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ओमिक्रॉन के केस मिलने के बाद कर्नाटक में आपात बैठक, बूस्टर डोज़ की संभावनाओं पर चर्चा
03-Dec-2021 1:44 PM (59)
ओमिक्रॉन के केस मिलने के बाद कर्नाटक में आपात बैठक, बूस्टर डोज़ की संभावनाओं पर चर्चा

बेंगलुरु : कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई आज अपने सहयोगियों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ बैठक करेंगे और ओमिक्रॉन के खतरे से निपटने पर चर्चा करेंगे. गौरतलब है कि कर्नाटक में कोरोनावायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के पहले दो केस मिलने के साथ ही यह देश का पहला राज्य बन गया है जहां ओमिक्रॉन ने दस्तक दी है.

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राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ के सुधाकर आज सरकारी मेडिकल कॉलेजों के डीन और मेडिकल सुपरिटेंडेंट के साथ बैठक कर आगे के लिए रणनीति बनाएंगे. राज्य में कई छात्रों पॉजिटिव पाए गए हैं.

बोम्मई ने दिल्ली में संवाददाताओं से पुष्टि की कि राष्ट्रीय जैविक विज्ञान केंद्र में परीक्षण के बाद केंद्र ने दो नमूनों में ओमिक्रॉन संक्रमण पाया गया है. उन्होंने कहा एक विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही आएगी.

बोम्मई ने कहा, "मैंने अपने स्वास्थ्य मंत्री और मुख्य सचिव को विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं. विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई है."

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य कर्मियों को कोविड-19 वैक्सीन की बूस्टर डोज देने की संभावना भी तलाश रहे हैं.

दो रोगियों में से एक बेंगलुरु के 46 वर्षीय डॉक्टर हैं जिन्हें वैक्सीन की दोनों डोज लगी हुई थीं, उनकी कोई यात्रा हिस्ट्री भी नहीं थी, लेकिन 21 नवंबर को बुखार और शरीर में दर्द के लक्षण विकसित हुए थे.

अन्य ओमिक्रॉन रोगी एक 66 वर्षीय दक्षिण अफ्रीकी नागरिक है जो नेगेटिव कोविड रिपोर्ट के साथ भारत आया था. गुरुवार को सामने आए आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार वह 20 नवंबर को देश पहुंचा और सात दिन बाद उड़ान से दुबई के लिए रवाना हो गया.

बोम्मई ने गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से मुलाकात की थी. उन्होंने कहा, "मंत्री ने कहा है कि वह मामलों का विवरण देंगे. प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, वेरिएंट का प्रभाव बहुत गंभीर नहीं है."

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ओमिक्रॉन को 'चिंताजनक वेरिएंट' बताया है. ऐसा माना जाता है कि स्पाइक प्रोटीन पर 30 से अधिक सहित इसके 50 से ज्यादा म्यूटेशनंस हैं, जिसकी वजह से यह डेल्टा संस्करण की तुलना में काफी अधिक संक्रामक बताया जा रहा है.

यह घोषणा करते हुए कि भारत में वायरस का पता चला है, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, "हमें ओमिक्रॉन से घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन जागरूकता नितांत आवश्यक है. कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करें और भीड़ भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें."

हालांकि शुरुआती संकेतों से पता चला है कि भारी-उत्परिवर्तित ओमिक्रॉन पिछले वेरिएंट्स की तुलना में अधिक संक्रामक हो सकता है, लेकिन इसके घातक होने का कोई सबूत नहीं मिला है. (ndtv.in)

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