सेहत / फिटनेस

दांत से जुड़े 7 झूठ जिन्‍हें सच मानते हैं आप

Posted Date : 06-Jul-2018



दांत हमारे शरीर का अनमोल हिस्‍सा हैं. ये न सिर्फ हमारे चेहरे की सुंदरता बढ़ाते हैं बल्‍कि पाचन में भी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. यही नहीं अगर दांत न हों तो हमारी मुस्‍कुराहट का कोई मतलब नहीं रह जाएगा. यही वजह है कि हम सभी सफेद दांत चाहते हैं ताकि हमारी सुंदर मुस्कुराहट बनी रहे. वैसे सुंदर दांत पाना ज्‍यादा मुश्किल कनहीं है. डेंटिस्‍ट की राय लेने के साथ ही अगर हम रोज़ाना ब्रश करने और मुंह धोने जैसी ओरल सफाई का ध्‍यान रखेंगे आसानी से सफेद दांत पाए जा सकते हैं. 


घरेलू उपचार और बाजार में मौजूद प्रोडक्‍ट्स के चलते कई बार फैक्‍ट और मिथ के बीच अंतर ढूंढना मुश्किल हो जाता है. ठीक वैसे ही दांत की सफाई को लेकर किसी भी तरह की गलतफहमी आपकी ओरल हेल्‍थ पर गलत असर डाल सकती है. यहां पर हम आपको दांतों की सफाई से जुड़े ऐसे म‍िथकों के बारे में बता रहे हैं जिन पर आपको कतई विश्‍वास नहीं करना चाहिए.

1. मिथक:  दांतों को सफेद करने वाले टूथपेस्ट की वजह से आपके दांतों का रंग सुधरेगा.
सच्‍चाई: हम अक्सर मानते हैं कि दांतों को सफेद करने वाले गम हमारे दांतों के पीले रंग को सफेद कर देंगे. ये गलत है. इन प्रोडक्‍ट्स में सफेद रंग के केमिकल होते हैं, लेकिन यह आपके लिए पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हैं. 

2. मिथक: दांत साफ करने से इनोमेल टिशू पर नकारात्मक असर पड़ेगा
सच्‍चाई: यह सच नहीं है. दांत सफेद करने का एक पूरा प्रॉसेस है, जिसे किसी प्रोफेशनल डॉक्‍टर की मदद से ही किया जाना चाहिए. प्राकृतिक घरेलू उपचार या ब्‍यूटी पार्लर जाने की बजाय, डेंटिस्‍ट से अपने दांतों की देखरेख करवाना बेहतर होता है.

3. मिथक:  फल आपके दांतों से प्‍लाक को हटा सकते हैं.
सच्‍चाई: हम में से ज्‍यादातर ने सुना है कि केले के छिलके या नींबू जैसे फल रगड़ने से आपके दांत चमकदार हो सकते हैं. हालांकि फल फायदेमंद माने जाते हैं लेकिन दांतों पर रगड़ने से वे एसिड बनाते हैं जो आपके दांत के इनोमेल को नुकसान पहुंचाता है.

4. मिथक: दांत सफेद करना स्थाई समाधान है.
सच्‍चाई: यह एक सच्चा तथ्य है कि प्रोफेशनल ट्रीटमेंट के बाद, आपके दांत लंबे समय तक सफेद रहेंगे. लेकिन यह कहना गलत है कि आपके दांत जिंदगी भर के लिए सफेद बने रहेंगे. हमारी खाने की आदतें और लाइफस्‍टाइल के साथ हमें नियमित रूप से दांतों को सफेद करवाना चाहिए.

5. मिथक: जब आपके मसूड़ों से खून बह रहा है तो आपको ब्रश करना बंद कर देना चाहिए.
सच्‍चाई: ब्रश करते समय जब आपके मसूड़ों से खून बहता दिखे तो आपको डेंटिस्‍ट से तुरंत मिलना चाहिए. मसूड़ों से खून तभी बहता है जब आप अपने दांतों को ठीक से साफ नहीं करते हैं. लगातार ब्रश करने से आपकी समस्याओं का समाधान होगा.

6. मिथक: दांतों के दर्द को कम करने के लिए एस्पिरिन की जरूरत है.
सच्‍चाई: यह कुछ हद तक सही है कि एस्पिरिन से आपको दर्द से राहत मिल सकती है लेकिन एस्पिरिन भी मसूड़ों और दांतों को नुकसान पहुंचा सकती है.
सच्‍चाई: यह उन लोगों की एक और गलतफहमी है जिनके दांत में दर्द है. डेंटिस्‍ट में तकनीकी प्रगति के साथ, रूट कनाल ट्रीटमेंट अब एक दर्दनाक प्रॉसेस नहीं रहा. दांतों में लंबे समय तक होने वाले दर्द की चिंता करना और उससे परेशान होना बंद कर दीजिए. (NDTV)




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