सामान्य ज्ञान

म्यूचुअल फंड्स में डायरेक्ट प्लान क्या है?

Posted Date : 13-Jun-2018



म्यूचुअल फंड्स में डायरेक्ट प्लान कस्टमर्स को सीधे फंड में इन्वेस्ट करने की सुविधा देता है। इसमें किसी तरह की इंसिडेंटल कॉस्ट नहीं होती है और एक्सपेंस रेशियो बहुत कम होता है। ये रेगुलर फंड से सस्ते हो सकते हैं और इनका एनएवी अलग होता है। सेबी के मुताबिक 1 जनवरी से हर फंड/स्कीम का डायरेक्ट प्लान होना जरूरी है। यह उन इन्वेस्टर्स के लिए होगा, जो डिस्ट्रिब्यूटर सपोर्ट नहीं चाहते।
 डायरेक्ट प्लान से डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट रूट का विस्तार होगा और रीटेल पार्टिसिपेशन में बढ़ोतरी होगी। इसमें एक्सपेंस रेशियो कम है, जिससे इन्वेस्टमेंट आधा से एक फीसदी सस्ता हो गया है। इससे इसकी नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) बढ़ जाएगी। डायरेक्ट प्लान में रेगुलर प्लान से ज्यादा रिटर्न मिलेगा।
 डिस्ट्रिब्यूटर्स डायरेक्ट प्लान का विरोध कर रहे थे, क्योंकि  डिस्ट्रिब्यूटर्स को डर था कि उनके कई मौजूदा इन्वेस्टर्स जिसमें ज्यादा पैसे वाले इन्वेस्टर्स भी शामिल हैं, वे डायरेक्ट प्लान में शिफ्ट हो जाएंगे। उनका मानना है कि इन्वेस्टर्स लोअर एक्सपेंस रेशियो और ज्यादा रिटर्न से अट्रैक्ट होंगे। उनकी दूसरी बड़ी फिक्रयह थी कि इंस्टिटयूशनल इन्वेस्टर्स फंड एलोकेशन डायरेक्ट प्लान में शिफ्ट करेंगे, क्योंकि उन्हें अपना सरप्लस बहुत ही मिनिमम कॉस्ट पर इन्वेस्ट करने के लिए बोर्ड से राइट्स मिला हुआ है।  
शेनफिन
 शेनफिन, लोकतंत्र वादी सेना की राजनैतिक शाखा है। 13 जून सन 1906 ईसवी को आयरलैंड में लोकतंत्र वादी सेना की राजनैतिक शाखा शेनफिन की स्थापना हुई। आयरलैंड ब्रिटेन का उपनिवेश था और यह संस्था आयरलैंड के एक वरिष्ठ पत्रकार आर्थर ग्रोफीट ने इस क्षेत्र को ब्रिटेन से स्वतंत्र कराने के लिए बनाई थी। 
आरंभ में इस संस्था ने ब्रिटेन और उसके सरकारी कारिंदों के मुकाबले में नकारात्मक प्रतिरोध किया, अंतत: सन 1921 में निरंतर संघर्ष के बाद इस संस्था को दक्षिणी आयरलैंड को ब्रिटेन से स्वतंत्र कराने में सफलत मिल गयी।  इसके बाद से उत्तरी आयरलैंड के प्रजातंत्रवादियों के सैनिक संघर्ष के साथ ही शेनफिन संस्था उत्तरी और दक्षिणी आयरलैंड के एकीकरण के  लिए राजनैतिक लड़ाई लड़ती रही यहॉ तक कि ब्रिटेन की सरकार और उत्तरी आयरलैंड के ब्रिटेन समर्थक दलों से दो वर्ष की बातचीत के बाद अप्रैल सन 1998 में शेनफिन के नेताओं ने ब्रिटेन के साथ एक  शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए।
 जिसके आधार पर उत्तरी आयरलैंड ब्रिटेन के अधीन एक स्वयत्त क्षेत्र हो गया। किंतु इसके बावजूद उत्तरी आयरलैंड का मामला हल नहीं हुआ है।

 




Related Post

Comments