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डीजीसीए की नई गाइडलाइंस के बाद अब पायलटों को ज्यादा घंटे ड्यूटी करनी पड़ सकती है

Posted Date : 11-Jul-2018



नई दिल्ली, 11 जुलाई । पायलटों को अब पहले से ज्यादा से घंटे ड्यूटी करनी पड़ सकती है। इस बाबत विमानन नियामक (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इनमें विमानन कंपनियों को विशेष परिस्थितियों में चालक दल के काम के घंटे बढ़ाने की अनुमति दी गई है।
डीजीसीए ने पायलटों और फ्लाइट अटेंडेंट्स के लिए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) और रेस्ट टाइमिंग (आराम के घंटे) तय किए हैं। सभी एयरलाइंस को इन्हें अनिवार्य रूप से लागू करना होगा। इन्हीं गाइडलाइंस में यह भी शामिल है कि एयरलाइंस मेडिकल इमरजेंसी, प्राकृतिक आपदा, तकनीकी दिक्कतों और खराब मौसम जैसी विशेष परिस्थितियों में चालक दल के सदस्यों के काम के घंटे बढ़ा सकती हैं। डीजीसीए ने इस बाबत 23 जून को आदेश जारी किया है।
इससे पहले भी एयरलाइंस को विशेष परिस्थितियों में चालक दल के सदस्यों के काम के घंटे बढ़ाने की छूट थी। लेकिन किन परिस्थितियों में ऐसा कर सकती हैं यह स्पष्ट नहीं था। अब इन्हें यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर और स्पष्ट कर दिया गया है। साथ में यह भी स्पष्ट किया है कि एयरलाइंस अगर चालक दल के सदस्यों के काम के घंटे बढ़ाती हैं तो उनके पास इसका वैध आधार होना चाहिए।
बीती 18 अप्रैल को दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस बाबत याचिकाकर्ता यशवंत शेनॉय की याचिका पर एक आदेश जारी किया था। इसके मुताबिक डीजीसीए को एयरलाइंस के लिए एफडीटीएल में किसी भी तरह की छूट देने से प्रतिबंधित कर दिया गया था। लेकिन डीजीसीए ने इस फैसले पर पुनर्विचार की अपील की। इसके बाद अदालत ने विशेष परिस्थितियों में ऐसी छूट की इजाजत देने की डीजीसीए को मंज़ूरी दे दी थी। हालांकि शेनॉय का कहना है कि वे अब डीजीसीए के इस आदेश पर अदालत की अवमानना संबंधी याचिका लगाएंगे। (द हिंदू)




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