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विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप : इतिहास रचने से चूकीं सिंधु, सिल्वर से करना पड़ा संतोष

Posted Date : 05-Aug-2018



नानजिंग (चीन), 5 अगस्त । भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु को विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में स्पेन की कैरोलिना मारिन के हाथों 21-19 21-10 से करारी हार मिली है।अनचाही गलतियों के कारण सिंधु एक बार फिर वल्र्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में इतिहास रचने से चूक गईं।

कैरोलिना मारिन ने विश्व नंबर-3 सिंधु को मात देकर तीसरी बार वल्र्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप का स्वर्ण जीता। मारिन ने सिंधु को 45 मिनटों तक खेले इस खिताबी मुकाबले में सीधे गेमों में 21-19, 21-10 से मात दी।
इस हार के कारण सिंधु को एक बार फिर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। उनका यह दूसरा रजत है। वह दो बार कांस्य पदक भी जीत चुकी हैं।
पहले गेम में मारिन ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन सिंधु ने भी अपने रणनीतिक खेल के साथ मारिन के खिलाफ 3-3 से बराबरी की। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने स्पेनिश खिलाड़ी के खिलाफ अंक बटोरने शुरू किए और उसे 15-11 से पीछे कर दिया।
अपने खेल में तेजी लाते हुए मारिन ने खेल में वापसी की और सिंधु की गलतियों का फायदा उठाते हुए स्कोर 18-18 से बराबर कर लिया। यहां सिंधु ने एक अंक हासिल किया और मारिन के खिलाफ स्कोर 19-20 किया।
लेकिन दो बार वल्र्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक जीत चुकी मारिन ने एक अंक हासिल किया और पहले गेम में सिधु को 21-19 से हरा दिया। दूसरे गेम में सिंधु को वापसी का मौका न देते हुए और मैच पर अपना दबदबा बनाते हुए मारिन ने अंक बटोरने शुरू किए और सिंधु को 11-2 से पीछे किया।
मारिन ने सिंधु की हर गलती का फायदा उठाया और उनके खिलाफ अंक बटोरते हुए उन्हें दूसरे गेम में 21-19 से मात देकर खिताबी जीत हासिल की।
मारिन ने तीसरी बार स्वर्ण पदक जीता है। इससे पहले, उन्होंने साल 2014 और 2015 में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। वहीं, सिंधु ने पिछले साल रजत पदक जीता था। उन्हें फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा ने मात दी थी। सिंधु ने इसके अलावा, 2013 और 2014 में कांस्य पदक भी जीता है। (आजतक)




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