधर था, इसीलिए आपने डॉ. आंबेडकर के हाथ में पकड़ी हुई कलम नहीं देखी, आपने गाँधी के हाथ में पकड़ा हुआ झाड़ू देख लिया। अगर आप भी चमारों की तरह डॉ. आंबेडकर के हाथ में पकड़ी हुई कलम देख लेते तो इस देश में आपकी भी अलग पहचान होती। लेकिन मैं आशा करता हूँ कि आप आज भी डॉ. आंबेडकर को आदर्श मानकर शासन और प्रशासन में भागीदारी लेकर इस देश में मान-सम्मान की जिंदगी व्यतीत कर सकते हो।’

इस अवसर पर साहेब ने मजहबी वाल्मीकि समाज से वादा करते हुए कहा था कि ‘यदि पंजाब में इस बार हमारी सरकार बनती है तो हम डॉ. आंबेडकर के नाम पर एक विशाल यूनिवर्सिटी का निर्माण पहल के आधार पर करेंगे। इस काम के लिए बाबा पूरणनाथजी ने हमसे वादा किया है कि वह काफी जमीन इस यूनिवर्सिटी के लिए अपने आश्रम में से देंगे और बाकी जमीन का प्रबंध हमारी सरकार करेगी। क्यूंकि हम इस यूनिवर्सिटी का निर्माण हजारों एकड़ में करेंगे और यहाँ हर तरह से पढ़ाई का प्रबंध होगा।’

बहुजन समाज को हुक्मरान बनाना ही मेरा मुख्य उद्देश्य है-कांशी राम
( मैं कांशीराम बोल रहा हूं ‘किताब से’)

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