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किसान की बेटी बनेगी पायलट
21-Sep-2021 5:34 PM (164)
 किसान की बेटी बनेगी पायलट

प्रशिक्षण के लिए धमतरी की रुद्राणी साहू का चयन
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
नगरी (धमतरी), 21 सितंबर।
हौसला और लगन के साथ यदि तैयारी की जाए, तो हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। ऐसा ही कुछ सोचा था धमतरी जिले के एक छोटे से गांव भंवरमरा की बेटी रुद्राणी साहू ने। जिसका चयन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी में हुआ है। कुछ महीनों बाद वह एक कमर्शियल पायलट के रूप में देखी जाएगी। यह न सिर्फ समाज, गांव बल्कि जिले और छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है।

 ग्राम भंवरमरा निवासी किसान नेकलाल साहू और जिला महिला कांग्रेस ग्रामीण की अध्यक्ष विद्यादेवी साहू की बेटी रुद्राणी साहू (19 वर्ष) ने प्रवेश परीक्षा दिलाकर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी फुरसतगंज रायबरेली में प्रवेश पाया है। अखिल भारतीय स्तर पर लिखित परीक्षा में पास होने के बाद साक्षात्कार में भी उत्तीर्ण हुई और रुद्राणी का चयन हो गया। 

28 सितंबर को वह फुरसतगंज में पहुंचकर अकादमी ज्वाइन करेगी। लगभग डेढ़ साल की कड़ी मेहनत ट्रेनिंग और उड़ान के बाद उसे कमर्शियल पायलट का लाइसेंस मिल जाएगा। फिर वह सभी प्रकार के विमान, हेलीकॉप्टर उड़ा पाएंगी। संभवत यह धमतरी जिले की पहली बेटी है, जिन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। इससे समाज और धमतरी जिला बेहद गौरवान्वित है। 

4 साल पहले देखा सपना पूरा हो रहा
रुद्राणी साहू ने बताया कि जब वह कक्षा दसवीं में थी। तब एयर फोर्स में अवनी चतुर्वेदी का चयन हुआ। तभी से उसने पायलट बनने का सपना देखा था। कक्षा दसवीं तक मॉडल स्कूल धमतरी में पढ़ाई के बाद 11वीं, 12वीं केंद्रीय विद्यालय में पूरा किया। वहां से वह पढ़ाई के लिए साइंस कॉलेज दुर्ग चली गई। 12वीं के बाद से उन्होंने तैयारी शुरू कर दी थी। इसके लिए कहीं से कोचिंग नहीं किया।

सेल्फ स्टडी के माध्यम से इस वर्ष 21 अगस्त को लिखित परीक्षा दी, जिसमें पास होने के बाद 10 सितंबर को उत्तर प्रदेश रायबरेली में साक्षात्कार और एप्टिट्यूड टेस्ट हुआ। पूरे देश से सिर्फ 80 लोगों को इसमें लिया जाता है, जिसमें उनका नंबर लग गया। उसका कॉल लेटर आ चुका है। 28 सितंबर को वह फुरसतगंज रायबरेली पहुंचकर अकादमी ज्वाइन करेंगी। उन्होंने बताया कि 18 माह की कड़ी ट्रेनिंग के बाद कमर्शियल पायलट का लाइसेंस प्राप्त हो जाएगा। ट्रेनिंग के दौरान ग्राउंड, एयरक्राफ्ट, फ्लाइंग एवं अन्य प्रकार के एग्जाम के साथ लगभग 200 घंटे की उड़ान होगी। डीजीसीए की परीक्षा के बाद उन्हें लाइसेंस प्राप्त होगा। 

उनका सपना है कि वह भविष्य में बोइंग  विमान उड़ाए।चर्चा के दौरान रुद्राणी साहू ने बताया कि इस दौरान उसके परिवार का सपोर्ट बेहद अहम रहा। दो भाई और दो बहनों में से तीसरे नंबर की रुद्राणी की बड़ी बहन और भाई पीएससी की तैयारी कर रहे हैं। छोटा भाई 11वीं कक्षा में अध्यनरत हंै।
मां विद्यादेवी साहू महिला कांग्रेस धमतरी ग्रामीण जिला अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी एक पायलट के रूप में देखी जाएंगी। खुशी तो बहुत है लेकिन गम भी है कि इतने दूर भेजना पड़ रहा है। लेकिन फक्र है कि धमतरी की बेटी कुछ महीनों बाद एक पायलट के रुप में जानी जाएगी। हम सभी कभी न कभी  उसके चलाने वाले हवाई जहाज पर बैठकर सफर करना चाहेंगे। 

रुद्राणी की इस सफलता पर साहू समाज के साथ जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों ने शुभकामनाएं एवं बधाई दी है।

 

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