साहित्य/मीडिया

कलिंग साहित्य महोत्सव 10 दिसंबर से भुवनेश्वर में, जुटेंगे 300 से अधिक लेखक और कलाकार
07-Nov-2021 8:19 PM (79)
कलिंग साहित्य महोत्सव 10 दिसंबर से भुवनेश्वर में, जुटेंगे 300 से अधिक लेखक और कलाकार

Kalinga Literary Festival: किताबें पढ़ने-पढ़ाने वालों का बड़ा उत्सव 8वां कलिंग साहित्य महोत्सव 10 दिसंबर से भुवनेश्वर में आयोजित किया जाएगा. इस बार का महोत्सव की थीम इंडिया एट 75 : कॉमेमोरेटिंग द रिपब्लिक ऑफ लेटर्स होगी और इस महोत्सव में 300 से ज्यादा लेखक, कवि, कलाकार और अन्य वक्ता भी शामिल होंगे.

कलिंग साहित्य महोत्सव के संस्थापक रश्मि रंजन परिदा ने बताया कि कलिंग लिटरेरी फेस्टिवल में साहित्यकारों, कलाकारों, पाठकों और अन्य लोगों को कई नए अनुभव मिलेंगे. समारोह के दौरान राम कथा, कविता पाठ, लघु कहानी, गीत पर सत्र भी होंगे. इस महोत्सव के दौरान कलिंग बुक अवॉर्ड्स भी प्रदान किए जाएंगे.

रश्मि रंजन ने बताया कि ‘कलिंग साहित्य महोत्सव’ (केएलएफ) के साथ ही छठे ‘कलिंग कला महोत्सव’ का भी आयोजन किया जाएगा. महोत्सव का आयोजन भुवनेश्वर के स्वोस्ती प्रीमियम होटल में किया जाएगा.

रश्मि रंजन परिदा ने बताया कि इस बार महोत्सव में देश और दुनिया के जाने-माने लेखक और कलाकार शामिल हो रहे हैं. इनमें संदीप बामजई, अरुण कमल, अलका सरावगी, ममता कालिया, अरुणव सिन्हा, प्रतिभा रे, हलधर नाग, नमिता गोखले, मालाश्री लाल, गोपालकृष्ण गांधी, दिव्या दत्ता, अमर पटनायक, प्रियंका चतुर्वेदी, गुलजार, शिरीष खरे, यतींद्र मिश्रा, रशीद किदवई, रुचिरा चौधरी, रंजीत राय, प्रो. प्रभाकर सिंह, कावेरी बामजई, अमेय प्रभु, साईं स्वरूपा अय्यर, विक्रम संपत, अतुल ठाकुर, अनिंदिता घोष, मीना के. अय्यर, पूजा चंगोईवाला, अनु चौधरी, देबासिस सामंत्रे, रंजन मल्लिक, रोहित सुपकर, शिबानी सिब्बल, युगल जोशी और नेहा सिन्हा शामिल हैं.

केएलएफ बुक अवॉर्ड (KLF Book Awards)
रश्मि रंजन परिदा ने बताया कि कलिंगा लिटरेरी फेस्टिवल में बुक अवॉर्ड को इसी वर्ष से शामिल किया गया है. केएलएफ बुक अवार्ड्स विभिन्न शैलियों में साहित्यिक प्रतिभाओं को पहचानने, उन्हें प्रोत्साहित करने और सम्मान करने के अवसर प्रदान करता है.

नॉन-फिक्शन किताबें
– संदीप बमज़ाई की पुस्तक ‘प्रिंसिस्तान: हाउ नेहरू, पटेल एंड माउंटबेटन मेड इंडिया’ (रूपा पब्लिकेशन- 2020)
– शशि थरूर और समीर सरन की पुस्तक ‘द न्यू वर्ल्ड डिस्ऑर्डर एंड द इंडियन इंपेरेटिव’ (एलेफ बुक कंपनी- 2020)
– विनय सीतापति की पुस्तक ‘जुगलबंदी: द बीजेपी बिफोर मोदी’ (पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया- 2020)
– पवन कुमार वर्मा की ‘द ग्रेट हिंदू सिविलाइजेशन: अचीवमेंट, नेगलेक्ट, बायस एंड द वे फॉरवर्ड’ (वेस्टलैंड-2021)
– टीएम कृष्णा की पुस्तक ‘ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ मृदंगम मेकर्स’ (कॉन्टेक्स्ट, वेस्टलैंड- 2020)
– प्रेम प्रकाश की पुस्तक ‘रिपोर्टिंग इंडिया’ (पेंग्विन रैंडम हाउस-2020)
– आशुतोष भारद्वाज की पुस्तक ‘द डेथ स्क्रिप्ट’ (हार्पर कोलिंस इंडिया- 2020)

फिक्शन
– जाह्नवी बरुआ का उपन्यास ‘अंडरटो’ (पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया- 2020)
– नमिता गोखले और मालाश्री लाल की पुस्तक ‘बिट्रेड बाय होप: ए प्ले ऑन द लाइफ ऑफ माइकल मधुसूदन दत्त’ (हार्पर कोलिंस इंडिया- 2020)
– तराना हुसैन खान की पुस्तक ‘द बेगम एंड द दास्तान’ (वेस्टलैंड- 2021)
– अश्विनी सांघी की पुस्तक ‘द वॉल्ट आफ विष्णु’ (वेस्टलैंड- 2020)
– अशोक कौल की पुस्तक ‘अंडरकवर इन बांदीपोरा’ (वितास्ता पब्लिकेशन-2020)

काव्य-गज़ल संग्रह
– गुलज़ार का काव्य संग्रह ‘ए पोएम ए डे’ (हार्पर कोलिंस इंडिया- 2020)
– ग्रेटा राणा की पुस्तक ‘फ्रॉम कैसलफ़ोर्ड टू काठमांडू’ (वज्र बुक्स, काठमांडू- 2021)
– अभय कुमार के दो संग्रह ‘कालिदास: मेघदूत- द क्लाउड मैसेंजर’ और ‘कालिदास: ऋतुसंहारम- द सिक्स सीज़न्स’ (ब्लूम्सबरी-2021)
– बसन्त चौधरी का गज़ल संग्रह ‘अनेक पल और मैं’ (वाणी प्रकाशन- 2021)

हिंदी की किताबें
– नीलाक्षी सिंह की पुस्तक ‘खेला’ (सेतु प्रकाशन- 2021)
– अलका सरावगी की पुस्तक ‘कुलभूषण का नाम दर्ज कीजिए’ (वाणी प्रकाशन- 2020)
– ममता कालिया की पुस्तक ”अंदाज़-ए-बयाँ उर्फ़ रवि कथा’ (वाणी प्रकाशन- 2020)
– प्रवीण कुमार झा की पुस्तक ‘वाह उस्ताद’ (राजपाल एंड सन्स- 2020)
– शिरीष खरे का रिपोतार्ज ‘एक देश बारह दुनिया’ (राजपाल एंड सन्स 2021)

विशेष आकर्षण
कलिंगा लिटरेरी फेस्टिवल के सह-निदेशक आशुतोष कुमार ठाकुर ने बताया कि कलिंग साहित्य महोत्सव को और ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए इस बार कुछ खास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इनमें मिस्टिकमिस्टिक वॉक, मिस्टिक पौधारोपण और कई प्रतियोगिताएं शामिल हैं.

उन्होंने बताया कि मिस्टिक वॉक का आयोजन एकमरा क्षेत्र के आसपास किया जाएगा. एकमरा मंदिरों के शहर भुवनेश्वर का एक प्राचीन नाम है. इस क्षेत्र में बिंदु सागर झील और विश्व प्रसिद्ध लिंगराज मंदिर, हर्बल गार्डन, मुक्तेश्वर मंदिर, राजरानी मंदिर समेत 200 से अधिक मंदिर हैं.  (news18.com)

अन्य पोस्ट

Comments