सोशल मीडिया

भक्ति की राह में आती बाधाओं को अपने पुरुषार्थ के दम पर दूर करते कांवड़िये!

Posted Date : 09-Aug-2018



दिल्ली में कांवड़ियों द्वारा एक कार को तोड़ने-फोड़ने का वीडियो आज सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है. मीडिया में आई खबरों के मुताबिक यह घटना मंगलवार शाम की है. बताया जा रहा है कि इस कार से एक कांवड़िये को धक्का लग गया था और फिर इससे गुस्साए कांवड़ियों ने बेसबॉल बैट और डंडों से कार को जमकर तोड़ा-फोड़ा.
कांवड़ियों द्वारा उपद्रव करने की यह पहली घटना नहीं है. कांवड़यात्रा के दौरान ऐसी घटनाएं हर साल सामने आती हैं. सोशल मीडिया पर आज इसी हवाले से कई लोगों ने इस धार्मिक यात्रा पर सवाल उठाए हैं. वहीं पिछले दिनों हरियाणा में सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़े जाने को लेकर एक विवाद हुआ था. इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने बयान दिया था कि मुस्लिमों को मस्जिद या ईदगाह में ही नमाज पढ़नी चाहिए. आज कई लोगों ने इस हवाले से भी कांवड़ियों से जुड़ी घटना पर टिप्पणियां की हैं. फेसबुक पर एक यूज़र ने सवाल उठाया है, ‘रोड पर शांति से नमाज़ पढ़ना गलत है, पर कांवड़ियों द्वारा रोड पर उत्पात मचाना गलत नहीं है?’
सोशल मीडिया में इस घटना पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :
पन्सटर-यह अंधविश्वास है कि अगर बिल्ली रास्ता काट दे तो कुछ अपशगुन होता है. हालांकि अगर कांवड़िया रास्ता काट दे तो कुछ गड़बड़ होने की संभावना बढ़ जाती है.
मनु पंवार-‘भक्ति’ की राह में आती बाधाओं को अपने पुरुषार्थ के दम पर दूर करते कांवड़िये.
रिचा गुलाटी-...कांवड़ यात्रा निकालना श्रद्धा का विषय हो सकता है, लेकिन कांवड़ ले जाने वाले व्यक्ति कोई भगवान का रूप नहीं हैं. जिसकी गलती हो उसको पकड़ कर सजा देनी चाहिए न कि एक समाज के त्योहारों को नीचा दिखाना चाहिए. और ना ही आंख मूंदकर कांवड़ियों का समर्थन करना चाहिए.
आरएन यादव-अगर आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने दो करोड़ नौकरी हर साल देने का वादा निभाया होता तो आज दिल्ली में बेरोजगार कांवड़िये सड़क पर तोडफ़ोड़ न करते!
केतन-‘मोहब्बत बरसा देना तू, सावन आया है...’ से हमें ‘लाठियां बरसा देना तू, कांवड़ आया है...’ की तरफ बढ़ने की जरूरत है.
आशुतोष उज्ज्वल- गौगुण्डों की अपार सफलता के बाद पेश हैं कांवड़ गुण्डे! (सत्याग्रह)




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