विशेष रिपोर्ट

किसानों के फर्जी हस्ताक्षर से निकाले लाखों

Posted Date : 14-Sep-2018



कृषि विभाग की आत्मा योजना में घोटाला
चंद्रकांत पारगीर
बैकुंठपुर, 14 सितंबर (छत्तीसगढ़)। कोरिया जिले में आत्मा योजना के तहत किसानों के फर्जी हस्ताक्षर कर लाखों रूपए निकाले जाने का बड़ा घोटाला सामने आया है। योजना में किसानों के खेतों की जुताई एक ही दिन में ढाई सौ घंटे में की गई, जबकि जिनके खेतों की जुताई की, उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है, और तो और उनके हस्ताक्षर भी फर्जी पाए गए हंै, विभाग ने दो सरकारी शिक्षकों के खेत को ट्रैक्टर से जुतवा दिया और जब उन्होंने अपने हस्ताक्षर देखे तो हैरान रह गए। 
सोनहत कृषि विभाग के प्रभारी अधिकारी पीएल तिवारी का कहना है कि अभी जिन्हें प्रभार मिला है वो बाहर है, उड़द का प्रदर्शन बीते वर्ष लगाया गया था, उस समय के अधिकारी को जिला में अटैच किया गया है, यदि ऐसा मामला सामने आया है तो मंै इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दूंगा, ऐसा होना नहीं चाहिए।
दरअसल, छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिलों में आत्मा योजना (एग्रिकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेन्सी) लागू है, जिसके तहत कृषि विस्तार सेवाओं में सुधार, कृषि तकनीकी प्रसार प्रद्धतियों में सुधार, किसानों की विशेष आवश्यकताओं की पूर्ति तथा कृषि विभाग के अमले को सक्षम बनाना है। इसके तहत कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड में वर्ष 2017-18 में धान की फसल का प्रदर्शन 550 एकड़, उड़द का प्रदर्शन 300 एकड़, तिल का प्रदर्शन 150 एकड़ में लगाया गया। योजना के अनुसार किसानों को नि:शुल्क बीत वितरित किया गया, साथ इसके लिए किसानों के खेत भी ट्रैक्टर की मदद से तैयार किए गए। परन्तु सब कागजों पर ही किसानों को लाभ दे दिया गया। 
इधर, सूचना के अधिकार के तहत निकाली गई जानकारी से मामले का खुलासा हुआ, कि किसानों के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर कर लिए गए, ना तो उन्हें बीज मिले और ना ही उनके खेतों को ट्रैक्टर से बनवाए गए। फर्जी हस्ताक्षर करने में कई गलती कर गए, कुछ ऐसे लोगों का अंगूठा लगाया गया, जो वास्तव में हस्ताक्षर करना जानता है। ऐसी कई महिलाएं मिलीं, जो अंगूठा नहीं लगाती है, उनके प्रमाण पत्र पर फर्जी हस्ताक्षर कर राशि आहरित कर ली गई। 
वहीं दो सरकारी शिक्षकों के नाम पर भी फर्जी हस्ताक्षर कर उनके खेत बनाने के नाम पर राशि निकाल ली गई। ग्राम पंचायत पोड़ी के उपसरपंच बृजकुमार से हस्ताक्षर करवा लिए, परन्तु उसे बताया नहीं कि आखिर क्यों उससे हस्ताक्षर करवाए है? 
मिली जानकारी में यह बात सामने आई है कि एक ही दिन में 125 किसानों के 250 घंटे में 125 एकड़ ट्रैक्टर से खेत की जुताई भी कर दी गई, जिसका 1 लाख 25 हजार का भुगतान भी कर दिया गया है। 
अब जब सूचना के अधिकार की जानकारी की तफ्तीश करने 'छत्तीसगढ़Ó  संवाददाता ग्राम परिहत पहुंचे तो किसानों के होश उड़ गए। उनका कहना है कि उन्होंनेे योजना का किसी भी प्रकार का लाभ नहीं लिया है तो उनके नाम पर फर्जीवाड़ा हो कैसे गया। 
परिहत के किसान विंधेश्वर बताते हंै कि उनके पिता के नाम पर प्रदर्शन बताया गया है, जबकि वो धान लगाते हंै, उनके खेत बनाने कोई नहीं आया है। किसान संतूराम हैरान है, वे भी बताते हंै कि कोई भी उनके खेत दुरूस्त करने नहीं आया। 
किसान बिजैन्द्र कुमार का कहना है कि वो बाजार से बीज खरीदकर धान की खेती कर रहे है, उड़द तो उन्होंने बीते वर्ष बोया ही नहीं है। परिहत की निवासी हिरोदिंया का कहना है कि वो लिखना-पढऩा जानती है, उनके नाम पर अंगूठा लगाकर प्रमाण पत्र जारी किया गया है जो कि फर्जी है। 
इसी तरह परिहत निवासी हीरावती बताती हंै कि उनके ग्राम परिहत में उड़द के बीज का वितरण ही नहीं हुआ है। प्राथमिक शाला में पदस्थ प्रभारी प्राचार्य राजेन्द्र लाल का कहना है कि इस तरह उनके नाम का प्रयोग घोटले में किया जाना गलत है, वो अंग्रेजी में हस्ताक्षर करते है और उनका भी फर्जी हस्ताक्षर किया गया है। 
इसके अलावा ग्राम पंचायत पोड़ी के उपसरपंच बृजकुमार बताते हंै कि उनसे उक्त सभी प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करवाए गए, परन्तु उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी कि ट्रैक्टर से खेत बनाने के लिए ऐसा किया जा रहा है, जबकि उनके गांव में किसी के भी खेतों में ट्रैक्टर चला ही नहीं है। 




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