विशेष रिपोर्ट

बस्तर की सीटों पर भाजपा का नए चेहरों पर दांव?

Posted Date : 11-Jul-2018



सभी 12 सीटों पर सीधे मुकाबले के आसार

शशांक तिवारी

रायपुर, 11 जुलाई। भाजपा ने बस्तर पर विशेष रूप से फोकस किया है। बताया गया कि पार्टी बस्तर की ज्यादातर विधानसभा सीटों पर नए चेहरे को उतार सकती है। इस दिशा में अभी से बेहतर प्रत्याशी की तलाश हो रही है। 
पिछले विधानसभा सीटों में 12 से 8 सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। जिन चार सीटों पर पार्टी को जीत हासिल हुई, उनमें से भी  एक में पार्टी की स्थिति खराब बताई जा रही है। यहां के विधायक केदार कश्यप और महेश गागड़ा सरकार में मंत्री हैं और जगदलपुर विधायक संतोष बाफना राज्य पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष पद पर हैं। बावजूद इसके बस्तर की सीटों में पार्टी की स्थिति बहुत अच्छी नहीं मानी जा रही है। 
बताया गया कि पार्टी ने बस्तर में वर्ष-03 की सफलता को दोहराने के लिए अलग प्लान तैयार किया है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने 'छत्तीसगढ़Ó से चर्चा में बताया कि पार्टी इस बार ज्यादातर सीटों पर नए चेहरे को प्रत्याशी बना सकती है। यानी पूर्व विधायक अथवा पूर्व प्रत्याशियों की जगह संगठन या फिर जिला-जनपद या निकाय में बेहतर काम करने वाले प्रतिनिधियों को मौका मिल सकता है।  
पार्टी के रणनीतिकार बस्तर संभाग के कांकेर और कोंडागांव जिले की सीटों को लेकर ज्यादा चिंतित हैं। यहां अंतागढ़ को छोड़कर बाकी जगह पार्टी प्रत्याशियों को करारी हार का सामना करना पड़ा था। जिले में पिछले दो चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। कांकेर विधानसभा सीट वर्ष 2003 के बाद अब तक नहीं जीत पाई है। सूत्र बताते हैं कि पिछले चुनाव में टिकट वितरण में वरिष्ठ नेता महावीर सिंह राठौर की राय को तव्वजो दी गई। इसका नुकसान भी उठाना पड़ा। यही वजह है कि तीसरी बार सरकार बनने के बाद संगठन और सरकार में राठौर को कोई महत्व नहीं दिया गया। जबकि वे अपैक्स बैंक के अध्यक्ष रह चुके हैं। 
सूत्र बताते हैं कि मौजूदा चार विधायकों में से कम से कम एक की टिकट कटना तय माना जा रहा है। इससे परे संगठन को मजबूत बनाने की दृष्टि से कई अहम कदम भी उठाए गए हैं। यहां छोटे-बड़े कार्यक्रमों में पार्टी के प्रदेश स्तर के नेता शामिल हो रहे हैं। खुद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विकास यात्रा के दौरान बस्तर में सबसे ज्यादा समय दिया था। दूसरे चरण की यात्रा में भी वे बस्तर दौरे पर जाएंगे। इससे परे युवा मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक भी गुरूवार से शुरू हो रही है। इस बैठक में बस्तर को लेकर भी विशेष चर्चा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के अलावा पार्टी के प्रमुख नेताओं का उद्बोधन भी होगा। 
पार्टी नेता मानते हैं कि बस्तर में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है और कांग्रेस यहां मजबूत स्थिति में भी है। बाकी दलों का यहां कोई प्रभाव नहीं है। ऐसे में भाजपा यहां विशेष ध्यान दे रही है। 

 




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