सामान्य ज्ञान

फतेहगढ़ साहिब

Posted Date : 10-Aug-2018



फतेहगढ़ साहिब पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिला का मुख्यालय है। यह जिला सिखों की श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। पटियाला के उत्तर में स्थित यह स्थान ऐतिहासिक और धार्मिंक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। सिखों के लिए इसका महत्व इस लिहाज से भी ज्यादा है कि यहीं पर गुरु गोविंद सिंह के दो बेटों को सरहिंद के तत्कालीन फौजदार वजीर खान ने दीवार में जिंदा चुनवा दिया था। उनका शहीदी दिवस आज भी यहां लोग पूरी श्रद्धा के साथ मनाते हैं।
 फतेहगढ़ साहिब जिला को यदि गुरुद्वारों का शहर कहा जाए तो गलत नहीं होगा। यहां पर अनेक गुरुद्वारे हैं जिनमें से गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब का विशेष स्थान है। इसके अलावा भी इस जिले में घूमने लायक अनेक जगह हैं।

 रंगभेद नीति
दक्षिण अफ्रीका में नेशनल पार्टी की सरकार द्वारा सन् 1948 में विधान बनाकर काले और गोरों लोगों को अलग निवास करने की प्रणाली लागू की गयी थी। इसे ही रंगभेद नीति (्रश्चड्डह्म्ह्लद्धद्गद्बस्र) कहते हैं। अफ्रीका की भाषा में अपार्थीड का शाब्दिक अर्थ है - अलगाव या पृथकता । यह नीति सन् 1994 में समाप्त कर दी गयी। इसके विरुद्ध नेल्सन मंडेला ने बहुत संघर्ष किया जिसके लिये उन्हें लम्बे समय तक जेल में रखा गया।

कोशल
कोशल प्राचीन भारत के 16 महाजनपदों में से एक था। इसका क्षेत्र आधुनिक गोरखपुर के पास था। इसकी राजधानी श्रावस्ती थी । 
चौथी सदी ईसा पूर्व में मगध ने इस पर अपना अधिकार कर लिया। गोंडा के समीप सेठ-मेठ में आज भी इसके भग्नावशेष मिलते हैं। कंस भी यहाँ का शासक रहा जिसका संघर्ष निरंतर काशी से होता रहा और अंत में कंस ने काशी को अपने आधीन कर लिया।

 कृष्णानगर
कृष्णनगर, नदिया जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है, जो पश्चिम बंगाल राज्य का हिस्सा है।
 जालांगी नदी के ठीक दक्षिण में स्थित यह शहर सड़क व रेल जंक्शन और जिले का प्रमुख कृषि वितरण केंद्र है। चीनी मिलें यहां का प्रमुख उद्योग हे और यहां का एक उपनगर, गुर्नी, मिट्टी की रंगीन मूर्तियां बनाने के लिए विख्यात है। 
1864 में इस शहर में नगरपालिका का गठन हुआ था। शहर में नदिया के महाराजा का महल और ईसाइयों का धर्म केंद्र स्थित है। यहां पर एक अस्पताल, बागवानी शोध केंद्र, जूट नर्सरी व कृषि प्रशिक्षण केंद्र और कई महाविद्यालय हैं। हर साल इस स्थान पर एक बड़ा मेला लगता है।




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