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कैशियर से 15 लाख की लूट में बैंक कर्मचारी था शामिल
27-Oct-2021 5:26 PM (76)
कैशियर से 15 लाख की लूट में बैंक कर्मचारी था शामिल

 

बिहार के 2 समेत 3 पकड़ाए, महिला सहित 2 फरार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 27 अक्टूबर।
पोलसायपारा में इंडियन बैंक के कर्मचारी से हुई लूट का खुलासा हो गया है। इंडियन बैंक का कर्मचारी ही मामले का मास्टर माइंड था। आरोपियों की पतासाजी में सीसीटीवी फुटेज से पहचान  सुनिश्चित हुई है। बिहार निवासी दो आरोपियों सहित कुल 3 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। मामले के एक पुरुष व एक महिला आरोपी फरार हैं। घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटर सायकल, मेस्ट्रो गाड़ी, फर्जी नम्बर प्लेट, 1 कट्टा व कारतूस भी बरामद किया गया है। आरोपियों तक पहुंचने में विजय स्पोर्ट्स दुर्ग द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरे से ही सुराग मिला था, जिसके कारण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग बद्रीनारायण मीणा के द्वारा प्रतिष्ठान के संचालक को गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया गया।

आज पुलिस नियंत्रण कक्ष में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बद्रीनारायण मीणा के द्वारा पत्रकार वार्ता में बताया कि 13 अक्टूबर को प्रार्थी राहुल चौहान उम्र 36 वर्ष निवासी रमेश भवन महात्मा गाँधी मार्केट के पीछे गायत्री मंदिर वार्ड, थाना मोहन नगर आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि 13 अक्टूबर को 9.45 बजे इण्डियन बैंक शाखा संतरा बाड़ी से 15 लाख रूपये लेकर, अपनी एक्टिवा सीजी 07 एएस 1145 के डिक्की में रख कर इण्डियन बैंक शाखा कसारीडीह दुर्ग लेकर जा रहा था कि पोलसाय पारा में यादव खराद दुकान के पास ब्लैक प्लसर में सवार 3 आरोपियों द्वारा जिनके चेहरे कपड़े से ढंके हुये थे, उसके सीने में पिस्टल जैसा हथियार अड़ाकर जान से मारने की धमकी दे एक्टिवा गाड़ी में रखे 15 लाख रूपये गाड़ी सहित लूट कर फरार हो गये। प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपियों का कृत्य प्रथम दृष्ट्या धारा 394 का अपराध पाये जाने से आरोपियों के विरुद्ध थाना मोहन नगर में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।  

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बद्रीनारायण मीणा ने घटना की जाँच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) संजय ध्रुव (रा.पु.से.) नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग  जितेन्द्र कुमार यादव एवं उप पुलिस अधीक्षक विश्वास चंद्राकर (अपराध) को निर्देशित करते हुए, थाना प्रभारी छावनी निरीक्षक विशाल सोन, थाना प्रभारी मोहननगर निरीक्षक जितेन्द्र वर्मा तथा प्रभारी सायबर सेल निरीक्षक गौरव तिवारी, चौकी प्रभारी पद्यनाभपुर उप निरीक्षक दिनेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर, घटना के आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर मामले का पटाक्षेप करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

गठित टीम द्वारा घटना स्थल का बारीकी से मुआयना कर घटना स्थल के आस-पास के मार्गों तथा आरोपियों के आवागमन के संभावित सभी रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को चिन्हित कर फुटेज लिये गये। सभी सीसीटीवी फुटेज संग्रहित कर विश्लेषण प्रारंभ किया गया। सीसीटीवी फुटेज का सूक्ष्मता से अवलोकन करने पर आरोपियों के स्पष्ट फुटेज प्राप्त हुये। जिसमें तीन अज्ञात व्यक्तियों द्वारा ब्लैक पल्सर गाड़ी जिसमें फजी नंबर लगाकर लूट की घटना को अंजाम दिया गया था।

आरोपियों के हुलिया डील-डौल, पहने हुये कपड़ों तथा घटना में प्रयुक्त वाहन के संबंध में विस्तृत जानकारी एकत्र की गई तथा आने-जाने के मार्गों पर घटना का निर्धारण किया जा सका। टीम द्वारा इंडियन बैंक मुख्य शाखा संतराबाड़ी, उजाला भवन के सामने दुर्ग एवं प्रार्थी राहुल चौहान की इण्डियन बैंक की शाखा कसारीडीह दुर्ग में कार्यरत समस्त अधिकारी/कर्मचारियों से विस्तृत पूछताछ कर आवश्यक जानकारियां जैसे नियमित रूप से पैसा लाने ले जाने वालों के संबंध में विस्तृत जानकारी एकत्र कर बैंक के संदिग्ध कर्मचारियों पर सतत निगाह रखी गई। पेशेवर गिरोह की पतासाजी हेतु उडिसा, झारखंड, बिहार, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश में टीम रवाना किया गया। अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्यों के संबंध में सरहदी राज्यों से समन्वय स्थापित कर आरोपियों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लगातार प्रयास किये गये।

पतासाजी के दौरान एक स्थानीय मुखबिर के माध्यम से बिहार के रहने वाले अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों द्वारा घटना को अंजाम दिये जाने एवं घटना उपरांत बिहार वापस चले जाने की सूचना प्राप्त हुयी। जिसकी तस्दीकी एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर राजीव रंजन गोस्वामी, सुनील पाण्डेय एवं आतिश गोस्वामी की गिरफ्तारी की गयी, जिनसे महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। राजीव रंजन गोस्वामी (36) स्थायी निवास पिपरा खास पोस्ट मीरगंज जिला गोपालगंज बिहार हालनिवास सडक़ नम्बर 35 सेक्टर 7 भिलाई नगर 10 वर्ष पूर्व अपने बड़े भाई संजय गोस्वामी के कहने पर शराब भट्टी में कार्य करने हेतु बिहार से दुर्ग आया। वर्तमान में भिलाई स्टील प्लांट में ठेकेदारी में काम कर रहा था। कोरोना काल के दौरान आरोपी राजीव रंजन गोस्वामी जोमेटो में डिलिवरी बॉय का भी काम करता था, उसी दौरान शाखा कसारीडीह इंडियन बैंक कर्मचारी सुनील पाण्डेय से उसकी मित्रता हुयी। सुनील पाण्डेय उम्र 25 वर्ष निवासी शंकर नगर दुर्ग, शिक्षा इलाहाबाद उत्तरप्रदेश से जो पिछले पाँच वर्षों से दैनिक वेतन भोगी के रूप में शाखा कसारीडीह इंडियन बैंक में कार्यरत है।
सुनील पाण्डेय द्वारा पैसा लाने हेतु बैंक कर्मचारी राहुल चौहान 13 अक्टूबर को प्रात: के समय मुख्य शाखा उजाला भवन के सामने इंडियन बैंक जाने वाला है की सूचना राजीव रंजन गोस्वामी को दिया। प्रात: 8 बजे आतिश गोस्वामी स्थायी निवास पिपरा खास पोस्ट मीरगंज जिला आतिश गोस्वामी गोपालगंज बिहार हॉल निवास सेक्टर 7 भिलाई नगर दुर्ग, वर्तमान में पढ़ाई कर रहा है। आतिश गोस्वामी आरोपी राजीव रंजन का भतीजा है, जो घटना के दौरान गाड़ी चलाने का काम किया। नितिन सिंह राजपूत स्थायी निवास ग्राम हथुआ पोस्ट मीरगंज जिला गोपालगंज बिहार एवं राजीव रंजन बिहार गोपालगंज के निवासी होने से आपस में दोस्त हैं।

राजीव रंजन अपने मित्र नितिन को घटना करने हेतु हॉल निवास स्थल सेक्टर-7 भिलाई में रूकवाया था। जिसने घटना के दौरान प्रार्थी के सीने में पिस्टल अड़ाकर लूट किया। वर्तमान में फरार है। मामले के आरोपियों द्वारा तीन माह पूर्व 9 जुलाई 2021 को 75 वर्षीय बुजुर्ग ग्राम मुड़पार पोस्ट उपरवाह जिला राजनांदगांव निवासी तेजराम साहू से शाखा कसारीडीह इंडियन बैंक से अपनी पेंशन की राशि निकाल कर घर जाते समय बस स्टैण्ड दुर्ग में 80 हजार रूपये की लूट मेस्ट्रो मोटल सायकल से कारित किया गया है, जिसमें लूट की रकम एवं गाड़ी भी आरोपी राजीव रंजन व सुनील पाण्डेय से बरामद किया गया है। आरोपियों के संबंध में इनके पूर्व अपराधिक रिकार्ड की छानबीन बिहार पुलिस से समन्वय स्थापित कर की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी  राजीव रंजन गोस्वामी (36 वर्ष),  सुनील पाण्डेय (25) शंकर नगर, दुर्ग आतिश गोस्वामी (20) बिहार हॉल निवास सेक्टर-7 भिलाई नगर दुर्ग, फरार आरोपी नितिन सिंह राजपूत (25) बिहार, अनिता गोस्वामी पति राजीव रंजन गोस्वामी (32) पिपरा खास बिहार, हॉल निवास सेक्टर-7 भिलाई नगर हैं।
मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी में विजय स्पोर्टस, मेमसाहब गारमेंट, उजाला भवन, बीआईटी कालेज, डीएवी स्कूल हुडको, बालाजी केटर्स के यहाँ लगे सीसीटीवी कैमरा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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